आध्यात्मिक गुरु और प्रसिद्द ज्योतिषी सुब्रत बैनर्जी इन दिनों बांग्लादेश की यात्रा पर हैं। बांग्लादेश के प्रसिद्द मंदिर सुगंधा और यशोरेश्वरी जैसे अहम् स्थानों पर जाने के बाद उन्होंने वहां की यथास्थिति की जानकारी दी।
बांग्लादेश की यात्रा के दौरान मंदिरों और सामाजिक स्थलों के दौरे पर बनर्जी ने स्पष्ट किया कि भारतीयों के प्रति यहां के लोगों के मन में बड़ा स्नेह और सम्मान है। जनमानस में आध्यात्मिक विकास प्रस्फुटित हो, इसके लिए उन्होंने कार्यशालाओं का भी आयोजन किया।
उन्होंने बताया कि इस देश के लोगों का ह्रदय बिल्कुल भारतीयों सरीखा है। धर्म और आध्यात्म को लेकर यहां के लोग बहुत संवेदनशील हैं, जोकि बहुत अच्छी बात है। कार्यक्रम में राजनीतिज्ञों से लेकर व्यवसायिक जगत के लोगों ने भी भाग लिया।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में दिनदहाड़े एक शख्स को गोली मार दी गई, यह घटना आज की है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को अस्पताल में भर्ती कराया, युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, कनॉट प्लेस के ए ब्लॉक में मनी एक्सचेंज के दफ्तर में काम करने वाला तस्वीर सिंह रोजाना की तरह अपने दफ्तर के लिए राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 8 से बाहर निकला, तभी घात लगाए दोनों बदमाशों ने उसका बैग छीनने की कोशिश की, तस्वीर सिंह ने जब बदमाशों का विरोध किया, तो उन्होंने उसे गोली मार दी।
दिल्ली पुलिस अब इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, बदमाश 24 से 25 साल की उम्र के हैं, उन्होंने काले रंग की कमीज पहनी हुई थी। पुलिस की 10 टीम 3 बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
दिल्ली में इधर बीच आये दिन गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं, बदमाश बेखौफ होकर चल रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के शाहदरा का रोहताश नगर इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा था, बाइक सवार चार बदमाशों ने एक बिल्डर के दफ्तर में घुसकर उसके कर्मचारियों से पहले मारपीट की और फिर गोलियां चलानी शुरू कर दी थी।
आम तौर पर गणित विषय का नाम सुनते ही विद्यार्थियों के हाथ पैर ठंडे होने लगते हैं। इसी घबराहट के चलते बहुत से विद्यार्थी इस सब्जेक्ट को ठीक से पढ़ नहीं पाते, लिहाजा इस दिलचस्प विषय से उनकी दूरी बढ़ने लगती है। गणित के प्रति इस डर को निकालना परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस सन्दर्भ में कुछ बातों का ध्यान रखें, तो यह समस्या निश्चित दूर हो सकती है।
यदि आप भी इस विषय की कठिनाइयों से परेशान हैं तो ये टिप्स आपके लिए हैं:
अगर आप किसी टॉपिक को नहीं समझ पा रहे हैं, तो उसे छोड़कर आगे बढ़ने की बजाय उसी पर फोकस करें। मान लीजिए, आप एल्जेबरा पढ़ रहे हैं और आपको इसे समझने में काफी परेशानी आ रही है, तो उसे छोड़ें नहीं। यह कभी नहीं सोचें कि इसे छोड़कर दूसरे चैप्टर को पढ़ना बेहतर रहेगा। गणित के सारे चैप्टर एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। अगर आप पहले वाला कोई चैप्टर छोड़ेंगे, तो आगे के चैप्टर में आपको और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए थोड़ी और मेहनत करके पहले जो चैप्टर हाथ में है, उसे तैयार करें।
