28.4 C
Mumbai
Wednesday, August 5, 2026
Home Blog Page 121

अंकल सैम की ड्रैगन को धमकी, ख़त्म कर देंगे सारे रिश्ते

आनंद रूप द्विवेदी | Editorial Desk

महामारी के इस दौर में विश्व की दो महाशक्तियों अमेरिका और चीन के रिश्तों में खटास बढ़ती ही जा रही है। बात यहां तक बढ़ गई है कि अमेरिका ने चीन के साथ सारे रिश्ते ख़त्म करने की बात तक कह दी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक टीवी चैनल को दिए गए अपने इंटरव्यू में कहा है कि, ‘मेरे और चीन के प्रीमियर शी जिनपिंग के संबंध अच्छे हैं, लेकिन मैं उनसे कोई भी बात नहीं करना चाहता। चीन ने मुझे निराश किया है। इससे हमारी होने वाली ट्रेड डील पर भी असर पड़ेगा।’

दरअसल अमेरिका ने चीन से वुहान की लैब की जांच करने की माँग की थी जिसे चीन ने नकार दिया था, जिसके बाद अमेरिका, चीन पर नाराज़ होता नजर आ रहा है। इसके पहले अमेरिका ने एक अन्य अख़बार के माध्यम से यह खुलासा किया था कि चायनीज़ हैकर्स अमेरिका की कोरोना वैक्सीन रिसर्च को चुराने का प्रयास कर रहे हैं।

अमेरिका में कोरोना से अब तक 1.45 मिलयन लोग पीड़ित हो चुके हैं और जिसमें से 86 हज़ार से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका कोरोना के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराता आया है और इसी वजह से अंकल सैम और ड्रैगन के बीच की लगातार तनातनी चली आ रही है।

पाकिस्तान में तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामले, 37 हज़ार से ज़्यादा संक्रमित

पाकिस्तान: तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामले
पाकिस्तान: तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामले

ब्यूरो | navpravah.com

कोरोना का कहर सम्पूर्ण विश्व में जारी है। इसी बीच पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस संक्रमण के 1430 नए मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक़, संक्रमित लोगों की संख्या 37218 के आंकड़े को पार कर गई है। पाकिस्तान में मृतकों की संख्या बढ़कर 803 हो गई है।

मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान में अब तक कुल 10,155 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं, अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमण की 344,450 जांच की गई है, जिनमें से 13,051 लोगों की जांच बीते 24 घंटे में की गई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के पाकिस्तान चैप्टर द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों में संक्रमण के फैलने की दर अधिक है, बलूचिस्तान में स्थानीय संक्रमण के सबसे अधिक 93 प्रतिशत मामले सामने आए। इस बीच, पेशावर उच्च न्यायालय को 31 मई तक के लिए बंद कर दिया गया है, उच्च न्यायालय के कुछ कर्मचारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।

रोज़ाना हज़ार से ज़्यादा नए मामले आ रहे सामने-

बता दें कि 15 फ़रवरी से 15 मार्च तक पाकिस्तान में सिर्फ़ 50 के आसपास कोरोना पॉजिटिव मरीज़ थे। अगले 15 दिनों में ये संख्या लगभग 2,000 और उससे अगले 15 दिनों में लगभग 6,000 तक पहुँच चुकी थी, बीते 10 दिनों में पाकिस्तान में प्रतिदिन एक हज़ार से ज़्यादा लोगों में कोरोना की पहचान हो रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर इस अनुपात से मरीज़ों की संख्या का बढ़ना जारी रहा तो जून के मध्य तक पाकिस्तान में कोरोना के एक लाख से अधिक मरीज़ हो जाएंगे और इसे रोका न गया तो जुलाई के मध्य तक ये संख्या दोगुनी हो जाएगी।

Input: Saumya Kesarwani

भूली हुई यादें- “ देवेन वर्मा ”

