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Tuesday, September 8, 2026
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मैथिली के प्रख्यात कथाकार और शिक्षाविद उपेंद्र झा का निधन

ब्यूरो | navpravah.com

दरभंगा | मैथिली के प्रख्यात एकांकीकार, कुशल कथाकार और शिक्षाविद उपेंद्र झा का शनिवार देर शाम दरभंगा के एक निजी अस्पताल में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। श्री झा लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रविवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मधुबनी जिले के महरैल गांव में हुआ। मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र डा. दिलीप कुमार झा ने दी। उपेंद्र झा का जन्म 1938 में मधुबनी जिले के महरैल गांव में हुआ था।

स्वर्गीय झा ने झंझारपुर के केजरीवाल स्कूल से मैट्रिक, दरभंगा के सीएम कालेज से स्नातक और बिहार विवि से एमए किया। इसके बाद उपेंद्र झा ने अपनी कर्मस्थली सहरसा को चुना। वहीं सहरसा कॉलेज में उन्होंने अर्थशास्त्र विभाग में लगभग 33 साल तक अध्यापन कार्य किया। वे 1998 में सेवानिवृत के समय यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष थे।

उनकी पहली कथा मस्तान पत्रिका बागमती में प्रकाशित हुई तथा अंतिम कथा भंग मूर्ति मिथिला मिहिर में प्रकाशित हुई। अस्सी के दशक से लेखन कार्य में सक्रिय उपेंद्र झा की तीन दर्जन से अधिक कथा व एकांकी प्रकाशित हो चुकी है। इनमें से कई विश्वविद्यालय के मैथिली पाठ्यक्रम में भी शामिल है।

UP: राम काज’ में जुटे हैं इस जेल के बंदी, ‘राम मंदिर’ में दिखेगी उनकी कारीगरी की झलक

श्री राम मंदिर’ की भव्यता में रंगत बिखेरेगी भदोही की वॉल हैंगिंग कार्पेट

जिला जेल के क़ैदी कर रहे बुनाई, उकेरेंगें भगवान की आकृति

स्पेशल रिपोर्ट: रामकृष्ण पाण्डेय

भदोही (उ.प्र.) | कालीन नगरी भदोही का कार्पेट मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या के भव्य राम मंदिर की खूबसूरती में चार-चांद लगाएगा। भदोही के जिला कारागार (District Jail) के करीब दर्जनभर बंदी भगवान राम, हनुमान व मां जानकी के छवि (आकृति) वाली वॉल हैंगिंग कार्पेट तैयार करेंगें, जिसे नवनिर्मित राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व लगा दिया जाएगा।

इन कार्पेट्स को हॉल व गैलरी में लगाया जाएगा। पीएम के दौरे के बाद कालीन लगाने हेतु मंदिर में स्थान चिन्हित किये जायेंगे। जिलाधिकारी भदोही गौरांग राठी की पहल व शासन की अनुमति के बाद जेल बंदी बुनकरों को चुना गया है। जो आगामी 15 दिन में आकर्षक, मखमली वॉल हैंगिंग कालीन तैयार करेंगें। उसके बाद भदोही की टीम अयोध्या जाकर उसे अधिष्ठापित करेगी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि वॉल हैंगिग बनाने हेतु 12 जेल बंदी बुनकरों को चुना गया है।

बुनकरों में मंदिर में लगाने हेतु वॉल हैंगिग बनाने के काम को लेकर काफी उत्साह और खुशी है। बंदी बुनकरों का कहना है कि यह काम उनके लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण है। ‘राम काज कीन्हे बिनु, मोहि कहा विश्राम’ रामचरितमानस की इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए वह बेहद तन्मयता से ताने-बाने के काम में जुटे हुए हैं। बताते हैं कि क्वालिटी युक्त वॉल हैंगिग न सिर्फ श्रद्धालुओं का मन मोह लेगी, बल्कि करीब सौ सालों तक मंदिर के आकर्षण में चार-चांद लगाएगी।

ज़िला कारागार के क़ैदी हैंगिंग कार्पेट की बुनाई करते हुए

● वॉल हैंगिंग पर बुनकर उकेरेंगें देवी-देवताओं की कलाकृति, दसों दशक बघारेंगी शान-

श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में बन रहे भगवान श्री रामचन्द्र के भव्य और अलौकिक मंदिर में यूपी के भदोही जिले के जेल बंदी बुनकरों द्वारा हस्तनिर्मित वॉल हैंगिंग (दीवारों पर लटकने वाला चित्रगत कालीन) चमक बिखेरेगी। मंदिर के हॉल और गैलरी में कालीनें बिछाई जायेंगीं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या दर्शन हेतु पहुंचने वाले करोड़ों भारतीय श्रद्धालुओं को जहां भदोही के बुनकरों के उंगलियों की जादूगरी लुभाएगी। वहीं विदेशी पर्यटक भी कुशल कारीगरों द्वारा मखमली कालीन पर उकेरी गई कलाकृतियों को निहारेंगें।

