अमेरिका में अखबार 'कैपिटल गजट' के दफ्तर में गोलीबारी, हमले में 5 पत्रकारों की मौत
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
गुरुवार को अमेरिका के मेरीलैंड राज्य के एनापोलिस स्थित कैपिटल गैजेट अखबार के दफ्तर में रोजमर्रा की तरह ही काम हो रहा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि मौत हाथ में बूंदक थामेे उनकी ओर बढ़ रही है। एक शख्स हाथ में बंदूक लेकर बिना कुछ सोचे-समझें गोलीबारी करने लगा। उसने अंधाधुंध फायरिंग की, किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। इस हादसे ने पांच मासूम लोगों की जान ले ली। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर पहुची पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है।
Prior to departing Wisconsin, I was briefed on the shooting at Capital Gazette in Annapolis, Maryland. My thoughts and prayers are with the victims and their families. Thank you to all of the First Responders who are currently on the scene.
हमलावर की पहचान 38 वर्षीय शख्स जेरोड रैमोस के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यइ शख्स अखबार ‘कैपिटल गजट’ से अपनी दुश्मनी मानता था। साल 2012 में आरोपी शख्स ने अखबार के खिलाफ मानहानि का केस किया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
1 person has been taken into custody: Police on shooting that took place in a newspaper building in Maryland, United States pic.twitter.com/gDy5lEtBAb
साल 2006 में कोर्ट ने इस आपराधिक छवि का शख्स घोषित किया था। बाद में रामोस ने ट्विटर पर लिखा कि खुद को सही साबित करने के लिए मैंने एक नया अकाउंट बनाया। रामोस ने लिखा कि वह ऐन अरुंडेल इलाके में रहने वाले लोगों के खिलाफ केस दायर करेगा और भ्रष्ट लोगों को मार देगा। इसी साल फरवरी में फ्लोरिडा के हाईस्कूल में गोलीबारी में 17 और मई में टेक्सास के एक स्कूल में गोलीबारी में 10 लोग मारे गए थे।
इस घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह दुखद घटना है। हमले के वक्त जिन लोगों ने पत्रकारों की मदद की उनका शुक्रिया। साथ ही उन्होंने आगे से ऐसी वारदातों को रोकने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
इस बीच कानून प्रवर्तन अधिकारी ने इसे आतंकी हमला मानने से इन्कार कर दिया है। उन्हें कहा ये आतंकी हमला नहीं बल्कि स्थानीय घटना है। वहीं, फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।
हमारी टीम ने खोजी देश की दूसरी चम्बल घाटी। ये न सिर्फ खतरनाक घाटी है बल्कि डकैतों की शरणस्थली भी है। बेधक का ये दुर्गम स्थान बेधक जंगल ,बेधक घाटी और बेधक के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर आदि नामों से जाना जाता है। चाहे दस्यु सम्राट ददुआ रहा हो, या अब मौजूदा समय में सूबे का दुर्दांत डकैत बबुली कोल -इन सबकी मुफीद जगहों में से एक रहा है बेधक। ये घाटी अपने दो रूपों के लिए हमेशा जानी जाती रही है।
एक तो सैकड़ो वर्ष पुराना प्रसिद्द हनुमान मन्दिर और दूसरा डकैतो की शरणस्थली। जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर कर्वी -मानिकपुर संपर्क मार्ग से होते हुए निही गाँव के रास्ते सूदूर जंगल में स्थित ये घाटी अदभुत प्राकृतिक एवं मनोरम दृश्य से सुसज्जित है। बेधक घाटी का वर्णन शब्दो के माध्यम से करना उतना ही कठिन है जितना की सूरज को दिया दिखाने के सामान है। विन्ध्य पर्वत श्रृंखला से जुडे इस घनघोर जंगल को बेधक घाटी के नाम से जाना जाता है। यह स्थल चित्रकूट के पूर्वी दिशा पाठा क्षेत्र मे स्थित है, यहां की प्राकृतिक संरचनाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, कई आकार की यहां विशाल चट्टानें देखने को मिलती हैं।