डॉ० कुमार विमलेन्दु सिंह | Navpravah Desk

कब सूरत क्या निकल आए, ज़िंदगी ये कभी नहीं बताती,ज़्यादातर बातें पोशीदा, कुछ खिड़कियों से झांकता मुस्तक़बिल सा धूप-छांव का जाल, गलियां हों जैसे बनारस की, ऐसी ही लगती है ज़िंदगी। कुछ लोग गलियों में ठहरते हैं, माहौल का मज़ा लेते हैं, हंसते-हंसाते हैं और जब बदलने लगते हैं नज़ारे, चुपचाप गलियों से निकल कर एक अलग सफ़र पे निकल जाते हैं। देवेन वर्मा ऐसे ही ठहरे, हंसे और जब बदलने लगा माहौल, सब छोड़ कर चल दिए।

देवेन वर्मा  (PC-The Indian Express)

देवेन वर्मा का जन्म 1937 में कच्छ, गुजरात में हुआ। इनके वालिद, बलदेव वर्मा चांदी के व्यापारी थे और फिर फ़िल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन का काम शुरू किया। अब देवेन परिवार के साथ मुंबई रहने लगे। जब देवेन की बहन पढ़ाई के सिलसिले में पुणे रहने लगीं और मुंबई में लगातार दंगों की वजह से माहौल ख़राब रहने लगा, ये लोग पुणे रहने चले गए और फिर लंबे समय तक वहीं रहे। देवेन ने पुणे के नवरोज़ वाडिया कॉलेज में, ग्रेजुएशन के लिए दाख़िला लिया और यहाँ ऐक्टिंग भी करने लगे। ये ज़बरदस्त मिमिक्री करते थे और एक ड्रामा कंपनी से भी जुड़े हुए थे।

फ़िल्म ‘अंगूर’ में संजीव कुमार और देवेन वर्मा

एक बार देवेन नाटक कर रहे थे और दर्शकों की भीड़ में बी०आर० चोपड़ा भी बैठे हुए थे। उन्हें देवेन वर्मा की ऐक्टिंग बेहद पसंद आई और तुरंत उन्होंने अपनी फ़िल्म, “धर्म पुत्र” के लिए इन्हें चुन लिया। ये 1961 की बात है। इसके बाद, देवेन विदेशों में शो करते रहे और जब वापस आए तो AVM Studio के साथ क़रार कर के रूपये 1500/- माह पर चेन्नई चले गए। ये क़रार 3 साल का था। 1963 में ये फ़िल्म,”गुमराह” में नज़र आए और इन्हें ख़ूब सराहा गया। इसके बाद इन्होंने, 3 साल का क़रार एक साल में ही ख़त्म कर दिया और चेन्नई से मुंबई वापस आ गए।

“1966 में ये दो बड़ी फ़िल्मों में दिखे, “देवर” और “अनुपमा” इसके बाद इन्हें ख़ूब काम मिलने लगा। 70 के दशक में ये ख़ूब मसरूफ़ रहे। 1975 में आई फ़िल्म, “चोरी मेरा काम” के लिए, इन्हें फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड भी मिला। इन्हें दो और फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड, “चोरों के घर चोर” और “अंगूर” के लिए मिले थे। एक क़िस्सा ये है कि देवेन ने एक सफ़र के दौरान, अपनी तीनो अवार्ड ट्रॉफ़ियां खो दीं।”

देवेन वर्मा, अज़ीम अदाकार, अशोक कुमार के दामाद थे। इनकी शादी, अशोक कुमार साहब की बेटी रूपा गांगुली से हुई थी। पहले तो अशोक कुमार इस शादी को टालते रहे लेकिन बाद में, किशोर कुमार के कहने पर मान गए। अशोक कुमार ने देवेन वर्मा से कहा था कि वे अपना व्यवहार सबसे अच्छा रखेंगे, तभी टिके रहेंगे और देवेन ने इसका पूरा ख़याल रखा।

देवेन वर्मा और पत्नी रूपा गांगुली (PC-Desimartini)

देवेन वर्मा ने “यकीन” और “नादान” नाम की दो फ़िल्में प्रोड्यूस भी की। “नादान” के तो डायरेक्टर भी ख़ुद ही रहे। इन्होंने बासु चटर्जी, हृषिकेश मुखर्जी और गुलज़ार समेत कई शानदार फ़िल्मकारों के साथ काम किया। अमिताभ बच्चन की कामयाब फ़िल्म, “बेशरम” के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी यही थे। इन्होंने 250 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया।

