28 C
Mumbai
Wednesday, August 19, 2026
Home Blog Page 865

जामा मस्जिद पहले था ‘जमुना देवी’ का मंदिर -बीजेपी नेता

विनय कटियार का विवादित बयान

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग की तारीख नजदीक आते ही राम मंदिर का मुद्दा गरमा गया है। ऐसे में बीजेपी के नेता विनय कटियार ने दिल्ली के जामा मस्जिद को “जमुना मंदिर” का नाम दे दिया। 

विनय कटियार ने कांग्रेस नेताओं को बाबर, शाहजहां और औरंगजेब की औलाद बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर राम मंदिर निर्माण के मामले में अड़ंगा डाल रही है। इसलिए कपिल सिब्बल ने साल 2019 के बाद इसकी सुनवाई की बात कही है। सिब्बल पर झल्लाते हुए कटियार ने कहा कि उन्होंने जो कहा वह गलत कहा, इसी कारण से हंगामा मचा हुआ है, नहीं तो अब तक कब का मंदिर बन जाता। इस केस को टालने का काम हमेशा से कांग्रेस करती रही है।

आज तक की खबर के मुताबिक, विनय कटियार ने कहा, “मथुरा और काशी विश्वनाथ में हमारे मंदिरों को तोड़ा गया है। हम विषय उठाना नहीं चाहते। अगर इस विषय में पड़ेंगे, तो साढ़े 6 हजार हमारे स्थान हैं। फिर हम उन सभी मंदिरों पर अपना डेरा डालेंगे।” इसी वार्ता में कटियार ने कहा कि ये जो दिल्ली की जामा मस्जिद है, वो जमुना देवी का मंदिर है।

विदित हो कि विनय कटियार ने जामा मस्जिद को जमुना देवी का मंदिर बताने से पहले ताजमहल को भगवान शिव का मंदिर बताया था। विनय कटियार ने तब कहा था कि ताजमहल का असली नाम ‘तेजोमहालय’ है और ये एक शिव मंदिर था। उनके मुताबिक, “भगवान शिव के मंदिर को तोड़कर ताजमहल बनाया गया है।”

सेना के बच्चों की “फ़ीस लिमिट” करने पर गहराया विवाद

निर्मला सीतारमण ने पाकिस्तान को दी चेतावनी
राजेश सोनी | Navpravah.com
देश की रक्षा करते हुए शहीद सैनिकों के बच्चों की ट्यूशन और हॉस्टल फीस की सीमा 10,000 रुपए तक तय करने के बाद विवाद गहराता जा रहा है इसके लिए रक्षामंत्री निर्मला सीताराम बुधवार को इस मुद्दे पर बैठक करेंगी। अहमदाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह एक भावुक मुद्दा है और मैं सेना के परिवारों का सम्मान करती हूँ, शायद इस फैसले से उनके परिवारवालों को बुरा लगा होगा।
 
बता दें कि सेना के एक वरिष्ठ अफसर ने कहा कि अगर सरकार और रक्षा मंत्रालय इस फ़ीस लिमिट की सीमा के फैसले को वापस नहीं लेती, तो सेना अपने शहीदों के परिवारों की जिम्मेदारी उठाएगी। सैन्य बलों और शहीदों के 3200 परिवार, इस फैसले को वापस लेने का इंतजार कर रहे हैं।
 
आगे उन्होंने कहा कि हमने कई बार रक्षा मंत्रालय और सरकार को चिट्ठी लिखकर इस फैसले को वापस लेने के लिए कहा, मगर सरकार ने इस फैसले पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हम शहीदों के परिवार और उनके बच्चों को संघर्ष करने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं। सेना उनके परिवार और बच्चों के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलकर साथ चलेगी। 
 
24 नवंबर को नेवी चीफ सुनील लाम्बा ने रक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखी थी। लाम्बा ने अपने चिट्ठी में लिखा था कि हमारे शहीद जवान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं, इसलिए उनके परिवार की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर आती है। उन्होंने अपने चिट्ठी के द्वारा रक्षा मंत्री से विनती की कि आप इस मुद्दे को व्यक्तिगत तौरपर संज्ञान में लें।   

