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Friday, July 31, 2026
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किसान आंदोलन: बॉर्डर खुलने से मिली राहत लेकिन अभी भी फँसा हुआ है पेंच

नृपेन्द्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | किसानों के आंदोलन को बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के सिंघू और टिकरी बॉर्डर को सील कर दिया था। ‘दिल्ली मार्च’ के ऐलान को देखते हुए दोनों ही बॉर्डर पर आवाजाही बंद कर दी गई थी। पुलिस ने शनिवार को दोनों बॉर्डर खोल दिए।

किसानों ने ‘दिल्ली चलो’ कूच को 29 फरवरी तक टालने का फैसला किया है, जिसके चलते पुलिस ने ये फैसला किया। फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों के साथ खनौरी और शंभू सीमा पर डेरा डाले हुए हैं।

किसान नेताओं ने शुक्रवार को ये ऐलान किया कि वे अपने अगले कदम का फैसला 29 फरवरी को लेंगे। उन्होंने ऐलान किया की इससे पहले वे ‘कैंडल मार्च’ निकलेंगे और फिर केंद्र सरकार का पुतला भी फूकेंगे।

नवप्रवाह ने किसान आंदोलन में सक्रिय एक किसान से बात की, जिससे पता चलता है कि किसानों और सरकार के बीच कौन सा पेंच फँस रहा है। 

1. सरकार ने दो साल पहले लिखित आश्वासन दिया था कि वे किसानों की मांगों को पूरा करेंगे लेकिन आज भी सरकार उस को पूर्ण नहीं कर रही है। किसानों को आंदोलन करने का अधिकार और वे आंदोलन कर रहे हैं।

2. अगर स्वामीनाथन को भारत रत्न दे सकते हैं, तो उनके रिपोर्ट को लागू क्यों नहीं किया जा सकता। सरकार उसे वेबसाइट से भी डिलीट कर चुकी है। किसानों की मांग है कि स्वामीनाथन की रिपोर्ट को लागू किया जाए, जिससे देश उन्नति करे।

3. विश्व व्यापार संगठन (W.T.O.) के कुछ कानून किसानों को बहुत कम सब्सिडी देने की बात करते हैं, जो किसानों के विरोध में हैं। इसी वजह से भारत के किसान इसके विरोध में है और ये भारत के लिए भी नुकसान दायक हो सकता है।

4. देश में सबसे ज्यादा हरियाणा और पंजाब के किसानों को एमएसपी मिलती है और वे देश के अन्य किसानों के अपेक्षाकृत ज्यादा संपन्न है, उन्हे डर है कि एमएसपी हटेगी तो उनको नुकसान होगा।

5. किसानों की मांग न्याय को लेकर भी है, वे केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र द्वारा किसानों के कुचलकर हत्या करने का आरोप लगाते हैं और उसे सजा देने की मांग कर रहे हैं। वे अजय मिश्र का भी इस्तीफा मांग रहे हैं। उनके हिसाब से वे न्याय की मांग कर रहे है, जो आवश्यक भी है।

इन सभी मांगों और आंदोलन के बीच सबसे जरूरी बात ये है कि ये आंदोलन चलेगा कब तक, क्योंकि लोकसभा चुनाव भी बेहद नजदीक है और जनता को इससे रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।

एक जुलाई से लागू हो जाएँगे तीनों नए क्रिमिनल लॉ, नाबालिग से दुष्कर्म की सज़ा फाँसी

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | एक जुलाई 2024 से तीनों नए क्रिमिनल कानून लागू हो जाएंगे। भारत सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर ये सूचना दी गई है। तीनों नए कानून सीआरपीसी और आईपीसी की जगह लेंगे। इनका नाम भारतीय दण्ड संहिता होगा।

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन तीनों कानूनों को शीतकालीन सत्र में ही मंजूरी दे दी थी। इसके साथ ही यह तीनों नए व‍िधेयक कानून बन गए थे। इसमें भारतीय न्‍याय संह‍िता, भारतीय नागर‍िक संह‍िता और भारतीय साक्ष्‍य अध‍िन‍ियम शाम‍िल हैं। अध‍िसूचना जारी होने के बाद अब यह तीनों नए आपराध‍िक कानून पुराने कानूनों की जगह ले लेंगे।

राष्ट्रपति ने शीतकानील सत्र में ही दे दी थी मंजूरी-

राष्‍ट्रपत‍ि द्रौपदी मुर्मू की ओर से तीनों नए आपराध‍िक न्‍याय व‍िधेयकों को द‍िसंबर में मंजूरी दे दी थी। इसके साथ ही यह तीनों नए व‍िधेयक कानून बन गए थे। इसमें भारतीय न्‍याय संह‍िता, भारतीय नागर‍िक संह‍िता और भारतीय साक्ष्‍य अध‍िन‍ियम शाम‍िल हैं। अध‍िसूचना जारी होने के बाद अब यह तीनों नए आपराध‍िक कानून पुराने कानूनों की जगह ले लेंगे।