देवेन बताते थे कि एक बार किसी महिला असिस्टेंट डायरेक्टर ने, जो उनसे बहुत छोटी थीं, उम्र में, सिगरेट पीती हुई आईं और डायरेक्टर से मिल लेने का हुक़्म सा देती चली गईं। देवेन को ये बहुत बुरा लगा और वे समझ गए कि अब फ़िल्मों की दुनिया में उनका हंसना हंसाना बंद हुआ और उन्होंने फ़िल्मों से किनारा कर लिया और 2014 में एक अलग ही सफ़र पर, हम सब को पीछे छोड़ चले गए।

शशि कपूर, मनोज कुमार, अमिताभ बच्चन, और देवेन वर्मा  (PC-Sulekha.com)

अपनी बेहतरीन कॉमिक टाईमिंग, और ज़बरदस्त लेकिन सहज ऐक्टिंग के लिए और सबसे ज़्यादा, एक ख़ुशमिज़ाज इंसान के तौर पर, देवेन वर्मा, हमेशा याद किए जाएंगे।

(लेखक जाने-माने साहित्यकार, स्तंभकार, व शिक्षाविद हैं.)

देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है और बेशर्म तस्कर अपने धंधे में लगे हैं

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

एक ओर देश जहाँ भयंकर महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ़ तस्करों ने बेशर्मी की हदें पार कर दी हैं। दिल्ली कस्टम्स ने भारी मात्रा में पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट, मास्क, रॉ मटेरियल, और सैनिटाइज़र ज़ब्त किया है। इन सारी चीजों को तस्करी के माध्यम से चीन भेजा जा रहा था।

मीडिया को कस्टम अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर, एयर कार्गो, दिल्ली कस्टम्स ने कई शिपमेंट्स में 5.08 लाख मास्क, 950 बोतलों में 57 लीटर सैनिटाइज़र, कूरियर टर्मिनल नई दिल्ली में 952 पीपीई किट के साथ बरामद किया है। इसकी तस्करी देश से बाहर की जा रही थी।

भारत बढ़ते कोरोनावायरस मामलों से लड़ रहा है। इस वायरस के खिलाफ जंग में PPE सुरक्षात्मक किट की बहुतायत मात्रा में ज़रूरत है। इस बीच, 19 मार्च को, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सभी वेंटिलेटर, सर्जिकल, डिस्पोजेबल (2/3 प्लाई) मास्क, और रॉ मैटीरियल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। डीजीएफटी द्वारा 7 अप्रैल को अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

इनके बावजूद तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कस्टम विभाग ने मास्क का 2,480 किलोग्राम कच्चा माल भी जब्त किया है जो चीन स्मगल किया जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली कस्टम ने तत्काल प्रभाव से जांच शुरू कर दी है।

“पाबंदी के बावज़ूद, पाकिस्तान से भारत हो रही सीमेंट आयात” :डॉ० सुब्रमण्यम स्वामी

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

पड़ोसी देश पाकिस्तान की आर्थिक हालत पहले से ही ख़राब है, और अब जब से भारत ने पाकिस्तान से सीमेंट का आयात बंद कर दिया है, तब से उसकी स्थिति बदतर होती जा रही है। वहीं डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर यह खुलासा किया है कि वापस पाकिस्तानी कंपनियों द्वारा भारत में बोगस नाम से से कंपनियां बनाकर सीमेंट भेजी जा रही है जा रही है।

डॉक्टर स्वामी का यह दावा है कि पाकिस्तान से सीमेंट दुबई की बोगस कंपनियों के नाम से भारत में भेजी जा रही है। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में ऐसी कुछ निर्यात की गई निर्यात की गई सीमेंट देखी गई है।

डॉ०स्वामी का ट्वीट

इसी साल फरवरी की शुरुआत में भारत ने पाकिस्तान से होने वाले सीमेंट आयात को बंद कर दिया था, जिससे पाकिस्तान के सीमेंट उद्योग में भारी असर पड़ा था। पाकिस्तान की लगभग 6 कंपनियां भारत को सीमेंट निर्यात करती थीं, जिनमें डीजे खान सीमेंट कंपनी, मेपल लीफ सीमेंट कंपनी आदि भारी मात्रा में भारत को सीमेंट निर्यात करती थीं।

