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Tuesday, August 4, 2026
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राजन की देशभक्ति में कोई कमी नहीं -नरेंद्र मोदी

शिखा पाण्डेय,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंततः भाजपा सांसद सुब्रमण्यम द्वारा रघुराम राजन पर की गई तमाम टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने स्वामी द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर राजन और वित्त मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर किए गए हमलों को आज खारिज करते हुए उनके बयानों को अनुचित बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजन की देशभक्ति में कोई कमी नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई खुद को व्यवस्था से ऊपर समझता है तो यह गलत है। आपको याद दिला दें कि स्वामी ने हाल ही में राजन, मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम और आर्थिक मामलों के सचिव शशिकांत दास पर निशाना साधा था,साथ ही स्वामी ने जेटली का नाम लिए बिना उन पर कुछ तल्ख टिप्पणियां की थीं, जिसपर प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

टाइम्स नाउ द्वारा स्वामी की टिप्पणियों के विषय में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा, “चाहे मेरी पार्टी में हों या नहीं, मेरा मानना है कि ये चीजें अनुचित हैं। प्रचार पाने की इस लालसा से कभी भी देश का भला नहीं होगा। लोगों को बहुत जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। अगर कोई खुद को व्यवस्था से ऊपर समझता है तो ये गलत है।”

यह पूछे जाने पर कि इस मुद्दे पर उनका संदेश स्पष्ट है,मोदी ने कहा, “मेरा संदेश बहुत स्पष्ट है। मुझे इस बारे में कोई भ्रम नहीं है।” मोदी ने राजन की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि राजन किसी पद पर रहें या नहीं रहें लेकिन वह भारत की सेवा करना जारी रखेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, “उनके साथ मेरा अनुभव अच्छा रहा है और उन्होंने जो काम किया है उसकी मैं सराहना करता हूं। वह कोई कम देशभक्त नहीं हैं। वह भारत से प्रेम करते हैं। वह जहां भी काम करेंगे, देश के लिए काम करेंगे।”

राजन के पद से हटने से विदेशों में भारतीय अर्थव्यवस्था की छवि प्रभावित होने की खबरों और आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर और इस सवाल पर कि क्या इससे निवेश को नुकसान होगा, मोदी ने कहा कि अगर 2014 में उनके सत्ता संभालने के बाद तीन महीने तक की खबरें याद हों तो इस बारे में अनेक लेख लिखे गए थे कि क्या राजन को इस पद पर बनाए रखा जाएगा या नहीं, क्योंकि उनकी नियुक्ति संप्रग सरकार ने की है। उन्होंने कहा, “उन खबरों में कहा गया था कि मैं उन्हें गवर्नर पद पर नहीं रहने दूंगा, तो यह बात गलत साबित हुई।”

बिन ब्याहे पिता बने अभिनेता तुषार कपूर

एंटरटेनमेंट डेस्क,
बॉलीवुड से एक चौंकाने वाली खबर आई है। अभिनेता तुषार कपूर बिन ब्याहे पिता बन गए हैं। तुषार की शादी नहीं हुई है। तुषार आईवीएफ तकनीक और सेरोगेसी के जरिए पिता बने हैं। उन्‍होंने अपने बेबी ब्वॉय का नाम ‘लक्ष्‍य’ रखा है। वे और उनका परिवार इस नए मेहमान के आगमन से बेहद खुश और उत्साहित हैं।
घर में आए इस नन्हें फरिश्ते को लेकर तुषार का कहना है, “पिछले काफी समय से मेरी यह इच्छा थी। मैं पिता बनकर बेहद उत्‍साहित हूं। लक्ष्य ने मेरे जीवन में खुशियां भर दी हैं। भगवान की कृपा और जसलोक अस्‍पताल की शानदार मेडिकल टीम के कारण आज यह सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। यह कई ऐसे लोगों के लिए विकल्‍प है जो सिंगल पेरेंट बनना चाहते हैं।”

वहीं तुषार के पिता अभिनेता जितेंद्र और माँ शोभा का कहना है, “लक्ष्‍य के दादा-दादी बनकर हम बेहद खुश हैं। तुषार एक होन‍हार बेटे हैं। उनके फैसले को हम सपोर्ट करते हैं।” दोनों ने उम्‍मीद जताई है कि वे एक अच्छे पिता बनकर दिखाएंगे।

आपको बता दें कि तुषार ऐसे पहले अभिनेता हैं, जो शादी के पहले पिता बने हैं। वैसे इससे पहले अभिनेता शाहरुख खान और आमिर खान भी आईवीएफ और सेरोगेसी की मदद से पिता बन चुके हैं, लेकिन दोनों ने शादी के बाद यह फैसला किया था।

