महागठबंधन में शामिल हुए जीतनराम मांझी, छोड़ा एनडीए का साथ
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का साथ छोड़कर महागठबंधन में शामिल हो गए हैं। यह फैसला उन्होंने बुधवार सुबह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता राबड़ी देवी से मुलाकात के बाद लिया है।
जानकारी के अनुसार, एनडीए के सहयोगी दल रहे हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी गठबंधन में सही स्थान न पाने के चलते नाराज़ थे। उन्होंने गठबंधन के समक्ष के बार ये बात रखी, लेकिन इसकी सुनवाई नही हुई। ऐसे में उन्हें एनडीए से नाता तोड़ना पड़ा। आज जीतनराम मांझी ने पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता राबड़ी देवी से मुलाकात की। उसी मुलाकात के बाद हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा अध्यक्ष ने एनडीए से नाता तोड़न की बात साफ कह दी।
आपको बता दें कि मांझी ने राबड़ी देवी से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने आकर इस संबंध में औपचारिक घोषणा की। इस दौरान पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव भी उनके साथ रहे। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जीतनराम मांझी उनके माता-पिता के पुराने दोस्त हैं और वो उनका महागठबंधन में स्वागत करते हैं।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को CBI ने कर लिया गिरफ्तार
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने आज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है।
इससे पहले 26 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट एस भास्कररमन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, भास्कररमन को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था।
विशेष न्यायाधीश एनके मल्होत्रा ने सीए को तिहाड़ जेल भेज दिया था, ईडी के विशेष लोक अभियोजक नीतेश राणा ने उनसे और तीन दिन की न्यायिक पूछताछ के लिए अनुमति मांगी थी।
कार्ति का नाम 2007 में आईएनएक्स मीडिया में कोषों को स्वीकार करने के लिए विदेशी निवेश संबर्धन बोर्ड की मंजूरी से जुड़े एक मामले में सामने आया है। ईडी ने दावा किया था, कि भास्कररमन गलत तरीके से अर्जित संपत्ति.के प्रबंधन में कार्ति की मदद कर रहे थे।
बिजनेसमैन और कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु में शिवगंगा जिले से हैं, वह आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं, कार्ति ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से बिजनेस मैनेजमेंट और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली है, फिर कार्ति ने बिजनेसमैन के रूप में करियर शुरू किया।
बता दें कि, आईएनएक्स मीडिया रिश्वत केस के तहत इस कंपनी को विदेशी निवेश प्रमोशन बोर्ड क्लीयरेंस दिलाने के एवज में कार्ति को 10 लाख रुपये की रिश्वत दी गई थी।
सीबीआई के अनुसार, इस काम के लिए आईएनएक्स मीडिया ने 10 लाख रुपये मैनेजमेंट कंसलटेंसी फर्म एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग लिमिटेड को दिए और सीबीआई के मुताबिक परोक्ष रूप से इस फर्म का कंट्रोल कार्ति के पास था।
श्रीदेवी के अंतिम दर्शन करने यूपी से पहुंचा यह नेत्रहीन शख्स
सौम्या केसरवानी ।Navpravah.com
बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत के बाद जितना बड़ा झटका बॉलीवुड में सभी को लगा, उससे कहीं बड़ा झटका उनके फैन्स को भी लगा है, उनके फैन्स तो इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं कि श्रीदेवी हमारे बीच अब नहीं रही हैं।
इसी बीच श्रीदेवी का एक फैन उत्तर प्रदेश से मुंबई उनके अंतिम दर्शन में पहुंचा है, ताकि उनके पार्थिव शरीर को देख सके, लेकिन आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि यह शख्स दृष्टिहीन हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जतिन वाल्मिकी नाम के इस शख्स ने बताया कि, उसकी श्रीदेवी से मुलाकात एक इवेंट के दौरान हुई थी। इवेंट के दौरान मुलाकात में जतिन ने श्रीदेवी को अपने भाई को ब्रेन ट्यूमर है ये बताया था और श्रीदेवी ने तुरंत बिना कुछ सोचे उन्हें एक लाख रुपये दिए थे।
जतिन ने कहा, अब मैं यहां उस अभिनेत्री के सम्मान के लिए आया हूं, जिसकी वजह से मेरा भाई आज जिंदा है। अगर श्रीदेवी ने उन्हें पैसे न दिये होते तो शायद आज मेरा भाई जिंदा न होता।