इस घाटी पर पूर्व मुखी बेधक नाथ (हनुमानजी) की मूरत विराजमान हैं जो प्राचीन काल से लोगों के आस्था का केंद्र रहे हैं। उंची-उंची आकर्षक पहाड़ियों, चट्टानों से बारहों महीने जल धारा बहती रहती है। घाटी पर स्थित बेधकनाथ मंदिर के तीनों तरफ से काफी उंची अरी हैं, जिन आरियों से हमेशा पानी गिरता हैं, मंदिर के पूर्वी उत्तर दिशा के दोनों आरियों से मनमोहक जल धारा बहती है।
इस स्थान जाने के लिए दो कच्चे मार्ग है पहला मप्र सतना के प्रतापुर से व चित्रकूट उप्र के मानिकपुर कच्चा रास्ता गया है। प्रतापुर से आने वाले श्रद्धालुओं के आने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा हर वर्ष मजबूत लकड़ी की सीढी का निर्माण किया जाता है जिससे यहां तक आसानी से पहुंचे सकें। श्रध्दालु अपनी आस्था लिए इन दुर्गम मार्गों का सफर करते हुए बेधकनाथ धाम पहुंचते हैं। दस्यु प्रभावित घनघोर जंगल डकैतों के खौफ होने के बावजूद भी लोगों की आस्थाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस स्थान पर अषाढ़ व कार्तिक माह मे ज्यादातर लोग भंडारे का आयोजन करते हैं।
बताया जाता है मंदिर के नीचे से एक गुफा है उस गुफा के रास्ते का अंत आज तक कोई नहीं ढूंढ सका, यहां बारिश के मौसम मे देश के दूर-दूर के धार्मिक क्षेत्रों से साधु संत आते हैं जिनका मानना है, इस गुफा का रास्ता चित्रकूट के गुप्त गोदावरी मे समाप्त होता है, बताते हैं राक्षसों का जब आतंक था तब ऋषि- मुनि इसी मार्ग से आते-जाते थे। बुजुर्गों का मानना है इस गुफा का अंत जानने के लिए कई बार कोशिश की गई लेकिन गुफा का अंत नहीं मिल सका।
युवराज राम के राजा श्री राम बनाने वाली परम धाम चित्रकूट की धरती कला और संस्कृति के साथ मनुष्य जीवन के लिए लक्ष्य और मोक्ष्य के साधकों से पुराना नाता है। इतिहास मे घटी घटनाओं के साक्षी रहे इस धरती के स्थलों की महिमा को विश्व पटल पर रखने और मानव सभ्यता के विकास की इन महत्वपूर्ण धरोहरों को संरक्षित करने की परम आवश्यकता है। बेधक घाटी तक पहुंचना बहुत कठिन है । रानीपुर वन्य जीव अभ्यारण्य होने के कारण यहाँ का रास्ता बहुत ज्यादा उबड़ खाबड़ है । यहाँ तक पहुंचने के लिए ट्रेक्टर और दो पहिया ही सवोत्तम विकल्प है ।
वर्तमान में बेधक घाटी में आधा दर्जन गुफा मौजूद हैं । आस पास के क्षेत्रवासियों का मानना है कि इन गुफाओं का निकास स्थान किसी अन्य जिलों (सतना ,चित्रकूट ,रीवा) में होकर निकलता है । स्थानीय मान्यता के अनुसार यहाँ स्थित हनुमान मंदिर में मौजूद मूर्ति सैकड़ो हजारो वर्ष पुरानी है । कहा जाता है कि ये मूर्ती काफी शक्तिशाली (शक्ति का के केंद्र) है ।
वर्ष में दो बार यहाँ स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कीर्तन के साथ भंडारे का आयोजन किया जाता है । बेधक घाटी का पूरा क्षेत्र चारो तरफ से विंध्य की पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है । अमूमन इस घाटी में सूरज की किरणें एक पहर के बाद ही नसीब होती है । घाटी के ऊपरी भाग से गिरता हुआ जलप्रपात बेधक की खूबसूरती में चार चाँद लगाता है ।
