28 C
Mumbai
Thursday, September 10, 2026
Home Blog Page 92

बलिया: आख़िर किस दबाव में पीसीएस अधिकारी ने किया आत्महत्या, सकते में पुलिस अधिकारी

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क

बलिया | यूपी के बलिया जिले में तैनात एक महिला पीसीएस अफसर मणि मंजरी राय ने कल देर रात कोतवाली क्षेत्र स्थित अपने आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। वे महिला आवास विकास कॉलोनी में रहती थी।

पुलिस को मौके से शव के पास सुसाइड नोट बरामद हुआ है। वहीं, उसके मामा का आरोप है कि अधिकारी और ठेकेदार मंजरी पर बिना काम किए पेमेंट करने का दबाव बना रहे थे। मणि मंजरी राय गाजीपुर जिले के थाना भावरकोल की रहने वाली थीं। उनकी 2 साल पहले ही मनिया नगर पंचायत में तैनाती हुई थी, मंजरी 2016-17 बैच की पीसीएस अफसर थीं।

पुलिस का कहना है कि, अधिशासी अधिकारी ने फांसी क्यों लगाई, इसकी वजह का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है और सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है।

शव के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि, “मैं दिल्ली-मुंबई से बचकर बलिया में चली आई, लेकिन, यहां मुझे षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। इससे मैं काफी दुखी और तनाव में हूं, मेरे पास अब आत्महत्या करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।”

महिला अफसर के पिता का आरोप है कि, उन्हें बेटी के कमरे में पुलिस ने जाने नहीं दिया गया, सिर्फ शव दिखाया गया है, पुलिस भले ही इसे आत्महत्या कहे, लेकिन उसकी हत्या करने के बाद शव को पंखे से लटकाया गया है।

पाकिस्तान में इस वजह से फँसे 500 NORI वीज़ा धारक, लगा रहे भारत सरकार से गुहार

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क

किसी काम से NORI वीज़ा पर पाकिस्तान गए लोग लॉकडाउन के चलते अब वो वहां फंस गए हैं। NORI वीज़ा का मतलब होता है ‘नो आब्जेक्शन टू रिटर्न टू इंडिया’। ये वीज़ा भारत ऐसे पाकिस्तानियों को जारी करता है, जिन्होंने किसी भारतीय नागरिक से शादी की हो और भारत में लॉन्ग टर्म वीज़ा पर रह रहे हों। वे जब संबंधियों से मुलाक़ात या किसी और काम के लिए पाकिस्तान जाते हैं, तो उन्हें NORI वीज़ा दिया जाता है।

पाकिस्तान की अफ्शां सैफ़ ने भारतीय नागरिक आहिल सैफ़ से शादी की, वे आठ साल से भारत में रह रही थीं। फ़रीदाबाद FRRO से NORI वीज़ा मिलने के बाद वे अपने मायके कराची गईं, लॉकडाउन के चलते बाद विदेशी यात्रा प्रतिबंधों के कारण वे वहीं फंसकर रह गई हैं।

अफ्शां सैफ़ के साथ उनके दो छोटे बच्चे हैं जो जन्म के आधार पर भारत के नागरिक हैं और उनके पास भारतीय पासपोर्ट हैं, पर वे भी मां के साथ वहीं फंसे हैं, इन्होंने एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से लौटने देने की गुहार लगाई है।

ऐसे क़रीब 500 लोग हैं, जो इस तरह पाकिस्तान गए और वहां फंस गए हैं। बहुतों की NORI वीज़ा की अवधि भी ख़त्म हो रही है जो अमूमन 45 दिनों की होती है, इसी दौरान वे लौटना होता है, कई महीनों से ये लोग इसे बढ़ाने की भी गुहार लगा रहे हैं ताकि लौटते समय दिक़्क़त न हो।

पाकिस्तान में फंसे क़रीब 750 भारतीय नागरिकों को हाल ही में वाघा अटारी बॉर्डर के जरिए भारत वापस लाया गया है। NORI वीज़ा वालों की गुहार है कि भारत सरकार जल्द ही उन्हें भी वापिस आने दे। बहुतों के पैसे ख़त्म हो गए हैं और कुछ लोग एक रिश्तेदार से दूसरे रिश्तेदार के घर सिर छिपाने को मजबूर हो रहे हैं।

पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के क़रीबी सूत्रों का कहना है कि पहले सभी भारतीय नागरिकों को वापिस निकालना प्राथमिकता है। 748 भारतीय वापस लौट चुके हैं, 114 भारतीय 9 जुलाई को लौट रहे हैं। इनके अलावा 70-80 और भारतीय नागरिक पाकिस्तान में और हैं, जिनकी वापसी की कोशिश की जा रही है।

गृह मंत्रालय का बड़ा फ़ैसला, राजीव गाँधी फ़ाउंडेशन की होगी जाँच

EC की नोटिस पर भड़के कांग्रेसी
अमित द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
राजीव गाँधी फ़ाउंडेशन में ट्रान्स्फ़र हुए करोड़ों रूपए की जाँच के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बड़ा फ़ैसला किया है। गृह मंत्रालय ने एक स्पेशल टीम को इस फ़ाउंडेशन की जाँच के लिए नियुक्त किया है। कमेटी की अगुवाई प्रवर्तन निदेशालय के स्पेशल डायरेक्टर करेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय के स्पेशल डायरेक्टर की अगुवाई में राजीव गाँधी फ़ाउंडेशन के खाते में आए फ़ण्ड और उसके द्वारा किए गए उल्लंघनों की जाँच की जाएगी। बुधवार को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने ट्वीट के ज़रिए इसकी सूचना दी। ट्वीट में कहा गया, ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अंतर-मंत्रालय कमेटी का गठन किया है, जो कि राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की जांच करेगी।
इस जांच में PMLA एक्ट, इनकम टैक्स एक्ट, FCRA एक्ट के नियमों के उल्लंघन की जांच की जाएगी। कमेटी की अगुवाई ईडी के स्पेशल डायरेक्टर करेंगे। गृह मंत्रालय ने जैसे ये जानकारी ट्वीट किया, आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।
ग़ौरतलब है कि पिछले कई दिनों से कांग्रेस और सरकार के बीच काफ़ी तल्ख़ माहौल देखा जा रहा है। सरकार को हर जगह घेरने में लगी कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। कई मंत्रियों और भाजपा प्रवक्ताओं ने कांग्रेस पर फ़ाउंडेशन के आधार पर भारी मात्रा में पैसों के हेर-फेर का आरोप लगाया है।

चीनियों की ख़ैर नहीं, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी चाइनीज़ ऐप्स होंगे बैन

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
चीन की स्थिति का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब वैश्विक स्तर पर चीनी ऐप्स का बॉयकॉट होना शुरू हो गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो के बयान ने इस पूरे मामले को और गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम चीनी ऐप्स को बैन करके के मामले पर गम्भीरता से विचार कर रहे हैं।
टिक टॉक समेत तमाम चीनी ऐप्स का बुरे दिन शुरू हो गए हैं। भारत में बैन के बाद टिक टॉक को बड़ी आर्थिक चोट लगी थी। इस ज़ख़्म से चीनी ऐप्स उबर पाते, उसके पहले ही अमेरिका ने भी चीनी ऐप्स बैन करने की बात कह दी। इसके बाद से चीनी व्यापारियों के पसीने छूटने शुरू हो गए। अगर भारत के बाद अमेरिका ऐसा ऐक्शन ले लेता है, तो चीन को बहुत बड़ा झटका लग सकता है।
कंगारुओं में भी ग़ुस्सा-
ऑस्ट्रेलिया में भी आम लोगों ने चाइनीज़ ऐप्स को लेकर विरोध करना शुरू कर दिया है। लोगों ने चाइनीज़ ऐप्स को बैन करने की माँग की है। इस तरह से पूरे विश्व में चीन की नापाक हरकतों का विरोध हो रहा है। बता दें कि भारत में टिक टॉक बैन होने से चीन का लगभग 6 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है।
इधर, भारत में बैन सभी ऐप्स के वरिष्ठ अधिकारी भारतीय अधिकारियों से इस मसले पर बात करने में जुटे हैं कि वे भारतीयों की निजी जानकारी चीनी सरकार के साथ साझा नहीं करते हैं। हालाँकि भारत सरकार ने चीनी ऐप्स को बैन कर विश्व को यह बता दिया कि भारत की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी देश को बख़्शा नहीं जाएगा।

