28 C
Mumbai
Monday, August 17, 2026
Home Blog Page 914

बॉबी देओल भी ‘रेस 3’ में दौड़ते आएँगे नज़र!

एंटरटेनमेंट डेस्क । Navpravah.com

इस साल की शुरुआत से ही फिल्म ‘रेस-3’ काफी चर्चा में है और इसकी वजह हैं सल्लू भाई यानि सलमान खान। चर्चा तो जायज़ है, क्योंकि ‘रेस’ सिरीज़ में सलमान खान पहली बार काम कर रहे हैं। सलमान खान के अलावा अब एक और नाम इस चर्चित लिस्ट में शामिलन्हि गया है, और वह हैं अभिनेता बॉबी देओल। जी हाँ! इस फिल्म के लिए बॉबी देओल का नाम भी फाइनल कर लिया गया है।

फिल्म के प्रोड्यूसर रमेश तौरनी ने मीडिया को बताया, “मैंने बॉबी के साथ फिल्म सोलजर और नकाब में काम किया है और वह एक अच्छा अनुभव था। वे बेहद प्रोफेशनल और अच्छे इंसान हैं, इसलिए उनके साथ काम करना काफी दिलचस्प होता है। फिल्म के लिए उन्हें एकदम अलग तरह से स्टाइल किया जाएगा और फैंस उन्हें एक नए लुक में देखेंगे।”

तौरानी ने बताया कि ‘रेस 3’ के सारे किरदार ग्रे हैं। फिल्म के किरदारों को समझने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी। बताया जा रहा है कि नवंबर से फिल्म की शूटिंग शुरू होगी। इसे मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा डायरेक्टर करेंगे। फिल्म साल 2018 में ईद के मौके पर रिलीज होगी।

आपको बता दें कि इस फिल्म के लिए इमरान हाशमी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के नाम की भी चर्चा थी, लेकिन अब तक बॉबी देओल के साथ इसमें सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिज का नाम ही फाइनल हुआ है। सलमान की फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ की तरह ही ‘रेस 3’ भी अबू धाबी और दुबई में शूट की जाएगी।

माफ़ी मांगें सलमान,तो शो में वापस आऊंगा: ज़ुबैर खान

apologizing-salman-ill-be-back-in-the-show-zubair-khan

कोमल झा|Navpravah.com

बिग बॉस 11 शो से बाहर हुए जुबैर खान सुर्खिया बटोरते ही जा रहे है। जुबैर खान का गुस्सा शो के होस्ट सलमान खान पर इस कदर फूटा है वो अब थमने का नाम ही नहीं ले रहा। जुबैर घर से बाहर आने के बाद सलमान द्वारा की गई उनकी बेइज्जती का बदला लेने का फैसला किया और सलमान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। जुबैर ने मीडिया से बातचीत में सलमान पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए और अपने फेसबुक वीडियो में यह भी कहा कि वह कलर्स टेलीविजन के साथ उनका 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था। अब जुबैर ने कहा है कि अगर बिग बॉस उन्हें वापिस बुलाना चाहता है तो उन्हें उनकी एक शर्त माननी होगी|

हालही में एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जुबैर ने कहा है। कि जैसे ही वो बिग बॉस से बाहर निकले कलर्स चनैल ने उनसे बात की और उन्हें शो पर वापि‍स लौटने को कहा। जुबैर ने कहा- ‘कलर्स के इस ऑफर पर मैंने साफ कहा कि मैं एक ही शर्त पर शो पर वापसी कर सकता हूं अगर सलमान खान खुद मेरे से माफी मांगे और स्वीकारे की जो उन्होंने मेरे साथ किया वो गलत था।’ जुबैर ने कहा कि भले ही बिग बॉस टीवी का सबसे बड़ा रिएलिटी शो हो लेकिन असल में वहां पर जॉबलैस लोग आकर बेवजह की कॉन्ट्रोवर्सी कर रहे हैं। हालांकि शुरू में मैं इस शो के खिलाफ था लेकिन फिर मुझे लगा कि शायद यही एक मात्र वजह है जिससे मैं अपने बच्चों को वापस पा सकता हूं।

जुबैर ने कहा कि यहां तक कि मेरे साथ पैनल में बैठे बाकी लोगों ने भी यह बात मानी थी कि मुझमें बदलाव और सुधार आया था। उन्होंने माना कि मैंने एक ही हफ्ते में दर्शकों का काफी प्यार बटोर लिया था। मुझे कम वोट मिले हों ऐसा कैसे हो सकता है?

