NCB के रडार पर अर्जुन रामपाल, छापेमारी में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ज़ब्त
OTT प्लेटफ़ॉर्म्स के दर्शकों को पसंद हैं अडल्ट कॉंटेंट -जिनी जैज़
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क
इरॉटिक कॉंटेंट को लेकर आए दिन बवाल होता है, लेकिन न तो इस पर कोई प्रतिबंध लग रहा है और न ही ऐसे कॉन्सेप्ट को दर्शक नकार रहे हैं। उल्लू ऐप की वेब सीरीज़ से मशहूर हुई अभिनेत्री जिनी जैज़ दावा करती हैं कि इरॉटिक कॉंटेंट की डिमांड है। उन्होंने कहा कि जिन प्लेटफ़ॉर्म्स पर ये कॉंटेंट स्ट्रीम होते हैं, वे सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं।
मॉडल से अभिनेत्री बनी जिनी चरमसुख के अलावा भी कई वेब सीरीज़ साइन कर चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं में वेब सीरीज़ काफ़ी काफ़ी पसंद की जा रही है। कोरोना पैंडेमिक की वजह से भी ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स पर लोगों की ऐक्टिविटी बढ़ी है। जिनी ने कहा कि न्यूकमर के पास ज़्यादा चुनने का विकल्प नहीं होता, आपको अगर मौक़ा मिलता है तो बस ख़ुद को प्रूव करना होता है, ऐसे में अगर आप सोचें कि लोग क्या सोचेंगे, तो बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।
अश्लीलता परोसने की बात पर उन्होंने कहा कि अगर लोग देखेंगे नहीं तो प्रोड्यूसर ऐसे कॉंटेंट क्यों बनाएँगे। ऐसे कॉंटेंट्स को भारी संख्या में दर्शक मिलते हैं, जिसकी वजह से ऐसी सीरीज़ बनाई जाती है। जिनी ने कहा कि ओटीटी के दर्शक वर्ग बिल्कुल अलग हैं और मुझे लगता है उन्हें अडल्ट कॉंटेंट से क़तई परहेज़ नहीं है।
कोरोना जैसे लक्षणवाली ‘सारी’ बीमारी का प्रकोप बढ़ा
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
शहर के ससून हॉस्पिटल के कोविड हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित पेशेंटों से अधिक कोरोना लक्षण जैसे ही लक्षण होने वाले ‘सारी’ (सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) तथा अन्य बीमारियां होने वाले पेशेंटों की संख्या अधिक होने की जानकारी सामने आई है. ससून हॉस्पिटल परिसर के कोविड हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित पेशेंटों से अधिक कोरोना के लक्षणों जैसे लक्षण होने वाले सारी व अन्य बीमारियां होने वाले पेशेंटों की संख्या अधिक होने की जानकारी सामने आई है.
अब तक ससून हॉस्पिटल में करीब 21 हजार से अधिक संदिग्ध पेशेंट भर्ती किए गए थे. उनमें से केवल 4 हजार 800 पेशेंट कोरोना से संक्रमित हुए हैं. शेष पेशेंटों में आधे से अधिक पेशेंट सारी के पेशेंट हैं. अन्य पेशेंटों को भी बुखार और खांसी के लक्षण हैं. ससून हॉस्पिटल में मार्च के आखिरी सप्ताह से कोरोना संक्रमित पेशेंट भर्ती करने की शुरुआत हुई. शुरू में मनपा के सिस्टम के जरिए और प्राइवेट हॉस्पिटलों से पेशेंट भेजे जाते थे. कुछ दिनों में ससून में फ्लू ओपीडी शुरू किया गया. कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले तथा लक्षण दिखाई देने वाले पेशेंटों को हॉस्पिटल में ही भर्ती किए जाने लगा. लक्षण न होने वाले पेशेंटों को कोविड केयर सेंटर में भेजा जाता था. ससून की नई 11 मंजिली बिल्डिंग में लक्षण होने वाले लेकिन कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने वाले पेशेंट के अधिक होने से उनके लिए अलग वार्ड बनाया गया.
