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Saturday, August 8, 2026
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बड़बोलेपन से बाज़ नहीं आ रहे निरुपम, अपने ही नेताओं से परेशान कांग्रेस

शिखा पाण्डेय,

अपने ही देश की सेना व सरकार की कार्रवाई पर संदेह करने वाले करने वाले कांग्रेस नेता संजय निरुपम अब उसका अच्छा खासा खामियाज़ा भुगत रहे हैं, लेकिन अपने बड़बोलेपन से बाज़ नहीं आ रहे। बुधवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने उनके एक कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने शहर में खुली जगह के कथित अतिक्रमण पर पैनल चर्चा के इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम बुधवार दोपहर तीन बजे पत्रकार भवन में होना था। पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी, अनांदिनी ठाकुर, आरटीआई कार्यकर्ता भास्कर प्रभु सहित सिविल सोसाइटी के कई अन्य सदस्यों ने निरुपम की टिप्पणी के बाद कार्यक्रम के पैनलिस्ट के तौर पर मंगलवार को ही हटने का फैसला कर लिया था।

गांधी ने मंगलवार को निरुपम को एक ईमेल भेजकर सूचित किया कि वे परिचर्चा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने ईमेल में कहा, “यह बेहद दुखद है कि एक भारतीय इस तरह से बात कर रहा है और पाकिस्तान के रुख को समर्थन दे रहा है।” गांधी ने कहा कि हमें पता चला है कि निरुपम लक्षित हमलों की सत्यता पर सवाल कर रहे हैं और उन्हें फर्जी बता रहे हैं, जो अनुचित है।

गांधी ने कहा ,” सिविल सोसाइटी के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करने के बाद हमने निरुपम द्वारा आयोजित बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। हालांकि सिविल सोसाइटी के सदस्य मुंबई में खुली जगह के कथित अपहरण का विरोध करना जारी रखेंगे।”

इधर चारों ओर से आलोचनाएं झेलने के बावजूद निरुपम के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने भाजपा पर फिर से निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर भाजपा का राजनीतिक तमाशा जारी है। भाजपा राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों से राजनीतिक लाभ लेना चाहती है और उसकी नजरें आगामी चुनावों पर हैं। भाजपा रक्षा कार्यकलापों का राजनीतिकरण करने में संलिप्त है और देश का नागरिक होने के नाते मुझे ये सवाल पूछने का हक है।”

आपको बता दें कि सिविल सोसाइटी के सदस्य मुंबई नगर निकाय के राजधानी में खुले स्थान को नियमित करने की नई योजना के पक्ष में नहीं हैं और इस मुद्दे को उठाने के लिए कांग्रेस की नगर इकाई ने बुधवार को इस मुद्दे पर पैनल चर्चा कराने की योजना बनाई थी।

औरंगाबाद: पुलिस ने शिक्षकों पर बरसाई लाठियां, गुरूवार को प्रदेश के स्कूल बंद!

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

औरंगाबाद में पुलिस द्वारा शिक्षकों पर किए गए लाठी चार्ज के विरोध में गुरुवार को मुख्याध्यापक संघ ने राज्य के स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। हालाँकि कई शिक्षक संघो में बंद को लेकर मतभेद बना हुआ है। शिक्षक संगठन ‘शिक्षक भारती’ स्कूल बंद न रखकर काली पट्टी लगाकर प्रशासन का विरोध करने के पक्ष में है। शिक्षक भारती ने सभी शिक्षकों से इस संबंध में सहयोग करने की अपील भी की है।

औरंगाबाद में मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान महाराष्ट्र राज्य बिना अनुदानित कृति समिति के शिक्षकों ने मोर्चा निकाला था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित पूरा मंत्रिमंडल वहां मौजूद था। सरकार द्वारा अनुदान की घोषणा के बावजूद एक भी पैसा न मिलने से नाराज शिक्षक मोर्चा लेकर वहाँ गए थे। पुलिस ने होनेवाली बैठक के स्थान से दूर बेरिकेड्स लगाकर शिक्षकों के मोर्चे को रोक रखा था।

शिक्षक दरअसल शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े से मिलकर उन्हें ज्ञापन देना चाहते थे। शिक्षकों के शिष्टमंडल के मुख्यमंत्री से बातचीत करके लौटने के बाद भी जामा मस्जिद चौक में असंतुष्ट शिक्षकों का मोर्चा जमा रहा। पुलिस के अनुसार उन्होंने शिक्षकों को रास्ते से हटने का आग्रह किया, लेकिन मोर्चा वहाँ से हटने को तैयार न था। इससे पुलिस और शिक्षकों के मध्य वाद-विवाद होने लगा।

