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Saturday, August 1, 2026
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जाति-धर्म नहीं, क़ाबिलियत देखकर करें मतदान – राजनीति की पाठशाला

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 

शनिवार को राजनीति की पाठशाला द्वारा नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ़्रेन्स का आयोजन किया गया। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की जागरूकता के मद्देनज़र यह कॉन्फ़्रेन्स आयोजित किया गया। राजनीति की पाठशाला की तरफ़ से एक पोस्टर भी लॉंच किया गया, जिसके ज़रिए अपील किया गया है कि इस बार जाति-धर्म और पार्टी नहीं बल्कि प्रत्याशी की क़ाबिलियत को ध्यान में रखकर मतदान किया जाए।

राजनीति की पाठशाला के संस्थापक डॉ. अजय पाण्डेय ने पत्रकारों से बात-चीत के दौरान कहा कि मतदाताओं का जागरूक होना बेहद आवश्यक है। प्रदेश की तरक़्क़ी के लिए मतदाताओं को सही उम्मीदवार को चुनना चाहिए, न कि धर्म-जाति को देखकर। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवमानना न हो, इसका भी ख़ास ख़याल रखा जाना चाहिए।

डॉक्टर पाण्डेय ने कहा कि देश इस समय कोरोना महामारी जैसे भीषण संकट से गुज़र रहा है। ऐसे में हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान देने की ज़रूरत है। ऐसा देखा जा रहा है कि प्रचार सभाओं में भीड़ इकट्ठा हो जा रही है, इससे समस्या और भी ज़्यादा उग्र हो सकती है। इसलिए उचित दूरी बनाए रहें, ताकि चुनाव के बाद आपकी व्यक्तिगत समस्याएँ न बढ़ें।

ज्ञातव्य है कि राजनीति की पाठशाला गत तीन वर्षों से देश के विभिन्न हिस्सों में भारतीय संविधान को लेकर लोगों को जागरूक कर रहा है। अब तक देश के लगभग २५ राज्यों में पाठशाला की कार्यशालाएँ आयोजित की जा चुकी हैं। प्रेस वार्ता में राजनीति की पाठशाला के संयोजक मो. निज़ामुद्दीन ख़ान, राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन संजीव त्यागी, लीगल अफ़ेयर्स विभाग के चेयरमैन एड. रोहित पाण्डेय, सलाहकार समिति के चेयरमैन सरदार त्रिलोचन सिंह, संस्था के संरक्षक बीपी शर्मा सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

सदमे में पाकिस्तान, वजह जानकर आप चौंक जाएँगे!

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
पाकिस्तान को एक बार फिर से ज़ोरदार झटका लगा है। दरअसल फ़ायनेंशियल ऐक्शन टास्क फ़ोर्स ने पाकिस्तान को एक बार फिर से ग्रे लिस्ट में डाल दिया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान की हालत ख़राब है। यही नहीं, विश्व के 39 में से 38 देशों पाकिस्तान की किसी भी तरह से मदद करने से इंकार कर दिया है। मात्र तुर्की ऐसा देश है, जो पाकिस्तान की वकालत कर रहा है।
‘ग्रे’ लिस्ट में जाने से पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई है। उसको यह पता चल गया है कि आतंकियों को पनाह देना कितना भारी पड़ सकता है। विश्व के तमाम देशों के मुँह मोड़ने बाद पाकिस्तान के पास तुर्की की छतरी के नीचे छिपने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। तुर्की भी पाकिस्तान का साथ इसलिए दे रहा है, क्योंकि इस्लामिक राष्ट्रों का मठाधीश बनना है।
दरअसल अभी सऊदी अरब इस्लामिक राष्ट्रों का नेतृत्व करता है, यही जगह तुर्की हथियाना चाहता है, इसलिए वह इस समय पाकिस्तान के साथ खड़ा हुआ है। रेसप तैयप एर्दोगन के नेतृत्व में तुर्की तुर्क साम्राज्य की विरासत को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है।
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को जून 2018 में ‘ग्रे’ सूची में डाला था और इस्लामाबाद को धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की 27 बिंदुओं की कार्य योजना को वर्ष 2019 के अंत तक लागू करने को कहा था। कोविड महामारी की वजह से इस मियाद में वृद्धि कर दी गई।
भारत ने पाकिस्तान की सच्चाई से दुनिया के सामने पर्दा उठाया और बताया है कि पाक ने 27 में से सिर्फ 21 बिंदुओं पर काम किया है और अभी भी वहां आतंकियों को पनाह दी जा रही है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया और दाउद इब्राहिम जैसे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है।
भारत ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कही इकाइयों और लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि एफएटीएफ के 6 ऐसे अहम बिंदु हैं, जिन पर पाकिस्तान ने कोई काम नहीं किया है।

