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Tuesday, August 4, 2026
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भस्मासुर बन गए हैं पाकिस्तान में पल रहे आतंकी, कराची आतंकी हमले में 5 की मौत

न्यूज़ डेस्क । नवप्रवाह डॉट कॉम

पाकिस्तान के कराची स्थित स्टॉक एक्सचेंज में हुए आतंकी हमले ने पूरे पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर में हुए हमले में कुल पांच लोगों की जान गई है। देश की आर्थिक राजधानी में ही आतंकी हमले से पाकिस्तान को यह सबक तो मिल गया है कि आतंकियों को पनाह देने का क्या खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।

भारत और अन्य देशों में आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान हमेशा से आत्नकी संगठनों को पनाह देता रहा है, अभी हाल ही में इमरान खान ने लादेन को शहीद कहा था, जिसके बाद उनकी पूरे विश्व में आलोचना हुई थी। इस हमले ने साबित कर दिया है कि पाक के आतंकी ग्रुप उसी पर भारी पड़ रहे हैं।

अभी हाल ही में पेरिस की संस्था फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स ने अपनी बैठक के अंतिम दिन तय किया था कि पाकिस्तान को ग्रे सूची (संदिग्ध) में ही रहने दिया जाए। पाक पर आरोप है कि वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को मिलने वाले धन पर रोक लगाने में असफल रहा है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में ही कई आतंकी हमले हुए, लेकिन पाकिस्तान की आँख नहीं खुल रही। पाक्सितान का आतंकी प्रेम कम होने का नाम नहीं ले रहा। पाकिस्तान में आम जनता की जान जाती रहे लेकिन पाकिस्तानी आला कमान अन्य देशों में आतंकी हमले कराते रहने की साज़िश से बाज़ नहीं आएंगे। आतंकियों को लगातार खाद-पानी मुहैया कराया जा रहा है।

अक्षय कुमार के भद्दे मज़ाक़ के चलते इस ऐक्ट्रेस को छोड़ना पड़ा बॉलीवुड

एंटरटेनमेंट डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 

तमिल, तेलुगू और हिंदी फिल्‍मों की ऐक्‍ट्रेस शांतिप्रिया इस समय फिर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। खबर है कि उन्‍हें ‘बिग बॉस-14’ में जाने का ऑफर मिला है, शांतिप्रिया को हम अक्षय कुमार की फिल्‍म ‘सौगंध’ से जानते हैं।

शांतिप्रिया ने ‘सौगंध’ से बॉलीवुड में डेब्‍यू किया था, लेकिन उनकी जिंदगी की कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। वह 50 साल की हैं और इन 50 साल में जिंदगी ने उनकी हर मोड़ पर परीक्षा ली है। शांतिप्रिया के जीवन में वैसे तो बहुत कम उम्र से ही नेम-फेम सब रहा, लेकिन पति की मौत के बाद जैसे सबकुछ ठहर गया था, दो बच्‍चों की जिम्‍मेदारी वे अकेले उठा रही हैं।

वैसे बिग बॉस में जानें के सवाल पर शांतिप्रिया ने कोई सटीक जवाब नहीं दिया है, लेकिन इतना जरूर कहा कि, वह बिग बॉस के घर की मेहमान बनने का मौका मिलेगा तो तो जरूर जाएंगी।

शांतिप्रिया ने एक निजी चैनल को दिए गये इंटरव्यू में बताया कि, अपने सांवले रंग के कारण उन्हें रंगभेद का सामना करना पड़ा था, रंगभेद का शिकार वह अकेले नहीं हुई थीं, उनकी बहन भानुप्रिया को भी गहरे रंग के कारण शर्मिंदा होना पड़ा था, और आखिरकार भानुप्रिया ने बॉलिवुड छोड़ दिया था।

शांतिप्रिया बताया कि, जब तक वे हिंदी फिल्मों में काम करती रहीं, अपने रंग को लेकर बेहद कॉन्शस रहीं, आज उनका बड़ा बेटा मॉडल है, लेकिन फिर वही गहरा सांवला रंग, बेटे के करियर में अड़ंगा बन गया है।

शांतिप्रिया कहती हैं कि, ’90 के दशक में जब मैं बॉलीवुड में काम करने आई तो मेरा सांवला रंग ही मेरा दुश्मन बन गया था।इस सांवले रंग ने मुझे मानसिक रूप से बहुत तोड़ा-मरोड़ा, घायल किया, हीन भावना से भर दिया था, मेरा आत्मविश्वास टूटा और काम से मन भटका, फिल्में फ्लॉप होने लगीं और थोड़े समय के बाद ही करियर खत्म हो गया।’