सूत्र से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, शिक्षकों ने पत्थर फेंकना भी शुरू कर दिया, जिसकी वजह से बाद में पुलिस ने शिक्षकों पर लाठी चलाया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आँसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस लाठीचार्ज में 22 शिक्षक जख्मी हो गए, जिसमें महिला शिक्षिकाओं का भी समावेश था।

वहीं शिक्षकों का आरोप है कि शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए मोर्चे पर पुलिस वालों ने अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। जबकि पुलिस ने कहा कि शिक्षकों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसके कारण उन्हें लाठीचार्ज करना पड़ा। बंदोबस्त में तैनात एक पुलिसकर्मी को हार्ट अटैक आ जाने पर अस्पताल में भरती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। मृत पुलिसकर्मी का नाम राहुल कांबले बताया जा रहा है।

मुख्याध्यापक संघ ने पुलिस द्वारा किये गए इस लाठीचार्ज का कड़ा विरोध करने का फैसला किया है। मुख्याध्यापक संघ ने कहा, “लोकतंत्र में न्याय मांगने के लिए आंदोलन करने का अधिकार हर किसी को है। हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने हम पर लाठियाँ चलाईं, यह बहुत ही कष्टदायक और असहनीय है।”

पीएम मोदी से मिलीं महबूबा, कश्मीर के हालात पर की चर्चा

शिखा पाण्डेय,

कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीमा पर तनाव कम करने के विषय में मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि कश्मीर के लोग बेहद पीड़ा एवं व्यथा से गुजर रहे हैं, तथा समय आ गया है कि उन तक पहुंचा जाए और उनके घावों पर मरहम लगाया जाए।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति तथा सीमा पर व्याप्त तनाव को लेकर प्रधानमंत्री के साथ विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा,” राजनीतिक, आर्थिक एवं विकास स्तर पर पर्याप्त पहल के जरिये कश्मीर के लोगों की पीड़ा को कम करना आवश्यक है।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वे मौजूदा स्थिति को एक अवसर के रूप में देखें व जम्मू कश्मीर की जनता से सीधा संपर्क साधें।

पड़ोसी मुल्क के साथ जारी भीषण तनाव की स्थिति पर उन्होंने कहा, ‘‘आज राज्य के सीमाई क्षेत्रों से सैकड़ों परिवारों का पलायन हो रहा है। उन्हें क्षेत्र में मौजूद तनावपूर्ण स्थिति के कारण बेहद मुश्किल स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।’’

सीमा पर व्याप्त स्थिति को लेकर अपनी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने तनाव को कम करने की जरूरत पर बल दिया क्योंकि क्षेत्र में अशांति एवं टकराव से राज्य के लोग सबसे ज्यादा कष्ट उठाते हैं। महबूबा ने मोदी के साथ राज्य के समग्र विकास परिदृश्य तथा 80, हजार करोड़ रूपये के प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत परियोजनाओं को जल्द लागू करने के उपायों के बारे में भी चर्चा की।

राहुल ने पीएम मोदी पर बोला हमला, कहा- ‘मोदी जी जनधन योजना का पैसा कहाँ गया?’

शिखा पाण्डेय,

किसानों के मसीहा बनने की दौड़ में अव्वल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया है। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार को करीब ढाई साल पूरे हो चुके हैं, इसके बावजूद जनधन योजना का पैसा अभी तक लोगों के खाते मे नहीं पहुंचा। मोदी ने किसानों को कुछ नहीं दिया।

राहुल ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही दस दिन के भीतर किसानों का बिजली का बिल हाफ, कर्जा माफ और फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का काम करेंगे।

राहुल ने मगंलवार शाम से लेकर बुधवार शाम तक का समय सहारनपुर जिले में बिताया। राहुल ने कहा, “मोदी जी देश में दो भाइयों को लड़ाने का काम करते हैं, लेकिन कांग्रेस लोगों को तोड़ती नहीं, बल्कि जोड़ने का काम करती है। जहां कहीं भी मोदी जी समाज को लडायेंगे, वहां कांग्रेस खड़ी मिलेगी।” राहुल ने कहा, “मोदी जी को कभी मजदूरों से भी बात करनी चाहिये, ओबामा के साथ सेल्फी लेने से देश के लोगों का दर्द पता नहीं चलेगा।”