पाठ्यपुस्तक में दिए गए उदाहरण को समझने का पूरा प्रयास करें। इसे हल करके देखेंगे, तो आपको यह समझ मे आ जाएगा कि उस चैप्टर के सवाल कैसे होंगे। किताब के अलावा आप उदाहरणों को समझने के इंटरनेट आदि पर उपलब्ध सम्बंधित सामग्री का सहारा भी ले सकते हैं। चैप्टर की शुरुआत में आसान सवालों को हल करें। स्टेप दर स्टेप आप कठिन सवालों को भी हल करने लगेंगे। गणित किताब को पढ़ने से ज्यादा बेहतर उसकी प्रैक्टिस करना होता है।
यदि कोई विद्यार्थी या मित्र आपसे गणित के सवाल समझाने या हल करने के लिए कहे, तो तुरंत उसके लिए तैयार हो जाएं। आप जब किसी को बताने का प्रयास करेंगे, तो आप खुद भी उसे बेहतर तरीके से समझने लगेंगे। ऐसा माना जाता है कि आप जब किसी को कुछ सिखाते हैं, तो उस टॉपिक पर आपकी बेहतर पकड़ बन जाती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा दूसरों के सवालों को भी हल करने का प्रयास करें।
हमेशा अपने सॉल्यूशन को साफ-सुथरा रखें। इससे आप सवाल बनाते समय कंफ्यूज नहीं होंगे।
फॉर्म्यूला याद रखना गणित में सबसे ज्यादा जरूरी है, अगर आपको वह याद नहीं है, तो आपका समय भी बर्बाद होगा और आप सवाल हल भी नहीं कर पाएंगे।
भूमिति में प्रमेय अत्यंत ही महत्वपूर्ण होते हैं, उन्हें बिल्कुल इग्नोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि उन्हीं पर भूमिति के प्रश्न आधारित होते हैं। प्रमेय समझ लेने के बाद प्रश्नों को हल कर पाना एकदम सरल हो जाता है। भूमितीय आकृतियों जैसे त्रिभुज, वृत्त आदि की संकल्पना बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। क्षेत्रफल व आयतन आदि के सूत्र अच्छी तरह समझकर याद कर लेना आवश्यक है।
हर पाठ से अधिकतम प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें।
छोटे प्रश्नों को हल करने पर अधिक ज़ोर दें। ये सरल भी होते हैं व इनसे आसानी से अंक भी प्राप्त किया जा सकता है।
बीजगणित या भूमिति के सभी चैप्टर्स के मुख्य मुद्दों पर नियमित रूप से ध्यान दें।
परीक्षा के दिन रिलैक्स्ड रहें और किसी भी प्रकार का तनाव न रखें।
जहाँ आवश्यक हो स्टेप्स के साथ रीज़न अवश्य दें।
अंतिम उत्तर को अवश्य रेखांकित करें।
मुख्य नए प्रश्न का आरम्भ नए पृष्ठ से ही करें।
किसी मुख्य प्रश्न के सभी उपप्रश्न एक साथ करें। यदि किसी प्रश्न को आप न हल कर पाएं, तो उसके लिए प्राप्त जगह छोड़ दें।
लेखन स्वच्छ व सुस्पष्ट हो, इसका पूरा ध्यान रखें।
सही मेथड के अनुसार ही प्रश्नों को हल करें।
एस.एस.सी के अल्जेब्रा (बीजगणित) का अंक-विभाजन इस प्रकार होगा: कुल – ४० अंक
अंकगणितीय तथा भूमितीय श्रृंखला (Arithmetic Progression) – १२ अंक
वर्ग समीकरण (Quadratic Equations)- १२ अंक
युगपत रेखीय समीकरण (Linear Equations in Two Variables)- १२ अंक
संभाव्यता (Probability) – १० अंक
सांख्यिकी १ (Statistics-I)- ०६ अंक
सांख्यिकी १ (Statistics-II – ०८ अंक
एस.एस.सी के जेमेट्री (भूमिति) का अंक-विभाजन इस प्रकार होगा: कुल – ४० अंक
समरूपता (Similarity) – १२ अंक
वृत्त (Circle) – १0अंक
भूमितीय रचनाएँ (Geometric Construction) – १0अंक
त्रिकोणमिति (Trigonometry) – १0अंक
निर्देशांक भूमिति (Coordinate Geometry) – 08 अंक
क्षेत्रमिति (Mensuration) – १0 अंक
प्रश्नपत्र में प्रश्न के अनुसार भार:
अति लघु प्रश्न – ६ अंक
लघु प्रश्न – २७ अंक
दीर्घ प्रश्न – २७ अंक
यदि कोई विद्यार्थी सही तकनीक व रणनीति के साथ गणित को पढता व समझता है, तो निश्चित रूप से गणित उसको सबसे दिलचस्प विषय लगने लगेगा। इसके अलावां यह एक ऐसा विषय है, जिसमें विद्यार्थी सबसे ज़्यादा या फुल मार्क्स हासिल कर सकता है।
