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Saturday, August 8, 2026
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पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की याचिका व्हाइट हाउस में सबसे लोकप्रिय, लगभग 7 लाख लोगों ने किया हस्ताक्षर

अनुज हनुमत,

चौतरफा दबाव से घिरे पाकिस्तान पर भारत का शिकंजा कसता जा रहा है। पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने की मांग वाली याचिका को 50,000 से अधिक नए हस्ताक्षर मिल जाने से यह अमेरिका में अब तक की सबसे लोकप्रिय याचिका बन गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, याचिका को 6,13,830 हस्ताक्षर मिले जिसे व्हाइट हाउस ने पुरालेख में दर्ज किया। आपको बता दें कि याचिका पर हस्ताक्षरों की संख्या कल दोपहर तक 51,939 नए हस्ताक्षरों के साथ 6,65,769 पहुंच गई। जानकारों की मानें तो यह अब तक की सबसे लोकप्रिय व्हाइट हाउस याचिका बन गई है। किसी भी व्हाइट हाउस याचिका ने अभी तक 3,50,000 का आंकड़ा पार नहीं किया है।

फ़िलहाल इस बारे में व्हाइट हाउस ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। यह संभव है कि व्हाइट हाउस द्वारा याचिका बंद किए जाने से पहले किए गए इन हस्ताक्षरों को विधिवत सत्यापन के बाद अंतिम संख्या में शामिल किया गया था। ऐसा होने पर फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका कम हो जाती है।

सबसे ख़ास बात यह है कि याचिका ने ओबामा प्रशासन की प्रतिक्रिया हासिल करने के लिए आवश्यक एक लाख की संख्या की सीमा पार की ली है। व्हाइट हाउस की ओर से इस याचिका पर निर्धारित 60 दिनों के समय में आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। इस याचिका ने इतना तो स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान पर अब जबरदस्त दबाव है और हो सकता है कि जल्दी ही अमेरिका इस बाबत कड़ा निर्णय जारी करे।

पाकिस्तान का फिर हुआ मुँह काला, सर्जिकल स्ट्राइक पर बड़ा खुलासा, “शवों को ट्रक में लादकर अज्ञात जगह ले जाया गया!”

अनुज हनुमत,

नई दिल्ली। जब से भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है, तब से इसकी सच्चाई को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। पाकिस्तान इस मामले को फर्जी साबित करने की फ़िराक में लगा है, जिससे वह भारत के दावे जो झूठा साबित कर सके। लेकिन इसी बीच स्थानीय लोगों ने पाकिस्तानियों की नापाक हरकतों को उजागर किया है।

पाकिस्तानी सेना विदेशी मीडिया को सर्जिकल स्ट्राइक वाली जगह लेकर गई और दिखाया कि कहीं कुछ नहीं हुआ है। इसी मसले में अंग्रेज़ी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बड़ा खुलासा किया है। खुफिया दस्तावेजों और एलओसी इलाके में रहने वाले लोगों से बात करके इंडियन एक्सप्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जुटाए हैं। असल में अगर पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का सच सबके सामने आ जायेगा, तो उसे यह भी बताना पड़ेगा कि आखिर उसके यहाँ चल रहे आतंकी कैम्पो का सच क्या है!

चश्मदीदों ने शव लादते हुए देखा-

इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि ”लोगों ने 6 शवों को ट्रक पर लादते देखा। शवों को टीटवाल में लश्कर के कैंप चालहना ले जाया गया। ये इलाका टीटवाल में नीलम नदी के पास है।” स्थानीय लोगों के हवाले से चश्मदीदों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ”भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक में 3-4 लोग मारे गए होंगे। बाकी फायरिंग की आवाज सुनकर जंगल में भाग गए। अथमुकम में नीलम जिला अस्पताल जाने वाले चश्मदीदों ने दावा किया है कि जो भी लश्कर के लोग मारे गए, उन्हें वहां नहीं बल्कि खुफिया तरीके से कहीं औऱ दफनाया गया।”

