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Wednesday, August 19, 2026
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गुजरात चुनाव से गायब है गुजरात मॉडल 

BJP ही जीतेगी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव
राजेश सोनी | Navpravah.com
लोकसभा चुनाव में अगर भाजपा ने जीत के लिए किसी शब्द का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया था, तो वह था गुजरात मॉडल। लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में गुजरात मॉडल नदारद है। गुजरात चुनाव इस बार औरंगजेब, शाहजहां, जनेऊ धारी हिन्दू और जवाहरलाल नेहरू की भूमिका के मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं। गुजरात मॉडल के कारण भाजपा को देश की जनता ने 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का मौका दिया।
गुजरात मॉडल को 2014 में आधारभूत संरचनाओं, सड़क आदि के लिए संपन्न राज्य बताया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने गुजरात मॉडल का मायना समझाया। बीजेपी ने बताया कि कैसे गुजरात की तरह देश को भी संपन्न बनाया जा सकता है। गुजरात मॉडल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस’ के लिए है, जिसके तहत नैनो प्लांट को सिंगुर से साणंद लाया गया। 
 
भाजपा, कांग्रेस पर जाति-धर्म की विवादित राजनीति करने का आरोप लगा रही है। इस मसले पर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस, गुजरात चुनाव के लिए बाहरी नेताओं को तवज्जो दे रही है। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये राज्य की जनता को जाति-धर्म के आधार पर बाँट रहे हैं।
 
गौरतलब है कि महात्मा गाँधी और सरदार पटेल जैसे बड़े नेता गुजरात से ही आते हैं। अब इस राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बोलबाला है। 

कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों में है मुगलई संस्कृति -आम आदमी पार्टी

आप नेता संजय सिंह ने दिया विवादित बयान
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
आप नेताओं ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर वंशवाद को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ‘आप’ नेता संजय सिंह ने कहा कि वंशवाद को लेकर जितनी मुगलई संस्कृति कांग्रेस पार्टी में है, उतने ही बाबर और औरंगज़ेब भारतीय जनता पार्टी में भी हैं।
संजय सिंह ने कहा कि अगर राजीव गांधी के पुत्र राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर सांसद बनते हैं, तो बीजेपी में प्रेम कुमार धूमल के पुत्र अनुराग ठाकुर भी सांसद बनते हैं और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह भी उत्तर प्रदेश में विधायक बनते हैं।
संजय सिंह ने आगे कहा कि अगर दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित सांसद बनते हैं, तो भाजपा में भी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र प्रवेश वर्मा भी सांसद बनते हैं। इसलिए देखा जाये तो दोनों पार्टियों में मुगलई संस्कृति है।
‘आप’ नेता आशुतोष ने भी कांग्रेस और बीजेपी के वंशवाद पर हमला किया है। आशुतोष ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी में विजया राजे सिंधिया उपाध्यक्ष रहीं हैं और उनके बेटे माधवराव सिंधिया पहले बीजेपी में रहे उसके बाद कांग्रेस में चले गए। माधव राव सिंधिया के बेटे ज्योतिर्दित्या सिंधिया आज भी कांग्रेस में हैं।
‘आप’ नेताओं ने वंशवाद पर बीजेपी को चुनौती दी है कि वो आम आदमी पार्टी की तरह संविधान में ये प्रावधान करें, जहां एक परिवार से दो सदस्य ना तो संगठन के पद पर होंगे और ना ही चुनाव लड़ सकेंगे।

धारा 370 को लागू करने के खिलाफ थे अम्बेडकर

धारा-370 के खिलाफ थे अम्बेडकर
राजेश सोनी | Navpravah.com
भारत में 6 दिसंबर महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज भारत के संविधान जनक बाबासाहेब अम्बेडकर की पुण्यतिथि है। अम्बेडकर एक अर्थशास्त्री और समाज सुधारक थे। उन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी समाज में दलित, महिला और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ सामाजिक भेदभाव खत्म करने में खपा दी।
आज अम्बेडकर की 61वीं पुण्यतिथि है। बता दें कि अम्बेडकर ने कभी भी कश्मीर में धारा 370 का समर्थन नहीं किया। उन्होंने हमेशा कश्मीर में धारा 370 को लागू करने का विरोध किया था। अम्बेडकर भारतीय संविधान की धारा 370, जिसके अनुसार जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्‍त है, के सख्‍त खिलाफ थे। उन्हें लगा कि यह भेदभावपूर्ण है और एकता और अखंडता के सिद्धांतों के खिलाफ है।
धारा 370 के कारण आज कश्मीर का अपना अलग झंडा है और वहां कोई हिंदुस्तानी अगर वह कश्मीर का न हो तो जमीन नहीं खरीद सकता। जिसके कारण कश्मीर में बेरोजगारी बढ़ रही है और युवा आंतकवाद का रास्ता अपना रहे हैं। 

