28.1 C
Mumbai
Friday, July 31, 2026
Home Blog Page 33

लोकसभा 2024: आज १०० उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है बीजेपी, कई क़द्दावर नेताओं का कटेगा पत्ता

नृपेंद्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा चुनावों के तारीखों के ऐलान के बीच सभी पार्टियों ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। बीजेपी आज दोपहर तक अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। बीजेपी के पहली लिस्ट में 100 से ज्यादा नाम शामिल हो सकता है, जिसमे प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक शामिल हो सकते हैं।

कल बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने चार घंटे तक बैठक की है, जिसके बाद कुछ प्रमुख सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का चयन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। ये बैठक रात करीब 11 बजे शुरू हुई थी और ये देर रात 3 बजे के बाद खत्म हुई।

आपको बता दें कि बीजेपी अपने बहुत सारे मौजूदा सांसदों के भी टिकट काट सकती हैं। सूत्रों की माने तो बीजेपी दिल्ली के 7 सांसदों में से 5 के टिकट काट सकती हैं। कहा यहां तक जा रहा कि इस बार अक्षय कुमार और कंगना रनौत समेत कई बॉलीवुड हस्तियां भी बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं।

पहली लिस्ट में किन्हें मिल सकता है मौका- 

बीजेपी की तरफ से जो पहली लिस्ट जारी की जा रही है, उसमें पार्टी के बड़े नेता और केंद्रीय मंत्री भी शामिल हो सकते हैं। पहली लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से वाराणसी सीट से चुनावी मैदान में दिख सकते हैं। लखनऊ से राजनाथ सिंह, गांधीनगर से अमित शाह, अमेठी से स्मृति ईरानी, सबलपुर से धर्मेंद्र प्रधान, ग्वालियर से ज्योतिरादित्य सिंधिया, विदिशा से शिवराज सिंह चौहान, पुरी से संबित पात्रा को टिकट दिया जा सकता है।

इसके अलावा भिवानी बल्लभगढ़ से भूपेंद्र यादव, डिब्रूगढ़ से सर्बानंद सोनोवाल, राजौरी-अनंतनाग से रविंद्र रैना, कोटा से ओम बिरला, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से मनोज तिवारी और पश्चिमी दिल्ली से परवेश वर्मा को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।

संदेशखाली: कोर्ट के दबाव के चलते 55 दिनों बाद गिरफ़्तार किया गया TMC नेता शाहजहाँ शेख़

ब्यूरो | navpravah.com

कोलकाता | पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली कुछ दिनों से बेहद चर्चा में है। गांववालों की जबरन जमीन हड़पने और ईडी पर हमला करके फरार होने वाला शाहजहां शेख को आज पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शाहजहां शेख को पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना के मिनाखान इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे गिरफ्तार कर बशीरहाट कोर्ट ले गई।

शाहजहां शेख को ईडी की तरफ से तीन समन जारी किए जा चुके थे, लेकिन पुलिस की गिरफ्त दूर बना हुआ था। शेख पर ईडी पर हमले, महिलाओं के यौन उत्पीड़न और राशन घोटाले में शामिल होने के संगीन आरोप हैं। आरोप है कि शाहजहां शेख महिलाओं की सुंदरता को देखकर उनके साथ दुर्व्यवहार करता था।

कौन है शाहजहां शेख-

अपने परिवार में चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा होते हुए इसने मजदूर यूनियन के नेता के तौर पर राजनीति में कदम रखा। 2004 में कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ा। इसमें उसकी मदद उसके मामा मोस्लेम शेख ने की। जो उस वक्त पर सीपीएम के नेता और पंचायत प्रमुख थे। 2010 में बंगाल की राजनीति को भांपते हुए इसने टीएमसी के नेताओं से नजदीकियां बढ़ा ली और फिर तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गया। शाहजहां शेख ने शुरुआत में TMC राष्ट्रीय महासचिव मुकुल रॉय और उत्तर 24 परगना टीएमसी जिला अध्यक्ष ज्योतिप्रियो मलिक के नेतृत्व में काम किया और जब ज्योतिप्रियो मलिक को मंत्री बने तो शाहजहां शेख की ताकत में और इजाफा हो गया।

