28.7 C
Mumbai
Saturday, August 1, 2026
Home Blog Page 57

गहराते जख्मों को भरने का समय आ गया है, राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बाइडेन का पहला भाषण

नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
आखिरकार 77 वर्षीय जो बाइडेन अमेरिका का प्रेसिडेंशियल इलेक्शन जीत चुके हैं. फिलहाल वे प्रेसिडेंट इलेक्ट है. 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद वे 46वें राष्ट्रपति बन जाएंगे. चुनाव में जीतने के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित किया. इसमें उन्होंने आपसी कड़वाहट खत्म करने, देश को एकजुट और सबका राष्ट्रपति जैसी बातों पर बल दिया. भाषण देने के बाइडेन मंच तक दौड़ते हुए आए. चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन पर उम्रदराज होने के आरोप लगाए थे.

रिकॉर्ड वोटों से हुई जीत
बाइडेन 48 साल पहले पहली बार सीनेटर चुने गए थे. देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा- आप लोगों ने स्पष्ट जनादेश दिया है. 7.4 करोड़ लोगों ने रिकॉर्ड वोट दिया. अमेरिका की यह नैतिक जीत है. मार्टिन लूथर किंग ने भी यही कहा था. गौर से सुनिए. आज अमेरिका बोल रहा है. मैं राष्ट्रपति के तौर पर इस देश को बांटने के बजाए एकजुट करूंगा. परिवार और पत्नी का इस संघर्ष में साथ देने के लिए शुक्रिया.

– मैं भी कई बार हारा हूं
ट्रम्प और उनके समर्थकों से बाइडेन ने कहा- मैं जानता हूं कि जिन लोगों ने ट्रम्प को वोट दिया है, वे आज निराश होंगे. मैं भी कई बार हारा हूं, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इसमें सबको मौका मिलता है. चलिए, नफरत खत्म कीजिए. एक-दूसरे की बात सुनिए और आगे बढ़िए. विरोधियों को दुश्मन समझना बंद कीजिए, क्योंकि हम सब अमेरिकी हैं. बाइबल हमें सिखाती है कि हर चीज का एक वक्त होता है. अब जख्मों का भरने का वक्त है. सबसे पहले कोविड-19 को कंट्रोल करना होगा, फिर इकोनॉमी और देश को रास्ते पर लाना होगा.

– हर वर्ग का साथ मिला
बाइडेन ने अमेरिका की अनेकता में एकता का जिक्र किया. कहा- मुझे गर्व है कि हमने दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में विविधता देखी. उसके बल पर जीते. सबको साथ लाए. डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकंस, निर्दलीय, प्रोग्रेसिव, रूढ़िवादी, युवा, बुजुर्ग, ग्रामीण, शहरी, समलैंगिक, ट्रांसजेंडर, लैटिन, श्वेत, अश्वेत और एशियन. हमें सभी का समर्थन मिला. कैम्पेन बहुत मुश्किल रहा. कई बार निचले स्तर पर भी गया. अफ्रीकी-अमेरिकी कम्युनिटी हमारे साथ खड़ी रही.

– सास से कहा था, एक दिन राष्ट्रपति बनूंगा
बाइडेन ने पहली शादी 1966 में की थी. वे 24 साल के थे. लड़की की मां ने पूछा कि काम क्या करते हो? बाइडेन ने जवाब दिया- एक दिन अमेरिका का राष्ट्रपति बनूंगा. बाइडेन 32 साल में तीसरे प्रयास में राष्ट्रपति का चुनाव जीते हैं.

पुणे : औद्योगिक कंपनियों के केमिकल से नदी में लाखों मछलियों की मौत

पवना नदी के किनारे रही औद्योगिक कंपनियों से जहरीले केमिकल नदी के पानी में छोड़े जाने से नदी में विभिन्न प्रजातियों की मछलियों की मौत हो रही है. गत सप्ताह से अब तक तीन बार पवना नदी पर रावेत में बने तटबंध के पास मृत मछलियों का अंबार पाया गया. इससे पवना नदी प्रदूषण का मुद्दा फिर गहरा गया है. गत सप्ताह पिंपरी चिंचवड़ की महापौर ऊषा ढोरे ने भी यहां का मुआयना किया था और तब उन्होंने नदी में केमिकल युक्त मैला पानी छोडनेवाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

