सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com
आज राजस्थान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में चुनाव की तारीखों का होगा ऐलान
इलाहाबाद विवि छात्र संघ चुनाव: बैकफुट पर ABVP समाजवादी छात्र सभा का कब्ज़ा
राहुल गांधी का दावा, लोस चुनाव में मिलेंगी भारी सीटें
अयोध्या में राम मंदिर के लिए वीएचपी ने दी केंद्र को आंदोलन की चेतावनी
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प्यार के साथ जमकर गरबा भी करवाएगी आयुष शर्मा की फिल्म लवयात्री




आखिरी चरण पर पहुंचा इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव आखिरी चरण पर पहुंच गया है। आज शाम तक छात्रों की नई सरकार बन जायेगी। मतदान सुबह 7.30 बजे से शुरू है और अब अपनी समाप्ति की ओर पहुंचने वाला है।
मतदान के कुछ देर बार मतगणना शुरू हो जाएगी और देर रात तक परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय के साथ सीएमपी, ईश्वर शरण, इलाहाबाद डिग्री कालेज और श्याम प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय में भी आज चुनाव है।

पिछले कई चुनावों के नतीजों को देखते हुए छात्र-छात्राओं के सामने बेदाग छवि और उनकी लड़ाई लड़ने वाले छात्रसंघ पदाधिकारियों का चुनाव एक बड़ी चुनौती है। विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव परिणाम शुक्रवार रात 11 बजे तक आने की उम्मीद है, महाविद्यालयों में परिणाम शाम को ही आ जाएगा।
इसी के साथ छात्र राजनीति की दिशा भी तय हो जाएगी, मतदान और परिणाम आने के बाद बवाल की भी आशंका जताई जा रही है, इसलिए परिसर छावनी में तब्दील हैं, ताकि बवाल रोका जा सके।
प्रत्येक मतदाता को मूल परिचय पत्र एवं मूल शुल्क रसीद प्रस्तुत करके ही वोट डालने दिया जा रहा है, साथ ही आधार कार्ड भी देखा जा रहा है, वहीं पीठासीन अधिकारी पहले मतदाता सूची से वोटर के नाम, कक्षा, परिचय पत्र संख्या आदि का मिलान करेंगे।
मतदान अधिकारी वोटर को मतपत्र देते हुए अपने समक्ष कक्षा एवं संकाय संबंधी गोला काला कराएंगे। मतदाता मतदान करने के बाद मतपत्र को बिना मोड़े मतपेटिका में डालेंगे, मतदान अधिकारी प्रथम मतदाता को मतपेटिका खोलकर दिखाएंगे और उससे प्रमाणपत्र भरवाने के बाद मतपेटिका में ताला लगाकर सील करेंगे और सील पर भी प्रथम मतदान के हस्ताक्षर होंगे।
आइये जानते हैं आज किस रेट पर मिल रहा है पेट्रोल और डीजल
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है, इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत घटकर 81.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र ने डीजल-पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 1.50 रुपये की कमी की है और पेट्रोलियम का खुदरा काम करने वाली सरकारी कंपनियों को भाव एक-एक रुपये प्रति लीटर कम करने और उसका बोझ खुद वहन करने के लिए कहा गया है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यों से भी वैट में कटौती करते हुए कीमतों में कमी करने का सुझाव दिया, जिसके बाद 12 बीजेपी शासित राज्यों और जम्मू-कश्मीर ने 2.5 रुपये की और कमी कर दी गयी।
मुंबई में पेट्रोल की कीमत घटकर 86.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 77.45 रुपये प्रति लीटर हो गई है, गुरुवार को मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91.34 रुपये और डीजल की कीमत 80.10 रुपये थी।
कोलकाता में शुक्रवार, 5 अक्टूबर को पेट्रोल का रेट 83.35 रुपये/लीटर और डीजल का रेट 74.80 रुपये/लीटर हो गया है, 4 अक्टूबर को यहां पेट्रोल 85.80 रुपये/लीटर और डीजल 77.30 रुपये/लीटर मिल रहा था।
राज्य और केन्द्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार दे सकती है बड़ा तोहफा
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारियों को अक्टूबर 2018 में 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे बढ़ाने की मांग से भी बड़ा तोहफा मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग के बीच मौजूदा पेंशन सुधार से संबंधित ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संप्रेक्षक राकुश कुमार वर्मा के मुताबिक, इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी.मिश्रा की अगुवाई में कर्मचारी नेता बीते दिनों कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्हा से मिले थे।
कैबिनेट सेक्रेटरी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार पेंशन सुधार को लेकर गंभीर है और इस पर जल्द कार्रवाई करने का विचार कर रही है पेंशन सुधार ड्राफ्ट में पेंशन फंड से नकदी निकासी व अन्य संबंधित नियम तय किए गए हैं।
प्रांतीय संप्रेक्षक राकेश कुमार वर्मा के मुताबिक पुरानी पेंशन व्यवस्था अप्रैल 2004 में खत्म कर दी गई थी, इसके तहत रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को सरकार पेंशन देती थी, राज्य सरकार ने बाद में राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू कर दी लेकिन कर्मचारी इससे खुश नहीं हैं, वे पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं की मांग है कि जिन विभागों में पेंशन की कोई व्यवस्था नहीं है, उन्हें यह सुविधा दी जानी चाहिए, ये विभाग ऐसे हैं जहां न नई पेंशन व्यवस्था है न ही पुरानी, कर्मचारी 30 से 40 साल नौकरी करता है लेकिन वृद्धावस्था में पेंशन न होने से कोई सहारा नहीं रहता है

