जुबैर ने कहा कि रियलिटी शो पर उनकी गलत छवी दिखाए जाने के लिए वह अब सलमान खान के बाद कलर्स चैनल पर भी पुलिस शि‍कायत दर्ज करवाएंगे।

 

इस एक्ट्रेस ने कहा: ‘पहले सोती हैं मर्दों के साथ, फिर लगाती हैं शोषण का आरोप’

the-actress-said-first-sleeps-with-men-then-puts-on-charges-of-exploitation

कोमल झा|Navpravah.com

भैरवी गोस्वामी अपने इस ट्वीट के कारण एक बार फिर सुर्खियां बटोर रही हैं। हलाकि इससे पहले भी कृति सेनन को लेकर किए गए एक ट्वीट की वजह से भैरवी चर्चा में आई थीं। हेट स्टोरी में काम कर चुकी भैरवी गोस्वामी ने ट्विटर के माध्यम से बॉलीवुड में शोषण की बात कहने वाले सितारों पर जोरदार हमला बोल दिया है।

शोषण जैसे मुद्दे पर अक्सर ही फिल्मी सितारें अपनी राय रखते हैं। बहुत से फिल्मी सितारों ने खुद के साथ शोषण होने की बात भी स्वीकार किया है। ऐसी मुद्दे पर अब एक्ट्रेस भैरवी ने बड़ी बात कह दी है। भैरवी  ने ट्वीट कर कहा, ‘काम पाने के लिए पहले तो एक्ट्रेस मर्दों के साथ सोती हैं और फिर दस साल बात यह कहती हैं कि उनका शोषण हुआ था।’ भैरवी के इस ट्वीट पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर किसी के साथ ऐसा होता है तो वह तुरंत ही क्यों नहीं बता देता कि उसका शोषण हुआ था। वहीं कुछ ने तो यह भी कह दिया कि केवल एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि आम औरतें भी पैसों के लालच में शोषण का आरोप लगाती हैं।

आप को बता दे कुछ समय पहले भी भैरवी ने कृति सेनन को ट्वीट कर मज़ाक उड़ाया था। दरासल कृति सेनन ने अर्जुन कपूर की फिल्म ‘मुबारकां’ के प्रति अपना सपोर्ट दिखाने के लिए ‘हवा हवा’ गाने पर डांस करते हुए अपना एक वीडियो ट्विटर पर डाला था, जिस पर भैरवी ने कमेंट किया था और उस कमेंट से भैरवी को लाइमलाइट में आ गई थी।

भैरवी गोस्वामी ने कहा था- ‘कृति सेनन एक्टे्रस कैसे बन गईं। कोई हेडलाइट नहीं, कोई बम्पर नहीं है। कॉलेज स्टूडेंट इससे बेहतर दिखते हैं।’ बता दें कि बता दें  कि भैरवी फिल्म ‘भेजा फ्राई’, ‘माय फ्रेंड गणेशा 2’ में दिखाई दी थीं। भैरवी जब 6 साल की थी, तब उन्होंने इंडिया छोड़ दिया था। कई साल बाद एक्टिंग और मॉडलिंग करने के लिए वो भारत लौटी थीं।

 

नाबालिग पत्नी से यौन संबंध को रेप माना जायेगा – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमे नाबालिग पत्नी से यौन संबंध को रेप माना जायेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के अनुसार अब 15 से 18 साल की पत्नी के साथ बने यौन संबंध रखना रेप होगा।

