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Thursday, July 30, 2026
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पत्नी जज, भाई आईएएस, कानपुर में 10000 रुपए कैश ना होने के वजह डूबा युवक, पढ़ें पूरी कहानी

इशिका गुप्ता | navpravah.com

नई दिल्ली | कानपुर के नाना मऊ घाट पर शनिवार को एक दुखद घटना घटी। यूपी हेल्थ विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आदित्य वर्धन सिंह की गंगा में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा नाना मऊ घाट पर हुआ, जब आदित्य और उनके दोस्त प्रदीप तिवारी गंगा में नहा रहे थे। उनकी पत्नी, शैलजा मिश्रा, महाराष्ट्र में जज हैं और उनका चचेरा भाई अनुपम सिंह बिहार के सीएम नीतीश कुमार का सचिव है।

घटना के समय, गोताखोरों ने आदित्य को बचाने के लिए 10,000 रुपये की मांग की। आदित्य के दोस्तों के पास कैश नहीं था, इसलिए उन्होंने पैसे ट्रांसफर करने की पेशकश की। लेकिन तब तक गोताखोरों ने पैसे ट्रांसफर की पुष्टि किए बिना आदित्य की मदद नहीं की, और वह गंगा में डूब गए।

पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक उनकी खोज जारी रही, लेकिन आदित्य की लाश नहीं मिली। इस घटना ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं, खासकर यह देखते हुए कि एक उच्च पदस्थ अधिकारी के साथ ऐसा हुआ। लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासन ने गोताखोरों की तैनाती क्यों नहीं की, ताकि ऐसी परिस्थितियों में तत्काल मदद मिल सके।

उन्नाव के रहने वाले यूपी स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आदित्य वर्धन सिंह अपने दोस्त प्रदीप तिवारी के साथ गंगा में नहाने गए थे। आदित्य की पत्नी, शैलजा मिश्रा, महाराष्ट्र में जज हैं, और उनका चचेरा भाई अनुपम सिंह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सचिव और सीनियर आईएएस हैं।

जैसे ही आदित्य ने गंगा में नहाते समय फोटो खींचने के लिए कहा, अचानक उनका पैर गहरे गड्ढे में चला गया और वह डूबने लगे। दोस्तों ने तुरंत घाट पर मौजूद गोताखोरों से मदद मांगी, लेकिन गोताखोरों ने पहले 10,000 रुपये की मांग की। आदित्य के दोस्तों ने कहा कि उनके पास कैश नहीं है, लेकिन वे पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर देंगे। इसके बावजूद, गोताखोरों ने पैसे ट्रांसफर की पुष्टि किए बिना बचाव कार्य शुरू नहीं किया। जब तक पैसे ट्रांसफर हुए, तब तक आदित्य डूब चुके थे।

पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर आकर खोजबीन की, लेकिन रात भर की कोशिशों के बावजूद आदित्य की लाश नहीं मिली। इलाके के प्रधान भी वहां आए, और पैसे लेने वाले दुकानदार शैलेश गौतम ने बताया कि गोताखोरों ने पैसे मांगने के लिए उनके अकाउंट का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने पैसे वापस कर दिए हैं।

आदित्य के माता-पिता विदेश में हैं और उनकी बहन भी वहीं पर है। उनके भाई अनुपम सिंह मौके पर पहुंचे हैं, जबकि उनकी पत्नी जल्द ही पहुंचेंगी। इस घटना ने सभी को गहरे शोक में डाल दिया है।

एडीसीपी बृजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक खोजबीन जारी रही, लेकिन आदित्य का पता नहीं चला। लोग इस घटना को लेकर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, विशेषकर यह देखते हुए कि एक उच्च पदस्थ अधिकारी के साथ ऐसा हुआ। लोगों का कहना है कि प्रशासन को गंगा किनारे गोताखोरों की तैनाती करनी चाहिए थी ताकि ऐसी परिस्थितियों में त्वरित मदद मिल सके।

पश्चिम बंगाल: ममता सरकार विधानसभा में पेश करेगी ‘एंटी रेप बिल’, क्या होंगे प्रावधान, पढ़िए पूरी ख़बर