हॉस्पिटल की रिपोर्ट के अनुसार 31 अक्टूबर तक हॉस्पिटल में करीब 21 हजार पेशेंट भर्ती हुए थे. उन सभी में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे थे. उनके सैम्पल जांच के लिए लैब में भेजे गए. उनमें से केवल 4 हजार 800 पेशेंटों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. शेष 15 हजार 200 पेशेंटों की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन उनमें सारी के लक्षण यानी सांस लेने में परेशानी, बुखार और खांसी जैसे लक्षण थे. इसलिए उनका हॉस्पिटल में ही इलाज किया गया. उनमें से कुछ पेशेंटों को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की जरूरत भी पड़ी.
ससून हॉस्पिटल के डीन डॉ. मुरलीधर तांबे ने कहा कि, ससून में भर्ती होने वाले संदिग्ध पेशेंटों में सबसे अधिक सारी के पेशेंट हैं. जबकि अन्य पेशेंटों में कोई न कोई लक्षण था. कोरोना निगेटिव या लक्षण न होने वाले संदिग्ध पेशेंटों को शुरू से भर्ती नहीं किया जाता. लक्षण होने वाले संदिग्ध पेशेंट सभी विभागों में हैं. संदिग्ध पेशेंटों के लिए अलग वार्ड है. ज्यादातर पेशेंट अन्य हॉस्पिटलों द्वारा भेजे जाते हैं. ससून में आने वाले पेशेंट को बिना इलाज किए वापस भेजा नहीं जाता.
– क्या है ‘सारी’ बीमारी?
सिवियर एक्युट रेस्पिरेटरी इलनेस (सारी) यानी सांस लेने के रूट का संक्रमण. इसमें पेशेंटों को सांस लेने की परेशानी के साथ बुखार, खांसी और सर्दी के लक्षण दिखाई देते हैं. यहीं लक्षण कोविड-19 के भी हैं. इसलिए फिलहाल हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले इन लक्षणों के सभी पेशेंट कोरोना संदिग्ध माने जाते हैं. लैब की रिपोर्ट निगेटिव मिलने और ऐसे लक्षण होने वाले ज्यादातर पेशेंटों को सारी पेशेंट माना जाता है. यह जानकारी ससून हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने दी.
गहराते जख्मों को भरने का समय आ गया है, राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बाइडेन का पहला भाषण
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
आखिरकार 77 वर्षीय जो बाइडेन अमेरिका का प्रेसिडेंशियल इलेक्शन जीत चुके हैं. फिलहाल वे प्रेसिडेंट इलेक्ट है. 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद वे 46वें राष्ट्रपति बन जाएंगे. चुनाव में जीतने के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित किया. इसमें उन्होंने आपसी कड़वाहट खत्म करने, देश को एकजुट और सबका राष्ट्रपति जैसी बातों पर बल दिया. भाषण देने के बाइडेन मंच तक दौड़ते हुए आए. चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन पर उम्रदराज होने के आरोप लगाए थे.
रिकॉर्ड वोटों से हुई जीत
बाइडेन 48 साल पहले पहली बार सीनेटर चुने गए थे. देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा- आप लोगों ने स्पष्ट जनादेश दिया है. 7.4 करोड़ लोगों ने रिकॉर्ड वोट दिया. अमेरिका की यह नैतिक जीत है. मार्टिन लूथर किंग ने भी यही कहा था. गौर से सुनिए. आज अमेरिका बोल रहा है. मैं राष्ट्रपति के तौर पर इस देश को बांटने के बजाए एकजुट करूंगा. परिवार और पत्नी का इस संघर्ष में साथ देने के लिए शुक्रिया.
– मैं भी कई बार हारा हूं
ट्रम्प और उनके समर्थकों से बाइडेन ने कहा- मैं जानता हूं कि जिन लोगों ने ट्रम्प को वोट दिया है, वे आज निराश होंगे. मैं भी कई बार हारा हूं, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इसमें सबको मौका मिलता है. चलिए, नफरत खत्म कीजिए. एक-दूसरे की बात सुनिए और आगे बढ़िए. विरोधियों को दुश्मन समझना बंद कीजिए, क्योंकि हम सब अमेरिकी हैं. बाइबल हमें सिखाती है कि हर चीज का एक वक्त होता है. अब जख्मों का भरने का वक्त है. सबसे पहले कोविड-19 को कंट्रोल करना होगा, फिर इकोनॉमी और देश को रास्ते पर लाना होगा.