राहुल ने मोदी के चुनावी वादों पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए पूछा, “क्या युवाओं को रोजगार मिला है, क्या हर आदमी के खाते में 15 लाख रूपये आये है? मोदी जी ने 15 उद्योगपतियों का एक लाख दस हजार करोड़ रूपये का कर्जा माफ कर दिया है, लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया।”

राहुल ने कहा कि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार के रहते मनरेगा योजना चलाने का मुख्य उद्देश्य ही यही था कि धर्म व जाति को ताक पर रख कर समाज के दबे कुचले और कमजोर वर्ग की मदद की जा सके और वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने मंगलवार को मुजफ्फरनगर में रोड शो के बाद बघरा बस स्टैंड पर रोड शो के दौरान उमड़ी भीड़ को भी संबोधित किया।

420 आदमी है केजरीवाल, ये देश के लिए घातक है -सुब्रमण्यम स्वामी

शिखा पाण्डेय,

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगे जाने पर करारा जवाब दिया है। स्वामी ने केजरीवाल को चार सौ बीस,  राष्‍ट्र-विरोधी और नक्‍सली मानसिकता का व्‍यक्ति बताया है। स्वामी ने केजरीवाल के दिल्ली में रहने को देश के लिए घातक बताया।

न्‍यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने केजरीवाल की मांग को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा, “जब सारे विश्व में हमारी जय-जयकार हो रही है और पीएम की वाहवाही हो रही है, तो इसमें केजरीवाल के पेट में दर्द हो रहा है?” उन्‍होंने कहा, ”रूस ने हमारी सर्जिकल स्‍ट्राइक का स्‍वागत किया है, अमेरिका ने कहा है कि हमने शानदार काम किया है।

स्वामी ने केजरीवाल को राष्ट्र विरोधी बताते हुए कहा, “जैसे जयचंद ने मोहम्मद गोरी का फायदा उठाया, ऐसे ही ये लोग भी पाकिस्तानी का नाम लेकर अपनी आलोचना का तीर छोड़ रहे हैं। ये बड़ी शर्म की बात है, हमें इस पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए।”

स्वामी ने कहा, “भारत को पाकिस्‍तान के झूठे दावों के ख़िलाफ़ सबूत देने की जरूरत नहीं है। अगर उन्‍हें सबूत दे भी दिए जाएं, तो वे कुछ नहीं करेंगे। उन्‍हाेंने कहा, ” हमने उन्‍हें कसाब और हाफिज सईद पर सबूत दिए। हमनें उन्‍हें भारत आकर पठानकोट में जांच करने की इजाजत दी, इसके बावजूद उन्‍होंने कुछ नहीं किया। इसलिए जवाब देने का कोई मतलब नहीं है।” स्वामी ने कहा कि यदि युद्ध की स्थिति बनती है, तो दिल्ली सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए।

स्वामी ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि चिदंबरम अब जेल जाने वाले हैं, इसलिए आज कल कुछ भी अनाप-शनाप बोल रहे हैं। आपको बता दें कि चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि यह सरकार पर निर्भर है कि वह 28 सितम्बर की रात किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत दे, जिसमें पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में सेना ने आतंकवादियों के सात लांच पैड को नष्ट कर दिया था।

मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे छात्र नेताओं की सड़क हादसे में मौत, विश्वविद्यालय में शोक की लहर

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। अभी हफ्ते भर पहले ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनावों के परिणाम की घोषणा हुई थी। चारों तरफ हर्षोल्लास का माहौल था, लेकिन आज उस वक़्त अचानक विश्वविद्यालय में मातम पसर गया, जिस वक़्त रायबरेली से खबर आई कि नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष आदिल हमजा और सांस्कृतिक सचिव मनीष सैनी सहित आधा दर्जन छात्र सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए हैं।

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सूत्रों से मिल रही ताजा जानकारी के अनुसार, नवनियुक्त सांस्कृतिक सचिव मनीष कुमार सैनी और छात्र अंकित पाण्डेय की रायबरेली के पास जगतपुर में मार्ग दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, इस सड़क दुर्घटना में उपाध्यक्ष आदिल हमजा सहित 6 छात्र गम्भीर रूप से घायल हैं, जिनका लखनऊ स्थित पीजीआई में इलाज चल रहा है।

