29 C
Mumbai
Thursday, September 3, 2026
Home Blog Page 480

सीएम योगी आदित्यनाथ की क्षमता पर सपा नेता ने उठाया सवाल

योगी आदित्यनाथ की क्षमता पर सपा नेता ने उठाया सवाल
योगी आदित्यनाथ की क्षमता पर सपा नेता ने उठाया सवाल

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

यूपी की सबसे हाई प्रोफाइल गोरखपुर लोकसभा सीट पर पांच बार सासंद रहे सीएम योगी आदित्यनाथ की सीट पर कब्जा करने वाले सपा सांसद प्रवीण कुमार निषाद ने सीएम योगी पर तंज कसा है।

प्रवीण कुमार निषाद ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा है कि जो खुद असफल रहा है, वह किसी और को सफलता का पाठ कैसे पढ़ा सकता है। उन्होंने कहा, “आज देश में बीजेपी के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के भाषण का 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।”

निषाद ने कहा कि झूठे वादे की सरकार अब देश से गई, अब जो देश के असली मुद्दों पर काम करेगा, उसी की सरकार देश से लेकर प्रदेश में रहेगी। सपा सांसद ने कहा कि धर्म के नाम पर वोट मांगने वाली बीजेपी को जनता भली भांति समझ चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब देश का नौजवान, किसान विकास चाहता है, वहीं महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं। देश में सबका अहित हो रहा था, यही वजह है कि देश की जनता वोट से अपना बदला लेती है, जिसका जीता-जागता उदाहरण पांच विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली करारी शिकस्त है।

प्रवीण कुमार निषाद की पहचान अभी राजनीतिक तौर पर उनके पिता निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के पुत्र के रूप रही हैं, प्रवीण कुमार निषाद उर्फ संतोष ने वर्ष 2009 में एनआईईटी ग्रेटर नोएडा से बीटेक (मैकेनिकल ब्रांच) की है। यही नहीं, वह इंडो एलोसिस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भिवाड़ी, राजस्थान में बतौर प्रोडक्शन मैनेजर तकरीबन तीन वर्षों तक काम कर चुके हैं।

राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर हैं पूरी तरह प्रतिबद्ध -अनिल अम्बानी

अनिल अम्बानी
अनिल अम्बानी


एनपी न्यूज़ नेटवर्क । Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से राफेल विमान सौदे के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को रद्द करने और एसआईटी जांच के लिए मना किए जाने के बाद रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी का बयान आया है।

अनिल अंबानी ने कहा है कि, मैं माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत करता हूं, सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर दाखिल की गई सभी जनहित याचिकाओं को खरिज कर दिया है, उन्होंने कहा रिलायंस ग्रुप और मेरे खिलाफ जितने भी आरोप लगाए गए थे, सभी आरोप आधारहीन और राजनीति से प्रेरित थे।

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन ने अपने बयान में कहा कि, हम राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और सरकार की योजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ के लिए हमारा पूरा योगदान रहेगा।

उच्चतम न्यायाल में सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने आज इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि, इस सौदे की प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट को कोई भी गड़बड़ी नहीं मिली है, इसलिए इसकी एसआईटी जांच नहीं होगी।

सीजेआई ने कहा कि, राफेल विमान सौदे में कीमतों की जांच सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है, हम कुछ लोगों की धारणा के आधार पर फैसला नहीं दे सकते हैं।

गौरतलब है कि राफेल मामले में दो वकील एमएल शर्मा और विनीत ढांडा के अलावा एक गैर सरकारी संस्था ने जनहित याचिकाएं दाखिल कर सौदे पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी, इससे पहले सुनवाई के दौरान सीजेआई द्वारा तलब करने पर वायुसेना के अधिकारी भी कोर्ट पहुंचे थे।

राफेल डील : आज सुप्रीम कोर्ट में सत्‍य की जीत हुई है – अमित शाह

अमित शाह
अमित शाह

एनपी न्यूज़ नेटवर्क । Navpravah.com

भारत और फ्रांस के बीच हुई राफेल डील की जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला दिया है, याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई की पीठ ने इस सौदे के प्रक्रिया में कोई भी गड़बड़ी ना होने की बात कही है।

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की एसआईटी जांच से भी इनकार कर दिया है, इस पर बीजेपी के अध्‍यक्ष अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस की है, उन्‍होंने कहा कि सभी चोर चौकीदार से डर गए हैं, सभी चोर मिलकर चौकीदार को चोर कह रहे हैं।

अमित शाह ने कहा है कि, आज सुप्रीम कोर्ट में सत्‍य की जीत हुई है, उन्‍होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है।

उन्‍होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया कि 2007 से 2014 तक राफेल डील क्‍यों नहीं हो पाई, आपका सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन क्‍या है, इसे सार्वजनिक करें, उन्‍होंने कहा कि, आपको मामले पर देश की जनता और सेना से माफी मांगनी चाहिए।

शाह ने कहा कि, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने और अपनी पार्टी के तत्काल फायदे के लिए झूठ का सहारा लेकर चलने की एक नई राजनीति की शुरुआत की और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने आज सिद्ध कर दिया है कि झूठ के पैर नहीं होते और अंत में जीत सत्य की ही होती है।

बीजेपी अध्‍यक्ष ने कहा राफेल सौदे के संबध में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं, आज सत्य की जीत हुई है, देश की आजादी के बाद से एक कोरे झूठ के आधार पर देश की जनता को गुमराह करने का इससे बड़ा प्रयास कभी नहीं हुआ और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह प्रयास देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष के द्वारा किया गया।

उन्‍होंने कहा कि राफेल खरीद के संबंध में देश की जनता को गुमराह करने और सेना के बीच में संदेश पैदा करने के लिए राहुल गांधी को देश की जनता से मांफी मांगनी चाहिए, कांग्रेस चर्चा के लिए सभी सुबूत लेकर सदन में आए, लेकिन कांग्रेस सदन में चर्चा से भाग रही है, राहुल गांधी ने सेना के मनोबल को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है।

बता दें कि, भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल विमान सौदे पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम फैसला सुनाया है, सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राफेल सौदे के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

राफेल डील: CJI ने कहा, “राफेल सौदे में नहीं हुई कोई गड़बड़ी”

राफेल सौदे में नहीं हुई कोई गड़बड़ी
राफेल सौदे में नहीं हुई कोई गड़बड़ी

एनपी न्यूज़ नेटवर्क । Navpravah.com

भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल विमान सौदे पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम फैसला सुनाया है। सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राफेल सौदे के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

सीजेआई ने कहा कि राफेल विमान सौदे में कीमतों की जांच सुप्रीम कोर्ट का काम नहीं है, हम कुछ लोगों की धारणा के आधार पर फैसला नहीं दे सकते हैं। राफेल सौदे में कोई धांधली या अनियमितता नहीं है, राफेल विमान की गुणवत्‍ता पर कोई शक नहीं है।

बता दें कि राफेल मामले में दो वकील एमएल शर्मा और विनीत ढांडा के अलावा एक गैर सरकारी संस्था ने जनहित याचिकाएं दाखिल कर सौदे पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी।

इससे पहले सुनवाई के दौरान सीजेआई द्वारा तलब करने पर वायुसेना के अधिकारी भी कोर्ट पहुंचे थे, एयर वाइस मार्शल चलपति कोर्ट नंबर एक में मौजूद थे और सीजेआई रंजन गोगोई के सवालों का जवाब देते हुए बताया था कि आखिर राफेल की जरूरत क्यों है? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि फ्रांस की सरकार ने 36 विमानों की कोई गारंटी नहीं दी है, लेकिन प्रधानमंत्री ने लेटर ऑफ कम्फर्ट जरूर दिया है।

वहीं एनडीए सरकार पर राफेल सौदे को लेकर विपक्षियों ने आरोप लगाया है कि हर विमान को करीब 1,670 करोड़ रुपये में खरीद रही है, जबकि यूपीए सरकार जब 126 राफेल विमानों की खरीद के लिए बातचीत कर रही थी, तो उसने इसे 526 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया था।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गत 31 अक्टूबर को सरकार को सील बंद लिफाफे में राफेल की कीमत और उससे मिले फायदे का ब्योरा देने का निर्देश दिया था, साथ ही कहा था कि सौदे की निर्णय प्रक्रिया व इंडियन आफसेट पार्टनर चुनने की जितनी प्रक्रिया सार्वजनिक की जा सकती हो उसका ब्योरा याचिकाकर्ताओं को दें।