रॉबिनहुड नेता की छवि-

इसके बाद उसने तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले अपनी ताकत में इजाफा किया। धीरे-धीरे संपत्ति अर्जित करके क्षेत्र में खुद की छवि एक रॉबिनहुड की बना ली। क्षेत्र में कुछ लोगों के लिए नायक और मसीहा बन गया तो कुछ लोगों के लिए खलनायक और यही वजह रही कि 2011 से 2024 तक महिलाएं क्षेत्र में शाहजहां शेख के आतंक को सहती रहीं, लेकिन वे बोल नहीं पा रही थी। पांच जनवरी को जब ईडी ने शाहजहां शेख के खिलाफ कार्रवाई की तो वहां की महिलाओं को लगा कि वे अब बोल सकती हैं और वे भी न्याय की मांग करने लगी।

बीजेपी के दवाब और हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुआ गिरफ्तार-

बीजेपी ने जब राज्य सरकार पर दवाब बनाना शुरू किया और फिर बंगाल हाई कोर्ट ने इसे गिरफ्तार करने के लिए आदेश दिए, तब जाकर पश्चिम बंगाल की पुलिस की कानों पर जूं रेंगा। पुलिस ने इसको गिरफ्तार करने में 57 दिनों का वक्त लगाया।

Kangana Ranaut: पॉलिटिकल डेब्यू के लिये तैयार कंगना, दिया बड़ा बयान

एंटरटेनमेंट डेस्क | navpravah.com

मुम्बई | बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। एक्ट्रेस हर मुद्दे पर अपनी राय रखती हैं, जिससे कई बार वो कंट्रोवर्सी में पड़ जाती हैं। कंगना जिस तरह से हर मुद्दे पर अपनी राय रखती हैं, उससे अक्सर उनके राजनीति में एंट्री के कयास लगाए जाते हैं लेकिन एक्ट्रेस ने हमेशा से इसके लिए मना किया है। अब एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा है कि राजनीति में एंटर करने का ये सही समय है।

एक निजी टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए कंगना ने कहा, “मैं कई फिल्मों के सेट के लिए राजनीतिक पार्टियों से लड़ी हूं। यह मुझे दूर नहीं रखता, मैं अपने देश के लिए जो करना चाहती हूं, उसे करने के लिए मुझे जगह नहीं मिलती। लेकिन, अगर मैं राजनीति में आना चाहती हूं तो शायद मुझे लगता है कि यही सही समय है।”

इस देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है-

कंगना ने आगे कहा- इस देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, जिसे वापस देने के लिए मैं गहरी जिम्मेदारी महसूस करती हूं। मैं हमेशा से अधिक राष्ट्रवादी रही हूं और उस छवि ने मेरे बेहद शानदार अभिनय करियर पर भी कब्जा कर लिया है। मुझे इस बात का एहसास है कि मुझे बहुत प्यार किया जाता है और मेरी सराहना की जाती है।

मैं सेंसिटिव इंसान हूं-

कुछ समय पहले कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि “मैं बहुत ही सेंसिटिव और सेंसिबल इंसान हूं। राजनीतिक शख्स नहीं हूं। मुझे कई बार राजनीति ज्वाइन करने के लिए कहा गया है लेकिन मैंने नहीं किया।”

फिल्मों की बात करें तो जल्द ही कंगना रनौत फिल्म इमरजेंसी में दिखनी वाली हैं, जिसे खुद उन्होंने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में उन्होंने भारत की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है।

हिमाचल प्रदेश में गहराया सियासी संकट, गिर सकती है सुक्खू सरकार

नृपेंद्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | हिमाचल प्रदेश में आज बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीएम कुर्सी छोड़नी पड़ सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बात को लेकर राहुल गांधी से बात की हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मुख्यमंत्री बदलने को लेकर बात हुई है। सूत्रों ने ये भी बताया है कि अगर कांग्रेस के 6 बागी विधायक नहीं लौटते हैं, तो स्पीकर उनकी सदस्यता भी रद्द कर सकते हैं।