NIA चार्जशीट में चौकाने वाले ख़ुलासे: हिज़बुल मुजाहिदीन के इशारे पर ख़ुफ़िया जानकारी पाकिस्तान भेजता था दविंदर

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
जम्मू कश्मीर से निलम्बित डिप्टी एसपी दविंदर सिंह से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) द्वारा सोमवार को कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दिया गया। जाँच एजेंसी की चार्जशीट में कुल ६ लोगों का नाम सामने आया, जो कथित रूप से कई सालों से देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में संलिप्त थे।
एनआईए की चार्जशीट में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। चार्जशीट के मुताबिक़, दविंदर दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के कई अधिकारियों के साथ सीधे सम्पर्क में था। किसी को इस मिलीभगत का अंदाज़ा न हो, इसके लिए दविंदर सोशल मीडिया के ज़रिए इन अधिकारियों से सम्पर्क करता था। जानकारी यह है कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने भारत की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी अधिकारियों तक भेजने के लिए ही दविंदर को तैयार किया था।
चार्जशीट में स्पष्ट है कि दविंदर सिंह किस तरह हिज़बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर सैयद नवीद, रफी अहमद और इरफान शफी मीर को अपनी कार में बैठाकर उन्हें कश्मीर से सुरक्षित बाहर निकालने की फिराक में था, लेकिन कुलगाम में इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
एनआईए ने चार्जशीट में कई चौंकाने वाले ख़ुलासे किए हैं। चार्जशीट के मुताबिक़, इरफान शफी मीर जो वकील होने का दावा करता है, लगातार पाकिस्तान उच्चायोग के संपर्क में था। यही नहीं मीर ही जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र विरोधी सेमिनार के लिए पैसा जुटाने का भी काम करता था।
चार्जशीट में बताया गया है कि इरफान शफी मीर दिल्ली में मौजूद पाकिस्तान उच्चायोग से निर्देश लेता था और बड़ी संख्या में कश्मीरियों के लिए ​वीजा बनवाने का काम करता था। यही नहीं ये सभी आरोपी हिज़बुल मुजाहिदीन और पाकिस्तानी अधिकारियों के इशारे पर भारत में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए योजना भी बनाते थे।

बिल्डर्स और कारखाना मालिकों की निकली हेकड़ी, हवाई जहाज़ से बुलाये जा रहे मज़दूर

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

लॉकडाउन के समय गुजरात और महाराष्ट्र से भारी संख्या में मज़दूरों का पलायन हुआ। आर्थिक तंगी की वजह से मज़दूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब जब सरकार ने व्यवसाय को ट्रैक पर लाने के लुए धीरे-धीरे ढील देना शुरू किया, तो कंपनियों को मज़दूर ही नहीं मिल रहे हैं। अब कंपनियों के मालिक तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं, लेकिन मज़दूरों में मालिकों के प्रति अविश्वास का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।

जिन मज़दूरों की वजह से कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है, जिन्हे किसी भी व्यवसाय की रीढ़ कहा जाता है, उनके साथ लॉकडाउन के समय में बहुत नाइंसाफी हुई। मज़दूरों के पास रहने -खाने की तंगी हुई, तो पलायन शुरू हो गया। साईकल, पैदल और जैसे-तैसे सब अपने मुल्क रवाना हो गए। अब जब सब पटरी पर आ रहा है, तो मालिकों को मज़दूरों की याद आ रही है।

कंपनियां प्रवासी मजदूरों को वापस बुलाने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दे रही हैं। हालांकि कुछ कंपनियां शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों को आकर्षित करने के लिए मुफ्त यात्रा टिकट, आवास और भोजन जैसे लाभों का वादा कर रही हैं। अन्य लोग आस-पास के स्थानों से नए लोगों को नौकरी पर रख रहे हैं।

महाराष्ट्र बांधकाम व जनरल कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने बताया कि मज़दूर किसी भी शर्त पर आने के लिए तैयार नहीं थे, फिर ठेकेदारों ने हवाई जहाज़ का टिकट भेजना शुरू किया। अब जब मज़दूरों को हवाई जहाज़ का टिकट और एडवांस पैसा भेजा जा रहा है, तब मज़दूर आने को तैयार हुए हैं।

Good news: फ़िल्म बेलबॉटम से बॉलीवुड बिज़नेस की होगी घर वापसी

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

कोरोना की वजह से देश-दुनिया के सारे काम बंद पड़े हैं। अब भी ज़्यादातर इलाक़ों में सीमित तरीक़े से काम शुरू है। इसी बीच फ़िल्म इंडस्ट्री से एक अच्छी ख़बर आ रही है। वाशु भगनानी के पूजा एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली फ़िल्म बेलबॉटम की शूटिंग अगले महीने से शुरू होने वाली है।

आज से ठीक एक महीने बाद फ़िल्म बेलबॉटम की शूटिंग यूके में शुरू होगी। हालाँकि कोरोना की वजह से निर्मताओं का तनाव भी बढ़ा हुआ है, लेकिन पूरी सावधानी के साथ निर्माता जैकी भागनानी ने फ़िल्म की शूटिंग की घोषणा कर दी है। जैकी ने कहा कि हम शूटिंग के दौरान कास्ट और क्रू सब की सुरक्षा का ख़याल रखेंगे, ताकि किसी तरह की समस्या सामने न आए।

फ़िल्म में अक्षय कुमार, लारा दत्ता, जैकी भगनानी, वाणी कपूर, हुमा क़ुरैशी मुख्य भूमिका में नज़र आएँगे। अक्षय ने शूटिंग को लेकर ख़ुशी ज़ाहिर किया और कहा कि यह बड़ी ख़ुशी की बात है कि लम्बे समय के बाद हम शूट करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूँ कि हमारी इंडस्ट्री एक बार फिर से अपने ट्रैक पर आ जाएगी और हम पहले की तरह बेहतर काम कर सकेंगे।

ग़ौरतलब है कि मार्च माह के अंतिम सप्ताह से ही काम बंद पड़ा है, जिसकी वजह से इंडस्ट्री को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में फिल्म की शूटिंग की घोषणा तमाम कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों में एक आशा की किरण की तरह है।

श्रावण मास 2020: इस मंत्र से करें देवाधिदेव महादेव की पूजा

धर्म-आध्यात्म डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
इस वर्ष के श्रावण मास में कुल 5 सोमवार आएंगे। पहला सोमवार 6 जुलाई, दूसरा 13 जुलाई, तीसरा 20 जुलाई, चौथा 27 जुलाई और पांचवा 3 अगस्त को है।
भगवान शिव की पूजा और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए श्रावण माह के सोमवार व्रत रखा जाता है। इस मास में सोमवार बहुत सौभाग्यशाली और पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है।
महादेव की उपासना का यह पावन महीना श्रावण 6 जुलाई से शुरू हो रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस महीने की शुरुआत भगवान शिव को समर्पित दिन सोमवार से होने जा रही है और इसकी समाप्ति भी 3 अगस्त सोमवार के दिन ही हो रही है।
श्रावण मास शिव मंत्र-
पंचामृत के साथ शिव लिंगम को जल चढ़ाने का मंत्र
जल धारे-शिवम अर्चेत कैलाश वसते-धुवम् 
मुच्यते-सर्वबन्धमयो-नात्र क्रिया विचारणा।।

कानपुर काण्ड: सोशल मीडिया पर दुबे का महिमामण्डन पड़ा भारी, धरे गए हवाबाज़

• सोशल मीडिया पर हवाबाज़ी पड़ी महँगी, पुलिस ने धर-दबोचा।
• दुबे की तारीफ़ कर समाज का माहौल बिगाड़ने का कर रहे थे प्रयास। 
कानपुर ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
 
सोशल मीडिया पर कुछ लोग कुख्यात अपराधी विकास दुबे का महिमामंडन करने में लगे थे। ऐसे हवाबाज़ लोगों पर पुलिस नज़र बनाए हुए है और क़ानूनी कार्यवाही की शुरुआत भी की जा चुकी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला जा रहा है और दुबे के कृत्य को सही ठहराने का प्रयत्न किया जा रहा है। 
 
कानपुर के फजलगंज थाना व काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। ये केस फेसबुक पर विकास दुबे के पक्ष में और पुलिसकर्मियों की हत्या को सही ठहराने वालों पर दर्ज किया गया है। ग़ौरतलब है कि हत्याकांड के आरोपी विकास दुबे की तलाश में पुलिस की 25 से ज्यादा टीमें लगी हुई हैं।
पुलिस ने विकास दुबे पर इनाम की राशि को 50,000 से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। अन्य 18 नामजद अभियुक्तों पर 25,000 रुपये का इनाम रखा गया है। कानपुर के कोचिंग मण्डी में कोचिंग चलाने वाले किलकिल सचान ने खुलकर पुलिस का विरोध किया। सचान ने फ़ेसबुक पर लिखा, “दुबे जी ने गोली चलवा दी तो तकलीफ हो गई पुलिस ठाकुर, यादव,  ब्राह्मण, मुसलमान मारे तो कुछ नही होता। ब्राह्मण केवल पूजा पाठ के लिए नहीं है, उसको भी औजार उठाने का हक़ है।”
इस मामले में कानपुर दक्षिण की पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता ने कहा, “चौबेपुर में शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों की घटना के बारे में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए हैं। अपने पोस्ट में वे दुबे का महिमामंडन कर रहे हैं। इस कृत्य से माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए ऐसे दो मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें से एक को पकड़ लिया गया है और एक की तलाश जारी है।

असम: मौलाना के मुहब्बत में तीन गाँव सील, जनाज़े में 10 हज़ार लोग इकट्ठा

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
 
कोरोना वाइरस की वजह से दुनिया भर की स्थिति दयनीय बनी हुई है, लेकिन असम में एक मौलाना की अंतिम विदाई में लोगों के क़ानून की धज्जियाँ उड़ा दीं। क़ानूनन किसी के अंतिम संस्कार में बीस से अधिक लोग नहीं शामिल हो सकते, लेकिन यहाँ लगभग १० हज़ार लोग इकट्ठा हो गए। घटना के बाद प्रशासन को तीन गाँव सील करना पड़ा और मामले भी दर्ज करने पड़े। 
इण्डियन एक्सप्रेस के अनुसार, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक अमीनुल इस्लाम के पिता खेरुल इस्लाम का २ जुलाई को निधन हो गया। 87 साल के उनके पिता नॉर्थ ईस्ट में ऑल इंडिया जमात उलेमा और आमिर-ए-शरियत के उपाध्यक्ष थे। लिहाजा वो अपने इलाके में बेहद मशहूर थे। ऐसे में उनके जनाजे में हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए। जिला प्रशासन के मुताबिक करीब 10 हजार लोग वहां मौजूद थे।
नगांव के उपायुक्त जादव सैकिया ने बताया कि इस मामले में दो लोगों पर केस भी दर्ज किया गया है। एक मामला पुलिस ने दर्ज किया है और एक मामला मजिस्ट्रेट ने दर्ज किया, जो वहाँ ख़ुद मौजूद थे। उपायुक्त ने बताया कि संक्रमण बढ़े न, इसलिए तीन गाँव सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनाज़े में जितने भी लोग थे, किसी ने क़ानून का पालन नहीं किया। सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया और सब बिना मास्क के शामिल हुए। 
इस मामले पर विधायक अमीनुल ने सफ़ाई देते हुए कहा कि उनके पिता बेहद मशहूर थे, जिसकी वजह से इतने लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी, पुलिस ने सबको रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग माने नहीं।