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Thursday, September 10, 2026
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कानपुर मुठभेड़: चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी निलम्बित, दुबे को इनपुट देने का आरोप

• कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष विनय तिवारी निलम्बित।
• थानाध्यक्ष पर पुलिस रेड का इनपुट देने का आरोप, पूछताछ जारी।
ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम 
कानपुर मुठभेड़ मामले में कानपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी को निलम्बित कर दिया है। कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। नवप्रवाह ने रिपोर्ट में यह ख़ुलासा था कि विकास दुबे को पुलिस रेड का इनपुट पुलिसमहकमे के ही एक अधिकारी ने दिया था।
पुलिस की जांच में चौबेपुर के थानाध्यक्ष और कुछ दूसरे सिपाहियों का नाम आया था। विनय तिवारी चौबेपुर के थानाध्यक्ष हैं, इस जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस को शक है कि विनय तिवारी ने ही गैंगस्टर विकास दुबे को उसके घर में रेड की सूचना दी है। सूत्रों के मुताबिक, विनय तिवारी से एसटीएफ ने पिछले शाम को पूछताछ की थी। जांच में पता चला है कि विनय तिवारी ने कुछ दिनों पहले विकास चौबे के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था।
पुलिस अब विनय तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है। हालाँकि अभी भी पुलिस की जाँच जारी है और विकास दुबे को दबोचने के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि जल्दी ही कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ लिया जाएगा। इस सम्बंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी स्पष्ट आदेश दिया है कि जल्द से जल्द दुबे को गिरफ़्तार किया जाए।

गलवान घाटी विवाद पर बनेगी फ़िल्म, इस भूमिका में नज़र आएँगे अजय देवगन

PC: Khabar Non Stop
एंटरटेनमेंट डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 
गलवान घाटी विवाद को लेकर अजय देवगन ने फ़िल्म बनाने का फ़ैसला किया है। हालाँकि अभी तक फ़िल्म का टाइटल निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन फ़िल्म निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अजय देवगन तमाम संवेदनशील मसलों पर फ़िल्म बनाते रहे हैं। अजय भगत सिंह के किरदार में भी देखे जा चुके हैं। अब उन्होंने गलवान घाटी में चीनियों के साथ हुई हिंसक झड़प को लेकर फ़िल्म बनाने का निर्णय लिया है। चीनी सैनिकों के साथ हुई मुठभेड़ में जो बीस जवान शहीद हुए हैं, पहले उनके परिवार के लोगों को फ़िल्म की कहानी सुनाई जाएगी।
फ़िल्म का निर्माण अजय देवगन फ़िल्म्स और सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स एलएलपी संयुक्त रूप से करेंगे। इस बात की जानकारी ट्रेड ऐनलिस्ट तरन आदर्श ने ट्वीट के ज़रिए साझा किया। उन्होंने लिखा कि गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प विषय पर अजय देवगन फ़िल्म बनाएँगे। इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो गई है और जल्दी ही इसकी तैयारी शुरू हो जाएगी।

कानपुर मुठभेड़: बड़ा ख़ुलासा, दुबे को एक दरोग़ा ने ही दी सूचना, पूछताछ जारी

• दुबे की कॉल डिटेल में पुलिस वालों का भी नम्बर।
• एक दरोग़ा, सिपाही और होमगार्ड से पूछताछ जारी।
• पूछताछ के लिए १२ को लिया हिरासत में।
ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम 
पुलिस वालों के लिए मोस्ट वांटेड बना विकास दुबे प्रदेश भर में ढूँढा जा रहा है। प्रदेश पुलिस पूरी रात दुबे की तलाश में छापेमारी करती रही। इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक महत्वपूर्ण ख़ुलासा हुआ है। दरअसल दुबे को चौबेपुर थाने के ही एक दरोग़ा ने पुलिस के रेड की सूचना दिया था, जिसकी वज़ह से उसने पहले से ही सब तैयारी कर लिया था।
शुक्रवार की रात पुलिस की बीस टीमें अलग-अलग जिलों में विकास दुबे की तलाश में दबिश देता रहीं। ये वो जगहें थी, जहां पर विकास दुबे के रिश्तेदार और परिचित रहते हैं। पुलिस ने इस मामले में 12 और लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इन लोगों को मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उठाया है।
पुलिस के होश तब उड़ गए, जब कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों का ही नम्बर सामने आया। अब यह प्रश्न उठ रहा है कि ऐसी कौन सी साँठ-गाँठ थी पुलिसवालों से दुबे की, जो वो पुलिसवालों के बराबर सम्पर्क में था। सूत्रों के मुताबिक़, पिछले २४ घण्टे में विकास दुबे की बात इन पुलिसवालों से हुई।
ख़बर है कि पुलिस की जाँच में पता चला है कि एक दरोग़ा, सिपाही और होमगार्ड शक के घेरे में हैं और शक के बिनाह पर पुलिस इन तीनों से भी पूछताछ कर रही है। हालाँकि अभी तक पुलिस के हाथ न दुबे लगा है न ही कोई ठोस सबूत।

लेह दौरे पर 1971 की तस्वीर से क्या साबित करना चाहती है कांग्रेस…?

डॉ. अजय खेमरिया | एडिटोरियल डेस्क 

चीन विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लेह दौरा नए भारत का अपने आप मे एक महत्वपूर्ण सन्देश है।गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद देश भर में चीन के प्रति गुस्से से भरी जनभावनाओं की अभिव्यक्ति के तौर पर इस सरप्राइज विजिट को लिए जाने की जरूरत है। यह दौरा दुनिया के साथ चीन को खुला सन्देश देता है कि मोदी के नेतृत्व में आज भारत को कोई डरा नही सकता है। एक सुप्रीम कमांडर की तरह प्रधानमंत्री ने जो कुछ सीमा पर जाकर कहा है, उसके कूटनीतिक निहितार्थ भी दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ है कि अब भारत चीन से डरने वाला मुल्क नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इस मामले में भी सियासी मोह नही छोड़ा। उन्होंने 1971 के इंदिरा गांधी के ऐसे ही दौरे की तस्वीर ट्वीट की है, जिसके बाद पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए थे। यहां बुनियादी रूप से भारत की सबसे पुरानी पार्टी फिर चूक कर रही है। वह चीन को लेकर जिस अतिशय दोहरेपन का शिकार है, उसने जनता की नजरों में साख को गिराने का काम किया है। क्या चीन की तुलना पाकिस्तान से की जा सकती है? उस चीन से जिसके हाथों राहुल गांधी के नाना को धोखे में शर्मनाक शिकस्त के लिए मज़बूर होना पड़ा था। क्या 1971 के फोटो के जरिये कांग्रेस चीन से सीधी लड़ाई के पक्ष में है? क्या इस फोटो के माध्यम से कांग्रेस यह कहना चाहती है कि मोदी भी उस तिब्बत को चीन से अलग करने के लिए मुक्तिवाहिनी भेज दें, जिसे नेहरू ने चीन को उपहार में ही उपलब्ध करा दिया था।

बुनियादी रूप से संसदीय राजनीति में एक तरह से बेदखल कर दी गई कांग्रेस में राष्ट्रीय चिंतन की धारा लगता है पूरी तरह से सूख गई है। यही कारण है कि राजनयिक औऱ अंतररष्ट्रीय मसलों पर भी पार्टी मोदीफोबिया से खुद को बाहर नही निकाल पाती है।ताजा चीन विवाद इसका ज्वलन्त उदाहरण है, जबकि देश के सभी राजनीतिक दल इस मोर्चे पर मोदी और सेना के साथ नजर आते है।

लेह में चीन की सीमा से 250 किलोमीटर दूर अपने जांबाज सैनिकों के साथ खड़े होकर मोदी ने यह प्रमाणित कर दिया है कि वह किसी भी अंतर्राष्ट्रीय दबाब या भरोसे में 1962 सरीखा धोखा देश के साथ नही होने देंगे। सीमा पर खड़े होकर देश के पीएम ने कृष्ण की बांसुरी औऱ सुदर्शन चक्र दोनों के उदाहरण से चीन को समझाने की कोशिशें की है कि आज का भारत 1962 का भारत नहीं है और वह बुद्ध की करुणा के बल पर निर्भीकता को धारण करने वाला शांतिप्रिय समाज भी है।इसे समझने वाले आसानी से समझ सकते है कि नए भारत का मिजाज क्या है? संभवत मोदी पहले पीएम है जिन्होंने चीन को इतने स्पष्ट शब्दों में चेताया है कि विस्तारवाद का सपना देखने वालों को मुंह की खानी पड़ेगी। इससे कठोर सन्देश औऱ क्या हो सकता है ? इस दौरे का सीधा संबन्ध आम जन भावनाओं की अभिव्यक्ति से भी है, क्योंकि गलवान घाटी में जिस तरह की धोखेबाजी हुई और हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, उसने भारतीय जनमानस को चीन के विरूद्ध नफरत से भर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी जनाकांक्षाओं को भांपने और परखने में सिद्धहस्त हैं। उन्होंने पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को रूस भेजकर सामरिक कसावट का संदेश दिया, फिर आर्थिक मोर्चे पर चीनी एप्स को प्रतिबंधित किया।अब अग्रिम मोर्चे पर खुद सेना और आइटीबीपी जवानों के बीच खड़े होकर जिस तरह उनका मनोबल बढ़ाया है, उसने एक बार फिर मोदी को जनता के बीच एक भरोसेमंद पीएम के रूप में अधिमान्यता दी है।

बेहतर होता कांग्रेस इस मौके पर 1971 की याद दिलाने की जगह पीएम के दौरे का एकसूत्रीय स्वागत करती, क्योंकि हकीकत यही है कि चीन से सीधी सैन्यलड़ाई तो अपेक्षित है और ही दोंनो देशो के हित में। 50 साल तक शासन करने वाले दल और परिवार से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती है कि वह चीन जैसे संवेदनशील मामले पर गैर जिम्मेदारी का ऐसा स्टैंड अख्तियार करे, जिसके चलते टीम इंडिया की भावना और ताकत में क्षरण हो। तथ्य यह भी है कि आज कांग्रेस में इंदिरा की तस्वीरों के अलावा कोई बुनियादी अक्स नही बचा है, जिस एकाधिकार के साथ वे भारतीय हितों के मामलों को हैंडल करती थी, वैसी समझ और सोच आज की पार्टी में शेष नही रह गई है। मौजूदा समझ सिर्फ तुष्टीकरण, निजी नफरत औऱ एनजीओ छाप मानसिकता तक सिमट गई है। 1971 की जिस तस्वीर को साझा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने मोदी पर तंज कसा है, वह भारतविचार और टीम इंडिया के विरुद्ध भी है। वह भी तब, जब पूरी दुनिया में चीन के विरूद्ध जनमत खड़ा हो रहा है। कल ही अमेरिका ने चीन भारत विवाद के लिए चीन की आक्रमकता को जिम्मेदार बताया है और आज जब पीएम विस्तारवाद के विरुद्ध खड़े होकर दहाड़ रहे थे, तब कांग्रेस पीएम के विरुद्ध खड़ी थी।वस्तुतः पर्सनालिटी क्लैश की छाया में उपजी आज की कांग्रेस को लगता है कि मोदी की पर्सनेलिटी को ध्वस्त किये बिना, उसका शाही सियासी पुनर्वास नहीं होगा और यही कांग्रेस की बुनियादी गलतफहमी भी है। इसी गलतफहमी ने मोदी के कांग्रेसमुक्त नारे को पंख लगाए है।

(लेखक, वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक व टिप्पणीकार हैं।)

क्या है हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का समाजवादी पार्टी कनेक्शन?

•अपने 8 जवान खोने होने के बाद पुलिस भी आक्रामक।
•सुबह फिर हुई मुठभेड़ में विकास के मामा व चचेरे भाई को पुलिस ने किया ढेर।
•समाजवादी पार्टी से निकला गैंगस्टर का कनेक्शन।
विवेक कुमार द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम
बीती रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे व उसके गुंडों ने छत के ऊपर से जो पुलिस पर खूनी तांडव किया, उससे कानपुर ही नहीं पूरा प्रदेश दहल गया है। 8 पुलिसकर्मियों की शहादत व सात पुलिसकर्मी घायल होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि हर हालत में विकास दुबे को गिरफ्तार करके ही पुलिस वापस लौटे।
इस मामले में पुलिस हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी के लिए जगह जगह दबिश डाल रही है। एक बार फिर सुबह हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर विकास दुबे के चचेरे भाई अतुल दुबे और उसके मामा प्रेम प्रकाश पांडे को पुलिस ने ढेर कर दिया है। इस मामले में आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ में पुलिस जुटी है। इसके साथ ही पुलिस ने बॉर्डर के सारे रास्ते भी सील कर दिए हैं।
चौबेपुर के विकरू गांव निवासी विकास दुबे तीन दशकों से गुंडई व आतंक का पर्याय बन चुका था। जमीनों के अवैध कब्जे व जमीन हड़पने में शातिर था। जमीनों में कब्जों के लिए सुपारी लेता रहा है। वर्ष 2001 में उस पर दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। उसके खिलाफ चौबेपुर थाने में ही 7 बार गैंगस्टर व 6 बार गुंडा एक्ट व हत्या के प्रयास के मामले में 12 मुकदमे दर्ज है। इस प्रकार प्रदेश में उसके खिलाफ 60 से अधिक हत्या व लूट के मामले दर्ज है। उसके पास अत्याधुनिक हथियार भी थे। 
कल हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने खोखे बरामद किए हैं। इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। जो आज पुलिस के जवान शहीद हुए हैं उनमें देवेंद्र मिश्रा (CO बिल्हौर), महेश यादव थाना प्रभारी शिवराजपुर, अनूप कुमार चौकी इंचार्ज मंधना, नेबूलाल सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर, सुल्तान सिंह सिपाही चौबेपुर व बिठूर थाने के सिपाही राहुल, जितेंद्र, बबलू शामिल है। घायलों में एसओ कौशलेंद्र, दरोगा प्रभाकर पाण्डेय व सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, शिवमूरत व जयराम पटेल होमगार्ड शामिल हैं, जिनका कानपुर रीजेंसी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस मामले में पुलिस ने विकास दुबे के बहनोई दिनेश तिवारी व नौकरानी रेखा के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। व कानपुर समेत हर तरफ भी बॉर्डर को सील कर दिया गया है। ताकि हिस्ट्रीशीटर बच के न निकल सके। अभी भी पुलिस जंगलों पर दबिश डाल रही है। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे बच के नहीं जा सकेगा। उधर राजनीति हलकों में भी विपक्ष द्वारा आरोप लगाए रहे हैं कि विकास दुबे का सत्ता का संरक्षण था। जबकि भाजपाइयों का कहना है कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य विकास दुबे की पत्नी रेखा दुबे भी जिला पंचायत का चुनाव सपा के बैनर से लड़ी थी और विकास का कनेक्शन समाजवादी पार्टी से ही रहा है।

गुड न्यूज़: 15 अगस्त को लॉन्च हो जाएगी कोरोना की वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’!

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 
कोरोना संक्रमण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसी बीच एक अच्छी ख़बर सामने आई है।  आईसीएमआर और भारत बायोटेक के संयुक्त प्रयास से वैक्सीन (कोवैक्सीन) तैयार कर ली गई है, जिसे १५ अगस्त को लॉन्च किया जा सकता है।
भारत बायोटेक और आईसीएमआर की तरफ से वैक्सीन लॉन्चिंग संभव है। हाल ही में कोवैक्सीन को ह्यूमन ट्रायल के लिए इजाज़त मिल गई है। आईसीएमआर ने एक पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि अगर इसका ह्यूमन ट्रायल सफल रहा तो १५ अगस्त तक इसे लॉन्च कर दिया जाएगा। ७ जुलाई से इसका ह्यूमन ट्रायल के लिए एनरोलमेंट शुरू हो जाएगा।
अगर ह्यूमन ट्रायल सफल रहा तो भारत बायोटेक की वैक्सीन सबसे पहले बाज़ार में आ सकती है। बहरहाल, इसके लिए इस वैक्सीन का हर चरण में सफल होना आवश्यक है।
गौरतलब है कि बीते दिनों ही हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने दावा किया था कि उसे कोवैक्सीन के फेज-1 और फेज-2 के ह्यूमन ट्रायल के लिए डीसीजीआई से हरी झंडी भी मिल गई है। कंपनी ने यह भी कहा है कि ट्रायल का काम जुलाई के पहले हफ्ते में शुरू किया जाएगा। भारत बायोटेक का वैक्सीन बनाने में पुराना अनुभव है।

सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी अचानक पहुँचे लेह

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 
 
भारत-चीन सीमा गतिरोध और चीन की सेना के साथ बातचीत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह लेह लद्दाख पहुँचे।  ज़मीनी हक़ीक़त का जायज़ा लेने के लिए प्रधानमंत्री ख़ुद यहाँ पहुँच गए ताकि स्थिति की समीक्षा की जा सके। 
 
प्रधानमंत्री मोदी लेह पहुँचने के बाद सैनिकों से मिले और स्थिति की समीक्षा भी की। गुरुवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की यात्रा थी, लेकिन किसी कारण से यह यात्रा रद्द कर दी गई थी। अचानक से प्रधानमंत्री ने लेह पहुँचकर सबको चौंका दिया है। 
इसके पहले यह तय था कि यहाँ सिर्फ़ चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेन्स ही आने वाले थे लेकिन अचानक से प्रधानमंत्री का भी शेड्यूल तैयार हो गया। सीडीएस बिपिन रावत के अलावा पीएम मोदी के साथ आर्मी चीफ़ एमएम नरवणे भी मौजूद थे।

कानपुर: हिस्ट्रीशीटर को दबोचने गई पुलिस की टीम पर ताबड़तोड़ फ़ायरिंग, सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद

विवेक द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम 
 
कानुपर में देर रात शातिर बदमाशों को दबोचने गई पुलिस की टीम पर ताबड़तोड़ फ़ायरिंग हुई और सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इसके अलावा चार पुलिसकर्मी घायल भी हैं, जिनमें एक की हालत गम्भीर है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मौक़े पर पहुँचकर मामले का जायज़ा लिया। 
 
कानपुर में हुई इस घटना से पूरे प्रदेश की पुलिस सकते में है। इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश भी दिया है। फ़िलहाल इस इस समय मौक़े पर आस पास के थाना की फ़ोर्स और तमाम आला अधिकारी मौजूद हैं।
घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी।
बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं। गोलीबारी में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव शहीद हो गए। उनके साथ करीब आठ पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं।
एसओ बिठूर, एक दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को गोली भी लगी है। जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यही नहीं, कई पुलिसकर्मी लापता भी बताए जा रहे हैं। 

सुशासन बाबू के राज में दिनदहाड़े चल रही गोलियाँ, गोपालगंज में क्लर्क की गोली मार कर हत्या

ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम
गोपालगंज | बिहार के गोपालगंज से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गोपालगंज में शिक्षक नियुक्ति में फ़र्ज़ीवाड़े का ख़ुलासा करना एक क्लर्क को भारी पड़ गया। क्लर्क अजय कुमार की दिन दहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई।
अजय कुमार शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात थे और भोरे के मिश्र बतरहा के रहने वाले थे। ख़बर के मुताबिक़, उन्होंने शिक्षा विभाग के तत्कालीन डीपीओ के साथ मिलकर फर्जी नियोजन से जुड़े बड़े रैकेट को लेकर दस्तावेज सौंपे थे तभी से वो फर्जी नियोजन से जुड़े शिक्षा माफियाओं की नजर में थे। शिक्षा माफ़ियाओं ने पहले तो डीपीओ का तबादला कराया उसके बाद रिकॉर्ड रूम में आग लगा दी। रिकॉर्ड रूम में सभी फ़र्ज़ी नियोजन की जाँच का दस्तावेज़ था।
जानकारी के मुताबिक़, शिक्षा माफ़ियाओं ने अजय कुमार पर भी दबाव बनाया था। इसी के आधार शक की सुई शिक्षा माफ़ियाओं पर घूम रही है। अजय कुमार के सहयोगी ने बताया कि सदर अस्पताल में अगर लापरवाही न हुई होती तो शायद अजय कुमार जीवित रहते।
अजय के साथी चंदन ने बताया कि अस्पताल में मात्र एक कंपाउंडर मौजूद था। हमने ऑक्सीजन के लिए के लिए कई बार सीएस को फ़ोन किया लेकिन सिलिण्डर नहीं मिला। अजय कुमार तड़पते रहे और इसी लापरवाही की वजह से उनकी मृत्यु हो गई।

म्यांमार में बारिश से धंसी खदान, 113 मज़दूरों की मौत

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 
म्यांमार में भूस्खलन से खदान धसने के कारण 100 से ज़्यादा खनिकों की मृत्यु हो गई। उत्तरी म्यांमार में भूस्खलन के बाद लगभग 100 ज़ेड खनिकों की लाश को गुरुवार को बाहर निकाला गया।
काचिन राज्य में चीनी सीमा के क़रीब भारी बारिश हुई, जिसके चलते यहाँ खदान में भूस्खलन का मामला सामने आया। इस सम्बन्ध में म्यांमार फ़ायर सर्विसेज़ डिपार्टमेंट ने अपने फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए सूचना दिया कि काचिन राज्य के जेड-समृद्ध हापकांत क्षेत्र में मजदूर स्टोन जमा कर रहे थे, जहां खदान धंसने के कारण हुए भूस्खलन से खनिकों की मौत हो गई।
अब तक कुल 113 शव निकाले गए हैं। बता दें कि हापकांत की खराब विनियमित खदानों में घातक भूस्खलन और अन्य दुर्घटनाएं आम हैं।