– हर वर्ग का साथ मिला
बाइडेन ने अमेरिका की अनेकता में एकता का जिक्र किया. कहा- मुझे गर्व है कि हमने दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र में विविधता देखी. उसके बल पर जीते. सबको साथ लाए. डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकंस, निर्दलीय, प्रोग्रेसिव, रूढ़िवादी, युवा, बुजुर्ग, ग्रामीण, शहरी, समलैंगिक, ट्रांसजेंडर, लैटिन, श्वेत, अश्वेत और एशियन. हमें सभी का समर्थन मिला. कैम्पेन बहुत मुश्किल रहा. कई बार निचले स्तर पर भी गया. अफ्रीकी-अमेरिकी कम्युनिटी हमारे साथ खड़ी रही.
– सास से कहा था, एक दिन राष्ट्रपति बनूंगा
बाइडेन ने पहली शादी 1966 में की थी. वे 24 साल के थे. लड़की की मां ने पूछा कि काम क्या करते हो? बाइडेन ने जवाब दिया- एक दिन अमेरिका का राष्ट्रपति बनूंगा. बाइडेन 32 साल में तीसरे प्रयास में राष्ट्रपति का चुनाव जीते हैं.
पुणे : औद्योगिक कंपनियों के केमिकल से नदी में लाखों मछलियों की मौत
पवना नदी के किनारे रही औद्योगिक कंपनियों से जहरीले केमिकल नदी के पानी में छोड़े जाने से नदी में विभिन्न प्रजातियों की मछलियों की मौत हो रही है. गत सप्ताह से अब तक तीन बार पवना नदी पर रावेत में बने तटबंध के पास मृत मछलियों का अंबार पाया गया. इससे पवना नदी प्रदूषण का मुद्दा फिर गहरा गया है. गत सप्ताह पिंपरी चिंचवड़ की महापौर ऊषा ढोरे ने भी यहां का मुआयना किया था और तब उन्होंने नदी में केमिकल युक्त मैला पानी छोडनेवाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.
पवना बांध से शुरू होनेवाली पवना नदी धामणे, जांबे, मामुर्डी, किवले, रावेत मार्ग से होकर पिंपरी चिंचवड शहर से बहती है. इसे पिंपरी चिंचवडकरों की जीवनवाहिनी कहा जाता है. पवना नदी पर रावेत में रहे तटबंध से ही पूरे शहर को जलापूर्ति की जाती है. बीते कुछ दिनों से पवना नदी का प्रदूषण का मसला गहन बन गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार बीते सप्ताह से अब तक तीन बार पवना नदी के किनारे मृत मछलियों का अंबार लगा मिला है. नदी में कंपनियों से बिना प्रक्रिया के जहरीले केमिकल छोड़ने, मैलापानी छोड़ने से नदी का पानी जहरीला बनता जा रहा है. इससे नदी में रही विभिन्न प्रजातियों की मछलियों व अन्य जलचरों का विनाश हो रहा है.
अभी चार दिन पहले महापौर ऊषा ढोरे ने खुद रावेत तटबंध का मुआयना कर मृत मछलियों का निरीक्षण किया था. उन्होंने नदी प्रदूषण करनेवाली कंपनियों और नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिये थे. इसके बाद आज पुनः यहां मृत मछलियों का अंबार लगा मिला है. मनपा के पर्यावरण विभाग के कार्यकारी अभियंता संजय कुलकर्णी ने बताया कि, रावेत तटबंध के पानी की टेस्ट की गई है. इससे लोगों के स्वास्थ्य के खतरा निर्माण होने जैसी परिस्थिति नहीं है. तीन दिन पहले मनपा की एक टीम ने नदी में केमिकल छोड़ने वाले तीन टैंकर पकड़े, उनका केमिकल युक्त पानी भी टेस्ट के लिए लैब में भेजा गया है, उसकी रिपोर्ट आने के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बिहार में खत्म हुआ तीनों चरणों का मतदान, अब 10 नवंबर को फैसले का इंतजार
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो गई है. मतदान के पहले घंटे तक कुल 3.9 फीसद वोट पड़ चुके थे. पहले घंटे में सर्वाधिक 4.5 फीसद वोट सीमांचल के किशनगंज में पड़े थे. सीमांचल के अररिया में 4.1 फीसद वोट पड़ चुके थे. पहले घंटे में सुपौल में 3.8 तो मुजफ्फरपुर में 3.1 व दरभंगा में 3.0 फीसद वोट पड़े थे. मतदान की रफ्तार को देखते हुए लगत रहा है कि सीमांचल में मत फीसद अधिक रहने की उम्मीद है.
