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Tuesday, September 8, 2026
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Bhadohi: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की खुली कलई, महिला कर्मियों के उत्पीड़न का मामला गर्माया

  • हाकिम कर रहे अश्लील हरकत व उत्पीड़न, आशाकर्मियों ने खोला मोर्चा
  • प्रदर्शन कर सीएमओ को सौंपा ज्ञापन, केंद्र पर अनावश्यक बुलाकर परेशान करने व सुविधा शुल्क की मांग करने का मढ़ा आरोप

रामकृष्ण पाण्डेय
ब्यूरो रिपोर्ट: नवप्रवाह.कॉम

भदोही (यूपी)। स्वास्थ्य मंत्री व सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का निर्देश और दखल विभाग के अफसरों के लिए बौना साबित हो रहा है। मरीजों का इलाज करने वाला स्वास्थ्य महकमा खुद को स्वस्थ नही रख पा रहा है। इन दिनों भदोही का स्वास्थ्य विभाग भी अलग-अलग विवादों को लेकर आये दिन सुर्खियों में रह रहा है। अब एक नया मामला जिले के अभोली ब्लॉक क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानीपुर से सामने आया है। जहां स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों के गिरी हरकतों से परेशान आशा संगिनी एवं आशा बहुओं ने मोर्चा खोला है।

शुक्रवार को बड़ी संख्या में सीएमओ कार्यालय पहुंचीं आशा कर्मियों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि सीएचसी के अधिकारी आये दिन उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनके साथ अश्लील एवं ओछी हरकत तथा तमाम तरह से उत्पीड़न करते हैं। आरोप लगाया कि भानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अ​धिकारी अनावश्यक ही केंद्र बुलाते हैं। बात-बात पर उनका पैसा काट लिया जाता है। 2017 से अब तक प्रसव कराने का भुगतान नहीं किया गया। केंद्र पर बुलाकर न तो ट्रेनिंग दी जाती है और न ही कोई अन्य आवश्यक बात होती है। उनसे अश्लील बातें कर उत्पीड़न किया जाता है। रविवार को होने वाले स्वास्थ्य मेले में लंच देने की बात होती है, लेकिन नहीं दिया जाता। पैसा वसूली करने हेतु लेटर बना दिया जाता है। आरोप लगाया कि अगर स्वास्थ्य केंद्र पर वह अपने पति के साथ पहुंचती हैं, तो उनको भी बेइज्जत किया जाता है। पत्रक सौंप उन्होंने जिला चिकित्साधिकारी से मांग किया कि आशा बहुओं और संगिनी संग ऐसी हरकत पर रोक लगे और मामले की जांच कराकर दोषी अफसरों के ​खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। कहा कि यदि कार्रवाई नहीं की गई, तो वह मामला मुख्यमंत्री तक पहुँचाने से पीछे नही हटेंगी।

आये दिन लग रहे आरोप, खुद बीमार चल रहा भदोही का स्वास्थ्य महकमा

कालीन नगरी भदोही का स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे में हैं। आये दिन नए नए आरोप महकमे के हाकिमों पर लग रहे हैं। लेकिन उनके मनमानी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कानून उनके ठेंगें पर है और संवेदना तो जैसे उनमें बची ही नही। बची खुची इज्जत पर भी दाग लगना शुरू हो गया है। जिले के भदोही स्थित जिला अस्पताल के सीएमएस के निजी अस्पताल में बैठने व एक मरीज को इलाज हेतु निजी अस्पताल में भेज इलाज हेतु मोटी रकम मांगने के मामले में दोषी पाए जाने का मामला अभी ठंडा नही हुआ था कि अभोली ब्लॉक के सीएचसी पर भी आरोपों का धुआं उठ गया। पचासों की संख्या में एकत्र आशा कर्मियों ने उत्पीड़न व अश्लीलता करने का आरोप मढ़ दिया है।