पाकिस्तान के अख़बार ‘द डॉन’ के मुताबिक, भारत में पाकिस्तान के निर्यात का मूल्य लगभग $ 484m है। निर्यात के बंद होने के पूर्व वित्त वर्ष 2018 के दौरान लगभग 1.8bn का आयात किया गया था। भारत को पाकिस्तान से अन्य सामाग्री भी निर्यात की जाती हैं जिनमें कपास, चिकित्सा उपकरण और खनिज ईंधन आदि शामिल हैं।

आर्थिक राहत पैकेज: 10 बिंदुओं में समझिए गरीबों, किसानों और प्रवासी मज़दूरों को क्या-क्या मिला

आर्थिक राहत पैकेज
आर्थिक राहत पैकेज

सेंट्रल डेस्क | navpravah.com

बीस लाख करोड़ के आर्थिक सहयोग को लेकर आज दूसरी बार मीडिया वालों से रूबरू हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर। आइए 10 बिंदुओं में जानते हैं कि जनता और उद्योगों को किस तरह राहत देने वाली है सरकार।

1. वित्‍त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रवासियों को सस्ती कीमतों पर किराये के घर मुहैया कराए जाएंगे।

2. वित्‍त मंत्री ने बताया कि 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्डधारकों को 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया गया है।

3. राहत पैकेज की दूसरी किस्त जारी करते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि तीन करोड़ छोटे किसान पहले ही कम ब्याज दर पर चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले चुके हैं।

4. 23 राज्‍यों के 67 करोड़ लाभार्थियों के लिए एक देश, एक राशन कार्ड सिस्‍टम की व्‍यवस्‍था लागू की जाएगी। यह योजना सार्वजनिक वितरण से जुड़ी 83 फीसदी आबादी को कवर करेगी। उन्‍होंने बताया कि 23 राज्यों में मौजूद 67 करोड़ राशनकार्ड धारक अगस्त 2020 तक नेशनल पोर्टेबिलिटी के तहत आ जाएंगे और मार्च, 2021 से पहले 100 फीसदी नेशनल पोर्टेबिलिटी हासिल कर ली जाएगी।

5. प्रवासी मजदूरों को दो माह तक फ्री राशन मिलेगा। विभिन्न राज्यों में मौजूद प्रवासी मजदूरों, जो NFSA या राज्य कार्डधारक नहीं हैं, को दो माह तक पांच किलोग्राम अनाज प्रति व्यक्ति तथा एक किलोग्राम चना प्रति परिवार उपलब्ध कराया जाएगा।

6. वित्‍त मंत्रालय की ओर से बताया गया कि मजदूरों को राशन के लिए 3500 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया.पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।

7. वित्‍त मंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए। यह राशि 86,600 करोड़ रुपये है। 1 मार्च से 30 अप्रैल 2020 के बीच कृषि के लिए 86,000 करोड़ रुपये के 63 लाख ऋण मंजूर किए गए।

8. खोमचे, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक माह के भीतर विशेष ऋण योजना लॉन्च होगी, 50 लाख खोमचे वालों के लिए 5,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

9. वित्त मंत्री ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी का भेदभाव खत्म किया जाएगा।

10. केंद्र सरकार ने प्रवासियों के लिए शेल्टर बनाने के लिए राज्य सरकारों को राज्य आपदा प्रबंधन कोष (SDR फंड) उपयोग करने की अनुमति दी। केंद्र सरकार ने SDRF के लिए 11,002 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

