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Monday, August 31, 2026
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रद्द पासपोर्ट पर घूम रहा नीरव मोदी, दर्ज हो सकती है नई FIR

नीरव मोदी,
नीरव मोदी, दर्ज हो सकती है नई FIR

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भी नीपंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को खोजने के लिए भारतीय एजेंसियां जुटी हुई हैं। पासपोर्ट रद्द होने के बाद रव मोदी चकमा देकर कई देशों की यात्रा कर चुका है जो कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। विदेश मंत्रालय बार-बार कह रहा है कि नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द है, लेकिन फिर भी नीरव यात्राएं कर रहे है।

जांच एजेंसियों को पता चला है कि आरोपी नीरव मोदी के पास आधा दर्जन पासपोर्ट हैं। इस मामले में नई FIR दर्ज करने की तैयारी है। भारत की एजेंसियों को पता चला था कि नीरव बेल्जियम में है। वहां उसका पासपोर्ट रद्द किया गया, बावजूद इसके यात्राएं जारी रहीं। इसके बाद उसके पास 6 पासपोर्ट होने का पता चला है जिनमें से 2 कुछ समय के लिए ऐक्टिव थे। सूत्रों का कहना है कि बाकी 4 पासपोर्ट अभी ऐक्टिव नहीं हैं।

एक पासपोर्ट पर नीरव का पूरा नाम है, वहीं दूसरे पर केवल पहला नाम है। इसपर 40 महीनों के लिए यूके का वीजा भी जारी किया गया है। सवाल यह है कि सरकार द्वारा इसी साल पासपोर्ट रद्द किए जाने के बावजूद भी वह एक देश से दूसरे देश के चक्कर कैसे लगा रहा है। बाद में उसका दूसरा पासपोर्ट भी रद्द किया गया था।  सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ये संभव कैसे हो सकता है, आइए समझने की कोशिश करते हैं।

1. अगर किसी व्यक्ति का पासपोर्ट रद्द होता है तो इमिग्रेशन अथॉरिटी के द्वारा सभी देशों में इस बात की जानकारी दी जाती है। ये जानकारी भारतीय उच्चायोग, भारतीय मिशन और अन्य अधिकारी देते हैं।

2. इस मामले में 24 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द किया था। लेकिन इंटरपोल की रिपोर्ट कहती है कि नीरव मोदी भी अभी भी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है।

3. 5 जून को इंटरपोल ने भारतीय एजेंसियों को खत लिखा जिसमें दावा किया गया कि 15 मार्च से मई के पहले हफ्ते तक नीरव भारतीय पासपोर्ट पर ट्रैवल कर रहा था। 31 मार्च को नीरव मोदी यूके से पेरिस भी भारतीय पासपोर्ट पर ही गया था।

4. इंटरपोल के पास अभी तक नीरव मोदी के बारे में जो भी जानकारी है वह एक-दूसरे देशों की एजेंसियों के बीच रिश्तों के कारण मिल रही है। लेकिन क्योंकि अभी तक नीरव मोदी का पासपोर्ट एक्टिव है इसलिए किसी के पास उसे गिरफ्तार करने या फिर पूछताछ करने की इजाजत नहीं है।

5. अगर नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है तो इंटरपोल अपनी साथी देशों को नीरव मोदी की जानकारी देने को कह सकता है। जैसे ही जानकारी मिलती है तो उसे गिरफ्तार/हिरासत/पूछताछ की जा सकती है।

बता दें कि नीरव मोदी पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के केसों के चलते सीबीआई और ईडी ने इंटरपोल से उनके खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी करने की दरख्वास्त की थी। सूत्रों का कहना है कि अगर एक बार नीरव मोदी की स्थिति का पता चल जाता है तो सरकार प्रत्यर्पण के लिए प्रयास कर सकती है। पिछले महीने उनके परिवार के पास 8000 करोड़ की संपत्ति होने का पता चला था। इस आधार पर ईडी मुंबई की अदालत से उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित करने की भी मांग करेगी।

पंजाब नैशनल बैंक की तरफ से 13,000 करोड़ की धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद एजेंसियां नीरव मोदी और मेहुल चौकसी समेत अन्य की जांच कर रही हैं। इस मामले में सीबीआई ने दोनों के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। बताया जा रहा है कि केस दर्ज होने से पहले ही दोनों आरोपियों ने देश छोड़ दिया था।

