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Wednesday, August 5, 2026
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कोरोनो वायरस से इलाज के लिए जापान ने दी एंटी-वायरल दवा के प्रयोग की मंज़ूरी

मरीज़ों की संख्या में बढ़ोत्तरी से टेंशन में सरकार
Jharkhand: मरीज़ों की संख्या में बढ़ोत्तरी से टेंशन में सरकार

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

कोरोनोवायरस रोगियों के गंभीर लक्षणों के उपचार के लिए जापान ने प्रायोगिक एंटी-वायरल ड्रग रेमेडिसविर के उपयोग को मंजूरी दी है।

सीएनएन वर्ल्ड में प्रकाशित एक ख़बर के मुताबिक अमेरिका में शोधकर्ताओं ने पिछले हफ्ते कोरोनोवायरस के संभावित उपचार के बारे में कुछ अच्छी खबरें जारी कीं जो इस बात का सबूत है कि प्रायोगिक दवा रोगियों को संक्रमण से जल्दी ठीक होने में मदद कर सकती है।

‘यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ ने गंभीर कोविड -19 के रोगियों में आपातकालीन उपयोग के लिए ‘रीमेडिसविर’ को अधिकृत किया है।

जापानी स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय ने इस दवा की विशेष मंजूरी दी है, जिसे एप्रूवल के लिए आवेदन करने के तीन दिन बाद अमेरिका के गिलियड फार्मास्युटिकल द्वारा विकसित किया गया।

VIZAG गैस काण्ड: “नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने लिया संज्ञान, कल होगी सुनवाई”

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

राष्ट्रीय हरित अभिकरण (NGT) ने विशाखापट्टनम की फैक्ट्री में हुई गैस रिसाव की दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए कल दिन शुक्रवार को इसकी सुनवाई करने का फैसला लिया है।

राष्ट्रीय हरित अभिकरण के चेयर पर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल कल एलजी पॉलीमर केमिकल प्लांट मैं हुई गैस रिसाव की दुर्घटना की सुनवाई करेंगे। गौरतलब है कि ये दुर्घटना आंध्रप्रदेश राज्य के विशाखापट्टनम मैं वेंकटपुरम गांव में स्थित एलजी पॉलीमर्स केमिकल प्लांट फैक्ट्री में हुई है, जिसमें 5000 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आये हैं व कई जानें चली जाने की पुष्टि हुई है।

सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ एन्ड इनवायरमेंटल लिटिगेशन फाउंडेशन नामक एनजीओ द्वारा इस दुर्घटना के संबंध में एक हाई लेवल जांच की मांग भी की गई है।

वहीं नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन द्वारा ने इस संबंध में स्वयं संज्ञान लेते हुए दुर्घटना में मारे गए व हताहत हुए लोगों के संबंध में आंध्र प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है।

सावधान! जून माह में सबसे ज़्यादा बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले – निदेशक AIIMS

प्लाज़्मा थेरेपी के शुरूआती नतीजे अच्छे
प्लाज़्मा थेरेपी के शुरूआती नतीजे अच्छे

न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

देश में कोरोना वायरस के मामले अब बढ़ते ही जा रहे हैं। इस बीच एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस जिस तरह फ़ैल रहा है उसके मुताबिक, जून में मामले सबसे ज्यादा होंगे। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का फायदा हुआ है और लॉकडाउन में कोरोना के केस ज्यादा नहीं बढ़ पाये हैं।

रणदीप ने कहा कि देश में हाल के दिनों में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ा है, लेकिन केस उतने ज्यादा नहीं बढ़े जितने पश्चिमी देशों में कोरोना वायरस ने तबाही मचाई है। फिर भी अभी सब को सावधानी बरतने की जरुरत है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के ट्रेंड पर जब आप ध्यान देंगे तो पिछले 1 महीने में इनमें तेजी ही आई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनौती बढ़ती गई, देश ने भी उसी हिसाब से जल्द ही रिस्पांस दिया।

डा. गुलेरिया ने कहा कि अस्पतालों ने लॉकडाउन में अपनी तैयारी कर ली है। डॉक्टर्स को प्रशिक्षण दिए गए हैं, पीपीई किट्स, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिकल उपकरणों के इंतजाम हुए हैं, और कोरोना की जांच जगह-जगह बढ़ गयी है ।

डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि कब तक कोरोना के मामले चलेंगे, यह अभी से नहीं कह सकते हैं, लेकिन इतना जरूर है कि जब पीक पर कोई चीज होती है तो वहीं से वह डाउन होनी शुरू होती है। अब उम्मीद यही करते हैं कि जून में जब कोरोना के मामले पीक पर होंगें, उसके बाद से ही कोरोना के मामले कम होने शुरू होंगे। 

विशाखापट्टनम: फार्मा कंपनी में गैस रिसाव से 8 की मौत, हज़ार से ज़्यादा बीमार

Visakapattanam: गैस रिसाव से 8 की मौत
गैस रिसाव से 8 की मौत

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

नई दिल्ली | आज सुबह आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज की वजह से पूरे शहर में तनाव का माहौल है। अभी भी प्रशासन हालात को नियंत्रित करने में लगी हुई है। जानकारी प्राप्त हुई है कि अब तक 8 लोगों की मौत हो गई है और 1000 लोग बीमार हैं।

इस जहरीली गैस के कारण फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाके प्रभावित हैं, अभी तक आस-पास के पांच गांव खाली करा लिए गए हैं। सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, हालांकि घंटों मेहनत के बाद अब रिसाव पर काबू पा लिया गया है।

मिली सूचना के अनुसार, गैस का रिसाव सुबह करीब 3 बजे से हो रहा था, घटना के बाद करीब 3 किलोमीटर के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई थी, हालांकि, अभी तक गैस लीकेज के असली कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। इस घटना को लेकर आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों से पूछताछ की है, उन्होंने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव कदम उठाएं। वहीं, घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से बात की है।

फेफड़े-दिमाग और रीढ़ की हड्डी पर भी बुरा असर-

आंध्र प्रदेश में केमिकल प्लांट से लीक स्टीरीन गैस के संपर्क में आने वालों के फेफड़ों और दिमाग पर बुरा असर करता है। जानकारों के मुताबिक़, इसके अलावा गैस की वजह से रीढ़ की हड्डी पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।

बता दें कि एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री की स्थापना 1961 में हिंदुस्तान पॉलिमर्स के नाम से की गई थी। कंपनी पॉलिस्टाइरेने और इसके को-पॉलिमर्स का निर्माण करती है, बाद में कंपनी को दक्षिण कोरिया के एलजी केम (LG Chem) ने लिया था और 1997 में एलजी पॉलिमर इंडिया के रूप में नाम दिया गया था।

इनपुट: रवि ठाकुर

दुनिया की पहली गैंग्स्टर फ़िल्म: ‘द ग्रेट ट्रेन रॉबरी’

डॉ० कुमार विमलेन्दु सिंह | Cinema Desk

सिनेमा ने बहुत धीरे-धीरे मनोरंजन का साधन मात्र होने से कलात्मक अभिव्यक्ति के सशक्त माध्यम के रूप में स्वीकृत होने तक की यात्रा तय की है। इस माध्यम के अंतर्गत भी विविध शैलियों और विधाओं की स्थापना होती रही है। रोमांटिक फ़िल्में, पारिवारिक फ़िल्में, सामाजिक फ़िल्में, कॉमेडी फ़िल्में और भी कई प्रकार की फ़िल्में बनती रही हैं। गैंग्स्टर फ़िल्मों को हमेशा से हर दर्शक वर्ग ने, हर देश में, बहुत पसंद किया है। दुनिया की पहली गैंग्स्टर फ़िल्म थी, “द ग्रेट ट्रेन रॉबरी”।

फ़िल्म ‘द ग्रेट ट्रेन रॉबरी’ का पोस्टर (PC-Wikipedia)

“द ग्रेट ट्रेन रॉबरी”, 1903 में आई थी और अपने दौर की बाक़ी फ़िल्मों की तरह, मूक फ़िल्म थी। इसके लेखक, निर्माता और निर्देशक, एडविन सैन्टोन पोर्टर थे। ये फ़िल्म 12 मिनट की मूक फ़िल्म थी और एडिसन कंपनी द्वारा वितरित की गई थी, जो कि मशहूर आविष्कारक, टॉमस एल्वा एडिसन की कंपनी थी। 1896 में स्कॉट मार्बल द्वारा लिखे गए एक नाटक का ही रूपांतरण थी ये फ़िल्म।