उधर बताया जाता है कि एक माह पूर्व औराई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से एक एएनएम को कमरा दिलाने को लेकर फार्मासिस्ट से अंदरखाने विवाद हो गया था। जिसे किसी तरह विभागीय लोगों द्वारा संभाला गया। भदोही के सरकारी चिकित्सक बाहर से दवाएं लिखने के लिए काफी मशहूर हैं। कुछ माह पूर्व ही प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी के जिला अस्पताल ज्ञानपुर के निरीक्षण के दौरान भी कई मरीजों व उनके तीमारदारों ने बाहर से दवाएं लिखने का पर्ची दिखाकर आरोप लगाया था।

यहां स्वास्थ्य महकमे के हाकिम पूरी तरह निर्भीक हैं, उन्हें पता है उनपर इतनी आसानी से तो कोई कार्रवाई होने वाली है नही, इसीलिए उनके फितरत में बदलाव नही आ रहा है। अब ऐसे बेदर्द हाकिमों पर आशा कर्मियों के आरोप की जांच और कार्रवाई में ईमानदारी से होगी भी या नही, यह तो अब इससे जुड़े लोग ही तय कर रहे हैं। फिलहाल लोगों की नजरें बिगड़े विभाग को ठीक करने हेतु कर्मठ व तेज तर्रार जिलाधिकारी गौरांग राठी पर भी हैं, जो उनकी सोच व शासन के निर्देशों को पलीता लगा रहे हैं।

प्रतापगढ़: नशेड़ी बेटे ने ली पिता की जान, पहुँचा सलाख़ों के पीछे

Bureau (U.P.) | navpravah.com

प्रतापगढ़ (यूपी)। रिश्तों को कलंकित करने की खबरें तो अक्सर सामने आती ही रहती हैं। वहीं अब रिश्तों के खून की वारदातों का सिलसिला भी निर्दयता की हदें पार कर रहा है। लोगों का जिगर अपनों का गला रेतने में भी जरा-सा नही पसीज रहा है। यूपी के प्रतापगढ़ जनपद से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां कलयुगी शराबी बेटे ने ही अपने ही बूढ़े बाप की धारदार हथियार से हमला कर महज इसलिए नृसंश हत्या कर दी, क्योंकि शराब पीकर देर से घर पहुंचने पर पिता ने टोंक दिया था।

पूरा मामला प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना इलाके के क्षेत्र के शुकुलपुर गांव का है। जहां बीती शुक्रवार की रात बुजुर्ग जगदम्बा शुक्ल की उनके ही बेटे विनोद ने लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से मार कर लहूलुहान कर दिया। आनन फानन में घायल वृध्द को स्थानीय अस्पताल में लाया गया, जहां से चिकित्सकों ने अधिक रक्तस्राव से बिगड़ी हालत देख प्रयागराज रेफर कर दिया। किंतु एम्बुलेंस से प्रयागराज ले जाते समय घायल ने दम तोड़ दिया। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) विद्यासागर मिश्र ने बताया कि मृतक का शव पोस्टमार्टम हेतु भेजने के साथ प्राप्त तहरीर के आधार पर आरोपी मृतक के बेटे पर मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

बताया जाता है कि हत्या का आरोपी बेटा नशे का आदी था। वह अक्शर नशे की हालत में घर पहुंचता और स्वजनों से मारपीट गाली-गलौज करता। रोज की भांति विनोद शुक्रवार को देर रात अपने घर पहुंचा, तो पिता द्वारा टोका-टांकी की गई। जिसके बाद नशे में धुत्त विनोद ने पिता पर हमला बोल दिया और जो कुछ उसको पास मिला वह उसी से हमला करता रहा। मां और दो अन्य भाई बीच बचाव करने में जुट गए, लाठी छीनी तो डंडा उठा लिया डंडा छीना तो कुल्हाड़ी! विनोद पर तो मानो खून सवार हो चुका था।

इस दौरान ताबड़तोड़ हमले से बुजुर्ग पिता लहूलुहान हो गया और अचेत होकर जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के लिए ले जाते समय घायल ने दम तोड़ दिया।

घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों को वृद्ध की मौत के अलावा कहीं न कहीं यह बात भी कचोट रही है कि नशे में हत्या कर विनोद भी सलाखों के पीछे पहुंच गया। जो बेटा बाप को कंधा देने का आसरा होता है, उसी ने उसकी जिंदगी छीन ली। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, तो पुलिस ने आरोपी विनोद को गिरफ्तार कर जेल भेज विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

UP: हाफ़िज़ बना हैवान, मदरसे में मासूम बच्ची का बलात्कार

सम्वाददाता मुजफ्फरनगर | navpravah.com 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में एक बेहद शर्मनाक घटना प्रकाश में आई है। दरअसल मदरसे में दीनी तालीम देने वाले हाफ़िज़ ने ही एक ९ साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की। मासूम को अकेला देखकर हाफ़िज़ ने तब तक उसके साथ गंदी हरक़त की, जब तक वो खून से लथपथ और बेहोश नहीं हो गई। बच्ची को बेहोश देखकर हाफ़िज़ डरकर फ़रार हो गया। उसको लगा कि बच्ची कि मृत्यु हो गई।

इंसानियत को शर्मसार कर देने वाले इस मामले को पुलिस ने गम्भीरता से लेते हुए ३७६ एक्ट के तहत मामला दर्ज़ कर हाफ़िज़ को गिरफ़्तार करने का प्रयास शुरू कर दिया है। और बच्ची की गम्भीर हालत देखते हुए उसको मेरठ हायर सेंटर में भर्ती करा दिया है।

मदरसे में पढ़ने वाली 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दीनी तालीम देने वाला हाफिज हैवान बनकर उस समय बच्ची पर टूट पड़ा, जब मासूम बच्ची मदरसे में पढ़ने आई थी। हाफिज बच्ची पर तब तक जानवर की तरह जोर जबरदस्ती करता रहा, जब तक बच्ची खून से लथपथ हो कर बेसुध नहीं हो गई। बच्ची के साथ हैवानियत का खेल-खेलकर हाफिज मदरसे से फरार हो गया। होश आने पर बच्ची बदहवास हालत में घर पहुंची और अपनी बहन को घटना की जानकारी दी।

मामला मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र का है, जहां  9 वर्षीय मासूम बच्ची मस्जिद मदरसे में पढ़ने के लिए जाती है। शनिवार को बच्ची मदरसे में दीनी तालीम लेने के लिए घर से निकली थी। जैसे ही बच्ची सुबह मदरसे में पढ़ाई के लिए पहुंची तो बच्ची को अकेला देखकर मस्जिद का हाफिज इरफान बच्ची पर जानवर की तरह टूट पड़ा।

सीओ फुगाना यतेंद्र नागर ने बताया है कि एक मस्जिद में नाबालिक बच्ची के साथ रेप की घटना का मामले सामने आया है। मस्जिद के हाफिज ने एक नाबालिक बच्ची के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस ने पीड़िता की बहन की तहरीर पर बुढाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अभियुक्त की धरपकड़ शुरू कर दी है।

UP: प्रयागराज से अपहृत बच्चे की नृशंस हत्या, अरवारी के जंगल में ख़ून से लथपथ मिली लाश

संवाददाता | navpravah.com

प्रयागराज के शंकरगढ़ बाज़ार से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शंकरगढ़ बाज़ार से अपहृत किशोर का शव बरगढ़ थाना के अरवारी जंगल में मिला है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, किशोर की बेरहमी से पत्थर से कूचकर हत्या कर दी गई। अरवारी जंगल प्रयागराज जनपद से एकदम सटा हुआ है। किशोर का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

