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Saturday, August 8, 2026
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सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों को अक्षय कुमार का मुँहतोड़ जवाब, कहा- ‘सबूत मांगने वालों शर्म करो’

इंद्रकुमार विश्वकर्मा

मुंबई। उरी हमले के बाद भारत की ओर से किए गए सर्जिकल स्‍ट्राइक पर सबूत मांगने वालों को फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने करारा जवाब दिया है। अक्षय ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के लक्षित हमलों पर उठाये जा रहे सवालों की कड़ी निंदा की।

बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार ने कहा है कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के सबूत मांगने वालों को शर्म करना चाहिए। आपस में झगड़ने वालों को जवानों की शहादत का सम्‍मान करना चाहिए। सेना पर सवाल उठाना ठीक नहीं। सेना पर सवाल न उठाएं, सेना है तो हम हैं। सेना नहीं तो हिंदुस्‍तान नहीं।

अक्षय कुमार ने कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि कुछ लोग ऐसे समय में पाकिस्तानी कलाकारों पर पाबंदी पर बहस कर रहे हैं, जबकि सीमा पर आतंकी हमले में हमारे जवान शहीद हुए हैं। पाक कलाकारों के समर्थकों को शर्म आनी चाहिए। यह समय पाक कलाकारों पर बहस करने का नहीं है।

अक्षय ने वीडियो के साथ लिखा, पिछले कुछ दिन से मेरे दिमाग में कुछ चीजें चल रहीं हैं और मुझे यह कहना था। किसी को दुखी करने का इरादा नहीं है। अक्षय ने वीडियो में कहा कि मैं आज एक सेलिब्रिटी के रूप में आपसे नहीं बोल रहा हूं। मैं एक सैनिक के बेटे के रूप में आपसे बात कर रहा हूं। पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं और पढ़ रहा हूं कि लोग बहस कर रहे हैं। कुछ लोग सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे हैं, तो कुछ कलाकारों पर पाबंदी की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों को डर है कि जंग हो सकती है।

अक्षय ने कहा कि अरे शर्म करो! ये बहस बाद में हो सकती है। पहले तो यह सोचना चाहिए कि हमारे जवान सीमा पर अपनी जान गँवा रहे हैं। उरी हमले में 19 जवान शहीद हो गये और बारामूला में 24 साल का नितिन यादव शहीद हो गया।

अक्षय ने यह भी कहा कि इस समय पाकिस्तानी कलाकारों पर पाबंदी के बारे में बात करने की बजाय उन परिवारों के बारे में सोचना चाहिए, जिन्होंने सीमा पर अपनों को खो दिया और जिन्हें इस प्रकार की बहस से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या उनके परिवारों को या हजारों जवानों के परिवारों को इस बात की चिंता है कि कोई फिल्म रिलीज होगी या नहीं?

किसी कलाकार पर पाबंदी लगाई जाएगी या नहीं! उन्हें अपने भविष्य की चिंता है। अक्षय ने कहा कि हमें चिंता होनी चाहिए कि हम उनके वर्तमान को और भविष्य को बेहतर बनाएं। मैं हूं, क्योंकि वे हैं। आप हैं, क्योंकि वे हैं। और अगर वे वहाँ नहीं होते तो भारत नहीं होता। जय हिंद!

इलाहाबाद विवि: हटाए जा सकते हैं VC रतन लाल हांगलू, MHRD ने लगाए अनियमितताओं के आरोप

सौम्या केसरवानी,

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति रतन लाल हांगलू के खिलाफ मिल रही शिकायतों और आरोपों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विवि के विजिटर यानी राष्ट्रपति को भेज दिया है। विवि के सूत्रों की मानें तो सोमवार को दोपहर बाद विवि में एमएचआरडी का पत्र पंहुचा है। जिससे चुनावी सरगर्मी खत्म होते ही कुलपति कार्यालय सहित विवि कैम्पस में हलचल बढ़ गई है।

पिछले कई महीनों से कुलपति कार्यालय के मनमानी और अनियमितताओं की शिकायत एमएचआरडी सहित प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति भवन तक भेजी गई है। कल देर रात तक विवि कैम्पस में कुलपति कार्यालय खुला था, इसके अलावा कई जिम्मेदार पद पर तैनात प्रोफ़ेसर भी कैम्पस में मौजूद रहे।