खबरों के अनुसार, ये सभी छात्र नेता मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जा रहे थे। इस घटना के तुरन्त बाद विश्वविद्यालय ने कल यानी 6 अक्टूबर को विश्वविद्यालय में छुट्टी घोषित कर दी है। पूरे कैम्पस में शोक का माहौल है। सभी छात्र नेताओं ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना समूचे विश्वविद्यालय के लिए दुःखद है। दुःख की इस घड़ी में हम सभी साथ हैं। इस घटना में हमारे साथी सांस्कृतिक सचिव मनीष सैनी और अंकित पाण्डेय की मृत्यु बहुत ही दुःखद है। ईश्वर मृतक आत्मा को शांति प्रदान करें।

आपको बताते चलें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अभी हफ्ते भर पहले ही छात्र संघ चुनाव हुए थे, जिसमें उपाध्यक्ष पद पर आदिल हमजा और सांस्कृतिक सचिव पद पर मनीष सैनी चुनाव जीते थे।

पाकिस्तानी कलाकारों को काम देकर देश की सुरक्षा और अर्थव्यस्था से खिलवाड़ न करें -गजेंद्र चौहान

सौम्या केसरवानी,

फिल्‍म एंड टेलीविजन इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के चेयरमैन गजेंद्र चौहान पाकिस्‍तानी कलाकारों पर बैन की बहस में कहा कि पाकिस्‍तानी अभिनेताओं और कलाकारों को काम देना देश की ‘अर्थव्‍यवस्‍था और सुरक्षा’ के लिए खतरा है।

एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान गजेंद्र चौहान ने कहा कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, इसलिए देश को सीमा पार से अभिनेताओं और गायकों को काम देने की जरूरत नहीं है।

चौहान की यह टिप्‍पणी भारत-पा‍किस्‍तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है। चौहान ने कहा कि बाहर के कलाकारों को मौका देने से देश के प्रतिभाशाली कलाकारों को काम नहीं मिल पाता।

चौहान ने कहा कि जो निर्माता पाकिस्‍तानी कलाकारों के साथ काम करते हैं, वह आर्थिक कारणों की वजह से ऐसा करते हैं, क्योंकि इससे पाकिस्‍तान में उनकी फिल्‍म रिलीज होने पर फायदा मिलता है। गजेंद्र चौहान का कहना है, ”अगर आपको पाकिस्‍तानी कलाकार चाहिए, तो आप पाकिस्‍तान में शूट कीजिए। उन्‍हें (फिल्‍म निर्माताओं) एहसास होगा कि पाकिस्‍तान में शूट करने की इजाजत मिलना कितना मुश्किल है और इससे उन्‍हें पाकिस्‍तानी लोगों का रवैया जानने का भी मौका मिलेगा।

गौरतलब है कि सोमवार को बॉलीवुड के वरिष्‍ठ अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा था कि ‘देश और जवान सबसे बड़े हैं और फिल्‍मी सितारों की हालत उनके सामने खटमल जैसी है।’

पिछले सप्‍ताह इंडियन मोशन पिक्‍चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने एक प्रस्‍ताव पास कर पाकिस्‍तानी कलाकारों और टेक्‍नीशियनों के तब तक भारत में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जब तक दोनों देशों के बीच रिश्‍ते सही नहीं हो जाते।

शिवसेना का पोस्टर सोशल मीडिया में छाया, केजरीवाल को बनाया मेघनाद और मोदी को राम

सौम्या केसरवानी,

वाराणसी में शिवसेना द्वारा लगाए गए वे पोस्टर्स, जिसमें केजरीवाल को मेघनाद और पीएम मोदी को राम के रूप में दर्शाया गया है, वह सोशल मीडिया में तेज़ी के साथ फ़ैल रहा है। पोस्टर में पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को रावण के रूप में दिखाया गया है।

पोस्टर्स में पीएम मोदी को भगवान राम की वेशभूषा में हाथ में धनुष बाण लिए हुए दिखाया गया है। वहीं दूसरी ओर नवाज शरीफ को नौ सिर के रावण के रूप में दिखाया गया है। पीएम मोदी अपने तीर का निशाना रावण रूपी नवाज शरीफ की ओर लगाए हुए हैं। इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल को मेघनाथ की वेशभूषा में दिखाया गया है। पोस्टर में साथ ही लिखा है कि ‘एक और सर्जिकल ऑपरेशन की जरूरत है। रावण रूपी पाकिस्तान का अंत हो।’ इसके साथ ही केजरीवाल को ‘मेघनाथ रूपी केजरीवाल पाकिस्तान के समर्थक’ बताया गया है।