पवना बांध से शुरू होनेवाली पवना नदी धामणे, जांबे, मामुर्डी, किवले, रावेत मार्ग से होकर पिंपरी चिंचवड शहर से बहती है. इसे पिंपरी चिंचवडकरों की जीवनवाहिनी कहा जाता है. पवना नदी पर रावेत में रहे तटबंध से ही पूरे शहर को जलापूर्ति की जाती है. बीते कुछ दिनों से पवना नदी का प्रदूषण का मसला गहन बन गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार बीते सप्ताह से अब तक तीन बार पवना नदी के किनारे मृत मछलियों का अंबार लगा मिला है. नदी में कंपनियों से बिना प्रक्रिया के जहरीले केमिकल छोड़ने, मैलापानी छोड़ने से नदी का पानी जहरीला बनता जा रहा है. इससे नदी में रही विभिन्न प्रजातियों की मछलियों व अन्य जलचरों का विनाश हो रहा है.

अभी चार दिन पहले महापौर ऊषा ढोरे ने खुद रावेत तटबंध का मुआयना कर मृत मछलियों का निरीक्षण किया था. उन्होंने नदी प्रदूषण करनेवाली कंपनियों और नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिये थे. इसके बाद आज पुनः यहां मृत मछलियों का अंबार लगा मिला है. मनपा के पर्यावरण विभाग के कार्यकारी अभियंता संजय कुलकर्णी ने बताया कि, रावेत तटबंध के पानी की टेस्ट की गई है. इससे लोगों के स्वास्थ्य के खतरा निर्माण होने जैसी परिस्थिति नहीं है. तीन दिन पहले मनपा की एक टीम ने नदी में केमिकल छोड़ने वाले तीन टैंकर पकड़े, उनका केमिकल युक्त पानी भी टेस्ट के लिए लैब में भेजा गया है, उसकी रिपोर्ट आने के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

बिहार में खत्म हुआ तीनों चरणों का मतदान, अब 10 नवंबर को फैसले का इंतजार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में मतदान की प्रक्रिया समाप्‍त हो गई है. मतदान के पहले घंटे तक कुल 3.9 फीसद वोट पड़ चुके थे. पहले घंटे में सर्वाधिक 4.5 फीसद वोट सीमांचल के किशनगंज में पड़े थे. सीमांचल के अररिया में 4.1 फीसद वोट पड़ चुके थे. पहले घंटे में सुपौल में 3.8 तो मुजफ्फरपुर में 3.1 व दरभंगा में 3.0 फीसद वोट पड़े थे. मतदान की रफ्तार को देखते हुए लगत रहा है कि सीमांचल में मत फीसद अधिक रहने की उम्‍मीद है.

मतदान केंद्रों पर कतारें लंबी होती देखी गई. बड़ी संख्‍या में युवा व महिलाएं घरों से निकल कर अपने मताधिकार का उपयोग किया. इसे देखते हुए मतदान फीसद की दर में इजाफा की उम्‍मीद की जा रही है.

तीसरे चरण के मतदान के लिए सभी 33782 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. निगरानी के लिए घुड़सवार दस्ते भी लगाए गए थे. हवाई निगरानी की व्यवस्था भी की गई थी. नदियों से सटे इलाकों में नावों से भी निगरानी की जा रही थी. संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही थी. आज बिहार में बाल्मीकिनगर लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी हुआ.

बिहार : वोट डालने जा रहे कुख्यात के भाई की गोली मारकर हत्या

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

बिहार में चुनाव अपने अंतिम चरण में है, लेकिन अपराध भी अपने चरम पर है. ताजा जानकारी के अनुसार पूर्णिया जिले में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान कुख्यात बिट्टू सिंह के छोटे भाई बेनी सिंह के रूप में हुई है.

जानकारी के अनुसार बेनी सिंह सरसी स्थित आवास के पास बने पोलिंग बूथ पर मतदान करने जा रहा था, तभी घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात की सूचना मिलने के तुरंत बाद घटना स्थल पर पुलिस पहुंच गई.

पुलिस ने बताया कि बेनी सिंह को उनके घर के पास मतदान केंद्र के बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर मारा गया था, जब वह अपना वोट डालने जा रहे थे. पुलिस ने कहा कि उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और हमलावर का पता लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है. वहीं पूर्णिया के एसपी ने जानकारी दी है कि अब स्थिति नियंत्रण में है. पुलिस के अनुसार भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद बिट्टू सिंह पर जिले में 12 से अधिक हत्या और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं.