इस झरने का पानी कभी खत्म नही होता जो की शोध का विषय है । घाटी के एक हिस्से में ग्रामीणों द्वारा सीढियाँ लगाकर आवागमन का दुर्गम एवं जटिल मार्ग बनाया गया है । ये मार्ग लकड़ी की मजबूत बल्लियों द्वारा पेड़ो की टहनियों से बांधकर बनाया गया है । इस मार्ग का प्रयोग नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे आने जाने में प्रयोग किया जाता है । सबसे खास बात ये है कि ये मार्ग एक जिले से दूसरे जिले में जाने का खतरनाक मार्ग है जो की आदिवासियों द्वारा बनाया गया है ।
डकैतों की शरणस्थली ‘बेधक घाटी’ – बुन्देलखण्डवासी खासकर धर्मनगरी चित्रकूट में अगर किसी से बेधक का जिक्र किया जाये तो सिर्फ ये नाम ही लोगों के चेहरे पर खौफ और आतंक का की लकीरें खींच देता है । दशकों तक उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में आतंक का पर्याय रहे दस्यु सम्राट ददुआ की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक रहा बेधक का दुर्गम जंगल ।
बीते कई दशक से ये जंगल और इसकी दुर्गम घाटी डकैतो के लिए संजीवनी साबित हुई है । इस घाटी में खाकी के भी सीने धड़कने लगते हैं क्योंकि यहाँ की झाड़ियां और चट्टानें इतनी खतरनाक है कि आगे एक फ़ीट तक भी देखना काफी खतरनाक होता है ।
बच्चा चोरी के संदेह में 2 लोगों की पीट-पीटकर कर दी गयी हत्या
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
सोशल मीडिया पर वायरल हुए बच्चा चोरी का वीडियो अब तक कई बेगुनाहों की जान ले ली है, बच्चा चोरी के संदेह में लोगों ने पीट-पीटकर बेगुनाहों की जाने लेने की दर्दनाक घटनाएं बेंगलुरु से शुरू हुई थी अब जो गुजरात के बाद त्रिपुरा पहुंच गई हैं।
गुरुवार को त्रिपुरा में दो अलग-अलग घटनाओं में भीड़ ने पीट-पीटकर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया है, हमलों में एक पुलिसकर्मी सहित पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं।
पहली घटना राजधानी अगरतला से करीब 30 किलोमीटर दूर पश्चिम त्रिपुरा के मुराबारी की है, यहां बच्चा चोरी के संदेह में भीड़ ने घूमकर कपड़ा बेचने वाले तीन लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें एक की मौत हो गयी।
जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम जहीर खान कुरैशी है, वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और त्रिपुरा में कपड़े बेचने का काम करता था, घटना में दो अन्य कपड़ा बेचने वाले खुशित खान (यूपी) व गुलजार खान (यूपी) सहित अगरतला के एक टैक्सी ड्राइवर के घायल होने की खबर है।
वहीं, दूसरी घटना दक्षिण त्रिपुरा के कालाचेरा की है, गुरुवार को यहां जिला प्रशासन की तरफ से दो व्यक्ति घूम-घूमकर लोगों से बच्चा चोरी गिरोह के सक्रिय होने जैसी अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह कर रहे थे।
तभी गुस्साई भीड़ ने उनपर यह कहते हुए हमला कर दिया कि ये लोग अफवाहें फैला रहे हैं, भीड़ ने अनाउंसर सुकांता चक्रवर्ती को पीट-पीटकर मार डाला जबकि अन्य व्यक्ति हमले में बुरी तरह से घायल हो गया।
मुराबारी के सहायक पुलिस महानिरीक्षक स्मृति रंजन दास ने बताया कि, टीएसआर के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में दो राउंड फायर किए और आंसू गैस के गोले छोड़े।
त्रिपुरा के डीजीपी ए के शुक्ला ने अफवाह फैलाने से रोकने के लिए एसएमएस सेवा और इंटरनेट सेवा दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है।