नृपेंद्र कुमार मौर्या | navpravah.com

नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार आज विधानसभा में एक विशेष सत्र के दौरान महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और अन्य यौन अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करने वाला एक बिल पेश करने जा रही है। इस नए विधेयक में बलात्कारियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान होगा और यौन अपराधों की सुनवाई एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरी करने का भी प्रावधान रखा गया है।

राज्य के कानून विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस विधेयक में बलात्कार की घटनाओं को हत्या के समान माना जाएगा, जिसमें अपराधी के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा का प्रस्ताव है। भले ही पीड़िता बच जाए, पर अपराधी को हत्या के समान दंड दिया जाएगा।

इस बिल को लाने की आवश्यकता कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक पीजी ट्रेनी लेडी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद महसूस की गई। इस विधेयक में बलात्कार के मामलों में आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है। बलात्कार की गंभीरता के आधार पर यह तय किया जाएगा कि सजा क्या होगी। यदि पीड़िता जीवित बचती है, तो अपराधी को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी और यदि पीड़िता की मृत्यु हो जाती है या वह गंभीर रूप से घायल हो जाती है, तो अपराधी को मृत्युदंड दिया जाएगा।

मुकदमे की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रावधान भी इस विधेयक में शामिल है। बलात्कार और हत्या के मामलों में, अपराधी को मृत्युदंड के साथ-साथ उसके परिवार पर भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान होगा।

इस बिल में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि निर्णय कम से कम समय में दिया जाएगा, विशेषकर उन मामलों में जिनमें पर्याप्त और निर्णायक सबूत उपलब्ध हों। ऐसे मामलों में अपराध की तारीख से 15 दिनों के भीतर फैसला सुनाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार ने भी 2019 में एक विधेयक पेश किया था, जिसमें 21 दिनों के भीतर फैसले का प्रावधान है, लेकिन वह विधेयक अभी भी राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। वहीं, निर्भया अधिनियम, 2013 और आपराधिक संशोधन अधिनियम, 2018 के तहत बलात्कार के मामलों में फैसला देने के लिए मौजूदा समय चार महीने का है, जिसमें दो महीने जांच के लिए और दो महीने मुकदमे के लिए निर्धारित हैं।

पश्चिम बंगाल के नए विधेयक में कुछ खास प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। यह पहली बार होगा जब बलात्कार की घटना को हत्या के मामले के समान माना जाएगा और कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा। इसके अलावा, बलात्कार या बलात्कार और हत्या के सभी मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालतों में की जाएगी। विधेयक में यह भी अनिवार्य किया गया है कि अपराध की सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जानी चाहिए और आरोपी को गिरफ्तारी के तुरंत बाद मेडिकल जांच करानी चाहिए।

‘बुल्डोज़र एक्शन’ मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सख़्त टिप्पणी, पढ़िए पूरा मामला

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने आज विभिन्न राज्यों में हो रहे बुलडोजर एक्शन मामले पर नाराज़गी व्यक्त की। जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जज के सामने अपनी दलीलें पेश कीं। मेहता ने कहा कि अवैध कब्जे के मामलों में म्युनिसिपल संस्थाओं द्वारा नोटिस देने के बाद ही कार्रवाई की गई है। अदालत ने नोटिस, कार्रवाई और अन्य आरोपों पर सरकार से उत्तर मांगे हैं।

कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आरोपी होने के आधार पर किसी के घर को गिराना सही नहीं है। तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे अवैध कब्जे या निर्माण के कारण निशाने पर हैं न कि अपराध के आरोप की वजह से, इसलिए उनका घर अवैध कब्जे के आधार पर गिराया गया है।

कोर्ट ने कहा कि वह किसी भी अवैध संरचना को सुरक्षा नहीं प्रदान करेगा, जो सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध कर रही हो। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं, ताकि वह पूरे देश में संपत्तियों के ध्वस्तीकरण के संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी कर सके ताकि लोगों को असुविधा न हो। बता दें याचिका में ‘बुलडोजर जस्टिस’ की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की मांग की गई थी।