बीजेपी नेता का विवादित बयान, कहा, “खिलजी की औलाद हैं राहुल”

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर देश की सियासत में गरमाया है। नेताओं की बयानबाजी भी लगातार जारी है, इसी क्रम में बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी राहुल पर हमला बोला है।
बीजेपी सांसद साक्षी ने कहा कि राहुल गांधी खिलजी की औलाद लगते हैं, एक तरफ वो मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं, वहीं उनकी पार्टी के कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में मंदिर का विरोध कर रहे हैं। अगर मंदिर 2019 से पहले नहीं बना, तो देश के लोगों के साथ अन्याय होगा। साक्षी के इस ट्वीट पर कांग्रेस नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया कि बीजेपी प्रवक्ता के बयान को देखें, तो उनके लिए सबसे अच्छी जगह पागलखाना है। उन्हें अपने दिमाग का इलाज करवाना चाहिए।
अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 8 फरवरी तक टल गई है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में दलील दी कि सुनवाई 2019 तक टाल दी जाए। इस मुद्दे पर मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सीधे राहुल गांधी से सवाल किया था कि राम मंदिर को लेकर आपकी पार्टी और आपका क्या स्टैंड है? अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी चाहती है कि जल्द से इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो और फैसला आए।

गुजरात चुनाव: दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पर हुआ हमला, बच गये मेवाणी

जिग्नेश मेवाणी ने उठाई दलितों के लिए आवाज
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
गुजरात विधानसभा चुनाव में मंगलवार को दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और निर्दलीय प्रत्याशी पर हमला हुआ। ये हमला तब हुआ, जब वे प्रचार कर रहे थे। इस हमले में मेवाणी बाल-बाल बच गए, लेकिन इस हमले में ठाकोर सेना का एक शख्स घायल हो गया है।
जिग्नेश मेवाणी ने ट्वीट किया है कि भाजपा और संघ को ये नहीं पता कि उनके हर हमले से मुझे भाजपा के खिलाफ लड़ने की और ताकत मिलती जा रही है, मेरे ऊपर हुए हर एक हमले के साथ तुम्हारी हार और हमारी बड़ी होती जाएगी।’ जिग्नेश मेवाणी पर जब यह हमला हुआ, उस वक्त वह बनासकांठा जिले के पालनपुर के तकरवाडा गांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर आरोपी लोगों की तलाश में जुट गई है।
युवा दलित नेता मेवाणी अहमदाबाद से उना के लिए दलित गर्व जुलूस निकालने के बाद सुर्खियों में आए थे। उन्होंने दलित जुलूस के जरिए बीते साल गोरक्षकों द्वारा सौराष्ट्र क्षेत्र में दलित चर्मकारों पर हुई ज्यादती का विरोध किया था। जिग्नेश मेवाणी ने बीते 27 नवंबर को कहा था कि वह गुजरात विधानसभा चुनावों में बनासकांठा जिले के वडगाम निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ेंगे।
राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच नेता, सामाजिक कार्यकर्ता व वकील ने अपने ट्विटर हैंडल से इसकी घोषणा की थी। मेवाणी  ने अपने एक ट्वीट में कहा था, “दोस्तों, मैं गुजरात के बनासकांठा जिले के वडगाम-11 सीट से एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ रहा हूँ, हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे।”