आईपीसी की धारा 375 में 15 साल से ऊपर की पत्नी के साथ पति के संबंध को रेप की परिभाषा से बाहर रखा गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 375 में दिए गए अपवाद को भी ख़ारिज कर दिया है। हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ऐसे मामलों में शिकायत का अधिकार किसे होगा।

सुप्रीम कोर्ट में इस सिलसिले में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें दलील दी गई थी कि कानूनन यौन संबंध के लिए सहमति की उम्र 18 है। इस वजह से 18 से कम की लड़की के साथ उसकी मर्जी से बने संबंध को भी बलात्कार माना जाता है, लेकिन 15 साल से ज़्यादा की विवाहित लड़की के साथ उसके पति का संबंध बनाना बलात्कार नहीं माना जाता।

इस मामले में केंद्र सरकार का कहना था कि बाल विवाह अब काफी कम हो गए हैं, भारत की सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए ही ये कानून बनाया गया है। इसलिए, संसद ने 15 से 18 साल की पत्नी के साथ यौन संबंध को अपराध के दायरे में नही रखा है।

 

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ केंद्र सरकार की बहुत अच्छी योजना – योगी

beti-bachao-batei-padhaothe-very-good-plan-of-the-central-government-yogi

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ CDO की बैठक के बाद लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘बेटी पढ़ाओ, रौशनी बढ़ाओ’ कार्यक्रम में शिरकत की थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी भी मौजूद रही थीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का संबोधन करते हुए कहा कि यूपी में बच्चियों के लिए उन योजनाओं को लागू किया गया जो पहले लागू नही हो सकी थीं। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ केंद्र सरकार की बहुत अच्छी योजना है। इससे हर बच्चों को फायदा होगा, और सभी बच्चों को एक नयी दिशा भी प्रदान होगी।

योगी ने कहा कि हमारी सरकार बच्चों की शिक्षा पर काम कर रही है 1 करोड़ 53 लाख बच्चों को स्कूल ड्रेस दी जा चुकी है, सभी 75 जिलों में रेस्क्यू वैन भी चलाई जा रही है, ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।

उन्होंने आगे कहा कि हर स्वयं सेवी समूह से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, जिससे कई परिवारों को लाभ मिलेगा, सभी जिलों में 61700 से अधिक स्वयं सेवी समूहों की कार्य योजना बना चुके हैं। हाई स्कूल और इंटर परीक्षा के परिणाम में बच्चियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

 

अनुपम खेर ने थामी एफटीआईआई की कमान, बनाए गए नए अध्यक्ष

anupam-kher-creates-the-new-ftii-command-created-new-president

शिखा पाण्डेय|Navpravah.com

मशहूर बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर को ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’, पुणे का अध्यक्ष चुना गया है। वर्ष 2015 में जब गजेंद्र चौहान को इस संस्थान का अध्यक्ष बनाया गया था, तभी से यह संस्थान काफी सुर्ख़ियों में आ गया था क्योंकि छात्रों ने चौहान के चुनाव का जमकर विरोध किया था।

एफटीआईआई छात्रों के साथ-साथ फिल्मी जगत के कई कलाकारों ने भी गजेंद्र चौहान की काबिलियत पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें संस्थान का उच्चतम पद देने का विरोध किया था। संस्थान के छात्रों ने पूणे से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसकी वजह से चौहान अपने नियुक्ति के सात महीने तक अपना पदभार संभाल नहीं पाए थे। 139 दिनों तक एफटीआईआई के छात्रों ने हड़ताल की थी जिनमें से कुछ छात्रों ने अनशन भी किया था।

प्रसिद्ध धारावाहिक ‘महाभारत ‘ में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाले एक्टर गजेंद्र चौहान को इस पद पर 2015 में नियुक्त किया गया था। चौहान का कार्यकाल 3 मार्च 2017 को खत्म हो गया था। अपने 14 महीने के कार्यकाल के दौरान गजेंद्र चौहान सिर्फ एक बार ही संस्थान में किसी मीटिंग को अटेंड करने गए थे। उनके कैंपस से बाहर रहने को लेकर उनकी कड़ी निंदा हुई थी।

इसी दौरान मंत्रालय ने भारतीय सूचना सेवा के वरिष्ठ अधिकारी भूपेंद्र कैंथोला को एफटीआईआई का निदेशक बनाकर भेजा जिन्होंने संस्थान के हॉस्टल को अनाधिकृत रूप से काबिज छात्रों से मुक्त कराया। साथ ही संस्थान के फिल्मों से जुड़े कोर्स और नए पाठ्यक्रमों को गजेंद्र चौहान के साथ मिलकर लागू कराया।

वैसे, सरकारी खेमे से लगातार इस बात के संकेत मिल रहे थे कि नए अध्यक्ष के लिए फिल्म जगत की हस्तियों में से ही किसी को चुना जाएगा। गजेंद्र चौहान का कार्यकाल मार्च में ही समाप्त हो जाने के बावजूद उनके दूसरे कार्यकाल के लिए किसी तरह का आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ था। इससे यह स्पष्ट हो गया था कि सरकार ने नए अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है। अंततः यह तलाश अनुपम खेर के रूप में समाप्त हुई।

 

 

रेल बोर्ड का फैसला जल्द खत्म होगी ट्रेनों में बदबू

indian railway recruitment

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com

भारतीय रेलवे को हमेशा ट्रेनों में साफ-सफाई और बदबू की शिकायत मिलती रहती है। इससे यात्री हमेशा परेशान रहते हैं, इसलिए इस परेशानी से यात्रियों को निजात दिलाने के लिए भारतीय रेलवे ने तरीका निकाला है, रेलवे के कार्यालय एवं ट्रेन अब पाइन और लेमन ग्रास की तरह महकेंगे।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेनों में अजीब गंध और बदबू पर आपत्ति प्रकट की थी जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने बदबू-कीटाणुनाशक बदलने का फैसला किया है। 5 अक्टूबर को जारी परिपत्र में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि रेल मंत्री ने रेलवे कार्यालयों और ट्रेनों में अच्छी गंध वाले कीटाणुनाशकों के इस्तेमाल पर बल दिया है और अब ट्रेन के डिब्बों को जल्द ही बदबू से छुटकारा मिलेगा।

परिपत्र में कहा गया है, रेल मंत्री ने 11 सितंबर और 3 अक्टूबर, 2017 को हुई बैठकों में इस बात पर तर्क-वितर्क किया कि रेलवे कार्यालयों और ट्रेनों में फिलहाल फिनोलिक जैसे जिस कीटनाशक द्रव्य इस्तेमाल किया जाता है, उससे अजीब बदबू आती है, ऐसे में उसके स्थान पर अब अच्छे गंध वाले कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि यात्रियों की दिक्कत न हो।

बोर्ड ने कहा है कि उसने तय किया है कि रेलवे परिसरों या ट्रेनों में जहां भी कीटनाशक की जरूरत है वहां वैकल्पिक प्रकार के कीटनाशक खरीदे जाएं और पाइन, लेमन ग्रास या किसी अन्य अच्छे गंध वाले कीटनाशक, जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए।

 

शौचालय बनवाने के मामले में नंबर वन है यूपी

the-number-one-in-the-making-of-toilets-is-up

सौम्या केसरवानी।Navpravah.com

भारतीय रेलवे को हमेशा ट्रेनों में साफ-सफाई और बदबू की शिकायत मिलती रहती है। इससे यात्री हमेशा परेशान रहते हैं, इसलिए इस परेशानी से यात्रियों को निजात दिलाने के लिए भारतीय रेलवे ने तरीका निकाला है, रेलवे के कार्यालय एवं ट्रेन अब पाइन और लेमन ग्रास की तरह महकेंगे।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेनों में अजीब गंध और बदबू पर आपत्ति प्रकट की थी जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने बदबू-कीटाणुनाशक बदलने का फैसला किया है। 5 अक्टूबर को जारी परिपत्र में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि रेल मंत्री ने रेलवे कार्यालयों और ट्रेनों में अच्छी गंध वाले कीटाणुनाशकों के इस्तेमाल पर बल दिया है और अब ट्रेन के डिब्बों को जल्द ही बदबू से छुटकारा मिलेगा।

परिपत्र में कहा गया है, रेल मंत्री ने 11 सितंबर और 3 अक्टूबर, 2017 को हुई बैठकों में इस बात पर तर्क-वितर्क किया कि रेलवे कार्यालयों और ट्रेनों में फिलहाल फिनोलिक जैसे जिस कीटनाशक द्रव्य इस्तेमाल किया जाता है, उससे अजीब बदबू आती है, ऐसे में उसके स्थान पर अब अच्छे गंध वाले कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि यात्रियों की दिक्कत न हो।

बोर्ड ने कहा है कि उसने तय किया है कि रेलवे परिसरों या ट्रेनों में जहां भी कीटनाशक की जरूरत है वहां वैकल्पिक प्रकार के कीटनाशक खरीदे जाएं और पाइन, लेमन ग्रास या किसी अन्य अच्छे गंध वाले कीटनाशक, जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए।

 

जन्मदिन विशेष : ‘अलौकिक अमित आभा के अमिताभ…’

birthday-special-amitabh-amitabh-amitabh-supernatural-amittabh

आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com

सदी के महानायक कहें या बॉलीवुड का सरताज़, बच्चे बूढ़ों व युवा दिलों पर राज करने वाले बिग बी अमिताभ बच्चन का जन्मदिन है| ११ अक्टूबर १९४२ को साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन व तेजी बच्चन के घर जन्मे अमिताभ एक दिन करोड़ों भारतीयों के दिलों में अमिट छाप बन जायेंगे ऐसा किसे पता था|

रोचक बात ये है कि अमिताभ बच्चन का शुरूआत में नाम “इन्कलाब” रखा गया था जो कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रयोग में किये गये वाक्य इन्कलाब जिंदाबाद से लिया गया था| इन्कलाब नाम पसंद नहीं आया तो बाद में नाम अमिताभ रखा गया जिसका अर्थ है, ‘ऐसा प्रकाश जो कभी नहीं बुझेगा|’ अमिताभ के अलावा हरिवंश राय जी के एक और पुत्र हैं जिनका नाम अजिताभ है|

अमिताभ की एक्टिंग में रूचि उनकी माँ की देन है जिन्होंने अमिताभ को स्टेज सेंटर को अपना कैरियर बनाने के लिए सदैव प्रेरित किया| इलाहाबाद के ज्ञान प्रबोधिनी और बॉयज हाई स्कूल, व नैनीताल के शेरवुड स्कूल से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में हायर एजुकेशन प्राप्त करने वाले अमिताभ अपनी आयु के बीसवें दशक में ही अभिनय के क्षेत्र में भाग्य आजमाने लगे थे|

अभिनय का जूनून ऐसा कि कोलकाता की बड़ी शिपिंग फर्म बर्ड एंड कम्पनी की बेहतरीन नौकरी छोड़ दी| अमिताभ के फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत हुई, ख्वाजा अहमद अब्बास की सात हिन्दुस्तानी से| अपनी पहली फिल्म के लिए ही अमिताभ बच्चन ने नवागन्तुंक कटेगरी का नेशनल फिल्म अवार्ड जीत लिया| सैकड़ों बॉलीवुड फिल्मों के साथ विदेशों की फिल्मों में भी अमिताभ ने अपने अभिनय का लोहा मनवाया|

ऐसा नहीं कि अमिताभ के जीवन में उतार चढ़ाव नहीं आये| कठिन परिस्थितियों का मंज़र ऐसा कि सामान्य इंसान शायद सहन ही न कर पाए| फिर चाहे वो एबीसीएल कॉर्प का घाटा हो, या फिल्म के दौरान भयानक हादसे जिनसे वो कभी उबर ही न पाए|

तमाम उतार चढ़ावों के बावजूद अमिताभ ने कभी ज़िंदगी से हार नहीं मानी| यही कारण है कि सदी के महानायक करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गये| अमिताभ अभिनय मंडल के ऐसे चमकते सूर्य हैं जिनकी चमक देश व जगत को सदैव दैदीप्यमान करते रहेंगे| नवप्रवाह परिवार अमिताभ बच्चन के सुस्वास्थ्य, दीर्घायु की कामना के साथ जन्मदिन की सहस्र बधाइयां प्रेषित करता है|

 

इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल, ‘अगर मौत का सम्मान स्वीकार, तो मौत की प्रक्रिया का सम्मान क्यों नहीं?

the-question-of-the-supreme-court-on-euthanasia-if-you-accept-the-honor-of-death-why-not-respect-the-process-of-death

शिखा पाण्डेय|Navpravah.com

वर्ष 2014 से सुप्रीम कोर्ट में इच्छामृत्यु के मामले में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने कोर्ट में कड़ा विरोध किया है। केंद्र सरकार का मानना है कि अगर इच्छा मृत्यु को मान्यता दे दी जाती है तो कई मामलों में उसका दुरूपयोग किया जा सकता है। हालांकि याचिका पर सुनवाई के दौरान  सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर मौत के सम्मान को स्वीकार किया गया है तो मौत की प्रक्रिया के सम्मान को स्वीकार क्यों नहीं किया जा रहा है? संविधान बेंच ने पूछा कि क्या किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ आर्टिफिशियल लाइफ सिस्टम के जरिये जिंदा रखा जा सकता है?

जानिए याचिका से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बातें-

-फरवरी 2014 में सुप्रीम कोर्ट में ‘ कॉमन कॉज़’ नामक एक एनजीओ द्वारा याचिका दायर की गई थी कि गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति, जो कि डॉक्टर्स के मुताबिक अब कभी ठीक नहीं हो सकता, उसके लिए पैसिव यूथेनेशिया अर्थात इच्छामृत्यु या दया मृत्यु को मंज़ूरी दी जाए।

-एनजीओ ने अपनी इस याचिका में ‘गरिमा के साथ मरने का अधिकार’ ‘यानी राइट टू डाय विथ डिग्निटी’ देने की दलील दी है।

-एनजीओ ने याचिका में कहा है कि संविधान के आर्टिकल 21 के तहत, जिस तरह नागरिकों को जीने का अधिकार दिया गया है उसी तरह उसे मरने का भी अधिकार है।

-एक्टिव और पैसिव यूथेनेशिया में अंतर ये होता है कि एक्टिव में मरीज की मृत्यु के लिए कुछ किया जाए जबकि पैसिव यूथेनेशिया में मरीज की जान बचाने के लिए कुछ नहीं किया जाए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान बेंच ने ज्ञान कौर बनाम पंजाब सरकार के मामले में कहा था कि इच्छा-मृत्यु और खुदकुशी, दोनों भारत में गैरकानूनी हैं और इसी के साथ दो जजों की बेंच के पी रत्नम बनाम केंद्र सरकार के फैसले को पलट दिया था। कोर्ट ने कहा था कि संविधान की धारा 21 के तहत जीने के अधिकार में मरने का अधिकार शामिल नहीं है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अरुणा शॉनबाग बनाम केंद्र सरकार के मामले में कहा कि कोर्ट की कड़ी निगरानी में असाधारण परिस्थितियों में पैसिव यूथेनेशिया  यानि इच्छा मृत्यु दी जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 5 जजों की संवैधानिक बेंच कर रही है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व में इसकी सुनवाई हो रही है। बेंच में सीजेआई के अलावा जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भवन शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी होगी।