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Thursday, July 30, 2026
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…जब प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर के उद्योगपतियों को दिया ‘बनारसी पान’ का न्योता

इशिका गुप्ता| navpravah.com

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में ब्रुनेई और सिंगापुर का दौरा करके लौटे हैं। इन दोनों यात्राओं ने भारत और इन देशों के बीच व्यापार, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को काफी मजबूत किया। सिंगापुर दौरे के दौरान चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए।

दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी ने सिंगापुर के उद्योगपतियों को बनारसी पान का स्वाद चखने का न्योता दिया, जिससे भारतीय संस्कृति को एक अनोखे तरीके से पेश किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी के ब्रुनेई दौरे को भारत और ब्रुनेई के बीच व्यापार, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोल्किया ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच व्यापक बातचीत हुई, जिसमें आर्थिक सहयोग, ऊर्जा साझेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।

इस दौरान भारत और ब्रुनेई के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें बंडर सेरी बेगवान और चेन्नई के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत शामिल है। सुल्तान ने पीएम मोदी के सम्मान में ‘इस्ताना नुरुल इमान’ महल में लंच भी आयोजित किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा महल है।

पीएम मोदी ने ब्रुनेई के व्यापारिक समुदाय के साथ भी बातचीत की, जिसमें उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी महत्वपूर्ण पहलों के तहत निवेश करने के लिए ब्रुनेई की कंपनियों को आमंत्रित किया। इसके अलावा, दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने मिलकर काम करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करने का वादा किया।

प्रधानमंत्री मोदी का सिंगापुर दौरा द्विपक्षीय संबंधों के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण रहा। इस दौरे के दौरान भारत और सिंगापुर ने सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हेल्थ और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विशेष रूप से, दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान देने का निर्णय लिया।

पीएम मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वॉन्ग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और सिंगापुर की संसद में भी भव्य स्वागत किया गया। दोनों नेताओं ने आपसी व्यापार और आर्थिक संबंधों को और सशक्त बनाने पर सहमति जताई।

सिंगापुर के व्यापारिक समुदाय से मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने उन्हें भारत आने और निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने मजाक करते हुए कहा कि अगर वे पान का आनंद लेना चाहते हैं, तो उन्हें वाराणसी में निवेश करना चाहिए, क्योंकि वहां का पान मशहूर है।

पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर देर रात चली ताबड़तोड़ गोलियाँ, युद्ध जैसे हालात, कई लोगों की मौत की आशंका

इशिका गुप्ता | navpravah.com

नई दिल्ली | पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्र में देर रात गोलीबारी हुई है, जिसमें कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है।

तालिबान के अधिकृत अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच रातभर गोलीबारी हुई। अफगानिस्तान की खामा प्रेस के अनुसार खोस्त प्रांत के जाजी मैदान जिले में बुधवार शाम सात बजे से लेकर रात भर गोलीबारी हुई। सूत्रों से यह भी पता चला है कि दोनों तरफ से भारी हथियार का प्रयोग भी हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार अफगानी सैनिक तीन दिनों से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चौकियों का निर्माण कर रहे हैं, जिसकी वजह से ही यह झड़प शुरू हुई।

पाकिस्तान के स्थानीय सूत्रों ने बताया कि झड़प‌ में दोनों तरफ के लोगों की मौतों की आशंका है लेकिन कितने लोगों की मौतें हुई हैं, इसका पता अभी नहीं चल सका है।

डूरंड रेखा को मान्यता नहीं देता है अफगानिस्तान-

काल्पनिक डूरंड सीमा रेखा जो कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान को अलग करती है। अफ़ग़ानिस्तान सरकार इस रेखा को वास्तविक सीमा रेखा नहीं मानती है। यह सीमा विवाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से होता रहा है।

साल 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी से पाकिस्तान को लगा कि यह सीमा विवाद खत्म हो जाएगा पर ऐसा नहीं हुआ। कहा जा रहा है कि तालिबान सत्ता में वापसी के बाद सीमावर्ती इलाकों पर अपना दावा ठोक रहा है। सीमावर्ती इलाकों पर अपने अफगानी सैनिकों की सुरक्षा चौकियों का निर्माण करना भी इसका एक उदाहरण हो सकता है।

क्या आज जेल से छूट जाएँगे केजरीवाल ? शराब घोटाला मामले में आज SC में सुनवाई

arvind kejriwal
arvind kejriwal

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

नई दिल्ली | शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सीएम केजरीवाल को पहले ईडी ने अपनी कस्टडी में लिया था, लेकिन उस मामले में जमानत मिलने के बाद सीबीआई ने फिर उन्हें जेल से ही गिरफ्तार कर लिया था।