सस्ते कर्ज के लिए करना होगा और इंतजार, RBI ने नहीं घटाई ब्याज दरें

आरबीआई रिपोर्ट
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समित‍ि ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आरबीआई ने रेपो रेट को 6 फीसदी पर बरकरार रखा है। सस्ते कर्ज के लिए अभी आम आदमी को फरवरी तक इंतजार करना पड़ेगा।
एमपीसी की तरफ से रेपो रेट में कटौती न किए जाने के लिए महंगाई को जिम्मेदार बताया है। एमपीसी ने कहा है कि महंगाई को 4 फीसदी के दायरे में बांधे रखने के लिए और ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए यह फैसला लिया है। आरबीआई ने महंगाई के अनुमान में बदलाव कर दिया है, उसने कहा है कि दिसंबर और मार्च की तिमाही में महंगाई 4.3 से 4.7 फीसदी के बची रहेगी। अक्टूबर की मीटिंग में एमपीसी ने इसे 4.2 से 4.6 की रेंज में रहने का अनुमान लगाया था।
आरबीआई ने कहा कि हाल के दिनों में सब्ज‍ियों के दाम में काफी बढ़ोत्तरी हुई है, हालांकि आने वाले वक्त में इससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दालों की कीमत भी कम होने लगी हैं, जीएसटी परिषद ने भी कई उत्पादों के रेट घटाकर कम कर दिया है। बता दें, रिवर्स रेपो रेट वह रेट होता है, जिस पर देश का केंद्रीय बैंक बैंकों से लोन लेता है, आसान शब्दों में कहें तो जिस तरह आप बैंक से लोन लेने पर इस पर ब्याज चुकाते हैं, उसी तरह आरबीआई भी बैंकों से पैसे लेने के लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि देता है, रेपो रेट जितना ज्यादा होगा, बैंकों को उतना ज्यादा फायदा मिलेगा।
रेपो रेट  को बढ़ाने से महंगाई  पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है, दरअसल जब भी रेपो रेट बढ़ता है, तो ऐसे में बैंक आरबीआई से कम कर्ज लेते हैं, इससे इकोनॉमी में मनी सप्लाई में कमी आती है और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद म‍िलती है। आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में कोई बदलाव न करने से सस्ते कर्ज का इंतजार और बढ़ गया है, इसके बाद अब सीधे फरवरी में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की मीटिंग होनी है, कर्ज सस्ते होने की उम्मीद अब फरवरी तक लटक गई है।

उत्तर प्रदेश: महिला एसएसपी ने थाने में लगाई सपा नेता को फटकार, वीडियो हुआ वायरल

वीडियो हुआ वायरल

एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com

सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला एसएसपी सपा नेता को फटकार लगाते नजर आ रही हैं। जिसमें महिला एसएसपी सपा नेता से कहती नजर आ रही है कि पांच साल बहुत हुआ अब यह सब नहीं चलेगा।
 
बता दें की यह वीडियो 3 दिसंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में महिला एसएसपी जिन लोगों को डांट लगा रही है वे समाजवादी पार्टी की नेता हैं। 2.30 मिनट के इस वीडियो को अबतक 3 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
 
 वीडियो देखने के बाद पता चल रहा है कि पुलिस द्वारा सपा नेता के ड्राइवर और रसोइए हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद सपा नेता अपने समर्थकों के साथ एसएसपी के दफ्तर पहुंची थी। एसएसपी, समाजवादी नेता के साथ पहुंचे 15 से 20 लोगों  के साथ सख्ती से बात करती नजर आ रही है। एसएसपी ने सपा के नेताओं को डांट लगाते हुए कहा कि तुमलोग मेरे एसओ को कहते हो कि तेरी हमारे सामने आने की औकात क्या है। अब हम बताएँगे हमारी औकात। ये सब अब कतई स्वीकार्य नहीं है। 
 