सीरिया में इराक से लगती सीमा पर हवाई हमला, 40 की मौत और कई घायल

सीरिया में इराक
सीरिया में इराक से लगती सीमा पर हवाई हमला,

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

सीरिया में इराक से लगती पूर्वी सीमा के पास रातभर हुई बमबारी में सीरिया सरकार से जुड़े करीब 40 विदेशी लड़ाके मारे गए। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि अल-हारी शहर पर हुए ये हमले सरकार समर्थित बलों पर हुए घातक हमलों में से एक थे।

ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने कहा, “सीरिया-इराक सीमा पर स्थित अल-हारी पर रातभर हुए हमलों में सरकार समर्थित मिलिशिया के 38 गैर सीरियाई लड़ाके मारे गए।’’ सीरिया सरकार की मीडिया ने सेना के एक सूत्र के हवाले से इस हमले के बारे में रात में ही जानकारी दी और इसका आरोप इस्लामिक स्टेट से लड़ रहे अमेरिका नीत सैन्य गठबंधन पर लगाया। हालांकि समिति ने मृतकों और घायलों का सटीक आंकड़ा नहीं बताया।

उल्लेखनीय है कि आईएस के दबदबे वाले सीरिया के पूर्वी देर एजोर प्रांत में अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना और रूस समर्थित सरकारी बलों द्वारा आतंकियों के खिलाफ अलग अलग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अल-हरी क्षेत्र भी यहीं स्थित है। इस तरह की घटनाओं को छोड़ दें तो अक्सर दोनों पक्ष ऑपरेशनों के दौरान आपसी टकराव से बचते रहे हैं। फिलहाल पेंटागन ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

सीजफायर खत्म होते ही सेना ने मार गिराए 4 आतंकी, एक जवान शहीद

सीजफायर खत्म
सीजफायर खत्म

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

जम्मू-कश्मीर में सीजफायर खत्म किये जाने के एलान के अगले दिन ही आज सेना ने चार आतंकियों को ढेर कर दिया। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि आतंकवाद-रोधी अभियान के तहत बांदीपोरा के पनार वन क्षेत्र में आज चार आतंकवादियों को मार गिराया गया। आतंकियों के साथ हुई इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी शहीद हुआ है। सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए चारों आतंकी पाकिस्‍तान समर्थित हैं। चारों आतंकियों के कब्‍जे से भारी तादाद में गोला बारूद बरामद किया गया है। सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ अभी जारी है। मुठभेड खत्‍म होने के बाद मारे गए आतंकियों की शिनाख्‍त की जाएगी।

पिछले दिनों दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों ने औरंगजेब को अगवा कर लिया था और उनकी हत्या कर दी थी। औरंगजेब ईद मनाने के लिए गुरूवार को राजौरी जिले में अपने घर आ रहे थे तभी रास्ते में उनका अपहरण कर लिया गया था। औरंगजेब को शनिवार को नम आखों से विदाई दी गई।

सूत्रों के अनुसार घाटी में तैनात सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि पाकिस्‍तान और भारत की सीमा पर स्थिति गुरेज सेक्‍टर से आतंकी घुसपैठ कर आने में सफल हो गए हैं। घुसपैठ करने वाले आतंकियों की संख्‍या चार से छह के बीच है। इन सभी आतंकियों ने पनार इलाके में आने वाले रयनार के जंगलों में अपना ठिकाना बना रखा है। इस जानकारी के आधार पर राष्‍ट्रीय राइफल्‍स की 14वीं और 22वीं बटालियन के साथ स्‍पेशल ऑपरेशन ग्रुप के पैरा कमांडोज ने इन आतंकियों के तलाश में जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

