कश्मीर में सीजफायर फेल, केंद्र ने PAK को दिया खूनी इफ्तार का मौका: शिवसेना

कश्मीर में सीजफायर
कश्मीर में सीजफायर

एनपी डेस्क न्यूज़ | Navpravah.com 

केंद्र की मोदी सरकार ने रमजान के दौरान घाटी में सीजफायर लागू किया था, ताकि कश्मीर के लोग रमजान का पाक महीना अमन और चैन के साथ मना सकें, लेकिन केंद्र सरकार की ये योजना पूरी तरह फ़ैल हो रही है और विपक्षी दल ही नहीं बल्कि एनडीए के सहियोगी दल भी मोदी सरकार भी जमकर निशाना साधा है। ‘सामना’ में कश्मीर में लगातार हो रहे आतंकी हमलों और जवान औरंगजेब के अपहरण और हत्या को लेकर बीजेपी पर तंज कसा है। इस संपादकीय को ‘कश्मीर में नंगा नाच’ शीर्षक दिया गया है।

‘सामना’ में लिखा गया कि यह दुखद है कि हम अपने जवानों को आतंकियों के कसाईखाने में कुर्बानी के लिए भेज रहे हैं। पीएम के घर पर (आकाश में उड़ती हुई) एक उड़न तश्तरी दिखाई दी तो सुरक्षा एजेंसी ने पीएम की सुरक्षा को चाकचौबंद कर दिया। पीएम की सुरक्षा के लिए तो यह करना ही पड़ेगा लेकिन देश की सुरक्षा कश्मीर घाटी में रोज खून से लाल हो रही है। सरकार ने एकतरफा युद्धबंदी जारी कर हमारे जवानों को उसे सख्ती से निभाने पर मजबूर किया, जिसका फायदा उठाकर कश्मीर में आतंकियों का नंगा नाच जारी है। इसके साथ ही वहां हिंदुस्तानी प्रेम की हर आवाज को दबाया जा रहा है। ऐसे में आपकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा और राजनीति असफल हो जाती है।

सामना के इस संपादकीय में लिखा गया है कि रमजान के मौके पर जो आतंकी हमले हो रहे हैं उसका पाप सरकार के माथे मढना होगा। केंद्र सरकार ने रमजान के मौके पर सीमा पर सीजफायर की घोषणा की थी। रमजान के माह में सरकार ने एकतरफा सीजफायर लागू करने का फैसला किया था लेकिन पाकिस्तान की तरफ से लगातार हमले जारी रहे। मतलब हम रमजान की पवित्रता का सम्मान करें और पाकिस्तान हमारे खून से रमजान की इफ्तारी करे।

जम्मू- कश्मीर के पुलवामा से जवान औरंगजेब के अपहरण और हत्या और राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या को लेकर भी बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया गया है। बुखारी के बारे में कहा गया है कि वो सामना की तरह ही कश्मीर में काम कर रहे थे लेकिन हमारी सरकार ऐसे राष्ट्र भक्त की रक्षा नहीं कर सकी। आतंकी हिंदुस्तान के समर्थन में उठने वाली हर आवाज को शांत करने का काम कर रहे हैं और हम केवल रमजान की पवित्रता का सम्मान कर रहे हैं और सैनिकों के मनोबल को तोड़ रहे हैं, ये मर्दानगी नहीं है।

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