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Monday, August 31, 2026
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आइये आज जानते हैं काली मिर्च के फायदे

काली मिर्च के फायदे
काली मिर्च के फायदे

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

काली मिर्च  का इस्तेमाल घरों में सब्जियों व पकवानों को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में काली मिर्च का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं।

काली मिर्च सफेद और काली दो तरह की होती हैं, कालीमिर्च के आधा पक जाने पर काली मिर्च सफेद हो जाती है।वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार पूरी तरह पक जाने पर काली मिर्च का तीखापन अपने आप कम हो जाता है।

काली मिर्च कफ के रोग को ठीक करती है, इससे कफ, खांसी और जुकाम को ठीक करने में बहुत फायदेमंद है। बवासीर रोग को ठीक करने के लिए भी कालीमिर्च काफी उपयोगी है।

काली मिर्च खाने के फायदे बहुत होते है इसके लिए आप इसे लगभग सभी तरह की सब्जियों में डालकर खा सकते है और इसके गुणों का लाभ उठा सकते है।

मलेरिया में भी कालीमिर्च के सेवन से बहुत लाभ होता है। दांतों के दर्द को यह पलक झपकते ही ठीक कर देती है, आँखों की रोशनी के लिए भी यह बहुत गुणकारी होती है। शरीर के किसी भाग में सूजन होने पर काली मिर्च को पीसकर लेप करने से सूजन जल्दी ही ठीक हो जाता है।

कालीमिर्च का पाउडर सूंघने से बार-बार छींकने से जुकाम से बंद नाक खुलती है, सिरदर्द भी ठीक होता है, कालीमिर्च को पीसकर दही में मिलाकर गुड़ के साथ सेवन करने से नाक से होने वाला रक्त स्राव बंद होता है।

काली मिर्च से बनाये शरीर का कायाकल्प ड्रिंक – इसको बनाने के लिए पांच काली मिर्च को पीसकर पानी में भिगो दें, इस पानी को उबालें और छानकर पिएं, इसमें मौजूद पोटेशियम से ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है।

राहुल गांधी ने दी भाजपा को चेतावनी, कहा, “ करारा जवाब मिलेगा”

राहुल गांधी
राहुल गांधी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, यहां बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था, उन्होंने बीजेपी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने बीजेपी पर तीखे कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी गुजरात में बचके निकले फिर कर्नाटक में हार गए और अब मध्य प्रदेश, राजस्थान छत्तीसगढ़ में दिखाई नहीं देंगे, कांग्रेस और अन्य दल मिलकर उन्हें 2019 के चुनाव में करारी हार देंगें।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पूरे देश को बांटने का काम किया है। नफरत फैलाने का काम किया है। उन्होंने युवाओं को, किसानों को, गरीब लोगों को धोखा दिया है। हिंदुस्तान का हर युवा अपनी सरकार से रोज़गार मांग रहा है। कोई मुफ्त तोहफा नहीं मांग रहा है।

राहुल गांधी ने कहा, लेकिन प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि नहीं तुम एक दूसरे से लड़ो, रोज़गार की कोई ज़रुरत नहीं, मैं प्रधानमंत्री हूं मेरे भाषणों से हिंदुस्तान चलेगा, अंत में सच्चाई समझनी होगी, इस देश के युवाओं को रोज़गार दिलवाना पड़ेगा, देश का युवा देख रहा है और घबराया हुआ है, क्योंकि आज उसे रास्ता नहीं दिख रहा है।

बैंक घोटालों का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ नीरव मोदी 35,000 करोड़ रुपया लेकर भाग जाता है, प्रधानमंत्री जी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को ‘नीरव भाई’ और ‘मेहुल भाई’ कहते हैं।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह का पुत्र तीन महीने में 50,000 को 80 करोड़ में बदल देता है। गब्बर सिंह टैक्स ने मुंबई के सब बिजनेस बंद कर दिए लेकिन अमित शाह के पुत्र के बिजनेस को कोई फर्क नहीं पड़ा।

अटल बिहारी वाजपेयी की बीमारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी जरुर हमारे खिलाफ लड़े लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान के लिये काम किया, और अगर आज वह बीमार हैं तो हम उनके साथ खड़े होंगे, यही हमारा इतिहास है और यही हमारा धर्म है।