गुजरात के लिए पीएम मोदी के पास कुछ नहीं है : राहुल गांधी

राहुल गाँधी ने नरेन्द्र मोदी पर बोला हमला
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक सभा में पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में ज्यादातर कांग्रेस के बारे में बात कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास गुजरात के भविष्य के लिए कोई योजना नहीं है।
राहुल ने कहा कि अगर कांग्रेस गुजरात में सरकार बनाती है, तो वह जीएसटी ‘गब्बर सिंह टैक्स’ और नोटबंदी जैसे फैसले नहीं करेगी। मोदी अपने गृह राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और उसकी नीतियों की जोरदार आलोचना कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास बोलने को अब कुछ नही है।
राहुल ने कहा, कल मैंने मोदीजी का भाषण देखा, उसमें मोदीजी के भाषण का 60 फीसदी हिस्सा मुझपर और कांग्रेस पार्टी पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यह है, कांग्रेस पार्टी वह है, उन्होंने कहा कि यह विधानसभा चुनाव न तो भाजपा और न ही कांग्रेस, न नरेंद्र मोदी और न ही उनके बारे में है।
राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने कल जारी अपने घोषणा पत्र में ‘गुजरात के लोगों की आवाज’ को शामिल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक घोषणापत्र तैयार किया है, यह कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र नहीं है, इसमें गुजरात के लोगों की आवाज है। हम समाज के सभी तबके के पास गए और उनसे पूछा कि घोषणा पत्र तैयार करने से पहले हम आपके लिये क्या कर सकते हैं।’’ 
उन्होंने कहा कि मोदी जी अपने भाषणों में भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं, लेकिन वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के ‘भ्रष्टाचार’ और राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले पर चुप हो जाते हैं, लेकिन सच्चाई छुपती नही है, एक न एक दिन सबके सामने जरूर आयेगी।

आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
headlines of the day

1) गुजरात पहुंचने से पहले कमजोर पड़ा ओखी, अलर्ट अब भी जारी।

2) बैडमिंटन: भारत ने नेपाल को 3-0 से हराकर जीती दक्षिण एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप।

3) भारत-श्रीलंका: भारत जीत से 7 विकेट दूर, आज लंच से पहले हो सकता है फैसला।

4) फ़िल्म गेम ऑफ अयोध्या के डायरेक्टर को मिल रही हैं धमकियां।

5) दिल्ली के लोदी रोड में हवा बेहद खराब, pm-2.5 और pm-10 की मानक स्थिति गंभीर।

6) गुजरात चुनाव: दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पर चुनाव प्रचार के दौरान हुआ हमला, बीजेपी पर लगाया आरोप।

7) आंध्रप्रदेश में माओवादियों ने किया बारूदी सुरंग विस्फोट, पुलिस पर भी हुई गोलीबारी।

8) 3 तलाक के मसौदे पर यूपी में हरी झंडी, माना केंद्र का फैसला।

9) जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने के मामले में मैक्स अस्पताल को दोषी पाया गया।

10) जर्मनी में एक रेल हादसे में 50 लोग हुए घायल, दो रेल के टकराने से हुआ हादसा।

मंदिर-मस्जिद विवाद पर अगली सुनवाई 8 फरवरी 2018 को

एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com 
अयोध्या के मंदिर-मुस्जिद मुद्दे की सुनवाई आज से उच्चतम न्यायालय में शुरु हुई। इस सुनवाई से सभी को मुकदमें का फैसला जल्द आने के भरोसे के साथ ही उम्मीद बंधी थी कि जल्द ही ये फैसला होगा। लेकिन उच्चतम न्यायालय राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद प्रकरण में 8 फरवरी 2017 को सुनवाई करेगा।
न्यायलय ने इस अपील में एडवोकेट्स आन रिकार्ड को निर्देश दिया है कि वे एक साथ बैठकर यह सुनिश्चत करें कि सारे दस्तावेज दाखिल हों और उन पर संख्या भी लिखी हो। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई 2019 के आम चुनाव के बाद हो। इसके जवाब में यूपी सरकार की ओर से पेश हो रहे तुषार मेहता ने कहा कि जब दस्तावेज सुन्नी वक्फ बोर्ड के ही हैं, तो ट्रांसलेटेड कॉपी देने की जरूरत क्यों हैं? शीर्ष अदालत इस मामले में निर्णायक सुनवाई कर रही है।
30 दिसम्बर 2010 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसके मुताबिक, विवादित क्षेत्र की दो तिहाई जमीन हिन्दुओं और एक तिहाई मुस्लिमों को देने की बात कही गई थी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ विशेष पूर्णपीठ के आए आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में 3 जजों की पीठ ने इस पर आज से सुनवाई शुरु हुई है और वे चाहते हैंं कि मामले का निपटारा जल्द हो और रोज-रोज के झंझट से मुक्ति मिले।
अखिल भारतीय सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अनूप जार्ज चौधरी, राजीव धवन और सुशील जैन कर रहे हैं। वहीं भगवान राम लला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरण और सी एस वैद्यनाथन और अधिवक्ता सौरभ शमशेरी अदालत में पेश हुए हैं।