इस फ़िल्म में एक ट्रेन में की गई डकैती को दिखाया गया है। दो लोग एक टेलीग्राफ़ ऑफ़िस में  घुस कर, बंदूक दिखाकर, ट्रेन रुकवाते हैं, फिर उस आदमी को बांध देते हैं। ट्रेन को लूटने के समय, दो और लोग उनसे आ कर जुड़ते हैं और लूट के बाद वे मार दिए जाते हैं। इससे पहले टेलीग्राफ ऑफ़िस वाले मुलाज़िम की बेटी आ कर उसके बंधन खोल दिए होते हैं ।

फ़िल्म के अंत में, अभिनेता  जस्टस डी० बार्नस स्क्रीन पर आते हैं और दर्शकों की तरफ पिस्तौल कर के गोली चला देते हैं। जेम्स बॉण्ड की फ़िल्मों में गोली चलाने का अंदाज़ यहीं से लिया गया है।

देखें फ़िल्म:

1915 में आई  फ़िल्म “द बर्थ ऑफ़ ए नेशन”, के पहले मूक सिनेमा के दौर में “द ग्रेट ट्रेन रॉबरी” ही सबसे कामयाब फ़िल्म रही। इसे अभी भी पश्चिम की पहली सुपरहिट फ़िल्म माना जाता है।

इस फ़िल्म में गैंग्स्टर और उनका व्यवहार बहुत ही बारीक तरीके से दिखाया गया था और इसके बहुत बाद तक फ़िल्मों में गैंग्स्टर्स को ऐसे ही दिखाया जाता रहा।

(लेखक जाने-माने साहित्यकार, स्तंभकार, व शिक्षाविद हैं.)

भूली हुई यादें- “मुराद”

डॉ० कुमार विमलेन्दु सिंह | Navpravah Desk

कुछ शक्लें, समंदर होती हैं और कुछ आंखें, तारीख़ की किताब, इनके ख़ामोश रह लेने भर से, कई क़िस्से आबाद होते हैं और इनकी आवाज़, आशना होने का सबूत होते हैं। ये कई अलग अलग रूप में, हमारे सामने से गुज़रते हैं और हर बार हम मानते हैं कि इनसे तो क़रार है, मिलते रहने का और इसी ख़ुशमिज़ाजी में, हम उनका नाम भी पूछना भूल जाते हैं। हिन्दी सिनेमा में एक ऐसी ही शक़्ल मुराद की थी।

फ़िल्म ‘दो बीघा ज़मीन’ में मुराद और बलराज साहनी (PC-Cinestaan)

मुराद, 1910 में, रामपुर, उत्तर प्रदेश में पैदा हुए और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैम्पस में मिंटो सर्कल में हाई स्कूल तक की पढ़ाई भी की। ये अपने घर के दुलारे थे और कद काठी से भी बेहद ख़ूबसूरत नौजवान थे। इनके कुछ रिश्तेदार बंबई (अब मुंबई) में रहते थे, और ये वहीं पहुंच गए। इनकी पत्नी के भाई, अमानुल्ला ख़ान, भोपाल के राजपरिवार से थे और लिखने का शौक़ रखते थे। मुंबई में, अमानुल्लाह की सलाहियत से फ़िल्मी दुनिया के लोग वाकिफ़ थे और आगे जा कर इन्होंने, “मुग़ल-ए-आज़म” और “पाकीज़ा” की पटकथा भी लिखी। मशहूर अभिनेत्री, ज़ीनत अमान, अमानुल्लाह ख़ान की बेटी हैं और इस तरीके से मुराद की भांजी भी।

एक फ़िल्म में जज की भूमिका में मुराद (PC-Its Box Office Forum)

