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Tuesday, August 4, 2026
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दुतीचंद ने रियो ओलम्पिक के लिए किया क्वालीफाई

ब्यूरो,

वर्ष 2014 में खुद पर लगे प्रतिबंध को गलत साबित करते हुए भारतीय महिला धाविका दुतीचंद ने आज रियो ओलंपिक में 100 मीटर दौड़ के लिए क्वालीफाई कर लिया है। कजाखस्तान के अलमाटी में 26वें जे कोसनोव मेमोरियल मीट में उन्होंने न सिर्फ ओलंपिक में जगह बनाई बल्कि खुद के राष्ट्रीय रिकार्ड में भी सुधार किया।

रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाईंग मार्क 11.32 सेकेंड था। बीस वर्षीया दुती ने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ 11.30 सेकेंड में पूरी की और इस तरह से रियो ओलंपिक में अपनी जगह पक्की की। अपने इस प्रयास के दौरान ओडिशा की एथलीट दुती ने 11.33 सेकेंड का खुद का राष्ट्रीय रिकार्ड भी तोड़ा जो उन्होंने अप्रैल में फेडरेशन कप राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बनाया था।

दुती रियो खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली भारत की 20वीं ट्रैक एवं फील्ड एथलीट हैं। उनकी एक बड़ी उपलब्धि यह भी है कि वे 100 मीटर क्वालीफिकेशन प्रणाली लागू किए जाने के बाद इस स्पर्धा में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं। आपको बता दें कि महान धाविका पीटी उषा ओलंपिक 100 मीटर में भाग लेने वाली आखिरी भारतीय महिला एथलीट थीं। उन्होंने मास्को ओलंपिक 1980 में हिस्सा लिया था लेकिन तब क्वालीफिकेशन प्रणाली नहीं थी।

ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के बाद दुती ने कहा, ” यह मेरे लिए मुश्किल साल रहा लेकिन मेरी और मेरे कोच एन रमेश की कड़ी मेहनत आखिर में रंग लाई। मैं रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके बहुत खुश हूं।

पम्पोर में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के आठ जवान शहीद, दो आतंकी हुए ढेर

शिखा पाण्डेय,

कश्मीर के पंपोर में आज आतंकियों द्वारा किए गए हमले में सीआरपीएफ के 8 जवान शहीद हो गए, जबकि 20 जवान घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों पर यह हमला उस वक्त हुआ, जब वे अवंतिपुरा फायरिंग रेंज में अभ्यास करने के बाद लौट रहे थे। आतंकियों ने बस पर घात लगाकर हमला किया। जवानों ने बिना देर किए तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में 2 आतंकी मारे गए हैं।

लश्कर ए तैयबा ने हमले की जिम्मेदारी ले ली है। सूत्रों की मानें तो कई जगहों से आतंकियों ने घुसपैठ की है। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पंपोर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ अब भी जारी है।

सीआरपीएएफ के कमांडेंट राजेश यादव ने बताया कि जवान अवंतिपुरा फायरिंग रेंज में अभ्यास के बाद लौट रहे थे। तभी आतंकियों ने घात लगाकर बस पर हमला किया। इस हमले में सीआरपीएफ के 8 जवान शहीद और 20 जवान घायल हो गए। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हमले की पूरी जानकारी डीजी सीआरपीएफ ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को दी है।

उत्तराखंड: आपातकाल के लिए देश कांग्रेस को कभी माफ़ नहीं करेगा -अमित शाह

नारायण सिंह ‘रघुवंशी’ ,

हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में आयोजित शंखनाद महारैली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा देवभूमि उत्तराखंड में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार में ही मोक्ष मिल सकता है। उन्होंने कहा कि आज एक और महत्वपूर्ण दिन है। 25 जून के ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया था। आपातकाल के लिए देश कांग्रेस को कभी नहीं माफ करेगा।

अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय के उद्धोष से किया। उन्होंने कहा कि ऊपर भी भाजपा है अगर जनता नीचे भी भाजपा को लाती है तो राज्य का विकास ही विकास होगा। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार का हमेशा यहां की जनता को सहयोग है। महारैली में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि अमित शाह की नियत साफ है, इसलिए वे बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन कर पाए। जबकि बड़े बड़े लोग तमाम कोशिशों के बाद भी वहां नहीं पहुंचा पाए थे।