इसके लिए जिला कारागार ज्ञानपुर प्रशासन को सिंहासन पर आशीर्वाद देने की मुद्रा में बैठे राजाराम, मां सीता एवं हनुमान जी का फ़ोटो दिया जाएगा। जिसे देखकर बुनकर वॉल हैंगिंग पर चित्र उकेरेंगें। जिलाधिकारी ने बताया कि 40 बुनकर बंदियों में से 12 कुशल बुनकरों को चुना किया गया है।

जेलर राजेश वर्मा का कहना है कि तस्वीर की व्यवस्था की जा रही है। एक-दो में दिन बुनाई शुरू हो जाएगी। वॉल हैंगिग को मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के वृहद कार्यक्रम के एक सप्ताह पूर्व 15 जनवरी तक अयोध्या भेजकर यहां के कारीगरों को लगाकर स्थापित करा दिया जाएगा। हैंगिग का आकार (Size) छह गुणा आठ फिट निश्चित किया गया है। इसका वजन (Weight) भी करीब छह से आठ किलोग्राम रहेगा। इसे भगवा (गेरुआ) रंग या गाढ़े नीले रंग में बनाया जाएगा। जिससे अनेक रंगों में बुनी गई आकृतियां स्पष्ट उभर सकें। अधिकारी व कालीन क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि कालीने बेहतर और दमदार क्वालिटी के धागों से बनाई जायेंगीं। लंबे अरसे तक उनकी चमक फीकी नही पड़ेगी। और वे करीब सौ बरस यानी 10 दशक तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की भव्यता में रंगत और रौनक बिखेरेंगीं। मंदिर के हॉल व गैलरी की शोभा और आकर्षण बढ़ाते हुए शान बघारेंगी।

● भदोही के डीएम के प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी, पीएम के दौरे के बाद चिन्हित होगा स्थान-

बता दें कि भदोही के युवा, तेज तर्रार जिलाधिकारी गौरांग राठी ने श्रीराम मंदिर के हॉल, गैलरी व भगवान के गर्भ गृह के आसपास कालीन बिछाने हेतु करीब एक सप्ताह पूर्व ही प्रस्ताव भेजा था, जिसे शासन ने मंजूरी दे दी। नगर आयुक्त अयोध्या व विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने वॉल हैंगिग तैयार कराने के साथ मंदिर में गलीचे बिछवाने को भी कहा है। प्रधानमंत्री के दौरे के बाद कालीन बिछाने हेतु स्थानों को चयनित करते हुए नगर आयुक्त द्वारा जानकारी दी जाएगी।

● भदोही की सांस्कृतिक विरासत है कालीन, विदेशों तक धमक, ‘संसद भवन’ में भी बिखेर रही रौनक-

हैंड नॉटेड कार्पेट (हस्तनिर्मित कालीन) कभी बनारस से अलग हुए भदोही की परंपरागत कालीन उद्योग ही नहीं, बल्कि यह यहां की सांस्कृतिक विरासत भी है। गलीचे के शहर भदोही में सदियों से कॉरपेट का कारोबार होता चला आ रहा है। जिसका निर्यात अमेरिका, यूरोप, जर्मनी, फ्रांस सहित दुनिया भर के करीब 50 से 60 देशों में होता है। भदोही का यह परंपरागत उत्पाद बीते 28 मई 2023 को दिल्ली में नवउद्घाटित संसद भवन की सेंट्रल विस्टा में भी अपनी चमक, धमक बिखेर रहा है। वहीं यशोभूमि भारत मण्डपम में भी भदोही का सतरंगी गलीचा छाया रहा। भदोही अकेले देश का 35 से 40 प्रतिशत उत्पादन अकेले करता है। हाल ही बीते अक्टूबर माह में भदोही के कार्पेट एक्सपो मार्ट में चार दिवसीय एक्सपो का आयोजन हुआ था, जिसमें 60 देशों के करीब 700 खरीददार शामिल हुए थे। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भी मेले में शामिल हुए तय। ‘एक जिला एक एक उत्पाद योजना’ में भी भदोही में कार्पेट शामिल है।

●जेल बंदी भी करते हैं कालीन बुनाई, विदेशों तक छोड़ रहे कुशल कारीगरी व बारीकियों की छाप-