उन्होंने बताया कि, अब तक जिस रंग को लेकर मुझे गर्व होता था, पर बॉलीवुड में उसी रंग की वजह से मुझे हर रोज सैकड़ों लोगों के सामने जलील होना पड़ता था, इस मामले को मैं जितना दबा सकती थी, उतना दबाती थी, मैं नहीं चाहती थी कि मेरे सांवले रंग की चर्चा हो। अब सेट पर जाने से पहले मुझे हर समय, हर दिन यह डर लगता था कि आज मेरे सांवले रंग पर कौन क्या कहेगा, मैं कैसे बचूंगी, कैसे रिऐक्ट करूंगी।’

शांतिप्रिया ने कहा कि, ‘सौगंध के बाद मैंने अक्षय कुमार के साथ फिल्म इक्के पे इक्का में काम किया था, उस फिल्म में मेरा कैरक्टर मॉर्डन था, शार्ट ड्रेस पहनना था, इसलिए मैं स्किन के रंग का स्टॉकर पहनती थी, शूटिंग के दौरान अक्षय ने मजाक-मस्ती करते हुए मेरा बहुत मजाक उड़ाया था, उस दिन क्लाइमैक्स की शूटिंग हो रही थी, स्टॉकिंग पहनने के बाद मेरे घुटनें कुछ ज्यादा ही ब्लैक दिखाई दे रहे थे।’

उन्होंने आगे बताया कि, ‘सेट पर अक्षय के अलावा अभिनेता पंकज धीर, चांदनी, पृथ्वी, राज सिप्पी, स्पॉट दादा, मेकअप मैन और भी बाकी लोग थे, लगभग 100 लोग रहे होंगे, सबके सामने अक्षय ने कहना शुरू किया कि अरे शांति के पैरों में बड़े-बड़े ब्लड क्लॉट्स हैं, मुझे भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ब्लड क्लॉट्स मेरे पैर में कहां से आ गया, मैंने पूछा कहां है ब्लड क्लॉट्स, अक्षय ने कहा कि अपने घुटनों को देखो।’

शांति ने बताया कि, ‘वह था मजाक, लेकिन मेरे मन की गहराई में कुछ इस तरह बैठ गई थी वह बात कि आज तक भूल नहीं पाई हूं, उस समय मैं बहुत ज्यादा अनकम्फर्टबल हो गई थी, उस घटना के बाद मैं डिप्रेशन में चली गई थी, अपनी मां के पास रोई, लेकिन कभी कोई गोरे होने की क्रीम नहीं लगाई।’

उन्होंने बताया कि, ‘अक्षय मेरे अच्छे दोस्त हैं। यह घटना मैं अक्षय को हर्ट करने के लिए नहीं बता रही हूं, जब हम बड़े हो रहे होते हैं, ऐसी कई बातें होती हैं, जिनको उस समय नहीं समझ पाते हैं, जब मैंने अक्षय को कुछ साल पहले बताया था कि मैं कमबैक करना चाहती हूं, तब उन्होंने मुझे बहुत साहस दिया था और कहा था कि वह हमेशा मेरे साथ हैं। समय के साथ अक्षय में बहुत बदलाव आया है, आज अक्षय एक जिम्मेदार नागरिक, ऐक्टर, पिता और पति हैं।’

मौत का ताण्डव जारी, कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.28 लाख के पार

सौम्या केसरवानी | नवप्रवाह डॉट कॉम

कोरोना वाइरस के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं, जिसने सरकार की चिंता को भी बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 24 घंटों में करीब 20 हजार नए मामले सामने आए हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, देश में 24 घंटों के भीतर 19906 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद अब तक कुल मामलों की संख्या बढ़कर 528,859 पर पहुंच गई है, वहीं 3,09,713 लोग अब-तक ठीक हो चुके हैं।

बता दें कि, कोरोना के मामलों में भारत चौथे नंबर पर है। कोरोना के सबसे ज्यादा मामलों के साथ अमेरिका पहले स्थान पर, ब्राजील दूसरे और रूस तीसरे स्थान पर है।

एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, दक्षिण कोरिया में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 62 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 12,715 हो गई है, इसके अलावा चीन में कोविड-19 के 17 नए मामले फिर से सामने आ गये हैं।

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के 607 नए मामले सामने आने के साथ राज्य में शनिवार को कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 21,549 हो गई है। वहीं, बीते 24 घंटों में 19 और मौतों के साथ ही राज्य में कोरोनावायरस से जान गंवाने वालों का आंकडा 649 हो गया है।

वहीं, दिल्ली में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कोविड-19 के प्रसार के व्यापक विश्लेषण के लिये शहर के कुछ इलाकों में कल ”सीरोलॉजिकल” सर्वेक्षण शुरू किया गया है। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोनावायरस के 2,948 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार पहुंच गई है।

वहीं असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है कि, शनिवार रात तक राज्य में कोरोना के 246 नए मामले सामने आए हैं। प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 7,165 हो गई है, 4,814 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, 2,338 एक्टिव केस हैं, अब तक 10 मरीजों की मौत हुई है।

कांग्रेस पर भाजपा का हल्ला बोल, सोनिया पर भड़के नड्डा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम

सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के सवालों के जवाब में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कई काउंटर क्वेश्चन (प्रश्न) दागे। नड्डा ने अपने सवालों में राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और डॉ मनमोहन सिंह को लपेटा। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अपने सवालों से देश की जनता को गुमराह करना चाहती है , लेकिन अपने कारनामे को कांग्रेस भूल जाती है।

जे पी नड्डा ने शनिवार को अपने सम्बोधन में कहा कि “सोनिया जी कोरोना या चीन की स्थिति के कारण मूल प्रश्नों से बचने का प्रयास न करें। भारत की फौज देश की और हमारी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है।

जेपी नड्डा ने राहुल और सोनिया से तमाम प्रश्न किया, उन्होंने सवाल किया कि 130 करोड़ की जनसख्या वाला देश जानना चाहता है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए क्या-क्या काम किया और किस तरह से आपने देश के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है?

नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम नेशनल रिलीफ फंड, जो लोगों की सेवा और उनको राहत पहुंचाने के लिए है, उससे 2005-08 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों गया? हमारे देश की जनता इसका जवाब जानना चाहती है।

इसके अलावा कांग्रेस पर हमला बोलते हुए नड्डा ने कहा कि सोनिया और राहुल जी ये बताएं कि राजीव गाँधी फाउंडेशन और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच क्या डील हुई, और एक फाउंडेशन और किसी देश की कंपनी के बीच के करार का क्या आधार है ?

इसके पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गाँधी सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा था कि क्या चीन ने भारत की ज़मीन हड़पा है और अगर हड़पा है तो स्पष्ट करें और देश को सही जवाब दें। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्हीं से कई सवाल कर दिए।

दुनिया को कार्टून बनाने वाले इस ऐप के बारे में जानते हैं?

सौम्या केसरवानी | नवप्रवाह डॉट कॉम

आजकल आप अपने कई दोस्तों या रिश्तेदारों की प्रोफाइल पिक्चर में बदलाव देख रहे होंगे। ये तस्वीरें कार्टून लुक में होगी, जो देखने में काफी आकर्षक लगती हैं, सब इसे बहुत पसंद भी कर रहे हैं।

बता दें कि, इस ऐप का नाम Photo Lab है, यह ऐप Android और iOS प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से मौजूद है, लेकिन भारत में पिछले कुछ दिनों से यह काफी लोकप्रिय हो रहा है। Photo Lab फोटो एडिटिंग ऐप एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए Google Play और Apple यूज़र्स के लिए App Store पर उपलब्ध है।

Photo Lab एक फोटो एडिटिंग ऐप है, जो यूं तो लंबे समय से एंड्रॉयड और आईओएस पर उपलब्ध है, लेकिन हाल में यह भारत में बेहद तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह ऐप अन्य फोटो एडिटिंग ऐप्स की तरह ही फिल्टर्स और एडिटिंग टूल्स से लैस आता है।

इस वक्त Photo Lab में 900 से ज्यादा फिल्टर्स मौजूद हैं, लेकिन इसका कार्टून लुक देने वाला फिल्टर सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है, इसमें 50 प्री-सेट के साथ Neural Art Styles फिल्टर्स शामिल हैं, जो फोटो को आर्टवर्क स्टाइल लुक देते हैं।