एमेनेस्टी इंटरनेशनल की फरवरी 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2022 से जून 2023 के बीच दिल्ली, असम, गुजरात, मध्यप्रदेश और यूपी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद 128 संपत्तियों को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। मध्यप्रदेश में एक आरोपी के पिता की संपत्ति पर बुलडोजर चलवा दिया गया था और वहीं मुरादाबाद तथा बरेली में भी बुलडोजर से संपत्तियां ढहाई गईं थी।

AAP विधायक अमानतुल्लाह को ED ने किया गिरफ़्तार, जानिए, किस मामले में हुई गिरफ़्तारी

इशिका गुप्ता | navpravah.com

नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को सोमवार (2 सितंबर) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ घंटे पहले जब केंद्रीय एजेंसी उनके घर पहुंची, जो दिल्ली वक्फ बोर्ड से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है।

ED की टीम आज सुबह पूछताछ के लिए उनके निवास पर पहुंची, जिसके बाद AAP विधायक ने दावा किया कि अधिकारी उन्हें “गिरफ्तार” करने आए हैं।

अमानतुल्लाह खान ने वीडियो बयान जारी किया:

आज सुबह, ED के उनके निवास पर पहुंचने के बाद, खान ने एक वीडियो बयान जारी किया और कहा कि केंद्रीय एजेंसी का एकमात्र मकसद उन्हें गिरफ्तार करना और दिल्ली सरकार के काम को रोकना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ED ने उनके खिलाफ “फर्जी मामले” दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा, “अभी सुबह के 7 बजे हैं। ED मेरे घर पर मुझे गिरफ्तार करने के लिए आई है और एक सर्च वारंट के नाम पर आई है। मेरी सास को कैंसर का पता चला है। चार दिन पहले उनकी सर्जरी हुई थी। वह भी मेरे घर पर हैं। मैंने उन्हें (ED) लिखा है और हर नोटिस का जवाब दिया है। उनका एकमात्र मकसद मुझे गिरफ्तार करना और हमारे काम को रोकना है।”

अमानतुल्लाह ने कहा, “पिछले दो वर्षों से, ये लोग मुझे परेशान कर रहे हैं, और मेरे खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कर रहे हैं। हर दिन, वे न केवल मेरे लिए बल्कि मेरी पूरी पार्टी के लिए कोई न कोई समस्या पैदा कर रहे हैं… हम न तो इनसे झुकेंगे और न ही डरेंगे, ये हमें जेल भेज देंगे। मुझे उम्मीद है कि जिस तरह हमें पहले कोर्ट में न्याय मिला था, इस बार भी हमें न्याय मिलेगा…” उन्होंने बयान में कहा।

दिल्ली वक्फ बोर्ड मामला:

दिल्ली वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच 2016 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एक मामले से उत्पन्न होती है। खान, जो उस समय बोर्ड के अध्यक्ष थे, पर बोर्ड में अवैध रूप से व्यक्तियों की नियुक्ति करने और दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है, जिससे उन्होंने व्यक्तिगत रूप से लाभ उठाया। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की, पिछले साल खान से जुड़ी जगहों पर छापेमारी की और भौतिक और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए।

‘मैं इस्तीफा देता हूं…’, कोरे कागज़ पर बांग्लादेशी हिंदू प्रोफेसर्स से लिया जा रहा इस्तीफा

इशिका गुप्ता| navpravah.com 

नई दिल्ली| बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की परेशानियां खत्म होने के नाम नहीं ले रही। पहले उनके खिलाफ हिंसा किया गया और अब जबरन इस्तीफा लिया जा रहा है।

हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू शिक्षकों पर इस्तीफा देने के लिए बढ़ते दबाव ने चिंता का माहौल बना दिया है। गणित विभाग के प्रोफेसर डॉ. चंद्रनाथ पोद्दार और अन्य कई शिक्षकों को जबरन इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। कुछ हिंदू प्रोफेसर अब जब सुरक्षा कारणों से कॉलेज नहीं आ रहे तो उन्हें उनके घर जाकर परेशान किया जा रहा है।