रमजान के दौरान सरकार और सेना ने जम्मू-कश्मीर में खूब संयम दिखाया। जिसकी वजह से आतंकियों का मनोबल बढ़ गया। एक महीने के सीजफायर में 66 आतंकी हमले हुए और इस दौरान देश के 14 वीर जवानों को शहीद होना पड़ा। सात बेगुनाहों को भी अपनी जानें गंवानी पड़ी। सेना के जवानों ने अपनी योजना के तहत आतंकियों को घेरने में कामयाब रहे। वहीं खुद को सुरक्षाबलों से घिरा पाकर आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिया। ज‍वाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों की तरफ से मुंहतोड़ जवाब दिया गया। जिसमें चार आतंकियों को मार गिराया गया।

ये आसन आपको रखेंगे जवान

आसन
आसन

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

योग कई तरह से शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, सेहतमंद बनाए रखने के साथ ही योग के जरिए आप अपने सौंदर्य और खूबसूरती को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

आइये जानते हैं कुछ ऐसे आसन जो चेहरे को जवान रखने में मदद बनाते हैं –

सिंहासन –
धीरे-धीरे सांस लें और उसे थोड़ी देर तक रोककर रखें. फिर आप अपने जीभ को बाहर निकाले, अपनी आखों को पूरी तरह से जितना हो सकें खोलें, इस अवस्था में बैठे रहे और जितना हो सकें अपनी जीभ को मुंह से बाहर निकालें, यह आपके शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है।

मत्सय आसन –
इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है, इसलिए यह मत्स्यासन कहलाता है, इस आसन को करने के लिए आप लंबी सांस लें. इसे थोड़ी देर तक रोक कर रखे, पहले पद्मासन लगाकर बैठ जाएं, फिर पद्मासन की स्थिति में ही सावधानीपूर्वक पीछे की ओर चित होकर लेट जाएं, ध्यान रहे कि लेटते समय दोनों घुटने जमीन से ही सटे रहें, फिर दोनों हाथों की सहायता से शिखास्थान को भूमि पर टिकाएं, उसके बाद बाएं पैर के अंगूठे और दोनों कोहनियों को भूमि से लगाए रखें। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, गला साफ रहता है तथा छाती और पेट के रोग दूर होते हैं, रक्ताभिसरण की गति बढ़ती है, जिससे चर्म रोग नहीं होता।

गाल से योग
मुंह में जितना हो सकें हवा भर लें, फिर उसे कुछ देर तक रोकें, आपका गाल पूरी तरह फूल जाएगा क्योंकि उसमें हवा भरा हुआ है, इस अवस्था में 30 से 60 सेकेंड तक रहें, इस प्रक्रियां को तीन से छह बार दोहराएं।

हथेलियों से योग
अपनी हथेलियों को रगड़कर उन्हें गर्मी प्रदान करें. फिर आंखों को बंद करें और उन्हें अपनी हथिलियों से ढक लें. फिर अपनी नाक के दोनों नथुनों से सांस लें, जितनी देर तक रोक सकते हो रोकें, इससे आपकी आखों को आराम मिलेगा, आप खुद को रिलैक्स महसूस करेंगे।

अफगानिस्तान में 22 साल में पहली बार ऐसा हुआ, अफगानी जवानों और तालिबानी आतंकियों ने गले मिलकर मनाई ईद

अफगानी जवानों और तालिबानी
अफगानी जवानों और तालिबानी आतंकियों ने गले मिलकर मनाई ईद

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अफगानिस्तान में 22 साल में पहली बार तालिबान आतंकियों और अफगानिस्तान सैनिकों ने मिलकर ईद मनाई। त्योहार के मौके पर आपसी रंजिश भूलकर अपनों को गले लगाने की बात तो हर कोई करता है लेकिन यह शायद पहली बार हुआ है जब ईद के मौके पर दुश्मनी भूलकर जवानों ने आतंकियों को गले लगाया है।

अफगानिस्तान सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन ये तस्वीरें पाकिस्तान के मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। अफगानिस्तान में 1996 से 2001 तक तालिबान का शासन था। 2001 में अमेरिका की अगुआई वाली सेनाओं ने तालिबान को सत्ता से हटा दिया था। अभी भी अमेरिका-नाटो और अफगान फौज मिलकर तालिबान से लड़ रही हैं।

दरअसल तालिबान ने सबको चौंकाते हुए ईद के मौके पर तीन दिन के सीजफायर की घोषणा की थी। तालिबान द्वारा लागू इस सीजफायर ने अफगान सरकार के सीजफायर को ओवरलैप किया। सरकार द्वारा लागू सीजफायर बुधवार तक लागू रहा।