दरअसल सपा नेता अपने कर्मचारियों को छुड़ाने पहुंची थी। पुलिस ने कहा कि हम थोड़ी पूछताछ के बाद हम इन्हे छोड़ देंगे वार्ना आप मुख्य आरोपी को हमारे सामने पेश कीजिये। इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर इस महिला एसएसपी की बहुत तारीफ कर रहे हैं। अनिल नाम से एक ट्वीटर इस्तेमाल करने वाला लड़का लिखता है कि हमारे देश में ऐसे अधिकारियों की जरुरत हैं।

8 महीने पहले फेंका था सेना पर पत्थर, अब बनी फ़ुटबाल टीम की कप्तान

कश्मीरी फुटबॉल टीम कप्तान
एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

कश्मीर में करीब 8 महीने पहले भारतीय जवानों पर पत्थर फेंक चुकी अफशां आशिक आज कश्मीर फुटबॉल टीम की कप्तान हैं। सोमवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अफशां ने दिल्ली में मुलाक़ात की।
 
श्रीनगर में रहने वाली अफशां ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए बताया कि हमने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से कश्मीर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग की है। जिसके बाद गृहमंत्री ने तुरंत महबूबा मुफ़्ती से बात कर इस बात पर ध्यान देने को कहा और जरुरी मदद करने की सलाह दी।
 
अफशां ने बताया कि उन्होंने अपनी पिछली ज़िन्दगी को पूरी तरह से भुला दिया है और वह दुबारा उन बातों को याद नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवाओं में बेहद टैलेंट है, बस उन्हें किसी बेहतर माध्यम की जरूरत है, ताकि वह दुनिया में खुलकर अपना जौहर दिखा सकें।
 
बता दें कि कश्मीर में युवाओं को सुधारने हेतु केंद्र सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये पीएम स्पेशल पैकेज के तहत दिए जा चुके हैं। अब युवाओं को आतंकवाद की ओर रुख करने के बजाय, उन्हें एक बेहतर जीवन के लिए मार्गदर्शन के साथ-साथ बेहतर सुविधाएँ भी दी जाएंगी।

बाबरी कांड की बरसी पर जेएनयू में सुब्रमण्‍यम स्‍वामी का कार्यक्रम हुआ रद्द

सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर दिया विवादित बयान
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
बाबरी कांड की बरसी पर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में सुब्रमण्यन स्वामी का एक कार्यक्रम होने वाला था, जिसे रद्द कर दिया गया है। कार्यक्रम रद्द होने पर भड़के स्वामी ने इसे असहिष्णुता की हद बताया है। 
स्वामी ने कहा, जेएनयू में असहिष्णुता की हद हो गई और अब हम समझ गए हैं कि जेएनयू का सहिष्णुता का क्या स्तर है। वहां जरूर वीसी पर दबाव बनाया गया होगा, इसी वजह से मेरे कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। टाइम्स नाउ के मुताबिक स्वामी ने कहा, लेफ्ट अब डर गया है। सभी हिंदू अब एक हो चुके हैं और यूनिवर्सिटी के वीसी काफी दुर्बल हैं, उन्होंने कार्यक्रम रद्द करने की कोई भी वजह नहीं बताई है। 
जेएनयू के हॉस्टल कोयना के मेस में शाम 9.30 बजे ‘अयोध्या में राम मंदिर क्यों बनना चाहिए’ इस मुद्दे पर स्वामी का कार्यक्रम था। यह कार्यक्रम बाबरी कांड की 25वीं बरसी के मौके पर होना था। हालांकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के लीडर और पूर्व जनरल सेक्रेटरी प्रकाश करात का भी बुधवार को साबरमती मेस में 9.30 बजे कार्यक्रम होना था, जिसे रद्द नहीं किया गया है।
बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को आज 25 साल हो गए हैं। ये एक ऐसी घटना थी जिसने पूरे देशे के धार्मिक सौहार्द को हिलाकर रख दिया था। 6 दिसंबर 1992 को हिंदू कार सेवकों की लाखों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद के ढांचे को ढहा दिया गया था।