Lucknow: DIG की पत्नी ने फाँसी लगाकर की आत्महत्या, अधिकारी हाथरस बलात्कार मामले की जाँच टीम के सदस्य

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
लखनऊ में डीआईजी रैंक के अधिकारी चंद्र प्रकाश की पत्नी पुष्पा प्रकाश ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। चंद्र प्रकाश की पत्नी ने लगभग ११ बजे फाँसी लगाई। आनन फ़ानन में कुछ लोगों की सहायता से उन्हें नज़दीकी लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव क़ब्ज़े में लेकर जाँच शुरू कर दिया है। 
पुष्पा प्रकाश ने फांसी लगाकर आत्महत्या क्यों की, इसकी वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। न ही मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिससे ये पता लगाया जा सके कि अधिकारी की पत्नी ने फाँसी लगाई क्यों! हालाँकि, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।  
आपको बता दें कि डीआईजी उन्नाव में तैनात हैं। इसके अलावा हाथरस जिले के चंदपा कोतवाली इलाके की युवती की सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी में चंद्र प्रकाश बतौर सदस्य हैं।

Navratri 2020 : महाष्टमी आज, जानिए माँ महागौरी पूजन विधि एवं मंत्र

आचार्य प्रदीप द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
आज महाष्टमी का पर्व है, इसे दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है। आज यानि नवरात्रि के आठवें दिन भगवती दुर्गा के आठवें स्वरूप माँ महागौरी की पूजा की जाएगी। अष्टमी तिथि पर माँ महागौरी की आराधना से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
माँ महागौरी गौर वर्ण की हैं, इसलिए इनका नाम महागौरी पड़ा। माँ महागौरी की पूजा से कुंडली दोष भी दूर होता है। जब कभी शादी विवाह में अड़चन आती है, तो उस समस्या को दूर करने के लिए महागौरी का पूजन किया जाता है, क्योंकि महागौरी का पूजन करने से कुंडली का कमजोर शुक्र भी मजबूत हो जाता है और दांपत्य जीवन सुखद होता है साथ ही पारिवारिक कलह क्लेश भी मिट जाते हैं।
नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन कुंवारी कन्याओं को घर पर बुलाकर उनकी पूजा करने और भोजन कराने की परंपरा होती है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याओं में माता दुर्गा का स्वरूप होता है और नवरात्रि पर उनकी नौ दिनों तक आराधना करने के बाद कन्या पूजन कर उनकी विदाई की जाती है। वैसे तो नवरात्रि के हर दिन पर कन्या पूजन का महत्व होता है लेकिन अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्या पूजन में 9 कन्याओं का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है।
पूजन विधि-
महा अष्टमी के दिन प्रातः उठ कर स्नान करने के बाद माता की प्रतिमा को अच्छे वस्त्रों से सुसज्जित करें और देवी भगवती की पूरे विधि और विधान से पूजा करनी चाहिए। मां के पूजन के लिए लाल फूलों का उपयोग करना चाहिए। पूजा के बाद मां को खीर, हलुआ और मिठाइयों का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर में हवन करवाना बड़ा ही शुभ होता है।
मां महागौरी बीज मंत्र-
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।
महागौरी मंत्र-
माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना।
श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना।।
ओम देवी महागौर्यै नमः।
अष्टमी तिथि शुभ मुहुर्त-
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार 23 अक्टूबर दिन शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 57 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। जो अगले दिन यानी 24 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। नवमी तिथि 24 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट से आरंभ हो जाएगी, जो 25 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
(लेखक, ज्योतिषाचार्य एवं कर्मकाण्ड के ज्ञाता हैं।) 

महबूबा की मुल्क़ से बेवफ़ाई, तिरंगे का किया अपमान

महबूबा ने दिया राष्ट्रवाद पर बयान
ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
महबूबा मुफ़्ती रहती तो हिंदुस्तान में हैं, लेकिन उन्हें देश के झण्डे से मुहब्बत नहीं है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने ऐसा बयान दिया है, जिसकी तीखी आलोचना शुरू हो गई है। पीडीपी की अध्यक्षा महबूबा मुफ़्ती ने रिहाई के बाद पहली बार पत्रकारों से सीधी बात की।
पत्रकारों से बात करते हुए महबूबा मुफ़्ती ने जम्मू-कश्मीर के झंडे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये मेरा झंडा है। जब तक हमारा झंडा हमारे पास वापस नहीं आ जाता, हम दूसरा कोई झंडा नहीं उठाएंगे। जब हमें अपना झंडा वापस मिल जाएगा, तब हम उस दूसरे झंडे (तिरंगा) को भी उठाएंगे।
मुफ़्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर की भूमि चाहता है न कि उसके लोग। मैं अनुच्छेद 370 फिर से लागू होने तक कोई झंडा नहीं उठाऊंगी। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुझे अनुच्छेद 370 की दोबारा बहाली होने का पूरा यकीन है। जिन्होंने हमसे हमारा हक छीना है। उन्हें हमारा हक लौटाना होगा।
महबूबा ने कहा कि कश्मीर के लिए अब तक हमारी आवाम ने बड़ी क़ुर्बानी दी है, अब हम नेताओं की बारी है। अब हमें आगे आकर कश्मीर को बचाना होगा। जब तक हमें हमारा हक़ लौटाया नहीं जाता, हम किसी भी चुनाव में शरीक नहीं होंगे।
महबूबा ने प्रधानमंत्री पर भी ज़ुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को असल समस्या से इत्तेफ़ाक नहीं रखते। उन्हें पता ही नहीं है कि देश किन परेशानियों से गुज़र रहा है। वे सिर्फ़ अनुच्छेद 370 के नाम पर वोट बटोरने की कोशिश में लगे हैं।

कपिल देव को पड़ा दिल का दौरा, अस्पताल में भर्ती

स्पोर्ट्स डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव को गुरुवार देर रात दिल का दौरा पड़ गया। जिसकी वजह  उन्हें आनन फ़ानन में दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा, जहाँ उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। हालाँकि, इस समय उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे ख़तरे से बाहर हैं। 

एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, महान क्रिकेटरों में शुमार कपिल देव को सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के ओखला में फोर्टिस अस्पताल में गुरुवार देर रात 1 बजे भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी इमर्जेंसी एंजियोप्लास्टी की गई।
अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कपिल फिलहाल आईसीयू में हैं और डॉ. अतुल माथुर और उनकी टीम की निगरानी में हैं। कपिल की हालत स्थिर है और उन्हें कुछ दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
भारत को अपनी कप्तानी में पहला वनडे वर्ल्ड कप दिलाने वाले कपिल देव की गिनती विश्व के दिग्गज ऑलराउंडरों में की जाती है। भारत के पूर्व कप्तान और क्रिकेट जगत के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 में पहली बार वर्ल्ड कप जीता था।

Bihar Assembly Election 2020 : पीएम मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को किया याद, जानिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कर्पूरी ठाकुर