मैं तो सेकंड डिवीज़न पास होना चाहती थी, चाचा ने करवा दिया टॉप -रूबी रॉय

शिखा पाण्डेय,

बिहार के टॉपर घोटाले में फर्ज़ी तरीके से टॉपर बनाई गई रूबी राय ने स्वीकार लिया है कि उसने खुद को टॉप बनाने वाली उत्तर पुस्तिका खुद नहीं लिखी थी। रूबी राय ने खुलासा किया है कि वह द्वितीय श्रेणी से 12वीं पास करना चाहती थी, लेकिन उसके चाचा (बच्चा राय) ने उसे टॉपर बनवा दिया। रूबी का 12वीं का परिणाम रद्द कर दिया गया है। अब रूबी राय को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र कुमार सिंह की अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए बेउर जेल भेज दिया गया है।

टॉपर्स घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने रूबी को बोर्ड कार्यालय से गिरफ्तार किया। परीक्षा बोर्ड के एक्सपर्ट्स ने रूबी का इंटरव्यू लिया, जिसमें वह फेल हो गई। समिति के अधिकारियों के मुताबिक, रूबी सामान्य सवालों का भी जवाब नहीं दे सकी। बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि रूबी साक्षात्कार में पूरी तरह असफल साबित हुई।

पूर्व बोर्ड अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के निजी सचिव विकास चंद्रा को भी रविवार को जेल भेजा गया है। थाने में शनिवार रात एसआइटी ने रूबी से पूछताछ की थी। जब रूबी से पूछा गया कि तुम खुद परीक्षा देने गई थीं, तो उसका जवाब था, “हां, मुझसे कहा गया था कि तुम्हें परीक्षा देने जाना है। जिस सवाल का जवाब आए लिख देना, नहीं आए तो मत लिखना। मुझे जवाब मालूम नहीं था। इसलिए, मैंने नहीं लिखा। परीक्षा खत्म होने के बाद मैं घर चली आती थी।” अगला सवाल था कि इतनी अच्छी कॉपी किसने लिखी? रूबी ने कहा,” मुझे क्या पता।” फिर पूछा गया, तब तुम टॉप कैसे कर गईं? तो जवाब मिला,”मैं तो सेकेंड डिवीजन से पास करना चाहती थी पर चाचा (बच्चा राय) और पापा ने टॉपर बना दिया। जो पूछना है, उनसे पूछिए।” राय ने पूछताछ में कहा कि हम देहात की लड़की हैं, हमको नहीं पता हम कैसे टॉप कर गए।

Cow की स्पेलिंग भी सही नहीं लिख पाई टॉपर –

इंटरव्यू में रूबी को तुलसीदास पर निबंध लिखने को कहा तो उसने मात्र तुलसीदास को प्रणाम किया और पूरा पेज खाली छोड़ दिया। वहीं, अंग्रेजी में ‘the cow’ पर निबंध लिखने को दिया गया तो रूबी cow की स्पेलिंग भी नहीं लिख पाई। सबसे पहले एक्सपर्ट ने नाम के साथ रोल नंबर और रोल कोड लिखने को कहा, लेकिन वह रोल कोड और रोल नंबर की स्पेलिंग तक सही से नहीं लिख पाई। इस दौरान रूबी ने अपनी सफाई में कहा कि उसने दो साल पढ़ाई की, इंटर की परीक्षा दी, लेकिन अब कुछ याद नहीं है। वह नर्वस हो गई है। इस पर एक्सपर्ट ने कहा कि जो आता है तुम वही लिखो, इसके बावजूद वो एक लाइन नहीं लिख पा रही थी।

रूबी होम साइंस के एक भी प्रश्न का जवाब नहीं दे पाई। वहीं हिंदी में संधि विच्छेद करने को दिया गया तो वो भी नहीं कर पाई। जब टेस्ट देने के बाद रूबी राय बाहर आई तो सारे मीडिया कर्मी प्रश्न पूछने लगे। इस पर रूबी राय ने कहा,”जवाब नहीं दूंगी तो क्या जान से मार डालिएगा? मैं जवाब नहीं दूंगी।”

मेस्सी ने लिया इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास, रियो ओलम्पिक में शामिल न होने से लगा झटका