इस बीच, एक अन्य घटना में, पुलिस को धामदाहा निर्वाचन क्षेत्र के तहत अलीनगर गांव में एक मतदान केंद्र से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलानी पड़ीं क्योंकि उन्होंने मतदान प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब चुनाव ड्यूटी पर अर्धसैनिक बल के जवानों ने मतदाताओं को उचित कतार बनाए रखने के लिए कहा.

बीमार मां से मिलने गुरमीत राम रहीम को मिला पेरोल

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

रेप और हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम को बीते दिनों 24 अक्टूबर को एक दिन का परोल मिला था. बताया जा रहा है कि राम रहीम को कड़ी सुरक्षा में रोहतक जेल से गुरुग्राम लाया गया था लेकिन सुरक्षा में लगे जवानों तक को इसकी भनक नहीं थी. सिर्फ सीएम और कुछ अधकारियों को ही इस बात की जानकारी थी.

– रेप और हत्या मामले में उम्र कैद काट रहा राम रहीम
बता दें कि डेरा प्रमुख रेप और हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से रोहतक की जेल में बंद है. सूत्रों ने बताया कि राम रहीम को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए एक दिन का परोल मिला था. वह गुरुगाम के एक अस्पताल में भर्ती है. डेरा प्रमुख को रोहतक की सुनारिया जेल से गुरुग्राम अस्पताल तक भारी सुरक्षा के बीच ले जाया गया.

राम रहीम 24 अक्टूबर को शाम तक अपनी बीमार मां के साथ रहे थे. सूत्रों ने बताया कि हरियाणा पुलिस की तीन टुकड़ी तैनात थी. एक टुकड़ी में 80 से 100 जवान थे. डेरा चीफ को जेल से पुलिस की एक गाड़ी में लाया गया जिसमें पर्दे लगे हुए थे. गुरुग्राम में पुलिस ने अस्पताल के बेसमेंट में गाड़ी पार्क की और जिस फ्लोर में उसकी मां का इलाज चल रहा था, उसे पूरा खाली करा दिया गया.

– रोहतक एसपी ने की पुष्टि
रोहतक एसपी राहुल शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा, ‘हमे जेल सुपरिंटेंडेंट से राम रहीम के गुरुग्राम दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था का निवेदन मिला था. हमने 24 अक्टूबर को सुबह से लेकर शाम ढलने तक सुरक्षा उपलब्ध कराई थी. सब कुछ शांति से हुआ.’

– विवाद में घिरा पेरोल
सिर्फ सीएम और कुछ वरिष्ठ हरियाणा के सरकारी अधिकारियों को ही इसकी जानकारी थी जिसको लेकर बीजेपी टॉप नेता के निर्देश दिए थे. यहां तक कि राम रहीम की सुरक्षा में लगे जवानों को भी इस बात की भनक नहीं थी कि वे किस शख्स को एस्कॉर्ट कर रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरीके से परोल देकर हरियाणा अधिकारियों ने भविष्य में उसके परोल पर रिहाई मांगने की स्थायी जमीन तैयार कर दी है.

फ्रांस के राजदूत ने पत्नी के साथ किए महाकाल के दर्शन

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन शुक्रवार रात निजी दौरे पर इंदौर आए थे. शनिवार सुबह पत्नी के साथ उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर मंदिर गए. यहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. मंदिर समित ने लेनिन को उपहार में बाबा महाकाल की तस्वीर दी. लेनिन ने महाकाल दर्शन के बाद रामघाट और इंदौर रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में भी दर्शन किए. यहां से वे इंदौर रवाना हो गए.

मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद होने से इमैनुअल लेनिन ने नंदी हॉल से ही दर्शन किया. इस दौरान मंदिर के पुजारी रमण त्रिवेदी ने पूजा- अर्चना करवाई. बाद में वे शनि मंदिर और शिप्रा नदी के तट पर भी पहुंचे. महाकाल में लेनिन के पहुंचने की जानकारी केवल पुलिस और प्रशासन के पास ही थी. दुनिया के कई मुस्लिम देशों में फ्रांस के खिलाफ चल रहे विरोध को देखते हुए फ्रांस के राजदूत के महाकाल मंदिर पहुंचने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी.