गलीचे के शहर भदोही में कैदी भी कालीन बुनाई का काम कर रहे हैं। उनके उंगलियों की कुशल कारीगरी तीन-चार कालीन निर्यातकों के जरिये जापान, इंग्लैंड व यूएस सहित करीब आधा दर्जन देशों तक पहुंच चुकी है। डीएम भदोही ने पिछले दिनों बताया था कि करीब 50 से 60 कैदी ज्ञानपुर जेल में भी कालीन बुनाई का काम कर रहे हैं। उनकी कारीगरी को और पहचान मिल सके, इसलिए प्रयास करके निर्यातकों द्वारा उसे विदेशों तक भेजा जा रहा है। हाल ही में आयोजित कालीन मेले में भी जिला कारागार कार्पेट का एक स्टॉल लगाया गया था। वहीं अब अयोध्या में नवनिर्मित हो रहे भगवान श्री रामचन्द्र जी के मंदिर में भी उनके द्वारा बुनी गई वॉल हैंगिंग लगाई जाएगी।

ED के समन भेजते ही केजरीवाल का बना मेडिटेशन प्रोग्राम, साधना करने पंजाब जाएँगे दिल्ली के CM

अमित द्विवेदी | navpravah.com

नई दिल्ली | दिल्ली शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है। पेश होने की तिथि के एक दिन पूर्व ही केजरीवाल ने साधना के लिए पंजाब की ओर रुख़ कर लिया है, जहां वे विपश्यना मेडिटेशन सेंटर में दस दिन रहकर मेडिटेशन करेंगे।

अरविन्द केजरीवाल को पिछले बार जब पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय में समन भेजा था, उस समय केजरीवाल ने दीपावली में बढ़े हुए कामकाज को लेकर अपनी व्यस्तता ज़ाहिर की और कहा कि उनके पास समय नहीं है कि वे सब ज़रूरी काम छोड़ कर ईडी के सवालों का जवाब दें। इस बार जब उन्हें समन भेजा गया तो पूछताछ के लिये एजेंसी के सामने पेश होने की जगह उन्होंने साधना को चुना

केजरीवाल का होशियारपुर के पास आनंदगढ़ स्थित मेडिटेशन सेंटर पर दस दिन रहेंगे। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन चौकस हो गया है। विपश्‍यना मेडीटेशन सेंटर के इर्द गिर्द पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी रहेंगे। इसके अलावा भी किसी भी आप नेता और कार्यकर्ता के रहने की इजाजत नहीं होगी, क्योंकि केजरीवाल का यह पूरी तरह से निजी कार्यक्रम है।

बिना किसी से मिले पुलिस की कड़ी सुरक्षा में केजरीवाल सीधे विपश्‍यना मेडीटेशन सेंटर पहुंचेंगे। उनके साथ सीएम भगवंत मान भी जाएंगे। फिर केजरीवाल वहीं पर रुकेंगे और मान वहां से चले जाएंगे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, साधना के दौरान वे किसी से मिलेंगे नहीं। राजनीतिक गलियारे में यह भी चर्चा है कि प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ से बचने के लिए केजरीवाल ने पंजाब स्थित मेडिटेशन सेंटर को चुना ताकि उन्हें किसी तरह की समस्या आए।

क्या कोई सर डॉन ब्रैडमैन से भी बेहतर है ?

विश्वजीत मराठे | navpravah.com

यह बड़ी दिलचस्प बात है और आँकड़ों के हिसाब से एकदम सही भी। क्या कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसका बल्लेबाजी औसत सर डॉन ब्रैडमैन से बेहतर हो ? हम सभी जानते हैं कि जब हम टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी के औसत पर चर्चा होती है, तो सामान्यतः यह बात सामने आती है कि सर डॉन हमेशा शीर्ष पर थे, हैं और शायद हमेशा रहेंगे। लेकिन ये बात भी सही है कि आंकड़े कभी-कभी ग़लत भी साबित हो जाते हैं।

अब ये बातें आप को थोड़ी अजीब सी लग रही होंगी। यहाँ हम उस व्यक्ति के बारे में एक दिलचस्प तथ्य लेकर आए हैं, जिनके आंकड़े सर डॉन ब्रैडमैन से भी बेहतर हैं।

वेस्ट इंडीज के विकेटकीपर एंडी गैंटेयूम के नाम टेस्ट मैच क्रिकेट में 112.00 की औसत बल्लेबाजी का रिकॉर्ड है। हालाँकि, एंडी ने केवल एक टेस्ट मैच खेला है। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने पहली पारी में ही शतक बनाया और खेल की दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। अब शतक लगाने के बावजूद एंडी को इस देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला क्योंकि चयनकर्ताओं के अनुसार, वह शतक बनाते समय बहुत धीमे थे और इसी कारण वेस्टइंडीज, इंग्लैंड पर जीत दर्ज नहीं कर सका।

