अगर आपको फिल्में देखने का शौक़ है, तो यह आप के लिए सुनहरा मौका है। 7वें जागरण फिल्म फेस्टिवल में 10 बेहतरीन फिल्में आप देख सकते हैं। यह फेस्टिवल मुंबई में 26 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच हो रहा है।
जिन दस फिल्मों की हम बात कर रहे हैं, वे ज्यादातर बाहरी देशों की हैं, जोकि वहां की सर्वोत्तम फिल्में हैं। इन फिल्मों के नाम इस प्रकार हैं –
रशीद बुशर्ब की अल्जेरियन फिल्म “रोड ऑफ़ इस्तांबुल” यह फिल्म फेस्टिवल की ओपनिंग फिल्म होगी।
क्रिटसि पूइउ की फिल्म “सैरेनीवाड़ा” जो रोमानिया फिल्म फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत वाहवाही लूट चुकी है। बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में 2 अवार्ड अपने नाम करने वाले बोली लाइनर्स की फिल्म “द फर्स्ट द लास्ट “। 1960 के 2 परिवारों पर बनी फिल्म ” महाना ( द पटरिच ) यह फिल्म आप को रोमियो और जूलियट की याद दिलाएगी।
चीले की थ्रिलर फिल्म ” द प्लांट्स ” यह फिल्म आपको पौधों में आत्माएं होती हैं, हम भी उनसे बात कर सकते हैं,यह सोचने पर मजबूर कर देंगी। जर्मनी से एड हरेनबर्ग की फिल्म “हियर द साइलेंस” दर्शकों को साल 1941 में ले जाएगी।
गिल्हेरमे फोंट्स की “चाटो, द किंग ऑफ़ ब्राज़ील”, यह फिल्म बड़े स्तर की फिल्म है। यह एक बायोपिक है, जिसमें ब्राज़ील के संचार को साल 1930 से 1960 को दर्शाती है।
मोरक्को के यूसुफ़ बिर्टेल की फिल्म “अल मसिरा ” , फर्नांडो पेरेज़ की क्यूबन क्लासिक फिल्म “मदागास्कर” यह फिल्म क्यूबा में हुए सामाजिक बदलाव को दिखाती है। दाना दाना ( पेरल पेरल ) यह फिल्म इराक के नौजवान गायक की कहानी है, जो देश युद्ध से बाधित है। अन्य एक फिल्म है दिल को जो छू जाएगी, उस फिल्म का नाम है “वर्ल्ड कप”।
बेहतरीन फिल्मों की लिस्ट और भी लंबी है, जिसमें तक़रीबन 50 से ज्यादा फिल्में हैं, जोकि उतनी उम्दा और बेहतरीन है। फिल्म फेस्टिवल की पूरी जानकारी वेब साइट पर उपलब्ध है।
जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के मुख्यालय पर आतंकी हमले में शहीद जवानों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले छात्र मुदासिर यूसुफ लोन को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने निष्कासित कर दिया है। कश्मीर के इस छात्र ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मामले के प्रकाश में आते ही कुलपति ने सोमवार को यूसुफ को तलब कर उसके कृत्य को राष्ट्र विरोधी मानते हुए तत्काल कैंपस से बाहर कर दिया।
अलीगढ़ के एसएसपी ने बताया कि इस मामले में केस भी दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन से जांच करने को कहा था। जांच में दोषी पाये जाने के बाद एएमयू ने छात्र को निष्कासित कर दिया है। बरहाल गिरफ्तारी के डर से आरोपी ने हॉस्टल छोड़ दिया है। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा का मुदासिर यूसुफ एएमयू से एमएससी (आर्गेनिक केमिस्ट्री) कर रहा था।
मुदासिर ने फेसबुक पर रविवार को शहीद हुए जवानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मीडिया में खबरें आईं तो लेफ्टीनेंट जनरल रह चुके कुलपति जमीरउद्दीन शाह भड़क उठे। उन्होंने आरोपी छात्र को दफ्तर तलब किया। जिसके बाद रजिस्ट्रार को बुलाकर तत्काल निष्कासन के निर्देश दिए।