18 सितंबर और उरी सेक्टर में आतंकियों का आर्मी कैंप पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में काफी तनाव बना हुआ है। इस हमले के बाद से भारतीय पीएम मोदी से पाकिस्तान पर हमला करने के लिए कह रहे थे। इसके बाद भारतीय सेना ने दावा किया कि हमने एलओसी पार करके सर्जिकल स्ट्राइक किया। सर्जिकल स्ट्राइक में पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सेना की ओर से कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ है।

पाकिस्तान के खंडन के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं ने मोदी सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मतभेदों को परे करते हुए सर्जिकल स्‍ट्राइक के मुद्दे पर उनकी जोरदार तारीफ भी की थी।

पाकिस्तान बॉर्डर का 2300 किमी. का इलाका होगा सील, राजनाथ 4 राज्यों के गृह मंत्रियों से करेंगे मुलाक़ात

अनुज हनुमत,

केंद्र की मोदी सरकार पाकिस्तान के बीच 2,300 किमी सीमा क्षेत्र को सील करने की तैयारी कर रही है।इसी बाबत केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के गृहमंत्रियों से मुलाकात करेंगे।

जानकारी के मुताबिक सीमा सील करने के बाद इस क्षेत्र में सामान की आवाजाही, ट्रैफिक और लोगों के आवागमन के लिए 1 से 2 चेकप्वाइंट्स बनाए जाएंगे। इन चेक प्वाइंट्स को पूरे दस्तावेज दिखाने के बाद ही पार किया जा सकेगा। फ़िलहाल वाघा अटारी बॉर्डर भारत पाकिस्तान के बीच मुख्य चेक प्वाइंट है। बॉर्डर सील करने के इस प्रस्ताव के अंतर्गत वो क्षेत्र आएंगे, जिन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) कवर करती है।

सेना द्वारा सुरक्षित LOC क्षेत्र इस प्रस्ताव से बाहर होंगे। इस समय दोनों देशों के बीच 2 व्यावसायिक रुट हैं उरी- सलामाबाद और पुंछ- रावलकोट। इस योजना के तहत लोगों और सामान की आवाजाही सिर्फ 1 या 2 चेक प्वाइंट्स से होगी और बाकी सभी आवागमन के रास्तों को बंद किया जाएगा।

आपको बताते चलें कि इसके अलावा सरकार की यह भी योजना है कि सीमा पर सीसीटीवी, लेजर फेंस और मोशन सेंसर लगाए जाएं। सरकार की यह कोशिश है कि तकनीक का इस्तेमाल करके सीमा की सुरक्षा मजबूत की जाए, जिससे पठानकोट जैसे हादसे दोबारा न हों।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले सीमापार से आए आतंकियों ने पठानकोट में आर्मी के बेस कैंप पर हमला कर दिया था, जिसमें कई जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के उरी में भी आतंकियों द्वारा किए गए एक हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। इसके जवाब में हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना ने LOC पर सर्जिकल स्ट्राइक कर 38 आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद सीमा क्षेत्र के सभी गांवों को खाली कराया गया था।

कल शाम जैसलमेर बॉर्डर की सुरक्षा का जायज़ा लेंगे गृहमंत्री राजनाथ

अमित द्विवेदी,

उरी हमले के बाद से ही पाकिस्तान के साथ तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था पर उच्चस्तरीय अधिकारियों से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक की नज़र बनी है, जिससे किसी भी विषम परिस्थिति का सामना मज़बूती से किया जा सके। इसके मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह गुरूवार शाम अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित जैसलमेर जाएंगे। वे संभवत: बाडमेर भी जाएंगे।

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गृहमंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार शाम को जैसलमेर पहुंचेंगे। गृहमंत्री अन्तरराष्ट्रीय सीमा के निकट क्षेत्र में स्थित प्रख्यात तनोत मंन्दिर में विशेष पूजा अर्चना में शामिल होंगे। गृहमंत्री जैसलमेर सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा भी लेंगे।

जानकारी के मुताबिक, केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जैसलमेर में अगले दिन चार राज्यों (राजस्थान, पंजाब, जम्मू कश्मीर और गुजरात) के मुख्यमंत्रियों और गृहमंत्रियों की बैठक लेंगे, जिसमें सीमावर्ती इलाकों के मौजूदा हालात के बारे में जानकारी लेंगे, जिससे वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था को समझा जा सके।

पाकिस्तान के साथ बढ़ रहे लगातार तनाव को देखते हुए सरकार सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरतना चाहती, इसलिए जिन इलाकों में खतरे की संभावना है उन्हें अलर्ट कर दिया गया है।