ईडी मामले में कोर्ट ने पहले से ही सीएम की रिहाई का आदेश दिया था, अब आज सीबीआई इस मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी और फिर यह तय करेगी कि उन्हें जमानत मिलेगी या नहीं! सीएम की जमानत याचिका पर जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस उज्जल भुइयां की स्पेशल बेंच सुनवाई कर रही है।

सीएम के मामले की सुनवाई के लिए दो नंबर एलॉट किया गया है। लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि शराब नीति घोटाले का आरोप सीएम के दामन में दाग लगा दिया है, केजरीवाल ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए चुनौती दी है और न्याय की गुहार लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 27 अगस्त को भारत राष्ट्र समिति की नेता के. कविता को जमानत दी थी। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि वह पढ़ी-लिखी हैं या विधायक या सांसद हैं तो उन्हें पीएमएलए एक्ट के प्रावधानों का लाभ से वंचित रखा जा सकता है।

बता दें कि दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी 9 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। शराब घोटाले में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी, मनीष सिसोदिया 17 महीने से तिहाड़ जेल में बंद थे।

दिल-दिमाग से CM आवास के नक्शे तक, बुलडोजर पर भिड़ गए सीएम योगी और अखिलेश यादव

इशिका गुप्ता | navpravah.com

नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा, जिससे राजनीति में हलचल मच गई। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर चलाने के लिए दिल और दिमाग दोनों की जरूरत होती है, और यह सबके बस की बात नहीं है। सिर्फ वही लोग बुलडोजर चला सकते हैं जिनमें ताकत और दृढ़ संकल्प हो। दंगाइयों के सामने झुकने वाले लोग बुलडोजर के सामने भी हार मान जाएंगे।

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि बुलडोजर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन अखिलेश यादव को इस पर आपत्ति क्यों है, यह समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव राजनीति में हमेशा नफरत और प्रतिशोध की बात करते हैं। त्रिपाठी ने भविष्यवाणी की कि 2027 में जनता अखिलेश के सपनों पर बुलडोजर चलाएगी।

अखिलेश यादव ने हाल ही में यूपी के अगले विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की हार तय है और समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। सपा की सरकार बनने के बाद, बुलडोजर का रुख गोरखपुर की तरह बदल दिया जाएगा। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

अखिलेश यादव ने कहा, “2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार निश्चित है और इसका असर देश की राजनीति पर पड़ेगा। बीजेपी की सरकार में निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है, किसानों की स्थिति दयनीय है, और नौजवानों का भविष्य अंधेरे में है। समाज का हर वर्ग संकट में है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2027 में समाजवादी सरकार बनने पर पूरे प्रदेश में बुलडोजरों का रुख गोरखपुर की तरफ होगा। ये बातें उन्होंने मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा।

राहुल गांधी की बातों में कितना दम, कितना आसान है जम्मू कश्मीर को राज्य बनाना?

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, राजनेता बयानबाजी करना शुरू कर देते हैं। जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित राज्य बने लगभग 6 साल हो गए लेकिन कांग्रेस नेता को ये बात आज याद आई क्योंकि जम्मू कश्मीर में चुनाव नजदीक है।

जैसा कि अब जम्मू कश्मीर में चुनाव है तो आज लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपनी पार्टी का प्रचार करने जम्मू कश्मीर के रामबन पहुंचे थे। उन्होंने वहां प्रधान मंत्री पर जमकर निशाना साधा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “पहली बार देश के एक राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर लोगों के अधिकार छीने गए। सबसे पहले जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस करना होगा क्योंकि सिर्फ आपका राज्य ही नहीं छीना गया है, आपसे आपके अधिकार, आपकी संपत्ति, सब कुछ छीना जा रहा है। 1947 में हमने राजाओं को हटाकर लोकतांत्रिक सरकार बनाई, देश को संविधान दिया। आज जम्मू-कश्मीर में एक राजा बैठा है, उसका नाम उपराज्यपाल है लेकिन वो राजा है। आपकी संपत्ति आपसे छीनकर बाहर के लोगों को दी जा रही है। हमारा पहला कदम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाना होगा, हम चाहते थे कि चुनाव से पहले आपको राज्य का दर्जा मिले और फिर चुनाव हों लेकिन भाजपा ये नहीं चाहती। भाजपा चाहे या न चाहे INDIA गठबंधन इतना दबाव डालेगी कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देना ही होगा।”