एयरपोर्ट पर बैगेज चेक-इन और बोर्डिंग पास हासिल करने के लिए अब आपको लंबी कतारों में खड़े होना नहीं होना पड़ेगा,
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
एयरपोर्ट पर बैगेज चेक-इन और बोर्डिंग पास हासिल करने के लिए अब आपको लंबी कतारों में खड़े होना नहीं होना पड़ेगा, अब आप अपने होटल से ही अपनी फ्लाइट का बोर्डिंग पास और बैगेज टैग हासिल कर सकते हैं।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए यह सुविधा खासतौर पर उपलब्ध कराई गई है, एयरपोर्ट ने इस सुविधा की शुरुआत फिलहाल मुंबई के प्रमुख होटलों से की है।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, योजना के तहत चेक-इन और बैगेज टैग की सुविधा मुंबई के छह होटल में उपलब्ध कराई गई है, जिसमें सहारा स्टार, हयात रिजेंसी, ताज सैंटाक्रूज, आईटीसी मराठा, हिल्टन मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और द ललित का नाम शामिल है।
एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस सुविधा के लिए मुंबई में चिंहित किए गए सभी छह होटल्स में लॉबी में बोर्डिंग पास और बैगेज टैग निकालने के लिए कॉमन यूज सेल्फ सर्विस कियोस्क लगा दिए गए हैं।
इन कियोस्क में मुसाफिरों को सिर्फ अपने ई-टिकट की पीएनआर नंबर दर्ज करना होगा, पीएनआर नंबर दर्ज करते ही संबंधित मुसाफिर की यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां कियोस्क में डिस्प्ले होंगी, जिसके बाद मुसाफिर को अपने बैगेज की संख्या दर्ज करनी होगी।
सारी जानकारी कंफर्म करते ही कियोस्क से बोर्डिंग पास और सभी बैगेज के लिए टैग प्रिंट होकर बाहर आएगा, मुसाफिरों को एयरपोर्ट में प्रवेश करने से पहले यह बैगेज टैग अपने बैगेज में लगाना होगा, एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुसाफिरों को अपने बैग को सेल्फ ड्राप एरिया में छोड़कर सुरक्षाजांच और बोर्डिंग के लिए प्रस्थान कर सकेंगे।
MIAL के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल को विभिन्न तरीके सके सेल्फ सर्विस चेक-इन फैसिलिटी से इक्यूप्ड किया है, जिसमें चेक इन कियोस्क, बोर्डिंग पास जनरेट करने के लिए CUSS सिस्टम, बैगेज टैग जनरेट करने के लिए CUSS सिस्टम और सेल्फ बैगेज ड्राप फैसिलिटी शामिल है।
दीपिका पादुकोण को आज बॉलीवुड की एक बड़ी हीरोईन के तौर पर जाना जाता है। दीपिका का नाम हाइएस्ट पेड एक्ट्रेसेज की लिस्ट में भी शुमार है, लेकिन एक समय था जब उन्हें इस इंडस्ट्री में बने रहने के लिए तरह-तरह की सलाह दी जाती थी। दीपिका ने एक इंटरव्यू में बताया कि किसी ने उन्हें ब्रेस्ट सर्जरी करने की सलाह भी दी थी।
एक मैग्जीन को उन्होंने बताया- मुझे बहुत सलाह दिए जाते थे। स्तन सर्जरी कराने की, ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने की। उन्हें लगता कि इससे मुझे प्रोड्यूसर्स नोटिस करेंगे और फिल्मों में लेंगे। यह उसके लिए आसान तरीका हो सकता है जिसे पता हो उन्हें क्या हासिल करना है। लेकिन मैं उस तरह की शख्स नहीं हूं. मैंने हमेशा अपने मन की सुनी और अपने उसी को फॉलो किया।’
अपने डेब्यू के बारे में उन्होंने कहा- वो ड्रीम डेब्यू था। बेहतरीन कास्ट, अच्छा म्यूजिक… और सबसे बड़ी बात थी कि उसमें शाहरुख खान थे। ‘ओम शांति ओम’ में डेब्यू के बाद दीपिका का करियर चल निकला. कुछ फ्लॉप फिल्मों को छोड़ दें तो उनका अभी तक का करियर हिट ही माना जाएगा। पिछले साल उन्होंने हॉलीवुड में विन डीजल के साथ ‘xXx: Return of Xander Cage’ से डेब्यू किया था।
