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Wednesday, August 19, 2026
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गुजरात चुनाव: पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार का आज आखिरी दिन, सभी पार्टियों ने झोंकी ताकत

गुजरात चुनाव
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का आज प्रचार अभियान रुक जाएगा। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों ने मैदान में अपनी ताकत झोंक दी है। सुबह से ही चुनाव प्रचार के लिए गुजरात की गलियों में हलचल देखने को मिल रही है।
गुजरात में आज शाम से प्रचार-प्रसार का शोर थम जाएगा, 9 दिसंबर को पहले चरण में 89 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं की सभा भी है।
पहले चरण के चुनाव के लिए पीएम मोदी गुजरात में 14 से ज्यादा सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी दर्जनों रैलियां कर चुके हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खुद रैलियों में कह चुके हैं कि वह विकास के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी से जवाब चाहते हैं, लेकिन सीधा जवाब नहीं मिलता है।
वहीं, पहले चरण में राज्य की 182 विधानसभा सीटों में से 89 सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में चुनाव होगा। पहले चरण के मतदान में प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत 977 उम्मीदवारों की साख दांव पर लगी हुई है।
भाजपा का मुकाबला इस बार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और केजरीवाल से है। राहुल गांधी पटेल समुदाय के उभरते हुए नेता हार्दिक पटेल के साथ हाथ मिलाकर गुजरात के रण को जीतने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं, केजरीवाल द्वारा आप पार्टी के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद ऐसा माना जा रहा है कि 5 राज्यों में हुए चुनावों की हार से मिलें जख्मों को वो गुजरात विधानसभा चुनावों के जरिए भरने की कोशिश करने वाले हैं।

मध्यप्रदेश: बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी पर भड़की धार्मिक हिंसा 

मध्यप्रदेश में धार्मिक हिंसा भड़की

एनपी न्यूज़ डेस्क । Navpravah.com

अयोध्या की विवादित बाबरी मस्जिद विध्वंस की 25वीं बरसी के मौके पर मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक जुलूस का आयोजन किया गया था। इस जुलूस का आयोजन बजरंगदल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने किया था। उज्जैन में निकाले जा रहे इस जुलुस में कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद इस क्षेत्र में हिंसा भड़क गई। 
 
यह हिंसा उज्जैन के तोपखाना इलाके में हुई थी। लोगों को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस प्रशासन को बल प्रयोग के साथ-साथ आंसू गैस भी छोड़नी पड़ी। इस हिंसक भीड़ ने वाहनों के साथ-साथ सरकारी प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुँचाया। 
 
बता दें कि बुधवार को बजरंगदल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने अयोध्या की विवादित बाबरी मस्जिद विध्वंस की 25वीं बरसी के मौके पर एक जुलूस का आयोजन किया था। जैसे ही यह जुलूस उज्जैन के तोपखाना से गुजर रहा था वैसे ही वहां कुछ लोगों ने जुलुस में चल रहे लोगों पर पत्थर बाजी शुरू कर दी। जिसके कारण जुलूस में शामिल लोगों ने जवाब में पथराव शुरू कर दिया और देखते ही देखते इस पत्थर बाजी ने धार्मिक हिंसा का रूप धारण कर लिया। हिंसा के दौरान दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे के आमने-सामने आ गए थे। 
 
उज्जैन जिला कलेक्टर संकेत भोंदवे ने बताया कि पुलिस ने स्फूर्ति के साथ दंगे फैलने से रोक दिए। फिलहाल स्थिति इस वक़्त नियंत्रण में है। इसी तरह की पथराव की घटना महाकाल स्क्वायर में भी हुई, पर वहां भी पुलिस ने सही समय पर कार्यवाई कर दंगे होने से रोक दिए। 
 
वहीं अयोध्या की विवादित बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर जनता को उत्तेजित करने का मामला उत्तर प्रदेश में भी सामने आया था। वहां नेशनल पॉपुलर फ्रंट नाम के एक मुस्लिम कट्टरपन्ति संगठन ने हिन्दू समाज को भड़काने वाले बैनर बिजनौर शहर में लगाए थे। जिसे शहर का माहौल ख़राब हो जाए और दंगे भड़क जाए। 

गुजरात चुनाव: कपिल सिब्बल के बयान से बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें

कपिल सिब्बल ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
राजेश सोनी | Navpravah.com
एक तरफ राहुल गांधी गुजरात चुनाव में मंदिर-मंदिर जाकर सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेल रहे हैं। वहीं दूसरे तरफ उनके पार्टी के नेता और जाने-माने वकील कपिल सिब्बल ने अयोध्या मुद्दे पर बयान देकर अपने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मुद्दे की सुनवाई को 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद तक टालने की बात कही थी, जिसके बाद इस बयान ने भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का एक मौका दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे की सुनवाई को फरवरी तक स्थगित कर दिया है।
 
प्रधानमंत्री मोदी पहले से ही अपने जनसभा में अयोध्या विवाद को लेकर कांग्रेस को घेर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर भाजपा चुनावों के बारे में सोचती, तो हम कभी भी तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को आजादी नहीं दिला पाते। मोदी ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करने को कहा है। भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह भी प्रेस वार्ता कर राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस को घेर चुके हैं। 
 
बता दें कि भाजपा ने तीन तलाक के मुद्दे को उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान खूब भुनाया था। जिसके कारण भाजपा को उत्तर प्रदेश चुनाव में बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई थी। भाजपा अब अयोध्या मामले को भी गुजरात चुनाव में भुनाना चाहती है और इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा गुजरात चुनाव में हासिल करना चाहती है।  
 
गुजरात चुनाव-प्रचार की शुरुआत से ही भाजपा राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के मुद्दे पर कांग्रेस को खींचने की तमाम कोशिशें कर रही है, वहीं कांग्रेस, गुजरात चुनाव में जाति-धर्म का कार्ड खेल रही है। गुजरात चुनाव 2 चरणों में होगा और यहाँ  9 और 14 दिसंबर को वोट पड़ेंगे। अब तो आनेवाली 18 तारीख ही बताएगी, कौन जीतेगा और कौन हारेगा।

सरकारी योजनाओं से 31 मार्च तक लिंक करा सकेंगे आधार

आधार कार्ड से लीक हो सकती है निजी जानकारी
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
केंद्र सरकार की तरफ से आम आदमी को राहत देने वाली खबर सामने आयी है। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड को अब 31 मार्च 2018 तक लिंक किया जा सकेगा।
इस बारे में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आधार की अनिवार्यता को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान यह बात कही।इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी कर आधार की अनिवार्यता की डेडलाइन को बढ़ाया जाएगा। अब तक सरकार की अधिकतर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 31 दिसंबर 2017 तक आधार कार्ड को लिंक कराना जरूरी था। आज सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने यह बात बताई।
केस की सुनवाई के दौरान आधार कार्ड की अनिवार्यता को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से मामले को तेजी से निपटाने की भी मांग की है। पिछले दिनों आधार की अनिवार्यता पर रोक की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक बेंच गठित करने का आदेश दिया था।
31 मार्च 2018 तक आधार लिंकिंग की सुविधा केवल उन्हीं लोगों को दी गई है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को आधार से जोड़ने के केंद्र सरकार के कदम पर रोक की मांग करने वाली अंतरिम याचिकाओं पर सुनवाई के लिए अगले सप्ताह संविधान पीठ गठित करेगा।

राहुल गांधी ने किया पीएम मोदी से 9वां सवाल

राहुल गाँधी ने पीएम से पूछा नौवां सवाल
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक और सवाल किया। इस सवाल में उन्होंने फसल बीमा से लेकर कर्ज माफी और फसल के दामों का मुद्दा उठाया है। राहुल का यह प्रधानमंत्री से 9वां सवाल है।
राहुल ने ट्वीट करके सवाल पूछा कि ‘न की कर्ज माफी, न दिया फसल का सही दाम, मिली नहीं फसल बीमा राशि, न हुआ ट्यूबवेल का इंतजाम, खेती पर गब्बर सिंह की मार, छीनी जमीन, अन्नदाता को किया बेकार।’ इसी सवाल में राहुल आगे पूछते हैं, “PM साहब बतायें, खेडुत (किसानों) के साथ क्यों इतना सौतेला व्यवहार?”
इससे पहले राहुल ने अपने सवालों में शिक्षा, बेरोजगारी, उद्योग धंधे आदि के खस्ताहाल पर सवाल उठाए थे। राहुल ने इसके लिए एक अभियान ’22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब’ नाम से शुरू किया हुआ है। अपने 8वें सवाल पर उन्होंने कुपोषण का मुद्दा उठाते हुए ट्वीट किया था कि 39% बच्चे कुपोषण से बेजार, हर 1000 में से 33 नवजात मौत के शिकार, चिकित्सा के बढ़ते भाव, डॉक्टरों का घोर अभाव, भुज के मित्र को 99 साल के लिए दिया सरकारी अस्पताल, क्या यही है आपके स्वास्थ्य प्रबंध का कमाल?’
गुजरात में नौ दिसंबर को पहले चरण के लिए मतदान होगा और इसके लिए आज शाम से ही चुनाव प्रचार थम जाएगा। गुजरात में कांग्रेस कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें राहुल गांधी को महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता शहजाद पूनावाला ने भी चुनौती दी है। पूनावाला ने राहुल को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने पर सवाल उठाए थे।