शंकरगढ़ के सदर बाज़ार निवासी पुष्पराज केसरवानी का बेटा चौदह वर्षीय शुभ केसरवानी शनिवार शाम को लगभग चार बजे घर से निकला था। रात लगभग आठ बजे पुष्पराज के फ़ोन पर अपहरण और फिरौती के लिए कॉल आई, अपहरणकर्ता ने कहा कि तुम्हारा बेटा शुभ मेरे क़ब्ज़े में है। पास के दभौरा जंगल में पंद्रह लाख रुपये लेकर आ जाओ। पुलिस की बताया तो बेटे को गोली मार देंगे। शुभ के पिता ने बेटे को छुड़ाने के लिए पैसे का इंतज़ाम भी शुरू कर दिया था। लेकिन इसकी जानकारी जब पड़ोस में रहने वाले भाजपा नेता को मिली तो उन्होंने स्थानीय पुलिस थानाध्यक्ष मनोज सिंह को इसकी जानकारी दी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और शुभ के सकुशल रिहाई के लिए प्रयास कर रही थी। अपहरणकर्ताओं की लोकेशन जनपद सीमा के डभौरा और बरगढ़ जंगल में मिली थी, जिस पर प्रयागराज पुलिस ने बरगढ़ थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह से भी संपर्क किया था और हाईवे पर नाकेबंदी कराई थी। रविवार की सुबह चरवाहों ने देखा कि अरवरी के जंगल में एक किशोर का शव पड़ा है, उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।

थाना प्रभारी अंजनी कुमार के मुताबिक़, प्रथम दृष्टया किशोर की हत्या पत्थर से कूच कर की गई लगती है। बच्चे के चेहरे और सिर पर चोट के निशान हैं। पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया गया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। घटनास्थल पर तमाम आला अधिकारी मौजूद हैं और जाँच जारी है।

यूपी: सरयू एक्सप्रेस में महिला कांस्टेबल पर हमला करने वाला आरोपी एनकाउंटर में ढेर

सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य अपराधी अनीस खान को मुठभेड़ में किया ढेर। UP एसटीएफ और अयोध्या पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में एनकाउंटर में हुआ ढेर अपराधी अनीस, इस संपूर्ण एनकाउंटर में अनीस के दो अन्य साथी भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ में पुलिस के लोग भी घायल हुए हैं जिसमें एसओ पुराकलंदर रतन शर्मा व दो अन्य सिपाही शामिल हैं। उक्त मुठभेड़ थाना पूराकलंदर के छतरिवा पारा कैल मार्ग पर हुई है। इसी मामले में थाना इनायत नगर से दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में मारा गया अनीस महिला कांस्टेबल से छेड़खानी करने लगा था। महिला ने बदमाश को पटक दिया तो तीनों बदमाशों ने महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। ट्रेन की खिड़की से सिर लड़ाकर महिला को घायल कर दिया था। अयोध्या से पहले ट्रेन धीमी हुई थी तो तीनों बदमाश फरार हो गए थे। यूपी एसटीएफ और अयोध्या पुलिस ने महिला कांस्टेबल पर जानलेवा हमला करने वाले एक बदमाश को मार गिराया है। मारे गए बदमाश अनीस के दो अन्य साथी आजाद और विशंभर दयाल उर्फ लल्लू घायल है।

लोकसभा में पास हुआ महिला आरक्षण बिल, विरोध में केवल दो सांसदों ने किया मतदान

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com

केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ यानि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित हो गया हैं। यह बिल लोकसभा और राज्यसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अधिनियम देता है, जिसे लोकसभा में उपस्थित सांसदों एवं लगभग सभी दलों का अपार समर्थन मिला। इस विधेयक के पक्ष में 454 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में केवल 2 मत पड़े।

लोकसभा में यह बिल दो तिहाई बहुमत से पास हुआ एवं वोटिंग पर्ची के माध्यम से कराई गयी थी। साथ ही इतिहासों की फेहरिस्त में इस बिल ने एक और इतिहास लिखा कि नवीन संसद के निचले सदन से पारित होने वाली यह पहली विधेयक बनी।

इस बिल के पिछले इतिहास को अगर समझे तो पिछले 27 सालों से भारतीय राजनीति के किसी ना किसी गलियारों में इसका जिक्र हो ही जाती थी फिर चाहे वो महिला वोट बैंक की एकत्रीकरण में या फिर नारी के कर कौशल के सशक्तिकरण में लेकिन 19 सितंबर 2023 को इस बिल को नवीन लोकसभा भवन में पेश किया गया एवं 20 सितंबर 2023 को यह बिल पहली बार लोकसभा से पास हुआ। अब आज (गुरुवार) को यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 454 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में केवल 2 मत पड़े. बिल के खिलाफ वोट करने वालों सांसदों में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और उनकी ही पार्टी के सांसद इम्तियाज जलील हैं।