अजय भट्ट ने कहा, कांग्रेस भाजपा को बदनाम कर रही है। मत विभाजन में सरकार गिर गई थी, पर स्पीकर ने बचा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य में हम विपक्ष में रह कर चौकीदारी कर रहे हैं, किसी को बेईमानी नही करने देंगे। उन्होंने राज्य सरकार पर अवैध खनन और प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था का आरोप लगाया।

अमित शाह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि देश में गरमी है इसलिए कांग्रेस के राहुल बाबा विदेश चले गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी पूछते हैं कि दो साल में मोदी सरकार ने क्या किया। इस सवाल के जवाब में शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार की उपलब्धि तो बहुत हैं लेकिन कांग्रेस के मुकाबले सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि हमारे प्रधानमंत्री बोलते हैं। अमित शाह ने केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना की।

सलमान के बाद अब मीका ने ये कहकर सबको चौंका दिया

एंटरटेनमेंट डेस्क,

बॉलीवुड के दबंग सुपरस्टार सलमान खान की तरह ही सिंगर मीका भी अक्सर अपने बयानों व कारनामों की वजह से सुर्ख़ियों में रहते हैं। सलमान की शादी कब होगी, इस प्रश्न का तो फिलहाल कोई जवाब ही नहीं है। ऐसे में यदि मीका सिंह ये घोषणा कर दें कि सलमान की शादी के बाद ही वे शादी करेंगे, तो यह एक चौंकाने वाली खबर तो होगी ही।

लगभग हर कार्यक्रम में सलमान को इस सवाल का सामना करना पड़ता है कि वे शादी कब करेंगे और सलमान हर बार मजाकिया लहजे में इस सवाल को टाल जाते हैं।

टीवी शो ‘सा रे ग म प’ द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक सल्लू मियां इस रियलटी शो पर अपनी आगामी फिल्म ‘सुल्तान’ का प्रचार करने आए थे। इस दौरान प्रतियोगी जगप्रीत बाजवा ने उनसे अच्छे जीवनसाथी को लेकर राय मांगी। सलमान ने कहा, “तुमने गलत इंसान को निशाना बनाया है। मैं हमेशा से इस मामले में बदकिस्मत रहा हूं, लेकिन इस मामले में लोगों की मुझे लेकर धारणा बिलकुल गलत है।

वहीं शो में मेंटर की भूमिका निभा रहे गायक मिका सिंह ने इस मौके पर कहा, “मैं सलमान भाई का बहुत बडा प्रशंसक हूं और उनके नक्शेकदम पर ही चलूंगा। जब भाई शादी करेंगे, मैं भी उस साल ही शादी कर लूंगा।”

सलमान ने हाल में शादी करने की कोई इच्‍छा जाहिर नहीं की है। अब मीका सिंह का अभी दूल्‍हा नहीं बनने का ये फैसला कहीं उनके लिए भारी न पड़ जाए, इसी बात का डर है। आपको बता दें कि यह विशेष एपिसोड 26 जून को टीवी पर प्रसारित होगा।

विधायक की गिरफ्तारी पर बौखलाए केजरीवाल, कहा- इमरजेंसी लगा दी है मोदी ने

अनुज हनुमत,

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अब काम करने वाले जनप्रतिनिधि कम लग रहे हैं बल्कि बयान देने वाले ज्यादा। कल गृह मंत्रालय ने केजरीवाल सरकार के 14 बिल नामंजूर करके वापस लौटा दिए थे, जिसे अभी 48 घंटे भी नहीं हुए थे और आज ही आम आदमी पार्टी के विधायक दिनेश मोहनिया की गिरफ्तारी ने दिल्ली में सियासी भूचाल ला दिया है। पूरी घटना से तिलमिलाए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक के बाद एक ट्वीट कर केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर जोरदार हमला किया है। केजरीवाल ने इस घटना की तुलना इमरजेंसी से कर दी।

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि ‘मोदी ने इमरजेंसी लगा दी है। जिन लोगों को दिल्ली ने चुना है, उन्हें डराया जा रहा है, पकड़ा जा रहा है और झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।’ इसके साथ ही केजरीवाल ने यह भी ट्वीट किया है कि ‘पत्रकारों और टीवी कैमरों के सामने से विधायक को खींच कर ले जाया गया। आखिर मोदी क्या बताना चाहते हैं ?’

तुरन्त बाद ही आप नेता आशुतोष ने कहा कि खान क़त्ल मामले से ध्यान भटकाने के लिये आप विधायक पर झूठे केस लगाकर जेल भेज रहे है। एलजी, जंग साहब आप बच नहीं सकते।’

प्रतिक्रिया व्यक्त करने का सिलसिला यहीं नहीं थमा बल्कि इसके बाद ही उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि ‘इमरजेंसी की याद के दिन दिल्ली में अघोषित इमरजेंसी। मोदी जी! हम सबको ऐसे फर्जी आरोपों में जेल में डाल दोगे तब भी हम नहीं झुकने वाले।’

गौरतलब है कि आज ही के दिन 39 साल पहले भारत में इमरजेंसी (आपातकाल) घोषित की गई थी। आम आदमी पार्टी इसी को विधायक की गिरफ्तारी से जोड़ रही है। इस मामले में आरोप है कि पानी के संकट के बारे में एक बुजुर्ग ने बात की तो आप विधायक ने उन्हें थप्पड़ मारा।

विधायक के समर्थकों पर बुजुर्ग का हाथ मोड़ने का भी आरोप है। चार दिन पहले भी दिनेश मोहनिया पर संगम विहार में महिलाओं से बदसलूकी का आरोप लगा था। आरोप है कि इनके समर्थकों ने पानी की किल्लत की शिकायत लेकर उनके दफ्तर पहुंची महिलाओं को धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इसके बाद मोहनिया के खिलाफ इन महिलाओं ने केस दर्ज कराया। लगातार आप विधायक पार्टी की इज्जत खतरे में डाल रहे हैं। कुछ ही समय में पंजाब में चुनाव है और इसका असर वहां के चुनावों में देखने को मिल सकता है।

पटना हाईकोर्ट बना देश का पहला वाई-फाई हाईकोर्ट

ब्यूरो,

पटना हाईकोर्ट देश का पहला हाईकोर्ट बन गया है जहां वाई-फाई कीसुविधा उपलब्ध करायी गयी है। सुप्रीम कोर्ट के बाद पटना हाईकोर्ट में बीएसएनएल ने वाई-फाई सेवा शुरू की।

केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया। 15 रुपए में 50 एमबी डाटा बीएसएनल की ओर से वाई-फोन का प्लान पेश किया गया है। एक दिन में 50 एमबी डाटा के लिए वकीलों को 15 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं 20 रुपए खर्च करने पर एक दिन के लिए 30 मिनट अनलिमिटेड डाटा डाउनलोड किया जा सकेगा।

कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी ने वाई-फाई सेवा देने पर बीएसएनएल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सेवा का लाभ वकील उठाएंगे। इसके पूर्व बीएसएनएल के सीएमडी ने पटना हाईकोर्ट में वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

 

आप नेता मोहनिया को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस ने किया गिरफ्तार

शिखा पाण्डेय, 

एक बुजुर्ग व्यक्ति को थप्पड़ मारने के आरोपी आप विधायक दिनेश मोहनिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सादे लिबास में पहुँची पुलिस ने मोहनिया को पूछताछ के लिए प्रेस कांफ्रेस के दौरान उठाया है। इस दौरान मोहनिया ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें कोई भी नोटिस नहीं दिया गया है और बिना किसी नोटिस के उन्हें ले जाया जा रहा है।

उक्त आरोपों पर सफाई देने के लिए ही आप विधायक ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। प्रेस कांफ्रेंस शुरू होने से पहले ही 20 से 25 की संख्‍या में पुलिस कर्मी और अधिकारी पहुंचे और मोहनिया को उठाकर ले गए। गिरफ्तारी से पहले आप विधायक ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा एमएम खान मर्डर केस से ध्‍यान भटकाने के लिए इस प्रकार के गलत आरोप लगवा रही है। साथ ही मोहनिया ने दिल्ली पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। अभीतक यह पता नहीं लग पाया है कि पुलिस उन्हें कहां ले गई है।

क्या है मामला?