जानकारी के मुताबिक, छात्र ने कुलपति के सामने माफी मांगते हुए कहा कि उसने भावनाओं में बहकर यह बात कही। लेकिन कुलपति ने यूसुफ की इस हरकत को मांफी के काबिल नहीं समझा। उन्होंने कहा कि वह AMU में राष्ट्र विरोधी भावनाओं को हवा देने वाले किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने जम्मू कश्मीर के उरी में सैन्य शिविर में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कृत्य घोर निंदनीय है और हम अपील करते हैं कि हमलावरों को न्याय के दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता कायम करने के लिए इससे गंभीरता से निपटना होगा।
जम्मू कश्मीर के उरी में सैन्य शिविर में हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए। इस कुकृत्य की चौतरफा निंदा की जा रही है। अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने भी इसकी भर्त्सना की। ‘सीनेट इंडिया कॉकस’ के सह अध्यक्ष मार्क वार्नर ने कहा, ‘‘मैं जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर हुए भीषण आतंकी हमले की निंदा करता हूं, जिसके कारण 18 भारतीय जवानों की जान चली गई। इस कायराना कृत्य को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।’’
वार्नर ने कहा, ‘‘मैं हमले में जान गंवाने वाले जवानों के परिजन एवं उनके मित्रों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि यह एक कायराना हरकत है।
वार्नर ने स्पष्ट किया कि यदि हमें अपने मुल्क को सुरक्षित और स्थिर रखना है तो हमें इस पर गंभीरता दे सोचना पड़ेगा। ऐसी घटनाओं से मुक्त होने के लिए हमें आगे आना होगा।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया है। दिल्ली महिला आयोग में नियुक्तियों को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधी शाखा (एसीबी) ने दिल्ली महिला आयोग में गैर कानूनी भर्तियों को लेकर स्वाति से पूछताछ भी की। स्वाति के कार्यालय में पूछताछ के लिए एसीबी की पांच सदस्यीय टीम पहुंची थी। एसीबी ने स्वाति को एक प्रश्नावली भी सौंपी, जिसका जवाब एक सप्ताह के भीतर देने की बात कही गई है।
एसीबी की पूछताछ के बाद स्वाति ने पत्रकारों को बताया कि उनसे 27 सवालों का जवाब एक सप्ताह के भीतर माँगा गया है, जिसे वे समयानुसार दे देंगी। उन्होंने कहा कि यह महिला आयोग को चुप कराने का प्रयास है, लेकिन ऐसा होगा नहीं। हम निश्चित समय के भीतर सभी सवालों के जवाब देंगे।
गौरतलब है कि आयोग की पूर्व प्रमुख बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर यह जांच शुरू की गई है। अपनी शिकायत में बरखा ने दावा किया था कि डीसीडब्ल्यू में आप समर्थकों को पद दिया गया है।
भारतीय रेल ने एक नयी पहल के रूप में अब ‘यात्री मित्र सेवा’ शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्टेशनों पर सहायता के इच्छुक वृद्धजन और दिव्यांग यात्री व्हीलचेयर एवं कुली सेवाएं बुक कर सकेंगे।
रेल मंत्रालय द्वारा यात्री मित्र सेवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को सौंपी गयी है। आईआरसीटीसी किसी गैर – सरकारी संगठन, धर्मार्थ ट्रस्ट, सीएसआर के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) आदि के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध करायेगा। यात्री मित्र दिव्यांग, बीमार और वृद्ध व्यक्तियों को व्हील चेयर एवं कुली सेवाएं उपलब्ध कराएँगे।
रेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्री मित्र सेवा के तहत यात्री मित्र या तो कोई सहायक हो सकता है या आईआरसीटीसी द्वारा उपलब्ध कराया गया अन्य कोई व्यक्ति या इस उद्देश्य के लिए नियुक्त सेवा प्रदाता हो सकता है।
यात्री मित्र की बुकिंग आईआरसीटीसी ई-टिकटिंग वेबसाइट पर या मोबाइल के माध्यम से 139 आईवीआरएस और एसएमएसी पर की जा सकती है। सीआरआईएस द्वारा मोबाइल ऐप्लीकेशन विकसित कर जारी किये जाने पर यात्री मित्र की बुकिंग के लिए ऐप्लीकेशन उपलब्ध कराया जाएगा।
कैसी होगी पूर्ण प्रक्रिया-
रेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार,अगर यह सेवा लागू हिती है, तो जहां यह सेवा उपलब्ध है, ऐसे हर स्टेशन के लिए एक समर्पित मोबाइल नंबर आईआरसीटीसी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा और इसे आईआरसीटीसी ई-टिकटिंग वेबसाइट और भारतीय रेलवे के जोनल वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा ताकि यात्री मित्र की बुकिंग में मदद मिल सके।
जिस स्टेशन पर यात्री द्वारा यह सुविधा बुक की जाती है, उसके आधार पर बुकिंग विवरण ट्रेन का नाम और नंबर, आगमन और प्रस्थान की तारीख और समय, पीएनआर नंबर, यात्री का नाम, कोच और बर्थ संख्या एसएमएस द्वारा यात्री और आईआरसीटीसी को यात्री से ली जाने वाली राशि के साथ भेजा जाएगा।
यात्री मित्र का मोबाइल नंबर भी यात्री के आगमन के अनुमानित समय से पहले एसएमएस के माध्यम से यात्री को भेजा जाएगा ताकि यात्री उस यात्री मित्र से संपर्क कर सके।
आतंकवाद को पनपाने व पालने वाले पाकिस्तान की हर करतूत का अंजाम अब उसके सामने आनेवाला है। भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम कामयाबी की ओर एक बड़ा कदम उठा चुकी है। दुनिया के अति ताकतवर देशों में गिने जाने वाले रूस ने पाकिस्तान को MI-35 हेलिकॉप्टर देने से इनकार कर दिया है।
रूस और पाकिस्तान के बीच तीन MI-हैलिकॉप्टरों की डील हुई है, लेकिन अब रूस पाकिस्तान को MI-35 हैलिकॉप्टर्स नहीं देगा। इसके अलावा पीओके में रूस और पाकिस्तान के बीच अगले महीने सैन्य अभ्यास भी होना था। भारत की तरफ से रूस से ये आग्रह किया गया कि पीओके में होने वाले सैन्य अभ्यास को रोक दे। भारत के इस आग्रह पर रूस सहमत हो गया। अब रूस पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के सैन्य अभ्यास में भाग नहीं लेगा।
गौरतलब है कि कल जम्मू कश्मीर के उरी में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने सेना के ब्रिगेड हेडक्वाटर पर हमला किया था। इस हमले में सेना के 18 जवान शहीद हो गए। अब भारत के लिए पानी सिर से ऊपर चढ़ गया है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक को अलग थलग करने के लिए भारत ने कड़ा कदम उठाया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को आतंवादी देश घोषित करने की मांग की है।
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनावों में अब हफ्ते भर का समय शेष रह गया है,ऐसे में सभी छात्र संगठनों ने अपने उम्मीदवारों को लेकर कमर कस ली है। इसी क्रम में सबसे पहले छात्र संगठन आइसा ने अपना पैनल घोषित कर दिया है।