शिखा पाण्डेय,

स्‍टार फुटबॉल खिलाड़ी लिओनेल मेस्‍सी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्‍यास लिया है। जानकारी के अनुसार, अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी ने सोमवार सुबह अंतरराष्‍ट्रीय फुटबॉल कैरियर से रिटायरमेंट की घोषणा की। 28 साल का ये फुटबॉल स्टार बार्सीलोना और अर्जेंटीना के लिए खेलता रहा है।

दरअसल फुटबॉल स्टार लियोनल मेस्सी को अपने 29वें जन्मदिन पर बृहस्पतिवार को बहुत बड़ा झटका लगा। उन्हें रियो ओलंपिक के लिए अर्जेंटीना की 22 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी गई। यूँ तो पांच बार वर्ष के सर्वश्रेष्ठ फुटबालर रह चुके मेस्‍सी ने अपने चमकदार कैरियर में इतना कुछ हासिल किया है, जिससे उन्हें पेले और डियगो माराडोना की बराबरी में रखा जा सकता है, लेकिन वह अर्जेंटीना को अब तक कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं दिलवा पाए हैं।

उल्लेखनीय है कि अर्जेंटीना के लिए हाल ही में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड बनाने वाले इस स्टार खिलाड़ी को लेकर कोच गेर्राडो मार्टिनो के इस फैसले से हर कोई हैरान रह गया है। मार्टिनो पहले से ही मेस्सी को कोपा कप और रियो ओलंपिक की टीम में शामिल करने का विरोध कर रहे थे।

अखिलेश के मंत्रिमंडल का विस्तार, 4 नए मंत्रियों को दिलाई गई शपथ

अमित द्विवेदी,

साल 2017 में उत्तर प्रदेश में विधनसभा का चुनाव होना है, ऐसे में राज्य में सपा सरकार किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहती। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राज्य सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। इस मंत्रिमंडल विस्तार में 4 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। वहीं मुख्यमंत्री ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री मनोज कुमार पांडेय को मंत्रिपरिषद से हटा दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार में जिन चार चहरे को जगह दी गई है, उनमेंसरोजिनी नगर के विधायक शारदा शुक्ला, अम्बिका चौधरी, नारद राय और रविदास मेहरोत्रा शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले बर्खास्त हुए नेता बलराम यादव को दोबारा कैबिनेट में जगह दे दी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम में जो बात सबसे ख़ास रही, वो है उत्तर प्रदेश सरकार के इस कार्यक्रम में अखिलेश के चाचा शिवपाल की अनुपस्थिति। जानकारी के मुताबिक़ शिवपाल इस समय इटावा में हैं।शिवपाल कौमी एकता दल के सपा में विलय को रद्द किए जाने के फैसले से नाराज हैं। इसी के चलते उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बना ली है।

माना जा रहा है कि ये उत्तर प्रदेश सरकार का आखिरी मंत्रिमंडल विस्तार होगा। इस विस्तार को वोटों के विस्तार के तौर पर भी देखा जा रहा है, इसीलिए इसमें जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का खास ख्याल रखा जा रहा है।

चाचा-भतीजे में शीत युद्ध, अखिलेश के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे शिवपाल!

अनुज हनुमत,

लखनऊ। हाल ही में समाजवादी पार्टी ने मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल को शामिल करने से मना कर दिया था, यही वजह है कि मंत्री शिवपाल यादव की नाराजगी का दौर खत्म नहीं हो रहा है। आज उत्तर प्रदेश की सरकार कैबिनेट विस्तार करने जा रही है। लेकिन सूत्रों के माने तो शिवपाल यादव इस कार्यक्रम से दूर रह सकते हैं।

शिक्षा मंत्री शिवपाल इस वक्त इटावा में हैं और कार्यक्रम लखनऊ में होना है। सूत्रों के मुताबिक शिवपाल कौमी एकता दल के सपा में विलय को रद्द किए जाने के फैसले से नाराज हैं। इसी के चलते उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बना ली है। इस पूरी खबर से ऐसा लगता है कि एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो चुके हैं अखिलेश-शिवपाल!

आपको बता दें कि मंत्री शिवपाल यादव की पहल पर ही जोर शोर के साथ बाहुबली मुख्तार अंसरी की कौमी एकता दल का सपा में विलय कराया गय़ा था। इसे लेकर अखिलेश नाराज भी बताए जा रहे थे और उन्होंने कैबिनेट मंत्री बलराम यादव की छुट्टी भी कर दी थी। बलराम ने ही पार्टी में विलय में अहम भूमिका निभाई थी।

