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Wednesday, September 9, 2026
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बिहार चुनाव : सीएम नीतीश कुमार ने भी डाला वोट, अब तक 8.70 प्रतिशत मतदान

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत मंगलवार को सुबह सात बजे से 17 जिलों के 94 विधानसभा क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ. वहीं चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार में सुबह नौ बजे तक कुल 8.70 फीसदी मतदान हुआ है. मंगलवार सुबह सुशील मोदी, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी समेत कई दिग्गजों ने मतदान किया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में मतदान किया. वोट डालने के बाद नीतीश ने विक्ट्री साइन दिखाया और लोगों से अधिक से अधिक वोट डालने की अपील की.

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मतदान के लिए सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. कोरोना काल में हो रहे चुनाव को लेकर पूरी व्यवस्था की गई है. दूसरे चरण में राज्य के 94 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जा रहे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में 2.85 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इस चरण के लिए 41,362 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

1463 प्रत्याशी मैदान में
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 1,463 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, इनमें से 1316 पुरुष, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर शामिल है. इस चरण के चुनाव में महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 27 प्रत्याशी हैं, जबकि दरौली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम चार प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं.सामान्य विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक जबकि कई इलाकों में सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.

10 नवंबर को होगी मतगणना
बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं. तीन चरणों के चुनाव के तहत प्रथम चरण के लिए 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुका है. तीसरे चरण के लिए सात नवंबर को 78 सीटों के लिए मतदान होगा. वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी.

सेना भर्ती की लिखित परीक्षा में घोटाला

मिलिट्री भर्ती के लिए ली गई लिखित परीक्षा में परीक्षार्थियों से लाखों रुपए ऐंठकर घोटाला किये जाने का मामला सामने आया है. इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए मिलिट्री इंटलीजेंस और पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में मिलिट्री के एक क्लर्क समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस घोटाले में करीबन 19 परीक्षार्थियों से लाखों रुपए लेकर उन्हें पास किये जाने का खुलासा हुआ है.

दो क्लर्क गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मिलिट्री के क्लर्क रविंद्र राठौड़ (निवासी राजस्थान) और वेनसिंग लालासिंग रावत (45, निवासी पिंगले बस्ती, मुंढवा मूल निवासी अजमेर, राजस्थान) का समावेश है. उनके खिलाफ पुणे के वानवड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज करने का काम शुरू है. बताया जा रहा है कि आज वानवडी के मिलिट्री ऑफिस में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी. इसमें राज्यभर से परीक्षार्थी शामिल हुए थे. मिलिट्री इंटलीजेंस को आज की लिखित परीक्षा में परीक्षार्थियों से पैसे ऐंठे जाने की खबर मिली थी.

क्राइम ब्रांच के साथ मिल कर कार्रवाई
इसके अनुसार मिलिट्री इंटलीजेंस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर कार्रवाई का प्लान बनाया. पुलिस उपायुक्त बच्चन सिंह के मार्गदर्शन में एक दस्ता गठित किया गया. इस दस्ते और इंटलीजेंस की टीम ने उक्त दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसमें पता चला कि आरोपी रावत ने मिलिट्री के क्लर्क राठौड़ की मदद से 19 परीक्षार्थियों से 3 से 4 लाख रुपए वसूलकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का झांसा दिया था. परीक्षा से पहले उनके कागजात भी उन्होंने अपने पास रखे थे और पास होने के बाद हमने ही पास कराया बताकर पैसे लेकर कागजात दे रहे थे. दोनों आरोपियों को पकड़कर वानवड़ी पुलिस के हवाले किया गया. खबर लिखे जाने तक उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का काम जारी था.

सुनामी की आशंका से सदमे में तुर्की और ग्रीस की जनता, अधिकारियों ने कहा, “देशवासी रहें सावधान”

तुर्की व ग्रीस में शुक्रवार को 7.0 तीव्रता के तेज भूकंप के झटके।
• सुनामी की आशंका से टेन्शन में देशवासी। 
• अधिकारियों कहा, “सावधान रहें देशवासी”। 
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
तुर्की और ग्रीस के तेज़ भूकम्प ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। भूकम्प के झटके इतने तेज़ थे कि अधिकारियों की नींद उड़ गई है। तुर्की के पश्चिमी इजमिर प्रांत और ग्रीस में शुक्रवार को 7.0 तीव्रता के तेज भूकंप के झटके महसूस किए। झटके एथेंस और इस्तांबुल में भी महसूस किए गए। वहीं, इस भीषण भूकंप ने सुनामी आने की आशंका को भी जन्म दे दिया है।
अधिकारियों ने सुनामी के लिए चेतावनी जारी कर दी है और लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है। सुनामी की आशंकाओं को देखते हुए ग्रीस के भूकंपरोधी योजना संगठन के अध्यक्ष एफ्तिमियोस लेकास ने समोस के नागरिकों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने को कहा है। बता दें कि समोस एक द्वीप है जिसकी आबादी करीब 45 हजार है। लेकास ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि यह एक बहुत बड़ा भूकंप था, इससे बड़ा भूकंप आना मुश्किल है।
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 6.9 थी। इसका केंद्र समोस द्वीप से 13 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। वहीं, तुर्की के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्रेसीडेंसी ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 6.6 आंकी गई। इसका केंद्र 16.5 किलोमीटर (10.3 मील) की गहराई पर एजियन में केंद्रित था।

गालियों की वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ के मेकर्स पर मँडरा रहा बड़ा ख़तरा, सीरीज़ का एक सीन बना सिरदर्द

नामचीन लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक मेकर्स से बेहद ख़फ़ा।

• एक सीन को लेकर आपत्ति, लेखक ने भेजा नोटिस। 

• पाठक बोले, “सीन तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, नहीं तो जाएँगे कोर्ट।”

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 

गालियों की बौछार लगा देने वाले मिर्ज़ापुर के मेकर्स की हवा निकालने पूरी तैयारी लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक कर चुके हैं। क्रिएटिविटी के नाम पर गंद फैलाने वाले निर्माता-निर्देशकों पर शायद इस कठोर कदम से कुछ अंकुश लगे। जाने-माने लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक ने मिर्ज़ापुर के मेकर्स को उनकी और उनके पुस्तक की छवि ख़राब करने को लेकर एक नोटिस भेजा है। पिछले कुछ समय से मिर्ज़ापुर जैसी तमाम वेब सीरीज़ में क्रीएटिविटी के नाम पर अभद्र भाषा का प्रयोग बेहद आम हो गया है। ऐसे ट्रेण्ड सेट कर दिया गया है कि अगर सीरीज़ में गाली नहीं है, तो मेकर कमज़ोर है या वो डेली सोप वाला है।

गालियों की ऐसी लत लगी है युवाओं को कि रातों-रात ऐसी सीरीज़ हिट हो जा रही हैं और ऐसे निर्माताओं को बल मिलता जा रहा है। इस तरह की वेब सीरीज़ से आजिज़ आकर मिर्ज़ापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल ने भी शहर की छवि ख़राब करने को लेकर आपत्ति जताई है और सेंसरशिप लगाने की बात कही है।

दरअसल, ‘मिर्जापुर 2’ के तीसरे एपिसोड में एक सीन है जिसमें अभि‍नेता कुलभूषण खरबंदा, जिन्होंने सत्यानंद त्रि‍पाठी का किरदार निभाया है वो ‘धब्बाड’ नाम की एक उपन्यास पढ़ रहे हैं। उपन्यास पढ़ने वाले सीन के दौरान कुछ पंक्तियाँ सुनाई दे रही हैं। इस सीन में जो वॉइस ओवर है, वो बेहद अश्लील है और उसका इस पुस्तक से कोई लेना देना नहीं है। लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक ने स्पष्ट किया कि उनके उपन्यास का इन लाइंस से कोई सरोकार नहीं है और इसकी वजह से उनकी और उनकी कृति दोनों की छवि धूमिल हुई है।

एक अंग्रेज़ी अख़बार के खबर के मुताबिक, लेखक का कहना है कि मैं उनके रिस्पॉन्स का इंतज़ार कर रहा हूं। अगर एक हफ्ते में कोई जवाब नहीं आता तो मैं दिल्ली हाइकोर्ट में मेकर्स के खिलाफ केस फाइल करूंगा।

सुरेंद्र मोहन पाठक के इस ऐक्शन से यह तो निश्चित है कि मिर्ज़ापुर के मेकर्स की नींद उड़ी होगी। सीरीज़ को अलग लेवल का बनाने के चक्कर में उत्तर प्रदेश और बिहार को बदनाम करने का कोई मौक़ा मेकर्स नहीं छोड़ते और ग़ज़ब की बात यह कि इन फ़िल्मों की लीड में ऐसे ही अभिनेता अभिनय करते हैं, जो बख़ूबी जानते हैं कि ऐसी फ़िल्मों से उनके राज्य, शहर और उनके समुदाय की छवि ख़राब हो रही है।

अक्षय कुमार की निकली हेकड़ी, अब ‘लक्ष्मी’ नाम से रीलीज़ होगी फ़िल्म

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
हिंदूवादी संगठनों के दबाव के आगे आख़िरकार अभिनेता अक्षय कुमार को झुकना पड़ा। लक्ष्मी बॉम्ब फ़िल्म के ट्रेलर के बाद से ही अक्षय कुमार की लगातार आलोचना हो रही थी। कई संगठनों ने उनकी इस फ़िल्म को बॉयकॉट करने की मुहिम भी चलाई थी, जिसके चलते फ़िल्म का शीर्षक बदलकर ‘लक्ष्मी’ कर दिया गया।
फिल्म के निर्देशक राघव लॉरेंस ने ये फैसला केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के साथ हुई बैठक के बाद लिया। अक्षय की ये फिल्म अब ‘लक्ष्मी’ नाम से रिलीज होगी। दरअसल फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ अपने ट्रेलर की रिलीज के साथ ही विवादों में आ गई। फिल्म में अक्षय के किरदार का नाम की जानकारी सामने आते ही फिल्म के नाम का भी विरोध शुरू हो गया।
‘लक्ष्मी बॉम्ब’ को लेकर पहले तो सोशल मीडिया पर अक्षय कुमार को खूब ट्रोल किया गया। फिल्म के ट्रेलर के लाइक्स छुपाए गए तो ये मामला और भड़क गया। इसके बाद अक्षय ने किन्नर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के साथ मिलकर मामले को दूसरा रूप देने की कोशिश भी की। फिल्म का प्रचार भी उन्हीं के साथ जाकर एक टीवी शो पर किया। लेकिन, इसी के बाद करणी सेना मैदान में कूद गई।
करणी सेना ने फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ के नाम को लेकर कड़ी आपत्ति जताई और चेतावनी दी कि अगर फिल्म का नाम न बदला गया तो इससे जुड़े लोगों के लिए यह ठीक न होगा। संगठन ने इसके लिए बाकायदा नोटिस भी भेज दिया। उधर, फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ को टेलीविजन और सिनेमाघरों में भी रिलीज करने के लिए इसके निर्देशक राघव लॉरेंस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड के पास पहुंच गए।

बिहार : मुंगेर में बेक़ाबू भीड़ ने जलाया थाना, हटाए गए DM-SP

बिहार ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
बिहार के मुंगेर की घटना से स्थानीय आम जनमानस की भावनाओं को गहरी ठेस लगी है। पुलिस प्रशासन पर जिले-प्रदेश और समुदाय की जनता में रोष व्याप्त है। गुरुवार को आम जनता का ग़ुस्सा फिर फूटा। लोगों ने गुरुवार को ख़ूब बवाल किया और गुस्साई भीड़ ने पूरब सराय को आग के हवाले कर दिया।
उग्र भीड़ ने पुलिस की भी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। यही नहीं, एसडीओ और डीएसपी के दफ्तर और आवास पर भी पथराव किया गया है। वहीं जिले की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हटा दिया है। आज ही नए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की तैनाती की जाएगी।
घटना को लेकर बिहार चुनाव आयोग के सीईओ ने ट्वीट कर बताया कि मुंगेर की एसपी और डीएम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने लिखा, ‘मुंगेर में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, चुनाव आयोग ने एसपी और डीएम मुंगेर को तत्काल हटाने का आदेश दिया है। आयोग ने असंगबा चुबा एओ, मंडल आयुक्त, मगध द्वारा पूरी घटना की जांच करने का आदेश दिया है, जिसे अगले सात दिनों के भीतर पूरा किया जाना है।’
स्थानीय लोगों की मांग थी कि मुंगेर की पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के खिलाफ मंगलवार की घटना को लेकर तुरंत कारवाई की जाए। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पूर्व हुई उस घटना ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहां इस घटना की निंदा की, वहीं मुंगेर की एसपी लिपि सिंह को जनरल डायर की संज्ञा तक दे डाली। दरअसल दशहरे की रात मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस और आम लोगों के बीच पहले विवाद हुआ और उसके बाद वहां जमकर हंगामा हुआ था। पुलिस को गोलियां तक चलानी पड़ी थी, जिसमे एक युवक की मौत हो गई थी और कई अन्य बुरी तरह घायल हो गए थे।

गोरखपुर : ऐसा क्या हुआ कि आगबबूला हुए समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता, जानिए क्या है माजरा

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले में कुछ ऐसा हुआ कि समाजवादी पार्टी प्रदेश सरकार पर बरस पड़ी। सपाइयों को इतना ग़ुस्सा आया कि उन्होंने योगी सरकार को दूषित सोच वाली सरकार तक कह डाला। दरअसल, गोरखपुर जिले के रेलवे अस्पतालों के शौचालयों की दीवारों का रंग समाजवादी पार्टी के झण्डे के रंग जैसा होने की वजह से सपाई ग़ुस्से में हैं।
समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर घोर आपत्ति जताते हुए तुरंत इसे ठीक करने की अपील की गई है। इस मामले को लेकर आज सपाई, रेलवे के अफसरों से मिलकर बातचीत करेंगे।
बता दें कि गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर इस बारे में आपत्ति जताई। ट्वीट में लिखा गया, ‘दूषित सोच रखने वाले सत्ताधीशों द्वारा राजनीतिक द्वेष के चलते गोरखपुर रेलवे अस्पताल में शौचालय की दीवारों को सपा के रंग में रंगना लोकतंत्र को कलंकित करने वाली शर्मनाक घटना है!’
तस्वीरों में देखा जा सकता है कि शौचालयों पर लाल और हरे रंग की टाइलें लगाई गई हैं। जिसके बाद समाजवादी पार्टी की ओर से अब भाजपा पर हमला किया जा रहा है। इस पर पार्टी की ओर से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग करने के साथ ही तत्काल रंग बदलने की मांग की गई है।
हालाँकि, प्रशासन की तरफ़ से अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया जा सका है, लेकिन इस मुद्दे की वजह से एक बार सपाई और भाजपाई आमने-सामने नज़र आ रहे हैं।

गुजराती सिनेमा के दिग्गज कलाकार नरेश कनोड़िया की कोरोना से मौत

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
गुजराती अभिनेता नरेश कनोड़िया का कोरोना की वजह से मौत हो गई। 77 वर्षीय अभिनेता कनोड़िया कुछ दिन पूर्व ही कोरोना संक्रमण की गिरफ़्त में आए, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टिट्यूट में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा- ‘मुझे गुजराती फिल्म सुपरस्टार और भाजपा नेता नरेश भाई कनोडिया के निधन से गहरा दुख हुआ है। सामाजिक और कला के क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा। विधायक श्री हितुभाई कनोडिया से टेलीफोन पर बात की। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि परमात्मा इस दिव्य आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और उनके परिवार और सभी शुभचिंतकों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ૐ शांति।’
नरेश कनोडिया को गुजराती फिल्मों का सुपरस्टार माना जाता है। गुजराती में उन्होंने सैकड़ों फिल्में की हैं। उनके पुत्र हितु कनोडिया भी गुजराती फिल्मों के कलाकार हैं तथा भाई महेश कनोडिया भाजपा के राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। गुजराती के कई नामी फ़िल्मी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

अपहृत बच्ची को बचाने ललितपुर से भोपाल नॉनस्टॉप दौड़ी ट्रेन

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 

उत्तर प्रदेश के ललितपुर से बच्ची का अपहरण कर ट्रेन से भाग रहे अपहरणकर्ता को रेल विभाग और पुलिस की सतर्कता से बचा लिया गया. भारतीय रेलवे विभाग ने इंसानियत की मिसाल पेश करते मासूम को बचाने के लिए ट्रेन को उत्तर प्रदेश के ललितपुर से मध्य प्रदेश के भोपाल तक नॉनस्टॉप दौड़ाया. रेलवे विभाग और आरपीएफ के सिपाहियों की सूझबूझ की हर कोई तारीफ कर रहा है.

– पुलिस ने दिखाई सतर्कता
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक तीन साल की बच्ची का अपहरण हो गया था. जिसके बाद मासूम के माता-पिता बेटी को तलाशते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंच गए. जहां उन्होंने आरपीएफ थाने में जाकर शिकायत दी. इसके बाद आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह रजावत हरकत में आया और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया. लेकिन इंस्पेक्टर कुछ समझ पाता इससे पहले आरोपी बच्ची को लेकर राप्ती सागर एक्सप्रेस में सवार हो गया.

– ललितपुर से भोपाल तक नॉनस्टॉप दौड़ी ट्रेन
आरपीएफ सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने ललितपुर रेलवे विभाग के अधिकारियों और पायलेट को इस मामले की जानकारी दी. कहा कि ट्रेन को ललितपुर से लेकर भोपाल के बीच किसी भी स्टेशन पर न रोकने का निवेदन किया. इसके अलावा ऑपरेटिंग कंट्रोल भोपाल को भी पूरे मामले के बारे में बताया गया. हुआ भी ऐसा ही और ट्रेन को ललितपुर से भोपाल तक नॉनस्टॉप दौड़ाया गया. ताकि बीच में आरोपी कहीं नहीं उतर सके.

– बीच स्टेशनों पर चिल्लाते रह गए यात्री
राप्तीसागर एक्सप्रेस में बैठे यात्री चिल्लाते रहे कि गाड़ी को रोक दो हमारा स्टेशन आ गया है, लेकिन गाड़ी को भोपाल पहुंचने के बाद ही रोका गया. यहां पर पहले से ही बच्ची को बचाने और आरोपी को पकड़ने के लिए आरपीएफ के जवान बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. जैसे ही गाड़ी रुकी तो बच्ची को बचा लिया औरअपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. इस तरह सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह रजावत की सूझबूझ से मासूम बच्ची की जिंदगी बच गई.

रेलवे ने पहली बार किया यह काम
बच्ची को ले जाकर उसके माता-पिता के हाथों में सकुशल सौंप दिया गया. मां-बाप से लेकर हर कोई इंस्पेक्टर और रेलवे की तारीफ कर रहा है. इसके अलावा भारतीय रेलवे के लिए यह ऐसा पहला मौका है जब अपहरणकर्ता को पकड़ने और एक बच्ची को बचाने के लिए ट्रेन को इस तरह से नॉनस्‍टॉप चलाया गया हो.

बिहार में बनेगी भाजपा-लोजपा की सरकार, सीतामढ़ी में बनेगा माता सीता का मंदिर

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बिहार विधानसभा चुनाव भाजपा की सहयोगी पार्टी लोजपा बिहार में नए समीकरण की तैयारी में है. लोजपा के अध्यक्ष किसी भी हाल में नीतीश कुमार से समझौते के मूड में नहीं है. चिराग पासवान ने नए समीकरण के संकेत देते हुए कहा कि इस बात में शक नहीं है कि हम सरकार बनाएंगे. अगर हमारी सरकार बनेगी तो हम सीता मंदिर की नींव रखेंगे. कम से कम जो अभी मुख्यमंत्री हैं, वे तो मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. भाजपा की अगुआई में हम भाजपा-लोजपा सरकार बनाएंगे.
राम मंदिर से भी भव्य होगा सीता मंदिर
चिराग ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मंदिर कार्ड भी खेला. उन्होंने कहा- अगर लोजपा सत्ता में आई तो सीतामढ़ी में सीता मंदिर बनाया जाएगा. खुद को मोदी का हनुमान कहने वाले चिराग ने कहा कि मैं राम मंदिर से भी बड़ा सीता मंदिर बनाना चाहता हूं. चिराग ने कहा कि सीता के बिना राम अधूरे हैं और इसी तरह सीता भी राम के बिना अधूरी हैं. अयोध्या के राम मंदिर को सीतामढ़ी के सीता मंदिर से जोड़ने के लिए एक कॉरिडोर भी बनाया जाएगा. चिराग पासवान सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में पूजा करने आए थे.
बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच बनाया जाएगा सीता राम कॉरिडोर
लोजपा ने बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट के अपने विजन डॉक्यूमेंट में सीता मंदिर बनाने का वादा किया है. इसके साथ ही मंदिर के आसपास के इलाकों के विकास भी बात कही गई है. अयोध्या से सीतामढ़ी को जोड़ने के लिए एक सिक्स लेन कॉरिडोर की भी बात इसमें है. उन्होंने बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा तक ये रोड बनेगी और इसे सीता-राम कॉरिडोर नाम दिया जाएगा. बिहार विधानसभा चुनाव में लोजपा ने जयदू के खिलाफ तो कैंडिडेट उतारे हैं, पर भाजपा के खिलाफ नहीं. बिहार में तीन चरणों में चुनाव होगा. 28 अक्टूबर, 3 नंवबर और 7 नवंबर को यहां वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 10 नवंबर को की जाएगी.