वहीं बिल पास होने के बाद इस जीत का सेहरा किसके सिर बंधे उसके लिए भी बयान बाजी का दौर शुरू हो गया जहां एक ओर कांग्रेस पार्टी ने इस बिल को राजीव गांधी का सपना बताने लगी तो वहीं TMC ने ममता बनर्जी को इस बिल का जनक करार दिया।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा से विधेयक पारित होने के बाद हर्ष जाहिर करते हुए ट्वीट किया कि इस अभूतपूर्व समर्थन के साथ लोकसभा में संविधान (128वां संशोधन) विधेयक विधेयक 2023 पारित होने पर खुशी हुई, मैं सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया।

हालांकि संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल को धरातल पर सूचारु रुप से आने में एवं पूरी प्रक्रिया पूरी होने में साल 2029 तक वक्त लग सकता हैं। सूचारु रुप में बिल पारित होने के पश्चात लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 181 हो जाएगी। हालांकि यह बिल अभी फिलहाल 15 साल के लिए ही लागू होंगा।

भारत-कनाडा के रिश्तों में खटास! जानिए इस प्रकरण में अब तक क्या-क्या हुआ

कनाडा की संसद में कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रुडो के भारत विरोधी बेतुकी बयानबाजी ने दोनों देशों के सियासी रिश्तों में खटास पैदा कर दी हैं, जहां भारत में कनाडाई प्रधानमंत्री के बयान का विरोध करने के लिए पक्ष विपक्ष दोनों एक साथ दिख रहे हैं वहीं भारत सरकार का रुख भी बिल्कुल साफ दिख रहे हैं. भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा के राजनयिक को बर्खास्त कर दिया साथ ही 5 दिनों के भीतर देश छोड़ने का आदेश भी दे दिया हैं।

जानिए अब तक क्या क्या हुआ है इस मामले में।
कहानी की शुरुआत होती हैं पंजाब के जालंधर से जहां के एक भारसिंहपुर गांव का रहने वाला शख्स जिसका नाम हरदीप सिंह निज्जर था जिसके ताल्लुकात प्रतिबंधित संगठन “खालिस्तान” से था एवं सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक उसकी गिनती उच्च के खालिस्तानी कमांडरों में थी। वह साल 1996 में भारत से फरार होकर कनाडा चला गया एवं उसने वहां की नागरिकता ले कर कनाडा के सरे क्षेत्र में रहने लगा साथ ही भारत विरोधी गतिविधियों में भी काफी तत्परता से कार्य करने लगा। निज्जर का नाम भारत में मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में था,भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसे “भगोड़ा” घोषित कर दिया था।18 जून को कनाडा के सरे क्षेत्र के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे की पार्किंग में गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी।
आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। ट्रूडो के अनुसार निज्जर की हत्या भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा कराई गयी थी।जस्टिन ट्रूडो के भारत पर इस तरह के आरोप लगाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सियासी खटास बढती दिख रही है।

आइए जानते हैं प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भारत पर आरोप लगाने से लेकर अबतक इस विवाद ने क्या-क्या रूप लिया है।हरदीप सिंह निज्जर

1.सोमवार को कनाडा की संसद में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हरदीप सिंह निज्जर जो कि एक कनाडाई नागरिक थे एवं “खालिस्तान” नामक एक स्वतंत्र सिख देश के निर्माण के लिए संगठित शांतिपूर्ण अभियान चला रहे थे वह एक सिख अलगाववादी नेता थे। जिनकी हत्या जून में कर दी गई थी। फिर मंगलवार को भारत पर इल्ज़ाम लगाते हुए प्रत्यक्ष रूप से प्रधानमंत्री ट्रूडो ने कहा कि जून में हुई इस हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल थे। साथ ही उन्होंने धमकी भरे लफ्जों में भारत पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि कनाडा सरकार इस हत्याकांड में किसी अन्य देशों की संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं करेगी।