सोशल मीडिया पर जारी इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सेना के जवान और तालिबानी आतंकी गले मिलकर एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे हैं। ये तस्वीरें लोगार प्रांत, दक्षिण काबुल और जाबुल की हैं। अफगान के डिप्टी इंटीरियर मंत्री मसूद अजीजी ने बताया कि इस सीजफायर पर पूरे देशभर में नजर रखी जा रही थी और अच्छी बात यह है कि इस दौरान कहीं कोई हमला नहीं हुआ।

बता दें कि दक्षिणपंथी संस्था के सदस्यों द्वारा हेलमंड में अफगानी सेना और तालिबानी आतंकियों के बीच मीटिंग करवाई गई थी, जिसके बाद यह संभव हो सका। जवानों और आतंकियों द्वारा इस तरह ईद मनाए जाने पर जाबुल प्रांत के एक कॉलेज छात्र ने कहा कि यह अब तक की सबसे सुरक्षित ईद थी। यह पहली बार था जब हमने इतनी सुरक्षित महसूस किया, इस खुशी को बयां करना मुश्किल है।

असम: बेटी से रेप के आरोपी ने न्यायालय के पास पत्नी का किया क़त्ल

असम
न्यायालय परिसर में पति ने किया पत्नी का क़त्ल

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

असम के डिब्रूगढ़ में कोर्ट परिसर के अंदर एक व्यक्ति के हाथों अपनी पत्नी की हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पति को हिरासत में ले लिया गया है। डिब्रूगढ़ पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप साइकिआ ने बताया कि बेटी से कथित तौर पर रेप करने के आरोपी ने अपनी पत्नी रीता नाहर डेका का अदालत के गलियारे में गला काट दिया।

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी पूर्ण नाहर डेका और उसकी पत्नी बेटी के साथ रेप केस की सुनवाई के सिलसिले में डिब्रूगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायालय आए हुए थे। सुबह करीब 10.30 बजे पति और पत्नी न्यायालय कक्ष के बाहर बैठे हुए थे। तभी अचानक पति ने धारदार हथियार से अपनी पत्नी पर हमला कर दिया। महिला को फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद डेका ने कहा, “मैं बेगुनाह हूं। उसने (पत्नी) झूठा मामला दायर किया था, जिसमें मेरी बेटी को भी शामिल कर लिया था। जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसने मुझे घर नहीं आने दिया। इसलिए मैंने आज उसकी हत्या कर दी।”

अब लव रंजन की फिल्म में कॉमेडी करते दिखेंगे राजकुमार राव

Luv Ranjan And Rajkumar Rao
luv ranjan and rajkumar will work together in next film

कोमल झा | Navpravah.com

अभिनेता राजकुमार राव अब ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ फेम डायरेक्टर लव रंजन के साथ एक कॉमेडी फिल्म नज़र आएंगे। राजकुमार राव अपनी लगातार शानदार परफॉर्मेंस के चलते दर्शकों के दिलों में घर बनाते जा रहे हैं। साल 2017 में उन्होंने जबरदस्त दो फिल्में ‘न्यूटन’ और ‘बरेली की बर्फी’ दी। इन दोनों फिल्मों में उन्होंने दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। अब राजकुमार राव लव रंजन के साथ कॉमेडी फिल्म में काम करने जा रहे है।

शुक्रवार को ही लवरंजन ने दिनेश विजयन के साथ एक और कॉमेडी फिल्म के लिए हाथ मिलाया था। ये फिल्म ‘मेड इन चाइना’ थी, अब इसके साथ वो लव रंजन के साथ भी काम करने जा रहे हैं।

एक रिपोर्ट की मानें तो, लव रंजन की अगली फिल्म के लिए राजकुमार राव ने हां कर दी है और वो स्क्रिप्ट सुन इतना खुश हुए कि तुरंत फिल्म की टीम में शामिल हो गए। बता दें कि इन दिनों राजकुमार राव प्रकाश कोवेलामुडी की फिल्म ‘मेंटल है क्या’ की शूटिंग में बिजी है। इस फिल्म में वो कंगना रनौत के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने वाले हैं। फिल्म की शूटिंग के लिए वो लंदन गए हुए हैं।