गाँव में भी अब बुक हो सकेंगे रेल टिकट

book train tickets
village also will now book train tickets

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

केंद्र सरकार की तरफ से रेलवे यात्रियों को जल्द ही नई सुविधा दी जाने वाली है। अब देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 2.90 लाख सामान्य सेवा केंद्रों पर अब रेल टिकटों की बिक्री भी होगी।

सीएससी केंद्र आईआरसीटीसी के एजेंट के तौर पर सेवाएं देंगे, पीएम मोदी इन सीएससी को 15 जून को संबोधित भी करेंगे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सीएससी के कार्यक्रम में कई प्रमुख सेवाओं की शुरुआत की।

प्रसाद ने सीएससी द्वारा सामान्य रेल टिकटों की बिक्री के जरिये ग्रामीण क्षेत्र की सुविधा बढ़ाने की घोषणा की है। वित्त, रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 2.90 लाख सीएससी अब बैंकिंग प्रतिनिधि के तौर पर काम कर सकेंगें।

डिजिटल तकनीक के विकास से सकल घरेलू उत्पाद में 5 फीसदी की वृद्धि होगी। यह केंद्र सामाजिक उत्थान में अहम भूमिका निभाएंगे, सीएससी केंद्र ग्रामीण स्तर के उद्यमी चलाते हैं और अपने-अपने इलाकों में विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

पीयूष गोयल ने आईआरसीटी और सीएससी ई-गर्वनेंस के बीच रेलवे टिकट बुकिंग को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर के समय यह प्रस्ताव किया है। गोयल ने कहा, अगर आप 2.9 लाख स्थानों पर बैंकों के विस्तार पटल खोलने की चुनौती स्वीकार करते हैं तो मेरा सपना सच हो जाएगा।

रेल मंत्री ने कहा कि सीएससी पर वाईफाई सेवाएं पहले से ही दी जा रही है, इसके साथ हम कोर बैंकिंग को जोड़ सकते हैं। अगर किसी बैंक का विस्तार पटल भी वहां खोल दिया जाए तो हर ग्रामीण को अपने आसपास बैंक भी मिल जाएगा।

भय्यूजी महाराज ने खुद को मारी गोली, हुई मौत

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भय्यू जी ने खुद को मारी गोली, हुई मौत

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मार ली है, उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भय्यूजी के इस कदम से उनके अनुयायियों में दुःख व्याप्त है।

इनका वास्तविक नाम उदय सिंह शेखावत है, लेकिन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में इन्हें लोग भय्यूजी महाराज के नाम से जानते हैं, भय्यूजी महाराज एक ऐसे आध्यात्मिक गुरु हैं जो गृहस्थ जीवन जीते हैं। उनकी हालत नाजुक बतायी जा रही है, भय्यूजी महाराज को शिवराज सिंह सरकार में मंत्री का दर्ज दिया गया था, ये उन्‍हीं 5 संतों में शामिल थे जिन्‍हें सरकार ने मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया था।

पिछले साल अप्रैल 2017 में भय्यूजी महाराज ने दूसरी शादी की थी, उन्‍होंने ग्वालियर की डॉक्‍टर आयुषी के साथ सात फेरे लिए थे, भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी का डेढ़ साल पहले (नवंबर 2015 में) निधन हो गया था। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है। भय्यूजी महाराज कुछ समय पूर्व सार्वजनिक जीवन से संन्यास की घोषणा कर चुके थे, लेकिन अचानक उन्‍होंने शादी का फैसला लेकर सबको चौंका दिया था।

भय्यूजी महाराज का मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर स्थित है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार जैसी हस्तियां उनके आश्रम आ चुकी हैं।

भैय्यूजी महाराज मॉडल रह चुके हैं, मॉडलिंग का करियर छोड़कर उन्होंने आध्यात्म का रास्ता चुना है, वे सियाराम शूटिंग के मॉडल रह चुके हैं, वह दूसरे आध्यात्मिक गुरु से बिल्कुल अलग हैं, वह कभी खेतों की जुताई करते देखे जाते हैं तो कभी क्रिकेट खेलते हुए।

किम जोंग को ट्रम्प ने अंदर से दिखाई अपनी सुपर कार

ट्रंप ने किम जोंग
ट्रंप ने किम जोंग को अपनी सुपर कार अंदर से दिखाई

एनप न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को आज अपनी लिमोज़ीन कार ‘द बीस्ट’ का अंदर से दीदार कराया दोनों नेता यहां कपेला होटल में ऐतिहासिक वार्ता के बाद गैलरी में टहल रहे थे तभी वे आठ टन वजनी बुलेटप्रूफ लिमोजीन के पास पहुंचे।

ट्रंप ने सीक्रेट सर्विस एजेंट से गाड़ी का दरवाजा खोलने का इशारा किया, जब दोनों नेता खड़े बातें कर रहे थे तब किम मुस्कुरा रहे थे और फिर किम ने कार के अंदर झांककर देखा।

इस कार के दरवाजे का वजन बोइंग 757 विमान जितना है, कार के पहिये पंचर नहीं हो सकते हैं, पहियों में लगी स्टील रिम की बदौलत टायर के क्षतिग्रस्त होने पर भी कार की रफ्तार कम नहीं होती है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ आज ऐतिहासिक बैठक को ‘‘वाकई बहुत शानदार’’ बताया और कहा कि ‘‘बेहद सकारात्मक’’ वार्ता के बाद वे एक अनिर्दिष्ट दस्तावेज पर ‘‘हस्ताक्षर’’ करने के लिए सहमत हुए।

कई महीनों की कूटनीतिक उठापटक के बाद ट्रंप और किम सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के लग्जरी होटल कापेला सिंगापुर में मिले और उन्होंने एक-दूसरे से हाथ मिलाया।

दोनों नेताओं ने केवल अनुवादकों की मौजूदगी में एक-दूसरे से मुलाकात की और इसके बाद अपने शीर्ष सहायकों के साथ वर्किंग लंच पर मिले, ट्रंप ने लंच के बाद कहा, काफी प्रगति हुई है।

सुर्ख़ियों में किम जोंग उन और डॉनल्ड ट्रम्प की मुलाक़ात

किम जोंग-उन और डोनाल्‍ड ट्रंप ने की मुलाकात
किम जोंग-उन और डोनाल्‍ड ट्रंप ने की मुलाकातकिम जोंग-उन और डोनाल्‍ड ट्रंप ने की मुलाकात

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात आज सफलतापूर्वक पूरी हुई, दुनियाभर में इन दोनों नेताओं के मुलाकात सुर्खियों में है।

द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौर में कोरियाई प्रायद्धीप में हुए संघर्ष के बाद अस्तित्‍व में आए उत्‍तर कोरिया के किसी शासक की अमेरिकी राष्‍ट्रपति से यह पहली मुलाकात है।

यह मुलाकात इसलिए भी बेहद अहम है क्‍योंकि कम्‍युनिस्‍ट देश उत्‍तर कोरिया की पूंजीवादी एवं लोकतांत्रिक देश अमेरिका से मुलाकात हो रही है।

इसी विचारधारात्‍मक अंतर के कारण अमेरिका और सोवियत संघ के बीच बंटे दो ध्रुवीय विश्‍व के बीच तकरीबन 50 सालों तक शीत युद्ध हुआ और 1991 में सोवियत संघ के विघटन के साथ ही इसका खात्‍मा हुआ, लेकिन उस दौर की चपेट में आए दो कम्‍युनिस्‍ट देश उत्‍तर कोरिया और क्‍यूबा इससे अभी तक अछूते ही रहे थे।

हालांकि कुछ समय पहले बराक ओबामा के दौर में क्‍यूबा कुछ हद तक इस मानसिकता से उस वक्‍त उबरा जब 60 बरस बाद वहां अमेरिका ने वाणिज्‍य दूतावास खोला।

इस पृष्‍ठभूमि में उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात बेहद अहम है, ऐसा इसलिए क्‍योंकि भले ही उत्‍तर कोरियाई शासकों की तीसरी पीढ़ी सत्‍ता पर काबिज है लेकिन इससे पहले किम जोंग उन के पिता किम जोंग-इल (1941-2011) और दादा किम इल-सुंग (1912-94) की मौजूदा अमेरिकी राष्‍ट्र प्रमुखों से मुलाकात नहीं हुई है।