पॉलिटिकल डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अपने चरम पर है। पहले चरण के लिए मतदान की तारीख़ एकदम क़रीब है। ऐसे में हर पार्टी के स्टार प्रचारक जी जान लगाकर चुनाव प्रचार करने में लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में गठबंधन को मज़बूती देने के लिए बिहार के सासाराम पहुँचे। अपने चिर परिचित अन्दाज़ में प्रधानमंत्री ने भाषण शुरू किया। उन्होंने भोजपुरी में भाषण की शुरुआत की। रामविलास पासवान और रघुवंश प्रसाद को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को याद किया।
कर्पूरी ठाकुर की मृत्यु लगभग ३२ वर्ष पहले हुई थी, लेकिन आज भी दिवंगत कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति की धुरी बने हुए हैं। आइए जानते हैं कौन हैं कर्पूरी ठाकुर और कैसे बने वे इतने महत्वपूर्ण व्यक्ति।
कौन थे कर्पूरी ठाकुर? 
कर्पूरी ठाकुर एक साधारण नाई परिवार में जन्मे। आजीवन सामाजिक न्याय को लेकर लड़ते रहे, अपनी इसी लड़ाई की वजह से वे बिहार की सियासत के बेहद महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए। पूरी ज़िंदगी उन्होंने कांग्रेस के ख़िलाफ़ राजनीति की। यहां तक कि आपातकाल के दौरान तमाम कोशिशों के बावजूद इंदिरा गांधी उन्हें गिरफ्तार नहीं करवा सकी थीं।
कर्पूरी ठाकुर 1977 में बिहार के मुख्यमंत्री बने। ढाई साल के कार्यकाल में उन्होंने समाज के दबे-पिछड़ों लोगों के हितों के लिए ख़ूब काम किया। बिहार में मैट्रिक तक पढ़ाई मुफ्त की दी। वहीं, राज्य के सभी विभागों में हिंदी में काम करने को अनिवार्य बना दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में गरीबों, पिछड़ों और अति पिछड़ों के हक में ऐसे तमाम काम किए, जिससे बिहार में भारी बदलाव आया। इसके बाद कर्पूरी ठाकुर की राजनीतिक ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ और वो बिहार की सियासत में समाजवाद का बड़ा चेहरा बन गए।
जनता पार्टी के दौर में लालू और नीतीश ने कर्पूरी ठाकुर की उंगली पकड़कर सियासत के गुर सीखे। ऐसे में जब लालू यादव बिहार की सत्ता में आए तो उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के कामों को आगे बढ़ाया। वहीं, नीतीश कुमार ने भी अति पिछड़े समुदाय के हक में कई काम किए। 
कर्पूरी ठाकुर को यह दुनिया छोड़े ३२ साल हो गया लेकिन आज भी पिछड़े/अतिपिछड़े लोगों के लिए किया गया उनका काम आदर्श है। पिछड़े वर्ग के समुदाय में आज भी कर्पूरी ठाकुर का सम्मान जस का तस है। आज भी वे उतने ही लोकप्रिय हैं।
बिहार में पिछड़ों और अतिपिछड़ों की आबादी करीब 52 प्रतिशत है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी पकड़ बनाने के मकसद से कर्पूरी ठाकुर का नाम लेते रहते हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में ‘कर्पूरी ठाकुर सुविधा केंद्र’ खोलने का ऐलान किया। वहीं, अब पीएम मोदी ने सासाराम रैली में कर्पूरी ठाकुर का नाम लिया।

पंचांग भेद के कारण भ्रम की स्थिति, जानिए, दुर्गाष्टमी, नवमी और दशमी की पूजा तिथि

आचार्य प्रदीप द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
इस वर्ष अधिकमास के कारण नवरात्रि का पर्व लगभग एक माह बाद प्रारम्भ हुआ। अक्सर अष्टमी, नवमी और दशमी तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है, इस बार भी ऐसी चर्चा है। इस बार अष्टमी तिथि 24 अक्टूबर, शनिवार के दिन मनाई जाएगी, जबकि नवमी तिथि 25 अक्तूबर को होगी। लेकिन पंचांग भेद के कारण अष्टमी और नवमी तिथि दोनों एक ही दिन है।
दरअसल हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, दो तिथियां एक ही दिन पड़ जाती है। इस कारण से एक व्रत या त्योहार दो दिन मनाया जाता है। इस बार महाअष्टमी का व्रत 24 अक्टूबर को और नवमी तिथि का व्रत 25 अक्टूबर को रखा जाएगा, जबकि दशमी तिथि पर विजयदशमी का पर्व होगा। वाराणसी के पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का पूर्ण मान 24 अक्टूबर को है इसलिए निर्विवाद रूप से अष्टमी तिथि 24 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी। जबकि दशमी तिथि 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, 23 अक्टूबर दिन शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 57 मिनट से अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। जो अगले दिन यानी 24 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। नवमी तिथि 24 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट से आरंभ हो जाएगी, जो 25 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। उसके बाद दशमी तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 41 मिनट से आरंभ होकर 26 अक्टूबर की सुबह 9 बजे तक रहेगी।
अष्टमी तिथि पर होती है देवी महागौरी की उपासना-
नवरात्रि के आठवें दिन मां के महागौरी रूप की उपासना की जाती है। महागौरी का स्वरूप बहुत ही शांत स्वभाव का होता है। माता सफेद रंग का वस्त्र धारण कर शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है।
नवमी तिथि पर होती है देवी सिद्धिदात्री की उपासना-
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री को सरस्वती का स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं को भी माँ सिद्धिदात्री से ही सिद्धियों की प्राप्ति हुई है। इनकी उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। भक्त इनकी पूजा से यश, बल और धन की प्राप्ति करते हैं।
25 अक्टूबर को मनाया जाएगा विजयदशमी का पर्व-
हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि पर दोपहर के समय दशहरा मनाया जाएगा। 25 अक्टूबर को विजयदशमी मनाई जाएगी। नवमी तिथि 25 अक्टूबर को सुबह समाप्त हो जाएगी, फिर इस दिन दशमी तिथि शुरू हो जाएगी।

Bihar Assembly Election 2020 : क्या इस चुनाव में नेताओं को ‘करारा जवाब’ मिलेगा ?

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क 
बिहार की राजनीति में नितीश कुमार का ग्राफ़ कुछ ऐसा रहा है कि वे सुविधा के हिसाब से राजनीतिक साथी बदलते रहे हैं। कभी भाजपा के साथ गठबन्धन, तो कभी महागठबंधन की नेतागीरी शुरू कर देते हैं। उनके इसी राजनीतिक उलट-पलट को चिराग़ पासवान चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने ट्वीट के ज़रिए नितीश कुमार को घेरने की कोशिश शुरू कर दी है।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार घनघोर रूप ले चुका है। चुनावी चकल्लस चरम पर है। नेता, नेतागीरी का कोई मौक़ा नहीं छोड़ रहे। कुछ लोग हेलीकाप्टर से यात्रा करते-करते किसानों की समस्या की दुहाई दे रहे हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं, जो टूटी हुई सड़कों पर वर्चुअल हवाई जहाज़ लैण्ड कराने में व्यस्त हैं। वास्तविकता के धरातल पर कोई वोट नहीं माँग रहा। सभी राजनीतिक दल फ़ीचर फ़िल्म का टीज़र दिखा कर सरकार बना लेना चाहते हैं। इसी बीच कंफ्यूजन वाली राजनीति कर रहे चिराग़ पासवान लगातार नितीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। चिराग़ पासवान नितीश पर जो पल्टी मारने की आशंका जता रहे हैं, उन को शायद अपनी पार्टी का इतिहास नहीं पता!
चिराग ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर लिखा है, “पिछली बार लालू प्रसाद जी के आशीर्वाद से नितीश कुमार जी मुख्यमंत्री बने और फिर उनको धोखा देकर प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से रातों रात मुख्यमंत्री बन गए। इस बार कहीं नरेंद्र मोदी जी का आशीर्वाद लेकर फिर लालू प्रसाद जी के शरण में न चले जाएं साहब।”
बिहार में जो भी राजनीतिक दल चुनावी मैदान में हैं, सभी एक दूसरे के वायदों की काट तैयार करने में लगे हैं। बिहार की जनता को तो पता ही है कि किस राजनीतिक दल के शासनकाल में प्रदेश का विकास हुआ और किसकी सरकार ने प्रदेश की व्यवस्था और प्रशासन को खोखला किया। इसके बावजूद नेताओं की मंडली बिहारियों को भरमाने में लगी है। लेकिन चर्चा ये भी है कि इस बार बिहार की जनता नेताओं को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

दिल्ली जा रहे हैं तो पढ़िए ये ख़बर, साँस नहीं ले पास रहे हैं दिल्लीवाले

ब्यूरो | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क  
दिल्ली में रहने वाले ठीक से साँस नहीं ले पा रहे हैं। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। साँस का संकट ऐसा गहरा रहा है कि सरकार को आगे आकर मुहिम चलानी पड़ रही है। वहीं प्रश्न यह भी उठाया जा रहा है कि जब हर साल यही हाल होता है, तो सरकार आवश्यक एहतियात क्यों नहीं बरतती!
दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से लगातार सांसों का संकट गहराता जा रहा है। गुरुवार सुबह भी दिल्ली-एनसीआर के लोगों की सुबह धुंध (स्मॉग) के साथ हुई। इसके साथ ही दिल्ली की हवा भी खराब श्रेणी में बनी हुई है।
आज सुबह दिल्ली के आईटीओ में वायु गुणवत्ता स्तर 254 और पटपड़गंज में 246 मापा गया। यह दोनों ही खराब श्रेणी में आते हैं। राजपथ पर सुबह साइकिल से सैर करने वाले कुछ लोगों ने बताया कि, हमें साइकलिंग के वक्त सांस लेने में तकलीफ होती है। अगस्त और अब की हवा में बहुत अंतर है जो हम महसूस कर पा रहे हैं।
सरकार ने गाड़ी चलाने वालों से सिग्नल पर गाड़ी बंद रखने का आग्रह किया है, ताकि प्रदूषण के स्तर को कुछ कम किया जा सके, लेकिन क्या यह कदम पर्याप्त है। यह अभी भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।