राहुल गांधी जी ने बयान तो से दिया कि हम केंद्र सरकार पर दवाब बनायेंगे कि हम जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य बनायेंगे लेकिन आइए समझते हैं संविधान में इसकी क्या प्रक्रिया है –

जम्मू और कश्मीर को पुनः पूर्ण राज्य बनाने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 और 4 के तहत निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:

1. विधेयक का प्रस्ताव: केंद्र सरकार संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश करेगी।

2. राष्ट्रपति की सहमति: राष्ट्रपति विधेयक को संसद में पेश करने से पहले अपनी सहमति देंगे।

3. संसद में पारित: विधेयक संसद के दोनों सदनों में बहस और वोटिंग के बाद साधारण बहुमत से पारित होगा।

4. राष्ट्रपति की स्वीकृति: राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद विधेयक कानून बन जाएगा।

5. अधिसूचना और लागू: कानून की अधिसूचना जारी होने पर जम्मू और कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाएगा। इसके बाद विधानसभा चुनाव होंगे और राज्यपाल की नियुक्ति की जाएगी।

यह प्रक्रिया केंद्र सरकार की मंशा और संसद की सहमति पर निर्भर करेगी। अब इस तरह से देखा जाए तो राहुल गांधी की सरकार केंद्र में है नहीं, तो उनके ये दावे खोखले ही लग रहे हैं। उनका ये बयान चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक ज्यादा लग रहा है।

अब राहुल गांधी के इस बयान के बाद से राजनीति और तेज होगी ही, अभी तो ये बयानबाजी शुरू हुई है। तमाम पार्टियां बड़ी बड़ी घोषणाएं करेंगी लेकिन इन सब के बीच देखने वाली बात ये भी होगी कि क्या कोई पार्टी आर्टिकल 370 को भी फिर से लागू करने की बात ना कर दे।

पाकिस्तान की भी होगी नजर –

जम्मू कश्मीर में चुनाव होने के कारण अब इन चुनावों पर पाकिस्तान और उसकी एजेंसी आईएसआई भी नजर गड़ाए बैठी हैं। पाकिस्तान हमेशा भारत में अस्थिरता लाने की कोशिश में लगा रहता है और इस बार चुनाव जम्मू कश्मीर में है तो पाकिस्तान और चौकन्ना होगा और चाहेगा कि उसकी विचारधारा वाली पार्टियां चुनाव जीते।

कानपुर: पाँच दिन के बच्चे को कुत्तों ने नोच-नोच कर किया घायल, ज़िंदगी-मौत की जंग लड़ रहा मासूम

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

लखनऊ | कानपुर के हैलट हास्पिटल में एक नवजात बच्चे का इलाज चल रहा है, जिसे आवारा कुत्तों नोच-नोच कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। बच्चा पाँच दिन का बताया जा रहा है। ये बच्चा हमीरपुर की झाड़ियों के पीछे जख्मी हालत में पाया गया है। बच्चे के कोमल शरीर पर 25 घाव हैं।

अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ पांच दिन के नवजात बच्चे को बचाने की जद्दोजहद करने में लगे हैं। जब बच्चा अस्पताल आया तो हड़कंप सा मच गया। लोगों ने आशंका जताया कि यह बच्चा किसी अविवाहित जोड़े का हो सकता है, तभी इसे झाड़ी के पीछे फेंका गया है। अब अस्पताल में एक-एक सांस के लिए मौत से लड़ रहे इस बच्चे की जान की सलामती की दुआएं डॉक्टर और नर्स सभी कर रहे हैं। अभी फिलहाल बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बता दें कि, हमीरपुर राठ के कस्बाखेड़ा गांव के पुल के पास झाड़ियों में 30 अगस्त को यह नवजात रोता-बिलखता मिला था। बच्चे के कोमल शरीर को कुत्तों ने जगह-जगह काटा था शरीर पर 25 जगह गहरे जख्म थे जिसके चलते संक्रमण से हालत और भी खराब हो गई। बच्चे की गंभीर हालत में बाल रोग विभाग के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है।

बच्चे का इलाज कर रहे डॉ. सिद्दिकी के मुताबिक, नवजात पांच दिन का है, उसे कुत्तों ने काटा है। झाड़ियों में काफी देर तक खुला पड़ा होने से संक्रमण भी हो गया है, अभी उसका वजन दो किलो 400 ग्राम है और बच्चे को नली के सहारे से दूध दिया जा रहा है।

