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Saturday, August 15, 2026
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कमल हसन के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज़

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

जाने माने एक्टर कमल हसन के खिलाफ चेन्नई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया है. दरअसल कमल हसन पर एक सम्प्रदाय विशेष कि भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कमल हसन पर उनके द्वारा होस्ट किये जाने वाले शो बिग बॉस के १४ जुलाई के एपिसोड में उन्होंने इस सम्प्रदाय भावनाओं को कथित तौर पर आहत किया था.

मीडिया में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार ‘नादस्वरम’ एक धार्मिक वाद्ययंत्र हैं जिसे भगवान की तरह माना जाता है. इसाई वेल्लार सम्प्रदाय के लोग इसे बहुत आस्था के साथ पूजते हैं. सम्प्रदाय के अध्यक्ष के.आर. कुहेश के अनुसार एक्टर शक्ती ने इसे एक हाथ से दूसरे हाथ में फेंक कर लेते हुए बेहद आपत्तिजनक प्रदर्शन किया जो की सम्प्रदाय की आस्था पर प्रहार है.

उनके अनुसार बिग बॉस के प्रतिभागियों ने डाइनिंग टेबल पर उक्त वाद्ययंत्र को रखा जिसपर वो खाना खा रहे थे. ये व्यवहार इसाई वेल्लार सम्प्रदाय के लिए बेहद अपमानजनक है. कमल हसन ने इस सम्बन्ध में किसी प्रकार की माफ़ी भी नहीं मांगी है. इसीलिए चेन्नई मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में कमल हसन के विरुद्ध मानहानि पेटीशन फ़ाइल की गई है.

न्यायालय से दोषियों के विरुद्ध कारवाई की जाने और सजा दिए जाने की मांग की जा रही है. अदालत ने सितम्बर में मामले की सुनवाई करने की तारीख दी है.

“यह मोदी सरकार है, राजीव गांधी की नहीं” : रविशंकर प्रसाद

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
तीन तलाक की प्रथा को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को असंवैधानिक करार दिया, चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस अब्‍दुल नजीर ने अपने फैसले में तीन तलाक पर छह महीने के लिए रोक लगाई थी और कहा था कि सरकार इस पर कानून बनाए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर 9 करोड़ मुस्लिम महिलाओं की जीत हुई है, फैसला सुनवाई चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि ट्रिपल तलाक मुस्लिम समुदाय का 1000 साल पुराना आंतरिक मामला है।
सुप्रीम कोर्ट इस निर्णय के बाद अमित शाह ने कहा, यह नए भारत की शुरुआत है, यह मुस्लिम महिलाओं के मूल संवैधानिक अधिकारों और समानता के साथ जीने के अधिकारों की जीत है।
फैसले का स्‍वागत करने के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “मुझे नरेंद्र मोदी जी पर गर्व है, वे तीन तलाक की पीड़ितों के पीछे दृढ़ता से खड़े हैं, मैं यह भी कहना चाहता हूं कि यह नरेंद्र मोदी सरकार है, राजीव गांधी सरकार नहीं।”
उन्होंने कहा कि 1985 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार के दौर में शाह बानो मामले में सरकार ने मुस्लिम महिलाओं की गुहार पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी आदेश को निरस्त करने वाला कानून लाने के लिए अपने बहुमत का इस्तेमाल किया था, यह विपक्ष के कड़े विरोध के बावजूद किया गया था।

अभिनेत्री मीना कुमारी का ‘ट्रिपल तलाक़ और हलाला’ सच या अफवाह?

Dark face of bollywood!

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

बॉलीवुड जगत ने ‘मेरे हुज़ूर‘, ‘निकाह’, ‘हलाल’, ‘चौदहवीं का चांद’, ‘ट्रिपल तलाक’ जैसी तमाम फिल्मों के द्वारा तीन तलाक या हलाला जैसे ज्वलंत मुद्दे अपनी फिल्म में दर्शाए। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रिपल तलाक़ को असंवैधानिक करार देते ही खबर आई कि बॉलीवुड की एक बहुत बड़ी हस्ती, मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी अपने व्यक्तिगत जीवन में ‘हलाला’ नामक इस नर्क से गुज़र चुकी थीं।

डीएनए, इंडिया टीवी, इंडियन एक्सप्रेस जैसे बड़े न्यूज़ पोर्टल्स में भी खबर थी कि ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी ने अपने वास्तविक जीवन में तीन तलाक व हलाला का दर्द झेला था और शायद इसी सदमे ने अंततः उनकी जान भी ले ली। खबर की पड़ताल करने पर जो सच सामने आया है, वो आपको चौंका देगा, क्योंकि यह खबर महज़ एक अफवाह साबित हुई है।

कल सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को हमेशा के लिए अवैध घोषित कर दिया। कोर्ट ने संसद के नये कानून बनाने तक तीन तलाक पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब तक तीन तलाक व हलाला का दर्द झेल चुकी महिलाओं को कम से कम इस बात की संतुष्टि है, की जो अत्याचार उनके खिलाफ हुआ, वो और किसी के साथ नहीं होगा।

 

 

क्या थी मीना कुमारी के ‘हलाला’ से जुड़ी खबर-

अभिनेत्री मीना कुमारी ने रुपहले पर्दे पर हर किरदार को बखूबी जिया और दर्शकों का दिल जीता, लेकिन उनके निजी जीवन की कहानी बहुत दर्दनाक थी, जिसने उनके अस्तित्त्व को तितर-बितर कर दिया। मीना कुमारी ने फिल्‍म ‘पाकीजा’ के निर्देशक कमाल अमरोही से निकाह किया था। दोनों के बीच प्यार तो बहुत गहरा था, लेकिन एक बार कमाल अमरोही ने गुस्‍से में आकर मीना कुमारी को तीन बार ‘तलाक’ बोल दिया। अब इस्लाम के हिसाब से दोनों का तलाक हो गया। बाद में गुस्सा शांत होने पर कमाल अमरोही को अपने किये पर पछतावा हुआ और उन्‍होंने मीना कुमारी से दोबारा निकाह करना चाहा। तब इस्‍लामी धर्म गुरुओं ने बताया कि इसके लिए पहले मीना कुमारी को ‘हलाला’ करना पड़ेगा। तब कमाल अमरोही ने मीना कुमारी का निकाह अमान उल्‍ला खान (जीनत अमान के पिता) से करवाया और मीना कुमारी को अपने नये शौहर के साथ हमबिस्‍तर होना पड़ा। एक औरत, जिसने अपने पति को ही अपना तन-मन-धन सौंपा था और सब कुछ माना था, अपने पति के प्रेम में विवश होकर उसने ‘हलाला’ झेल तो लिया, लेकिन उसके नारीत्व को गहरी चोट लगी।

Dark face of bollywood!

इसके बाद अमान उल्‍ला खान ने मीना कुमारी को तलाक दिया और फिर कमाल अमरोही ने दोबारा मीना कुमारी से निकाह किया। मीना कुमारी ने खुद अपना दर्द कुछ इन शब्दों में बयां किया था, “जब धर्म के नाम पर मुझे अपने जिस्‍म को किसी दूसरे मर्द को सौंपना पड़ा, तो फिर मुझमें और वेश्‍या में क्‍या फर्क रहा?” इस घटना के बाद मीना कुमारी पूरी तरह से टूट गईं और यहीं से उन्हें शराब की लत लग गई। यही मानसिक तनाव और शराब उनकी मौत का कारण बने और उन्‍होंने सिर्फ 39 साल की उम्र में साल 1972 में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।

क्या है वास्तविकता-

खबर की पड़ताल से जानकारी मिली है कि कमाल अमरोही एक शिया मुस्लिम थे और शिया मुस्लिम तीन तलाक को मानते ही नहीं। शिया औरत और मर्द को समानता का अधिकार देता है।  शिया हमेशा से ट्रिपल तलाक का विरोध करता आया है। आपको बता दें कि मीना कुमारी से संबंधित हलाला वाली यह खबर फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल साइट्स पर आए एक आर्टिकल से बनाई गई है, जो मात्र एक अफवाह है।

क्या है ‘हलाला’-

वर्तमान मुस्लिम पर्सनल लॉ के प्रावधानों के अनुसार अगर किसी मुस्लिम महिला को उसके शौहर ने तलाक दे दिया है और वह अपने उसी शौहर से दोबारा निकाह करना चाहती है, तो इसके लिए पहले उसे किसी और शख्स से शादी करनी पड़ती है और उसके साथ हमबिस्‍तर भी होना पड़ता है। इसके बाद ही वह इस पति से तलाक लेकर दोबारा अपने पुराने पति से निकाह कर सकती है। इसे निकाह हलाला कहते हैं।

SC ने बताया था गैरकानूनी, मेरठ में पति ने पत्नी को दिया तीन तलाक

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

अरशी के तीन बच्चे हैं। इनमें दो बेटे और एक बेटी है। उसने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एक शख्स ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी पत्नी को 3 तलाक दे दिया। महिला 3 बच्चों की मां है। उसने पति के ख‍िलाफ मेरठ के सरधना थाने में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि पति ने उसका जीवन नर्क कर दिया।

कल ही सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला दिया था। इसके बाद यूपी से यह मामला सामने आया है। पति ने कहा- मैं किसी कोर्ट को नहीं मानता।मेरठ की रहने वाली अरशी निदा का निकाह 6 साल पहले सिराज खान से हुआ था। अरशी का आरोप है, ‘निकाह के बाद से ही ससुराल वालों ने दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। ससुर कहता था कि मेरे बेटे के लिए चार पहिए वाली गाड़ी के रिश्ते आ रहे थे। अगर मैंने डिमांड पूरी नहीं की तो वो अपने बेटे का निकाह कहीं और करा देंगे।

शादी के बाद मुझे 3 बच्चे हुए। 2 बेटा और एक बेटी। बेटी सबसे छोटी है। उसके पैदा होने पर ससुराल वाले मेरे मायके वालों से नेग में सेंट्रो कार और एक लाख रुपए नकद की डिमांड करने लगे। डिमांड पूरी ना होने पर मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।

अरशी ने कहा, आज परिजन मुझे लेकर ससुराल वालों से बात करने गए। इस पर उन लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। इसी दौरान सिराज ने मुझे तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कहा।

अरशी के पिता ने कहा, ”सिराज के 3 तलाक कहने पर मैंने उसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में बताया। लेकिन उसने कहा कि वो किसी कोर्ट के फैसले को नहीं मानता। पुलिस भी उसके ख‍िलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।

अरशी ने पति और ससुराल के बाकी लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत की, शिकायत में सिराज, ससुर रियाज, सास मोइना, ननद जीनत, दरक्शा और देवर रिजवान का नाम शामिल है। थाना प्रभारी सरधना धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

आतंकी संगठनों को समर्थन देने के लिए पाक बना रहा बहाना: अमेरिका

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है कि पाकिस्तान भारत की अफगानिस्तान में की जाने वाली घेराबंदी का इस्तेमाल एक ‘बहाने’ के तौर पर कर रहा है ताकि वो खुद आतंकी संगठनों को समर्थन देना जारी रख सके।

नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता माइकल एंटन ने कहा, ‘अफगानिस्तान में जो कुछ भारत कर रहा है, वो पाकिस्तान के लिए खतरा नहीं है, वे सैनिकों की तैनाती नहीं कर रहे।’ पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए एंटन ने कहा, ‘भारतीय ऐसा कुछ नहीं कर रहे, जिससे घेराबंदी होती हो, पाकिस्तानी इस बारे में शिकायत करते हैं।’ उनकी ये टिप्पणियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अफगानिस्तान और विस्तृत दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए नीति पेश किए जाने के बाद की हैं। ट्रंप ने भारत की भूमिका को बढ़ाने की मांग तो की ही, साथ ही साथ आतंकियों की शरणस्थलियों को बर्दाश्त करने और आतंकियों को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान की आलोचना भी की।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में शांति के लिए क्षेत्रीय रूख को प्राथमिकता दी है और कहा है कि अमेरिका ‘तालिबान और अन्य समूहों जैसे आतंकी संगठनों को पाकिस्तान की ओर से मिली पनाह पर अब चुप नहीं रह सकता, ये संगठन क्षेत्र और इससे परे के इलाकों के लिए संकट पैदा करते हैं।’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक दिन पहले की गई अफगान नीति की घोषणा के जवाब में पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान जारी करके कहा था, ‘सुरक्षा और शांति पर मंडराने वाले खतरे को जियोपॉलिटिक्स, लगातार सुलगने वाले विवादों और आधिपत्य संबंधी नीतियों के जटिल मिश्रण से अलग नहीं किया जा सकता, जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान न हो पाना क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अहम बाधा है।’

मुस्लिम महिला का मोदी के नाम खुला ख़त, तलाक़ के बाद ख़तना हो बैन

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

कल सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक के मुद्दे पर ऐतिहासिक फैसला लिया, जिससे सारे देश मे खुशी की लहर दौड़ गयी है। सभी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ कर रहे हैं, मुस्लिम महिलाओं ने मोदी सरकार का धन्यवाद भी किया।

अब मुस्लिम महिलाएं खतने को लेकर भी आवाज उठा रही हैं, मासूमा रानाल्वी नाम की एक मुस्लिम महिला ने पीएम मोदी को खतने के विषय मे एक ख़त लिखा है।

मासूमा बोहरा समुदाय से ताल्लुक रखती है, उन्होंने खत में लिखा है कि – पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर मुस्लिम महिलाओं के दुखों और कष्टों पर बात की थी, ट्रिपल तलाक को महिला विरोधी कहा था, लेकिन हम औरतों को तब तक पूरी आज़ादी नहीं मिल सकती जब तक हमें संस्कृति, परंपरा और धर्म के नाम पर प्रताड़ित किया जाता रहेगा। इस देश की औरतों की सिर्फ़ तीन तलाक ही समस्या नहीं है, औरतों के साथ खतना भी होता है, जो छोटी बच्चियों के साथ किया जाता है।

उन्होंने लिखा कि ख़त के द्वारा मोदी जी आपका ध्यान इस भयानक प्रथा की तरफ़ खींचना चाहती हूं, बोहरा समुदाय में सालों से ‘ख़तना’ किया जा रहा है। ये महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बसे हैं। मैं बताती हूं कि मेरे समुदाय में आज भी छोटी बच्चियाँ जैसे ही 7 साल की हो जाती है, उसकी मां या उसे एक दाई या.डॉक्टर के पास ले जाती हैं, और फिर उसका प्राइवेट अंग कटवा दिया जाता है, इस प्रथा का एकमात्र उद्देश्य है, बच्ची या महिला के यौन इच्छाओं को दबाना है। 2015 में बोहरा समुदाय की कुछ महिलाओं ने एकजुट होकर ‘WeSpeakOut On FGM’ नाम से एक कैंपेन शुरू किया, जो अपने दुख दर्द को आपस मे बांटने का काम करती हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि मुझे आपकी बातें सुनकर सुकून मिला कि मुस्लिम महिलाओं की हक की रक्षा करना भी सरकार का कर्त्वय है, इसलिये मेरी आपसे दरख्वास्त है कि मेरी और मेरी बहनों की, जो FGM की शिकार हुईं हैं कि बात सुनी जाए। 2015 में हमने ‘WeSpeakOut On FGM’ नाम से Change.org पर एक कैंपन की शुरुआत की थी।

इसे बंद करने के समर्थन में हमें 9 हजार से ज़्यादा साइन मिल गए हैं, लेकिन अब तक सरकार की तरफ़ से हमें कोई जवाब नहीं मिला है। मैं सरकार से ये निवेदन करती हूं कि जल्द से जल्द इस कुप्रथा को ख़त्म करने पर विचार किया जाये और हम जैसी कई लड़कियों और महिलाओं को ऐसी कुप्रथा से बचाया जाए।

रेड्मी ने फिरसे मचाई धूम, किया रेडमी नोट 5 लांच

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

अभी रेड्मी ने एक और धमाका करते हुए रेड्मी नोट 5 निकाला है जो की जल्द ही भारत में भी ऑनलाइन सेल पर उपलब्ध होगा, ये सस्ता और शानदार फोन है, जो सबको आकर्षित करने करेगा।

इस फ़ोन के फीचर की बात करे तो यह पहले रेडमी फोन से काफी अच्छा साबित होगा, ये तीन वेरिएंट में बाजार मे मिलेगा। पहला होगा 2 जीबी रैम और 16 जीबी इंटरनल मेमोरी के साथ जो की बिना फिंगरप्रिंट के होगा और उसकी कीमत लगभग 7000 के आसपास होगी और इसमें 13 मेगापिक्सेल का बेक और 5 मेगापिक्सेल का फ्रंट कैमरा मिलेगा।

दूसरा मॉडल 3 जीबी रैम और 32 जीबी इंटरनल मेमोरी और फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ होगा जिसकी कीमत लगभग 8700 रूपए होगी और तीसरा होगा टॉप एंड वेरिएंट जो की 4 जीबी रैम और 64 जीबी मेमोरी और फिंगरप्रिंट के साथ होगा जो की आपको पड़ेगा 11500 के आसपास होगा।

इनके बाकी के फीचर की बात करें तो वह काफी बेहतरीन हैं, यह तीन रंग गोल्ड, रोज गोल्ड और सिल्वर मे उपलब्ध होगा और इसमें 5.5 इंच की अच्डी डिस्प्ले मिलेगी।

कैमरा की तो दोनों टॉप वेरिएन्ट्स में आपको बहतरीन 16 मेगापिक्सेल का फ्रंट शूटर विद फ़्लैश के साथ मिलेगा और 13 मेगापिक्सेल का बेक कैमरा जो फ़्लैश के साथ होगा और बैटरी की बात करें तो इसमें आपको 3080 मच की दमदार बैटरी फ़ास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ होगी, प्रोसेसर इसमें आपको स्नैपड्रैगन का 435 ओक्टाकोर प्रोसेसर मिलेगा। इसमें कैमरा पहले के रेड्मी फोंस से काफी बहतर होंगे और यह सेल्फी लवर्स के लिए बहुत अच्छा आप्शन है।

कश्मीर से कन्याकुमारी और जामनगर से डिब्रुगढ़ तक हमारा डीएनए एक ही है : सुब्रमण्यम स्वामी

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी वर्ष के तहत आयोजित संगोष्ठी “लोक जीवन में भारतीय अस्मिता” में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी शामिल हुए।

इस मौके पर उपस्थिति स्वामी ने कहा, “इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने दो लोगों की एक टीम गठित की थी, जिसमें एक हिंदू और एक मुस्लिम सुपरवाइजर था। एक महीने में इस टीम ने अपनी रिपोर्ट दी जिसमें कहा गया कि बाबरी मस्जिद के नीचे आज भी एक विशाल मंदिर का ढांचा है।”

उन्होंने कहा, “आज अगर प्रधानमंत्री चाहेंगे तो उसी रिपोर्ट के आधार पर संसद में एक प्रस्ताव ला सकते हैं। लेकिन हम उच्चतम न्यायालय के निर्णय का इंतजार करेंगे। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपनी अर्जी में कहा है कि यह संपत्ति 500 साल से हमारे कब्जे में है, इसलिए इस पर हमारा अधिकार है।’’

उन्होंने कहा, “उच्चतम न्यायालय ने कम से कम पांच बार कहा है कि जहां मूलभूत अधिकार का सामान्य अधिकार से टकराव होता है, वहां मूलभूत अधिकार को ही माना जाएगा और मंदिर में पूजा करना हमारा मूलभूत अधिकार है।”

स्वामी ने आगे कहा, “ हमें मस्जिद से ऐतराज नहीं, लेकिन हम मुस्लिमों से तीन जगहों को छोड़ने का आग्रह करते हैं, मथुरा में कृष्ण के लिए, अयोध्या में भगवान राम के लिए और वाराणसी में काशी विश्वनाथ के लिए। बाकी उन 40,000 मस्जिदों को हम छोड़ देंगे, जिन्हें मंदिर तोड़कर बनाया गया है।” स्वामी ने कहा, “ कश्मीर से कन्याकुमारी और जामनगर से डिब्रुगढ़ तक हमारा डीएनए एक ही है। चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई हो”।

आज़मगढ़ रेल हादसे के बाद दुःखी प्रभु

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

एक के बाद एक रेल हादसे होते जा रहे हैं। सप्ताह भर में दूसरा बड़ा रेल हादसा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में कैफ़ियत एक्सप्रेस पटरी से उतर गई जिसमें जान माल का नुकसान हुआ है।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस दुघर्टना के बाद आहत हुए हैं। उन्होंने कहा है कि इस दुर्घटना के बाद मैं दुखी हो गया हूँ। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और घटना की नैतिक जिम्मेदारी ली है। प्रधानमंत्री ने उन्हें ढाढ़स बँघाते हुए समय का इंतजार करने को कहा है।

मुज़फ्फरनगर नगर में हुई भीषण रेल दुर्घटना को अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि आज़मगढ़ में कैफ़ियत एक्सप्रेस की इस दुर्घटना से पूरा तंत्र सकते में आ गया है। दुर्घटना की वजह तो जांच के बाद ही पता चल पायेगी लेकिन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दुख प्रकट किया है।

हफ़्ते भर में एक और बड़ी रेल दुर्घटना, कैफ़ियत एक्सप्रेस पटरी से उतरी,80 लोग घायल

Lucknow: Nine coaches of Azamgarh-Delhi Kaifiat Express train derailed after colliding with a dumper in Auraiya district of Uttar Pradesh on Wednesday. PTI Photo (PTI8_23_2017_000035B)

एनपी न्यूज़ डेस्क |Navpravah.com

मुजफ्फरनगर रेल हादसे से लोग अभी तक उभरे नही थे, कि वहीं आज उत्तर प्रदेश मे फिर एक रेल हादसा हो गया, कानपुर और इटावा के बीच औरैया जिले में अछल्दा स्टेशन के पास बुधवार को सुबह आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस डंपर से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए, इस हादसे में 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, अपर पुलिस महानिदेश आनंद कुमार ने आईएएनएस को बताया कि इस हादसे में 80 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर है। इस हादसे के बाद 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनिल सक्सेना ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के अफसर घटना स्थल पर पहुंच गये थे और यह घटना सुबह 2.50 बजे हुई।

रेलवे अधिकारियों ने बचाव कार्य शुरू होने का दावा किया है, घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रैक के पास काम चल रहा था, इसी के चलते काम में लगा डंपर मानव रहित क्रासिंग पर ट्रेन से टकरा गया।

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में सभी डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है, घायलों को यहाँ लाया जा रहा है। अभी शनिवार को ही उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर के पास पटरी से उतर गई थी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 156 लोग घायल हो गए थे। अब देखना ये होगा कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु इन हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं।