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उन्नाव केस: हाईकोर्ट सख्‍त, कहा, “विधायक की गिरफ्तारी करना चाहते हो या नहीं?”

हाईकोर्ट
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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उन्नाव गैंगरेप मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा है कि विधायक कुलदीप सिंह की गिरफ्तारी कब होगी। कोर्ट ने दोपहर तक इस मामले पर सरकार को जवाब देने के लिए कहा है।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि 4 जून 2017 को विधायक पर रेप का आरोप लगा। SIT की रिपोर्ट पर 11 अप्रैल 2018 को FIR दर्ज की गई। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी विधायक के खिलाफ जितने भी आरोप हैं वो सभी गंभीर है। इस पर जवाब देते हुए में एसआईटी अधिकारी ने कहा है कि वे अधिकारी को गिरफ्तार करेंगे। महाधिवक्ता ने कहा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरी कार्रवाई होगी

आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी फिलहाल टलती दिख रही है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह और प्रधान गृह सचिव अरविंद कुमार ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा। पीड़िता के आरोप के आधार पर बीजेपी विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और मामला सीबीआई के हवाले कर दिया गया है। अब विधायक की गिरफ्तारी होनी है या नहीं इस बात का फैसला सीबीआई करेंगी।

आपको बता दें कि उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ FIR तो दर्ज कर ली गई है। आरोपी विधायक पर उन्नाव के माखी थाने में बुधवार देर रात आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके साथ यूपी सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित लड़की की बहन ने कहा कि विधायक की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मेरे पिता को मारने वाले और इस साजिश को रचने वालों को फांसी होनी चाहिए।  जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। पीड़ित की बहन ने यह भी कहा कि जब एक पीड़ित लड़की को डरा दिया जाए और उसके पिता-चाचा की हत्या करवाने की बात की जाए तो वह कैसे किसी का नाम ले सकती है। हमें अब इस सरकार पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है

सलमान खान से रिश्ते सुधारना चाहते हैं अर्जुन!

सलमान खान अर्जुन!
सलमान खान अर्जुन!

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

मलाइका अरोड़ा के साथ अफेयर की वजह से अर्जुन कपूर बीच में बहुत ही चर्चा में थे। इस वजह से सलमान खान और अर्जुन के बीच रिश्तों में खटास पैदा

हो गई। अभी हाल ही में सूत्रों की माने तो, अब अर्जुन कपूर चुलबुल पाण्ड़ेय यानी सलमान  खान के साथ अपने रिश्ते को सही करना चाहते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जब से सलमान खान को काले हिरण शिकार मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई है। तभी से अर्जुन कपूर सलमान की दोनों बहनों के साथ सपंर्क में रहते है। वे सलमान खान के बारे में चिंता जताते हैं।

बता दे आप को  खबर है, कि सलमान को अर्जुन कपूर की इस चिंता के बारे में बताया गया था। लेकिन सलमान ने इस प्रतिक्रिया पर क्या जबाब दिया। ये अभी किसी को मालूम  नहीं है। सलमान ने किसी से भी अर्जुन को फिल्म में ना लेने के लिए माना नहीं किया। उन्हें जरूरत भी नहीं है। इसके बाबजूद भी फिल्ममेकर्स खुद ही अर्जुन कपूर को कास्ट करने से बचते रहते हैं वे भाईजान को नाराज नहीं करना चाहते।

बताते  चले, जब बोनी कपूर आर्थिक तंगगी से जूझ रहे थे। तब सलमान खान ने बिना फीस के उनकी फिल्म नो एंट्री में काम किया था। बोनी ने अर्जुन को मलाइका से दूरियां बनाने के लिए भी कहा था।

खबरें हैं कि जब सलमान को अर्जुन और मलाइका के रिश्ते के बारे में पता चला। तो सलमान ने अर्जुन से बात भी की थी। लेकिन सलमान जैसा चाहते थे ऐसा कुछ नहीं हो पाया। इसलिए आज भी अरबाज-मलाइका के तलाक के लिए वे अर्जुन को ही जिम्मेदार मानते हैं।