इसी तरह सरकारी बकरगंज कॉलेज की प्रिंसिपल शुक्ला रॉय को भी केवल एक साधारण कागज पर “मैं इस्तीफा देती हूं” लिखवाकर इस्तीफा दिलवाया दिया गया। ऐसे बहुत से हिन्दू प्रोफेसर है जो रोज इन्ही तरह के समस्याओं का सामना कर रहें हैं। कुछ शिक्षकों ने मीडिया से बात की और बांग्लादेश में हिंदू शिक्षकों के इस्तीफे की पुष्टि की. संजय कुमार मुखर्जी, एसोसिएट प्रोफेसर, लोक प्रशासन और गवर्नेस स्टडीज विभाग, काज़ी नजरुल विश्वविद्यालय, बांग्लादेश ने कहा, “दादा, मैं संजय कुमार मुखर्जी, एसोसिएट प्रोफेसर, लोक प्रशासन और गवर्नेस स्टडीज विभाग, काज़ी नजरुल विश्वविद्यालय, बांग्लादेश हूं. मुझे प्रॉक्टर और विभागाध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया. हम इस समय बहुत असुरक्षित हैं.”

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की समस्याएँ दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही हैं। हमलों और अत्याचारों का सामना करने के बाद, अब उन्हें सरकारी नौकरियों से इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 अगस्त से अब तक लगभग 50 हिंदू शिक्षाविदों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है।

इस गंभीर स्थिति की जानकारी बांग्लादेश छात्र एक्य परिषद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उनके अनुसार, उन्होंने उन शिक्षकों की सूची प्राप्त की है जिन्होंने इस्तीफा दिया है। कुछ शिक्षकों ने निजी रूप से मीडिया को बताया कि बांग्लादेश में हिंदू शिक्षकों पर इस्तीफा देने का दबाव वास्तविक और चिंताजनक है। काज़ी नजरुल विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर संजय कुमार मुखर्जी ने कहा कि उन्हें प्रॉक्टर और विभागाध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया और वे इस समय बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

बांग्लादेश में हिंदू शिक्षकों के साथ हो रहे इस अत्याचार ने न केवल उनकी सुरक्षा बल्कि उनके अधिकारों को भी सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर महायुति की अहम बैठक, 173 सीटों पर बनी सहमति

नृपेंद्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने नागपुर में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए सीट-बंटवारे पर चर्चा की। ये बैठक शनिवार को लगभग तीन घंटे चली, जिसकी बीजेपी सूत्रों ने जानकारी दी है।

बीजेपी सूत्रों के अनुसार, “यह बैठक पिछले दो-तीन दौर की प्रारंभिक चर्चाओं के अनुरूप थी। अंतिम सीट बंटवारे पर अगले दो से तीन बैठकों के बाद निर्णय लिया जाएगा।”

173 सीटों पर बनी सहमति- 

महा-युति गठबंधन, जिसमें बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में) और एनसीपी (अजित पवार के नेतृत्व में) शामिल हैं, आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के करीब है। एनसीपी सूत्रों ने बताया कि 173 सीटों पर सहमति बन चुकी है, जिसमें बीजेपी को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, उसके बाद शिंदे की शिवसेना और अजित पवार का गुट है।

बाकी 115 सीटों पर चर्चा महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, मुख्यमंत्री शिंदे, और एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के साथ आगामी बैठकों में की जाएगी।

2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में, संयुक्त शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने क्रमशः 56 और 54 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत हासिल की थी।

पैरा ओलंपिक 2024: एक्शन में भारत के एथलीट, रुबीना ने भारत को दिलाया एक और मेडल

नृपेंद्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | पेरिस पैरालंपिक 2024 के तीसरे दिन यानी 30 अगस्त (शनिवार) को भी भारतीय एथलीट एक्शन में हैं। निशानेबाज रुबीना फ्रांसिस ने वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल (SH1) में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत के पदकों की संख्या अब पांच हो गई है। भारत ने अब तक एक गोल्ड, एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

रुबीना ने फाइनल में 211.1 अंक हासिल किए। हालांकि, वे एक समय दूसरे स्थान पर थीं, लेकिन अंततः तीसरे स्थान पर रहीं। ईरान की जावनमरडी सरेह ने गोल्ड और तुर्की की ओजगान आयसेल ने सिल्वर मेडल जीता।