टेस्ट मैच ड्रॉ पर ख़त्म हुआ। इसके परिणामस्वरूप उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। वेस्टइंडीज की टीम आक्रामक 3 डब्ल्यू (वॉरेल, वीक्स और वालकॉट) के साथ खेल रही थी और जब जीत आसानी से हासिल की जा सकती थी, तो कैरेबियाई टीम को मैच का ड्रॉ होना पसंद नहीं आया। हालांकि एंडी उस टेस्ट मैच के बाद अपने देश के लिए नहीं खेल सके, फिर भी उनके पास 112 के उच्चतम बल्लेबाजी औसत का स्थायी रिकॉर्ड है।

खैर… यह निश्चित रूप से ब्रैडमैन से बेहतर नहीं है, लेकिन हां, आंकड़े हर वक़्त नहीं, पर कभी-कभी ज़रूर झूठ बोलते हैं।

(लेखक, ख्यातिलब्ध स्पोर्ट्स कमेंटेटर और भारतीय दूतावास (ऑस्ट्रेलिया) में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं।)

संसद की सुरक्षा में भारी चूक: ‘पकड़ो-पकड़ो’ की आवाज़ से गूँजा संसद भवन

अमित द्विवेदी | navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा की सुरक्षा में भारी चूक का मामला सामने आया है। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो युवक सांसदों के पास कूदे और जूते से एक बोतल निकालकर स्प्रे करने लगे, जिसके बाद संसद में हड़कंप मच गई। हालाँकि तत्काल प्रभाव से सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को पकड़ लिया।

संसद में जो दो युवकों ने दर्शक दीर्घा से कूदकर संसद भवन में हंगामा मचाया, उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। उनसे नज़दीकी थाने में ले जाकर पूछताछ जारी है। अब एंटी टेरर यूनिट स्पेशल सेल उनसे पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

दरअसल, लोकसभा की कार्यवाही चल ही रही थी कि इस दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे दो लोग सांसदों के बीच कूद गए, जिसके बाद वह दोनों लोग कुछ सांसदों के पास तक जा पहुंचे। उन्होंने सदन में कुछ चीज भी फेंकी, जिससे सदन में पीला धुआं फैल गया। हालांकि, लोकसभा में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

संसद में ये दोनों युवक कैसे घुसे और उनका क्या मक़सद था, अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा संसद भवन पहुँच चुके हैं।

इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अनुरोध किया है कि सदन को अभी स्थगित किया जाए और गृहमंत्री को पूरी जानकारी दी जाए ताकि मामले पर गंभीर फ़ैसला किया जा सके। 

UP: राजनीति की पाठशाला की एक दिवसीय संगोष्ठी

ब्यूरो | navpravah.com

जौनपुर | अहिंसा के पथ पर चलकर युवा कैसे अपनी चेतना को जागृत कर सकते हैं, इस विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन राजनीति की पाठशाला नामक संस्था के उत्तर प्रदेश सम्भाग ने किया है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न प्रमोद सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता होंगे।

आयोजन के विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए प्रमोद सिंह बताते हैं कि वर्तमान में युवाओं को अहिंसा का पाठ पढ़ाना आवश्यक है। जिस तरह से संपूर्ण विश्व में अशांति फैली हुई है, उसमें भारतीय चेतना ही विश्व को रास्ता दिखा सकती है। भारत में समय-समय पर ऐसी महान विभूतियाँ होती रहीं हैं, जिनसे पूरे विश्व को प्रेरणा मिली है। विश्व में शांति हो इसको लेकर महात्मा गांधी का बड़ा योगदान रहा है। इसलिए हम उनके बताए अहिंसा के रास्ते से युवाओं को रूबरू करवाने का प्रयास कर रहे हैं।

कार्यक्रम, प्रदेश के जौनपुर ज़िले में स्थित सुजानगंज के माँ गायत्री विद्यालय में आयोजित किया गया है, जो आगामी १५ दिसंबर को होगा। इस कार्यक्रम में युवाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।

UP: मेधावी शिखा ने बढ़ाया भदोही का मान, राष्ट्रपति के हाथों मिला स्वर्ण पदक

रामकृष्ण पाण्डेय | navpravah.com

भदोही | सोमवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी वाराणसी में आयोजित दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने जिले के पत्रकार कृष्ण कुमार द्विवेदी की पुत्री शिखा द्विवेदी को प्रोफेसर अमरनाथ पाण्डेय स्वर्ण पदक प्रदान किया। यह पदक मेधावी छात्रा को संस्कृत में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए दिया गया है।