आइसा में निर्णय लिया है कि वो चारो पदों पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी। आइसा ने अध्यक्ष पद पर सत्येन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष पद पर सुभाष कुशवाहा, महामन्त्री पद पर पूजा सिंह और उपमंन्त्री पद पर शादाब अहमद को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। गौरतलब हो कि पिछले कई वर्षों से आइसा छात्र संघ चुनावों में कुछ खास अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है, इसलिए इस बार के उम्मीदवारों पर अतिरिक्त दबाव होगा।
इस बार आइसा जिन मुख्य एजेंडे को लेकर छात्रों के बीच है, उसमें प्रमुख रूप से बाहुबल व जातीय भेदभाव के खिलाफ आवाज बुलन्द करना, रिक्त पड़े पदों पर अध्यापकों की नियुक्ति एवम् डिजिटल लाइब्रेरी जैसे मुद्दे हैं। इसके आलावा साम्प्रदायिकता, धनबल, सभी छात्रों को पुस्तकालय से किताब निर्गत करने, छात्र-छात्राओं को छात्रावास देने, sc-st सेल व GSCASH को सक्रिय करने, संकायों में कैंटीन, बेहतर लैब, फोटोकापी की सुविधा जैसी प्रमुख मांगे आइसा के एजेंडे ने अपने एजेंडे में शामिल किया है।
गर्भवती होने के बाद से ही करीना पर सवालों के बौछार किए जा रहे हैं कि वे लड़की को जन्म देना चाहती हैं या लड़के को। हाल ही में हुए ग्लोबल सिटीजन मूवमेंट कार्यक्रम के दौरान करीना ने कहा, “मैं जहां भी जाती हूं, मुझसे बस एक ही सवाल पूछा जाता है, जो मुझे व्यक्तिगत मामले में दखल लगता है। मुझसे और सैफ, हम दोनों से यही पूछा जाता है कि यह लड़का है या लड़की? क्या आपने पता लगा लिया है?
इस मामले में करीना कपूर ने कहा कि, “मैं भी संतान के तौर पर एक लड़की हूं और मैं एक लड़की को ही संतान के तौर पर पाना पसंद करूंगी। मैंने अपने माता-पिता के लिए शायद एक बेटे से बढ़कर किया है।” करीना ने कहा कि सिर्फ औरत ही वह रूह है, जिसे अपने शरीर में एक रूह को पालने का अधिकार है।
ग्लोबल सिटिज़न इंडिया के कार्यक्रम में करीना ने कहा कि मैं इस तरह के सवालों से आजिज़ आ गई हूँ। उन्होंने कहा कि दुःखद यह है कि ऐसे सवाल वे लोग भी करते हैं, जो काफी पढ़े लिखे हैं और जिनसे लोग प्रेरित होते हैं। करीना ने कहा कि किसी भी माँ बाप के लिए उनके बच्चे महत्वपूर्ण होते हैं। वो लड़का है या लड़की ये मायने नहीं रखता।
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय मौजूदा सत्र के छात्र संघ चुनावों के लिए तैयार है। कई प्रत्याशी लम्बे-लम्बे काफिलों के साथ लिंगदोह कमेटी के नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं, तो कुछ सूखे पत्तों से प्रचार करके चर्चा में बने हुए हैं। कुल मिलाकर कोई भी प्रत्याशी चुनाव जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। लेकिन कुछ ऐसे प्रत्याशी हैं, जो चुनावों में भले ही जीत हासिल न कर पाएं, लेकिन उन्होंने अपने प्रयासों से इतना तो बता दिया कि आखिर छात्र संघ चुनाव में किस प्रकार कम संसाधनों में भी प्रचार प्रसार किया जा सकता है।
एम. ए. प्रथम वर्ष के छात्र वीरेंद्र कुमार पाल अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं, जो इस समय अपने प्रचार के तरीके से छात्रों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। वीरेंद्र अपने प्रचार के दौरान सभी को गंगाजल पीने को देते हैं। उनका कहना है कि गंगा जैसा पवित्र जल सब कुछ पवित्र कर सकता है। विश्वविद्यालय भी पहले ऐसा ही पवित्र स्थान था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। मैं चाहता हूँ कि फिर से पवित्र हो जाये और कैम्पस का माहौल अच्छा हो जाये। इसलिए मैं सभी को गंगाजल बाँट रहा हूँ।