जतिन ने आगे बताया कि, मुझे पता है कि मैं उनके दिए हुए पैसे उन्हें कभी वापस नहीं कर सकता हूं, लेकिन उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें सम्मान जरूर देना चाहता हूं।
श्रीदेवी की अचानक मौत पर अटकलों को विराम देते हुए दुबई लोक अभियोजक कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि उनकी मौत बेहोश होने के बाद दुर्घटनावश डूबने से हुई थी। उनके पार्थिव शरीर को परिवार को सौंप दिया गया है । आज 3:30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा।
श्रीदेवी निधन: आज शाम ४ बजे होगा अंतिम संस्कार
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी का अंतिम संस्कार आज मुंबई में 4 बजे विले पार्ले के सेवा समाज श्मशान भूमि में किया जाएगा। श्रीदेवी का पार्थिव शरीर मंगलवार की रात करीब 10.30 बजे मुंबई स्थित श्रीदेवी के घर दुबई से लाया गया।
24 फरवरी को दुबई के एक होटल में अचानक बाथरूम में गिरने से श्रीदेवी की मौत हो गई थी। दुबई पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने के बाद तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने में दो दिन से ज्यादा का समय लिया। एयरपोर्ट पर श्रीदेवी का पार्थिव शरीर को लेने के लिए अनिल कपूर पहुंचे थे। उनके साथ अमर सिंह और अनिल अंबानी भी दिखे, श्रीदेवी की अचानक हुई मौत से उनका पूरा परिवार स्तब्ध है।
श्रीदेवी के अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को मुंबई के सेलीब्रेशन क्लब गार्डन में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, श्मशान में उनके अंतिम संस्कार की तैयरियां सोमवार को ही हो चुकी थी।
दुबई के जुमेराह एमीरेट्स टावर्स होटल के कमरे में अभिनेत्री के मृत पाए जाने के 72 घंटे बाद परिवार को उनका पार्थिव शरीर सौंप दिया गया। श्रीदेवी के पति बोनी कपूर और सौतेले बेटे अर्जुन कपूर उनके पार्थिव शरीर को लेप लगवाने के लिए शवगृह से ले गए, जिसके बाद भारत आने के लिए दुबई हवाई अड्डे पर ले जाया गया।
7 साल बाद एक मां से मिली संतान, जन्म के बाद मरा समझ अस्पताल में छोड़ दिया था
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
रूस से एक अद्भुत मामला सामने आया है। यहां स्थित वोल्वोग्राड शहर में एक मां ने साल 2011 में एक बच्चे को जन्म दिया था उस दौरान यह बच्चा बहुत बीमार था। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का जिंदा रह पाना मुश्किल था। इसलिए उसको अस्पताल में ही छोड़ दिया जाना चाहिए। फिर माता-पिता उस बच्चे को छोड़कर चले गये। कुछ दिन बाद जब वे दंपति बच्चे का हाल लेने अस्पताल पहुंचे तो उनको बताया गया कि डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उसको बचाया नहीं जा सका। फिर दंपति बहुत दुखी हुए और सामान्य जिंदगी जीना शुरू कर दी।
फिर 7 साल बाद महिला को अपने एक पुराने बैंक अकाउंट की याद आई। पहुंचने पर पता चला कि उसके बैंक अकाउंट को बहुत पहले ही लॉक कर दिया गया है। पूछताछ के बाद उनको बताया गया कि यह उनका अनाथालय का बकाया बिल है। तब पहले तो उनकी कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब उनको बताया गया कि उनका बच्चा अनाथालय में पल रहा है। यह बिल उसी अनाथालय को भुगतान करना है तो यह सुनने के बाद वह बेहोश हो गईं। इस बीच महिला ने अपना मकान बदल लिया था, इसलिए अनाथालय उनके घर तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन जिस अस्पताल ने उस बच्चे को अनाथालय में दिया था, उसने महिला के घर समेत बैंक डिटेल भी दी थी। इसलिए अनाथालय ने बिल की पेमेंट के लिए पुलिस और बैंक से संपर्क साधा।
मकान बदलने के कारण महिला को जब पुलिस नहीं खोज पाई तो मामला कोर्ट में गया। अदालत के आदेश पर उसके बैंक खाते को लॉक कर दिया गया। फिर जब उस दंपति को ये बात पता चली to वे तुरंत अनाथालय गये। मेडिकल जांच में इस बात की पुष्टि की गयी कि यही बच्चा उनका जैविक पुत्र है, फिर कानूनी कारवाई के बाद जज ने उनका बच्च उन्हें सौंप दिया। बच्चा मिलने के बाद उस दंपति ने अस्पताल पर केस कर दिया है कि उसने दंपति को बच्चे के बारे में गलत जानकारी क्यों दी? अनाथालय का बिल उनके नाम पर क्यों बनाया गया?
