पीएम मोदी ने ‘ओखी’ तूफान से की कांग्रेस की तुलना

पीएम मोदी ने कांग्रेस की तुलना ओखी तूफान से की
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
पीएम मोदी ने बुधवार को एक रैली में चक्रवाती तूफान ओखी का जिक्र करते हुए कहा कि वह राज्य में दस्तक देने के लिए तैयार था, लेकिन दे नहीं पाया, इसी तरह कांग्रेस गुजरात में अपने पांव नहीं जमा पाएगी। ओखी के बारे में चेतावनियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा, जिसको लेकर बड़ा माहौल बनाया जाता है और कहा जाता है कि वह आ रहा है, वह कभी नहीं आता।
कांग्रेस राज्य में प्रचार के दौरान दावा कर रही है कि वह चुनाव जीतने जा रही है, चक्रवाती तूफान मंगलवार को गुजरात की तरफ आया था, लेकिन बुधवार को कमजोर पड़ने के कारण अरब सागर से आगे नहीं बढ़ पाया। पीएम ने कहा, हम ऐसे महान नेताओं को नमन करते हैं। गुजरात में विकास कार्यो को जारी रखते हुए, गुजरात के लोगों को महान नेताओं का सम्मान करना चाहिए।
तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी ने कहा, “उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान, सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को इस मुद्दे के प्रति हलफनामा दर्ज करने के लिए कहा था। कई लोगों ने मुझे चेतावनी दी कि यूपी में चुनाव आ रहे हैं इसलिए हम ऐसा करने का जोखिम नहीं उठा सकते। कई लोग उम्मीद कर रहे थे कि मोदी सर्वोच्च न्यायालय से समय लेंगे, लेकिन मैंने कहा, जब सवाल हमारी मुस्लिम महिलाओं को लेकर है तो मुझे समय क्यों चाहिए, मुझे चुनाव की परवाह नहीं है।
प्रधानमंत्री ने भीड़ को सौर पंप का व्यावहारिक समाधान करने के लिए केंद्र सरकार के अभियान के बारे में बताया और कहा कि यह कार्य प्रगति पर है, जो किसान का जीवन आसान बना सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम को घोषित किया इजराइल की राजधानी!

US President-elect Donald Trump speaks during a press conference January 11, 2017 at Trump Tower in New York. Trump held his first news conference in nearly six months Wednesday, amid explosive allegations over his ties to Russia, a little more than a week before his inauguration. / AFP / TIMOTHY A. CLARY (Photo credit should read TIMOTHY A. CLARY/AFP/Getty Images)

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ऐलान किया कि अमेरिका यरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे रहा है। ट्रंप ने कहा, “अतीत में असफल नीतियों को दोहराने से हम अपनी समस्याएं हल नहीं कर सकते।”

कहा जा रहा है कि यरुशलम के इजराइल की राजधानी बनने के बाद मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया तेज होगी और टिकाऊ समझौते के रास्ते खुलेंगे। ट्रंप की इस घोषणा से पहले जर्मनी के विदेश मंत्री ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने येरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी तो इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ट्रंप की योजना की आलोचना करते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान सरकार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, रूहानी ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन से फोन पर बात भी की और ट्रंप की घोषणा को ‘गलत, अवैध, भड़काऊ एवं बेहद खतरनाक’ बताया है।

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, यरुशलम प्राचीन काल से यहूदी लोगों की राजधानी रहा है और आज की वास्तविकता यह है कि यह शहर सरकार, महत्वपूर्ण मंत्रालयों, इसकी विधायिका, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र है।

एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम उठाने के साथ ट्रम्प अपना एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा करेंगे। पूर्व में राष्ट्रपति चुनाव के कई उम्मीदवार यह वादा कर चुके हैं, अपने बयान में ट्रंप तेल अवीव से अमेरिकी दूतावास को यरुशलम स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विदेश मंत्रालय को आदेश भी देंगे।

पोप फ्रांसिस ने भी इस कदम को लेकर ‘‘गंभीर चिंता’’ जतायी और संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप शहर की यथास्थिति का सम्मान करने की प्रतिबद्धता जताने की अपील की है, हालांकि यरुशलम में एक कार्यक्रम में शामिल हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप की घोषणा पर कोई टिप्पणी नहीं की।

आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
headlines of the day

1) गुजरात चुनाव: प्रथम चरण चुनाव प्रचार अभियान का आज आखिरी दिन, रैलियों की भरमार।

2) भगवान जब चाहेगा, तभी बनेगा राम मंदिर -कपिल सिब्बल

3) दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, पंजाब-हरियाणा सरकार पेश करेगी एक्शन प्लान।

4) नासिक: अंध विश्वास के चलते की 2 बहनों की हत्या, 11 आरोपियों को उम्रकैद

5) ‘कांग्रेस वोट बोर्ड’ ने अयोध्या मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने की मांग की -बीजेपी प्रवक्ता

6) उत्तरी सेना कमांडर ने की कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, शांति बहाल करने के लिए सुरक्षाबालों की प्रशंसा की।

7) तीसरी और चौथी तिमाही में बढ़ सकती है महंगाई -आरबीआई

8) हॉकी वर्ल्ड लीग: ‘सडन डेथ’ में बेल्जियम को शूट कर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत।

9) कोटला टेस्ट: ड्रॉ हुआ टेस्ट पर भारत ने जीती लगातार नौवीं सीरीज, विराट टीम ने की ऑस्ट्रेलिया की बराबरी।

10) वासेनार की सदस्यता के लिए भारत की संभावनाएं ‘बहुत अच्छी’ -रूस

आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में भूकम्प के तेज़ झटके, ऋषिकेश रहा केंद्र।

बीजेपी को शिकस्त देने के लिए कांग्रेस ने थामा मोदी आलोचक कुलदीप शर्मा का हाथ।

भाजपा नेता विनय कटियार का विवादित बयान, कहा, “जामा मस्जिद था पहले जमुना देवी का मंदिर।”

सेना के बच्चों की “फीस लिमिट” करने पर गहराया विवाद।

बाबरी कांड की बरसी पर जेएनयू में सुब्रमण्यम स्वामी का कार्यक्रम हुआ रद्द।

कश्मीर में तिरंगा लहराते हुए शिवसैनिक गिरफ्तार, अब्दुल्ला ने दी थी चेतावनी।

दिल्ली में रहना होगा महंगा, आय के हिसाब से लगेगा प्रोफेशनल टैक्स।

शिया वक़्फ़ बोर्ड ने कहा, “मुसलमानों को उकसा रही है कांग्रेस।”

बिहार सरकार ने दिया झटका, 80 हज़ार स्वास्थ्य कर्मचारी होंगे बर्खास्त।

कोटला टेस्ट: ड्रॉ पर खत्म हुआ भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच, पांचवे दिन गिरे सिर्फ 2 विकेट।

बिहार सरकार ने दिया झटका, 80 हजार हेल्थ कर्मचारी होंगे बर्खास्त

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

पिछले तीन महीने से बिहार के स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। ऐसे में हड़ताल से परेशान होकर बिहार सरकार ने एक कड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए 80,000 स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के आदेश दिया है।

इस फैसले के तहत सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर.के महाजन द्वारा सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जनों को एक पत्र जारी किया है, जिसमें हड़ताल पर गए सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा ख़त्म करने के आदेश हैं। साथ ही उस पद पर नई भर्ती कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

4 दिसंबर से तकरीबन 80 हजार स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर हैं। इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें हेल्थ मैनेजर, फार्मासिस्ट, ओटी असिस्टेंट, टेक्नीशियन, डाटा ऑपरेटर और काउंसलर शामिल है, जिससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगा गई है। वहीं हड़ताली स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थाई स्वास्थ्यकर्मियों की तरह समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने और उनकी सेवाएं स्थाई करने की मांग की है।

इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर.के. महाजन ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जनों को जो पत्र लिखकर स्वास्थ्यकर्मियों की अनुशासनहीनता को देखते हुए उन्हें ड्यूटी से तत्काल बहाल करने की मांग की है। गुस्साए स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार से सीधे शब्दों में अपना आंदोलन और उग्र करने की बात कही है। इतना ही नहीं, यदि उसकी मांगे पूरी नहीं की जाती हैं, तो वह आत्मदाह भी कर सकते हैं।

विदित हो कि 80 हजार कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल स्वास्थ्यकर्मियों का एक साथ हड़ताल पर चले जाने से राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगा गई है। स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित पटना का पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल तथा नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल है। इन अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की गैरमौजूदगी के कारण कई ऑपरेशन भी रद्द करने पड़े।