हालांकि कुलपति ने जिसे चाहा वही कैम्पस में रहा। मंगलवार शाम तक कुलपति के दिल्ली जाने की सम्भावना जताई जा रही है। पश्चिम बंगाल के कल्याणी विवि के कुलपति प्रोफ़ेसर रतन लाल हंगालू ने बीते 31 दिसम्बर को इविवि कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था।

इलाहाबाद विवि के कुलपति हांगलू के खिलाफ लगाये जा रहे आरोपों को राष्ट्रपति भवन से अनुमति मिलने के साथ ही मानव संसाधन मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए है। इसके पहले विवि की पूर्व अध्यक्षा ऋचा सिंह द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखे गए पत्रों और लगाये गए आरोपों के जांच के लिये आदेश हो चुका है। कुलपति पर वित्तीय अनियमितता सहित कई पदों को स्वयं सृजित करना, शिक्षक भर्ती में मनमानी छात्रों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मनमाने तरीके से मुक़दमे, छात्रों का निष्कासन और विवि में शिक्षकों से अमर्यादित व्यवहार और कुलपति द्वारा गंभीर आरोपों से घिरे लोगों को जिम्मेदार पदों पर आसीन करना जैसे कई आरोप लगे हैं।

मैथ्यू चक्रवात के चलते हैती में मरने वालों की संख्या 300 के पार, अमेरिका में भी इमरजेंसी का ऐलान

शिखा पाण्डेय,

मैथ्यू चक्रवात की मार झेल रहे कैरिबियाई देश हैती में लगभग 108 लोगों की मौत हो जाने की जानकारी देश के गृह मंत्री फ्रैंकोइस एनिक जोसेफ ने गुरुवार को दी थी, लेकिन शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार ये संख्या लगभग 300 के पार हो गई है।

प्रशासन के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में शहर तबाह हो गया। देश के दक्षिणी-पश्चिम इलाकों से संपर्क कट चुका है और हैती से मिली ताज़ा तस्वीरों में ज़बरदस्त नुकसान हुआ साफ़ दिखाई दे रहा है। कैरिबीयाई देशों में पिछले दशक में आए तूफ़ानों में मैथ्यू सबसे शक्तिशाली है। हैती और क्यूबा में अपना असर दिखाकर ये बहामास द्वीप में भी दस्तक दे चुका है।

पिएरे-लुईस ऑस्टिन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, ”हैती के दक्षिणी इलाकों में लेस कायेस से तिब्यूरॉन तक तबाही मच गई है। हवाई सर्वेक्षण के दौरान ली गई तस्वीरों में जेरेमी शहर में कई सौ मकान ध्वस्त दिखाए दे रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर अमरीका के फ्लोरिडा राज्य में भी तूफान की आशंका को देखते राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है। मैथ्यू के फ्लोरिडा के तट से सीधे टकराने की आशंका के मद्देनजर अमेरिका के दक्षिणपूर्वी तट से गुरुवार को लगभग तीस लाख लोगों को तत्काल हटा लिया गया।

जिनके पास वोटिंग कार्ड नहीं, उन्हें फेसबुक बनाएगा वोटर

शिखा पाण्डेय,

जैसे जैसे चुनावों का मौसम छाता है, अलग अलग चुनावी तैयारियां भी जोर शोर से शुरू हो जाती हैं। ‘वोटर’, जो चुनाव से पूर्व भगवान से भी बढ़कर होते हैं, उनकी सुविधाओं की सभी तैयारियां की जाती हैं। ऐसी ही एक बेहद अहम् और ख़ास सुविधा लेकर आई है सोशल नेटवर्किंग साइट ‘फेसबुक’। आपके लिए ख़ुशख़बरी यह है कि यदि आपका वोटर कार्ड नहीं बन पाया है, तो बिल्कुल निश्चिन्त रहिए। आप यदि फेसबुक पर हैं तो आप मतदाता बन सकते हैं।

अगले साल यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। अगर आप इन राज्यों के रहने वाले हैं और अब तक वोटर नहीं बन पाए हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। अब आप अपना कीमती वोट अपनी पसंदीदा कैंडिडेट को दे सकते हैं। फेसबुक इस सुविधा के लिए एक नया फीचर ला रहा है।

इस फीचर की मदद से 18 साल या उस से अधिक उम्र के लोग राष्ट्रीय मतदाता सेवा (नेशनल वोटर सर्विस) पोर्टल से जुड़ सकते हैं। 8 अक्टूबर से फेसबुक यूजर्स को ‘रजिस्टर टू वोट’ का मैसेज मिलेगा। इस मैसेज में दिए गए ‘रजिस्टर टू वोट’ का बटन दबाते ही आप चुनाव आयोग के पोर्टल से सीधे जुड़ जाएंगे, जहां दिए गए निर्देशों के अनुसार अपनी जानकारी मुहैया करा कर आप मतदाता बन सकते हैं।

अखिलेश की एक न चली, सपा में कौमी एकता दल का हुआ विलय

अमित द्विवेदी,

कौमी एकता दल का सपा में विलय को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश भले ही लाख विरोध करते रहे, लेकिन उनकी एक न चली। अखिलेश के न चाहते हुए भी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हो गया है।

इसके पहले सीएम अखिलेश यादव के भारी विरोध के चलते कौमी एकता दल का सपा में विलय रद्द करना पड़ा था। लेकिन इस बार अखिलेश की एक न चली और विलय हो गया। पिछली बार अखिलेश के हठ के आगे पार्टी दिग्गजों को झुकना पड़ा था, लेकिन इस बार अखिलेश की शाख़ को खासी चोट पहुंची है। मुख्यमंत्री होते हुए भी उनकी बात को नहीं माना गया।

हालाँकि इस मामले पर अखिलेश के चाचा शिवपाल ने पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि विलय का निर्णय नेता जी (मुलायम सिंह) ने लिया है। और इस निर्णय में सभी की सहमति है। उन्होंने कहा कि सीएम अखिलेश से भी इस संबंध में बात हुई है। लेकिन यह बात हज़म नहीं हो रही कि कौमी एकता दल का पुरजोर विरोध करने वाले अखिलेश ने अचानक से हामी कैसे भर दी।

शफ़क़त ने की उरी हमले की निंदा, कहा- ‘डरपोक हैं वो जो कुछ नहीं बोले’

शिखा पाण्डेय,

उरी आतंकवादी हमलों के बाद हुए तमाम विवादों के बाद अब जाकर किसी पाकिस्तानी कलाकार ने हमले की निंदा की है। मशहूर पाकिस्तानी शास्त्रीय गायक शफक़त अमानत अली खान ऐसे पहले पाकिस्तानी कलाकार हैं, जिन्होंने उरी हमले की निंदा की है।

खान ने बुधवार को एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा, “मैं उरी हमले की निंदा करता हूं। हालांकि, मैं अन्यों के बारे में नहीं जानता।” जब उनसे पूछा गया कि अन्य पाकिस्तानी कलाकार इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं,तो उन्होंने कहा, “बाकी कलाकारों ने उरी हमले की निंदा इसलिए नहीं की होगी कि उन्हें किसी का डर होगा।” हालांकि, अन्य कलाकारों की ओर से भी सफाई देते हुए खान ने कहा कि वे भले बोलें ना, पर वे भी आतंक के बारे में मेरा जैसा ही सोचते होंगे।”

गौरतलब है कि उरी सेक्टर में 18 सितंबर को आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को काम नहीं करने देने का मामला बेहद गंभीर हो गया क्योंकि किसी भी पाकिस्तानी कलाकार ने उरी हमले को गलत ठहराने का साहस नहीं जुटाया। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे इस तनाव के बीच पिछले सप्ताह बेंगलुरू में होने वाला शफाक़त अली का कॉन्सर्ट भी रद्द कर दिया गया था।

पाकिस्तानी गायक शफाक़त अमानत अली ने उरी हमले की निंदा करने की हिम्मत दिखाई!

ब्यूरो
उरी आतंकवादी हमलों के बाद हुए तमाम विवादों के बाद अब जाकर किसी पाकिस्तानी कलाकार ने उरी हमले की निंदा की है। मशहूर पाकिस्तानी शास्त्रीय गायक शफाक़त अमानत अली खान ऐसे पहले पाकिस्तानी कलाकार हैं, जिन्होंने उरी हमले की निंदा की है।

खान ने बुधवार को एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा, “मैं उरी हमले की निंदा करता हूं। हालांकि, मैं अन्यों के बारे में नहीं जानता।” जब उनसे पूछा गया कि अन्य पाकिस्तानी कलाकार इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं,तो उन्होंने कहा, “बाकी कलाकारों ने उरी हमले की निंदा इसलिए नहीं की होगी कि उन्हें किसी का डर होगा।” हालांकि, अन्य कलाकारों की ओर से भी सफाई देते हुए खान ने कहा कि वे भले बोलें ना, पर वे भी आतंक के बारे में मेरा जैसा ही सोचते होंगे।”

गौरतलब है कि उरी सेक्टर में 18 सितंबर को आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को काम नहीं करने देने का मामला बेहद गंभीर हो गया क्योंकि किसी भी पाकिस्तानी कलाकार ने उरी हमले को गलत ठहराने का साहस नहीं जुटाया। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे इस तनाव के बीच पिछले सप्ताह बेंगलुरू में होने वाला शफाक़त अली का कॉन्सर्ट भी रद्द कर दिया गया था।

अंतरिक्ष में इसरो की बड़ी उपलब्धि, संचार उपग्रह जीसैट-18 का हुआ सफल प्रक्षेपण

अनुज हनुमत
भारत ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है । भारत ने आज नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट 18 का फ्रेंच गुयाना में कोउरू के अंतरिक्ष केंद्र से एरियनस्पेस रॉकेट के जरिए सफल प्रक्षेपण किया। गौरतलब है कि यह प्रक्षेपण पहले बुधवार को किया जाना था, लेकिन कोउरू में मौसम खराब होने के कारण इसे 24 घंटे के लिए टाल दिया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संचार उपग्रह जीसैट-18 के सफल प्रक्षेपण को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का दूसरा ‘मील का पत्थर’ बताते हुए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी। आपको बता दें कि कोउरू दक्षिणी अमेरिका के पूर्वोत्तर तट स्थित एक फ्रांसीसी क्षेत्र है।

जीसैट-18 क्यों है महत्त्वपूर्ण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा निर्मित जीसैट 18 इसरो के 14 संचालित उपग्रहों के बेड़े को मजबूत कर भारत के लिए दूरसंचार सेवाएं प्रदान करेगा।  जीसैट 18 यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा प्रक्षेपित किया जाने वाला इसरो का 20वां उपग्रह है और एरियनस्पेस प्रक्षेपक के लिए यह 280वां मिशन है।

अपने भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए एरियन 5 रॉकेट पर निर्भर इसरो इस उद्देश्य के लिए जीएसएलवी एमके 3 विकसित कर रहा है और प्रक्षेपण के समय 3,404 किलोग्राम वजन रखने वाला जीसैट 18 नॉर्मल सी बैंड, अपर एक्सटेंडेड सी बैंड और केयू बैंडों में सेवा प्रदान करने के लिए 48 संचार ट्रांसपोंडर लेकर गया है ।

आज मौसम साफ होने के साथ ही एरियन-5 वीए-231 भारतीय समयानुसार तड़के करीब दो बजे रवाना हुआ और जीसैट 18 को लगभग 32 मिनट की उड़ान के बाद कक्षा में भेज दिया। उपग्रह जीओसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में प्रक्षेपित किया गया। इसरो द्वारा मिशन की घोषणा के बाद जीसैट 18 को फ्रेंच गुयाना के कोउरू से एरियन 5 वीए-231 के जरिए सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया।

गौरतलब है कि उपग्रह के सफल प्रक्षेपण की घोषणा करते हुए एरियनस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन इस्राइल ने ट्वीट किया है,” हमें इसरो के साथ अपने मजूबत संबंधों पर गर्व है। आज रात 20वां उपग्रह भेजा गया। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी के लिए प्रक्षेपित बधाई।”  जानकारों की मानें तो भारत जिस तेजी से अंतरिक्ष में अपनी जगह बना रहा है उससे एक बात तो निश्चित है कि आने वाले दिनों में भारत और मजबूती से परिणाम प्राप्त करेगा ।

हंदवाड़ा के राष्ट्रीय राइफल बटालियन पर आतंकी हमला, जवानों ने 3 आतंकियों को किया ढेर

सौम्या केसरवानी,

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा के लंगेट में स्थित राष्ट्रीय राइफल की बटालियन हेडक्वार्टर पर गुरुवार को आतंकियों ने हमला कर दिया। सेना के मुताबिक आतंकियों ने राष्ट्रीय राइफल कैंप के बाहर दो जगह फायरिंग की और इसके बाद आतंकियों ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन सेना के जवानों ने उन्हें घेर लिया और तीन आतंकियों को मार गिराया।

उन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली है। पांच दिनों में यह दूसरी बार है, जब आतंकियों ने राष्ट्रीय राइफल कैंप में घुसने की कोशिश की है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आतंकी सेना की वर्दी में थे। सेना के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी ने बताया, ‘सुबह करीब 5 बजे आतंकियों ने कुपवाड़ा जिले के लंगाटे स्थित आर्मी कैम्प पर फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन वहाँ मुस्तैद जवानों ने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया गया।’

कर्नल राजीव सहारण ने न्यूज एजेंसी को बताया, ‘तीन पाकिस्तानी आतंकी मारे गए। आतंकियों के पास तीन एके 47 राइफल के साथ भारी संख्या में हथियार थे। आतंकियों के पास से बरामद नक्शों की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही उनके पास से बरामद दवाओं पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ मार्का भी मिला है।’

उरी हमले के बाद की गई भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार रात को भी पाकिस्तान ने गोलाबारी की जिसका भारतीय सैनिकों ने जवाब दिया। इससे पहले आतंकियों ने बीएसएफ के कैम्प पर हमला किया था जिसमें एक भारतीय जवान शहीद हो गया और तीन आतंकी मारे गए।

कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, पाकिस्तान निरर्थक खोज बंद करे -सय्यद अकबरुद्दीन

अनुज हनुमत,

संयुक्त राष्ट्र संघ। भारत ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए पाकिस्तान को हिदायत दी है। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का मजबूती से खंडन करते हुए कहा है कि पाकिस्तान के ‘पुराने रवैये’ का समय अब पूरा हो चुका है और उसे अब कश्मीर के लिए अपनी ‘निरर्थक खोज’ छोड़ देनी चाहिए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया था कि मौजूदा स्थिति के लिए भारत जिम्मेदार है।  संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सय्यद अकबरूद्दीन ने ‘संगठन के कार्य पर महासचिव की रिपोर्ट’ विषय पर महासभा में चर्चा के दौरान पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी की उन टिप्पणियों का दृढ़ता से खंडन किया, जिनमें मलीहा ने कहा था कि भारत ने अपनी हालिया ‘घोषणाओं और कार्रवाइयों’ से क्षेत्र में ऐसी स्थितियां पैदा की है, जो शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है।

अकबरूद्दीन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दावे का कोई समर्थन नहीं कर रहा है और उसे कश्मीर के लिए अपनी खोज छोड़ देनी चाहिए, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है। अपने वक्तव्य में अकबरूद्दीन ने कहा कि, ‘पाकिस्तान के प्रति हमारी प्रतिक्रिया अटल है। वह अपनी व्यर्थ खोज छोड़ दे। जम्मू कश्मीर राज्य भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और यह हमेशा रहेगा।’

अकबरूद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय मंचों के ‘गलत’ इस्तेमाल से हकीकत नहीं बदलेगी। ‘पाकिस्तान के पुराने रवैये का समय अब पूरा हो चुका है।’ अकबरूद्दीन ने पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताते हुए कहा कि कश्मीर पर उसके दावे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के महासभा में अपने संबोधन के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के बीच कोई समर्थन नहीं मिला।

अकबरद्दीन ने कहा, ‘कुछ समय पहले ही हमने उस एकमात्र आवाज को सुना है, जिसमें मेरे देश के अभिन्न हिस्से पर दावा किया गया है। यह (आवाज) ऐसे देश से आई है, जिसने खुद को आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के तौर पर स्थापित किया है। इस तरह के दावे को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच कोई समर्थन नहीं मिला।’ भारतीय दूत ने इस बात पर जोर दिया कि हाल में सम्पन्न संयुक्त राष्ट्र आम चर्चा के दौरान शरीफ के ‘आधारहीन दावों’ को ‘एक भी समर्थन नहीं मिला।’

आपको बता दें कि पाकिस्तानी दूत मलीहा ने भारत के लक्षित हमले का जिक्र करते हुए कहा था, ‘पिछले कुछ हफ्तों से भारत नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्र में बिना उकसावे के गोलाबारी कर रहा है। यह आज भी जारी है।’ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी टिप्पणी में कश्मीर का जिक्र करते हुए मलीहा ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह भारत ही है जिसने मौजूदा स्थिति को खराब करने में पहला कदम उठाया है। अकबरद्दीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बढ़ते आतंकवाद की समस्या से निपटना चाहिए जो राष्ट्रों के लिए सर्वाधिक खतरनाक है। बहरहाल, अब देखना होगा कि पाकिस्तान इस प्रतिक्रया के बाद क्या रुख अपनाता है।