अंग्रेजों के जमाने के कानूनों से म‍िलेगा छुटकारा-

इन तीनों कानूनों का मुख्‍य उद्देश्‍य देश में आपराध‍िक न्‍याय प्रणाली को बदलना है, जोक‍ि अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कानूनों पर चल रही थी, इससे छुटकारा मि‍ल सकेगा। इन कानूनों में राजद्रोह के अपराध को भी समाप्‍त क‍िया गया है। सरकार ने नए कानून में राजद्रोह की धारा, 124 (क) को पूरी तरह से समाप्‍त कर इसको देशद्रोह में बदलने का काम क‍िया है। इसमें राज्‍य के ख‍िलाफ अपराध करने की एक नई धारा को शाम‍िल क‍िया गया है। इस नए कानून में राजद्रोह में सशस्‍त्र व‍िद्रोह, व‍िध्‍वंसक गत‍िव‍िधि, संप्रभुता या एकता का खतरे में डालने वाले अपराध, अलगाववादी गत‍िव‍िध‍ि जैसे अपराधों को शाम‍िल‍ क‍िया गया है।

धाराओं की संख्या में भी हुआ है बदलाव-

आईपीसी में 511 धाराएं थीं, जबकि भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होगी। सीआरपीसी में 484 धाराएं थीं, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं होंगी। इनमें 177 धाराओं को बदल दिया गया है, जबकि 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं।

दुष्कर्म के अपराधी को होगी फांसी-

नए कानून के मुताबिक, नाबालिग से दुष्कर्म करने पर फांसी होगी। गृह मंत्री अमित शाह ने मॉब लिंचिंग को एक घृणित अपराध बताया था। नए कानून के मुताबिक मॉब लांचिंग के अपराधी को आजीवन कारावास की सजा दी जायेगी। इसके अलावा पॉकेटमारी जैसे छोटे अपराधों पर भी नकेल कसने का प्रावधान नए कानूनों में किया गया है। इस तरह के अपराधों के साथ-साथ संगठित अपराध से निपटने के लिए प्रावधान भी नए कानून में किए हैं।

बता दें, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता 2023 आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 (सीआरपीसी) की जगह लेगा।  सीआरपीसी गिरफ्तारी, अभियोजन और जमानत के लिए है। भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 (बीएसबी 2) भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 का स्थान लेगा।

UP: फिर से होगी सिपाही भर्ती परीक्षा, सीएम योगी ने कहा, “अराजक तत्वों की खैर नहीं”

ब्यूरो | navpravah.com

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं की मांगों को मानते हुए उनके हित में फैसला लिया और बीते 17 व 18 फरवरी को आयोजित पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को निरस्त करते हुए अगले 06 माह के भीतर पूरी शुचिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

ये फैसला उक्त परीक्षा के संबंध में जारी कार्यवाही की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने एक्स पर कहा कि युवाओं की मेहनत से खिलवाड़ और परीक्षा की शुचिता से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी तय है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग ने परीक्षा निरस्त करने का आदेश भी जारी कर दिया है।

उक्त संबंध में गृह विभाग ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि शासन ने छः माह के अन्दर पूर्ण शुचिता के साथ पुनः परीक्षा आयोजित करने तथा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवा से अभ्यर्थियों को निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

नवप्रवाह ने भी अपने विश्लेषण वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फिर से परीक्षा कराने का निवेदन किया था। 

काशी के युवाओं को ‘नशेड़ी’ कहने पर भड़के PM मोदी, बोले, “UP के युवा ये अपमान कभी नहीं भूलेंगे

ब्यूरो | navpravah.com

लखनऊ | पीएम मोदी इस समय अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवराज के होश ठिकाने नहीं है, वो मेरे काशी के बच्चों को नशेड़ी कह रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि INDI गठबंधन के द्वारा किए गए इस अपमान को यूपी का नौजवान कभी नहीं भूलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनकी बौखलाहट का एक और भी कारण है, इनको काशी और अयोध्या का नया स्वरुप बिलकुल पसंद नहीं आ रहा है। तभी तो ये चुनाव दर चुनाव साथ आते है और जब परिणाम निल बट्टे सन्नाटा आता है, तो एक दूसरे को गाली देते हुए अलग हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जब से काशी विश्वनाथ का मंदिर बना तब से रोजगार बढ़ा है। तब से रिक्शे वाले, फूल वाले, नाव वाले सबका रोजगार बढ़ा है। परिवारवाद ने यूपी को पीछे रखा, युवाओं का भविष्य बिगाड़ा है।