इस मासूम को सबसे पहले रामसनेही नाम के व्यक्ति ने देखा था, जिसकी नौ बेटियां हैं, इसलिए वह इस बच्चे को झाड़ी से निकालकर हास्पिटल ले गया ताकि वे इस बच्चे को अपना सके। फिलहाल डाक्टर उसका इलाज कर रहे हैं और उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

IC814: भारी बवाल के बाद झुका नेटफ्लिक्स, अब सीरीज में करेगा बदलाव

इशिका गुप्ता | navpravah.com 

नई दिल्ली | Netflix की वेब सीरीज “IC 814: द कंधार हाईजैक” को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवाद उठ खड़ा हुआ है। सीरीज में आतंकियों को उनके असली नामों की बजाय हिंदू कोड-नेम जैसे “बर्गर,” “चीफ,” “शंकर,” और “भोला” से दिखाया गया, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई और इसे आतंकियों के असली नाम छिपाने की कोशिश के रूप में देखा।

इस विवाद के बढ़ने पर सूचना प्रसारण मंत्रालय ने Netflix इंडिया की कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल को समन किया और उनसे इस पर स्पष्टीकरण मांगा।

मोनिका शेरगिल ने दिल्ली में मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि शो के डिस्क्लेमर को अपडेट कर दिया गया है। इसमें अब आतंकियों के असली नामों के साथ-साथ वे कोड-नेम भी शामिल हैं, जो उन्होंने असल घटना के दौरान इस्तेमाल किए थे।

अपने बयान में मोनिका ने बताया कि Netflix भारत में कहानियों को सटीक और सम्मानजनक तरीके से पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “भारत की समृद्ध स्टोरीटेलिंग संस्कृति है, और हम इसे प्रामाणिक तरीके से दिखाने के लिए प्रयासरत हैं।”

योगी सरकार ने राज्य के कर्मचारियों दी एक महीने की मोहलत, 30 सितम्बर तक देना होगा संपत्ति का ब्योरा

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

लखनऊ | यूपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को थोड़ी राहत प्रदान करते हुए अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर 30 सितंबर तक कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं देंगें, तो उनका वेतन उन्हें नहीं दिया जायेगा।

सरकार ने ब्यौरा देने की आख़िरी तारीख़ एक महीने बढ़ा दी है, इससे पहले सरकार ने कर्मचारियों को 31 अगस्त तक की डेडलाइन दी थी लेकिन अब राहत देते हुए इसे बढ़ा दिया गया है। अब संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए कर्मचारियों के पास पूरा सितंबर महीना है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने 17 अगस्त को सभी राज्य कर्मचारियों को उनकी संपत्ति का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया था। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में करीब 846640 राज्य कर्मचारी हैं लेकिन अब तक इनमें से मानव संपदा पोर्टल पर 602075 कर्मचारियों ने ही अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, जिन विभागों ने अब तक संपत्ति का ब्यौरा दिया है, उनमें टैक्सटाइल विभाग, खेल विभाग, महिला कल्याण विभाग, ऊर्जा विभाग और कृषि विभाग के कर्मचारी ही शामिल हैं। वहीं संपत्ति छिपाने के मामले में शिक्षा विभाग, औद्योगिक विभाग, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नाम सामने आ रहा हैं।

बता दें कि, यूपी के डीजीपी हेडक्वार्टर ने नियुक्ति विभाग को चिट्ठी लिखकर संपत्ति का ब्यौरा दिए जाने की समय सीमा बढ़ाने की अपील की थी। चिट्ठी में उन्होंने लिखा था कि पुलिस भर्ती एग्जाम और त्योहारों की वजह से बहुत से पुलिसकर्मी समय पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दे सके हैं, अतः संपत्ति का ब्यौरा देने की समय सीमा बढ़ा दी जाए।

UP: बहराइच में आदमखोर भेड़िए का आतंक, पूरे इलाक़े में ख़ौफ़

इशिका गुप्ता| navpravah.com

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़िए लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में, इन भेड़ियों ने दो और बच्चों पर हमला किया। रविवार रात एक भेड़िया ने एक बच्ची की जान ले ली। इससे पहले भी भेड़िए महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को शिकार बना चुके हैं। अब तक कुल 9 लोगों की जान जा चुकी है।

बहराइच के 35 गांवों में इन भेड़ियों का आतंक फैल चुका है। हर दिन किसी न किसी पर हमला हो रहा है। पिछले 48 दिनों में भेड़ियों ने 8 बच्चों और एक महिला की जान ले ली है, और 45 लोग घायल हो चुके हैं। सोमवार रात भी भेड़िए ने एक बच्चे पर हमला किया, लेकिन शुक्र है कि बच्चा सुरक्षित रहा। यह घटना महसी के गिरधर पुरवा गांव की है, जहां भेड़िए ने आधी रात को दो बच्चों पर हमला किया। एक बच्चे को मामूली खरोंच आई, जबकि दूसरी बच्ची का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