दीपिका ने कहा, मैं करियर के बढ़ते हुए मुकाम पर थी लेकिन डिप्रेशन के बारे में यही बात है। इसका कोई निशान सामने नहीं आता। ये बस आ जाता है और इसे इससे कोई मतलब नहीं है कि आपके पास कितना पैसा है और आप कितने सफल हो, ये कभी भी किसी को भी हो सकता है। दीपिका ने बताया कि इससे निकलने के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव और मेडिटेशन का सहारा लिया और इसके बाद ‘लिव लव लाफ’ संस्था की शुरुआत की। दीपिका ने कहा, ‘यहां बहुत सारे लोग आते हैं और कहते हैं कि उन्होंने आत्महत्या करने के बारे में सोचा लेकिन मैंने क्या किया ये देखने के बाद, वो समझ गए कि वे क्या कर रहे थे और उनका जीवन बदल गया।’
राजनीतिक दलों पर ऋचा का बड़ा बयान, किसी की एजेंट नहीं हूं
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
अपने बेबाक बयानों से चर्चा में रहने वाली एक्ट्रेस ऋचा चड्डा एक बार फिर से अपने बयान को लेकर लाइमलाइट में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग मामला पर निर्भय होकर अपनी बेबाक राय रखने वाली ऋचा चड्ढा ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल की दलाल नहीं हैं।
दरअसल ऋचा चड्डा ने एक इंटरव्यू दौरान कहा , “मुझे लगता है कि सरकार अनिवार्य रूप से एक सेवक की भूमिका में होती है और उसे इसकी याद दिलाने की जरूरत है। यह किसी का विरोधी होने के बारे में नहीं है, बल्कि यह विकास समर्थक, एकता समर्थक होने के बारे में और देश के अस्तित्व के लंबे समय के उद्देश्यों की तरफ देखने के बारे में है।”
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि यदि कोई खास पार्टी सत्ता में है, तभी हम उसकी आलोचना करेंगे और अगली बार यदि कोई दूसरी पार्टी है, तो हम उनकी आलोचना नहीं करेंगे। मैं किसी भी राजनीतिक दल का एजेंट नहीं हूं। मुझे लगता है कि एक राजनीतिक दल, एक व्यक्ति, एक विचार प्रक्रिया, एक धर्म या संस्था को देश के साथ समझा नहीं जा सकता है।”
आपको बता दें कि ऋचा ने ट्विटर पर हिंदुत्व समर्थकों पर अपनी राय व्यक्त की थी, जिसके लिए उन्हें उनके साथ बलात्कार करने और जान से मारने की धमकी भी मिली थी।
अमेरिका के सेक्स रैकेट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा:
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
कुछ महीने पहले अमेरिका में एक भारतीय महिला और पुरुष को सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया। ये दोनों तेलुगू फिल्मों के प्रोड्यूसर थे। गिरफ्तार किए गए किशन मोदुगुमुडी और उसकी पत्नी चंद्रकला फिल्मों में काम पर लड़कियों को बुलाते थे। कई महीनों बाद तेलुगू फिल्म हिरोइन पुनम कौर ने इस सेक्ट रैकेट के बारे कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अब एक और बड़ा सच सामने आया है।
आरोपी दंपति किशन मोदुगुमुदी और उसकी पत्नी चंद्रकला पूर्णिमा मोदुगुमुदी के खिलाफ 41 पेज के इस हफलनामे में बताया गया है कि आरोपियों द्वारा यूएस के रजिस्टर्ड ऑर्गेनाइजेशन के लेटरहैड का इस्तेमाल किया जाता था। हलफनामे में पीडितों को ए बी सी डी नाम दिए गए हैं। चंद्रकला और डी के बीच मोबाइल पर मैसेज के जरिए कुछ इस तरह बातचीत हुई।
डी: मैं पैसे वाला नहीं हूं। हजारों डॉलर नहीं दे सकता। कुछ जायज बताइये।
चंद्रकला: आपका बजट क्या है?