चश्मदीदों ने देखा एक बिल्डिंग जलते हुए-

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सबसे खास बात यह है कि एलओसी के पास रह रहे लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान फायरिंग की आवाज सुनी लेकिन लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। सर्जिकल स्ट्राइक से आतंकियों के पीओके में बने ढांचे को कुछ नुकसान पहुंचा। चश्मदीदों ने अल हावी ब्रिज के पास एक बिल्डिंग को जलते देखा। खैराती बाग में लकड़ी से बनी लश्कर की एक बिल्डिंग भारतीय हमले में तहस नहस हुई।

भारत में बड़े हमले की फ़िराक़ में आतंकी-

शुक्रवार की नमाज के बाद चालहना में लश्कर के आतंकियों का जमावड़ा हुआ। पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आवाज उठी कि वो बॉर्डर की हिफाजत नहीं कर सके। तभी भारत को ऐसा सबक सिखाने का एलान हुआ, जिसे भारत भूल नहीं पाएगा।

आपको बता दें कि 28-29 सितंबर की रात भारतीय सेना ने पीओके में घुसकर आतंकी कैंपों के लॉन्चिंग पैड पर धावा बोलते हुए, करीब 50 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। 28-29 सितंबर की रात करीब 12.30 बजे भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स कमांडो की दो यूनिट उत्तरी कमान के दो खुफिया ठिकानों से हेलीकॉप्टर के जरिए एलओसी के बेहद करीब उतरीं और इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।

करीब 4 घंटे तक ये ऑपरेशन जारी रहा और तकरीबन 4 बजे भोर में खत्म हुआ। जानकारी के मुताबिक, आतंकियों के 7 कैंप उरी के दूसरी तरफ थे, यानि लाइन ऑफ कंट्रोल के दो किलोमीटर भीतर थे। स्पेशल फॉर्स के करीब 150 कमांडोज को हेलिकॉप्टर की मदद से LOC पर उतारा गया। आंतकियों को मार गिराने के लिए कमांडोज की कई टीमें बनाई गई, जिसमें 10 से 12 कमाडोज़ थे. ये सभी टीमें रेंगकर लाइन ऑफ कंट्रोल की सीमा पार कीं, जिसके बाद दो किलोमीटर के अंदर तक घुसकर आंतकियों को मार गिराया गया और ऑपरेशन को अंजाम देकर वापस लौटे।

गौररतलब हो कि 18 सितंबर को उरी के आर्मी कैंप पर पाकिस्तानी आतंकियों ने हमले किए थे, जिसमें सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत में पाकिस्तान से बदला लेने का दबाव था। अब देखना होगा कि पाकिस्तान इस पर क्या रुख अपनाता है।

चौतरफा दबाव के बावजूद शरीफ की बंदरघुड़की, कहा- ‘जंग के लिए तैयार है पाकिस्तानी सेना’

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

राष्‍ट्रीय सुरक्षा पर बैठक के पूर्व पाकिस्‍तान के पीएम नवाज शरीफ ने भारत को एक बार फिर खुले तौर पर युद्ध की चेतावनी दी है। पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ ने कहा कि हम भारत के साथ युद्ध के लिए तैयार हैं और हमारी सेना हर तरह के हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर हो रही बैठक से पहले नवाज शरीफ ने कहा कि युद्ध के लिए पाकिस्तान की सेना तैयार है और सेना के साथ पाकिस्तान की पूरी जनता खड़ी है।

उरी आतंकी हमले में 19 जवानों की मृत्यु के बाद भारतीय सेना की ओर से एलओसी पर सर्जिकल स्ट्राइक की गई, जिसके बाद पाकिस्तान राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बैठक कर रहा है। जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत माँगने पर केजरीवाल पर भड़की बीजेपी, कहा, ‘केजरीवाल को सेना पर भरोसा करना चाहिए

सौम्या केसरवानी,

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान पर बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर करारा जवाब दिया है। प्रसाद ने कहा कि क्या केजरीवाल को भारतीय सेना की कार्रवाई पर भरोसा नहीं है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि केजरीवाल को देश की सेना पर भरोसा करना चाहिए न कि पाकिस्तानी प्रोपोगंडा पर। रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि केजरीवाल जी ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत की बात कर सेना की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। संकट के समय देश एक स्वर में बोलता है। देश की राजनीति अपनी जगह है, पाकिस्तान की बात पर भारत के ही एक मुख्यमंत्री सबूत मांग रहे हैं। उनकी बात से पाकिस्तान को भारत पर सवाल उठाने का मौका मिल रहा है,  उन्हें यह मालूम हो कि भारत सरकार की कूटनीति की वजह से पाकिस्तान चारों तरफ से घिर चुका है।

प्रसाद ने इससे पहले यह भी कहा कि केजरीवाल जी ने पीएम को सैल्यूट किया, इसके लिए उनका धन्यवाद, लेकिन केजरीवाल जी ने पीएम मोदी से सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सबूत मांगे थे और उन्होंने ही कहा था कि पाकिस्तान बार-बार सर्जिकल स्ट्राइक की बात से इंकार कर रहा है, इसलिए भारत को सबूत देना चाहिए।

हालांकि उन्होंने अपने वीडियो संदेश में सर्जिकल स्ट्राइक के लिए पीएम मोदी की तारीफ भी की थी। और उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर उनके प्रधानमंत्री से मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमले के जरिए मोदी ने पाकिस्तान से निपटने की इच्छाशक्ति दिखायी है।

केजरीवाल ने कहा, ‘हमारी सेना ने पिछले हफ्ते वीरता दिखाते हुए उरी हमले में 19 सैनिकों की शहादत का बदला लिया। प्रधानमंत्री के साथ मेरे 100 से ज्यादा मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं। लेकिन उन्होंने जो इच्छाशक्ति दिखायी है, मैं उन्हें सलाम करता हूं।’

केजरीवाल ने ये कहा कि, ‘मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि जिस तरीके से उन्होंने और सेना ने जमीन पर पाकिस्तान को सबक सिखाया है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान के दुष्प्रचार को बेनकाब करना चाहिए।’

पंजाब और मुंबई में टेरर अलर्ट, मुम्बई में ड्रोन हमले की आशंका!

अनुज हनुमत,

जब से पीओके में भारत द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किया गया है, तब से भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी हाल ही में 30 सितंबर को केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को एक इंटेलिजेंस इनपुट भेजा है। इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने की फिराक में है। उधर, मुंबई पुलिस ने भी आतंकी हमले की आशंका जताई है।

इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक, त्योहार के दौरान आतंकी रिहायशी इलाकों को निशाना बना सकते हैं।सरकार इन इनपुट्स को लेकर काफी सतर्क है और इस अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से पैरामिलट्री फोर्सेज की 15 कंपनियां मांगी है, जिन्हें पंजाब पुलिस के साथ बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा।

वहीं मुंबई में भी आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई पुलिस ने ड्रोन से हमले का अंदेशा जताया है। साथ ही आशंका जताई है कि छोटी मिसाइल से भी हमला किया जा सकता है।

गौरतलब है कि भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। एलओसी में पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर तोड़ा जा रहा है और घुसपैठ की कोशिश की जा रही है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद इस समय सीमा में भारी तनाव के मद्देनजर सीमा से 10 किमी. दायरे में सभी गांवों को खाली करा लिया गया है। इन्हें दूसरी जगहों पर शिविरों में ठहराया गया है। हालात के मद्देनजर सुरक्षा और इंटेलीजेंस एजेंसियां अलर्ट हैं और चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही हैं। पूरे देश में नवरात्रि का पर्व पूरे हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है और इसके तुरन्त बाद ही दशहरा का त्यौहार भी आने वाला है। इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

फवाद के बाप का नहीं है भारत, अब कदम मत रखना हमारे मुल्क में – टीपी अग्रवाल

सौम्या केसरवानी,

प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान के पाक पहुँचते ही भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पर निकाले गए गुस्से का मुँहतोड़ जवाब दिया है। एक वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, फवाद खान ने बोला था कि बॉलीवुड किसी के बाप का नहीं है। इसपर इम्पा के अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने भी इस पाकिस्तानी कलाकार को करारा जवाब दिया है।

इम्पा के अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि ‘मुझे किसी शख्स ने ये बताया कि इम्पा द्वारा बैन किए जाने की बात पर फवाद खान का गुस्सा फूट पड़ा और उसने कहा कि बॉलीवुड किसी के बाप का है क्या?’ इस पर सख्त लहजे में अग्रवाल ने जवाब देते हुए कहा कि भारत भी तुम्हारे बाप का नहीं है, अब यहाँ कदम मत रखना।

अग्रवाल ने कहा कि अब अगर फवाद खान ने अपनी असली पाकिस्तानी औकात दिखा ही दी है, तो इस पाकिस्तानी को सही जवाब देने का समय आ गया है। भारत ने इस एक्टर को इतना प्यार दिया और देश के दर्शकों ने इस कलाकार को देखा तो इसका मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान जाते ही वह अपनी औकात भूल जाए।

टीपी अग्रवाल ने कहा कि अगर फवाद खान इतने ही खुद्दार हैं, तो वह पाकिस्तान में रहकर करोड़ों कमाकर दिखाएं। असल में यह लोग इतने कायर हैं कि भारत का नमक खाने के बाद भी कभी भारत के प्रति अपना फर्ज अदा नहीं करेंगे।

इंसान का खून जैसा होता है, वह उसी तरह का व्यवहार करता है। भारत ने पाकिस्तान के साथ हमेशा अच्छा किया है और पाक ने बदले में भारत को अपनी औकात ही दिखाई है। अब फवाद भी तो पाकिस्तानी खून है।

भारत एक अच्छा देश है और नेक दिल होने की वजह से यह देश सबका पेट भर देता है। लेकिन जब लोगों का पेट भर जाता है तब वह भारत को ही आँखें दिखाने लग जाता है। यह बात सालों से भारत के साथ होती आई है। किन्तु याद रखना जब भारत का कोई वीर उठ खड़ा होता है तो देश पर उठने वाली आँखों को हम निकाल भी लिया करते हैं।

ISIS का सरगना बगदादी मौत की कगार पर, अज्ञात व्यक्ति ने मिलाया खाने में ज़हर

अनुज हनुमत,

पूरे देश के लिए सिरदर्द बन चुका आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) प्रमुख अबु बकर अल-बगदादी के खाने में कथित तौर पर जहर मिला दिया गया। खबर के अनुसार, इसके बाद से उसकी हालत गंभीर है। अख़बार ‘डेली मेल’ की सोमवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निनेवेह के बेआज जिले में बगदादी तथा आईएस के तीन अन्य कमांडरों के लिए बने भोजन में कथित तौर पर जहर मिला दिया गया था, जिसके बाद से उसकी हालत गम्भीर है।

आपको बता दें कि ‘डेली मेल’ ने इराक की एक समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, ‘बगदादी सहित चार आतंकवादी गंभीर रूप से जहर के असर में हैं। उन्हें किसी अज्ञात जगह पर भेजा गया है। कहा जा रहा है कि आईएस ने खाने में जहर मिलाने वाले को पकड़ने के लिए एक अभियान की शुरुआत किया है। अभी तीन अन्य कमांडरों की पहचान का पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना के बाद आईएस को समझ नही आ रहा की वह क्या करे, जब उनका प्रमुख ही ऐसी घटना का शिकार हो गया।

गौतलब हो कि बगदादी को आतंकी संगठन अल-कायदा को तोड़कर आईएस के रूप में स्वतंत्र संगठन बनाने का जिम्मेदार माना जाता है, जो दुनिया का सबसे कुख्यात व धनी जेहादी संगठन है। फिलहाल बगदादी के नेतृत्व में आईएस साल 2013 में पूरी सीरिया और इराक के अधिकांश हिस्सों में फैल गया है।

हवाई हमलों में बगदादी के कई बार घायल होने की खबरें आईं और उसे मृत भी मान लिया गया, लेकिन हर बार वह बच निकला। इसके बाद अमेरिका ने अक्टूबर 2011 में बगदादी को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया और उसे पकड़ने या मारने के लिए सूचना देने वाले को 1 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया। लेकिन अभी तक अमेरिका या फिर अन्य किसी देश को किसी प्रकार की कोई सफलता नहीं प्राप्त हुई है।

पीएम मोदी की केजरीवाल ने की तारीफ, कहा, ‘पूरा देश है आपके साथ’

अनुज हनुमत,

अमूमन देखा जाता रहा है कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी रहती है। लेकिन जब से भारत ने पाकिस्तान के ऊपर सर्जिकल अटैक किया है, तब से अरविन्द केजरीवाल भी मोदी के दिवाने हो गए हैं।

तमाम मतभेदों के बावजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्जिकल स्‍ट्राइक के मुद्दे पर जोरदार तारीफ की है। केजरीवाल ने सीमापार मौजूद आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक का आदेश देने का फैसला लेने को पीएम मोदी को सैल्‍यूट किया। सबसे ख़ास बात यह रही कि लगभग तीन मिनट के अपने वीडियो में केजरीवाल ने कहा कि भले ही उनके पीएम मोदी से कई मुद्दों पर मतभेद हों, लेकिन इस मुद्दे पर वे उनके साथ हैं।

केजरीवाल ने सर्जिकल स्‍ट्राइक को नकार रहे पाकिस्‍तान को अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर बेनकाब करने की अपील भी की। गौरतलब है कि 27 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी मारे गए थे। भारत की ओर से यह कार्रवाई उरी हमले के जवाब में की गई थी। सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद सभी दलों ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की थी। कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा था कि पीएम ने अच्‍छा काम किया है।

आपको बता दें कि केजरीवाल ने वीडियो संदेश में कहा, भारतीय सीमा पर हमारी सेना के 19 जवानों को शहीद कर दिया गया। पिछले हफ्ते हमारी सेना ने बहादुरी से इसका बदला लिया और अंदर घुसकर आतंकी कैंप्‍स पर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया। मेरे अपने प्रधानमंत्री से 100 मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने जो इच्‍छाशक्ति दिखाई है, इसके लिए मैं उन्‍हें सैल्‍यूट करता हूं।

केजरीवाल ने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद से पाकिस्‍तान बौखला गया है। वह गंदी राजनीति पर उतर आया है। वह अंतरराष्‍ट्रीय पत्रकारों को सीमा पर लेकर गया है। यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि सर्जिकल स्‍ट्राइक तो हुर्इ ही नहीं। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी कहा कि ऐसी कोई गोलीबारी नहीं हुई। सीएनएन की रिपोर्ट में भी कहा गया कि पाक सेना कह रही है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। उस रिपोर्ट को देखकर खून खौल उठा बुरी तरह से।

बीबीसी वाले, न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स वालों की रिपोर्ट भी चल रही है। पाकिस्‍तान भारत की साख खराब करने में लगा है। मेरी प्रधानमंत्रीजी से अपील है कि जैसे जमीन पर मजा चखाया है, वैसे ही पाकिस्‍तान जो झूठा प्रोपगैंडा कर रहा है, उसे भी बेनकाब किया जाए। पूरा देश आपके साथ है। हम सब आपके साथ है।

केजरीवाल ने देश से अपील की कि पाकिस्‍तान के इस प्रोपगैंडा पर भरोसा ना करें।” इस वीडियो के बाद चारों तरफ इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि कहीं यह बधाई केजरीवाल साहब की कोई नई चाल तो नहीं, जिसके बहाने वह मोदी जी के पास आना चाहते हों।

समाजवादी पार्टी ने 9 सीटों पर घोषित किए प्रत्याशी, विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर

अनुज हनुमत,

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के उद्देश्य से तमाम राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आज सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिये नौ सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये।

इन उम्मीदवारों में कांग्रेस के बागी विधायक मुकेश श्रीवास्तव और कवयित्री मधुमिता हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे, पूर्व विधायक अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि भी शामिल हैं। इन उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए सपा के प्रान्तीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि कांग्रेस के बागी विधायक मुकेश श्रीवास्तव को बहराइच जिले की पयागपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं अमनमणि को महराजगंज जिले की नौतनवा सीट से टिकट दिया गया है।

गौरतलब हो कि कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकाण्ड मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि, पिछले साल अपनी पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अपनी ससुराल के लोगों द्वारा लगाये गये हत्या के आरोपों के घेरे में आये थे। उन्हें एक व्यापारी को धमकी देने के आरोप में लखनउ में गिरफ्तार भी किया गया था।

आज घोषित सूची के मुताबिक, सुभाष राय को अम्बेडकर नगर जिले की जलालपुर सीट से, मोहम्मद इरशाद को सहारनपुर की नकुड़ सीट से, संजय यादव को सोनभद्र की ओबरा सीट से, उषा वर्मा को हरदोई की सांडी सीट से सपा प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा पार्टी ने 14 सीटों पर अपने प्रत्याशी बदले भी हैं। आगरा की खरागढ़ सीट से विनोद कुमार सिकरवार की जगह पक्षालिका सिंह को टिकट दिया गया है। इसके अलावा ललितपुर सीट से ज्योति लोधी की जगह चंद्रभूषण सिंह बुंदेला उर्फ गुड्डू राजू को प्रत्याशी बनाया गया है।

इससे इतर आज समाजवादी पार्टी ने जिन उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें सबसे ज्यादा चर्चा अमरमणि त्रिपाठी की हो रही है। देखना होगा कि इस पूरे टिकट वितरण पर सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का क्या रुख सामने आता है, क्योंकि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी दागी या अपराधी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जायेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को लगाई फटकार, कहा, ‘कावेरी मामले की रिपोर्ट कल तक सौंपे’

अनुज हनुमत,

आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से कहा कि वह कल दोपहर तक रिपोर्ट पेश कर उसे सूचित करे कि क्या उसने 30 सितंबर के न्यायिक निर्देश के अनुरूप तमिलनाडु के लिये कावेरी नदी से जल छोड़ा है। इसी बीच केन्द्र सरकार ने भी शीर्ष अदालत में एक अर्जी दाखिल कर न्यायालय से अपने पहले के उस आदेश में सुधार का अनुरोध किया है, जिसमें उसे मंगलवार तक कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया गया था।

आज कोर्ट में कार्यवाही के दौरान केन्द्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायालय से कहा कि इस बोर्ड का गठन करने के लिये केन्द्र से नहीं कहा जाना चाहिए था। इस मसले पर मुख्य दीवानी अपील अभी भी लंबित है और बोर्ड का गठन करने की जिम्मेदारी कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आती है। न्यायमूर्ति दीपक मिश्र और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ केन्द्र सरकार की अर्जी पर कल सुनवाई करेगी।

शीर्ष अदालत ने अपने 30 सितंबर के आदेश पर अमल के बारे में कर्नाटक सरकार से कल अपराह्न दो बजे तक रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब हो कि शीर्ष अदालत ने 30 सितंबर को कर्नाटक को निर्देश दिया था कि वह एक से छह अक्तूबर के दौरान तमिलनाडु को छह हजार क्यूसेक जल की आपूर्ति करे और इसके साथ ही न्यायालय ने आगाह किया था कि किसी को यह पता नहीं होता है कि कब वह कानून का कोप का शिकार होगा।

न्यायालय ने केन्द्र को भी कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने कहा था कि एक बार यह बोर्ड गठित हो जाने पर इसका दल मौके का निरीक्षण करके वस्तुस्थिति का अध्ययन करेगा और फिर अपनी रिपोर्ट पेश करेगा। कर्नाटक ने तमिलनाडु को कावेरी जल छोडे जाने के बारे में 20, 27 और 30 सितंबर के तीन न्यायिक आदेशों और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने का केन्द्र को निर्देश दिये जाने पर पुनर्विचार के लिये 1 अक्तूबर को न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। देखना होगा कि अब कर्नाटक सरकार इस पर क्या रूख अपनाती है।