CWG 2018: देश के लिए आते मेडल्स के बीच नाराज हुईं पीटी उषा

पीटी उषा
पीटी उषा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। भारत इस कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक 27 मेडल जीत चुका है। मेडल टैली में वह तीसरे स्थान पर है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारत की ‘उड़न परी’ पीटी उषा काफी खफा नजर आ रही हैं। पीटी उषा ने कामनवेल्थ गेम्स में विजेता खिलाड़ियों की स्थानीय पहचान को उजागर करने के लिए मीडिया की कड़ी आलोचना की है।

पीटी उषा ने भारतीय मीडिया की आलोचना करते हुए कहा है कि, वह कॉमनवेल्थ गेम्स में विजेताओं की स्थानीय पहचान पर फोकस कर रहा है जो गलत है। अपने टि्वटर अकाउंट के जरिए उन्होंने रिपोर्टरों की उस प्रवृति पर सवाल उठाया है जो विजेता खिलाड़ियों के बारे में लिखते हैं कि हरियाणा के लड़के ने या दिल्ली की लड़की ने मेडल जीता।

पीटी उषा ने ट्वीट किया कि, ऑस्ट्रेलिया या अमेरिका का कोई खिलाड़ी जीतता है तो कहीं उनकी स्थानीयता का जिक्र नहीं होता। वे हमेशा ही कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने या अमेरिका ने पदक जीता।

उन्होंने ट्वीट किया कि, हरियाणा ब्वॉय विन्स, दिल्ली गर्ल्स डज इट.. चेन्नई गर्ल पंजाब ब्वॉय.. क्या हम बिना राज्यों के उल्लेख के उनकी जीत का जिक्र नहीं कर सकते। क्या आपने कभी सुना है कि यूएसए ने रिपोर्ट किया हो कि फ्लोरिडा के लड़के या टेक्सास की लड़की ने मेडल जीता।

उषा के ट्वीट पर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी ट्वीट किया कि, भारत और भारतीयों की जीत हर बार देश का गौरव बढ़ाती है। लेकिन हम सिर्फ अपने देश के लिए खेलते है। अपने तिरंगे के लिए एक भारत श्रेष्ठ भारत।

 कठुआ गैंगरेप: भड़के बॉलीवुड के सितारे

 कठुआ गैंगरेप
 कठुआ गैंगरेप

कोमल झा | Navpravah.com

जम्मू-कश्मीर: कठुआ जिले में बकरवाल समुदाय की 8 साल की मासूम आसिफा के साथ पहले गैंगरेप फिर उस मासूम बच्ची की हत्या के सिलसिले पर बॉलीवुड के कुछ सितारे इस मसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। फरहान अख्‍तर, सोनम कपूर, सिमी ग्रेवाल, फरहान अख्‍तर सह‍ित कई स‍ितारों ने सरकार को कठघर में खड़ा क‍िया है।

फरहान अख्तर और सिमी ग्रेवाल ने अपने फॉलोअर्स से आसिफा को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने की विनती की।फरहान ने कहा, जरा सोचिए कि 8 साल की बच्ची पर उस समय क्या बीती होगी, जब उसको ड्रग्स देकर कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया जा रहा हो। उसकी जान चले जाना बड़ी ही शर्म की बात है। अगर आप इसे एक बेहद दर्दनाक हरकत नहीं मानते हैं, तो आप इंसान नहीं हैं। अगर आप उसे न्याय दिलाने की गुहार नहीं लगा सकते, तो आप किसी काम के नहीं हैं।

सिमी ग्रेवाल ने लिखा- संसार में इंसान से ज्यादा निर्दयी और कोई नहीं हो सकता। आसिफा का बलात्कार करने वाले लोग दानव हैं। कोई इतनी छोटी सी मासूम बच्ची के साथ ऐसा कैसे कर सकता है। ये बार सोचा तक नहीं मेरा सिर्फ एक ही सवाल है कि आखिर भगवान कहां है।

अभ‍िनेत्री सोनम कपूर ने ल‍िखा है क‍ि घटना बेहद शर्मनाक है। मुझे यकीन नहीं हो रहा है क‍ि ये मेरे ही देश में हो रहा है।वहीं जावेद अख्‍तर ने ल‍िखा है क‍ि वो सभी लोग, जो मह‍िलाओं को इंसाफ द‍िलाना चाहते हैं, इस मामले पर आवाज उठाएं।

आप को बता दें कि यह मामला 12 जनवरी को सामने आया था, जब लड़की के पिता मोहम्मद यूसुफ ने हीरानगर थाने में केस दर्ज कराया था। सूत्रों के मुताबिक, 10 जनवरी को तकरीबन 12:30 बजे आसिफा जंगल में घोड़े के लिए चारा लेने गई थी, जिसके बाद वह घर नहीं लौटी। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, जांच में पता चला कि बच्ची को बंधक बनाकर एक मंदिर में रखा गया और कई दिनों तक गैंगरेप किया गया।

बाद में उसकी हत्या कर दी गई बच्ची का शव 17 जनवरी को रसाना जंगलों से बरामद हुआ था। अपराध शाखा ने 9 मार्च को उच्च न्यायालय में रिपोर्ट दायर की थी। उच्च न्यायालय इस मामले की निगरानी कर रहा है।

वाराणसी में 25 हजार का इनामी बदमाश एक मुठभेड़ में हुआ गिरफ्तार

वाराणसी
वाराणसी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

वाराणसी के सिंहपुर गांव में कल शाम पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी बदमाश और कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर रामबाबू यादव उर्फ बाबू पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में बदमाश रामबाबू गोली लगने से घायल हो गया। जिसका इलाज दीनदयाल अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने बताया, कि मुठभेड़ में 12 हजार का इनामी बदमाश दीपक वर्मा फायरिंग करते हुए फरार हो गया।

बताया जा रहा है कि, इस मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह के सीने के दाएं तरफ लक्ष्य कर बदमाशों ने गोली चलाई लेकिन उनके बुलेट प्रूफ जैकेट में जा धंसी, जिसके चलते वो बाल-बाल बच गए।

घटना के बारे में एसएसपी वाराणसी आर के भारद्वाज ने बताया कि, क्राइम ब्रांच और सारनाथ पुलिस को सूचना मिली थी कि सिंहपुर रिंग रोड के पास दो शातिर बदमाश बाइक से किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जा रहे हैं। इसी सूचना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की।

पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच करीब 30 से 32 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगने से घायल हो गया। जबकि दूसरा फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है।

कर्मचारियों के साथ धोखा, कंपनियों ने जमा नहीं कराया PF का रूपया

PF का रूपया
PF का रूपया

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में बड़ा घोटाला होने की संभावना नजर आ रही है। क्योंकि देश की कई दिग्गज कंपनियों ने कर्मचारियों के पीएफ का 6.25 करोड़ रुपए जमा नहीं कराया है।

कर्मचारियों के पीएफ का लेखा-जोखा रखने वाले ईपीएफओ की सालाना रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में कर्मचारियों के पीएफ का पैसा न जमा करने वाली कंपनियों के नाम शामिल किए गए हैं।

EPFO ने 433 कंपनियों की जांच शुरू कर दी है। जिन पर पीएफ मैनेजमेंट में गड़बड़ियों की आशंका है। EPFO ने अपने फील्ड ऑफिसों से इन 433 कंपनियों का तुरंत ऑडिट कर इनकी वित्तीय हालत पता लगाने का निर्देश दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में सामने आया है कि ईपीएफओ में 6.25 हजार करोड़ का डिफॉल्ट हुआ है। 1539 सरकारी कंपनियों ने 1360 करोड़ रुपये नहीं जमा किए जबकि प्राइवेट कंपनियों ने 4651 करोड़ रुपये नहीं जमा किए हैं।

कंपनियों को ट्रैक करने वाले EPFO के एक विभाग ने यह पाया कि अपने खुद के प्रविडेंट फंड ट्रस्ट्स चलाने वाली इन 433 कंपनियों ने अपने एम्प्लॉयीज के फरवरी 2018 के पीएफ रिटर्न्स फाइल नहीं किए गये हैं।

हालांकि कंपनियों के ऑडिट के बाद ही हकीकत सामने आएगी, EPFO अधिकारी इन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। कंपनियों को मिलने वाली छूट पर भी रोक लगाई जा सकती है। अगर कोई कंपनी एक बार यह टैग खो देती है तो उसे हर महीने की 15 तारीख से पहले अपने एम्प्लॉयीज के पीएफ डिडेक्शंस EPFO को बताने होते हैं।

जस्टिस कुरियन ने CJI को ख़त लिखकर बयाँ किया अपना दर्द

जस्टिस कुरियन
जस्टिस कुरियन

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा एक जज और एक वरिष्‍ठ वकील को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्‍त किए जाने के संबंधित सिफारिशों की फाइल पर सरकार चुप्‍पी साधे हुए है।

ऐसे में यदि इसका जवाब नहीं दिया गया तो सुप्रीम कोर्ट का अस्तित्‍व खतरे में पड़ जाएगा। इस आशय का खत सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जोसेफ कुरियन ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को लिखा है।

कॉलेजियम ने वरिष्‍ठ वकील इंदु मल्‍होत्रा और उत्‍तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्‍त करने की सिफारिश की है। इसी संबध में कुरियन ने चीफ जस्टिस से अपील की है कि, इस कोर्ट के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि तीन महीने बीत जाने के बावजूद की गई सिफारिशों का क्‍या हुआ। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

द इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस कुरियन ने चीफ जस्टिस से मामले का स्‍वत:संज्ञान लेने की अपील की है। यदि उनकी मांग को स्‍वीकार कर लिया जाता है तो खुले कोर्ट में सात वरिष्‍ठतम जज इस मामले की सुनवाई करते हुए लंबित सिफारिशों के बारे में सरकार से पूछ सकते हैं।

जस्टिस कुरियन ने सीजेआई से तत्‍काल हस्‍तक्षेप करने की अपील करते हुए यह भी कहा है कि, गर्भावस्‍था की अवधि पूरी होने पर यदि नॉर्मल डिलीवरी नहीं होती तो सिजेरियन ऑपरेशन की तत्‍काल जरूरत होती है। यदि सही समय पर ऑपरेशन नहीं होता तो गर्भ में ही नवजात की मौत हो जाती है।

कुरियन ने यह भी चेतावनी दी है कि, इस कोर्ट की गरिमा, सम्‍मान और आदर दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। क्‍योंकि इस कोर्ट की अनुशंसाओं को अपेक्षित समयावधि के भीतर हम तार्किक निष्‍कर्षों तक पहुंचाने में सक्षम नहीं रहे हैं।

इस पत्र की कॉपी सुप्रीम कोर्ट के अन्‍य 22 जजों को भी भेजी गई है। जस्टिस कुरियन नवंबर में रिटायर होने वाले हैं और जजों को नियुक्ति से संबंधित कॉलेजियम के सदस्‍य हैं।

इससे पहले जस्टिस कुरियन जोसेफ ने 10 अप्रैल को दिल्ली में केरल मीडिया अकेडमी में स्टूडेंट्स से बातचीत के दौरान कहा था। कि कोर्ट और मीडिया को अपनी बात हमेशा बुलंद आवाज में कहना चाहिए। फिर चाहे कोई सुने या न सुनें।

उन्नाव गैंगरेप: यूपी के डीजीपी आरोपी बीजेपी MLA को ‘माननीय’ बोलकर फंसे

डीजीपी
डीजीपी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को फजीहत झेलनी पड़ी, क्योंकि उन्होने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्नाव सामूहिक बलात्कार के मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को ‘माननीय’ कहकर संबोधित किया।

उन्नाव सामूहिक बलात्कार और पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में फंसे भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर मामले पर आज एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह पत्रकारों के सवाल का जवाब देने के लिये मौजूद थे।

इसी क्रम में डीजीपी ने कई बार आरोपी विधायक सेंगर को ‘माननीय’ कहकर संबोधित किया, जिसपर वहां बैठे पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया लेकिन डीजीपी ने सफाई देते हुए कहा कि भाजपा विधायक अभी आरोपी हैं और उनके ऊपर दोष साबित नहीं हुआ है। ऐसे में ‘माननीय’ कहने में कुछ गलत नहीं है।