हिमाचल में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार सत्ता में रहने के लिए नैतिक आधार खो चुकी है। विधायक दल की हमारी बैठक नियमित रूप से होती रहेगी। उन्होंने कहा आगे कहा कि डिवीजन के लिए स्पीकर साहब को इजाजत देना चाहिए। मार्शल के जरिए विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना के बारे में जानकारी देने के लिए हम लोग राजभवन जा रहे हैं।

कैसे शुरू हुआ राजनीतिक संकट?

दरअसल, हिमाचल प्रदेश के पास राज्यसभा में मात्र एक सीट है, जिसपर बीजेपी की जीत हुई और अचरज की बात ये है कि हिमाचल में कांग्रेस सत्ता में है। बीजेपी की तरफ से हर्ष महाजन मैदान में थे और कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को मैदान में उतारा था। माना जा रहा था कि कांग्रेस के पास संख्याबल होने की वजह से अभिषेक मनु सिंघवी की जीत तय है। हालांकि, बीजेपी उम्मीदवार ने सभी को हैरान करते हुए इकलौती राज्यसभा सीट जीत ली।

राज्यसभा चुनाव के दौरान दोनों उम्मीदवारों को 34-34 मत मिले, जिसके बाद लकी ड्रॉ के जरिए बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन को विजेता घोषित किया गया। इस बात की जानकारी सामने निकलकर आई कि कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। ऐसा इसलिए क्योंकि 68 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 40 विधायक हैं। राज्य में बीजेपी के 25 विधायक हैं और तीन विधायक निर्दलीय हैं। इस तरह अगर निर्दलीय और बीजेपी विधायकों की संख्या जोड़ी जाए तो वह 28 होती है।

बीजेपी को 34 वोट मिले, जिसका मतलब हुआ कि अगर निर्दलियों ने भी बीजेपी उम्मीदवार को वोट किया, तब भी उन्हें कांग्रेस के छह विधायकों का वोट मिला। इस तरह चर्चा शुरू हो गई कि राज्य के विधायक मुख्यमंत्री से नाराज चल रहे हैं। कहा ये भी जाने लगा कि अब बीजेपी सुखविंदर सिंह सुक्खू की 14 महीने पुरानी सरकारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है, जिससे अब सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार और उनकी कुर्सी संकट में हैं।

राज्यसभा चुनाव: पंद्रह सीटों के लिए मतदान आज, टेंशन में विपक्ष

नृपेंद्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | देश के तीन राज्यों में आज राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। इन राज्यों के 15 राज्य सभा सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश की 10, कर्नाटक की 4 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट शामिल हैं। उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग की स्थिति बनती नजर आ रही है, जिसकी वजह से चुनाव के रिजल्ट पर असर पड़ सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही हैं।

कौन कहां से है उम्मीदवार-

उत्तर प्रदेश में कुल 11 उम्मीदवार हैं जिसमें बीजेपी की ओर से सुधांशु त्रिवेदी, आरपीएन सिंह के अलावा अमरपाल मौर्या, तेजपाल सिंह, नवीन जैन, साधना सिंह, संगीता बलवंत, संजय सेठ को चुनावी मैदान में उतारा गया हैं वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से जया बच्चन, आलोक रंजन और रामजी लाल सुमन चुनाव में उतरे हैं।

कर्नाटक में कुल पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान पर हैं। कांग्रेस ने अजय माकन, सैयद नासीर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर चुनाव लडेंगे तो वहीं बीजेपी की ओर से नारायण सा भांडगे को तो जेडीएस ने कुपेंद्र रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया हैं।

हिमाचल प्रदेश में कुल 2 उम्मीदवार हैं। कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं, बीजेपी ने हर्ष महाजन को भेजा हैं।

राजभर बोले, “डरी हुई है समाजवादी पार्टी”

हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हमारे पांचों विधायक NDA प्रत्याशी को देंगे वोट, BSP पार्टी हमें ही वोट करेगी इसीलिए एसपी डरी हुई हैं।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाए आरोप-

राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले अखिलेश यादव ने दावा करते हुए कहा है कि उम्मीद है समाजवादी पार्टी के तीनों प्रत्याशी जीतेंगे, बीजेपी चुनाव जीतने के लिये कुछ भी करेगी। चंडीगढ़ में क्या हुआ आपने देखा होगा अगर सीसीटीवी कैमरा न होता तो लोकतंत्र की हत्या होती।

भाजपा नेता ने की निर्वाचन तिथि की घोषणा, इलेक्शन कमीशन सन्न, दिया स्पष्टीकरण

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली | आगामी लोकसभा चुनाव की तारीखों को लेकर केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना के बीजेपी अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने कल एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 के अप्रैल के पहले सप्ताह में होंगे।

तेलंगाना प्रदेश अध्‍यक्ष रेड्डी मेडक लोकसभा में पार्टी के विजय संकल्प यात्रा चुनाव अभियान में ह‍िस्‍सा ले रहे थे। उन्‍होंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत को लेकर भी भविष्यवाणी की है। उन्‍होंने कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना राज्‍य में बीजेपी क‍ितनी सीटों पर जीतेगी, इसको लेकर भी बड़ा दावा करते हुए भव‍िष्‍यवाणी की है। उन्होंने केंद्र में फिर से मोदी सरकार के भारी मतों से जीत की भविष्यवाणी की।

जी क‍िशन रेड्डी ने दावा करते हुए कहा कि ह‍िमाचल प्रदेश में बीजेपी 4 संसदीय सीट जीतेगी। इसके अलावा कर्नाटक में बीजेपी की 25 सीटों पर जीत हास‍िल होगी। जहां तक तेलंगाना राज्‍य की सीटों का सवाल है तो यहां पर बीजेपी आश्चर्यचक‍ित करने वाली सीटें जीतेगी।

फेक मैसेज भी खूब हो रहा है वायरल-

इसी बीच देखा जाए, तो चुनाव के तारीखों को लेकर सोशल मीडिया में एक फर्जी मैसेज भी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि लोकसभा के चुनाव 19 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। इसे लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ये मेसेज फर्जी वायरल हो रहें हैं। आयोग ने यह भी कहा है क‍ि चुनावों के शेड्यूल की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की जाती है। इस तरह का ऐलान टेक्स्ट और व्हाट्सएप मैसेजों के जरिए नहीं क‍िया जाता है।

चुनाव आयोग ने आगे एक्स पर पोस्ट करते हुए इस को क्लियर किया कि ये फेक है। ईसीआई की ओर से सोशल मीड‍िया मंच ‘एक्स’ पर इस बाबत एक पोस्‍ट भी शेयर की गई है. आयोग ने कहा कि, “व्हॉट्स ऐप पर #LokSabhaElections2024 के शेड्यूल के बारे में एक फर्जी मैसेज शेयर किया जा रहा है. #FactCheck: यह मैसेज #फर्जी है. #ECI द्वारा अब तक किसी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है”।

अपनी ताक़त दिखाने फिर से सड़क पर उतरेंगे किसान

नृपेन्द्र मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे किसान आंदोलन का आज 14वां दिन है। भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठन आज ट्रैक्टरों के सहारे एक बार फिर अपनी ताकत दिखाएंगे।

किसान संगठन एमएसपी गारंटी कानून समेत अपनी कई मांगों को लेकर हरियाणा-पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर WTO का पुतला जलाएंगे। इसके अलावा दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे पर किसान ट्रैक्टर श्रृंखला बनाकर किसान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसको लेकर बीकेयू ने पिछले कई दिनों से ताकत झोंक रखी है। किसानों के इस आंदोलन के मद्देनजर पुलिस ने भी कड़े इंतजाम किए हैं।

राकेश टिकैत होंगे आंदोलन के नेता-

किसान संगठन के एक नेता ने बताया कि दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे की लेफ्ट हैंड की एक लेन में ट्रैक्टर खड़े किए जाएंगे। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर किसानों का कब्जा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से वादाखिलाफी की है। अब किसान भी आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।

ट्रैक्टर मार्च के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 8, मेरठ में 4 और गाजियाबाद में भी 4 प्वाइंट बनाए हैं। राकेश टिकैत मुज्जफरनगर से आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह मेरठ होते हुए दिल्ली गाजियाबाद पहुंचेंगे। ट्रैक्टर मार्च की बाबत किसानों से कह दिया गया है कि गांव में एक भी ट्रैक्टर नहीं रहना चाहिए, सभी ट्रैक्टर हाईवे पर नजर आने चाहिए। सभी ट्रैक्टर दिल्ली की तरफ मुंह करके खड़े रहेंगे

यातायात होगा प्रभावित-

अधिकारियों का कहना कि उनको अभी तक किसानों के इस मार्च के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। हालांकि इससे कुछ मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है। दूसरी तरफ दसवीं कक्षा की अंग्रेजी की परीक्षा और बारहवीं कक्षा की परीक्षा कल सुबह 10.30 बजे से आयोजित होने वाली है। इससे छात्रों की परीक्षा पर भी असर पड़ सकता है।

हरियाणा: कौन थे नफ़े सिंह राठी, जिनकी सरेआम कर दी गई हत्या

ब्यूरो | navpravah.com 

गुरुग्राम | इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के प्रदेश अध्यक्ष व बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की रविवार को कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह बहादुरगढ़ सीट से दो बार के विधायक थे। इसके अलावा वह हरियाणा एमएलए एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट भी थे और बहादुरगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के दो बार के चेयरमैन भी थे।

अपनी हत्या से दो दिन पहले ही नफे सिंह राठी ने एक्स पर बहादुरगढ़ के विकास को लेकर संकल्प की बात की थी। उन्होंने कहा था कि ‘लेकर जो हम चले हैं दृढ़ संकल्प, करेंगे बहादुरगढ़ का कायाकल्प’। इसी के दो दिन बाद हत्या होने के पीछे राजनीतिक हाथ होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।

आत्महत्या के एक मामले में आरोपी थे नफे सिंह राठी-

हरियाणा पुलिस ने नफे सिंह राठी और पांच अन्य के खिलाफ बीजेपी के एक नेता की आत्महत्या के संबंध में केस दर्ज किया था। राठी पर पूर्व मंत्री मांगे राम नंबरदार के बेटे जगदीश नंबरदार की खुदकुशी के मामले में आईपीसी की धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाने) के आरोप लगे थे।

आम आदमी पार्टी ने खट्टर सरकार को घेरा-

नफे सिंह राठी की हत्या को लेकर आम आदमी पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर की बीजेपी सरकार पर जमकर हल्ला बोला। आप नेता सुशील गुप्ता ने कहा कि नफे सिंह राठी और उनके साथियों की हत्या के बाद कोई भी अपने आप को हरियाणा में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। व्यापारी, राजनीतिज्ञ और किसानों सब पे गोलियां चल रही हैं। क्या राज्य में कानून का शासन बचा है और फिर सीएम चुनावी रैलियां करने में व्यस्त रहेंगे? हरियाणा के अंदर कानून का राज खत्म हो गया, जंगलराज चल रहा है। जिस शहर में मुख्यमंत्री खुद रहते हैं, उस शहर में एक नेता की गोली मार कर हत्या कर दी जाती है, तो आम आदमी की सुरक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

यमन: हूती विद्रोहियों के 18 ठिकानों पर अमेरिका-ब्रिटेन ने किया ताबड़तोड़ हमला

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली | यमन को मदद सामग्री पहुंचा रही अमेरिका के मालवाहक जहाजों पे हूती आतंकियों के आक्रमण के बाद हूती विद्रोहियों के ऊपर अमेरिका और ब्रिटेन ने संयुक्त हमला कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार अमेरिका ने यमन की राजधानी सना में हूती के ठिकानों को निशाना बनाकर ये करवाई की है।

यमन में पिछले आठ सालों से गृह युद्ध चल रहा है। वहां स्तिथि ऐसी हो गई है कि खाने के लाले पड़े है। गरीब जनता परेशान है और इसी बीच अमेरिका उनके लिए खाने और मदद की समाग्री पहुंचा रहा है, जिसपर हूती विद्रोहियों ने हमला कर दिया। इस हमले को रोकने के लिए अमेरिका ने उनपर हमला किया। ब्रिटिश और अमेरिकी फौजों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा, डेनमार्क, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड की फोर्स ने भी इस साझा हमले को अंजाम दिया।

अब ये भी खबर आ रही है कि हूती विद्रोहियों ने अमेरिका पर पलटवार कर दिया हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका के MQ-9 UAV प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराया है. संगठन ने दावा किया कि ये ड्रोन उसके खिलाफ मिशन पर था इसलिए उसे मार गिराया गया जिससे अमेरिका को भी काफी नुकसान हुआ हैं।

यमन में चल रहे गृह युद्ध के बीच हूती विद्रोहियों और अमेरिका के बीच ये मसला काफी लंबा और पेचीदा होते जा रहा है जिससे विश्व एक और युद्ध के बीच बढ़ सकता है।

गुजरात: PM मोदी ने किया ‘सुदर्शन सेतु’ का उद्घाटन, जानिए इस सेतु की ख़ूबियाँ

संवाददाता | navpravah.com

गाँधीनगर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। आज सुबह उन्होंने जामनगर में बेट द्वारका मंदिर में पूजा किया और फिर उन्होंने अरब सागर पर बने देश के सबसे लंबे केबल आधारित पुल ‘सुदर्शन सेतु’ का उद्घाटन किया। यह पुल 2.32 किलो मीटर लंबा पुल है, जिसको बनाने में लगभग 980 करोड़ रुपए लगें हैं। ये पुल ओखा मुख्य भूमि को बेट द्वारका द्वीप से जोड़ता है।

यह पुल कई खूबियों से लैस है, आइए जानते हैं इसकी खासियत-

1. लक्षद्वीप के लोगों को भी मिलेगा फायदा- 

इस पुल को बनाने के लिए 2016 में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी और साल 2017 में पीएम ने इसकी नींव रखी थी। ये लक्षद्वीप के लोगों को देश से जोड़ेगा।

2. गीता से श्लोकों पे आधारित- 

सुदर्शन सेतु एक अद्वितीय डिजाइन को प्रदर्शित करता है, जिसमें दोनों तरफ श्रीमद्भगवद गीता के श्लोकों और भगवान कृष्ण की छवियों से सुसज्जित एक पैदलपथ है।

3. बिजली उत्पादन में भी मददगार-

इसके पैदल पथ के ऊपरी हिस्सों में सोलर पैनल लगाए गए है जिससे एक किलोवाट तक की बिजली पैदा कर सकते हैं।

4. आवाजाही में सुगमता-

इस सेतु से वाहनों की आवाजाही और सुगम होगी और द्वारका एवं बेयत-द्वारका मार्ग के बीच यात्रा करने वाले भक्तों के समय में काफी कमी करेगा।

5. आकर्षक पर्यटक केंद्र-

यह प्रतिष्ठित सेतु देवभूमि द्वारका के प्रमुख पर्यटक आकर्षण के रूप में भी कार्य करेगा।

6. मजबूत आर्किटेक्चर का उदाहरण-

पुल का डेक कंपोजिट स्टील-रिइनफोर्स्ड कंक्रीट से बना है जिसमें 900 मीटर का सेंट्रल डबल स्पैन केबल-स्टैंड वाला हिस्सा और 2.45 किमी लंबी एप्रोच रोड शामिल है. चार लेन वाले 27.20 मीटर चौड़े पुल की प्रत्येक साइड पर 2.50 मीटर चौड़े फुटपाथ हैं।

7. नाम में बदलाव-

पहले इस पुल का नाम सिग्नेचर पुल रखा गया था लेकिन फिर बाद इसे ‘सुदर्शन पुल’ कर दिया गया।