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Tuesday, August 4, 2026
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बिहार: पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमत पर भाजपा नेता का बेतुका बयान

ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम 

पटना | इस साल बिहार में चुनाव है, इसलिए पेट्रोल-डीजल के बढ़ती कीमत पर विपक्ष एक ओर हो गया है, और सड़कों पर आंदोलन कर रहा हैं। वहीं एनडीए सरकार एक से एक तर्क देकर अपना बचाव कर रही हैं।

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जहां इसके विरोध में कल पटना की सड़कों पर अपने पार्टी के अन्य विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ साइकिल मार्च किया, वहीं, अब उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने सरकार का बचाव यह कहकर किया कि लॉकडाउन के 82 दिन तो पेट्रोलियम कंपनियों ने दाम नहीं बढ़ाए थे।

लालू परिवार पर मोदी ने कसा तंज-

सुशील मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल के इस आंदोलन की आलोचना करते हुए कहा कि, “जो पार्टी राजनीति को विकास और सेवा के रास्ते से उतारकर इसे कमाई करने का जरिया बना चुकी है और जिसके युवराज महंगी बाइक और लग्जरी कारों का शौक रखते हों, वे पेट्रोल-डीजल के मूल्य निर्धारण का गणित समझे बिना साइकिल के साथ फोटो खिंचाने के अलावा और कर भी क्या सकते हैं।”

सुशील मोदी ने आगे कहा कि, जिनकी गाड़ियों में एसी बंद नहीं होते, वे पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर राजनीति कर रहे हैं, इसलिए वे ऐसा दिखावा न करें, राजनीति करने के लिए बहुत सी बातें हैं, पेट्रोल-डीजल को लेकर बात न बढ़ायें।

सुशील मोदी के अनुसार, जनता में इस मुद्दे को लेकर बहुत ज़्यादा आक्रोश नहीं हैं। क्योंकि यूपीए काल से दामों का बढ़ना और घटना अब पेट्रोलियम कंपनियों के हाथ में हैं, इसमें सरकार का हस्तक्षेप नहीं है ।

कोरोना संकट: दिल्ली में संविदा शिक्षकों का बुरा हाल, पेट पालने के लिए करना पड़ रहा ये काम

महिला की पिटाई
महिला की पिटाई

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 

दिल्ली के एक स्कूल के संविदा शिक्षक कोरोना संकट के बीच आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इस शिक्षक को पिछले दो महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है।

शिक्षक आर्थिक संकट के चलते सब्‍जी बेचकर अपनी रोजीरोटी चलाने को मजबूर हो गया है। 8 मई से COVID-19 के स्‍कूल बंद होने के कारण सर्वोदय बाल विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक वजीर सिंह को वेतन नहीं मिल रहा है।

वजीर सिंह ने ANI से बताया कि, “संविदा शिक्षकों को 8 मई तक भुगतान के दिल्ली सरकार के आदेश के बाद मैं बेरोजगार हो गया हूं। हालांकि उन्‍होंने हमें नौकरी को लेकर आश्‍वस्‍त किया है, लेकिन मैं सब्जियां बेचने के लिए मजबूर हूं।”

दिल्ली सरकार के 5 मई के आदेश के अनुसार, ‘सभी ‘अतिथि’ शिक्षकों को 8 मई, 2020 तक के लिए भुगतान किया जाएगा और गर्मियों की छुट्टियों में केवल तभी भुगतान किया जाएगा, जब उन्हें ड्यूटी के लिए बुलाया जाता है।’

छह लोगों के परिवार वाले वजीर सिंह के पास अंग्रेजी में मास्‍टर्स और बीएड की डिग्री है। वे परिवार के एकमात्र रोटी कमाने वाले हैं, उनके माता-पिता बीमार हैं, ऐसे में परिवार का खर्चा चलाने के लिए उन्‍हें काफी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्‍होंने कहा, “हमें काम के लिए बुलाया जाता है और समय-समय पर निकाल दिया जाता है। जब भी कोई नई भर्ती, स्थानांतरण या पदोन्नति होती है, हम अपने कर्तव्यों से मुक्त हो जाते हैं। एक तरह से हर दिन, हम अपनी नौकरी खोने के भय के साथ जीते हैं, यह बहुत अपमानजनक है।

