अनुज हनुमत | नवप्रवाह.कॉम
चित्रकूट | उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां जंगलों में घूमने गई एक नाबालिग लड़की के साथ तीन बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पहले लड़की के ही दुपट्टे से उसके प्रेमी के हाथ बांधे और फिर इस हैवानियत को अंजाम दिया। चित्रकूट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज और एक पुराने ट्रैफिक चालान की मदद से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के बयानों के बाद उसके प्रेमी पर भी कानूनी शिकंजा कस गया है।
चेक डैम के पास बदमाशों ने घेरा, प्रेमी को बनाया बंधक-
पुलिस के अनुसार, यह घटना बीते 13 जुलाई की है। मानिकपुर थाना क्षेत्र का ही रहने वाला एक लड़का उसी इलाके की अपनी एक नाबालिग प्रेमिका को मोटरसाइकिल पर बैठाकर मानिकपुर-मार्कुंडी रोड पर झरी फाटक के पास जंगलों में गया था। दोनों आपस में एक-दूसरे से प्रेम करते थे।
जंगल के अंदर काफी दूर जाने पर एक चेक डैम के पास तीन युवक नहा रहे थे। प्रेमी जोड़े को अकेला देखकर तीनों बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और डरा-धमकाकर उन्हें और घने जंगल के अंदर ले गए। वहां बदमाशों ने लड़की के ही दुपट्टे से लड़के के हाथ बांध दिए और बेबस प्रेमी के सामने ही तीनों आरोपियों ने नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए
वारदात के बाद लड़की को बंधक बनाकर घुमाते रहे आरोपी-
हैवानियत की हदें पार करने के बाद बदमाशों ने कहा कि वे कुछ खाने-पीने का सामान लेने जा रहे हैं। इसके बाद वे पीड़ित जोड़े की ही बाइक लेकर गए और वहां से समोसा, आम व कुछ अन्य चीजें खरीदकर वापस आए। इस दौरान लड़की को जंगल में ही बंधक बनाकर रखा गया था, जहां एक बदमाश उस पर नजर रखने के लिए रुका हुआ था।
इसके बाद बदमाश अपनी एक और बाइक ले आए जिसे उन्होंने कहीं छिपाकर रखा था। दोनों बाइकों पर सवार होने के बाद बदमाशों ने लड़के को तो छोड़ दिया, लेकिन लड़की को अपने साथ जबरन ले गए। वे लड़की को मार्कुंडी के जंगलों से होते हुए देवांगना ले गए, फिर वहां से रामघाट ले गए। अंत में बदमाशों ने लड़की को कर्वी इलाके में ले जाकर छोड़ दिया और कहा कि यहाँ से मानिकपुर की गाड़ी पकड़कर घर चली जाओ।
सीसीटीवी और पुराने चालान की फोटो से खुला राज-
अगले दिन घटना की शिकायत मानिकपुर थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ। मामला गंभीर होने के कारण क्षेत्राधिकारी (CO) के नेतृत्व में मानिकपुर थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने घटना स्थल और जंगलों की रेकी की और इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया।
सीसीटीवी फुटेज में पीड़ितों की बाइक के साथ एक दूसरी संदिग्ध मोटरसाइकिल भी जाती हुई दिखाई दी। जब पुलिस ने उस संदिग्ध बाइक की जांच की, तो पता चला कि वह बाइक बांदा जिले के एक युवक की है और वह भी इस घटना में शामिल था। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि उस बाइक का पहले एक चालान कटा था, जिसमें आरोपी की फोटो लगी हुई थी। जब पुलिस ने वह फोटो पीड़िता को दिखाई, तो उसने तुरंत आरोपी को पहचान लिया, जिससे पुलिस को पूरे गैंग का सुराग मिल गया।
मुख्य आरोपी अखिलेश गिरफ्तार, लूटा हुआ मोबाइल बरामद-
पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को बांदा से आई उसी संदिग्ध बाइक पर एक आरोपी दिखाई पड़ा, जिसे पीड़िता ने पहचान लिया। पुलिस ने घेराबंदी करके मुख्य आरोपी अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अखिलेश के पास से पीड़िता से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मामले में बड़ा ट्विस्ट: पीड़िता का प्रेमी भी बना मुल्जिम-
इस पूरे गैंगरेप मामले में एक चौंकाने वाला कानूनी मोड़ तब आया जब पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में धारा 183 बीएनएस (BNS) के तहत उसके बयान दर्ज किए गए। अपने बयानों में नाबालिग लड़की ने खुलासा किया कि उसके प्रेमी ने भी उसके साथ पहले कई बार नाजायज शारीरिक संबंध बनाए थे।
चूंकि लड़की नाबालिग (माइनर) है, इसलिए उसके साथ संबंध बनाना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पीड़िता के प्रेमी को भी आरोपी मानते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है।
चित्रकूट पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और बचे हुए अन्य आरोपियों के साथ-साथ लड़की के प्रेमी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।