बैंक लूटने आया था आतंकी मूसा, भीड़ ने पत्थर मारकर भगाया

Robbery in jammu and kashmir bank

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

जम्मू-कश्मीर के नागरिकों ने आतंकियों को अपनी बहादुरी से मुहतोड़ जवाब दिया है। बैंक लूटने की नियत से कश्मीर घाटी के नूरपुरा इलाके में आए आतंकवादियों के मकसद पर पानी फिर गया। जम्मू-कश्मीर बैंक की ब्रांच में जैसे ही आतंकियों ने कदम रखा, लोगों ने पथराव करके उन्हें बाहर खदेड़ फेंका। हालांकि आतंकवादियों ने बैंक को लूटने के लिए मौजूद लोगों पर गोलियां भी चलाईं।

कश्मीर के आईजीपी मुनीर खान ने स्थानीय लोगों को उनकी बहादुरी पर बधाई देते हुए कहा कि आतंकवादी त्राल के नूरपुरा में स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक ब्रांच में घुसे थे। उनका मकसद पैसे लूटना ही था, लेकिन स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए आतंकियों खदेड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, अंसर गज़वात-उल-हिंद का आतंकवादी जाकिर मूसा दो लोगों के साथ नूरपुर ब्रांच में घुसा। इमारत में घुसते ही उसने गोलियां दागनी शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग बैंक की ओर भागे और आतंकवादियों पर पथराव शुरू कर दिया। झल्लाई भीड़ को देखते ही मूसा और उसके साथी डर गए, जिसके बाद उन लोगों ने गोलीबारी शुरू कर दी।

बता दें कि आतंकवादी बड़ी लूट के इरादे से बैंक में घुसे थे, लेकिन लोगों की बहादुरी के कारण सिर्फ 97 हजार रुपये ही लेकर जा सके। हालांकि, अवंतीपुरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। जुलाई में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी मूसा को अंसार गजवात-उल-हिंद का सरगना बना दिया गया था। यह जम्मू-कश्मीर में अल-कायदा की नई यूनिट है।

परीक्षार्थियों से TET के लिए वसूली जा रही मोटी फीस

परीक्षार्थियों की हालत खराब
राजेश सोनी | Navpravah.com 
भारत विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन भारत में इस समय गुरु (शिक्षक) बनना कतई आसान नहीं है। इसके पीछे की वजह है राज्यों द्वारा परीक्षार्थियों से टीचर्स एलेजिबिलिटी टेस्ट ( टीईटी) आवेदन के लिए वसूली जा रही मोटी फीस।
बता दें कि अध्यापक बनने के लिए पात्रता परीक्षा के रूप में आयोजित होने वाले टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट के आवेदन की फीस हरियाणा में सबसे ज्यादा है। हरियाणा में टीईटी के आवेदन के लिए एससी, एसटी और ओबीसी वालों से 500 रुपए लिए जाते हैं, वहीं जनरल केटेगरी वाले लोगों से 2400 रुपए तक वसूले जाते हैं। हरियाणा के बाद मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है, जो टीईटी के लिए 1300 रुपए तक आवेदन फीस वसूलता है। 
वहीं केंद्रीय विद्यालयों-केंद्रशासित प्रदेशों में शिक्षक पद के लिए सेंट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट और अन्य राज्यों में टीईटी के आवेदन के लिए भी छात्रों को 300-1000 रुपये तक आवेदन फीस देने पड़ रहे हैं। भारतीय शिक्षाविद् जेएस राजपूत का कहना है कि उन्हें यह जानकर अचंभा हो रहा है कि सभी राज्यों में टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के आवेदन की फीस अलग-अलग है। उनका कहना है कि बेरोजगार युवाओं से इतनी मोटी फीस लेना सरासर गलत है। शिक्षक बनने के लिए बीएड के बाद इतनी मोटी फीस जमा करने के बाद भी कोई गारंटी नहीं कि स्कूल में शिक्षक की नौकरी मिल ही जाएगी।