बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू है। प्रत्याशियों के भाग्य का फ़ैसला आज हो जाएगा। मतगणना की शुरुआत में महागठबन्धन ने तेज़ी के साथ बढ़त हासिल कर लिया था लेकिन जैसे जैसे काउंटिंग आगे बढ़ रही है, वैसे मामला एकदम उलट होता नज़र आ रहा है। एनडीए लगातार बढ़त बनाए हुए है और जेडीयू के पटना कार्यालय में जयकार के नारे लगने लगे हैं।
रुझानों में NDA आगे, फिर से CM का ताज पहनने की तैयारी में नितीश कुमार !
भोपाल में मिली टीवी पत्रकार की सिर कुचली लाश
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
राजधानी में एक युवा पत्रकार का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई है. पत्रकार सैय्यद आदिल वहाब का शव सूखी सेवनिया इलाके के पास स्थित जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया है. आशंका जताई जा रही है कि आदिल की सिर कुचलकर हत्या की गई है.
35 वर्षीय आदिल एक निजी चैनल में रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत थे. भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में रहने वाले आदिल के भाई आमिर वहाब के मुताबिक वो रविवार दोपहर 2 बजे से लापता थे और उनका फोन भी बंद था. आसपास खोजबीन करने के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो घरवालों ने अशोका गार्डन थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद रविवार देर रात पुलिस द्वारा परिजनों को जानकारी दी गई कि उनका शव सूखी सेवनिया के जंगलों में पाया गया है. पुलिस ने जानकारी दी कि पत्रकार आदिल का शव बरखेड़ी में एक गौशाला के पास से हुआ. उनके सिर को किसी भारी चीज से कुचला गया था. शव के आसपास न कोई सामान मिला न ही गाड़ी. शुरूआती तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आशंका जताई है कि उनकी हत्या कहीं और की गई होगी और फिर शव को यहां लाकर फेंक दिया गया. इस मामले में पुलिस की चार टीमें जांच में जुट गई हैं. आदिल के फोन डिटेल तथा अन्य जानकारियां ली जा रही है जिससे मामले का खुलासा हो सके.
बॉलिवुड एक्टर अर्जुन रामपाल के घर एनसीबी का छापा
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
बॉलीवुड से जुड़े ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने सोमवार को अर्जुन रामपाल के घर छापा मारा. एनसीबी ने उनके गैजेट्स जब्त कर लिए. अर्जुन और उनकी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स को 11 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है. जांच एजेंसी ने रामपाल के ड्राइवर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी.
एनसीबी ने पिछले महीने गैब्रिएला डेमेट्रियड्स के भाई अगिसिलाओस को गिरफ्तार किया था. अगिसिलाओस के पास चरस और अल्प्राजोलम टैबलेट मिली थी. एनसीबी ने उसे लोनावाला से गिरफ्तार किया था. उससे मिले सुरागों के आधार पर अब अर्जुन रामपाल के घर पर छापा मारा. जांच एजेंसी के मुताबिक अगिसिलाओस ड्रग्स सप्लाई करता था. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने उसकी सप्लाई चेन से जुड़े सबूत भी जुटाए हैं. इस चेन में शामिल दूसरे ड्रग पैडलर्स को भी आरोपी बनाया गया है.
हाई कोर्ट ने खारिज की अर्नब गोस्वामी को जमानत याचिका, राज्यपाल ने की गृहमंत्री से बात
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक TV के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को जमानत देने से इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि लोअर कोर्ट में अर्जी लगाएं. 2018 के एक मामले में मुंबई पुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को गिरफ्तार किया था. इस बीच महाराष्ट्र राजभवन की तरफ से सोमवार को बयान आया कि अर्नब के मामले में राज्यपाल कोश्यारी ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से बात की है. राज्यपाल ने अर्नब की सिक्योरिटी और हेल्थ को लेकर चिंता जताई. साथ ही गृह मंत्री से कहा है कि अर्नब के परिवार को उनसे मिलने और बात करने की छूट दी जाए.
रायगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अर्नब को 18 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया था. इसके बाद उन्हें शनिवार रात तक अलीबाग के एक स्कूल में बने क्वारैंटाइन सेंटर (अस्थाई जेल) में रखा गया. रविवार सुबह तलोजा जेल में शिफ्ट कर दिए गए. पुलिस ने कहा था कि ज्यूडिशियल कस्टडी होने के बावजूद अर्नब मोबाइल फोन यूज कर रहे थे और सोशल मीडिया पर एक्टिव थे.