वहीं, ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ से मशहूर हुए डायरेक्टर लव रंजन अजय देवगन और तबू के साथ अपनी अगली फिल्म पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा वो अजय देवगन और रणबीर कपूर के साथ एक और फिल्म भी करने जा रहे हैं।

पोलैंड में 40 लाख अंडों को बाजार से हटाया 

पोलैंड में 40 लाख अंडों
पोलैंड में 40 लाख अंडों

एनपी डेस्क न्यूज़ | Navpravah.com `

पोलैंड की पशुचिकित्सा सेवा ने करीब 40 लाख अंडों को बाजार से हटा लिया है। एक  दिन पहले जर्मनी के सुपरमार्केट से भी अंडो को हटा लिया गया। अधिकारियों ने कल निरिक्षण के बाद कहा कि ये अंडे एक एंटीबायोटिक से दूषित हैं। इन्हें जल्द से जल्द बाजार से हटा  लिया जाए।  एक बयान में बताया गया , इन अंडों को बाजार से इसलिए हटा लिया गया क्योंकि इनमें एंटीबायोटिक लासालोसिड के अवशेषों की मौजूदगी अधिकतम स्वीकृत मात्रा से बहुत ज्यादा है।

पोलैंड वेट्रनेरी सेवा के प्रमुख पॉवेल नेमजुक ने बताया कि यह दवा गलती से अंडे देने वाली मुर्गियों के खाने में मिला दी गई थी। उन्होंने पोलैंड की समाचार एजेंसी पीएपी को बताया कि, ‘चिकन को मोटा करने के लिए दिया जाने वाला खाना गलती से अंडे देने वाली मुर्गियों को दे दिया गया।’

मंगलवार को जर्मनी के अधिकारियों ने करीब 73,000 डच अंडों को सुपरमार्केट से हटा लिया था जिनके फिप्रोनिल से दूषित होने की बात सामने आई थी. इसी कीटनाशक के चलते पिछले साल खाद्य सामग्रियों को लेकर लोगों में काफी डर बैठ गया था।

फिप्रोनिल का इस्तेमाल आम तौर पर जानवरों से जू, पिस्सू आदि को हटाने के लिए किया जाता है. इस दवा को खाद्य उद्योग में इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित किया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार फिप्रोनिल की ज्यादा मात्रा से लोगों के गुर्दे , लीवर और थाइरॉयड ग्रंथि पर खराब असर पड़ता है।

सलमान खान की इस हरकत से नाराज हैं बोनी कपूर

Salman Boney Kapoor
Salman Boney Kapoor

 

एनपी डेस्क न्यूज़ | Navpravah.com 
सलमान खान और अनिल कपूर के रिश्ते कितने गहरे हैं यह तब ही साबित हो गया था जब उन्होंने ‘रेस-3’ उन्हें ऑफर की। ऐसा तब हुआ जब बतौर को-प्रोड्यूसर उन्होंने खुद यह फैसला किया था कि रेस फ्रैंचाइज की पिछली दो फिल्मों में काम कर चुके किसी भी एक्टर को ‘रेस-3’ में जगह नहीं मिलेगी। फिर भी सलमान के कहने पर ही अनिल को फिल्म में कास्ट किया गया। मगर दूसरी तरफ सलमान खान ने अनिल कपूर के बड़े भाई और मशहूर फिल्म प्रोड्यूजर बोनी कपूर से दूरी बना ली है। सलमान को बोनी कपूर ने फिल्म ‘वांटेड’ और ‘नो एंट्री’ के सीक्वल’ में काम करने का ऑफर दिया था लेकिन सलमान ने उन्हें मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि सलमान अपने बिजी शेड्यूल के चलते इन फिल्मों को समय नहीं दे पाएंगे। मिड-डे में छपी एक रिपोर्ट में सलमान को ये कहते बताया गया था कि फिल्म ‘वांटेड’ या फिर ‘नो एंट्री’ का सीक्वल नहीं बन रहा है। वो अपनी फिल्म ‘भारत’ के काम में बिजी हैं जिसके बाद वो ‘दबंग 3’ और अपने भाई सोहेल खान की फिल्म ‘शेर खान’ पर काम करेंगे। सलमान ने कहा था कि वो सिर्फ वही फिल्मों को चुनते हैं जो उन्हें अच्छी लगती है।
वहीं, जब बोनी कपूर से पूछा गया कि सलमान खान उनकी फिल्म क्यों नहीं करना चाहते, तो उन्होंने कहा, ‘सलमान का बयान आप सुन चुके हैं। इसलिए आपको उनकी बातों पर यकीन करना चाहिए। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।’
हालांकि बोनी कपूर इस विषय पर कुछ भी बोलने से बचते हुए नजर आए लेकिन उनके स्टेटमेंट ने इस बात की तरफ भी इशारा कर दिया है कि हो सकता है कहीं न कहीं वो सलमान से इन फिल्मों के लिए मना करने को लेकर नाराज हैं।