सरकार ने सौदे की निर्णय प्रक्रिया का जो ब्योरा पक्षकारों को दिया है, उसमें कहा गया था कि राफेल में रक्षा खरीद सौदे की तय प्रक्रिया का पालन किया गया है। 36 राफेल विमानों को खरीदने का सौदा करने से पहले डिफेंस एक्यूजिशन काउंसिल (डीएसी) की मंजूरी ली गई थी।

सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही जहां विपक्ष के कुछ सदस्य अपनी अपनी मांगों को लेकर आसन के पास आकर नारेबाजी कर रहे थे, वहीं भाजपा के सदस्य भी शीर्ष अदालत के फैसले की पृष्ठभूमि में आक्रामक दिखे। भाजपा सदस्य ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगा रहे थे। संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी सदन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही कांग्रेस राफेल सौदे में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से इसकी जांच कराने की मांग कर रही है। इसके कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है।

Google पर 2016 से सबसे ज्यादा नौकरी खोज रहे हैं लोग, सामने आई सच्चाई

Google
google

सौम्या केसरवानी| Navpravah.com

पिछले चार से पांच में लोग गूगल पर सबसे ज्यादा ‘नीयर मी’ (near me) को सर्च करे हैं, यह सर्च ‘मोबाइल स्टोर नियर मी’, ‘सुपरमार्केट्स नियर मी’ और ‘गैस स्टेशन नियर मी’ के रूप में लोग करते है।

इन सबके बीच खास बात यह थी कि यूजर्स का गूगल सर्च में नियर मी पर जोर रहता था, चार से पांच साल के दौरान गूगल की तरफ से इन्हीं फ्रेज को टॉप सर्च कैटगरी में रखा गया।

जनवरी 2004 से दिसंबर 2018 के आंकड़े जारी किए
लेकिन बात करें हाल-फिलहाल की तो देश में ‘जॉब्स नियर मी’ (jobs near me) फ्रेंज सर्च करने वालों की संख्या में पिछले साढ़े चार साल में तेजी आई है।

पिछले दो सालों में ‘जॉब्स नियर मी’ के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बड़ा है. यह फ्रेज 2018 की देश की टॉप 10 सर्चिंग लिस्ट में ‘नियर मी’ से नीचे है, गूगल की तरफ से जारी ‘ईयर इन सर्च’ रिजल्ट में इस बारे में जानकारी दी गई।

गूगल की रिपोर्ट के अनुसार, 2004 से मई 2014 तक ‘जॉब्स नियर मी’ को नॉर्मल तरीके से सर्च किया गया, मई 2014 में ‘जॉब्स नियर मी’ के सर्च आंकड़े 1 दर्शाये गए, जून 2014 में यह आंकड़ा बढ़कर 2 हो गया है।

अप्रैल 2017 में यह आंड़ा बढ़कर 17 हो गया, चार महीने बाद अगस्त में यह आंकड़ा बढ़कर 50 हो गया, अप्रैल 2018 में यह आंकड़ा बढ़कर 88 पर पहुंच गया, जुलाई 2018 में यह ‘जॉब्स नियर मी’ का आंकड़ा तेजी से बढ़ा और 100 के स्तर पर पहुंच गया है।

आसाराम , नित्यानंद को प्रयागराज में होने वाले कुंभ में शिविर  के लिए मिली जमीन, अखाड़ा परिषद नाराज

आसाराम
आसाराम

सौम्या केसरवानी| Navpravah.com

प्रयागराज में लगने वाले कुंभ में दुष्कर्म के मामले में जेल गये आसाराम बापू व स्कैंडल में योग गुरु नित्यानंद को मेला प्रशासन ने शिविर लगाने के लिए भूमि आवंटित कर दी है।

इसकी जानकारी होने पर अखाड़ा परिषद ने विरोध किया है, इसके बाद मेला प्रशासन ने आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तरफ से देश भर के 19 बाबाओं को फर्जी घोषित करते हुए अखाड़ों और खालसों में प्रवेश पर रोक लगाई जा चुकी है, इनमें आसाराम बापू का भी नाम शामिल है।

यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे आसाराम बापू को मेला प्रशासन ने शिविर लगाने के लिए मेला प्रशासन ने भूमि दी है, सेक्टर-छह में कैलाशपुरी रोड की उत्तरी पटरी से दक्षिणी-पश्चिमी पटरी के बीच आसाराम बापू को योग वेदांत सेवा समिति के नाम से भूमि आवंटित की गई है।

बंगलूरू के विवादित बाबा नित्यानंद को सेक्टर-15 में ध्यान पीठम के नाम से भूमि आवंटित की गई है, गोलीकांड में मारे जा चुके सुल्तानपुर के संत ज्ञानेश्वर की भी संस्था को भूमि दी गई है।

मेला प्रशासन का कहना है कि अखाड़ा परिषद की ओर से जिन संतों को फर्जी घोषित किया गया है, उनमें से किसी को भी भूमि आवंटित नहीं की गई है, उप मेलाधिकारी राजीव राय के मुताबिक किसी भी प्रतिबंधित बाबा को भूमि आवंटित नहीं की जाएगी।

कई खूबियों के साथ लांच हुआ VIVO का ये स्मार्टफोन

VIVO का ये स्मार्टफोन
VIVO का ये स्मार्टफोन

सौम्या केसरवानी| Navpravah.com

विवो ने NEX सीरीज़ में नया स्मार्टफोन Nex Dual Display Edition चीन में लॉन्च कर दिया है, इस फोन की सबसे खास बात इसमें मौजूद डुअल डिस्प्ले और 10GB रैम और ट्रिपल रियर कैमरा है।

फोन के फ्रंट में 6.39 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजोल्यूशन 2340×1080 पिक्सल है, फोन के बैक में भी 5.49 इंच का AMOLED स्क्रीन है, जिसका रिजोल्यूशन 1980×1020 पिक्सल है।

फोन Android 9.0 Pie ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित FunTouch OS 4.5 पर काम करता है, कंपनी ने फोन को Ice Field Blue और Star purple कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है।

फोन के रियर में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें एक कैमरा 3D इमेज कैप्चर कर सकता है, इसके फ्रंट में कोई कैमरा नहीं दिया गया है, तो अगर आप सेल्फी क्लिक करना चाहते हैं तो फोन के बैक पैनल को डिस्प्ले के रूप में इस्तेमाल करके सेल्फी क्लिक कर सकते हैं।

कंपनी के ऑफिशियल Weibo अकाउंट के मुताबिक इस फोन के 10GB+128GB वेरिएंट को 4,998 युआन (भारतीय कीमत लगभग 52,000 रुपये) में पेश किया गया है।

मेहुल चोकसी पर CBI को बड़ी कामयाबी

मेहुल चौकसी
मेहुल चौकसी

सौम्या केसरवानी| Navpravah.com

विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश ब्रिटेन कोर्ट की तरफ से दिया गया है, इसके बाद अब भारत सरकार को मेहुल चौकसी के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है।

इंटरपोल ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की याचिका पर मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. इस नोटिस के जारी होने के बाद भारतीय एजेंसियों के लिए मेहुल चौकसी तक पहुंचना आसान होगा।

बता दें कि, हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक के 12,400 करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है, दूसरी तरफ भारतीय एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि चोकसी एंटिगुआ में रह रहा है।

इससे पहले मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी के वकील ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक विशेष अदालत में कहा था कि चोकसी यात्रा करने के लिए शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है।

मेहुल चोकसी के वकील संजय अबॉट ने अदालत में कहा था कि, चोकसी की अस्वस्थता को ध्यान में रखते हुए उसके बयान को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रिकॉर्ड किया जाए या फिर ईडी के अधिकारी एंटिगुआ जाकर उनके बयान दर्ज कर सकते हैं।

इस पर मुंबई में ईडी की एक अदालत मेहुल चोकसी के वकील ने कहा कि, अगर यह दोनों विकल्प नहीं अपनाए जा सकते तो, उनके स्वास्थ्य में सुधार का तीन महीने तक इंतजार कीजिए, अगर चोकसी की हालत में सुधार होता है, तो वह भारत आकर अपने बयान दर्ज करा देंगे।

