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मधु कोड़ा को लेकर कांग्रेस पार्टी में मतभेद, सामने आया नया मामला
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
कांग्रेस ने कल ऐलान किया था कि मधु कोड़ा और उनकी पत्नी गीता कोड़ा विधिवत पार्टी में शामिल हो गए हैं, वहीं, मधु कोड़ा का भी बयान आया था कि वह कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, उनकी पार्टी जय भारत समानता पार्टी का विलय कांग्रेस में हो गया है, लेकिन इस पर अब झारखंड मेें नई राजनीतिक देखने को मिल रही है।
अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने कहा है कि, मधु कोड़ा पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं, उन्होंने कहा कि मधु कोड़ा की पार्टी जय भारत समानता पार्टी का विलय कांग्रेस में हो गया है, उनकी पत्नी गीता कोड़ा भी कांग्रेस में विधिवत शामिल हो गई हैंं, लेकिन मधु कोड़ा पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।
इस बारे में राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि जब मधु कोड़ा की पूरी पार्टी का ही विलय कांग्रेस में हो गया है तो उनके बाहर रहने का क्या मतलब है, जब पूरी पार्टी कांग्रेस में है तो उनके नेता का कांग्रेस में न होना कैसे संभव है।
बताया जा रहा है कि, जब तक मधु कोड़ा के ऊपर लगे चार्ज खत्म नहीं हो जाते तब तक वह कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे, वहीं, उनकी पत्नी गीता कोड़ा को विधिवत कांग्रेस पार्टी की सदस्यता की शपथ दिलाई गई।
बता दें कि, मधु कोड़ा के कांग्रेस ज्वाइन करने की खबर के बाद ही बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया भी आने लगी थी, बीजेपी के नेता और नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में इतनी लिप्त की उसमें अच्छे लोग जा ही नहीं सकते, उनके लिए असली घर वही था, इसलिए डुबकी लगाने गए हैं।
#Metoo: एम.जे. अकबर की बढ़ी मुश्किलें, एक और पत्रकार ने लगाया आरोप
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
यौन शोषण और महिलाओं से दुर्व्यवहार के खिलाफ #MeToo कैम्पन के तहत कई महिलाओं ने अपने खिलाफ हो रहे अत्याचार को बताया है, इसी विवाद में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर एक और महिला पत्रकार ने एक अंतरराष्ट्रीय अखबार से बातचीत के दौरान कई खुलासे किए हैं।
नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की चीफ बिजनेस एडिटर पल्लवी गोगोई ने वॉशिंगटन पोस्ट से बात के दौरान पत्रकारिता के शुरुआती दिनों की कहानी को बयां करते हुए कहा है, जब मैं 22 साल की थी, तो मैंने दिल्ली में एक इंटरनेशनल अखबार के साथ काम करना शुरू किया था।
उन्होंने कहा कि, उस वक्त एमजे अकबर हमारे लिए एक बड़ा नाम हुआ करते थे, दो प्रमुख राजनीतिक किताबों के लेखक और महज एक दशक में एशिया के दो प्रमुख अखबार संडे मैगजीन और टेलीग्राफ के संपादक, हमारे लिए उनके साथ काम करना बड़ी जिम्मेदारी हुआ करती थी।
40 साल की उम्र में भी अकबर अखबार कौशल से भरपूर थे, अखबार में काम करने के दौरान उन्होंने हमारे द्वारा लिखी गई कॉपी को लाल-स्याही से भरे मोंट ब्लैंक कलम से चिह्नित किया. फिर उन कॉपी के प्रिंटआउट को फाड़कर उन्हें कचरे के ढेर में फेंक दिया. इसके बाद वह हम पर जोर से चिल्लाए. जर्नलिस्ट ने कहा कि अखबार में काम करने के दौरान ऐसा कोई दिन नहीं था जब वह हम पर चिल्लाते नहीं थे. उन्होंने कहा कि शायद वह हमें अपने मानकों पर आंकते थे और हम उस पर खरे नहीं उतर पाते थे.