भेड़िए ने हाल ही में दो छोटे बच्चों को अपना शिकार बनाया। एक 5 साल की बच्ची अपनी दादी के साथ घर में चारपाई पर सो रही थी, जब रात के करीब 12 बजे भेड़िया अचानक हमला कर दिया। बच्ची की चीखें सुनकर भेड़िया वहां से भाग गया, लेकिन उसने फिर उसी गांव के दूसरे घर में एक और बच्चे पर हमला किया। सौभाग्य से, वह बच्चा भी बाल-बाल बच गया। यह घटना महसी तहसील के पंढुईया गांव में हुई। पिछले दो दिनों से आदमखोर भेड़िया लगातार लोगों को निशाना बना रहा है।

35 गांवों में भेड़ियों का आतंक मचा हुआ है। रविवार रात एक भेड़िए ने एक बच्ची पर हमला कर उसकी जान ले ली। इससे पहले भी भेड़िया महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अपना शिकार बना चुका है। अब तक भेड़ियों के हमलों में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। वन विभाग लगातार भेड़ियों को पकड़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, 4 आदमखोर भेड़ियों को पकड़ लिया गया है, लेकिन 2 भेड़िए अभी भी उनकी पहुंच से बाहर हैं।

रविवार रात को भेड़ियों ने संदिग्ध हमलों में ढाई साल की एक बच्ची की जान ले ली। इसके अलावा, अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, भेड़ियों के हमले की आशंका पड़ोसी सीतापुर जिले में भी जताई जा रही है। उल्लेखनीय बात यह है कि भेड़िये अब नए इलाकों में भी हमले कर रहे हैं। बहराइच की जिलाधिकारी मोनिका रानी ने सोमवार को मीडिया को बताया कि भेड़िये के हमले में ढाई साल की अंजलि की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हुईं। जुलाई से अब तक इन हिंसक वन्य जीवों के हमलों में कुल 9 लोगों की मौत हो चुकी है।

गांव वालों के अनुसार, महसी तहसील के हरदी थाना इलाके में गरेठी गुरुदत्त सिंह के नव्वन गरेठी मजरे में एक और भयानक घटना हुई। एक-दो सितंबर की रात ढाई साल की बच्ची अंजलि अपनी मां के साथ घर में सो रही थी, जब भेड़िया उसे उठा ले गया। बच्ची की चीख सुनकर परिवारवाले उसकी तलाश में निकल पड़े, लेकिन कुछ पता नहीं चला। अंततः, गांव से एक किलोमीटर दूर अंजलि का क्षत-विक्षत शव मिला। भेड़िया ने बच्ची के दोनों हाथों को खा लिया था। अब तक भेड़ियों के हमलों में कुल 9 लोगों की जान जा चुकी है।

‘कांग्रेस में होता है कास्टिंग काउच’, केरल कांग्रेस की महिला नेता ने पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

सौम्या केसरवानी | navpravah.com
नई दिल्ली | कांग्रेस की नेता सिमी रोज़बेल के पार्टी पर ‘कास्टिंग काउच’ का आरोप लगाने से राजनीतिक हलके में खलबली मच गई। सिमी ने बताया कि यहां पर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए समझौते करने पड़ते हैं, ये बातें अंदर की हैं जो मैं बता रही हूं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तुलना फिल्म इंडस्ट्री में लगने वाले आरोपों से की।
महिला नेता के खिलाफ पार्टी ने बड़ा ऐक्शन लिया है और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया है। सिमी रोजवेल ने यह बातें एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कही। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के चलते सिमी रोजबेल जॉन के ऊपर यह कार्रवाई की गई है।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दावा किया है कि सिमी विपक्षियों के साथ मिलकर पार्टी की छवि खराब कर रही हैं। सिमी रोजबेल जॉन ने एक निजी टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में बताया था कि कई बार पार्टी में आगे बढ़ने के लिए महिला नेताओं को पुरूष नेताओं को इंप्रेस करना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कहा कि यहां टैलेंट या अनुभव काम नहीं आता है।
सिमी ने विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के ऊपर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, हालांकि सतीशन ने इन आरोपों को झूठा करार दिया था। गौरतलब है कि केरल फिल्म इंडस्ट्री में मी टू की मुहिम चल रही है, जिसमें कई अभिनेत्रियों ने यौन उत्पीड़न और कास्टिंग काउच के आरोप लगाए हैं।