कांग्रेस के शाही परिवार युवराज का कहना है कि काशी के नौजवान नशेड़ी हैं। इनके अपने होश ठिकाने पर नही हैं, मेरे काशी के युवा को नशेड़ी बोल रहे हैं। इनकी यही असलियत है, ये परिवारवादी हैं। युवाओं के टैलेंट से डरते हैं। इनके गुस्से का कारण है काशी और अयोध्या का नया स्वरूप, जो इनको पसंद नहीं आ रहा है।

Noakhali: बैकफ़ुट पर ममता बनर्जी, पीड़ित महिलाओं से मिल सकते हैं पीएम मोदी

ब्यूरो | navpravah.com 

नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में हुए महिलाओं के कथित उत्पीड़न का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी समेत सभी विपक्षी दल लगातार ममता सरकार पर हल्ला बोल रहे हैं। इसी बीच ये खबर भी आ रही है कि प्रधानमंत्री मोदी 6 मार्च को बंगाल दौरे के दौरान संदेशखाली जाकर पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कर सकते हैं। संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

संदेशखाली मामले के सामने आने के बाद से ही बीजेपी समेत तमाम दलों ने इसका विरोध किया और वो लगातार घटनास्थल का दौरा करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, बंगाल प्रशासन ने शुरुआत में नेताओं को संदेशखाली नहीं जाने दिया। जिसके बाद हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत बीजेपी के कुछ विधायक संदेशखाली पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की।

राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पिछले दिनों ‘इंडिया टुडे’ से कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान संदेशखाली की उन महिलाओं से मुलाकात कर सकते हैं, जिन्होंने टीएमसी नेताओं के खिलाफ यौन हिंसा के आरोप लगाए थे। पीएम मोदी के दौरे की तैयारी की जा रही है।

वहीं पश्चिम बंगाल के बीजेपी यूनिट के मजूमदार ने कहा, “हमें आज पता चला कि प्रधानमंत्री छ: मार्च को राज्य का दौरा करेंगे और बारासात में महिलाओं की एक रैली को संबोधित करेंगे।” यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री संदेशखाली की महिलाओं से मिलेंगे, जो उत्तर 24 परगना जिले में ही स्थित है, मजूमदार से कहा, “अगर संदेशखाली की बहनें और माताएं प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हैं, तो हम निश्चित रूप से इसकी व्यवस्था करेंगें।”

2024 के चुनाव पर भी नज़र-

प्रधान मंत्री मोदी के इस दौरे को राजनीतिक लहजे से भी देखा जा रहा है। कुछ राजनीतिक जानकार कहते है कि ये बंगाल में बीजेपी को स्थापित करने का सही मौका है जिसे पीएम मोदी खोना नहीं चाहते। संदेशखाली के दौरे से वे देश में एक संदेश देना चाहते हैं। वे वहां से ममता समेत पूरे INDIA गठबंधन को घेरने का प्रयास करेंगे। इस मुद्दे से प्रधान मंत्री मोदी बंगाल में बीजेपी की राजनीति को और तेज कर सकते हैं।

Breaking News: उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस गठबंधन तय, हुआ सीटों का बँटवारा

ब्यूरो | navpravah.com

लखनऊ | कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का गठबंधन तय हो गया है।  सपा 62 और कांग्रेस 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। एक सीट चंद्रशेखर आजाद को मिली है। शाम को अखिलेश यादव कर सकते हैं औपचारिक ऐलान।

बताते चले कि कुछ दिन पहले ही अखिलेश यादव ने कहा था कि यदि कांग्रेस ये समझौता नहीं मानती है, तो वो भारत न्याय यात्रा में भी शामिल नहीं होंगे। राहुल गांधी ने अकेले वाराणसी और प्रयागराज में भारत न्याय यात्रा की।

अब इसके बाद आज शाम तक दोनों पार्टियां इस गठबंधन का ऐलान कर सकती हैं।

किसानों और पुलिस में टकराव, एक पुलिस अधिकारी की मौत

नृपेन्द्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर खरीद को लेकर ऑफर को ठुकराने के बाद किसानों ने एक बार फिर ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान शुरू किया। पुलिस की किलेबंदी को तोड़ने के लिए इस बार किसान बुलडोजर और जेसीबी जैसी भारी मशीनों के साथ तैयार हैं। इसी दौरान कुछ युवा प्रदर्शनकारी किसानों ने शंभू बॉर्डर से आगे की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसके कारण पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