डी: वही जो पिछली बार था। मैं पहले 2 बार लंबे कद वाली साउथ इंडियन युवती के साथ जा चुका हूं, जिसे आपने होटल में छोड़ा था।
चंद्रकला: 3 घंटे, दो बार, 2500 डॉलर
30 अप्रैल को फाइल किए गए एफिडेविट में बताया गया कि भारतीय दंपति अपने घर में या होटल में देह व्यापार कराता था। 2014 में दंपती का वीजा धोखाधड़ी के कारण दो बार कैंसिल हो गया था। 28 फरवरी 2018 को अधिकारियों ने दंपति के घर की तलासी ली। जिसमे की घर से 70 कंडोम, कई जिपलॉक बैग, जाली पर्मानेंट रेजीडेंट कार्ड, सोशल सिक्योरिटी कार्ड मिले हैं।
आप को बता दें अमेरिका में सेक्स रैकेट के सामने आने के बाद हर कोई चौंक गया था। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने जांच में बताया कि यह दंपत्ति दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्रियों से संपर्क करता, उन्हें अमेरिका में इवेंट के नाम पर बुलाता। उनके निमंत्रण पर जो भी अभिनेत्रियां अमेरिका पहुंचती, उन्हें किसी भी तरह से फंसाकर देह व्यापार में धकेलने की कोशिश होती थी।
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके में आतंकियों के बीच मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है, तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने इस आतंकी के शव को बरामद कर लिया है।
वहीं, सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इस आतंकी के कब्जे से एक AK-47राइफल सहित भारी तादाद में गोली-बारूद बरामद किया है, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के कमांडो मारे गए आतंकी के अन्य साथियों की तलाश में लगातार जंगल में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
सुरक्षाबल के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अंतर्गत आने वाले कचमा के जंगलों में आतंकी छिपे हुए है, यह जंगल कुपवाड़ा जिला पुलिस की जद में आता है।
जंगलों में आतंकियों की तलाश करते हुए सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम शुक्रवार तड़के तुंगा टॉप से पहचाने जाने वाले इलाके में पहुंच गई, इसी बीच, आतंकियों को सुरक्षाबलों को भनक लग गई कि सुरक्षाबलों ने उन्हें खोज निकाला है।
आतंकियों की तरफ से गोलीबारी बंद होने के बाद सुरक्षाबलों ने मौके की तलाशी शुरू की, तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने मौके से एक आतंकी का शव, एक AK-47 राइफल और भारी तादाद में गोलियां बरामद की हैं।
खजूर के पेड़ रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाते हैं। यह बहुत लम्बे होते है
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
खजूर के पेड़ रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाते हैं। यह बहुत लम्बे होते है, इनका एक ही तना होता है जिस पर बढ़ कर पत्तियां निकलती हैं। खजूर के पेड़ में डालियाँ नहीं होती हैं।
खजूर का फल करीब ढाई से सात सेंटीमीटर लम्बा होता है। यह रंग में लाल कुछ कालापन लिए होते हैं इसके बीज लम्बे-पतले और भूरे से होते हैं। देशी खजूर, शरीर को ताकत देते हैं और आंतरिक गंदगी को साफ़ करते है।
खजूर के लाभ –
खजूर में विटामिन सी ascorbic acid / vitamin C), विटामिन ए carotene as vitamin A, निकोटिनिक एसिड nicotinic acid, राइबोफ्लेविन riboflavin, थाया मिन thiamine और करीब 60-80 % चीनी होती है।
यह स्वादिष्ट, बलकारक और पुष्टिकारक टॉनिक है। यह वज़न को बढ़ाता है और मोटा करने वाले होता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, विटामिन A, B, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, तथा अन्य मिनरल्स होते है।
यह फाइबर का अच्छा स्रोत है और शरीर को तुरंत उर्जा देता है, यह शरीर की कमजोरी और लोहे की कमी anemia को दूर करता है, यह कफ, खांसी, अस्थमा, छाती की तकलीफों में लाभप्रद है।
यह कफ को ढीला कर निकालता है, यह कामोद्दीपक और वीर्यवर्धक है, साथ ही यह प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाता है ।
चीन ने दी सख्त चेतावनी, प्रशांत महासागर में एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेंगे
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से कहा कि, बीजिंग शांति को लेकर प्रतिबद्ध है लेकिन वह प्रशांत महासागर में एक इंच जमीन भी छोड़ने को तैयार नही है।
सीएनएन ने शी के हवाले से बताया, जब बात चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की होती है तो हमारा रुख दृढ़ और स्पष्ट होता है, राष्ट्रपति शी ने कहा, हम हमारे पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई जमीन का एक इंच भी नहीं छोड़ सकते हैं।
राष्ट्रपति शी ने यह भी कहा कि प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण चीन सागर पर असहमतियों के बावजूद लंबे समय से यह सभी को पता है कि सैन्य मामलों के विशेषज्ञ मुद्दों को हल करने के लिए सैन्य साधनों का उपयोग नहीं करना चाहते हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के शक्ति प्रदर्शन करने को लेकर अमेरिकी चिंताओं के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों की अच्छी गति को अवश्य ही बनाए रखना चाहिए।
शी ने कहा, चीन और अमेरिका के बीच संबंध विश्व के सबसे अहम द्विपक्षीय संबंधों में एक हैं, उन्होंने कहा, हाल के वर्षों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों की गति काफी अच्छी थी..मैं उम्मीद करता हूं कि सैन्य संबंधों की यह गति जारी रहेगी।