कोरोना वॉरीअर्स की मदद के लिए एक बार फिर सामने आए खिलाड़ी कुमार

ब्यूरो | navpravah.com
कोरोना के ख़िलाफ़ चल रही जंग में कोरोना वॉरीअर्स की मदद के लिए सुपरस्टार अक्षय कुमार एक बार फिर सामने आए हैं। अभिनेता ने मुंबई पुलिस की मदद के लिए उन्हें सेंसर वाले GOQii के 1000 रिस्ट बैंड दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैंड से कोविड 19 के लक्षणों के बारे में पता लगाया जा सकता है। इस GOQii Vital 3.0 बैंड के जरिए बॉडी का टेम्परेचर, हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, कैलरी और स्टेप काउंट के बारे में पता चल सकता है। 
बैंड के जानकार बताते हैं कि बैंड के सेंसर के जरिए कोविड 19 के लक्षण का शुरुआत में ही पता लग सकता है, जिससे इस वायरस को रोका जा सकता है। अक्षय कुमार GOQii के ब्रैंड एम्बैसेडर भी हैं। ग़ौरतलब है कि इससे पहले भी अक्षय कुमार ने मुंबई पुलिस फाउंडेशन को 2 करोड़ रुपये दिए थे। 
अभिनेता अक्षय कुमार इस पहल की वजह से एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। ग़ौरतलब है कि अक्षय कुमार ही पहले अभिनेता हैं, जिन्होंने कोरोना के ख़िलाफ़ जारी इस जंग के लिए सरकार को २५ करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की थी। 

बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगाने वाले भगोड़े विजय माल्या को यूके कोर्ट का झटका, लौटेगा भारत

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

लंदन. शराब कारोबारी और चर्चित भगोड़े विजय माल्या की मुसीबत बढ़ गई है। अब उसके भारत प्रत्यर्पण का रास्ता और भी आसान हो गया है। लंदन के हाईकोर्ट ने गत माह अपने एक आदेश में कहा था कि विजय माल्या ने भारतीय बैंकों को धोखा दिया है और उसे भारत में प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए। माल्या पर भारतीय बैंकों को 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाने का आरोप है।

लंदन हाईकोर्ट ने भारत के भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को तगड़ा झटका दे दिया। अब विजय माल्या को भारत को सौंपा जाएगा। हाईकोर्ट ने माल्या की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें वो सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देने की अनुमति मांग रहा था ताकि उसका प्रत्यर्पण भारत को ना किया जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लंदन होम डिपार्टमेंट अब माल्या की प्रत्यर्पण कार्यवाई की प्रक्रिया जल्द शुरू कर देगा क्योंकि विजय माल्या के इंग्लैंड में सारे कानूनी रास्ते बंद हो चुके हैं। अब विजय माल्या के वकील के पास “यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स” ही एकमात्र विकल्प शेष है।

वैसे तो अब इस फैसले के बाद माल्या का प्रत्यर्पण 28 दिन के भीतर कर दिया जाएगा लेकिन उसकी अर्जी अगर “यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स” में मंज़ूर होती है तो प्रत्यर्पण का मामला टल सकता है।

विजय माल्या पर भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित केस दर्ज हैं। माल्या के पास लंदन हाईकोर्ट से आदेश आने के बाद ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में याचिका की इजाजत लेने के लिए 14 दिन का समय मिला था। हाई कोर्ट ने पिछले महीने 20 अप्रैल को अपना फैसला सुनाया था।

भूखे-प्यासे मीलों चलने को मजबूर मज़दूर, आरोप-प्रत्यारोप में सरकारें मस्त

सौम्या केसरवानी | navpravah.com

लॉकडाउन में लाखों लोगों का शहरों से ग्रामीण इलाक़े में पलायन हो चुका है। पैदल, साईकिल, रिक्शे जिससे जो बन पड़ा, वो वैसे ही चल पड़ा। हज़ारों किलोमीटर परिवार के साथ ऐसे मुश्किल हालात में यात्रियों को भारी तकलीफ़ से गुज़रना पड़ रहा है। एक बेहद मार्मिक विडीओ वाइरल हुआ, जिसमें चलते-चलते थक गए एक छोटे बच्चे को ब्रीफ़केस पर बिठाकर उसकी माँ खींच रही है।