– पुलिस जेल में मारपीट कर रही है : अर्नब गोस्वामी
अर्नब ने तलोजा जेल जाते वक्त कहा था कि उनकी जान को खतरा बताया. उन्हें वकील से बात नहीं करने दी जा रही. हिरासत में उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है. इससे पहले शनिवार को अर्नब के वकील ने हाईकोर्ट में सप्लीमेंट्री एप्लिकेशन लगाई थी. इसमें अर्नब ने दावा किया था कि पुलिस ने उन्हें जूते से मारा और पानी तक नहीं पीने दिया.
पढ़े लिखे उच्च शिक्षित युवाओं ने बनाई गैंग और तोड़ने लगे ATM
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
पुणे के करीबी पिंपरी-चिंचवड़ शहर में ATM फोड़ने वाले आठ लोगों के गिरोह का पर्दाफाश करके पिंपरी-चिंचवड़ क्राइम ब्रांच की टीम ने 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे डाल दिया. इस गिरोह द्वारा शहर की 8 ATM फोडे जाने की जानकारी उजागर हुई है. पुलिस ने गैंग के पास से 72 लाख 10 हजार रुपये नकद, 22 लाख रुपये की प्रॉपर्टी के दस्तावेज तथा 1 लाख 70 हजार रुपये की तीन टू-व्हीलर गाड़ियां जब्त की गईं. जांच में पता चला कि, ATM में कैश लोड करने वाले कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके हाईली एजूकेटेड युवाओं ने वारदातों को अंजाम दिया.
मनोज उत्तम सूर्यवंशी (30, पिंपरी), किरण भानुदास कोलते (35, चिखली), महेश आनंद देवणीकर (30, कात्रज), सागर पोपट तावरे (31, मोरगांव), तुषार कुंडलिक चांदगुड़े (25, मोरेगांव), शंकर बालासाहेब गायकवाड़ (31, कड़ेपठार), आशीष उर्फ सोन्या बापू भालेराव (22, आनंद नगर) व नरसिंग माधव धुमाल (लातूर) गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं. ATM फोड़ने के मामलों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच यूनिट-2 के पुलिस इंस्पेक्टर शंकर बाबर व उनके अधिकारियों की दो टीमों का गठन किया गया था. खबरी के जरिए इस केस से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पिंपरी में जाल बिछाकर मनोज सूर्यवंशी और किरण कोलते को दबोच लिया. उनसे की गई पूछताछ में वाकड़, देहूरोड, चाकण, निगड़ी, पिंपरी और दिघी पुलिस स्टेशन की सीमा में एक-एक तथा तलेगांव दाभाड़े पुलिस स्टेशन की सीमा में दो ATM फोड़ने के मामले उजागर हुए.
आरोपी मनोज सूर्यवंशी और महेश देवणीकर एटीएम मशीनों से संबंधित सर्विस देने वाली कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे तथा किरण कोलते MCM (Masters of Computer Management) कर चुका है. तावरे, चांदगुडे, गायकवाड़, भालेराव और धुमाल एटीएम मशीनों में रकम भरने का काम करते थे. मनोज व महेश ने इन सभी के साथ मिलीभगत करके ATM से पैसे चुराने का प्लान बनाया और 8 ATM से चोरी की.
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OTT प्लेटफ़ॉर्म्स के दर्शकों को पसंद हैं अडल्ट कॉंटेंट -जिनी जैज़
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क
इरॉटिक कॉंटेंट को लेकर आए दिन बवाल होता है, लेकिन न तो इस पर कोई प्रतिबंध लग रहा है और न ही ऐसे कॉन्सेप्ट को दर्शक नकार रहे हैं। उल्लू ऐप की वेब सीरीज़ से मशहूर हुई अभिनेत्री जिनी जैज़ दावा करती हैं कि इरॉटिक कॉंटेंट की डिमांड है। उन्होंने कहा कि जिन प्लेटफ़ॉर्म्स पर ये कॉंटेंट स्ट्रीम होते हैं, वे सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं।
मॉडल से अभिनेत्री बनी जिनी चरमसुख के अलावा भी कई वेब सीरीज़ साइन कर चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं में वेब सीरीज़ काफ़ी काफ़ी पसंद की जा रही है। कोरोना पैंडेमिक की वजह से भी ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स पर लोगों की ऐक्टिविटी बढ़ी है। जिनी ने कहा कि न्यूकमर के पास ज़्यादा चुनने का विकल्प नहीं होता, आपको अगर मौक़ा मिलता है तो बस ख़ुद को प्रूव करना होता है, ऐसे में अगर आप सोचें कि लोग क्या सोचेंगे, तो बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।
अश्लीलता परोसने की बात पर उन्होंने कहा कि अगर लोग देखेंगे नहीं तो प्रोड्यूसर ऐसे कॉंटेंट क्यों बनाएँगे। ऐसे कॉंटेंट्स को भारी संख्या में दर्शक मिलते हैं, जिसकी वजह से ऐसी सीरीज़ बनाई जाती है। जिनी ने कहा कि ओटीटी के दर्शक वर्ग बिल्कुल अलग हैं और मुझे लगता है उन्हें अडल्ट कॉंटेंट से क़तई परहेज़ नहीं है।
कोरोना जैसे लक्षणवाली ‘सारी’ बीमारी का प्रकोप बढ़ा
नवप्रवाह न्यूज नेटवर्क
शहर के ससून हॉस्पिटल के कोविड हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित पेशेंटों से अधिक कोरोना लक्षण जैसे ही लक्षण होने वाले ‘सारी’ (सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस) तथा अन्य बीमारियां होने वाले पेशेंटों की संख्या अधिक होने की जानकारी सामने आई है. ससून हॉस्पिटल परिसर के कोविड हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित पेशेंटों से अधिक कोरोना के लक्षणों जैसे लक्षण होने वाले सारी व अन्य बीमारियां होने वाले पेशेंटों की संख्या अधिक होने की जानकारी सामने आई है.
