सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
दिवाली के बाद अब छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं और सभी अपने घर जाने को उत्सुक हैं, लेकिन ऐसे लोगों के लिए इस समय यात्रा करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि जाने वाले लोगों की संख्या ज्यादा होती है और आवागमन के साधन कम।
हालांकि उत्तर रेलवे ने छठ पूजा के लिए बिहार-पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने के लिए कई इंतजाम किए हैं, भारतीय रेलवे ने छठ पूजा के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है ताकि यात्रियों को अपने घर जाने में कोई मुश्किल न हो।
अपनी तैयारियों के बारे में उत्तर रेलवे के CPRO दीपक कुमार ने कहा कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने छठ पूजा के मद्देनजर 90 रेलगाड़ियां अलग से चलाने का निर्णय लिया है।
दीपक कुमार ने बताया कि, छठ पूजा के मद्देनजर उत्तर रेलवे ऐसी रेल चलाने पर भी विचार कर रहा है जो पूरी तरह अनारक्षित कोटे से चलेंगी यानी कि महज टिकट लेना है और सीधा रेल में सवार हो जाना है, इसके मद्देनजर 13 तारीख तक प्लेटफार्म टिकट भी बंद कर दिए गए हैं।
CPRO दीपक कुमार ने बताया कि, यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की तरफ से आनंद विहार और नई दिल्ली स्टेशन पर टेंट भी लगाए गए हैं, साथ ही साथ नई दिल्ली स्टेशन पर 8 टिकट काउंटर ऐसे लगाए गए हैं जहां से तत्काल टिकट खरीदा जा सकता है।

















मुसलमान मुक्त भारत बनाना चाहते हैं अमित शाह -ओवैसी
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए विवादित टिप्पणी की है। तेलंगाना विधानसभा चुनाव प्रचार में एक रैली में ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और अमित शाह मुसलमान मुक्त भारत बनाना चाहते हैं।
ओवैसी ने कहा कहा, “अमित शाह ने हैदराबाद में आकर कहा कि वे हैदराबाद को मजलिस से मुक्त करेंगे, कौन सा मुक्त करेंगे आप? कहां से मुक्त करेंगे, आप मजलिस मुक्त नहीं भारत से मुसलमानों को मुक्त करना चाहते हैं, भारत से मुसलमानों को अलग करना चाहते हैं।
पिछले दिनों एक चुनावी सभा में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि आजादी के बाद हैदराबाद को भारत में शामिल कराने के लिए कई लोगों ने कुर्बानी दी थी, उनकी याद में हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया जाता था, मजलिस के डर से तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाना बंद कर दिया है।
इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी गठबंधन के वास्ते पहल करने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की साख पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह हाल तक और 2002 के ‘‘गुजरात दंगों’’ के दौरान भाजपा के एक समर्थक थे। उन्होंने कहा कि नायडू की तेलुगु देशम पार्टी उस समय नरेन्द्र मोदी सरकार का हिस्सा थी, जब छात्र रोहित वेमुला, मोहम्मद अखलाक (लिंचिंग पीड़ित) की मौत हुई थी।
ओवैसी ने ट्वीट किया कि 2002 में गुजरात दंगों के समय एनसीबीएन ने भाजपा का समर्थन किया, जब अखलाक, रोहित, जुनैद, अलीमुद्दीन की हत्या की गई तो उस समय वह पीएमओ इंडिया कैबिनेट के एक हिस्सा थे।