US : बाइडेन ने शुरू की सरकार संभालने की तैयार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

NYT के मुताबिक, जो बाइडेन और उनकी टीम ने सरकार संभालने की तैयारी शुरू कर दी है. इसे ट्रांजिशन प्लान कहा जाता है. बाइडेन के सभी एडवाइजर्स उनके साथ डेलावेयर में उनके कैम्प ऑफिस में मौजूद हैं. इस बीच, फेडरल एजेंसीज के कुछ अफसर भी बाइडेन से मिलने पहुंचे. हालांकि, बाइडेन खेमा बहुत अनुशासन और शांति से चुनाव नतीजों के औपचारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है. लेकिन, वे ये भी चाहते हैं कि सत्ता संभालने की तैयारी कर ली जाए. महामारी पर काबू करने के प्लान पर खास तौर पर फोकस किया जा रहा है, क्योंकि इसी मुद्दे पर डेमोक्रेट्स सत्ता में वापसी कर रहे हैं.

मीडिया से मुखातिब नहीं होंगे ट्रम्प
CNN के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कैम्पेन टीम और एडवाइजर्स ने इस हफ्ते ट्रम्प के सभी मीडिया इवेट्स कैंसिल कर दिए हैं. यानी इस हफ्ते वे मीडिया से मुखातिब नहीं होंगे. हालांकि, सोशल मीडिया पर शायद वे अपनी बात रखते रहेंगे. व्हाइट हाउस जल्द ही इस हफ्ते का मीडिया प्लान जारी कर सकता है. इसमें बताया जाएगा कि ट्रम्प की कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस इस हफ्ते नहीं होगी. इसके अलावा वे किसी पब्लिक इवेंट में भी हिस्सा नहीं लेंगे. गुरुवार को ट्रम्प आखिरी बार मीडिया से मुखातिब हुए थे.

हम विरोधी हो सकते हैं, दुश्मन नहीं, बाइडेन की ट्रम्प से अपील

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

अमेरिका में डेमोक्रेट जो बाइडेन का राष्ट्रपति बनना काफी हद तक तय हो चुका है. बाइडेन 4 बड़े राज्यों पेन्सिलवेनिया, एरिजोना, जार्जिया और नेवादा में लीड लिए हुए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नॉर्थ कैरोलिना और अलास्का में बढ़त बनाए हुए हैं. बाइडेन को अब तक 253 और ट्रम्प को 214 इलेक्टोरल वोट मिले हैं. राष्ट्रपति बनने के लिए 270 का आंकड़ा चाहिए. शनिवार को बाइडेन लोगों के सामने आए. उन्होंने सियासी पारा ठंडा करने की कोशिश की. ट्रम्प का नाम लिए बिना उनसे अपील की कि गुस्सा थूकिए, हम विरोधी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं. हम सब अमेरिकी हैं.

– समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
समर्थकों से कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि डेमोक्रेट्स चुनाव जीतने जा रहे हैं. अमेरिकी जनता ने हमें सरकार चलाने का जनादेश दिया है. देश चाहता है कि वो फिर एकजुट होकर आगे बढ़े. आप धैर्य रखें. आज हम वही साबित कर रहे हैं जो 244 साल पहले (1776 में) किया था. और वो यह कि लोकतंत्र कामयाब और कारगर है. आपका हर वोट गिना जाएगा. बाइडेन ने समर्थकों से शांति बरतने की अपील भी की.

FBI ने बढ़ाई बाइडेन की सुरक्षा
फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (FBI) के अफसरों ने देर रात बाइडेन से बातचीत की. इस दौरान उनके सलाहकार भी मौजूद थे. अब बाइडेन और उनके परिवार की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है. व्हाइट हाउस और डेलावेयर में बाइडेन के घर के बाहर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के एजेंट्स मौजूद हैं. नेशनल गार्ड्स की एक टीम भी बाइडेन की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं. माना जा रहा है कि बाइडेन के बाद कमला हैरिस और उनके दो सलाहकारों जैक सुलिवान और स्टीव रिचेटी की सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी.

लॉकडाउन की अवधि में हुआ तीन पत्ती खेलने वालों की तादाद में अच्छा ख़ासा इजाफा

लॉकडाउन की अवधि में इंटरनेट के यूज़ में 5 गुना की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान ऑनलाइन गेम खेलने वालों की तादाद में भी अच्छा ख़ासा इजाफा हुआ |

कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन की अवधि में भारत में ऑनलाइन तीन पत्ती रियल कैश गेम लोगों के बीच लगातार लोकप्रिय हासिल करता जा रहा है। अभी देश में कोरोना वायरस के कारण खेल गतिविधियां और सिनेमाघर बंद हैं। लोग घर ही किसी किसी माध्यम से अपना समय बिता रहे हैं। इसी को देखते हुए इंटरनेट पर तीन पत्ती का गेम लोगों के लिए समय बिताने का अच्छा विकल्प बनता जा रहा है। तीन पत्ती का खेल guide2gambling.in/casino-games/teen-patti/ के माध्यम से चाहे तो आप घर बैठे पैसा भी कमा सकते हैं। जिसके चलते लोगों में इस गेम का अच्छा खासा क्रेज बना हुआ है।

तीन पत्ती गेम के वेबसाइटों पर ढेर सारे ऑप्शन्स अवेलेबल हैं। उनमें से सभी गेमिंग वेबसाइट पर आपको अच्छा एक्सपेरिएंस मिले ये जरूरी नहीं है।

इसलिए ऑनलाइन गेम खेलने से पहले ये अवश्य सुनिश्चित करें कि जिस वेबसाइट या एप्प के माध्यम से आप गेम खेल रहे हैं वो सुरक्षित है। जिसमें आपके साथ किसी भी तरह का फ्रॉड ना हो। इसके लिए  इंटरनेट पर g2g or 7 Jackpot  वेबसाइट आपके लिए परफेक्ट है तब भी आप शुरुआत कम से कम धनराशि के साथ करें। यदि आपको जीतने पर कैश लेनदेन की सुरक्षा और सुरक्षा के साथ आपको सुखद गेमिंग एक्सपेरिएंस मिलता है तो आप उस वेबसाइट के साथ कंटीन्यू करें।

ऑनलाइन तीन पत्ती रियल कैश गेम खेलने के लिए सबसे पहले आपको गेमिंग वेबसाइट पर अपना एकाउंट क्रिएट करना होता है।

एकाउंट क्रिएट करते समय यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप नाम, ईमेल और फोन नंबर जैसी इन्फॉर्मेशन सही डालें। सबमिट करने से पहले सुनिश्चित करें की आपकी सभी इन्फॉर्मेशन आपके आधार कार्ड से मैच कर रही हो क्योंकि एक बार जीतने के बाद आपको अपनी आईडी की एक कॉपी भेजनी होगी।

उचित कैश लेनदेन सुनिश्चित करने के लिए आपकी इन्फॉर्मेशन आवश्यक हैं और आप नहीं चाहेंगे कि आपका पैसा गलत हाथों में जाए। हमेशा ध्यान रखे कि ऑनलाइन बनाये गए सोस्टों के साथ कभी भी अपनी यूजर आईडी या पासवर्ड शेयर ना करें।

अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में बिडेन नए कीर्तिमान के साथ जीत की ओर, ट्रम्प की हार निश्चित

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव की वोटों की गिनती जारी है. राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन मैदान में हैं. बिडेन बहुमत के करीब पहुंच चुके हैं. 538 इलेक्टोरल वोट्स में से बहुमत के लिए 270 वोट्स की जरूरत है. फिलहाल, बिडेन के हिस्से 264 इलेक्टोरल वोट्स, जबकि ट्रंप के पास सिर्फ 214 वोट्स हैं. बिडेन बहुमत के आंकड़े (270) से सिर्फ 6 वोट्स दूर हैं.

हालांकि, अभी कई प्रमुख राज्यों में नतीजे आने बाकी हैं. वहीं, ट्रंप ने वोटों की गिनती पर सवाल उठाया है. इसके लिए ट्रंप सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, कल जहां हम जीत रहे थे, वहां अचानक पीछे कैसे हो गए. पिछली रात मैं मजबूती के साथ लीड कर रहा था. कई राज्यों में डेमोक्रेट ने मतगणना पर कंट्रोल किया. वहीं, बिडेन ने कहा है कि हमें पूरा भरोसा है कि जीत हमारी ही होगी. मगर ये सिर्फ हमारी अकेले की जीत नहीं होगी.

यह जीत अमेरिकी लोगों की होगी, हमारे लोकतंत्र की होगी, अमेरिका की होगी. दूसरी तरफ, ट्रंप के चुनावी अभियान ने पेंसिल्वेनिया, मिशीगन और जॉर्जिया सरकार पर मुकदमा दायर किया है. इन राज्यों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन से पीछे रह गए हैं.