आम आदमी पार्टी के विधायक दिनेश मोहनिया ने एक दिन पहले पानी की किल्लत की समस्या लेकर आए एक बुजुर्ग को थप्पड़ जड़ दिया था। दो दिन पहले भी मोहनिया ने पानी नहीं मिलने की शिकायत लेकर आए कुछ लोगों के साथ मारपीट की थी। मोहनिया पर शिकायत करने आई कुछ महिलाओं के साथ बदसलूकी का भी आरोप है। सभी आरोपों में मोहनिया पर अलग-अलग मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार संगम विहार से विधायक मोहनिया तुगलकाबाद इलाके में लोगों से मिल रहे थे। इसी दौरान एक बुज़ुर्ग ने पानी न मिलने की शिकायत की और कहा कि वह दिनेश मोहनिया को नहीं पहचानते। इसी से नाराज विधायक ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। साथ ही विधायक के लोगों ने भी बुज़ुर्ग से बदतमीजी की। पीड़ित शख्‍स की ओर से मोहनिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। दूसरे मामले में कुछ दिनों पूर्व विधायक ने कथित तौर पर पानी की किल्लत की शिकायत लेकर उनके दफ्तर आई संगम विहार की कुछ महिलाओं को अपशब्द कहे थे।

फायदे के लिए बच्चों को मज़दूर बना रहा समाज

सौम्या केसरवानी,

किसी भी क्षेत्र में बच्चों द्वारा अपने बचपन में दी गई सेवा को बाल मजदूरी कहते है। इसे गैर-जिम्मेदार माता-पिता की वजह से, या कम लागत में निवेश पर अपने फायदे को बढ़ाने के लिये मालिकों द्वारा ज़बरदस्ती बनाए गए दबाव की वजह से जीवन जीने के लिये जरुरी संसाधनों की कमी के चलते ये बच्चों द्वारा स्वत: किया जाता है। इसका कारण मायने नहीं रखता क्योंकि सभी कारकों की वजह से बच्चे बिना बचपन के अपना जीवन जीने को मजबूर होते है।

बचपन सभी के जीवन में विशेष और सबसे खुशी का पल होता है, जिसमें बच्चे प्रकृति, प्रियजनों और अपने माता-पिता से जीवन जीने का तरीका सीखते है। सामाजिक, बौद्धिक, शारीरिक, और मानसिक सभी दृष्टिकोण से बाल मजदूरी बच्चों की वृद्धि और विकास में अवरोध का काम करता है।

बाल मजदूरी बच्चों से लिया जाने वाला काम है, जो किसी भी क्षेत्र में उनके मालिकों द्वारा करवाया जाता है। ये एक दबावपूर्ण व्यवहार है, जो अभिवावक या मालिकों द्वारा किया जाता है। बचपन सभी बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है, जो माता-पिता के प्यार और देख-रेख में सभी को मिलना चाहिए। ये गैरकानूनी कृत्य बच्चों को बड़ों की तरह जीने पर मजबूर करता है। इसके कारण बच्चों के जीवन में कई सारी जरुरी चीजों की कमी हो जाती है जैसे- उचित शारीरिक वृद्धि और विकास, दिमाग का अनुपयुक्त विकास, सामाजिक और बौद्धिक रुप से अस्वास्थ्यकर आदि।

बाल मजदूरी को पूरी तरह से रोकने के लिये ढ़ेरों नियम-कानून बनाने के बावजूद भी ये गैर-कानूनी कृत्य दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है।

भयंकर गरीबी और खराब स्कूली मौके की वजह से बहुत सारे विकासशील देशों में बाल मजदूरी बेहद आम बात है। बाल मजदूरी की उच्च दर अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक है, जिसमें 5 से 14 साल तक के बच्चे विकासशील देशों में काम कर रहे है। कृषि क्षेत्र में बाल मजदूरी की दर सबसे उच्च है, जो ज्यादातर ग्रामीण और अनियमित शहरी अर्थव्यवस्था में दिखाई देती है। जहाँ अधिकतर बच्चे अपने दोस्तों के साथ खेलने और स्कूल भेजने के बजाए प्रमुखता से अपने माता-पिता के द्वारा कृषि कार्यों में लगाये गये है।

माता-पिता अपने बच्चों को परिवार के प्रति बचपन से ही जिम्मेदार बनाना चाहते है। वो ये नहीं समझते कि उनके बच्चों को प्यार और परवरिश की जरुरत होती है, उन्हें नियमित स्कूल जाने तथा अच्छी तरह से बड़ा होने के लिये दोस्तों के साथ खेलने की जरुरत है। बच्चों से काम कराने वाले माँ-बाप सोचते है कि बच्चे उनके जागीर होते है और वो उन्हें अपने हिसाब से इस्तेमाल करते हैं।

वास्तव में हर माता-पिता को ये समझना चाहिए कि देश के प्रति भी उनकी कुछ जिम्मेदारी है। देश के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिये उन्हें अपने बच्चों को हर तरह से स्वस्थ बनाना चाहिए। माता-पिता को परिवार की जिम्मेदारी खुद से लेनी चाहिए तथा अपने बच्चों को उनका बचपन प्यार और अच्छी परवरिश के साथ जीने देना चाहिए।

साल के अंत तक भारत की एनएसजी सदस्यता तय!