2.प्रधानमंत्री ट्रूडो के इस बेतुके बयान के बाद दोनों देशों के राजनीतिक संबंध में दरार आने शुरू हो गयें। भारत ने पहले तो पीएम ट्रूडो के बयान का खंडन किया साथ ही अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। वहीं कनाडा में मौजूद भारत के राजनायिक को निष्कासित कर दिया भारत ने भी जैसे को तैसा वाले लहज़े में भारत में मौजूद कनाडा के राजनायिक को फौरन तलब किया एवं बर्खास्त करते हुए 5 दिनों के भीतर भारत छोड़कर जाने का आदेश दे दिया हैं।

3.इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक राजनीतिक असमंजस बढ़ा दी। दुनिया भर के नेताओं ने इस विवाद पर अपनी चिंता प्रकट की हैं।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मुद्दे को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन बेहद चिंतित हैं एवं चाहते हैं कि जल्द से जल्द यह विवाद सुलझ जाए एवं दोनों देशों के मध्य एक खुशहाल एवं स्थिरता युक्त संबंध स्थापित हो जाए।
वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन के प्रवक्ता ने कहा कि वो नई दिल्ली के साथ अपनी व्यापार वार्ता को जारी रखेंगे संग ही उन्होंने कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के द्वारा लगाए गए आरोपों को ‘गंभीर’ बताया और कहा कि हम कनाडा के साथ इस मामले को लेकर संपर्क बनाए हुए हैं।

4.पीएम जस्टिन ट्रूडो के कनाडा संसद में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाने के बाद निज्जर के परिजन के बयान भी सामने आये। हरदीप सिंह निज्जर का बेटा जिसका नाम बलराज निज्जर है उसने कहा कि उनका परिवार पीएम जस्टिन ट्रूडो का आभारी हैं कि उन्होंने तीन महीने बाद ही सही मगर इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया हम इस चीज के लिए पीएम जस्टिन ट्रूडो को धन्यवाद देते हैं।

5. वहीं इस विवाद को लेकर भारत में भी पक्ष-विपक्ष एकसाथ खङे नजर आए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस का हमेशा मानना रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की लड़ाई सदैव समझौता रहित होनी चाहिए, खासकर जब आतंकवाद भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा खतरा हो।

6. वहीं बुधवार को इस पूरी दुनिया में आतंक के पनहगार से प्रसिद्ध पाकिस्तान भी कूद गया हैं एवं
भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच से प्रोपेगैंडा फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश सचिव ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से कहा है कि कनाडा ने भारत पर जो आरोप लगाए हैं, उसे लेकर पाकिस्तान को बिल्कुल भी कोई हैरानी नहीं है.वहीं पाकिस्तान के एक शीर्ष राजनयिक ने इस मामले में कुलभूषण यादव का उदाहरण पेश करते हुए कि ‘कनाडा में भारत का आतंकवाद पाकिस्तान के लिए आश्चर्य की बात नहीं है.’
वहीं मंगलवार को पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भारत के खिलाफ आग उगलते हुए अपने प्रोपोगंडा में कहा कि “उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह स्वीकार करने का आग्रह किया था कि भारत एक दुष्ट, हिंदुत्व और आतंकवादी देश है.’

इन विवादों की बीच अब यह भी सोचने वाली बात हैं कि इसका भारत – कनाडा के व्यापारिक रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा, एक गणना के अनुसार अप्रैल 2000 से मार्च 2023 तक कनाडा ने भारत में लगभग 3,306 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। कनाडा भारत में 17वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। कनाडा में भारत से पढ़ने जाने वाले बच्चों की संख्या 2022 में लगभग 320,000 थी, जो कुल विदेशी छात्रों का लगभग 40% है।
कनाडा में पंजाबी तीसरी सबसे लोकप्रिय भाषा है. कनाडा की कुल आबादी में 1.3 फ़ीसदी लोग पंजाबी समझते और बोलते हैं.वहां रह रहे भारतीय मूल के लोगों की संख्या तकरीबन 14 से 18 लाख हैं। पंजाब के अलावा सबसे ज्यादा सिख पंथ के लोगों कनाडा में रहते हैं।