मुंबई में, 1943 में, महबूब ख़ान की फ़िल्म, “नजमा” से इन्होंने शुरुआत की और इस फ़िल्म में वे मशहूर अभिनेता अशोक कुमार के पिता के किरदार में नज़र आए। इसके बाद, ये महबूब ख़ान की हर फ़िल्म का हिस्सा बन गए। आने वाले सालों में, “अनमोल घड़ी”, “आन”, “अन्दाज़”, “अमर” में भी ये नज़र आए।

“महबूब ख़ान के अलावा, बिमल रॉय जैसे महान फ़िल्मकार ने अपनी बेहतरीन फ़िल्मों, “दो बीघा ज़मीन” और “देवदास” में इन्हें काम दिया और “दो बीघा ज़मीन” के ज़ालिम ज़मींदार और “देवदास” के कठोर पिता को आज तक कोई नहीं भूला। इनकी शख़्सियत बहुत शाहाना थी, सो 1962 में आई, हॉलीवुड की एक फ़िल्म, “टारज़न गोज़ टु इंडिया” में इन्हें महाराजा का किरदार भी मिला। “

70 के दशक से ये ज़्यादातर, अमीर पिता, पुलिस कमिश्नर और जज की भूमिका में नज़र आने लगे और ये सिलसिला लंबा चला। इसी दौरान इनके बेटे रज़ा मुराद की भी फ़िल्मी दुनिया में शोहरत हो रही थी। रज़ा मुराद ने भी अपने पिता की विरासत को ख़ूब संभाला और बढ़ाया। 90 के दशक के शुरुआत के साल की ख़ूबसूरत अदाकारा, सोनम, जो “त्रिदेव” और “विश्वात्मा” जैसी फ़िल्मों में नज़र आईं, मुराद की पोती हैं।

मुराद और उनके बेटे रज़ा मुराद (PC-Cineplot)

मुराद ने और उनके परिवार के सदस्यों ने भारतीय सिनेमा की बड़ी फ़िल्मों को, अपनी शिरकत से और चमकदार बनाया। “कालिया”, “गंगा की सौगंध”, “हम किसी से कम नहीं”, “फ़रार” जैसी मशहूर फ़िल्मों में बड़े सितारों के बीच भी, मुराद ने अपनी छाप छोड़ी।

फ़िल्म, “शहंशाह” में एक जज के रूप में, फ़िल्म के क्लाइमैक्स का सीन, उनका आख़िरी मशहूर सीन कहा जा सकता है।

मुराद, अपने किरदारों के लिए, हमेशा याद किए जाएंगे।

(लेखक जाने-माने साहित्यकार, स्तंभकार, व शिक्षाविद हैं.)

कश्मीर के पुलिसकर्मी ने पूछा, “क्या शहीद पुलिसवाले की बेटी की इस तस्वीर के लिए है कोई पुरुस्कार?”

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

कश्मीर के तीन पत्रकारों को पुलित्जर प्राइज मिलने के बाद कश्मीर के ही एक अन्य पुलिसकर्मी ने एक फोटो ट्वीट की है जो कि एक रोती हुई बच्ची की तस्वीर है। जम्मू कश्मीर के पुलिस अधिकारी इम्तियाज हुसैन मीर बतौर एसएसपी सिक्योरिटी कश्मीर में तैनात है, उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की और उसमें लिखा, “इस तस्वीर को आने वाले समय में मानवता की अंतरात्मा को डरा देना चाहिए। कश्मीर में 2017 में शहीद हुए एक पुलिस अधिकारी की बिलखती हुई बेटी। क्या इस तस्वीर के लिए कोई पुरस्कार है?”

एसएसपी मीर का ट्वीट

गौरतलब है कि कश्मीर के तीन फोटो पत्रकारों मुख्तार खान, यासीन डार, और चन्नी आनंद ने गत वर्ष कश्मीर में धारा 370 के हटाए जाने के बाद वहां के हालातों पर कवरेज करते हुए कुछ तस्वीरें खींची थी जिन्हें पुलित्ज़र पुरुस्कार दिया गया है।

अमेरिका का पुलित्जर प्राइज पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार माना जाता है। तीनों फ़ोटो पत्रकारों को पुलित्ज़र दिए जाने की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने और कश्मीर के नेता उमर अब्दुल्ला ने बधाई संदेश ट्विटर के माध्यम से दिए थे। जिसके बाद भाजपा नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के बधाई वाले ट्वीट को को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ” पुलित्जर प्राप्त एक तस्वीर के कैप्शन में इंडियन ऑक्यूपाइड कश्मीर लिखा गया है क्या राहुल गांधी कश्मीर को भारत का अंग मानते हैं?”

एक अन्य यूज़र का ट्वीट

पुलिसकर्मी इम्तियाज हुसैन मीर के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए अन्य यूजर्स ने भी सेना द्वारा कश्मीर में किए जाने वाले राहत और सेवा कार्यों की तस्वीरें पोस्ट की और पूछा है, कि “क्या इन तस्वीरों को भी कोई पुरस्कार मिलेगा या फिर केवल प्रोपेगंडा फैलाने वालों को ही पुरस्कृत किया जाता है।”

COVID-19 : एक बार फिर तनाव में झारखण्ड, आज़ादनगर में बनेगा 100 बेड का अस्पताल

अभिषेक कुमार झा | navpravah.com
राँची | लॉकडाउन के 43 दिन बीत गए हैं। आज 44वां दिन है यानि लॉकडाउन 3.0 का तीसरा दिन। दो दिन राज्य में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला था, जिसकी वजह से राज्य में सकारात्मक माहौल बन गया था, लेकिन तीसरे दिन कुल १० मामले सामने आने से एक बार फिर तनाव जस का तस बन गया।
झारखंड में कोरोना का पहला केस 31 मार्च को आया, जब रेड जोन रांची के हॉटस्पॉट बन चुके हिंदपीढ़ी से एक 22 वर्षीया मलेशियाई युवती कोरोना पॉजिटिव पायी गयी थी। 
यह मलेशियाई महिला दिल्ली में तबलीगी जमात में शामिल होकर हिंदपीढ़ी में आकर रह रही थी। फिलहाल ये युवती स्वस्थ हो चुकी है। 31 मार्च से 5 मई यानि पिछले 36 दिनों में राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 125 हो गयी है। तीन की मौत हो चुकी है। अच्छी खबर ये है कि 37 कोरोना संक्रमित स्वस्थ हो गये हैं। इन सबके बीच सुकून देने वाली बात ये रही कि दो दिन ऐसे भी रहे, जब राज्य के किसी भी जिले से कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट नहीं आयी।
दो दिन राहत के बाद 5 मई को रांची के हॉटस्‍पॉट हिंदपीढ़ी से 8 तथा झारखंड की उपराजधानी दुमका में भी 2 नए मामले सामने आए हैं। जिनके संक्रमित होने की पुष्टि PMCH धनबाद ने की है, ये दोनों पुरुष हैं। इस प्रकार झारखंड के 12 जिले कोरोना के चपेट में हैं। 
प्रदेश में कोरोना के कहां-कितने मरीज-
रांची : 91,  बोकारो : 10,  हजारीबाग : 03,  धनबाद : 02  गिरिडीह : 02,  सिमडेगा : 02,  देवघर : 04,  गढ़वा : 03   पलामू : 03,  जामताड़ा : 02,  गोड्डा : 01,  दुमका : 02
लॉकडाउन में पटना से पैदल चलकर तीन मजदूर नीमडीह प्रखंड के रामनगर पहुंचे, जिनकी स्वास्थ्य जांच कर 14 दिनों के लिए होम कवारंटाइन कर दिया गया ।
आज़ादनगर में बनेगा 100 बेड का नया अस्पताल- 
मानगो स्थित आजादनगर में 100 बेड का नया अस्पताल बनेगा । स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने यह योजना बनाई है। आजादनगर मुर्दा मैदान के पास नए अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित हुई है । स्वास्थ्य मंत्री की पहल से अंचलाधिकारी ने अस्पताल के लिए जमीन का सर्वे किया है।

केन्द्र सरकार पर सोनिया गाँधी का ‘हल्ला बोल’