अगर आप भी ऑनलाइन मंगाते हैं खाना, तो हो जाइये सावधान

जोमैटो
जोमैटो

सौम्या केसरवानी| Navpravah.com

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी स्कूटी पर बैठकर खाना खाता नजर आ रहा है, पर इसमें बात कुछ और ही है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर इन दिनों जो वीडियो वायरल हो रहा है वह एक फूड डिलीवरी कंपनी (जोमैटो) का डिलीवरी ब्वॉय है, जो रास्ते में गाड़ी खड़ी कर उस पर बैठ जाता है और फिर अपने बैग से एक-एक कर सभी पैकेट निकालता है और खा-खा कर पैक कर वापस रख देता है‌।

जब वह खाना खा रहा था तो, यह वीडियो अपनी छत से एक व्यक्ति ने शूट कर लिया था और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद लगातार लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं।

वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने डिलीवरी ब्वॉय की इन हरकतों को असमान्य करार दिया है, दीपिंदर ने ट्वीट कर बताया कि डिलीवरी ब्वॉय की ऐसी हरकत देखकर उसे कंपनी से निकाल दिया गया है।

गोयल ने ट्वीट कर लिखा है कि, हम खाने के साथ इस तरह की झेड़झाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते हैं और इसीलिए हमने उस व्यक्ति को कंपनी से हटा दिया है, कंपनी अब अलग तरीके से खाना पैकिंग करेगी ताकि खाने से किसी तरह की छेड़छाड़ न की जा सके।

इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे जोमैटो की टी-शर्ट में एक डिलीवरी ब्वॉय रोड के किनारे गाड़ी खड़ी करता है और बैग में रखे पैकेट निकालकर उससे खाना खाने लगता है. इसके बाद वह उस पैकेट में रख देता है, इसके बाद वह दूसरा पैकेट निकालता है और उससे भी खाना खाने लगता है और एक-एक कर वह कई पैकेट्स से खाना खाते दिखाई देता है।

नेता प्रतिपक्ष तो पार्टी तय करेगी, लेकिन मैं नेता रहूंगा – शिवराज सिंह

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

सौम्या केसरवानी| Navpravah.com

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया है, मीडिया से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मुझे 13 साल राज्य की सेवा करने का मौका मिला, मैंने मुख्यमंत्री बनकर नहीं परिवार का सदस्य बनकर सरकार चलाने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि, जिस वक्त हमने सत्ता संभाली थी प्रदेश बदहाली की स्थिति में था, सड़क, बिजली पानी जैसे मुददे अहम थे, मुझे गर्व है ये कहते हुए कि आज आप चाहे बिजली, पानी, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, सिंचाई सभी में भरसक कोशिश की कि प्रदेश को विकास की गति में लाया जाए।

शिवराज सिंह ने कहा, किसी का दिल दुखे, ऐसा काम मैं कभी नहीं करता हूं, अगर मेरे कार्यकाल के दौरान साढे 7 करोड़ मध्य प्रदेश वासियों का यदि दिल दुखा हो तो मैं क्षमाप्रार्थी हूं, हम हमारे केंद्रीय नेतृत्व के आभारी हैं।

शिवराज सिंह ने कहा कि, केंद्र की इतनी बेहतरीन योजनाओं, राज्य सरकार की बेहतरीन योजनाओं के बावजूद भी यदि राज्य में हम हारे हैं तो इसके लिए जिम्मेदार मैं हूं, उन्होंने कहा कि, कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में जो वचन दिए है मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने वायदे को पूरा करेगी।

प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा, मैं मध्य प्रदेश के सभी मीडिया बंधुओं का आभारी हूं, हमें अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं मिले, हमारे विपक्षी दल कांग्रेस को भी जनता ने स्पष्ट जनादेश नहीं दिया है, वोट प्रतिशत में हम कांग्रेस से आगे है, लेकिन लोकतंत्र में संख्या का महत्व है, थोड़ी सी सीट कांग्रेस की ज्यादा आई है, एमपी की जनता के इस आदेश का हम सम्मान करते हैं।

इससे पहले अपने किए गए अपने ट्वीट में शिवराज सिंह ने कहा कि, पीएम मोदी जी, बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह जी सहित सभी केंद्रीय मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ साथियों को अभूतपूर्व सहयोग करने के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।