कानपुर: अपहरण किया, फिरौती ली लेकिन धरे गए किडनैपर्स

विवेक कुमार द्विवेदी । नवप्रवाह डॉट कॉम

कानपुर के गोविंद नगर थानान्तर्गत रतनलाल नगर अनुराग द्विवेदी एक प्राइवेट कंपनी के डायरेक्टर हैं। वह सोमवार को अपने ऑफिस में बैठे थे, तभी कार में सवार चार अज्ञात लोगों ने उनके ऑफिस में धावा बोलकर उनका अपहरण कर सनसनी मचा दी।

सूचना मिलते ही पुलिस भी सक्रिय होकर अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुट गई। अपहरणकर्ताओं ने घटना को अंजाम देते हुए 15 लाख की फिरौती तो ले ली थी, लेकिन अनप्रोफेशनल होने के कारण फरार होने में सफल नहीं हो सके और पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इस घटना में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए डायरेक्टर अनुराग को सुरक्षित बरामद कर लिया है।

पुलिस अपहरणकर्ताओं को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस ने यह भी बताया है कि जो आरोपी पकड़े गए हैं, उनका कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। इस अपहरण के चलते इलाके में भय का माहौल बन गया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते स्थिति अब सामान्य हो गई है।

‘कोरोना किट’ ने बाबा रामदेव की बढ़ाई मुश्किलें, नोटिस जारी

अंकित द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम

नई दिल्ली | कोरोना की दवाई बनाना और उसका पूरे ज़ोर-शोर से प्रचार-प्रसार करना बाबा रामदेव को मंहगा पड़ता नज़र आ रहा है। मंगलवार को पतञ्जलि योगपीठ ने कोरोना की दवाई कोरोनिल बनाने की घोषणा की, उसके कुछ समय बाद ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए इसका प्रचार तत्काल प्रभाव से बंद करने की बात कह दी। आज केंद्र सरकार के बाद उत्तराखण्ड सरकार ने बाबा की कंपनी को नोटिस भेज दिया।

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विभाग के लाइसेंस अफसर वाई एस रावत ने कहा कि पतञ्जलि के कोरोना की दवा बनाने के दावे पर केंद्रीय आयुष मंत्रालय के रिपोर्ट मांगने के बाद उत्तराखंड सरकार के आयुर्वेद विभाग ने पतंजलि के दावों को गलत बताते हुए नोटिस जारी किया है। रावत ने स्पष्ट किया कि पतञ्जलि को कोरोना की दवा बनाने का कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।

१० जून को पतञ्जलि ने ३ प्रोडक्ट्स इम्युनिटी बूस्टर, खांसी और बुखार के प्रोडक्ट के लिए आवेदन दिया था। १२ जून को अप्रूवल दिया गया, पर उसमें कहीं भी कोरोना इलाज की दवा का जिक्र नहीं था।

ज़ाहिर है, सरकार द्वारा जारी इस नोटिस से बाबा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  साथ ही एक प्रश्नचिह्न ये भी भी लग गया कि क्या बाबा ने कोरोना की दवाई के उत्पादन के लिए किसी सरकारी तंत्र को इसकी सूचना देना ज़रूरी नहीं समझा। पतञ्जलि ट्रस्ट से नोटिस के ज़रिये यह पूछा गया है कि कोरोना किट समाचार चैनलों पर दिखाने की परमिशन ट्रस्ट को कहाँ से मिली।

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विभाग के लाइसेंस अफसर वाई एस रावत ने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के नियम 170 के तहत उत्पाद का विज्ञापन करने के लिए लाइसेंस अथॉरिटी से परमिशन लेनी होती है। DMRI 1954 के अंतर्गत इस तरह के क्लेम करना वैधानिक नहीं है।