चीन से चार कदम आगे भारत, आज बन जाएगा एमटीसीआर का पूर्ण सदस्य

अमित द्विवेदी,

चीन और कुछ अन्य देशों के विरोध के चलते भारत को एनएसजी में सदस्य तो नहीं मिली लेकिन आज भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का पूर्ण सदस्य बन जाएगा। इस मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि हमने पिछले साल ही सदस्यता के लिए आवेदन किया था और औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर आज एमटीसीआर के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे। बता दें कि एनएसजी में सदस्यता के लिए भारत का सबसे अधिक विरोध करने वाला देश चीन इस समूह का हिस्सा नहीं है। मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था में कुल 34 सदस्य हैं, जिनमे अब भारत भी शामिल हो जाएगा।

विदेश सचिव एस जयशंकर फ्रांस, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग के राजदूतों की मौजूदगी में एमटीसीआर में शामिल होने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे। गौरतलब है कि है कि चीन जिसने हाल में संपन्न 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की पूर्ण सत्र की बैठक में भारत के प्रवेश की राह में रोड़ा अटकाया, वह 34 सदस्यीय एमटीसीआर का सदस्य नहीं है।

पिछले साल एमटीसीआर में भारत को शामिल किए जाने का इटली ने भारी विरोध किया था, किनकी मरीन विवाद की वजह से इटली भारत से नाराज़ था लेकिन अब जब उन दो मरीनों को उनके देश वापस जाने की अनुमति मिलने के बाद इनके रुख नरम हुए हैं। एमटीसीआर समूह पारंपरिक, परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों और प्रौद्योगिकी का नियमन करते हैं।

भारत को अस्थिर करना चाहता है पड़ोसी देश – राजनाथ सिंह

ब्यूरो,

आज पम्पोर घटना में अपना मौन तोड़ते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि पड़ोसी देश भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि आतंकवादी हमले से निपटने में किसी खामी का पता लगाने के लिए एक समिति पम्पोर भेजी जाएगी। आपको बता दें कि हमले में सीआरपीएफ के आठ जवान मारे गए थे।

गृह मंत्री ने शनिवार के आतंकवादी हमले में दो आतंकवादियों का खात्मा करने के लिए जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘मैंने गृह सचिव से कहा है कि पम्पोर में दो सदस्यीय समिति भेजी जाए जो खामी का पता लगाये ताकि भविष्य में हम इसे ठीक कर सकें और इस तरह की घटनाओं में हमारे जवान शहीद नहीं हों।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपने सुरक्षाकर्मियों की बहादुरी की प्रशंसा करना चाहता हूं। मैं उनके साहस की प्रशंसा करता हूं। आतंकवादियों ने छलपूर्वक उन पर हमला किया। लेकिन हमारे सुरक्षाकर्मियों ने इन दो आतंकवादियों का सफलतापूर्वक खात्मा कर दिया।’ वह यहां सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300वें शहीदी दिवस पर एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।

गृह मंत्री ने कहा कि देश को अस्थिर करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ भारतीय युवकों को खड़ा होना चाहिए तभी स्थिति मजबूत होगी। सिंह ने किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, ‘ये आतंकवादी और हमारा पड़ोसी देश भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। मैं भारतीय युवकों से अपील करता हूं कि इस तरह के बलों का सामना करें और हमें अपने सुरक्षाकर्मियों की बहादुरी का स्वागत करना चाहिए।’ गृह मंत्री ने कहा, ‘भारत उन सुरक्षा बलों को नहीं भूल सकता जो शहीद होते हैं। वे अब हमारे साथ नहीं हैं और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।’

हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे घातक हमले में कल सीआरपीएफ के आठ सुरक्षाकर्मी मारे गए और 21 अन्य जख्मी हो गए। कश्मीर के पम्पोर में सीआरपीएफ के एक बस पर हमला कर आतंकवादियों ने जवानों की हत्या कर दी। मंत्री ने कहा कि वर्तमान चुनौती का सामना करने के लिए देश को साहसी लोगों की जरूरत है। लगातार देश में हो आतंकी हमलों से केंद्र की मोदी सरकार दबाव में है क्योंकि लगातार पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नही आ रहा है ।

NSG मामले पर यशवंत सिन्हा ने कहा, ‘अगर मिल जाती सदस्यता तो ‘लूजर’ कहलाते’

अनुज हनुमत,

नई दिल्ली। देश के पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने एनएसजी में भारत को सदस्यता न मिलने पर अपनी राय रखते हुए कहा कि सरकार में बैठे हुए कुछ लोगों द्वारा भारत सरकार को लगातार गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को आज एनएसजी की सदस्यता मिल भी जाती है तो हम ‘लूजर’ होंगे। क्योंकि यह हमारे लिए एक हानि होगी, न कि हमारे देश को इससे कोई लाभ होगा।