गणित के पेपर को समय से ख़त्म करने के लिए अपनाएं ये ख़ास मंत्र :
आमतौर पर देखा गया है कि विद्यार्थी गणित का इम्तिहान लिखते समय घबरा जाते हैं, जिसके चलते वे सभी प्रश्न सही से हल नहीं कर पाते और समय पर परीक्षा ख़त्म करने से चूक जाते हैंl समय की कमी के चलते विद्यार्थियों को कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न छोड़ने पड़ते हैं और अक्सर देखा गया है कि वे प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते थे। ऐसे में स्थिति काफी निराशाजनक हो जाती है।
1. सबसे पहले गणित की मार्किंग स्कीम को बारीकी से समझें
किसी भी एग्जाम को देने से पहले उसके पैटर्न को समझना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि इससे आप उस एग्जाम के असली स्ट्रक्चर से परिचित हो पाते हैं, जो आपको असल में एग्जामिनेशन हॉल में देखने को मिलेगा। इसके अलावा एग्जामिनेशन पैटर्न से आपको इम्तिहान में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार का भी पता चलता है, जैसे कि कौन-कौन से प्रश्न कितने अंकों के होंगे। इससे आपको एग्जाम के दिन गणित के प्रश्न पत्र के स्ट्रक्चर को समझने में ज़्यादा दिक्कत नहीं होगी और आपका कीमती समय भी बच जाएगा।
2. एग्जाम देने से पहले एक रणनीति ज़रूर तैयार करें
एक बार जब आपने गणित विषय के लिए एग्जामिनेशन पैटर्न को अच्छे से समझ लिया हो, तो इसके बाद अगला काम होगा उस पैटर्न के अनुसार फाइनल एग्जाम के लिए एक ख़ास स्ट्रेटेजी तैयार करना। एग्जाम में कितने वर्गों में कितने प्रश्न पूछे जाएंगे और इन प्रश्नों का भार विभाजन किस प्रकार होगा, इन सभी का अच्छे से विश्लेषण करें।
आपको कक्षा 10वीं के बीजगणित व भूमिति विषय के बोर्ड एग्जाम में आपको मिलने वाले २ घंटों यानि १२० मिनटों में ४० अंकों के प्रश्न हल करने होंगे। यह बहुत आवश्यक है कि विद्यार्थी प्रश्नों के अनुसार समय का सही विभाजन कर लें।समय से पहले प्रश्नपत्र को हल करने का प्रयास करें व उत्तर चेक करने के लिए कुछ समय अवश्य शेष रखें।
3. परीक्षा लिखने से पहले मिलने वाले १० मिनट का समझदारी से इस्तेमाल करें
एस.एस.सी. की तरफ़ से अपने विद्यार्थियों को परीक्षा लिखने से पहले दिए जाने वाले १० मिनट का समय एग्जाम के लिए उचित रणीनीति तैयार करने के लिए सबसे बेहतरीन अवसर होता है। इन १० मिनटों में सभी प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उनको तीन वर्गों; सरल, मध्य और मुश्किल, में विभाजित कर लें। इससे आपको परीक्षा लिखने के लिए एक रफ़ प्लान मिल जाएगा।
4. मुश्किल लगने वाले प्रश्नों से कभी भी घबराएं ना
प्रश्न पत्र पढ़ते समय जब कोई प्रश्न आपको मुश्किल लगे, तो ऐसे में बिलकुल भी घबराएं ना क्योंकि आपकी इस घबराहट व डर के चलते आप बाकी के प्रश्नों को भी सही से हल नहीं कर पाएंगे और अंत में आपका प्रदर्शन ख़राब होगा। आप पहले सरल प्रश्नों को हल करें। जब आप कुछ प्रश्नों के सही हल निकाल लेंगे, तो स्वभाविक है कि आपका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा और आप मुश्किल लगने वाले प्रश्नों को भी हल करने में ख़ुद को सक्षम पाएंगे।
5. हर प्रश्न को उसके महत्त्व व भार के अनुसार ही हल करें
जब आप प्रश्न पत्र हल करने जा रहे हों, तब आपको यह अंदाज़ा होना चाहिए कि कौनसा प्रश्न कितना महत्वपूर्ण है और उसको कितना समय देना चाहिएl इससे आप उन प्रश्नों पर ज़्यादा समय बर्बाद करने से बचेंगे जिनसे आपको कुछ ख़ास अंक प्राप्त नहीं होंगे, बल्कि उसकी जगह आप पहले उन प्रश्नों को हल करें, जो आपको अच्छे से आते हैं और जिनसे आपको अधिक्तम अंक मिलेंगे।