किसान संघों ने ये घोषणा किया है कि वे इन मशीनों का उपयोग नहीं करेंगे और केवल आंदोलन के नेता ही आगे बढ़ेंगे। किसानों के इस फैसले पर हरियाणा पुलिस ने ट्वीट कर इसका स्वागत करते हुए कहा कि किसानों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए भारी मशीनरी जैसे जेसीबी, पोकलेन आदि का प्रयोग न करने की घोषणा का स्वागत करती है।

इस बीच सूत्रों ने खबर दी है कि सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच आज ही पांचवें दौर की बैठक हो सकती है। इसमें सरकार की तरफ से फसलों की एमएसपी पर नया ऑफर दिया जा सकता है।

किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। शहर के टिकरी, सिंघू और गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा कंपनियों ने किसी भी संभावित स्थिति के लिए अपनी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को मॉक ड्रिल किया।

इसी बीच किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक जारी हैं
पंजाब के किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर से दिल्ली जाने की प्रयास कर रहे हैं। दोनों ही जगहों पर किसान और पुलिस के बीच भीषण टकराव जारी है। खनौरी में हालात बिगड़ गए हैं। यहां कई राउंड आंसू गैस छोड़ी और रबर बुलेट्स भी दागी गईं।

आंदोलन की अगुआई कर रहे किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के कोऑर्डिनेटर सरवण पंधेर ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर एक किसान की मौत हो गई है। किसान पंजाब के बठिंडा का रहने वाला था। उसके अलावा 12 अन्य किसान भी घायल हैं, इनमें से दो की हालत गंभीर है।

उधर, टोहाना बॉर्डर पर तैनात एसआई विजय कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हज़ारों ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ किसानों का दिल्ली कूच का आह्वान, दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली | चौथे दौर की बातचीत के बाद भी नतीजा ना निकलने के कारण किसानों ने बुधवार को दिल्ली कूच का आह्वान किया है। जिसको लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक के बाद तमाम सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।

हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर की सुरक्षा इंतजाम का भी दिल्ली पुलिस ने जायजा लिया है। इसका मकसद हरियाणा पुलिस की रणनीति को समझना था, ताकि दिल्ली पुलिस की ओर से सीमावर्ती इलाकों में की गई तैयारियों के बीच अगर कुछ प्वाइंट पर या फिर सुरक्षा लेयर बढ़ाने की गुंजाइश है तो उस पर काम किया जा सके। किसानों को दिल्ली में न घुसने के लिए पुलिस कई तरह से तैयारी कर रही है।

किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए पूरी तरह तैयार दिल्ली पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में मल्टी लेयर की सिक्योरिटी का इंतजाम किया। रास्ते में बैरिकेड लगाकर कंटेनर खड़े कर दिए गए हैं। साथ ही सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए बैरिकेडिंग पर लोहे की तार लगाई गई है। तमाम सुरक्षा के बीच दिल्ली में भारी पुलिस और अर्ध सैनिक बलों को तैनाती कर दी गई हैं।

किसानों के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हम बैठकों में शामिल हुए, हर बिंदु पर चर्चा हुई और अब फैसला केंद्र सरकार को लेना है। हम शांत रहेंगे…प्रधानमंत्री को आगे आना चाहिए और हमारी मांगों को स्वीकार करना चाहिए। 1.5-2 लाख करोड़ रुपये ज्यादा बड़ी रकम नहीं है…इन बाधाओं को हटाकर हमें दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति दी जानी चाहिए…’

कल्कि धाम शिलान्यास: PM मोदी ने एक तीर से साधे कई निशाने

नृपेन्द्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री मोदी ने आज संभल में कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास किया है। वैदिक मंत्रों के साथ पीएम ने कल्कि धाम मंदिर का भूमि पूजन किया। इस मंदिर को श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट की तरफ से बनवाया जा रहा है। इसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं। उनके साथ उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल थे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर से 11000 से अधिक साधु-संत पहुंचे हैं। साथ ही, कई धार्मिक नेता और गणमान्य व्यक्ति भी मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद हैं।

पीएम मोदी बोले- कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास करने का सौभाग्य मिला-

हिंदू तीर्थ कल्कि धाम के शिलान्यास में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज संतों की भक्ति और जनता की भावना से एक और पवित्र स्थान की आधारशिला रखी जा रही है। आचार्यों और संतों की उपस्थिति में भव्य कल्कि धाम की आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला। मुझे विश्वास है कि कल्कि धाम भारतीय आस्था का एक और महान केंद्र बनकर उभरेगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती भी है, इसलिए यह दिन और भी पवित्र और अधिक प्रेरणादायक हो जाता है। इस अवसर पर मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में आदरपूर्वक नमन करें और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करे।