हालांकि, यह ऐप डाउनलोड करने के लिए तो बिल्कुल फ्री है, लेकिन इसके अंदर कई फिल्टर्स इस्तेमाल करने के लिए आपको थोड़ी कीमत चुकानी होगी, Photo Lab के कुछ बेसिक फीचर्स और फिल्टर्स मुफ्त हैं, लेकिन फ्री यूज़र्स की फोटो में वाटरमार्क लगा दिया जाता है।

Web Series Review: डार्क कॉमेडी के नाम पर गंध भर दिया है ‘रसभरी’ में

निर्देशक – निखिल भट 
लेखक- शान्तनु श्रीवास्तव 
कलाकार- स्वरा भास्कर, सुनाक्षी ग्रोवर, आयुष्मान सक्सेना। 
अमित द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम
डार्क कॉमेडी क्या है? कॉमेडी से डार्क, लाइट, ब्लू और ब्लैक जोड़कर आप जैसे गंध मचाना चाहें, मचा सकते हैं? ये कैसी ओटीटी की आज़ादी है, जिसपर किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं है? ऐसी फ़िल्में छिछोरेपन का सर्टिफ़िकेट बाँट रही हैं, और युवाओं को गंदी गलियों से होकर गुज़रने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।
स्वरा भास्कर पिछले कुछ समय से बेरोज़गार हैं, उनकी पॉलीटिकल कांट्रवर्सी के चलते उन्हें अवॉइड किया जाने लगा और कई फ़िल्मों से ग़ायब हो गईं, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं होता कि काम के चक्कर में आप अपने ग्राफ़ का ही सत्यानाश कर दें, वही किया है स्वरा ने रसभरी में। अगर इस फ़िल्म को सेमी अडल्ट की कैटेगरी में रखें, तो वहाँ भी ये खरी नहीं उतरती, सेमी अडल्ट फ़िल्मों की भी नक़ल लग रही है ‘रसभरी’।
आइए जानते हैं क्या है कहानी-
यूपी के मेरठ पर केंद्रित है फ़िल्म। इसी शहर में एक लड़का रहता है नन्द नाम का, जिसकी यौन इच्छाएँ ही पूरी नहीं हो पातीं। अब ये दुनियाभर के हथकण्डे अपनाता है, अपनी इच्छाओं को शांत करने के लिए। इसी बीच नन्द के स्कूल में एक इंग्लिश पढ़ाने वाली टीचर की एंट्री होती है, उसे देख नन्द फुदकने लगता है, उसे लगता है जैसे यही वो ज़रिया है, जिससे उसके कामेच्छाओं को शान्ति मिलेगी। इंग्लिश टीचर शानू बंसल के कैरेक्टर को लेकर शहर भर में चर्चा है कि वो शहर के मर्दों को ख़ुश करने का माद्दा रखती है।
अब नन्द अपनी शिक्षिका को ही पा लेने के जुगाड़ में लग जाता है। अब इसी कोशिश में वो इस टीचर के यहाँ ट्यूशन पढ़ने जाने लगता है। एक दिन अपनी टीचर को चूमने के चक्कर में पिट जाता है। ग़ुस्से में नन्द इंग्लिश टीचर शानू बंसल के कारनामे के बारे में उसके पति को बता देता है कि सारा शहर शानू के बारे में क्या बात करता है। इसके बाद जो नन्द को पता चलता है, उससे उसका मन ही बदल जाता है।
उधर शहर की महिलाएँ शानू बंसल को सबक़ सिखाने का मन बना लेती हैं। सबको लगता है कि इसने हमारे मर्द और बच्चों को बिगाड़ दिया है। अब नन्द शानू को बचाने के लिए क्या-क्या जुगाड़ करता है और कलाइमेक्स में क्या है, इसके लिए आपको फ़िल्म देखना होगा।
अभिनय-निर्देशन-
जितने भी कलाकार हैं स्वरा भास्कर को मिलाकर सभी ने औसत और उससे कम दर्जे का अभिनय किया है। स्वरा एक अच्छी कलाकार हैं, लेकिन वो भी रसभरी के रस में गुम हो गई हैं। बेहद निराश करती हैं स्वरा। निर्देशक ने शायद ग़लत कॉन्सेप्ट चुन लिया, न्याय नहीं कर पाए निर्देशक। कमज़ोर स्क्रीन्प्ले में रंग नहीं भर पाए।
देखें या नहीं- 
देखें, ये कहना दर्शकों के साथ अन्याय होगा। भरोसा उठ जाएगा लोगों का। ज़्यादा मन ही है देखने का तो सिर्फ़ ट्रेलर देख लीजिए। और कुछ नहीं है रसभरी में ट्रेलर से ज़्यादा। 
ओटीटी पर सेंसरशिप न होने का मतलब ये क़तई नहीं कि निर्देशक और निर्माता अपनी हद ही भूल जाएँ। क्या आप पॉर्न परोस देना चाहते हैं? क्या ओटीटी प्लैट्फ़ॉर्म पर फ़ैमिली के लिए कोई स्पेस नहीं रखा जाएगा? क्या सिर्फ़ हॉस्टल में रहने वाले ही आपकी ऑडिएंस में शुमार है?
 
(अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर की गई समीक्षा एक जटिल काम है, जिसके अंतर्गत केवल पॉजिटिव कमेंट्स की उम्मीद रखना अनुचित है। हमारे यहाँ पेड रिव्यू जैसी भी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।)

सरकार के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी पड़ गई महँगी, लपेटे गए 27 सपा नेता

विवेक द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम

कानपुर की बिल्हौर तहसील में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पेट्रोल व डीजल के बढ़े दामों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अभद्र टिप्पणी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बिल्हौर को दिया।

इस दौरान धारा 144 का उल्लंघन करने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर पुलिस ने देर रात 27 सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। पेट्रोल व डीजल के बढ़े हुए दामों पर आम जनता भी परेशान है। इसी के मद्देनजर प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी आंदोलन शुरू कर दिया है। लेकिन कोरोना महामारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना व प्रशासन के बिना अनुमति के आंदोलन करना सपाइयों को महंगा पड़ गया।

इसके अलावा जुलूस के दौरान केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाला वीडियो वायरल होने पर देर रात पुलिस ने 27 समाजवादी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस कारण सपा नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

दिल्ली: तेज़ी से बढ़ते कोरोना मामलों के बीच केजरीवाल ने कही ये बड़ी बात

arvind kejriwal
arvind kejriwal

ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम

दिल्ली में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं। लोगों में भय का माहौल बना हुआ है, इसी बीच प्रांत के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने प्रदेशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मामले में बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन घबराने की बात नहीं है स्थिति नियंत्रण में है।

सीएम केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मीडिया से यह सब बात कही। दिल्ली में कोरोना के मामलों की संख्‍या 74000 के करीब पहुंच गई है। सीएम ने कहा कि, कुछ दिन पहले तक हम रोजाना पांच से छह हजार तक टेस्‍ट कर रहे थे और उस समय दो हजार से ढाई हजार तक पॉजिटिव मामले थे।

उन्होंने आगे कहा कि, टेस्‍ट की संख्‍या बढ़ाते हुए अब पिछले कुछ दिनों से 18 से 20 हजार टेस्‍ट किए जा रहे हैं, जाहिर तौर पर जब टेस्ट इतने बड़े पैमाने पर कर रहे हैं, तो मामले भी थोड़ा बढ़ेंगें।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि, ज्यादा टेस्ट करेंगे तो मामले थोड़े ज्यादा आएँगे। अच्छी बात यह है कि कुल 74000 मामलों में से 45000 लोग ठीक हो चुके हैं, लोग जल्दी जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

दिल्ली में रोजाना 3000 से 3500 मामले रोजाना आ रहे हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को अस्पतालों की जरूरत नहीं पड़ रही है। ज्यादातर लोगों को हल्का कोरोना हो रहा है, सीएम के बताया कि पिछले 1 हफ्ते से दिल्ली में केवल 6000 बेड की जरूरत पड़ रही है, हमने अस्पतालों में 13500 बैड तैयार कर रखे हैं।

उन्‍होंने बताया कि, पिछले दिनों हमने दिल्ली में प्लाज्मा ट्रायल किए, लोकनायक अस्पताल में 29 प्लाज्मा किए। अब हमें मरीजों के ऊपर प्लाज्मा थेरेपी करने की इजाजत मिल गई है, लोकनायक अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्लाज्मा की इजाजत मिली है।

आख़िर, कांग्रेस आलाकमान को भाव क्यों नहीं दे रहे पीएम मोदी ?