मतदान केंद्रों पर कतारें लंबी होती देखी गई. बड़ी संख्या में युवा व महिलाएं घरों से निकल कर अपने मताधिकार का उपयोग किया. इसे देखते हुए मतदान फीसद की दर में इजाफा की उम्मीद की जा रही है.
तीसरे चरण के मतदान के लिए सभी 33782 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. निगरानी के लिए घुड़सवार दस्ते भी लगाए गए थे. हवाई निगरानी की व्यवस्था भी की गई थी. नदियों से सटे इलाकों में नावों से भी निगरानी की जा रही थी. संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही थी. आज बिहार में बाल्मीकिनगर लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी हुआ.
बिहार : वोट डालने जा रहे कुख्यात के भाई की गोली मारकर हत्या
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बिहार में चुनाव अपने अंतिम चरण में है, लेकिन अपराध भी अपने चरम पर है. ताजा जानकारी के अनुसार पूर्णिया जिले में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान कुख्यात बिट्टू सिंह के छोटे भाई बेनी सिंह के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार बेनी सिंह सरसी स्थित आवास के पास बने पोलिंग बूथ पर मतदान करने जा रहा था, तभी घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वारदात की सूचना मिलने के तुरंत बाद घटना स्थल पर पुलिस पहुंच गई.
पुलिस ने बताया कि बेनी सिंह को उनके घर के पास मतदान केंद्र के बमुश्किल 100 मीटर की दूरी पर मारा गया था, जब वह अपना वोट डालने जा रहे थे. पुलिस ने कहा कि उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और हमलावर का पता लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है. वहीं पूर्णिया के एसपी ने जानकारी दी है कि अब स्थिति नियंत्रण में है. पुलिस के अनुसार भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद बिट्टू सिंह पर जिले में 12 से अधिक हत्या और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं.
इस बीच, एक अन्य घटना में, पुलिस को धामदाहा निर्वाचन क्षेत्र के तहत अलीनगर गांव में एक मतदान केंद्र से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलानी पड़ीं क्योंकि उन्होंने मतदान प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब चुनाव ड्यूटी पर अर्धसैनिक बल के जवानों ने मतदाताओं को उचित कतार बनाए रखने के लिए कहा.
बीमार मां से मिलने गुरमीत राम रहीम को मिला पेरोल
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
रेप और हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम को बीते दिनों 24 अक्टूबर को एक दिन का परोल मिला था. बताया जा रहा है कि राम रहीम को कड़ी सुरक्षा में रोहतक जेल से गुरुग्राम लाया गया था लेकिन सुरक्षा में लगे जवानों तक को इसकी भनक नहीं थी. सिर्फ सीएम और कुछ अधकारियों को ही इस बात की जानकारी थी.
– रेप और हत्या मामले में उम्र कैद काट रहा राम रहीम
बता दें कि डेरा प्रमुख रेप और हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से रोहतक की जेल में बंद है. सूत्रों ने बताया कि राम रहीम को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए एक दिन का परोल मिला था. वह गुरुगाम के एक अस्पताल में भर्ती है. डेरा प्रमुख को रोहतक की सुनारिया जेल से गुरुग्राम अस्पताल तक भारी सुरक्षा के बीच ले जाया गया.
राम रहीम 24 अक्टूबर को शाम तक अपनी बीमार मां के साथ रहे थे. सूत्रों ने बताया कि हरियाणा पुलिस की तीन टुकड़ी तैनात थी. एक टुकड़ी में 80 से 100 जवान थे. डेरा चीफ को जेल से पुलिस की एक गाड़ी में लाया गया जिसमें पर्दे लगे हुए थे. गुरुग्राम में पुलिस ने अस्पताल के बेसमेंट में गाड़ी पार्क की और जिस फ्लोर में उसकी मां का इलाज चल रहा था, उसे पूरा खाली करा दिया गया.