शिखा पाण्डेय, 
चीन सहित कुछ देशों के विरोध के कारण सियोल बैठक में भारत की एनएसजी सदस्यता पर निर्णय न हो पाने पर अमेरिका ने कहा कि साल के अंत तक भारत के लिए एनएसजी की पूर्ण सदस्यता का एक रास्ता है। अमेरिका ने यह बात सियोल में एनएसजी की एक पूर्ण बैठक समाप्त होने के कुछ घंटे बाद कही।

ओबामा प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि हमें पूरा भरोसा है कि हमारे समक्ष इस साल के अंत तक आगे का एक रास्ता है। अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा है कि इसके लिए कुछ काम करने की जरूरत है। अधिकारी ने 48 सदस्यीय समूह के भीतर भारत की सदस्यता को लेकर हुई चर्चाओं और विरोध की जानकारी का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि आंतरिक चर्चाओं की जानकारी गोपनीय है।

अधिकारी ने कहा कि अमेरिका का भारत की एनएसजी की सदस्यता को लेकर दृढ़ विश्वास है तथा ओबामा प्रशासन ने इस मुद्दे पर भारत एवं अन्य देशों के साथ नजदीकी तौर पर काम किया है। अधिकारी ने चर्चाओं की जानकारी दिए बिना प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में हुई इसी तरह की चर्चा का उल्लेख किया जिसमें भारत को उसके सदस्य देशों के बीच कई महीने की चर्चा के बाद इस महीने के शुरू में शामिल किया गया था। एनएसजी की तरह ही एमटीसीआर में भी निर्णय सहमति से किए जाते हैं।

अधिकारी ने कहा है कि हमें उस भूमिका पर एक निर्णय की उम्मीद थी जो भारत निभाएगा। अधिकारी ने जोर देकर कहा है कि हम इस सप्ताह चर्चा समाप्त कर पाए और हमारे सामने भारत के एक पूर्ण सदस्य बनने के लिए वर्ष के अंत तक एक आगे का रास्ता है। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका उम्मीद करता है कि भारत को एनएसजी की सदस्यता इस वर्ष के अंत तक हासिल हो सकेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने दोहराया है कि यह हमारी उम्मीद है।

वेब मीडिया नीति-2016 को मंजूरी, वेबसाइट्स को भी मिलेगा सरकारी विज्ञापन

ब्यूरो,

लखनऊ। वेबसाइट / पोर्टलों को शासकीय विज्ञापन प्रदान करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश वेब मीडिया नीति-2016 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे सरकार की उपलब्धियों, सूचनाओं एवं जानकारियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सकेगा।

नीति में विज्ञापन निर्गमन हेतु सूचीबद्ध करने के लिए शर्तें निर्धारित की गयी हैं, जिसके अनुसार वेब मीडिया एवं पोर्टल कम से कम 3 वर्ष से अस्तित्व में होने चाहिए। ऐसे वेबसाइट / पोर्टल जिनके दर का निर्धारण भारत सरकार के डीएवीपी द्वारा किया गया हो उन्हें विभाग द्वारा सूचीबद्ध माना जाएगा। विज्ञापन मान्यता के लिए आवेदन करने के लिए वेबसाइट / पोर्टलों को अपना रजिस्ट्रेशन सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय में कराना अनिवार्य होगा।

अंग्रेजी वेब मीडिया को भी हिन्दी वेब मीडिया की भांति विज्ञापन जारी किया जाएगा। विज्ञापन वितरण के उद्देश्य से वेब माध्यमों को 3 श्रेणियों में शर्तों के तहत वर्गीकृत किया जाएगा। विज्ञापन उस वेबसाइट/पोर्टल को दिया जाएगा, जिसकी प्रतिमाह हिट्स की न्यूनतम संख्या 2.5 लाख हिट्स होगी। हिट्स की गणना के लिए छः माह का औसत आधार लिया जाएगा। गणना के लिए सूचना विभाग अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य थर्ड पार्टी, जो भारत में वेबसाइट ट्रैफिक मानीटर करती हो, को स्वीकार करेगा।