कई ऐसी घटनाएँ देखने को मिलीं, जो दिल दहला देती हैं। ये जो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी सो वायरल हो रहा है, उसमें दावा किया जा रहा है कि वीडियो आगरा में बनाया गया है। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद जब एक छोटा बच्चा थक जाता है, तो मां ने उसको ब्रीफकेस के ऊपर बैठा दिया और ब्रीफकेस को घसीटकर आगे बढ़ती जाती है। जानकारी के मुताबिक़, महिला के साथ चल रहा मजदूरों का यह ग्रुप पंजाब से झांसी जा रहा है।

मीलों पैदल चलने को मजबूर गर्भवती महिलाएँ-

ऐसी सैकड़ों घटनाएँ हैं, जिसे सुनकर ही आप का दिल पसीज जाएगा। ऐसी ही एक घटना की दर्दनाक तस्वीर अलीगढ़ से भी आई। यहां प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में महिला मजदूर चंडीगढ़ से मध्य प्रदेश के लिए पैदल चल पड़ी। करीब 180 किमी पैदल चलने के बाद महिला को दर्द हुआ और उसने सड़क किनारे ही साथियों की मदद से बेटी को जन्म दिया। जन्म के एक घंटे बाद ही बच्ची को गोद में लेकर वह 270 किलोमीटर पैदल चलकर अलीगढ़ पहुंची।

ये घटनाएँ सोचने को मजबूर करती हैं कि तमाम सुविधाओं का दावा कर रही सरकारों की असलियत क्या है। राज्य सरकारें केंद्र को और केंद्र राज्य पर ठीकरा फ़ोड़ रही है, लेकिन इसमें पिस रहा है मज़दूर।

शर्तों के साथ जल्द कर सकेंगे हवाई यात्रा, दिशानिर्देश तैयार कर रही सरकार

ब्यूरो | navpravah.com

लॉकडाउन की वजह से बंद हवाई यात्रा एक बार फिर से शुरू करने के लिए सरकार दिशा-निर्देश तैयार करने में जुट गई है। सरकार ८० साल से अधिक उम्र के यात्रियों पर रोक लगाने के साथ ही केबिन के सामानों पर भी रोक लगाने जैसे प्रस्तावों पर विचार कर रही है।

यहां आपको उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने से पहले सरकार द्वारा बनाए जा रहे दिशानिर्देशों के बारे में जानना होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित मसौदा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) ने सामाजिक दूरियों के मानदंडों के अनुपालन के लिए सीटों को खाली रखने के नियम के साथ किया है। टर्मिनल गेट पर भीड़ को कम करने के लिए पैसेंजर आईडी चेक की भी आवश्यकता नहीं होगी। सभी यात्रियों के लिए घर पर अपना वेब चेक-इन पूरा करने के बाद ही हवाई अड्डे पर आना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा सरकार ने यात्रियों के रिपोर्टिंग का समय भी बढ़ा दिया है। जानकारी के मुताबिक़, रिपोर्टिंग का टाइम लगभग दो घंटे और बढ़ाया जाएगा और अंदर उसी को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनकी उड़ाने अगले ६ घंटे में रवाना होंगी।

इसके साथ ही केबिन सामान नहीं जाने दिए जाने की योजना है साथ ही 20 किलोग्राम से कम वजन वाले केवल एक चेक-इन बैगेज को अनुमति दी जाएगी। 80 वर्ष से अधिक आयु वालों को उड़ानों पर अनुमति नहीं दी जाएगी। एसओपी के मसौदे के अनुसार, यात्रियों को उम्र की वजह से उड़ान भरने से रोक दिया जाता है या यदि वे उच्च तापमान पर चलते पाए जाते हैं तो उन्हें बिना किसी दंड के अपनी यात्रा की तारीख बदलने की अनुमति होगी।

सिर्फ़ ग्रीन ज़ोन वालों को अनुमति-

आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा। केवल “ग्रीन जोन” वाले लोगों को हवाई अड्डे में प्रवेश करने की अनुमति होगी। एयरलाइंस को प्रस्थान समय से तीन घंटे पहले चेक-इन काउंटर खोलने और प्रस्थान से 60 से 75 मिनट पहले बंद करने के लिए कहा गया है। प्रस्थान के समय से एक घंटा पहले बोर्डिंग शुरू हो जाएगी और गेट 20 मिनट पहले बंद हो जाएंगे।