बता दें कि जहाँ एक ओर प्रत्याशियों द्वारा बैनर पोस्टर और विजिटिंग कार्डस में हजारों- लाखों रूपये फूंके जा रहे हैं। वहीं वीरेंद्र कुमार द्वारा कुछ कागजों द्वारा ही प्रचार किया जा रहा है। जिस कागज में उन्होंने अपने बारे में जानकारी लिखी है, उसे वो छात्रो पढ़ने के लिए देते हैं और उसी का प्रयोग अन्य छात्रों के बीच में भी करते हैं। वीरेंद्र कुमार का कहना है कि मैं एक गरीब परिवार से हूँ, मैं नही चाहता कि पर्यावरण का नुकसान हो।
वीरेंद्र कुमार रोजाना 10 किमी साईकिल चलाकर विश्वविद्यालय आते हैं और पढाई से लेकर अपना पालन पोषण अपनी मेहनत की कमाई से ही करते हैं। ऐसे छात्र ज्यादातर लोगों को पागल भी नजर आते हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि ये असल हीरों हैं। वीरेंद्र कुमार जैसे प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे अन्य सभी प्रत्याशियों के लिए एक नजीर हैं।
2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी की लहर ने तमाम नेताओं की नैया पार लगा दी। कुछ ऐसे नेता भी सांसद बने, जिनके बारे में जनता ने चुनाव के कुछ दिन पहले ही जाना। लगातार महंगाई को लेकर घिरती आई भाजपा इस तथ्य को मानने से हमेशा इंकार करती आई है कि जनता की महंगाई के चलते हालत खराब है। उत्तर प्रदेश के व्यवसायी और इलाहाबाद के सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने महंगाई जैसी समस्याओं से लेकर विकास से सम्बंधित तमाम मुद्दों पर बात की हमारे संवाददाता अनुज हनुमत से। प्रस्तुत है सांसद श्यामाचरण गुप्ता से हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
प्रश्न- क्या आप अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल से संतुष्ट हैं ?
जी, संतुष्ट तो हूँ। मेरे कार्यों में कुछ बाधाएं ज़रूर पड़ी हैं वो तर्कपूर्ण है, क्योंकि केंद्र सरकार की योजनाओं को मेरे क्षेत्र में लागू करने में राज्य सरकार ने कोई भी मदद नहीं की। इसलिए हमारी केंद्र की सरकार द्वारा शुरू की कई योजनाएं आज भी बाधित हैं और इसका एकमात्र कारण है प्रदेश में दूसरी पार्टी की सरकार होन। अब ऐसी विडम्बना कई जगहों पर है और हमारे यहाँ भी है। इसलिये आपने जो संतुष्ट और असंतुष्ट वाली बात पूछी, उसमें केंद्र सरकार के कार्यों से मैं संतुष्ट हूँ। अपने किये गए कार्यों से मैं संतुष्ट हूँ लेकिन बहुत से घोषित कार्य भी नहीं हो पाए, जिसकी नोडल एजेंसी उप्र सरकार होती है, इसलिए उन कार्यों के शुरू न होने से मैं थोड़ा असन्तुष्ट हूँ।
प्रश्न- जनता के सामने कार्यों की सूची देनी होगी तो इन ढाई वर्षों में आपके पास कौन से कार्य होंगे ?
जनता के सामने केंद्र सरकार द्वारा जो भी योजनाएं इस बीच में आईं, जिनकी शुरुआत ठीक प्रकार से हो गई है और काम हो रहे हैं। उनकी सूचना मैं जनता को दूंगा। मेरे द्वारा सांसद निधि का जितना प्रयोग हुआ है, मैं जनता को उसकी जानकारी अवश्य दूंगा। केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रही प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना के सौजन्य से मुझे सड़कें प्राप्त हुई हैं। अपने लोकसभा क्षेत्र (करछना, छिवकी, ऊँचडीह) में रेलवे बाईपास एवं रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण जैसे प्रमुख कार्यों की सूचना मैं जनता को दूंगा।
प्रश्न- अपने व्यापार जगत में आपने क्या नई उन्नति की है और कौन सी नई परियोजनाएं शुरू किये हैं ?