सावधान! अंतरिक्ष से आ रही बड़ी आफ़त

सौम्या केसरवानी । नवप्रवाह डॉट कॉम

अंतरिक्ष से एक बड़ी आफत धरती की तरफ आ रही है। यह आफत है एक बहुत बड़ा उल्कापिंड, यह उल्कापिंड अगर धरती पर गिरा, तो कई किलोमीटर तक तबाही मचा सकता है। क्योंकि इसकी गति काफी ज्यादा तेज है।

इस उल्कापिंड के धरती की तरफ आने में बस कुछ ही घंटे बाकी है। इस एस्टेरॉयड का नाम 2010 एनवाई 65 है, यह 1017 फीट लंबा है यानि कि स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से करीब तीन गुना और कुतुबमीनार से चार गुना बड़ा है। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी 310 फीट और कुतुबमीनार 240 फीट लंबा है। इस उल्कापिंड की गति 13 किलोमीटर प्रति सेकेंड है, यानि करीब 46,500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार है।

नासा के वैज्ञानिक उन सभी एस्टेरॉयड्स को धरती के लिए खतरा मानते हैं, जो धरती से 75 लाख किलोमीटर की दूरी के अंदर निकलते हैं, इन तेज रफ्तार गुजरने वाले खगोलीय पिंडों को नीयर अर्थ ऑबजेक्टस कहते हैं।

सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले इन छोटे-छोटे खगोलीय पिंडों को एस्टेरॉयड या क्षुद्रग्रह कहते हैं, ये ज्यादातर मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच मौजूद एस्टेरॉयड बेल्ट में पाए जाते हैं।

उल्कापिंड के धरती के पास से गुजरने की जून में यह तीसरी घटना है, इससे पहले यह 6 जून को धरती के करीब से गुजरा था और इसके बाद 8 जून को 2013एक्स22 एस्टेरॉयड नाम का उल्कापिंड धरती के पास से गुजरा था।

दिवंगत अभिनेता इंदर कुमार की पत्नी पल्लवी ने खोली शाहरुख़ और करण जौहर की पोल

एंटरटेनमेंट डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 

मुम्बई | बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से ही फिल्मी दुनिया में परिवारवाद को लेकर बहुत सवाल उठाए जा रहे हैं। दिवंगत अभिनेता इंदर कुमार की पत्नी पल्लवी कुमार ने भी एक पोस्ट शेयर की है। पल्लवी के इस पोस्ट ने नेपोटिज़्म के मामले को एक बार फिर गर्म कर दिया है।

पल्लवी ने कहा कि, उनके पति भी इसका शिकार हो चुके हैं। इसके साथ ही पल्लवी कुमार ने अपनी पोस्ट में करण जौहर और शाहरुख खान पर इंदर कुमार को झूठी उम्मीद देने का आरोप भी लगाया है।

इंदर कुमार की पत्नी पल्लवी कुमार ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा कि, “उनके निधन से पहले मुझे याद है कि वह दो लोगों के पास काम मांगने और मदद के लिए गए थे। रिकॉर्ड के लिए वह उस समय भी छोटे-मोटे प्रोजेक्ट कर रहे थे, लेकिन वह कोई बड़ी फिल्म करना चाहते थे, वह करण जौहर के पास गए थे। मैं भी उस समय साथ थी, उन्होंने हमें दो घंटे अपनी वैन के बाहर इंतजार करवाया, जब वह आए तो उन्होंने कहा कि, इंदर मेरी मैनेजर गरिमा से जुड़े रहना, फिलहाल तुम्हारे लिए यहां कोई काम नहीं है।”

पल्लवी कुमार ने आगे लिखा कि, “15 दिनों बाद करण ने इंदर का फोन उठाया और कहा कि अभी कोई काम नहीं है। इसके बाद इंदर का नंबर ब्लॉक कर दिया गया।” पल्लवी कुमार ने शाहरुख खान से की गई मुलाकात के बारे में भी लिखा है कि, “जीरो के सेट पर वह इंदर से मिले और उन्होंने कहा कि वह एक हफ्ते में कॉल करेंगे, बाद में उन्होंने अपनी मैनेजर पूजा से जुड़े रहने के लिए कहा, पर काम नहीं मिला।”