इस कड़ी में किम जोंग-उन और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मुलाकात की मुस्‍कुराती तस्‍वीर कम से कम यह तो कहती है कि दोनों देशों के रिश्‍तों पर जमी बर्फ पिघलती दिख रही है।

AIIMS ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर कहा, वाजपेयी का स्वास्थ्य स्थिर है, फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

एम्स की ओर से आज मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य स्थिर है, फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन संक्रमण ठीक होने तक वे AIIMS में ही भर्ती रहेंगे।

इससे पहले AIIMS की ओर से सोमवार रात पौने ग्यारह बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में एम्स ने कहा था कि वाजपेयी को लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी संबंधी दिक्कतों के बाद भर्ती कराया गया है।

इससे पहले अस्पताल ने बताया था कि लंबे समय से बीमार चल रहे वाजपेयी को नियमित जांच और परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने एम्स पहुंचे, आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम ने डॉक्टरों से भेंट कर वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली, मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्यों से भी भेंट की।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी , गृहमंत्री राजनाथ सिंह , बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह , कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी , स्वास्थ्य मंत्री जयप्रकाश नड्डा और पर्यावरण मंत्री हर्षवर्द्धन भी बीमार नेता को देखने पहुंचने वालों में शामिल रहे।

आइये आज जानते हैं मुलेठी खाने के फायदे

मुलेठी खाने के फायदे
मुलेठी खाने के फायदे

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

लिकोरिस, जिसे आमतौर पर भारत में मुलेठी कहा जाता है, एक लोकप्रिय मसाला है जो न केवल एक अच्छा स्वादिष्ट एजेंट के रूप में कार्य करता है बल्कि व्यापक चिकित्सा गुणों के कारण घरेलू उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है।

प्राचीन काल से इसका उपयोग भारतीय आयुर्वेद में और साथ ही चीनी दवा में भी किया गया है, मुलेठी में शक्तिशाली फाइटोकेमिकल्स अर्थात् फ्लैनोनोड्स, चाल्कोन्स, सैपोनिन और एक्सनोएस्ट्रोजेन्स की मौजूदगी इसकी औषधीय संपत्ति का मुख्य कारण है।

यह स्वाभाविक रूप से गले में खराश, छाती की भीड़, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने, गुर्दा की समस्याओं, ब्रोन्काइटिस, मुंह के अल्सर, बालों के झड़ने, आदि के इलाज में बहुत अच्छा है, लीकोरिस का स्वाद खाद्य पदार्थ, पेय पदार्थ और तम्बाकू उत्पादों के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

मुलेठी के फायदे –

1. स्मृति सुधार: मुलेठी की जड़ें अधिवृक्क ग्रंथि पर सहायक प्रभाव डालती हैं और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से मस्तिष्क को उत्तेजित करने में सहायता करती हैं, यह केवल भूलने की बीमारी के प्रभावों को ही नहीं घटाती बल्कि इसकी एंटीऑक्सीडेंट संपत्ति मस्तिष्क कोशिकाओं पर एक परिरक्षण प्रभाव प्रदान करती है।

2. एक स्वस्थ दिल के लिए: यह पित्त के शरीर के प्रवाह को बढ़ाकर और उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

3. पाचन मे सहायता: मुलेठी की जड़ें पेट और पाचन समस्याओं से निपटने के लिए भी उपयोग की जाती हैं।

4. प्रतिरक्षा में सुधार: मुलेठी की जड़ों का अर्क लिम्फोसाइट्स और मैक्रोफेज के उत्पादन में वृद्धि करने में मदद करता है जिससे आपकी रक्षा तंत्रिका में सुधार हो और माइक्रोबियल हमले को रोका जा सके।

5. हार्मोनल विनियमन: मुलेठी की जड़ों में उपस्थित फाइटोस्ट्रोजेनिक यौगिक महिलाओं के हार्मोनल असंतुलन संबंधी समस्याओं और रजोनिवृत्ति के लक्षण के खिलाफ मूल्यवान कार्रवाई करते हैं।

काबुल में सरकारी इमारत पर हमला, 13 की मौत, 31 घायल

काबुल में सरकारी इमारत पर हमला
काबुल में सरकारी इमारत पर हमला

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को आत्मघाती हमला हुआ। इस हमले में 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 31 लोग घायल हो गए हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक हमला काबुल के दारुलमन इलाके में स्थित ग्रामीण पुनर्वास और विकास मंत्रालय के सामने हुआ। कि धमाका उस समय हुआ जब लोग अपने-अपने दफ्तरों से बाहर आ रहे थे। फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

इससे पहले सोमवार को ही अफागानिस्तान के जलालाबाद में एजुकेशन डिपार्टमेंट की बिल्डिंग को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इसके बाद आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई।जानकारी के मुताबिक इस हमले में 15 अफगान सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं।

आप को बता दें, बीते गुरुवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान के साथ संघर्षविराम का ऐलान किया था। ऐसा ईद के मद्देनजर किया गया था।

इसके मुताबिक 12 जून से 19 जून के बीच इस संघर्षविराम का पालन किया जाएगा। साल 2001 में अफगानिस्तान की जमीन पर अमेरिकी सेनाओं के आने के बाद से यह पहला मौका था जब तालिबान ने संघर्षविराम को लेकर सहमति जताई थी।

कल से इसकी एक हफ्ते की मियाद शुरू होनी थी। लेकिन एक दिन पहले ही काबुल में धमाका हो गया। माना जा रहा है कि यह घटना इस प्रस्ताव पर पानी फेर सकती है क्योंकि सुरक्षाबलों और तालिबान ने कह रखा है कि अगर युद्धविराम के दौरान हमला हुआ तो वे उसका जवाब जरूर देंगे।

काबुल तक पदयात्रा करने की योजना के लिए शुरूआत में प्रदर्शनकारियों का उपहास किया गया था लेकिन धीरे धीरे बहुत सारे अफगानों ने उनका समर्थन करना शुरू करा दिया और अब काफी लोग सोशल मीडिया पर उनके समर्थन सहित तमाम तरीकों से उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं।

सोशल मीडिया यूजर जमीलुररहमान ने फेसबुक पर लिखा कि आपका हर कदम हमें अमन की उम्मीद देता है, अमन कायम ना होने तक अपना मार्च जारी रखें। एक दूसरे यूजर हमीदुल्ला ने लिखा कि शांति के लिए आपके हर कदम की खातिर अल्लाह आपको जन्नत नसीब करे। हमारे देश के हर हिस्से में अमन कायम हो।

आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई के ख़िलाफ़ FIR दर्ज

बॉलिवुड ऐक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के छोटे भाई के खिलाफ यूपी के मुजफ्फरनगर में रविवार को एक आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट के सिलसिले में एफआईआर दर्ज हुई है।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई पर FIR दर्ज

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बॉलिवुड ऐक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी के छोटे भाई के खिलाफ यूपी के मुजफ्फरनगर में रविवार को एक आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट के सिलसिले में एफआईआर दर्ज हुई है।

अअखिल भारतीय हिंदू महासभा के सदस्य भरत कुमार ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है। वहीं, अयाजुद्दीन ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि विवादित फेसबुक पोस्ट का उन्होंने विरोध किया था लेकिन उल्टे उन्हीं पर एफआईआर दर्ज की गई है।

एएनआई को दिए हुए अपने बयान में उन्होंने कहा, “एक आदमी ने भगवान शंकर की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट की और मैंने उस शख्स को समझाया कि तुम इस तरह से फोटोज पोस्ट करके धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं कर सकते हो लेकिन यहां तो उल्टा मेरे ही खिलाफ केस फाइल कर दिया गया। मेरे खिलाफ लगे चार्जेस की जांच होनी चाहिए।

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना पुलिस थाने में अयाजुद्दीन के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 और आईटी ऐक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। उनके ऊपर भगवान शिव की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने का आरोप है।

मामले में मुजफ्फरनगर के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) अजय सहदेव का कहना है। ‘इस संबंध में जांच की जा रही है। पुलिस की तफ्तीश पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।’ बता दें कि एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे के रहने वाले हैं।