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम

चीन की भारत भूमि में घुसपैठ को लेकर सरकार इंकार कर रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के आलाकमान लगातार सरकार पर झूठ बोलने का दावा कर रहे हैं। सरकार पर आरोप लगते हुए सोनिया गांधी कह रही हैं कि प्रधानमंत्री देश से झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के रक्षामंत्री, सेना के जनरल और सेटलाइट तस्वीरें कुछ और बता रही हैं और हमारे प्रधानमंत्री कुछ और।

सोनिया गाँधी और राहुल गांधी संयुक्त रूप से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार को घेरते नज़र आ रहे हैं। सोनिया गाँधी ने कहा कि सेना के जनरल और रक्षा मंत्री चीनी सेना की घुसपैठ की पुष्टि कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि चीन ने हमारी एक इंच ज़मीन कब्ज़ा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री से सच जानना चाहता है, ऐसे में प्रधानमंत्री देश को सच क्यों नहीं बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अति संवेदनशील समय में प्रधानमंत्री अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकते।

सोनिया गाँधी ने कहा कि आख़िर प्रधानमंत्री मोदी लद्दाख इलाके में चीन द्वारा कब्ज़ा की गई ज़मीन को वापस कैसे लेंगे? उन्होंने कहा कि इस समय पीएम को देश की जनता को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये वक़्त सेना को पूरा सहयोग देने का है।

इसी सन्दर्भ में राहुल गाँधी ने भी एक विडिओ जारी कर शहीदों को नमन किया और कहा कि पीएम् झूठ क्यों बोल रहे हैं? जब सेना के जनरल और स्थानीय लोग कह रहे हैं कि चीन ने हमारी ज़मीन छीन ली है ऐसे में प्रधानमंत्री कैसे कह रहे हैं कि चीन ने एक इंच ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं किया है। उन्होंने पीएम मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री को सच तो बोलना ही पड़ेगा।

राहुल ने एक बार फिर वही सवाल दोहराया कि सीमा पर जवानों को बिना हथियार आखिर किसने भेजा और क्यों भेजा? हालांकि, इस सवाल को लेकर सरकार की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि सीमा पर जवानों के पास हथियार होते हैं।

चीन और नेपाल के बाद अब भूटान दिखा रहा आँख, रोका नदी का पानी

ब्यूरो । नवप्रवाह डॉट कॉम

चीन, पाकिस्तान और नेपाल के बाद अब भूटान ने भी भारत को आँख दिखाना शुरू कर दिया है। चीन भारत की ज़मीन कब्ज़ा करने के चक्कर में लगा है, पाकिस्तान लगातार आतंकी गतिविधियों को हवा दे रहा है और नेपाल भारत के तीन क्षेत्रों को अपने नक़्शे में शामिल कर चुका है और अब भूटान ने असम राज्य की ओर आने वाली उसकी नदियों के पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया है।

भूटान की इस गतिविधि ने असम के किसानों का गुस्सा बढ़ा दिया है। असम के बक्सा ज़िले के किसानों ने भूटान के इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया और विरोध प्रदर्शन भी किया। ज्ञात हो की वर्ष 1953 से ही भूटान की सीमा से लगे असम राज्य के कई ज़िलों के किसान भूटान की नदियों से ही धान की खेती करते रहे हैं। अब अचानक से भूटान के पानी रोकने से किसानों में बहुत रोष है।

भूटान के इस कदम को लेकर सिर्फ किसानों में ही नहीं बल्कि असम के आम नागरिकों में भी काफी गुस्सा देखने को मिला। उन्होंने कई घंटों तक रोंगिया और भूटान की सडकों को जाम रखा और सरकार से मांग किया की वे इस मामले हस्तक्षेप कर यथाशीघ्र इस मसले को सुलझाएं।

दरअसल कोरोना वायरस के चलते भूटान में विदेशी नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में भारत-भूटान सीमा पर स्थित समद्रूप जोंगखार क्षेत्र में जाकर काला नदी के पानी को सिंचाई के लिए खेतों में लाते हैं, लेकिन किसानों को अनुमति देने से भी वंचित कर दिया गया है। इसलिए अब असम के किसानों ने केंद्र सरकार से इस मसले में हस्तक्षेप कर खेती करने के लिए पानी की व्यवस्था करने की बात कही है। हालाँकि इस मामले को भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने संज्ञान में लिया और उन्होंने ट्वीट कर इस बात पर चिंता व्यक्त किया।