कश्मीर में सीजफायर फेल, केंद्र ने PAK को दिया खूनी इफ्तार का मौका: शिवसेना

कश्मीर में सीजफायर
कश्मीर में सीजफायर

एनपी डेस्क न्यूज़ | Navpravah.com 

केंद्र की मोदी सरकार ने रमजान के दौरान घाटी में सीजफायर लागू किया था, ताकि कश्मीर के लोग रमजान का पाक महीना अमन और चैन के साथ मना सकें, लेकिन केंद्र सरकार की ये योजना पूरी तरह फ़ैल हो रही है और विपक्षी दल ही नहीं बल्कि एनडीए के सहियोगी दल भी मोदी सरकार भी जमकर निशाना साधा है। ‘सामना’ में कश्मीर में लगातार हो रहे आतंकी हमलों और जवान औरंगजेब के अपहरण और हत्या को लेकर बीजेपी पर तंज कसा है। इस संपादकीय को ‘कश्मीर में नंगा नाच’ शीर्षक दिया गया है।

‘सामना’ में लिखा गया कि यह दुखद है कि हम अपने जवानों को आतंकियों के कसाईखाने में कुर्बानी के लिए भेज रहे हैं। पीएम के घर पर (आकाश में उड़ती हुई) एक उड़न तश्तरी दिखाई दी तो सुरक्षा एजेंसी ने पीएम की सुरक्षा को चाकचौबंद कर दिया। पीएम की सुरक्षा के लिए तो यह करना ही पड़ेगा लेकिन देश की सुरक्षा कश्मीर घाटी में रोज खून से लाल हो रही है। सरकार ने एकतरफा युद्धबंदी जारी कर हमारे जवानों को उसे सख्ती से निभाने पर मजबूर किया, जिसका फायदा उठाकर कश्मीर में आतंकियों का नंगा नाच जारी है। इसके साथ ही वहां हिंदुस्तानी प्रेम की हर आवाज को दबाया जा रहा है। ऐसे में आपकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा और राजनीति असफल हो जाती है।

सामना के इस संपादकीय में लिखा गया है कि रमजान के मौके पर जो आतंकी हमले हो रहे हैं उसका पाप सरकार के माथे मढना होगा। केंद्र सरकार ने रमजान के मौके पर सीमा पर सीजफायर की घोषणा की थी। रमजान के माह में सरकार ने एकतरफा सीजफायर लागू करने का फैसला किया था लेकिन पाकिस्तान की तरफ से लगातार हमले जारी रहे। मतलब हम रमजान की पवित्रता का सम्मान करें और पाकिस्तान हमारे खून से रमजान की इफ्तारी करे।

जम्मू- कश्मीर के पुलवामा से जवान औरंगजेब के अपहरण और हत्या और राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या को लेकर भी बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया गया है। बुखारी के बारे में कहा गया है कि वो सामना की तरह ही कश्मीर में काम कर रहे थे लेकिन हमारी सरकार ऐसे राष्ट्र भक्त की रक्षा नहीं कर सकी। आतंकी हिंदुस्तान के समर्थन में उठने वाली हर आवाज को शांत करने का काम कर रहे हैं और हम केवल रमजान की पवित्रता का सम्मान कर रहे हैं और सैनिकों के मनोबल को तोड़ रहे हैं, ये मर्दानगी नहीं है।