सोनिया गाँधी
सोनिया गाँधी

सेंट्रल डेस्क | Navpravah.com

देश में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। इसी को देखते हुए लॉकडाउन 3.0 के बाद की स्थिति पर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज बैठक की। इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद थे।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक में केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि, सरकार को यह बताना चाहिए कि उसने किस पैमाने पर लॉकडाउन 3.0 को लागू किया और 17 मई के बाद उसके पास क्या योजना है।

सोनिया गांधी ने कहा कि 17 मई के बाद देश में क्या होगा? सरकार ने लॉकडाउन जारी रखने के लिए क्या पैमाना लागू किया है? क्या आगे के लिए सरकार के पास कोई पैकेज है? इन तमाम प्रश्नों का जवाब सरकार को देना चाहिए। बैठक में शामिल पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि सबकी चिंता यही है कि लॉकडाउन 3.0 के बाद क्या होगा। लॉकडाउन के बाद सरकार के पास क्या प्लान है, यह किसी को नहीं पता है।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बैठक में कहा कि जब तक लोगों और राज्यों को आर्थिक पैकेज नहीं मिलेगा तो देश कैसे आगे बढ़ेगा? उन्होंने कहा, “हमें 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। हम लगातार पीएम से पैकेज की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उधर से कोई रिस्पांस नहीं मिला है।”

बैठक में मुख्यमंत्रियों ने राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़ और पुदुचेरी के लिए केंद्र से राहत पैकेज की मांग की है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और पुदुचेरी के सीएम नारायणसामी ने सरकार से राहत पैकेज की मांग की है। ताकि राजस्व को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई जल्द से जल्द हो‌ सके।

इनपुट: सौम्या केसरवानी

‘ब्रह्मास्त्र’ को लेकर एक और बड़ी ख़बर आई सामने

ब्रह्मास्त्र
ब्रह्मास्त्र

एंटरटेनमेंट डेस्क । navpravah.com

निर्देशक अयान मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ब्रह्मास्त्र को लेकर जबरदस्त माहौल बना हुआ है। इस बीच ये चर्चा होने लगी थी कि कोरोना की वजह से शायद फिल्म की रिलीज़ डेट को भी आगे बढ़ाया जाए। लेकिन अब ये खबर आ रही है कि फिल्म का काम लॉकडाउन में भी नहीं रुका है। बल्कि इसके वीएफएक्स का काम लन्दन में जारी है।

अंग्रेजी अख़बार मिड डे की एक खबर के मुताबिक, लंदन में ब्रह्मास्त्र के वीएफएक्स पर काम किया जा रहा है। अयान मुखर्जी ने लंदन के एक स्टूडियो को फिल्म के वीएफक्स का काम पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में जब देश में कोरोना वायरस के चलते सभी काम ठप पड़े हैं, तब मेकर्स का ब्रह्मास्त्र का काम रोकने का कोई इरादा नहीं है।

बता दें कि इस पुरज़ोर तैयारी के पीछे अयान मुखर्जी का एक डर भी छिपा हुआ है। दरअसल अयान को लग रहा है कि फिल्म कहीं लीक न हो जाए, इस वजह से वो दिन रात फिल्म का काम ख़त्म करने में लगे हुए हैं। उन्होंने पांच लोगों की टीम का गठन किया है, जो इस काम को अंजाम तक पहुंचाएगी। वैसे फिल्म को लेकर कई तरह की अटकलें हैं।

खबर ऐसी भी आई थी कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते फिल्म के बजट पर असर पड़ गया है। कलाकारों की फीस कम करने का फैसला लिया गया है। लेकिन इस खबर को करण जौहर ने गलत बता दिया था। उन्होंने कहा था, “मेरी मीडिया से गुजारिश है कि वो किसी भी तरह की धारणा ना बनाए। ये मुश्किल समय है। फेक न्यूज और ज्यादा मुसीबत खड़ी करती हैं। प्लीज आप किसी भी तरह की औपचारिक घोषणा का इंतजार करें।”

फिल्म ब्रह्मास्त्र में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन, मौनी रॉय भी अहम रोल में हैं। मूवी को कई भाषाओं में डब किया जाएगा। ये एक ट्राइलॉजी सीरीज होने वाली है। चर्चा यह भी है कि फिल्म अपनी निर्धारित तिथि पर रिलीज़ हो पाएगी या नहीं।