अब तक ससून हॉस्पिटल में करीब 21 हजार से अधिक संदिग्ध पेशेंट भर्ती किए गए थे. उनमें से केवल 4 हजार 800 पेशेंट कोरोना से संक्रमित हुए हैं. शेष पेशेंटों में आधे से अधिक पेशेंट सारी के पेशेंट हैं. अन्य पेशेंटों को भी बुखार और खांसी के लक्षण हैं. ससून हॉस्पिटल में मार्च के आखिरी सप्ताह से कोरोना संक्रमित पेशेंट भर्ती करने की शुरुआत हुई. शुरू में मनपा के सिस्टम के जरिए और प्राइवेट हॉस्पिटलों से पेशेंट भेजे जाते थे. कुछ दिनों में ससून में फ्लू ओपीडी शुरू किया गया. कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले तथा लक्षण दिखाई देने वाले पेशेंटों को हॉस्पिटल में ही भर्ती किए जाने लगा. लक्षण न होने वाले पेशेंटों को कोविड केयर सेंटर में भेजा जाता था. ससून की नई 11 मंजिली बिल्डिंग में लक्षण होने वाले लेकिन कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने वाले पेशेंट के अधिक होने से उनके लिए अलग वार्ड बनाया गया.
हॉस्पिटल की रिपोर्ट के अनुसार 31 अक्टूबर तक हॉस्पिटल में करीब 21 हजार पेशेंट भर्ती हुए थे. उन सभी में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे थे. उनके सैम्पल जांच के लिए लैब में भेजे गए. उनमें से केवल 4 हजार 800 पेशेंटों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. शेष 15 हजार 200 पेशेंटों की रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन उनमें सारी के लक्षण यानी सांस लेने में परेशानी, बुखार और खांसी जैसे लक्षण थे. इसलिए उनका हॉस्पिटल में ही इलाज किया गया. उनमें से कुछ पेशेंटों को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की जरूरत भी पड़ी.
ससून हॉस्पिटल के डीन डॉ. मुरलीधर तांबे ने कहा कि, ससून में भर्ती होने वाले संदिग्ध पेशेंटों में सबसे अधिक सारी के पेशेंट हैं. जबकि अन्य पेशेंटों में कोई न कोई लक्षण था. कोरोना निगेटिव या लक्षण न होने वाले संदिग्ध पेशेंटों को शुरू से भर्ती नहीं किया जाता. लक्षण होने वाले संदिग्ध पेशेंट सभी विभागों में हैं. संदिग्ध पेशेंटों के लिए अलग वार्ड है. ज्यादातर पेशेंट अन्य हॉस्पिटलों द्वारा भेजे जाते हैं. ससून में आने वाले पेशेंट को बिना इलाज किए वापस भेजा नहीं जाता.
– क्या है ‘सारी’ बीमारी?
सिवियर एक्युट रेस्पिरेटरी इलनेस (सारी) यानी सांस लेने के रूट का संक्रमण. इसमें पेशेंटों को सांस लेने की परेशानी के साथ बुखार, खांसी और सर्दी के लक्षण दिखाई देते हैं. यहीं लक्षण कोविड-19 के भी हैं. इसलिए फिलहाल हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले इन लक्षणों के सभी पेशेंट कोरोना संदिग्ध माने जाते हैं. लैब की रिपोर्ट निगेटिव मिलने और ऐसे लक्षण होने वाले ज्यादातर पेशेंटों को सारी पेशेंट माना जाता है. यह जानकारी ससून हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने दी.

