व्यापार तो जस का तस है। अभी नया कुछ नही जोड़ा हमने। पूरा ध्यान जनता की सेवा में लगा रहा हूँ ।
प्रश्न- जनता की मूलभूत समस्याएं तो जस की तस हैं, ऐसे में अच्छे दिन कब आएंगे ?
इस समय जनता की मुख्य समस्या अच्छी और बेहतर शिक्षा है जिसके लिए हमारी सरकार पूरी मेहनत से लगी है। रही बात अच्छे दिनों की तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि अच्छे दिन आ चुके हैं। विरोधी और विरोधी पार्टियां दोनों का एक दुसरे का विरोध करना धर्म और कर्तव्य बन चुका है। आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत है, क्या ये अच्छे दिन नही! बांग्लादेश, श्रीलंका और चीन जैसे पड़ोसी मुल्कों द्वारा पहले छोटी-छोटी बातों पर आँखें दिखाया करते थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि हमें कोई आँख नहीं दिखा सकता। क्या ये अच्छे दिन का संकेत नही! रोज दंगे, लड़ाई झगड़े होते थे लेकिन जब से केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार आई है, तब से ऐसे समाजविरोधी कार्यों में बहुत कमी आई है। क्या ये अच्छे दिन क संकेत नहीं है! आज देश का कोई भी नागरिक विवादोन्मुख नहीं है, बल्कि विकासोन्मुख है, क्या ये अच्छे दिन नही!
प्रश्न- यूपी में जल्दी ही होने वाले विधानसभा चुनावों मे भाजपा पार्टी की तैयारी कैसी है ? क्या आपकी पार्टी यूपी की सत्ता में पुनः वापस आएगी?
देखिए, हर पार्टी चुनाव की तैयारी में लगी है और इसी प्रकार हमारी पार्टी भी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ रही। चुनाव सभी को लड़ना है। जहाँ तक भारतीय जनता पार्टी की बात है, तो हमारी स्थिति सबसे अच्छी है। बूथ से लेकर मंडल तक हमारे कार्यकर्ता नियुक्त हो गए हैं और उनकी ट्रेनिंग चल रही है। हमारी पार्टी सकारात्मक सोच रखती है।
प्रश्न- जनता की समस्याएं निपटाने और सुनने हेतु आपने कोई नया तंत्र विकसित किया है ?
जनता की समस्या सुनने के लिये हमारा एक कार्यालय है और यहाँ तमाम सुविधाएँ हैं, जिससे जनता को दिक्कत न हो। मैं जनता की समस्या के निस्तारण हेतु हर मुमकिन प्रयास करता हूँ।
प्रश्न- महंगाई को नियंत्रित कर पाने में आपकी सरकार असफल रही, जबकि आपके एजेंडे में ये शामिल था ?
ऐसा नहीं है। विरोधियों द्वारा गलत आंकड़े पेश किये जा रहे हैं। हमारी सरकार ने महंगाई पर काफी नियंत्रण किया है। सरकार की पहली प्राथमिकता यही है, महंगाई पर काबू पाया जाए।
प्रश्न- आपका जन्म पाठा में हुआ है। कोई ऐसा कार्य जो आज भी आप वहां के लिये करना चाहते हों?
पाठा के लिए जितना हो सकता है, मैं करता आया हूँ। पाठा में सुख शांति नहीं थी। रात में भी लोगों को नींद नहीं आती थी, लेकिन अब सब ठीक है।
प्रश्न- यूपी की मौजूदा अखिलेश सरकार के बारे में आपकी क्या राय है ?
यूपी की मौजूदा स्थिति के बारे में केवल इतना ही कहना चाहूँगा कि, “इन सम पुरुष न उन सम नारी, दोनों ने यूपी को लूटा बारी-बारी”