डीजीपी ने साफ तौर से कहा कि मामले की पहले जांच कराई जाएगी। साक्ष्य मिलने के बाद ही सीबीआई तय करेगी की गिरफ्तारी होगी या नहीं होगी। इस मामले की तूल पकड़ते देख इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था।

SC ने सुन्नी वक्फ बोर्ड से कहा, शाहजहां के दस्तखत वाला दस्तावेज दिखाएं

ताजमहल
ताजमहल

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट ने आज उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड से कहा कि विश्व धरोहर ताजमहल पर अपना मालिकाना हक साबित करने के लिए वह मुगल बादशाह शाहजहां के दस्तखत वाले दस्तावेज दिखाएं।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा , न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने वक्फ बोर्ड के वकील से कहा कि इस दावे के समर्थन में दस्तावेज दिखाएं कि अपनी बेगम मुमताज महल की याद में 1631 में ताज महल का निर्माण करने वाले शाहजहां ने बोर्ड के पक्ष में ‘वक्फनामा’ कर दिया था।

पीठ ने कहा कि, भारत में कौन विश्वास करेगा कि यह ( ताज ) वक्फ बोर्ड का है। इस तरह के मसलों को शीर्ष अदालत का वक्त बर्बाद नहीं करना चाहिए। वक्फ बोर्ड के वकील ने जब यह कहा कि शाहजहां ने स्वंय इसे वक्फ की संपत्ति घोषित की थी तो पीठ ने बोर्ड से कहा कि मुगल शहंशाह द्वारा निष्पादित मूल प्रलेख दिखाया जाए।

शीर्ष अदालत ऐतिहासिक स्मारक ताज महल को वक्फ की संपत्ति घोषित करने के बोर्ड के फैसले के खिलाफ पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा 2010 में दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने सवाल किया कि शाहजहां खुद कैदे दस्तावेज पर दस्तखत कर सकता था जब उत्तराधिकार को लेकर हुई लड़ाई में उसे ही उसके बेटे औरंगजेब ने आगरा के किले में 1658 में कैद कर लिया था। इस किले में ही शाहजहां की 1666 में मौत हो गई थी।

चेन्नई में होने वाले IPL मैच हो सकते हैं रद्द – सूत्र

csk
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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे कावेरी नदी जल विवाद के कारण इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें संस्करण के चेन्नई में होने वाले बाकी मैच रद्द हो सकते हैं।एएनआई के अनुसार, सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर आई है कि चेन्नई में खेले जाने वाले बाकी मैचों का आयोजन कावेरी मुद्दे की वजह से किसी दूसरी जगह हो सकता है।

10 अप्रैल को खेले मैच को लेकर भी कई संगठन विरोध कर रहे थे। मैच से पहले स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन किया गया था। आईपीएल विरोधी प्रदर्शनों के दौरान तीन पुलिसकर्मियों पर कथित हमला भी किया गया था। जिसकी निंदा रजनीकांत ने भी की है।

प्रदर्शनों के बीच चेपॉक स्टेडियम में 10 अप्रैल को आईपीएल क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ था। इस स्टेडियम के निकट प्रदर्शनकारियों ने तीन पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से हमला किया था।

कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर राजनीतिक पार्टियां, तमिल समर्थक संगठन, स्वयंसेवी संगठन और छात्र समूह गत एक अप्रैल से प्रदर्शन कर रहे है।

बता दें कि, उच्चतम न्यायालय ने कावेरी नदी के जल के बंटवारे में तमिलनाडु के हिस्से का पानी घटा दिया और कर्नाटक का हिस्सा बढ़ा दिया था। इसके अलावा कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का अभी गठन नहीं हुआ है।

इन बातों को लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन जारी है। कुछ तत्वों ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) और कावेरी जल नियामक समिति (सीडब्ल्यूआरसी) का गठन नहीं करने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हेतु आईपीएल के मैचों के आयोजन के खिलाफ आंदोलन करने की धमकी भी दी है।