दिल्ली में रहना होगा महंगा, आय के हिसाब से लगेगा प्रोफेशनल टैक्‍स

उत्तर दिल्ली नगर निगम

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com

दिल्ली में रहना अब और महंगा होने वाला है, उत्तरी दिल्ली नगर निगम अब आय के हिसाब से प्रोफेशनल टैक्‍स लगायेगा। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ढाई लाख से ज्यादा कमाने वालों से सालाना 1200 से 2500 रुपए टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सामने कमिश्नर ने प्रोफेशनल टैक्स वसूलने का प्रस्ताव रखा है। नगर निगम इस टैक्स को वसूलने के लिए एक सेल बनाएगा, जो आयकर विभाग की मदद से ये काम करेगा। प्रस्‍ताव के अनुसार, 2.5 लाख सालाना कमाने वालों से 1200 रुपए टैक्स, 5 से 10 लाख सालाना आमदनी वालों से 2400 रुपए और 10 लाख से ज्यादा आमदनी वालों से 2500 रुपए सालाना टैक्स लिया जाएगा।

उत्तरी दिल्ली नगर करीब 3300 करोड़ रुपए के घाटे में चल रही है। इसी के चलते प्रापर्टी टैक्स में भी 15 फीसदी बढ़ोतरी का इरादा है। यही नहीं, अगर आपके इलाके के आसपास फ्लाईओवर या मेट्रो स्टेशन बना तो संपत्ति कर के अलावा आपको बेटरमेंट टैक्स के तौर पर 15 फीसदी ज्यादा देना पड़ेगा। उत्तरी दिल्ली नगर निगम को उम्मीद है कि प्रोफेशनल टैक्स लगाने से करीब 100 करोड़ और बेटरमेंट टैक्स से करीब 450 करोड़ की आमदनी होगी, जिससे दिल्ली की माली हालत में सुधार होगा।

गुजरात दंगा: मुसलमानों को उकसा रही है कांग्रेस -शिया वक्फ बोर्ड

वसीम रिज़वी ने दिया बयान
राजेश सोनी | Navpravah.com
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कांग्रेस पार्टी पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गुजरात चुनाव में मुसलमानों को गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए उकसा रही है। रिजवी ने आगे कहा कि 2002 के दंगों के बाद गुजरात में पिछले 15 सालों से पूरी तरह शांति है और वहां कोई धार्मिक हिंसा नहीं हुई है।2002 के दंगों में हजारों लोगों ने अपनी जान गवाई थी और अरबों की संपत्तियां तबाह हुई थी।   
बता दें कि वसीम रिजवी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा गुजरात चुनाव में मुसलमानों को समझा रही है कि अगर मौजूदा सरकार चली जाती है तो आप कांग्रेस की सरकार में सर उठाकर जीयेंगे। आगे रिजवी ने कहा कि कांग्रेस गुजरात में मुसलमानों के दिमाग में भर रही है कि कांग्रेस सरकार आने के बाद 2002 के गुजरात दंगों का बदला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, यह बहुत ही गंभीर मामला है। 
 
पिछले 15 सालों से गुजरात में शान्ति है। वहीं कांग्रेस इस शांत गुजरात में कहीं न कहीं गुजरात दंगों की वापस चिंगारी पैदा कर रही है, जिसके कारण गुजरात का माहौल बिगड़ सकता है। रिजवी ने मुसलमानों को हिदायत देते हुए कहा कि अब सब मुसलमानों पर निर्भर करता है कि वे किसे चुनते हैं, विकास को या विनाश को। कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों को नुकसान पहुँचाया है।
राम मंदिर विवाद पर बोले रिजवी  
राम मंदिर को लेकर रिजवी ने गंभीर आरोप लगाएं और कहा कि राम मंदिर को कांग्रेस बनने से रोक रही है। कांग्रेस कभी इस मुद्दे को हल होते नहीं देखना चाहती है और हमेशा इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। अगर इस मंदिर-मस्जिद विवाद पर कोई राजनीति कर रहा है, तो वह है कांग्रेस, क्योंकि कांग्रेस न मंदिर बनने देना चाहती है और न मस्जिद।