6. स्पीड और एक्यूरेसी साथ-साथ बनाए रखें
ध्यान रखें, पेपर हल करते समय एक्यूरेसी और स्पीड दोनों को साथ में लेकर चलेंl किसी एक का खाम्याज़ा दूसरे को ना भुगतना पड़े। अपनी कैलकुलेशन में कुछ शोर्ट कट अपनाने की कोशिश करें, जिससे आपका महत्वपूर्ण समय भी बच सके। किसी भी प्रश्न को हल करते समय उसमें इस्तेमाल होने वाले प्लस (+), माइनस (-), आदि चिन्हों का ख़ास ध्यान रखें, वर्ना एक चिन्ह या टर्म ग़लत लिखने पर प्रश्न को हल करने में आपका अधिक समय तो बर्बाद होगा ही, आप सही उत्तर भी नहीं निकाल पाएंगे।
7. घड़ी की सुइयों पर पैनी नज़र बनाए रखें
परीक्षा के दौरान समय पर नज़र बनाये रखने से आपको पता चलता रहेगा कि आप अपने प्लान के मुताबिक कितना चल रहे हैं और आपको यह भी अंदाज़ा हो पाएगा कि कितने प्रश्न अभी बाकी हैं और इनको हल करने के लिए आपके पास कितना समय बचा है। एक बात याद रखें, आपके टाइम प्लान में यदि 5-10 मिनट कम या ज़्यादा हो रहे हों तो इससे घबराएं नहीं।
बोर्ड परीक्षा में गणित में सर्वश्रेष्ठ परिणाम पाने के लिए जितना ज़रूरी है, पाठ्यकम की तैयारी के लिए मेहनत करना उतना ही ज़रूरी है, प्रश्नों को हल करने के लिए सही रणनीति का इस्तेमाल करना, आखिर आपकी उत्तर पत्रिका ही तो आपकी साल भर की मेहनत को दर्शाएगी, जिससे आपको मनचाहे अंक प्राप्त होंगे।
(लेखक गत १७ वर्षों से अध्यापन कार्य में संलग्न हैं और एस.एस.सी. के परीक्षक हैं)
आज के समय सभी मोबाइल वॉलेट यूज करते हैं, क्योंकि आजकल का ज़माना डिजिटल होता जा रहा है, यह खबर वॉलेट यूजर के लिए है, इस खबर को पढ़कर राहत जरूर मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में लाइसेंस प्राप्त सभी मोबाइल वॉलेट कंपनियों को अपने ग्राहकों का केवाईसी नॉर्म्स पूरा करने के लिए 28 फरवरी 2018 तक का वक्त दिया था लेकिन कंपनियां आरबीआई के इस आदेश को पूरा नहीं कर पाई हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी तक भी करीब 80 प्रतिशत यूजर्स का केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि इस आदेश के पूरा नहीं होने पर मोबाइल वॉलेट अकाउंट बंद कर दिए जाएंगे और यूजर्स का पैसा फंस जाएगा।
लेकिन अब आरबीआई ने मोबाइल वॉलेट कंपनियों के ग्राहकों को बिना केवाईसी डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करने की सशर्त छूट दी है। आरबीआई ने केवाईसी की समयसीमा आगे नहीं बढ़ाई लेकिन ग्राहक न्यूनतम केवाईसी के साथ अपना डिजिटल वॉलेट चला सकते हैं।
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर बीपी कानूनगो ने कहा कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ग्राहक ई वॉलेट में दोबारा पैसा तभी डाल सकेंगे।जब केवाईसी की पूरी जानकारी दें देंगे।
आरबीआई के निर्देशानुसार ग्राहक केवाईसी की न्यूनतम शर्तों को पूरा कर ई-वॉलेट या प्रीपेड इन्स्ट्रूमेंट के जरिये 10 हजार तक का लेनदेन कर सकते हैं, इसके अलावा, आरबीआई ने ये भी कहा कि यूजर्स अपने पैसे को बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे लोगों के पैसे फंसने से बच जाएंगे।
बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। मुंबई में विले पार्ले सेवा समाज श्मशान गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति बोनी कपूर ने श्रीदेवी के शव को मुखाग्नि दी। इससे पहले श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को लोखंडवाला स्थित सेलिब्रेशन क्लब में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था।