आंकङों के अनुसार कनाडा की कुल आबादी तकरीबन 3 करोड़ 82 लाख है। इनमें 9 लाख 42 हजार 170 पंजाबी हैं।

बिहार: सरकारी स्कूल में नहीं थी बैठने की व्यवस्था, नाराज छात्राओं ने BEO की गाड़ी को बनाया निशाना, किया तोड़फोड़

Nitish Mishra । navpravah.com


बिहार (Bihar) के वैशाली जिले अंतर्गत महनार प्रखंड के एक सरकारी स्कूल की छात्राओं ने 12 सितंबर को शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के वाहन में जबरदस्त तोड़फोड़ की। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त नहीं है, बैठने के लिए बेंच डेस्क भी पर्याप्त नहीं हैं जिस वजह से छात्राओं का ग़ुस्सा चरम पर था और उन्होंने ऐसा कदम उठाया।

बिहार में जहां एक ओर शिक्षा विभाग के सचिव केके पाठक इन दिनों शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिये लगातार फैसले ले रहे हैं, पर्व-त्योहारों के उपलक्ष्य में मिलने वाले छुट्टियों में कटौती की जा रही है, 75 प्रतिशत उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया हैं। जब से यह फैसला लिया गया है तब से जिसके बाद से स्कूल में आने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या अचानक से बढ़ गई है। 12 सितंबर को भी ऐसा ही हुआ जहां स्कूल में एक हजार से ज्यादा छात्र क्लास लेने पहुंचे थे। जब उन्हें सीट नहीं मिली तो क्लास के बाहर बैठना पड़ा। लेकिन बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से वह नाराज हो गई एवं देखते देखते भीङ उग्र हो गई।

इस बीच उग्र छात्राओं ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के गाड़ी पर हमला कर गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। उग्र छात्राओं को काबू में करने के लिए बाद में भारी संख्या में पुलिस बल को प्रदर्शन स्थल पर लाना पड़ा।

हालांकि महनार SDO नीरज कुमार ने इस बात को माना कि स्कूल में क्षमता से अधिक छात्रों का एडमिशन कराया था एवं पर्याप्त बैठने की व्यवस्था ना होने की वजह से कई छात्राओं को क्लास के बाहर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

वहीं स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शांति स्थापित करने बुलाई पुलिस बल की कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं को थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद छात्राएं हिंसक हो गईं। 

 

G-20: वैश्विक पटल पर छाया रहा ‘भारत’