उन्होंने कहा, मैं आज भी उनकी भाषा, वाक्यांश और उनके मौखिक दुर्व्यवहार को याद करती हूं, ठीक है वो मेरे सीखने का दौर था, शायद यही सोचकर मैं शांत रही, महज 23 साल की उम्र में मुझको एशियन ऐज के ओप-एड पेज का संपादक का कार्यभार मिला।
गोगोई ने कहा कि, इस पेज पर काम करने के लिए मैंने शीर्ष स्तंभकारों, भारतीय राजनीति के दिग्गजों और बौद्धिक समाज, जैसे जसवंत सिंह, अरुण शौरी और नलिनी सिंह से बातचीत की, पर उस वक्त मैं इस बात को नहीं जानती थी कि छोटी सी उम्र में जिस काम से मैं प्यार करती हूं, उसके लिए मुझको इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
आगे बात बताते हुए उन्होंने कहा कि मेरी दोस्त तुषिता को आज भी वो पल भूले नहीं भूलता है जब अकबर ने पहली बार मेरा शोषण किया था, 1994 की बात है, जब उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया और दरवाजे को बंद कर दिया, इसके बाद मैंने अकबर को अखबार का ओप-एड पेज दिखाया, जिसे मैंने बनाया था, तभी अचानक अकबर ने मुझे किस करना शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि, उस वक्त मुझको लाल चेहरे, उलझन केे बीच शर्मिंदा होते हुए लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया, तुषिता को आज भी मेरा चेहरा याद है कि मैं कैसी दिख रही थी, तुषिता एकमात्र ऐसी शख्स है, जिसके साथ मैंने यह सब कुछ शेयर किया था।
मुंबई में हुई इस घटना के बाद जब मैं वापस दिल्ली आई तो पता चला मुझे नौकरी से निकालने की धमकी दी, लेकिन मैं अखबार को छोड़ नहीं सकती थी, अगले दिन मैं वापस 8 बजे अखबार के कार्यालय पहुंची और 11 बजे तक अपना सारा काम खत्म किया।
उन्होंने कहा कि वह इतने सालों के बाद एमजे अकबर के बारे में इसलिए लिख रही थी, क्योंकि वह जानती कि वह पीड़ा कैसी होती है, जब उच्च पद पर बैठे लोग आपका शोषण करते हैं, उन्होंने कहा कि वह अब अपनी कहानी #Metoo के जरिए बाकी महिलाओं के समर्थन में लिख रही हैं।
SC की टिप्पणी से अपमानित हुआ हिंदू -RSS
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कल रात हुए कत्ल की घटना पर सबके साथ किया जबाब तलब
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 31 अक्टूबर/ 01 नवम्बर की रात को PCB छात्रावास में घटी सुमित शुक्ला के कत्ल की घटना को काफी गंभीरता से संज्ञान में लिया है।
कुलपति के आदेश पर आज दोपहर 2:00 बजे रजिस्ट्रार ने एक साथ विश्वविद्यालय के पांच बड़े प्रशासनिक अधिकारियों से जबाब तलब करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है।
रजिस्ट्रार ने pcb हॉस्टल के सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, इसके अलावा pcb छात्रवास के वार्डन के साथ साथ विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर, चीफ सिक्योरिटी ऑफीसर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है।
छात्रावास के सुपरिटेंडेंट से 48 घंटों के अंदर जवाब मांगा गया है, अगर उन्होंने जवाब नहीं दिया तो विश्वविद्यालय प्रशासन यह मान कर चलेगा कि उनके पास कहने को कुछ नहीं है, ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय नियमों के हिसाब से कार्रवाई करेगा।
उधर विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर को जारी पत्र में उनसे इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तो मांगी ही गई है, साथ में उन्हें कहा गया है कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर गंभीरतापूर्वक काम करें और भविष्य में ऐसे किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए सुरक्षा के कड़े कदम उठाएं।

















