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Monday, August 17, 2026
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क्या है व्यापमं घोटाला…?

By Amit Dwivedi@Navpravah.com

व्यापमं  घोटाले की जांच कर रहे पत्रकार अक्षय की संदिग्ध हालत में हुई मौत ने लोगों का उस शक  को यकीन में बदल दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि इस घोटाले में ऐसे लोग शामिल हैं जो नहीं चाहते कि उनका असली चेहरा लोगों के सामने आये।

क्या है व्यापमं घोटाला..?
व्यापमं घोटाले की वजह से लगातार हो रही मौतों को लेकर यह बात हर व्यक्ति के मन में आ रही है कि आखिर ये घोटाला है क्या? दरअसल व्यापमं एक प्रोफेशनल एजुकेशन का संक्षिप्त रूप है, जिसके तहत राज्य में प्री-मेडिकल टेस्ट, प्री इंजीनियरिंग टेस्ट और कई सरकारी नौकरियों के एग्जाम होते हैं। यह एक मंडल के  रूप में काम करता है। लेकिन व्यापमं परीक्षा प्रक्रिया ने घोटाले की शक्ल तब अख्तियार कर लिया जब कॉन्ट्रैक्ट टीचर वर्ग-1 और वर्ग-2 और मेडिकल एग्जाम में ऐसे लोगों को उत्तीर्ण किया गया, जिनकी योग्यता परीक्षा में शामिल होने की भी नहीं थी। इस मामले में  सरकारी नौकरियों में करीब हजार से अधिक और मेडिकल एग्जाम में करीब 500 से ज्यादा भर्तियां शक के घेरे में हैं।

घेरे में शिवराज भी-
व्यापमं घोटाले में कई गणमान्यों के इतर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज भी घेरे में हैं। वही इस मामले में हो रहे लगातार मर्डर्स की वजह से मामला और भी पेंचीदा होता जा रहा है।

घोटाले के आग की लपट में ये भी-
इस घोटाले में आईपीएस अधिकारी व डीआईजी आरके शिवहरे, अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के विनोद भंडारी, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी ओपी शुक्ला जैसी शख्सियत पर अंगुलियां उठ रही हैं।

45 लोगों की मौत-
अब तक व्यापमं घोटाले से जुड़े 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे की मौत भी शामिल है। आधिकारिक तौर पर हालांकि 25 मौतों की पुष्टि की गई है। फिलहाल मामला एसआईटी के हाथ में है।

विपक्ष का प्रहार-
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हर मसले की सीबीआई जांच कराने वाले शिवराज अब इस जांच से क्यों कतरा रहे हैं।

अमित शाह बोले, राम मंदिर का मुद्दा सुलझाने के लिए 370 सीटें चाहियें

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जैसे अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए पार्टी को संसद में दो तिहाई बहुमत चाहिए। शाह ने मोदी सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि मोदी सरकार के एक साल होने के बाद भी पार्टी के अहम मुद्दों पर कोई प्रगति नहीं हुई है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कोर मुद्दों को सुलझाने के लिए पार्टी को लोकसभा में दो तिहाई बहुमत यानी 370 सीटें चाहिए। उल्लेखनीय है कि भाजपा के प्रमुख मुद्दों में अनुच्छेद 370 हटाना, देश में …।