श्रीदेवी के अंतिम दर्शन के लिए न सिर्फ बॉलीवुड पहुंचा बल्कि राजनीतिक हस्तियों ने भी शिरकत की। वहीं मुंबई की सड़कों पर अपनी चहेती अदाकारा को विदाई देने के लिए उनके फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ इतनी ज्यादा हो गई थी कि कई बार पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा। अंतिम यात्रा से पहले श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को सुहागन की तरह सजाया गया था। सुर्ख लाल रंग की साड़ी में श्रीदेवी का शव देखकर कोई कह ही नहीं सका कि वो अब इस दुनिया से जा चुकीं हैं। श्रीदेवी के शव को तिंरगे से लपेटा गया था, साथ ही महाराष्ट्र पुलिस की ओर से पद्मश्री से सम्मानित श्रीदेवी की राजकीय सम्मान से विदाई दी गई।
अंतिम यात्रा के लिए जिस ट्रक में श्रीदेवी का पार्थिव शरीर रखा गया था उसे सफेद रंग के फूलों से सजाया गया था। ट्रक में पार्थिव शरीर के साथ पति बोनी कपूर, बेटी खुशी-जाह्नवी, देवर संजय कपूर और अर्जुन कपूर समेत परिवार के करीबी लोग मौजूद थे। मंगलवार को ही 3 दिन की लंबी प्रक्रिया के बाद दुबई से श्रीदेवी का पार्थिव शरीर मुंबई लाया गया था। शव के मुंबई पहुंचते ही बोनी कपूर के घर ग्रीनएकर्स में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। परिवार के लोगों के अलावा बॉलीवुड और राजनीति जगत की कई हस्तियां देर रात को श्रीदेवी के घर पहुंची थीं।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को दुबई के एक होटल में 54 वर्षीय श्रीदेवी की मौत हो गई थी। पोस्मार्टम में ये बात साफ हुई कि बाथटब में डूबने से अभिनेत्री की मौत हुई थी। श्रीदेवी अपने भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने सपरिवार दुबई गई हुई थीं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को चुनौती दी है कि अगर उनके पास मंत्री और विधायक की शराब पीते हुए फोटो हैं तो वह जल्द ही इसे सार्वजनिक करें। नीतीश बिहार विधान सभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने तेजस्वी द्वारा मंगलवार किए गए भाषण में दी गई धमकी पर आवाज़ उठाते हुए कहा कि नितीश ने अगर उनके कई मंत्रियों और पार्टी के नेताओं की फोटो रखी है। तो वह उनपर कार्रवाई करने में समय नहीं लगाएंगे, लेकिन पहले उन्हें फोटो दिखाई जाए ।
तेजस्वी की तरफ इशारा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि आप एक्सपोज तो कीजिए तत्काल ऐक्शन होगा, लेकिन नीतीश के इस चुनौती के बाद देखना यह है कि आख़िर तेजस्वी यादव के पास फोटो हैं या नहीं। साथ ही जिस फोटो का उन्होंने दावा किया है वे उसे कब तक सार्वजनिक करते हैं।
फ़िलहाल नीतीश कुमार ने शराबबंदी पर कहा कि इसके अवैध धंधे में लगे लोगों पर नकेल कसने के लिए और ज़रूरी क़दम उठाये जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ़ किया कि शराबबंदी के साथ समझौता नहीं होगा। उन्होंने माना कि कुछ भी कर लीजिए, गड़बड़ी करने वाले लोग होते हैं और उनसे निपटने के उपाय किए जा रहे हैं।
अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी डिसीजन टू रिव्यू सिस्टम (DRS) लागू होने की तैयार हो गई है। बीसीसीआई ने भी आईपीएल 2018 में डीआरएस को लागू करने के लिए हरी झंडी दिखा दी है । इससे पहले बीसीसीआई इसके लिए तैयार नहीं हो रहा था। बोर्ड इस जिद पर अड़ा हुआ था कि यह रेफरल सिस्टम पूरी तरह फूलप्रूफ नहीं है। दुनिया के अधिकांश क्रिकेट खेलने वाले देशों में जब यह सिस्टम लागू हो चुका था तब भी भारत के साथ होने वाले मैचों में इसे लागू नहीं किया गया था, लेकिन 2016 में जब इंग्लैंड ने भारत का दौरा किया तो बोर्ड ने डीआरएस की इजाजत दे दी और अब यही टेक्नोलॉजी आईपीएल के 11वें संस्करण में भी लागू होने जा रही है।
एक निजी अख़बार में छपी खबर के अनुसार बीसीसीआई के एक आधिकारिक ने बताया की हम काफी समय से डीआरएस लागू करना चाहते थे, लेकिन हमने इस साल यह फैसला किया कि आईपीएल में भी डीआरएस लागू हो। हमारे पास दूसरी तमाम टेक्नोलॉजी मौजूद हैं तो डीआरएस क्यों न हो। हम अंतरराष्ट्रीय मैचों में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं तो आईपीएल में भी किया जाना चाहिए ।
बता दें कि बोर्ड ने दिसंबर में 10 घरेलू अंपायरों का चुनाव किया था जो देश में खेली जा रही प्रतियोगिताओं में डीआरएस पर नजर रख सकें। ये अंपायर आईपीएल के मद्देनजर ही चुने गए थे। ये दस अंपायर आईपीएल में अंपायरिंग करते नजर आएंगे। हालांकि, भारत के घरेलू टूर्नामेंट में डीआरएस का प्रयोग नहीं किया जाता है। एक डोमेस्टिक अंपयार ने बताया, आईपीएल में लोकल अंपयार होते हैं, इसलिए बोर्ड ने हमें डीआरएस सिस्टम को बेहतर ढंग से समझने के लिए आमंत्रित किया था। हमें बताया गया था कि बोर्ड इस बार के आईपीएल में डीआरएस लागू करने जा रहा है। पाकिस्तान सुपर लीग के बाद आईपीएल दूसरी बड़ी टी-20 लीग होगी, जिसमें डीआरएस लागू है
कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का निधन हो गया है। 83 वर्षीय जयेंद्र सरस्वती को अचानक सांस लेने में आ रही थीं। ऐसे में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के दौरान ही उनका देहांत हो गया। बुधवार की सुबह कांचीपुरम के प्राइवेट अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांसें लीं। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 9 बजे किया जाएगा।
18 जुलाई 1935 को जन्मे जयेंद्र सरस्वती कांची मठ के 69वें शंकराचार्य थे। वे साल 1954 में शंकराचार्य बने। आपको बता दें कि कांची मठ कई स्कूल, आंखों के अस्पताल चलाता है। इस मठ की स्थापना खुद आदि शंकराचार्य ने की थी। जयेंद्र सरस्वती को 22 मार्च, 1954 को सरस्वती स्वामिगल का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जयेंद्र सरस्वती के निधन पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि शंकराचार्य हमेशा हमारे दिल में जिंदा रहेंगे। उन्होंने समाज के लिए काफी काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान शंकराचार्य के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें भी शेयर की।
प्रधानमंत्री के साथ कई अन्य नेताओं ने भी शंकराचार्य के निधन पर दुख जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी उनके निधन पर ट्वीट कर दुख व्यक्त किया। वहीं बीजेपी नेता राम माधव ने ट्विटर पर लिखा कि जयेंद्र सरस्वती सुधारवादी संत थे, उन्होंने समाज के लिए काफी काम किए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
आपको बता दें कि साल 2004 में कांचीपुरम मंदिर के मैनेजर की हत्या के मामले में जयेंद्र सरस्वती का नाम सामने आया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करके 2 महीने न्यायिक हिरासत में भी रखा गया था फिर साल 2013 में वह इस इल्जाम से बरी हो गए थे। बता दें कि कांची मठ कांचीपुरम में स्थापित एक हिंदू मठ है। यह पांच पंचभूतस्थलों में से एक है। यहां के मठाधीश्वर को शंकराचार्य कहते हैं। कांची कामकोटि पीठ के 69वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का इस पद पर आसीन होने से पहले का नाम सुब्रमण्यम था।