– रोहतक एसपी ने की पुष्टि
रोहतक एसपी राहुल शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा, ‘हमे जेल सुपरिंटेंडेंट से राम रहीम के गुरुग्राम दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था का निवेदन मिला था. हमने 24 अक्टूबर को सुबह से लेकर शाम ढलने तक सुरक्षा उपलब्ध कराई थी. सब कुछ शांति से हुआ.’
– विवाद में घिरा पेरोल
सिर्फ सीएम और कुछ वरिष्ठ हरियाणा के सरकारी अधिकारियों को ही इसकी जानकारी थी जिसको लेकर बीजेपी टॉप नेता के निर्देश दिए थे. यहां तक कि राम रहीम की सुरक्षा में लगे जवानों को भी इस बात की भनक नहीं थी कि वे किस शख्स को एस्कॉर्ट कर रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरीके से परोल देकर हरियाणा अधिकारियों ने भविष्य में उसके परोल पर रिहाई मांगने की स्थायी जमीन तैयार कर दी है.
फ्रांस के राजदूत ने पत्नी के साथ किए महाकाल के दर्शन
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन शुक्रवार रात निजी दौरे पर इंदौर आए थे. शनिवार सुबह पत्नी के साथ उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर मंदिर गए. यहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. मंदिर समित ने लेनिन को उपहार में बाबा महाकाल की तस्वीर दी. लेनिन ने महाकाल दर्शन के बाद रामघाट और इंदौर रोड स्थित प्राचीन शनि मंदिर में भी दर्शन किए. यहां से वे इंदौर रवाना हो गए.
मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद होने से इमैनुअल लेनिन ने नंदी हॉल से ही दर्शन किया. इस दौरान मंदिर के पुजारी रमण त्रिवेदी ने पूजा- अर्चना करवाई. बाद में वे शनि मंदिर और शिप्रा नदी के तट पर भी पहुंचे. महाकाल में लेनिन के पहुंचने की जानकारी केवल पुलिस और प्रशासन के पास ही थी. दुनिया के कई मुस्लिम देशों में फ्रांस के खिलाफ चल रहे विरोध को देखते हुए फ्रांस के राजदूत के महाकाल मंदिर पहुंचने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी.
US : बाइडेन ने शुरू की सरकार संभालने की तैयार
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
NYT के मुताबिक, जो बाइडेन और उनकी टीम ने सरकार संभालने की तैयारी शुरू कर दी है. इसे ट्रांजिशन प्लान कहा जाता है. बाइडेन के सभी एडवाइजर्स उनके साथ डेलावेयर में उनके कैम्प ऑफिस में मौजूद हैं. इस बीच, फेडरल एजेंसीज के कुछ अफसर भी बाइडेन से मिलने पहुंचे. हालांकि, बाइडेन खेमा बहुत अनुशासन और शांति से चुनाव नतीजों के औपचारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है. लेकिन, वे ये भी चाहते हैं कि सत्ता संभालने की तैयारी कर ली जाए. महामारी पर काबू करने के प्लान पर खास तौर पर फोकस किया जा रहा है, क्योंकि इसी मुद्दे पर डेमोक्रेट्स सत्ता में वापसी कर रहे हैं.
मीडिया से मुखातिब नहीं होंगे ट्रम्प
CNN के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कैम्पेन टीम और एडवाइजर्स ने इस हफ्ते ट्रम्प के सभी मीडिया इवेट्स कैंसिल कर दिए हैं. यानी इस हफ्ते वे मीडिया से मुखातिब नहीं होंगे. हालांकि, सोशल मीडिया पर शायद वे अपनी बात रखते रहेंगे. व्हाइट हाउस जल्द ही इस हफ्ते का मीडिया प्लान जारी कर सकता है. इसमें बताया जाएगा कि ट्रम्प की कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस इस हफ्ते नहीं होगी. इसके अलावा वे किसी पब्लिक इवेंट में भी हिस्सा नहीं लेंगे. गुरुवार को ट्रम्प आखिरी बार मीडिया से मुखातिब हुए थे.

















