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Saturday, August 15, 2026
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मध्य प्रदेश: इस अजीब परंपरा में घायल हुए 261 लोग

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

मध्य प्रदेश में हर साल एक अजीबो-गरीब परम्परा निभाई जाती है, ये परम्परा प्यार के लिए जान देने वाले प्रेमी युगल की याद में कल निभाई गई। इस परम्परा मे पत्थरबाजी की जाती है। इस परम्परा मे कल 261 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर है।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आयोजित इस वार्षिक आयोजन को ‘गोटमार मेला’ कहा जाता है। राज्य सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी जाम नदी के किनारे आयोजित विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में जमकर उपद्रव हुआ। झंडे की पूजा के बाद जैसे ही गोटमार मेले की शुरुआत हुई लोगों ने पत्थर इकट्ठा करने शुरू कर दिए।

पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी लोगों ने पत्थरबाजी की और मेले में खूनी संघर्ष हुआ। मेले में हुए इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्ष के करीब 259 लोग घायल हुए। इलाज की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोगों का गुस्सा प्रशासन पर भी फूटा और उन्होंने एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की।

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे गये, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के भारी बंदोबस्त के साथ मेला क्षेत्र में धारा 144 लगा दी, उसके बाद भी पत्थरबाजी नहीं रुक पाई। पुलिस ने सभी के आपसी सहमती से शाम को मेले को खत्म कर दिया।

गोटमार मेले का आयोजन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा कस्बे में हर साल आयोजित किया जाता है। इस मेले में सुबह से लेकर शाम सूर्य अस्त होने तक दोनों गांव के लोग एक दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं। इसमें हर साल कई लोग घायल होते हैं, वहीं पथराव में कुछ लोगों की मृत्यु के मामले भी सामने आ चुके हैं।

लॉज से मिली युवक की लाश और बेहोश लड़की, पति-पत्नी बनकर लिया रूम

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

मध्य प्रदेश के देवास जिले के एक लॉज में एक युवक की लाश मिलने से सनसनी फ़ैल गई है. साथ ही एक लड़की भी बेहोश मिली थी जिसे फ़िलहाल होश आ गया है. पुलिस के मुताबिक़ मामला प्रेम प्रसंग का है वहीँ लड़की के कथन अनुसार लड़के ने शराब पिलाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया है.

दोनों ही देवास के लॉज में पति पत्नी बताकर रुके थे. लड़की ने जो बयां पुलिस को दिया है उसमें उसने मृतक युवक को अपना रिश्ते में भाई बताया है.लड़की के कथनानुसार वो उसे देवास में एक मंदिर दर्शन करने ले गया और फिर बहाने से बस स्टैंड स्थित उक्त लॉज में ले आया. जहाँ उसने शराब पीने को मजबूर किया और लड़की के साथ दुष्कर्म किया

लॉज कर्मियों के मुताबिक़ दोनों ने स्वयं को मतदाता परिचय पत्र दिखाकर पति पत्नी बताया था. मूलतः कलाखेडी निवासी मनीष परमार नामक ये युवक लड़की को लेकर देवास पहुंचा और एक लॉज में रुका. शक होने पर एक मुखबिर द्वारा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई जिसके बाद पुलिस मौकाए वारदात पर पहुंची तो युवक की नग्न हालत में लाश मिली. लड़की भी वहीँ अचेत अवस्था में मिली.

पुलिस को लड़की ने बताया है कि, ‘ रिश्ते में मृतक उसका भाई लगता है जिससे उसकी दोस्ती वाट्सएप के जरिये बढ़ी. लड़की इंदौर में रहकर बीएड कर रही है. दोनों में बातें होती रहती थीं. रोज सुबह मनीष उसे कोचिंग में मिलता था. बीती सत्रह अगस्त को वो उसे मंदिर दर्शन करवाने ले जाएगा ये झांसा देकर बस स्टैंड स्थित लॉज में ले आया. दोनों ने सुबह कचौरियां खाईं. लड़का पहले से नशे में लग रहा था लेकिन फिर उसने लड़की को भी शराब पिलाई. लड़का लड़की से साथ मरने की बात कहने लगा. उसने लड़की को मारा और फिर दुष्कर्म किया. बाथरूम जाते हुए लड़के ने मोबाइल छोड़ दिया तो लड़की ने अपने पिता को फोन किया. फिर दोनों को होश नहीं था. लड़की को पता नहीं वो कैसे मर गया.’

पुलिस मामले की फिलहाल जांच कर रही है. प्रथम दृष्टया और लड़की के असंतोषजनक बयानों के कारण पुलिस को मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है. लड़की के बयान दर्ज कर लिए गये हैं.

 

शुक्रवार को होगा बाबा राम रहीम के खिलाफ रेप केस का फैसला, धारा 144 लागू

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
हरियाणा में सरकार ने धारा 144 लागू कर दिया है, और प्रदेश की सीमाओं को सील भी कर दिया है। हरियाणा सरकार ने ये फैसला डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े साध्वी रेप मामले में शुक्रवार को आने वाले फैसले के मद्देनजर लिया है।
पंजाब के डीजीपी, प्रदेश के सभी डीआईजी ने प्रदेश मे अलर्ट जारी किया है कि डेरा से जुड़े लोग हथियार, पेट्रोल आदि घातक सामग्री जमा कर रहे हैं, दोनों प्रदेश छावनी मे तब्दील हो रहे हैं।
सरकार ने डेरा प्रेमियों के चर्चा घरों में लाठी, डंडों और दूसरे हथियारों पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। पैरा-मिलिट्री फोर्स की 75 कंपनियों को हरियाणा में तैनात किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने केंद्र से 115 अतिरिक्त कंपनियां मांगी हैं। उधर पंजाब के डीजीपी ने प्रदेश के सभी डीआईजी, आईजी और एसएसपी को अलर्ट जारी कर बताया है कि डेरा से जुड़े लोग पेट्रोल, डीजल, पत्थर और धारदार हथियार जमा कर रहे हैं। दोनों प्रदेशों को लगभग छावनी में तब्दील किया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्य सचिव राम निवास ने पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू किए जाने की सूचना दी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में बाधा डालन की कोशिश करने वाले शख्स को छोड़ा नही जाएगा।उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे पास अधिक से अधिक पुलिसबल है, वाहनों की चेकिंग सभी जगह की जाएगी।’
राम निवास ने बताया कि हर जगहों पर ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तैनात किये गए हैं। उन्होंने कहा कि हर जगह चाक-चौबंद बड़ा दी गयी है, ऐम्बुलेंस, क्रेन सभी के इंतजाम कर लिये गये हैं और सभी अधिकारीयों को आदेश दिया गया है कि अगर स्थिति अनियंत्रित हो तो आवश्यक फैसले ले।
पंजाब के डीजीपी हरदीप ढिल्लन ने एक पत्र जारी किया है, जिसमे लिखा है कि डेरा के लोग घातक सामग्री चर्चा घरों मे एकत्रित कर रहे हैं, सभी पुलिस अधिकारीयों को हर तरफ नजर बनाये रखना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, दस लाख से ज्यादा डेरा अनुयायी फैसले के दिन चंडीगढ़ आ सकते हैं। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि दस लाख से ज्यादा लोगो को जेल मे रखना असम्भव है इसलिए स्टेडियम और दूसरी बड़ी इमारतों को जेल नुमा आकार दिया जा रहा है।
सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा-144 शांति व्यवस्था कायम करने के लिए लगाई जाती है, इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है और जिस जगह भी यह धारा लगाई जाती है, वहां चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं, इस धारा को लागू किए जाने के बाद उस स्थान पर हथियारों के लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है।
(ये रिपोर्ट नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर पर आधारित है )

अभी भी जारी है बाढ़ का प्रकोप

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

नेपाल और बिहार में लगातार हुई भारी बारिश के कारण अभी यक 304 लोगों की मौत हो गयी है और बाढ़ से 18 जिलों की एक करोड़ लोग प्रभावित हुये हैं। बाढ प्रभावित प्रदेश के 18 जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा एवं खगडिया आदि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।

राज्य सरकार बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास निरंतर कर रहा है। अब तक 734520 लोगों को बाढ प्रभावित इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

राहत शिविरों में 327200 व्यक्ति शरण लिए हुए हैं, कई जगह सामुदायिक रसोइघर चलाये जा रहे हैं, जिसमें 48600 लोगों को भोजन कराया जा रहा है।

गोरखपुर में रोजना कोई एक बांध टूट रहा है, झंगहा-बोहरा बांध और बिनहा रिंग बांध भी टूट गया है, इससे करीब 400 गांव में पानी घुस गया है। गोरखपुर में ही रेलवे पुल के पास मिट्टी बैठ गई है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी जल्द ही बाढ़ रहित जगहों का दौरा करेंगे। सुशील मोदी ने बाढ़ राहत के लिए सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया।

लेकिन प्रशासन का दावा है कि स्थिति को जल्द ही कंट्रोल कर लिया जाएगा, बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा रहा है और लोगों को जरूरत की सभी सामग्री पहुँचायी जा रही है।

वर्षों में आती है रिपोर्ट, कैसे मिले दोषियों को सजा!

न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

रेल दुर्घटना की जांच में इतना लंबा समय लगता है और सजा देने का तंत्र इतना गोपनीय है, कि अफसरों को कड़ा डंड मिलना मुश्किल हो जाता है। दंड के नाम पर अक्सर छोटे कर्मियों पर कारवाई की जाती है, और बड़े अफसर बचकर निकल जाते हैं।

रेलवे में दुर्घटनाओं की जांच का जिम्मा रेलवे संरक्षा आयोग पर है, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन आता है। आयोग का मुखिया मुख्य संरक्षा आयुक्त होता है, जो पांच संरक्षा आयुक्तों की मदद से कार्य करता है, प्रत्येक संरक्षा आयुक्त के ऊपर एक जोन की जिम्मेदारी होती है।

कार्य में दिनों-दिन बढ़ोतरी के बावजूद संरक्षा आयोग के पास अक्सर संसाधनों की कमी रहती है। पहले कोई संरक्षा आयुक्त साल में 300-400 मामले देखता था, वहीं उसे अब 500-600 मामले निपटाने पड़ते हैं। यह आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है, इसका असर दुर्घटनाओं की जांच पर पड़ रहा है, जिसमें अक्सर सालों लग जाते हैं।

जांच पूरी होने तक दोषियों पर कारवाई करना संभव नही होता, गड़बड़ी करने के बावजूद कर्मचारी कार्य करते रहते हैं, कभी कारवाई होती भी है तो बाकी कर्मचारियों पर उसका कोई डर नही होता।

रेल संरक्षा आयोग का गठन संसद से कानून बनाकर हुआ है, इसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन इसलिए रखा गया था ताकि दुर्घटनाओं की स्थिति में निष्पक्ष जांच हो सके, लेकिन यह मकसद आज तक पूरा नही हुआ।

गोरखपुर हादसा: प्रिंसिपल समेत ६ पर FIR का निर्देश

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत को लेकर मुख्य सचिव ने जांच की रिपोर्ट कल देर शाम सरकार को सौंप दी थी, जिसके बाद सीएम योगी ने प्रिंसिपल समेत छह लोगों के खिलाफ FIR का निर्देश दे दिया है।

रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी। सीएम योगी ने जांच रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अनीता भटनागर जैन को हटा दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव की अगुवाई में एक जांच समिति गठित की थी और उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 10-11 अगस्त की रात को संदिग्ध हालात में बड़ी संख्या में मरीज बच्चों की मौत की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। 10-11 अगस्त की रात को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब 60 बच्चों की मौत हुई थी। ऐसे आरोप लगाए गए थे कि यह घटना ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई। हालांकि राज्य सरकार ने इन दावों को गलत बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में महिला रिपोर्टर से हुई बदसलूकी

 आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com

इंडिया टुडे टीवी की रिपोर्टर इलमा हसन के साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बेहद बदसलूकी की गई। दरअसल ट्रिपल तलाक़ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुस्लिम छात्राओं की प्रतिक्रिया जानने पहुंची इलमा हसन ने जब वहां कुछ छात्राओं से सवाल पूछने शुरू किए, और जब एक छात्रा ने जवाब देना शुरू ही किया था कि कुछ स्थानीय लड़के आकर इलमा के साथ बदतमीजी करने लगे। लड़कों ने इलमा से पीआरओ की परमिशन का लेटर मांगना शुरू कर दिया।

इलमा हसन एएमयू में

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बकौल इलमा पहले दो तीन लड़के थे, फिर देखते ही देखते ये संख्या पंद्रह बीस तक जा पहुंची। निडर इलमा ने किसी प्रकार अपना बचाव किया। कुछ अन्य मीडिया कर्मियों ने इलमा को उस परिस्थिति से बाहर निकाला। चैनल को ये घटना बताते हुए इलमा ने जिक्र किया कि पीआरओ को उन्होंने फोन किया था लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया।

देखें वीडियो:

 

सोचने वाली बात ये है कि तीन तलाक़ मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। देश की मुस्लिम महिलाओं में एक ओर जहां खुशी की लहर दौड़ रही है वहीं कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। विरोध इस बात का है कि सरकार भाजपा की है और मामला मजहब विशेष का। अब चूंकि भाजपा का हिंदुत्व एजेंडा उसे मुस्लिम समुदाय के विपरीत रखता आया है इसलिए ये भी बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है कि इस्लामिक नियमों से कोई छेड़छाड़ की जाये।  ये विरोध कुछ दकियानूसी सोच के लोग ही कर रहे हैं। बाकी प्रगतिशील सोच का मुसलमान हो या हिन्दू सभी ने माननीय उच्चतम न्यायालय के इस फैसले को सम्मान पूर्वक स्वीकार किया है।

इलमा हसन के साथ हुई बदसलूकी से एक बात तो स्पष्ट है कि सरकार को पत्रकारों के साथ बढ़ती बदसलूकी की घटनाओं के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। पत्रकार संघों को इसके प्रति गंभीरता पूर्वक विचार भी करना चाहिए।

अजीब था ट्रिपल तलाक़, न्यायालय के फैसले से बेहद खुश हूँ -अजय देवगन

PC: Khabar Non Stop

एंटरटेनमेंट डेस्क | Navpravah.com

आज सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला दिया है। पूरा देश इस फैसले की तारीफ कर रहा है और काफी खुश है, खासकर मुस्लिम समुदाय की औरतें इसे फैसले की सराहना कर रही हैं। इस फैसले पर तमाम बॉलीवुड स्टार्स भी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

तीन तलाक पर सुपरस्टार अजय देवगन ने भी बयान दिया है कि इस फैसले मैं बहत खुश हूँ, मुस्लिम समुदाय की औरतों को अब अपना हक मिलेगा और वे तीन तलाक जैसे गम्भीर मुद्दे से आजाद हैं। मुझे ये काफी अजीब लगता था कि सिर्फ तीन शब्द बोल कर किसी की ज़िंदगी कोई कैसे बरबाद कर सकता है, मुस्लिम महिलाओं के साथ तीन तलाक की प्रथा बहुत ही गलत थी।

उन्होंने आगे कहा कि यह बहुत अच्छा हुआ है, इससे पूरे देश मे खुशी की लहर है। अजय देवगन इस वक्त अपनी अगली फिल्म बादशाहो के प्रमोशन में लगे हैं, बादशाहो के अलावा अजय देवगन की इस साल गोलमाल अगेन रिलीज होगी। फिल्म का उनके फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

“राजस्थान किसानों का कर्ज माफ करें केंद्र सरकार” : सचिन पायलट

 सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने राजस्थान सरकार को किसान विरोधी बताया और कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी किसानों के कर्ज माफी की घोषणा करें।
पायलट ने आज पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत की और कहा कि किसानों के कर्जमाफी के अलग अलग मापदंड नहीं हो सकते, देश के कई राज्यो में किसानों के कर्जे माफ किये जा चुके है, जबकि राजस्थान के किसानों के कर्ज अभी तक माफ नहीं किये गये है। इसलिए पीएम मोदी को राजस्थान के किसानों का कर्ज भी माफ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के किसानों की हालत सही नही है, पिछले वर्ष साठ किसानों ने आत्महत्याएं की हैं और इस साल अब तक 15-16 किसान आत्महत्याएं कर चुके है। सरकार को राजस्थान के किसानों की ओर ध्यान देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपनी मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के दौरे के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लडऩे का ऐलान किया है लेकिन शाह ने राजस्थान दौरे के दौरान इस तरह की कोई घोषणा नहीं की है।
उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों की मांगों को लेकर अगले महीने रैली आयोजित करेगी। पायलट ने उच्चतम न्यायालय के तीन तलाक पर आये निर्णय पर कहा कि कानून बनाने का अधिकार संसद को है, इस पर संसद को विचार करना चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि राजस्थान सरकार ने इस मामले में एक जांच कमेटी गठित की थी, जिसे अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भाजपा कार्यालय को भूमि देने की आड में अठाइस जिलों में बेशकीमती भूमि भाजपा को आवंटित करने जा रही है। यदि सरकार यह काम कर रही है तो सभी राजनैतिक पार्टियों को कार्यालय भवन के लिए भूमि आवंटित की जानी चाहिए।

मोदी ने युवा सीईओज़ से कहा, “आप मेरी टीम हैं, देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाइए”

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कई कंपनियों के 200 युवा सीईओज़ के साथ आज बैठक की। मोदी ने कहा कि देश के हर नागरिक को लगना चाहिए कि ये देश मेरा है, मुझे इसे आगे बढ़ाना चाहिए।

नीति आयोग की ओर से मंगलवार को आयोजित 200 यंग सीईओ के इस प्रोग्राम में मोदी ने सीइओज़ से कहा कि आप ही मेरी टीम हैं और देश के प्रति आप सभी को अपनी जिम्‍मेदारी निभानी होगी। मोदी ने कहा कि समस्याएं और कठिनाइयां हैं। उन्होंने कहा, “मैं जहां से हूं, मैं वहां से उसका हल निकालूंगा। सरकार भी अपनी ओर से प्रयासरत है।

पीएम ने कहा कि एग्री प्रोडक्‍ट्स के एक्‍सपोर्ट के प्रति ध्‍यान देने की जरूरत है। इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर की कमी के चलते हर साल करीब 1 लाख करोड़ रुपए का एग्री प्रोडक्‍ट्स बर्बाद हो जाता है। ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि 2017 से 2022 तक कहाँ पहुंचना है, इसपर हमें विचार करना होगा। उन्होंने युवा सीईओज़ से आह्वान किया कि वे भी देश की प्रगति के सैनिक बनें। हर युवा आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान दे।

प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर हमारी सैकड़ों साल की गुलामी देखें, तो एक साल ऐसा नहीं गया कि हिंदुस्तान के किसी ना किसी कोने में से आजादी के लिए आवाज ना उठी हो।” मोदी ने कहा कि मन में देश के लिए काम करने का भाव होना जरूरी है। सैकड़ों सालों से लोग देश के लिए बलिदान करते आ रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हर व्‍यक्ति आजादी चाहता था, लेकिन गांधीजी ने कुछ अलग किया। उन्‍होंने हर व्‍यक्ति को यह आभास कराया कि वह राष्‍ट्र के लिए काम कर रहा है,जिसके बाद किसान किसानी आज़ादी के लिए करने लगा, सफाईकर्मी सफाई देश की आज़ादी के लिए करने लगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गांधी जी ने आजादी की लड़ाई को जन आंदोलन में बदल दिया, लेकिन आजादी के बाद हम विकास को जन आंदोलन नहीं बना पाए।’’ मोदी ने कहा कि आजादी की लड़ाई के लिए महात्‍मा गांधी ने जो किया, उसी तरह के जज्‍बे की जरूरत है।