पल्लवी कुमार ने पोस्ट में आगे लिखा, ” परिवारवाद को रुकना चाहिए, लोग मर रहे हैं और इन बड़े शॉट्स को अभी भी यह बात समझ में नहीं आ रही और न ही इनपर कोई प्रभाव पड़ रहा है, सरकार को इन लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।”

बता दें कि, इंदर कुमार ने 1996 में आई फिल्म मासूम से डेब्यू किया था। इसके बाद वह खिलाड़ियों का खिलाड़ी, तुमको ना भूल पाएंगे, कहीं प्यार न हो जाए जैसी कई फिल्मों में दिखाई दिए, इंदर की मौत 28 जुलाई 2017 को हुई थी।

भगवान जगन्नाथ जी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

Lord Jagannath

आध्यात्म दर्शन | नवप्रवाह डॉट कॉम

ओडिशा के पुरी के भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज से शुरू हो गई है। पुरी स्थित जगन्नाथ के बारे में आइये जानते हैं कुछ रोचक तथ्य।

जगन्नाथ पुरी में भगवान श्रीकृष्ण, सुभद्रा और बलराम जी की पूजा होती है और यहां विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा होती है।

पुराणों के अनुसार, श्रीकृष्ण ने पुरी में अनेक लीलाएं की थीं और नीलमाधव के रूप में अवतरित हुए थे।

जगन्नाथ मंदिर उड़ीसा राज्य के पुरी शहर में स्थित वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख स्थल है।

जगन्नाथ पुरी मंदिर में मिलने वाले प्रसाद को महाप्रसाद कहा जाता है, महाप्रसाद को विशेष विधि से बनाया जाता है, यह प्रसाद केवल मिट्टी के बर्तन में बनता है।

इस मंदिर की एक खास बात यह है कि, यहां स्वयं भगवान जगन्नाथ विराजते है। ऐसा दुनिया भर के किसी मंदिर में नहीं देखा गया है।

जगन्नाथ मंदिर के ऊपर का झंडा हमेशा हवा के विपरीत दिशा में फहराता है।

मंदिर में स्थित रसोईघर, दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर है, ऐसा कहीं और देखने को नहीं मिलता है, इसमें 500 रसोइए और 300 सहयोगी काम करते हैं।

मंदिर की एक खास बात यह है कि मंदिर के शिखर पर मौजूद झंडा रोज बदला जाता है। ऐसी मान्यता है कि झंडा नहीं बदलने से मंदिर 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा।

कोरोना को हराएगा ‘कोरोनिल’, बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की दवा

हेल्थ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम

आज बाबा रामदेव ने हरिद्वार में कोरोना की दवाई ‘कोरोनिल’ को लॉन्च कर दिया। इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि, दवा का हमने दो ट्रायल किया था। पहला, क्लिनिकल कंट्रोल स्टडी, दूसरा, क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल।

रामदेव ने कहा, ‘पूरा देश और दुनिया जिस समय का इंतजार कर रहा था आज वो आ गया है, कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा तैयार हो गई है, इस दवा से तीन दिन के अंदर 69 फीसदी मरीज रिकवर हो गए यानी पॉजिटिव से निगेटिव हो गए हैं।

शत् प्रतिशत रिकवरी का दावा-

बाबा रामदेव ने बताया कि, दिल्ली से लेकर कई शहरों में हमने क्लिनिकल कंट्रोल स्टडी किया। इसके तहत हमने 280 रोगियों को सम्मिलित किया। क्लिनिकल स्टडी के रिजल्ट में 100 फीसदी मरीजों की रिकवरी हुई और एक भी मौत नहीं हुई।

दूसरे चरण में क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल किया गया,
बाबा रामदेव ने दावा किया कि, 100 लोगों पर क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल की स्टडी की गई, 3 दिन के अंदर 69 फीसदी रोगी रिकवर हो गए, हमारी दवाई का सौ फीसदी रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है।

कोरोनिल में हैं ये जड़ी-बूटियाँ-

बाबा रामदेव ने कहा कि, इस दवाई को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मुलैठी-काढ़ा समेत कई चीज़ों को डाला गया है। साथ ही गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का भी इस्तेमाल किया गया है।

अमेरिका के बायोमेडिसिन फार्माकोथेरेपी इंटरनेशनल जर्नल में इस शोध का प्रकाशन भी हो चुका है। पतंजलि का दावा है कि यह शोध संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जयपुर द्वारा किया गया है।

यह दवाई अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी। यह कोरोनिल किट 545 रुपए में उपलब्ध होगी। यह किट 30 दिन के लिए है, वहीं इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसकी मदद से ये दवाई घर पर पहुंचाई जाएगी।

बिहार में चढ़ा ‘पॉलिटिकल पारा’, लालू के पाँच नेताओं ने नितीश का थामा दामन

लालू पहुंचे सलाखों के पीछे
ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम 
 
पटना | बिहार में विधानपरिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ बढ़ गई हैं। मंगलवार को बिहार की राजनीति में एक बड़ा भूचाल तब आया, जब राजद के पाँच विधान पार्षदों ने पार्टी छोड़कर नितीश कुमार का दामन थाम लिया। इन सदस्यों के जेडीयू में शामिल होते ही नितीश की पार्टी ने विधान परिषद के लिए अपने तीन उम्मीदवारों के नाम भी तय कर दिए।
 
राष्ट्रीय जनता दल के राधा चरण सेठ, संजय प्रसाद, रणविजय सिंह, कमरे आलम और दिलीप राय ने मंगलवार को पार्टी को अलविदा कह दिया। वहीं दूसरी तरफ़ सत्तारूढ़ जनता जनता दल यूनाइटेड की ओर से इस बार ग़ुलाम गौस, कुमुद वर्मा और भीष्म साहनी को विधानपरिषद भेजा जा रहा है। 
ग़ुलाम ग़ौस हाल ही में आरजेडी छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए हैं। कुमुद वर्मा को महिला कोटे से सीट दिया गया है। इसके अलावा अशोक चौधरी, जो भवन निर्माण मंत्री हैं और इनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है, इसलिए उन्हें राज्यपाल के कोटे से विधानपरिषद की सदस्यता दिलाई जाएगी। 

पुरी: इतिहास में पहली बार रथ यात्रा में श्रद्धालु नहीं हो रहे हैं शामिल

सौम्या केसरवानी | नवप्रवाह डॉट कॉम 

ओडिशा के पुरी के भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज से शुरू हो गई है। हर साल यहां भक्तों का जमावड़ा होता है, लेकिन इतिहास में पहली बार इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालु हिस्सा नहीं ले रहे हैं। दरअसल यह निर्णय एहतियातन लिया गया है, ताकि संक्रमण का मामला न बढ़ने पाए।

कोरोनावायरस के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को देखते हुए श्रद्धालुओं को इस यात्रा में हिस्सा लेने की मनाही है। इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है, जब यात्रा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है‌। आज सुबह से जगन्नाथ यात्रा शुरू हो गई है, जिसके लिए यहां बड़ी संख्या में पुजारी और मंदिर में काम करने वाले सेवायत इकट्ठा हो गये हैं।

श्रद्धालुओं के लिए रथयात्रा का लाइव टेलीकास्ट किया जाना है। रथयात्रा के मौके पर मंदिर को सजाया गया है, वहीं मंदिर परिसर को पूरी तरह सैनिटाइज़ भी किया गया है। न्यूज एजेंसी ANI की तरफ से आये एक वीडियो के अनुसार, कई सेवायत भगवान बालभद्र की मूर्ति को रथ तक गाते-बजाते हुए ले जा रहे हैं, वहीं एक दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है कि रथ पर भगवान को विराजमान किया जा रहा है और रथ के चारों ओर भीड़ लगी हुई है।

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 22 जून के अपने ऑर्डर में रथयात्रा को मंजूरी देते हुए कहा था कि, यात्रा कोविड-19 के गाइडलाइंस के तहत हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार पर होगी। कोर्ट ने कहा कि, जहां-जहां भी रथयात्रा निकाली जाएगी, वहां रथ को 500 से ज्यादा लोग नहीं खींचेंगे और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा।