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Monday, August 17, 2026
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कानून और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए योगी सरकार उठाएगी और कड़े कदम-दिनेश शर्मा

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा आज मेरठ पहुंचे हैं, यहाँ दिनेश शर्मा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय गणित विभाग के आईक्यू AC हॉल में प्रेस वार्ता की और कई मुद्दों पर बात की।

दिनेश शर्मा ने होने वाले निकाय चुनाव को लेकर भी बात की, निकाय चुनाव में आरक्षण के सवाल पर कहा कि ये एक व्यवस्था है, इसी व्यवस्था के अंतर्गत चुनाव होते हैं। भारतीय जनता पार्टी किसी से भेदभाव नहीं रखती है, सबको समान नज़रों से हमारी पार्टी देखती है।

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करते हुए

दिनेश शर्मा ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर यूपी  सरकार गंभीर है, अपराधी मारे जा रहे हैं, उन्हें जेल भेजने का काम लगातार चल रहा है, सरकार कभी भी अपराधियों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। यूपी पुलिस लगातार अपराधियों पर लगाम लगा रही है।0.22.

उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों को उत्तर प्रदेश से बाहर खदेड़ने का काम जारी है, भाजपा सरकार अपराध मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सूबे में अमन और शांति रहे इसके साथ ही कानून व्यवस्था दुरुस्त रहे, इस दिशा में सुधार लगातार जारी है।

 

हंसी के फव्वारे छोड़ने वाले क़ादर खान की अब लड़खड़ाती है ज़बान, ऐसी है अब हालत..

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कोमल झा|Navpravah.com

हिंदी सिनेमा के जाने-माने कलाकार क़ादर खान ने अपनी अदाकारी से करोड़ों लोगों के दिलों को जीता, लेकिन आज उनके चाहनेवालो के जेहन में ये सवाल ज़रूर उठता होगा, कि अब वे कहाँ हैं, कैसे हैं, क्या कर रहे हैं? तो आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि क़ादर खान इन दिनों कनाडा में अपने बेटे-बहू के साथ रहते हैं। अब वे किसी सहारे के बिना चल नहीं पाते और उन्हें बोलने में भी तकलीफ होती है। अब वे सिर्फ अपने बेटे और बहू को ही भली भांति पहचान पाते हैं। किसी दूसरे व्यक्ति को पहचानने में उन्हें काफी वक्त लगता है।

क़ादर खान की बहू शाहिस्ता के अनुसार उनकी सेहत को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। वह सिर्फ बढ़ती उम्र में होने वाली परेशानियों से जूझ रहे हैं। वे अपने पोते-पोती हम्जा और साइमा के साथ काफी खुश रहते हैं। आपको बता दें कि क़ादर खान अब 79 साल के हो चुके हैं। कुछ समय पहले क़ादर खान के बेटे सरफराज ने बताया था कि क़ादर खान को चलने में परेशानी होती है। उन्हें दोनों तरफ से सपोर्ट करना पड़ता है। कुछ कदम चलने के बाद ही वह बैठ जाते हैं। उन्हें डर लगता है कि कहीं वह गिर न पड़ें।

उल्लेखनीय है कि जब से क़ादर खान के घुटनों की सर्जरी हुई, उसके बाद से उन्हें चलने में डर लगता है, हालांकि सर्जरी सफल रही थी। दरअसल उन्हें सर्जरी के अगले दिन से ही चलना शुरू करना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसी वजह से उनके पैरों में तकलीफ हुई।

क़ादर खान का फिल्मी सफर

क़ादर खान ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1972 में आई फिल्म ‘दाग’ से की थी। इसके अलावा उन्होंने ‘अदालत’ (1976), ‘परवरिश’ (1977), ‘दो और दो पांच’ (1980), ‘याराना’ (1981), ‘खून का कर्ज’ (1991), ‘दिल ही तो है’ (1992), ‘कुली नं. 1’ (1995), ‘तेरा जादू चल गया’ (2000), ‘किल दिल’ (2014) सहित कई फिल्मों में काम किया है। वे आखिरी बार 2015 में आई फिल्म ‘हो गया दिमाग का दही’ में नजर आए थे। कादर को ‘हिम्मतवाला’, ‘आंखें’ और ‘कुली नंबर वन’ जैसी फिल्मों में हास्यपूर्ण संवाद अदायगी के लिए आज भी बहुत प्यार से याद किया जाता है।

अब ‘भारती एयरटेल’ के हाथों में होगा टाटा का मोबाइल बिज़नेस!

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शिखा पाण्डेय|Navpravah.com

भारती एयरटेल व टाटा ग्रुप के बीच एक बड़ी डील सैन हुई है। खबर है कि भारती एयरटेल टाटा ग्रुप के कंज्यूमर मोबाइल बिजनेस को खरीदेगा। दोनों कंपनियों ने गुरुवार को इस डील का ऐलान किया। यह एक ऐसी डील होगी, जिसके माध्यम से भारत की सबसे बड़ी वायरलेस कंपनी को ‘मुफ्त’ में ही बड़ा सब्सक्राइबर बेस मिलेगा।

भारती एयरटेल और टाटा ग्रुप ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा कि यह ट्रांजैक्शन कर्ज मुक्त और नकदी मुक्त होगा, हालांकि टाटा की स्पेक्ट्रम देनदारियों के छोटे से हिस्से को भारती एयरटेल अपने ऊपर लेगी। इस डील के तहत टाटा के 19 सर्विस एरियाज़ में स्थित मोबाइल कस्टमर भारती एयरटेल से जुड़ जाएंगे। साथ ही टाटा की एयरवेव्स यानी स्पेक्ट्रम भी भारती को मिल जाएंगी।

दोनों कंपनियों ने जॉइंट स्टेटमेंट में ऐलान किया, “टाटा और भारती एयरटेल मिलकर सहयोग के दूसरे क्षेत्रों को भी खंगालेगी।” स्टेटमेंट में यह भी कहा गया कि टाटा शुरुआती चरण में अपने एंटरप्राइज बिजनेस को टाटा कम्युनिकेशंस के साथ मिलाने और अपने रिटेल फिक्स्ड लाइन व ब्रॉडबैंड बिजनेस को सैटेलाइट टीवी आर्म टाटा स्काई के साथ मिलाने पर भी विचार कर रहा है। बयान के मुताबिक टाटा, टावर कंपनी व्योम में अपनी हिस्सेदारी को बरकरार रखेगी और उससे जुड़ी देनदारियों का बोझ उठाएगी।

उल्लेखनीय है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलिकॉम वेंचर रिलायंस जियो इन्फोकॉम वेंचर की एंट्री के बाद से भारत का टेलिकॉम सेक्टर कंसॉलिडेशन के दौर से गुजर रहा है।मुंकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस जियो ने भारतीय बाजार में प्राइस वार छेड़ दिया है और कई महीनों से कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा छिड़ी हुई है। टेलिकॉम कंपनियों के प्रॉफिट लगातार घट रहे हैं और महंगे स्पेक्ट्रम खरीदने के कारण कर्ज का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।टाटा टेलीसर्विसेज और उसकी यूनिट टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) के 4 करोड़ सब्सक्राइबर हैं और कंपनी भारत के टेलिकॉम मार्केट की 9वें नंबर की कंपनी है।

 

भारत है दुनिया का 100वां भूखा देश

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सौम्या केसरवानी।|Navpravah.com

जिस भारत के बारे में कहा जाता है कि यह कृषि प्रधान देश है, जो एक उभरती हुयी अर्थव्यवस्था माना जाता है, उसकी एक स्याह हक़ीकत सामने आयी है, भूखे रहने वाले देशों के मामले में भारत 119 विकासशील देशों में 100वें नंबर पर है।

12 अक्टूबर को जारी हुई, वाशिंगटन स्थित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी वैश्विक भूख सूचक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इसका मतलब भुखमरी के मामले मे भारत नॉर्थ कोरिया और इराक़ से भी पीछे है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत को 31.4 स्कोर मिले, जिससे पता चलता है कि भूख के मामले में भारत की स्थिति कितनी गंभीर है। आईएफपीआरआई के एक स्टेटमेंट के अनुसार, भारत में पांच साल से कम उम्र का लगभग हर पांचवें बच्चे का वज़न उसकी लंबाई के हिसाब से कम है और एक तिहाई बच्चे ऐसे हैं जिनकी लंबाई उनकी उम्र की हिसाब से बहुत कम है।

आंकड़ों से यह पता चलता है कि इस इंडेक्स में भारत (100) अपने पड़ोसी देशों से नेपाल (72), म्यांमार (77), बांग्लादेश (88), श्रीलंका (84) और चाइना (29) से भी पीछे है, इस मामले में भारत सिर्फ पाकिस्तान (106) से आगे है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत का खराब अंक दक्षिण एशिया को इस साल जीएचआई पैमाने पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र की श्रेणी में डाल रहा है।

एक तहफ हम जहां लाखों टन खाना हर साल बर्बाद कर देते हैं वहीं दूसरी ओर देश के लाखों लोग भूखे सोने को मज़बूर हैं। 2016 में कृषि मंत्रालय की फसल-शोध संस्था सिफ़ेट द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आया कि भारत में हर साल लगभग 670 लाख टन खाद्यन्न बर्बाद हो जाता है।

 

धूम्रपान से हाईकोर्ट का माहौल हो रहा खराब

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

धूम्रपान को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए यूपी बार काउंसिल को पक्षकार बनाने का आदेश दिया है। अधिवक्ता अजय उपाध्याय ने जनहित याचिका कर धूम्रपान व तंबाकू से बने उत्पादों को परिसर में तंबाकू से बने उत्पादों को बैन करने की मांग की थी।

याचिका ने हाई कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि, इससे परिसर का माहौल ख़राब हो रहा है, जो आम आदमी के लिए ठीक नहीं हैं, यह आम आदमी के जीवन के अधिकारों का हनन है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डी.बी. भोसले व जस्टिस एम.के. गुप्ता कर रहे हैं।

याचिका ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान रोकने की मांग कर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। कोर्ट ने इस मामले में बार एसोसिएशन के गंभीर न होने पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 नवम्बर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ निर्देशित किया था कि, राज्य सरकारें सार्वजनिक स्थलों पर हो रहे धूम्रपान को रोकने के लिए कड़े कदम उठाये। सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी के बाद भी राज्य सरकारों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और धूम्रपान रोक पाने में असफल साबित हुई।

 

हिमाचल प्रदेश: विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है, चुनाव 9 नवम्बर को होगा और18 दिसम्बर को वोटों की गिनती की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 23 अक्तूबर होगी।

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ए.के.ज्योति ने कहा कि सभी पोलिंग स्टेशन ग्राऊंड फ्लोर पर होंगे। सभी पोलिंग स्टेशनों पर वीवीपीएटी का प्रयोग किया जाएगा और सभी पोलिंग स्टेशनों की वीडियोग्राफी होगी। पहली बार किसी राज्य में पूरे चुनाव में वीवीपीएटी मशीन का प्रयोग किया जाएगा, इसमें वोट देने के बाद पर्ची निकलेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ए.के.ज्योति ने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज से आचार संहिता लागू हो जाएगी। हर उम्मीदवार अपने प्रचार पर 28 लाख रुपए खर्च कर सकता है। हर चुनाव प्रचार व रैली की वीडियोग्राफी की जाएगी।

चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के लिए आज एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए.के.ज्योति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय चुनाव आयोग हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया।

गुजरात में विधानसभा का कार्यकाल 22 जनवरी को समाप्त होने वाला है जबकि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 7 जनवरी को समाप्त होगा। गुजरात में चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नही हुआ है।

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट : आरुषि हत्याकांड में डॉ. राजेश व नुपुर तलवार हुए बरी

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

आरुषि हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज अपना फैसला दिया है, हाईकोर्ट के फैसले के तहत आरुषि के माता – पिता डॉ. राजेश व नुपुर तलवार को बरी कर दिया गया है।

सरकारी वकील का कहना है कि सीबीआई ने कहा था कि अगर इलाहबाद हाईकोर्ट का फैसला उनके खिलाफ जाता है, तो इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इस केस की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने की। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से ये साफ हो गया है कि अब तक आरुषि का सही कातिल दुनिया के सामने नही आया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि तलवार दंपत्ति के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और सिर्फ परिस्थितिजन्य साक्ष्य की बुनियाद पर सजा नहीं दी जा सकती है।

आरुषि के माता पिता राजेश तलवार और नुपुर तलवार को सीबीआई की कोर्ट ने कत्ल का दोषी पाया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ तलवार दंपत्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। फिलहाल 26 नवंबर 2013 को नुपुर और राजेश तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी थी।

 

केंद्र सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों को दिया तोहफा

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

केंद्र सरकार ने शिक्षकों और कर्मचारियों को दिपावली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है, जिसके तहत देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के 7.58 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को अब हर महीने 22 से 28 फीसदी तक बढ़ा हुआ वेतन देने का फैसला लिया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि, कैबिनेट ने एक अहम फैसले में केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालय और यूजीसी से जिन कॉलेजों को सहायता मिलती है, इन सबके प्राध्यापकों को सातवें वेतन आयोग का फायदा देने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि, इसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय और आईआईटी जैसे 213 संस्थान भी शामिल हैं, जिसकों केंद्र सरकार 100 फीसदी वित्त प्रदान करती है। इसके 58 हजार प्राध्यापकों को इसका लाभ मिलेगा और इसका वहन वेतन आयोग करेगा।

जावेड़कर ने आगे कहा, इस फैसले से 329 राज्य विश्वविद्यालय और 12,912 कॉलेज के 7 लाख प्रोफेसर, असिस्सेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर को इसका लाभ मिलेगा और संशोधित वेतन पैकेज का फायदा आईआईटी, आईआईएससी, आईआईएम, आईआईआईटी जैसे 119 संस्थानों के शिक्षकों को भी मिलेगा।

राज्यों द्वारा संचालित विश्वविद्यालों में इस फैसले को लागू करने के लिए राज्य सरकारों की सहमति जरूरी होगा। साथ ही केंद्र सरकार, राज्यों पर जो अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा, उसका वहन भी करेगी।

 

आरुषि मर्डर मिस्ट्री पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा फैसला

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री का आज इंसाफ का होगा, कौन है आरुषि का कातिल, कैसे हुई आरुषि की हत्या, किसने हेमराज को मारा, ऐसे कई सवालों की मिस्ट्री पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट अपना फैसला देगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 7 सितम्बर 2017 को बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट आज ये तय कर देगा कि, आरुषि-हेमराज की हत्या राजेश और नूपुर तलवार ने की या फिर वो बेगुनाह हैं। बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस केस में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में आरुषि की मां नूपुर तलवार और पिता राजेश तलवार को सीबीआई कोर्ट ने 2013 में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। तलवार दंपत्ति फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। लेकिन सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तलवार दंपत्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

यूपी के नोएडा जिले का एल-32 फ्लैट 15 मई 2008 देश भर में चर्चा का विषय बन गया था। इसकी वजह आरुषि-हेमराज की रहस्मय हत्या थी। ये हत्याकांड इतना उलझा हुआ था कि देश की नजर लगातार इस केस पर बनी रही। पहले नोएडा पुलिस और फिर सीबीआई की दो-दो टीमों ने इस केस की जांच की।

सीबीआई ने कोर्ट के सामने दलीलें देकर ये साबित करने की कोशिश की कि इस दोहरे हत्याकांड को तलवार दंपति ने ही अंजाम दिया था। जबकि राजेश और नूपुर सीबीआई की हर दलील को गलत साबित करने में जुटे रहे। फिर भी कोर्ट ने सीबीआई की दलील को सही ठहराते हुए तलवार दंपति को उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट ने कई बिंदुओं पर जनवरी 2017 में सुनवाई की थी, लेकिन तलवार दंपत्ति की तरफ से दोबारा से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई करते हुए सीबीआई से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा था। उस जवाब के आधार पर ही सुनवाई हुई थी और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

शर्मनाक! कांगो में महिला से सरेआम दुष्कर्म, फिर किया सर कलम

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

ल्यूबो: डैमोक्रेटिक रिपब्लिक आफ कांगो में एक महिला से सरेआम दुष्कर्म किया गया, कोड़ों से पीटा गया और यह सब देख रही भीड़ के सामने उसका सिर कलम कर दिया गया। महिला पर आरोप था कि उसने सरकार विरोधी विद्रोहियों के एक समूह को ‘मछली’ खिलाई थी। हैवानों ने बाद में उस महिला का खून भी पीया। हैवानियत के इस नंगे नाच को विद्रोहियों ने अंजाम दिया और तमाशबीनों की भीड़ इस दौरान जश्न मनाती रही।

घटना की जो फुटेज सामने आई है, उसके महिला को उसके बालों से पकड़कर कहा जा रहा है क‍ि उसे ‘गंभीर देशद्रोह’ करने के लिए ‘मरना ही होगा।’ फ्रांस 24 ने अपनी रिपोर्ट में कस्‍बे के एक निवासी के हवाले से लिखा है, ‘वह कबाओ की सीमा पर लड़ रहे आतंकियों को मछली परोसने की आरोपी थी। उन्‍होंने कहा कि महिला ने उन्‍हें बीन्‍स खाने को दिए जिसमें मछली के छोटे-छोटे टुकड़े थे। रक्षा नियमों को तोड़े जाने की पुष्टि के बाद आतंकियों के सरदार ने महिला और उसके पति की दूसरी बीवी से बेटे को सबके सामने यौन संबंध बनाने की सजा सुनाई।’

घटना इसी साल अप्रैल की है लेकिन उसका वीडियो अब व्हाट्सएप पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। बताया जा रहा कि भीड़ ने पहले जबरन सौतेले बेटे को मां से रेप करने को मजबूर किया और फिर उनको सरेआम कत्ल कर दिया। दोनों की लाशें दो दिन तक बाहर पड़ी रहीं। फिर उन्‍हें उसी जगह पर दफना दिया गया। गवाहों ने कहा कि लोगों को हत्‍या देखने पर मजबूर किया गया। एक ने कहा, ‘हमारे पास कोई और विकल्‍प नहीं था। उनके सामने आवाज उठाने का मतलब जान गंवाना होता। हथियारबंद आतंकियों के सामने हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया गया था। पुलिस भी एक सप्‍ताह पहले भाग गई।’