गुजरात राज्य के इंचार्ज डीजीपी प्रमोद कुमार आज यानि 28 फरवरी 2018 को निवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद अब उनका पद सीनियर आईपीएस अधिकारी शिवानंद झा द्वारा संभाले जाने की उम्मीद है। गुजरात राज्य के 37 वें डीजीपी के तौर शिवानंद झा की पोस्टिंग होनी है। 1983 की बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी शिवानंद झा गुजरात राज्य में डीजी कैडर के रहे हैं। हाल में गुजरात आईबी के प्रमुख के तौर पर वे अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
राज्य में लंबे समय से नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने के कारण गुजरात हाइकोर्ट ने रेग्युलर डीजीपी की नियुक्ति करने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिया है, जिसके बाद सरकार शिवानंद झा को रेग्युलर डीजीपी बनाने जा रही है। जबकि इस बारे में अब तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, गुजरात राज्य के नए डीजीपी के तौर पर शिवानंद झा का नाम तय होने की जानकारी मिल रही है।
गौरतलब हो कि शिवानंद झा इससे पहले लंबे समय के लिए सूरत एवं अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर के तौर पर ड्यूटी निभा चुके हैं और कानून व्यवस्था पर उनकी जबरदस्त पकड़ मानी जाती है। खास बात यह है कि पीसी ठाकुर के बाद पिछले 3 वर्षों से गुजरात राज्य में रेग्युलर डीजीपी की पोस्टिंग नहीं की गई थी। लेकिन शिवानंद झा को गुजरात राज्य के 37 वें रेग्युलर डीजीपी बनाए जाने की चर्चा चल रही है, जिससे गुजरात की जनता को 3 साल बाद अब रेग्युलर डीजीपी मिलेगा।
दिल्ली सरकार दवाइयों, उपचार सम्बन्धी सामग्रियों और निदान सुविधाओं की ऊपरी कीमत की एक सीमा तय करने की तैयारी में जुटी है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसा एक प्रस्ताव पेश किया है। अगर इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाता है, तो दवाइयों की महंगाई को कम किया जा सकेगा।
प्रस्ताव के अनुसार, इन चीजों की उच्चतम कीमत क्या हो सकती है, इसका निर्धारण एक्सपर्ट करेंगे। हालाँकि, उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में दवायें सस्ती होगीं। योजना के अनुसार, दवाओं का अधिकतम खुदरा मूल्य खरीद कीमत के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। इसी तरह डायग्नोस्टिक सुविधाओं में किसी भी टेस्ट के लिए प्रॉफिट अधिकतम 15 फीसदी तय किया जाएगा।
राज्य सरकार ने इसके लिए एक नौ सदस्यीय समिति बनाई है, जिसमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, दिल्ली मेडिकल ऐसोसिएशन और प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के कई सदस्य शामिल हैं। समिति ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट दे दी है।
यह रिपोर्ट मंजूरी के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के पास भेजी गई है। DGHS डॉ. कीर्ति भूषण ने मेल टुडे को बताया कि हाल में फोर्टिस अस्पताल द्वारा काफी बढ़ा-चढ़ा कर बिल लेने के बाद, हमने यह कदम उठाया है। नौ सदस्यीय समिति ने यह तय किया है कि दवाओं और कज्यूमेबल्स की खरीद कीमत से उनकी बिक्री कीमत में 40 फीसदी से ज्यादा का अंतर नहीं होगा।