Amit Dwivedi | navpravah.com
G20 के आयोजन को लेकर भारत ने जिस तरह की कुशलता, कूटनीति, वैश्विक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया है, वह अपने आप में एक अदम्य साहस का उदाहरण है। इसकी गूंज से आज सम्पूर्ण विश्व अचंभित है।
भारत ने न केवल G20 का भव्य और विशाल आयोजन किया है, बल्कि G20 देशों को भी इस बात का अहसास भी कराया है कि वैश्विक मञ्च का उपयोग केवल संवाद के लिए ही नहीं होता है। इस मञ्च से ही भारत ने नागरिक सम्मान सुरक्षा एवं आत्मबल के उत्थान के लिए भी अपनी बात प्रमुखता से रखी।
इस बार का G-20 समिट अब तक का सबसे सफल समिट भी बन गया है। इसमें पिछले समिट की तुलना में सबसे ज्यादा काम हुआ। भारत द्वारा आयोजित इस समिट के पहले दिन कुल 73 मुद्दों पर चर्चा के बाद सहमति बनी, जबकि पिछले साल इसी समिट में सिर्फ 27 मुद्दों पर ही सहमति बन सकी थी। वर्ष 2021 में 36, 2020 में 22, 2019 में 13, 2018 में 12 और 2017 में जब जर्मनी में G-20 का समिट हुआ था, तब सिर्फ 8 मुद्दों पर ही चर्चा के बाद सहमति बनी थी। भारत ने इस बार के समिट में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 73 मुद्दों पर चर्चा की और इस पर सभी देशों के नेताओं के बीच इन पर सहमति भी बनी।
वर्तमान में नई दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के आयोजन से भारत का कद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ना तय है। भारत अपने विभिन्न आयामों में प्रगति की दौड़ में आगे बढ़ रहा है। पहले भारत की नज़र विश्व के दूसरे विकसित देशों के निर्णयों पर रहती थी लेकिन आज संपूर्ण विश्व भारत की ओर टकटकी लगाए देख रही है और भारत संपूर्ण विश्व का प्रतिनिधित्व करता नज़र आ रहा है। आज भारतीय नेतृत्व की साख को कहीं अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है और अधिकांश राष्ट्र नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाकर हाथ मिला कर चलना चाह रही हैं।
बीते वर्षों में आंतरिक सुरक्षा पूर्व सरकार के लिए एक कड़ी चुनौती थी। वर्तमान सरकार में इसमें बेहतरीन सुधार हुआ है। कई महत्वपूर्ण लेकिन अशांत क्षेत्रों में शांति बहाल करने की कवायद संग अंजाम तक भी भेजा गया है। आतंकी हमलों के संग ही आतंकवाद पर व्यापक अंकुश लगाया गया है। अंदरुनी आतंकी गतिविधियों पर शिकंजा कस बाहरी आतंकियों के लिए भी एक सबक स्थापित किया आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 और 35-ए से मुक्ति दिलाना वर्तमान सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही। स्वतंत्रता के बाद से कश्मीर घाटी में बनी यथास्थिति भारत के लिए भारी पड़ती जा रही थी। इसके बाद भी भारत ने न केवल सतत एवं समावेशी विकास को प्राथमिकता दी, बल्कि लैंगिक समानता जैसे विषयों को भी महत्व दिया।
वर्तमान सरकार ने देश के अनेक हिस्सों में जी-20 के विभिन्न समूहों की बैठकें आयोजित कर विश्व को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता से भी परिचित कराया।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भारत ने चंद्रयान 3 को चंद्रमा के कक्ष में स्थापित किया, जिससे दुनिया के कई बड़े और कहीं अधिक उन्नत देश इससे चकित हैं कि भारत ने तकनीक का किस तरह बड़े पैमाने पर उपयोग कर अपने लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनके जीवन को आसान बनाया।
खैर जो भी हो, G20 का आयोजन भारत में होना इतिहास का वह पल है, जिसने भारत की नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक विरासत को विश्व के सामने सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया है।

प्रयागराजः अतीक़ अहमद के वक़ील के घर पर बम से हमला

बीते दिनों कुख्यात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कैमरे के सामने एवं पुलिस की उपस्थिति में ही प्रयागराज में कर दी गई थी इस हत्याकांड के पश्चात आज फिर एक और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जहां अतीक अहमद के वकीलों में से एक दयाशंकर मिश्र के घर के पास आज यानी मंगलवार को देसी बम से हमला किया गया हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत एवं भयपूर्ण माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बम फेंकने का उद्देश्य केवल दहशत फैलाना है, हालांकि इस हमले में किसी के नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है। कर्नलगंज पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज के कटरा गोबर गली में देसी बम फेंका गया है। इलाके में छोटू यादव नाम का शख्स रहता एवं उसका हर्षित सोनकर नाम के लड़के का विवाद हुआ था। आरोप है कि हर्षित ने ही छोटू को निशाना बनाकर बम चलाया, वकील विजय मिश्रा का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस इलाके के चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए है। साथ ही वहां की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
कर्नलगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ राम मोहन राय के अनुसार अतीक के वकील दयाशंकर मिश्रा निशाने पर नहीं थे और यह घटना दो युवकों के बीच दुश्मनी का नतीजा थी। हालांकि, वकील ने दावा किया कि यह केवल भय और आतंक पैदा करने की कोशिश थी।