कश्मीर में तिरंगा लहराते हुए शिवसैनिक गिरफ्तार, अब्दुल्ला ने दी थी चुनौती 

फारूक अब्दुल्ला

राजेश सोनी | Navpravah.com

कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। कुछ दिन पहले ऐसा ही एक बयान उन्होंने भारत सरकार को चुनौती देते हुए दिया था। अब्दुल्ला ने अपने बयान में कहा था कि अगर किसी में हिम्मत हो, तो कश्मीर के लालचौक पर जाकर तिरंगा लहराकर दिखाए। शिवसेना ने अब्दुल्ला की चुनौती को स्वीकार किया था। 
 
बता दें कि फारूक अब्दुल्ला के इस चुनौती को स्वीकार करते हुए, जम्मू के 9 शिवसैनिक अपने हाथ में भारत का तिरंगा लेकर लालचौक पहुँच गए थे। वहां जाकर इन शिवसैनिकों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। बाद में इन्हें पुलिस ने अपने हिरासत में ले लिया। 
 
गौरतलब है कि फारूक ने कुछ दिन पहले विवादित बयान दिया था कि अगर भारत सरकार और यहाँ के लोगों में दम हो तो कश्मीर के लालचौक पर देश का तिरंगा लहराकर दिखाए। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि पीओके में  तिरंगा लहराना भारत के लिए तो दूर की बात है पहले कश्मीर में तो तिरंगा लहराकर दिखाओ। इस बयान पर शिवसैनिकों ने कदम उठाया और वे लालचौक पर तिरंगा लेकर पहुँच गए। 

अयोध्या विवादः 8 फरवरी के बाद न टले केस की सुनवाई -सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या विवाद की रोजाना सुनवाई की याचिका की रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या विवाद की रोजाना सुनवाई की याचिका की रद्द
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
बाबरी मस्जिद विध्वंस को आज 25 साल पूरे हो गए हैं। कल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सुन्नी बोर्ड की ओर से पक्ष रखते हुए वकील कपिल सिब्बल ने इस केस की सुनवाई को 2019 तक टालने की बात कही, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को मानने से इंकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि बाहर क्या चल रहा है, इससे फर्क नहीं पड़ता है, कोर्ट तथ्यों पर केस को सुनता है। इसके अलावा कोर्ट ने बड़ी बेंच की मांग को भी ठुकरा दिया, उन्होंने कहा कि सुनवाई 3 जजों की मौजूदा बेंच ही करेगी। कोर्ट ने वकीलों से कहा कि 8 फरवरी तक अपने सभी दस्तावेज तैयार कर लें, क्योंकि उसके बाद तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि अगर वकीलों को मामले को लेकर कोई भी समस्या आती है, तो वह सीधे तौर पर चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया से संपर्क कर सकते हैं।
सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सुनवाई को जुलाई 2019 तक टाल दिया जाए, क्योंकि मामला राजनीतिक हो चुका है। सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को देश में गलत संदेश नहीं भेजना चाहिए, बल्कि एक बड़ी बेंच के साथ मामले की सुनवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण बीजेपी के 2014 के घोषणापत्र में शामिल है, कोर्ट को बीजेपी के जाल में नहीं फंसना चाहिए।
दूसरी ओर राम लला की ओर से वकीलों ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दूसरे पक्षकार कोर्ट को केस का राजनीतिक प्रभाव ध्यान में रखने को कह रहे हैं। रामलला का पक्ष रख रहे हरीश साल्वे ने कोर्ट में बड़ी बेंच बनाने का विरोध किया और कहा कि बेंच को कोर्ट के बाहर चल रही राजनीति पर ध्यान नहीं देना चाहिए।