इससे पहले, भारत ने दूसरे दिन चार पदक जीतकर सभी को चौंका दिया था। मनीष नरवाल ने मेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल (SH1) में सिल्वर, प्रीति पाल ने वूमेन्स 100 मीटर रेस (T35) में ब्रॉन्ज, और अवनि लेखरा और मोना अग्रवाल ने वूमेन्स 10 मीटर एयर राइफल (SH1) में क्रमशः गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।

भारत के इन पदकवीरों ने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इनकी इस जीत ने पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ा दी है। आइए, इन सभी खिलाड़ियों को दिल से बधाई दें और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करें।

भारत के पदकवीर:

अवनि लेखरा (शूटिंग)- गोल्ड मेडल
मोना अग्रवाल (शूटिंग)- ब्रॉन्ज मेडल
प्रीति पाल (एथलेटिक्स)- ब्रॉन्ज मेडल
मनीष नरवाल (शूटिंग)- सिल्वर मेडल
रुबीना फ्रांसि (शूटिंग)- ब्रॉन्ज मेडल

प्रयागराज में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, अतीक से जुड़े है कनेक्शन?

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

नई दिल्ली| प्रयागराज में एक सेक्स रैकेट का खुलासा होने से हड़कंप मच गया है, आजकल सैक्स रैकेट धीरे – धीरे छोटे शहरों में भी पैर पसारता नज़र आ रहा है, इसी क्रम में प्रयागराज शहर के सिविल लाइंस इलाके में स्थित बस अड्डे के बगल एक मॉल में स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट चल रहा था, जिसकी सूचना मिलते ही शुक्रवार शाम वहां छापा मारा गया।

छापे में चार स्पा सेंटरों से 13 महिलाओं समेत 20 लोग हिरासत में लिए गए हैं, इनमें से एक महिला संचालक व दो मैनेजर भी शामिल हैं, तीन स्पा सेंटरों के संचालकों की कल देर रात तक तलाश चलती रही, वहीं इन चारों स्पा सेंटरों को सील कर दिया गया है।

कल शाम साढ़े तीन बजे – चाथ बजे के करीब सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ पर प्रयागराज पुलिस को टैग करते हुए एक यूजर ने ट्वीट किया कि, सिविल लाइंस में स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है, इस कृत्य में विदेशी मूल की महिलाएं भी शामिल हैं।

‘एक्स’ पर किए गये ट्वीट में एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है, जिसे स्पा सेंटर का बताया गया है, इसमें वीडियो बनाने वाले युवक की कुछ लाेगों से लडा़ई की बहस की क्लिप दिखाई देती है और एक विदेशी समेत कुछ महिलाएं भी दिखाई देती हैं ‌

जब आला अफसरों को ट्वीट की जानकारी मिली तो ड़कंप मच गया और
और देर शाम फिर यहां छापा मारा गया, सेंटरों में पुलिस के पहुंचते ही चारो तरफ अफरातफरी मच गई, इस दौरान अन्य लोग भाग निकले जबकि 13 महिलाओं समेत 20 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।

खबरों के अनुसार, पकड़ी गई महिलाओं में से एक ने खुद को स्पा सेंटर संचालक बताया है, महिलाओं व युवतियों को महिला थाने जबकि पुरुषों को सिविल लाइंस थाने में रखकर देर रात तक पूछताछ चलती रही,
सूत्रों के मुताबिक, पकड़ी गई महिलाओं व युवतियों में से एक को छोड़कर अन्य सभी स्पा सेंटरों में काम करती हैं, यह अलग-अलग शहरों की हैं और प्रयागराज में किराये के कमरे में रहती हैं, और स्पा सेंटरों में वह फर्जी नाम से काम करती हैं जबकि इनके असली नाम कुछ और हैं।

इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 500 मीटर की दूरी पर दो पुलिस चौकियां व एक किमी की दूरी पर थाना स्थित ह, ऐसे में लोगों ने पुलिस पर सवाल उठाया है कि, पुलिस को इसकी जानकारी कैसे नहीं हो पाई। इस पूरे प्रकरण में बड़ा रहस्य यह है कि इस अनैतिक कार्य के धंधे का सरगना जो समीर नाम का है वो माफिया अतीक अहमद का करीबी रहा है। अब पुलिस इस तहकीकात में जुट गयी है कि, आखिर यह समीर कौन है, क्या इसका वाकई अतीक से कोई संबंध है कि नहीं।

आंध्र प्रदेश: गर्ल्स हॉस्टल के टॉइलेट में हिडन कैमरा, छात्राओं के वीडियोज़ लीक होने से मचा हड़कम्प

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

नई दिल्ली | आजकल लड़कियों के साथ हो रहे अत्याचार कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। कहीं छेड़छाड़, कहीं बालात्कार तो कहीं दहेज के लिए हत्या। ये सभी कुकृत्य आज हर जगह देखने को मिल रहें हैं। आज़ादी के इतने सालों बाद भी लड़कियों को आजादी नहीं मिली है, वे किसी न किसी रूप में प्रताड़नाएँ सह रही हैं।

इसी क्रम में एक और केस सामने आया है। ये ताजा मामला आंध्र प्रदेश का है। प्रदेश के कृष्णा जिले के इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के एक वॉशरूम में हिडन कैमरा मिला है, जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि इस कैमरे से रिकार्ड विडियोज़ को बेच दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, कल शाम की इस घटना की खबर मिलते ही छात्राओं में डर का माहौल सा छा गया था इसके बाद कालेज में चारोंओर अफरातफरी का माहौल छा गया, इस मामले के खिलाफ छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है, छात्राओं ने पुलिस से इस मामले की जांच करने की मांग की है।

पुलिस ने इस घटना के विषय में बताया कि, इस घटना के बाद छात्राओं में डर का माहौल है, हम मामले की गम्भीरता को समझते हुए इस घटना की जांच शुरू कर दी है, और इस घटना के तहत ब्वॉयज हॉस्टल में रह रहे एक सीनियर छात्र विजय कुमार को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

पुलिस ने आगे बताया कि, वह छात्र बीटेक के लास्ट ईयर का स्टूडेंट है, उस छात्र का लैपटॉप व मोबाइल जब्त कर लिया गया है और आगे की जांच हमने शुरू कर दी है, बता दें कि, इस वाशरूम के 300 विडियो लीक हुए थे, और कुछ छात्रों ने ये वीडियोज विजय से खरीदे भी थे।

भाजपा के ‘कोलकाता बंद’ के विरोध में खुलकर बैटिंग कर रहे तेजस्वी यादव, भाजपा नेताओं को घेरा

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

लखनऊ | पश्चिम बंगाल में केआरजी मेडिकल कालेज केस के विरोध में कल 12 घंटे बंगाल बंद था, जिसके बाद इस पर सभी नेता अपनी टिप्पणी देने लगे हैं। इसी क्रम में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कब ‘बंद’ होगा ? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार व दुष्कर्म होते हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सारी हदें पार कर दी है, बालिका गृह में क्या हुआ था? शासन में कौन थे, ये बात सबके सामने आनी चाहिए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द न्याय मिले।

आगे बात करते हुए तेजस्वी यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शासन व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और वहां सबसे ज्यादा दुष्कर्म की घटनाएं होती हैं, उन्होंने यह भी कहा कि, बिहार में भी बड़ी संख्या में दुष्कर्म हो रहे हैं। दोनों राज्यों में भाजपा सत्ता में बैठी है। वहां भाजपा क्या कर रही है? इन दोनों राज्यों में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं।

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि केआरजी मेडिकल कालेज में हुई घटना के विरोध में बीजेपी के लोगों ने पश्चिम बंगाल में तो बंदी का आह्वान किया था, लेकिन उत्तर प्रदेश में बंदी कब करेंगें, कब वहां की बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस करेगीं। बीजेपी के करनी में और कहनी में बहुत फर्क दिखता है।

बता दें कि, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को एक ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या के बाद से बंगाल में लगातार आंदोलन चल रहा है। इसी क्रम में कल छात्रों ने ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर सचिवालय मार्च का आयोजन किया था, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जब सुरक्षा घेड़ा तोड़ दिया और पुलिस पर पथराव करने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था।

वहीं लाठी चार्ज की घटना का केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने विरोध करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में अराजकता का माहौल है, वहां सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि सबको आश्चर्य होता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एक महिला हैं, इसके बावजूद महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन पर वह लाठीचार्ज करवाती हैं।