मोदी ने कहा कि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि हर किसी के पास देने के लिए कुछ न कुछ है लेकिन मेरे पास कुछ नहीं है, मैं केवल अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता हूं। प्रमोद जी, अच्छा हुआ आपने मुझे कुछ नहीं दिया, वरना जमाना ऐसा बदल गया है कि अगर आज के जमाने में सुदामा श्री कृष्ण को चावल देते और वीडियो सामने आ जाता तो शीर्ष अदालत में जनहित याचिका दायर कर दी जाती और फैसला आएगा कि भगवान कृष्ण को भ्रष्टाचार में कुछ दिया गया था और भगवान कृष्ण भ्रष्टाचार कर रहे थे। बेहतर होगा कि आपने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कुछ नहीं दिया।

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 10 सालों में हमने एक नया भारत देखा है। भारत देश विकास के पथ पर काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आज वैश्विक मंच पर पीएम मोदी का सम्मान है। देश की सभी सीमाएं एकदम सुरक्षित हैं।

लोकसभा चुनावों में भी होगा भाजपा के फायदा-

कई राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बीजेपी इस मौके को लोकसभा चुनावों में भुनाना चाहती है। संभल में समाजवादी पार्टी के सांसद और किसान आंदोलन के कारण भी भाजपा की पकड़ थोड़ी कमजोर हो गई हैं। मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण भाजपा को थोड़ी मुश्किलें हैं जिन्हे भाजपा इस मौके से भुनाना चाह रही हैं।
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस कारण से बीजेपी को पिछले चुनावों से भी ज्यादा फायदे की उम्मीद हैं।

हिंदू वोट बैंक भी नजर- 

अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद इसे भी हिंदू वोट बैंक के तौर पे देखा जा रहा हैं। अवध समेत पूरे पूर्वी यूपी में भाजपा राम मंदिर के वजह से मजबूत दिख रही है जबकि अब कल्कि धाम के शिलान्यास के वजह से पश्चिमी यूपी और हिंदू वोटर्स को लुभाने का प्रयास हैं।

प्रधान मंत्री मोदी का ये दौरा इस तरह कई तरह से महत्वपूर्ण है और उनका ये संभल का दौरा उन्हें कई फायदे पहुंचाने जा रहा है।

क्या है ‘चुनावी बॉण्ड’ ? सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से क्यों परेशान है सरकार ?

नृपेंद्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को झटका देते हुए बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक करार कर दिया। इस चुनावी वर्ष में ये सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका हैं।

कोर्ट ने फैसले में ये भी कहा कि जनता को सूचना का अधिकार है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया साल 2023 के अप्रैल महीने से लेकर अब तक की सारी जानकारियां चुनाव आयोग को दे और आयोग ये जानकारी कोर्ट को दे।

सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायधीशों की संविधान पीठ ने राजनीतिक दलों को फंडिंग का एक तरीका, चुनावी बॉन्ड योजना की वैधता से संबंधित मामले में घटनाओं का क्रम में इसे रद्द करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

भारत में कब कब क्या हुआ-

अगर हम भारत में चुनावी बॉन्ड को लेकर घटनाक्रमों को देखे तो वे इस प्रकार होंगे –

2017: वित्त विधेयक में चुनावी बॉन्ड योजना पेश की गई।
14 सितंबर, 2017 को मुख्य याचिकाकर्ता एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ ने योजना को चुनौती दिया और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

03 अक्टूबर, 2017 को शीर्ष अदालत ने एनजीओ द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया।

2 जनवरी, 2018: केंद्र सरकार ने चुनावी बॉन्ड योजना को अधिसूचित किया।

7 नवंबर, 2022 को चुनावी बॉन्ड योजना में एक वर्ष में बिक्री के दिनों को 70 से बढ़ाकर 85 करने के लिए संशोधन किया गया, जहां कोई भी विधानसभा चुनाव निर्धारित हो सकता है।

16 अक्टूबर, 2023 को मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एससी बेंच ने योजना के खिलाफ याचिकाओं को पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ को भेजा।

31 अक्टूबर, 2023 को सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने योजना के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की।

2 नवंबर, 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा और 15 फरवरी, 2024 को शीर्ष अदालत ने योजना को रद्द करते हुए सर्वसम्मति से फैसला सुनाया और कहा कि यह भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ सूचना के अधिकार का उल्लंघन करता है।