एनएसजी मामले में यशवंत सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि मैं इतना कहना चाहूंगा कि भारत को एनएसजी की सदस्यता स्वीकार नहीं करनी चाहिए। ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है कि एनएसजी के लिए आवेदन किया जाए। साथ ही सिन्हा ने केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधते हुए बीजेपी की पाकिस्तान नीति को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जितना हम इस नीति पर चलना छोड़ेंगे, उतना भारत के लिए अच्छा होगा।

यशवंत सिन्हा ने आगाह करते हुए कहा है कि अब वक्त आ गया है कि बासित को हटाया जाना चाहिए। सिन्हा के अनुसार, अब्दुल बासित पहले भी भारत के खिलाफ विवादित बयान देते आए हैं, लेकिन हर बार भारत की तरफ से नरमी बरते जाने के बावजूद वो लगातार ऐसे बयान देने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसलिए अब उन्हें हटा दिया जाना चाहिए।

If today we get the NSG membership, we will be the ‘loser’. It will be a loss for us, no benefit: Yashwant Sinha,BJP pic.twitter.com/g6vSILcYPz

— ANI (@ANI_news) June 26, 2016

सिन्हा ने कहा कि बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारी सरकार की पाकिस्तान नीति पूरी तरह नाकाम रही है। कश्मीर में कल सीआरपीएफ की गाड़ी पर हुए आतंकी हमले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि यह सही है कि कल मारे गए दो आतंकी पाकिस्तानी हैं, तो यह साफ है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह युद्ध जैसी स्थिति है।

गौरतलब है कि पंपोर हमले पर शनिवार को जब उनसे सवाल पूछा गया तो उनहोंने इसपर कोई जवाब देने के बजाए इसे बेहद संवेदनहीन ढंग से टाल दिया। उनके इस बयान की हर तरफ आलोचना हो रही है।

‘अघोषित आय’ पर प्रधानमंत्री हुए सख़्त, कहा- सरकार का करें सहयोग नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई

अमित द्विवेदी,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बार मन की बात कार्यक्रम के ज़रिए कई ज्वलंत और आवश्यक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। और अक्सर अपनी बातों और उदाहरणों के ज़रिए जनमानस को प्रेरित करने का प्रयास करते हैं। इस बार भी उन्होंने ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा की। टैक्स संबंधी मामले पर प्रधानमंत्री ने जनता का सहयोग माँगा साथ ही कड़ा रुख अख़्तियार करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि यदि अघोषित आय का खुलासा नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी क्योंकि ये मसला देश के विकास से जुड़ा हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम मन की बात में कहा कि 30 सितंबर तक अघोषित आय का खुलासा न करने पर संभावित दिक्कतों का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए मौके का लाभ उठाएं और इसे सुअवसर समझकर सही जानकारी देकर देश के विकास में सहयोग करें।

पीएम ने कार्यक्रम में कहा कि एक जमाना था, कर (टैक्स) इतने व्यापक हुआ करते थे कि चोरी करना स्वभाव बन गया था, विदेश की चीजों को लाने में बाधाएं थी। करदाता को सरकार की कर-व्यवस्था से जोड़ना अधिक मुश्किल काम नहीं है, लेकिन फिर भी पुरानी आदतें जाती नहीं हैं।

प्रधानमंत्री ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि एक पीढ़ी को अभी भी लगता है कि सरकार से दूर रहना ज्यादा अच्छा है, मैं आग्रह करता हूं कि नियमों से भाग कर हम सुख-चैन गवां देते हैं। क्यों न हम स्वयं अपनी आय के संबंध में, अपनी संपत्ति के संबंध में, सरकार को अपना सही-सही ब्यौरा दे दें।

उन्होंने आगे कहा कि अघोषित आय का व्योरा देने के लिए भारत सरकार ने एक मौका दिया है। इसलिए आप अपनी अघोषित आय को घोषित कीजिए। 30 सितंबर तक अघोषित आय को घोषित करने के लिए विशेष सुविधा देश के सामने प्रस्तुत की गई है, जुर्माना देकर हम बोझ से मुक्त हो सकते हैं। स्वेच्छा से जो अपने मिल्कियत के संबंध में, अघोषित आय के संबंध में जानकारी देंगे, सरकार किसी भी प्रकार की जांच नहीं करेगी। उन्होंने जनता से अपील किया कि आप सभी के सहयोग से ही देश को सही दिशा दी जा सकेगी। इसलिए सभी सरकार के सहयोग में सामने आएं।