वाराणसी दौरे पर आयी राष्ट्रपति ने 16 मेधावी बच्चों को पुरस्कृत किया। शिखा जिले के मकनपुर मोढ़ निवासी पत्रकार कृष्ण कुमार द्विवेदी की पुत्री है। उसकी प्रारम्भिक शिक्षा सूर्या बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज सराय क्षत्रसाह मोंढ से हुई है। शिखा अपने अध्ययनकाल में सदैव मेधावी छात्रा रही है। हाई स्कूल व इंटर में भी उसने प्रथम स्थान हासिल किया था। शिखा ने उच्च शिक्षा सुरियावां स्थित घनश्याम दूबे महाविद्यालय से प्राप्त किया और बीए प्रथम द्वितीय व तृतीय वर्ष भी विद्याालय में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

वर्तमान में वह बीएड कर रही है। शिखा ने बताया कि वह सिविल सर्विस में जाकर देश की सेवा करना चाहती है। राष्ट्रपति द्वारा पदक मिलने से गांव सहित जिले में खुशी की लहर व्याप्त है। राष्ट्रपति के हाथों मेडल पाकर प्रतिभाशाली छात्रा ने जिले का मान बढ़ाया है।

अवगत हो कि जिले के KNPG ज्ञानपुर के कुल 27 छात्राओं का इस दीक्षांत समारोह में दबदबा रहा। यूनिवर्सिटी से जुड़े कालेजों में ऑल ओवर टॉप-10 में 2 छात्राएँ इसी कालेज की थीं। वहीं चित्रकला संकाय की टॉप टेन सूची में भी समस्त छात्राएँ इसी कॉलेज (काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर भदोही) की थीं।

Madhya Pradesh CM: मोहन यादव होंगे मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री

ब्यूरो | navpravah.com

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम का चयन को लेकर जो दुविधा थी आखिरकार वह खत्म हो गई। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से राज्य के नए मुख्यमंत्री का चयन कर लिया गया है। बतौर मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम पर मुहर लगई गई है। मोहन यादव ओबीसी वर्ग से आते हैं।

मोहन यादव उज्जैन दक्षिण सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे हैं। बताते चले कि पूर्व में मोहन यादव उच्च शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। उज्जैन दक्षिण सीट से उन्होंने अब तक तीन बार चुनाव लड़ा है।

लगातार तीसरी बार उन्होंने चुनाव जीतकर इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 163 सीटें जीती है।

ओम प्रकाश राजभर के इशारे पर उनके सुरक्षा कर्मियों ने सरेआम अधिवक्ता को पीटा

ब्यूरो | navpravah.com

लखनऊ | पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के तेलीबाग चौराहे पर नेता ओम प्रकाश राजभर, और उनके सुरक्षा कर्मियों ने अधिवक्ता को सरेआम पिटाई कर दी। गाड़ी निकालने के मामूली विवाद को लेकर राजभर के सुरक्षाकर्मियों ने अधिवक्ता को गाड़ी से घसीटकर पीटना शुरू कर दिया। अधिवक्ता का आरोप है कि राजभर देखते रहे लेकिन उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को रोका तक नहीं।

इस दौरान चौराहे पर हड़कंप मच गया और सड़क पर जाम के हालात बने रहे। किसी तरह वहां से निकले पीड़ित अधिवक्ता ने पीजीआई कोतवाली पुलिस को नामजद तहरीर दी है पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आशुतोष कुमार पंचमखेडा रायबरेली रोड, लखनऊ में रहते हैं। आशुतोष ने पीजीआई कोतवाली पुलिस को तहरीर देने के बाद बताया कि वह कृष्णा नगर से वी.आई.पी. रोड के रास्ते घर लौट रहे थे। तेलीबाग चौराहे पर ओम प्रकाश राजभर जो कि जहुराबाद से विधायक हैं, उनका काफिला भी डिवाइडर की तरफ खड़ा था। इनकी गाड़ी दूसरी लेन में थी और वहां जाम लगा हुआ था।

आशुतोष का कहना है कि उन्होनें किसी तरह की बात नहीं की, न कोई कमेन्ट किया। इसी दौरान ओम प्रकाश राजभर एवं अरविंद राजभर के इशारे पर उनके सुरक्षाकर्मी एवं उनके गुर्गों ने आशुतोष को पीछे से पकड़ कर सड़क पर गिराया और घसीटते हुए मारना शुरू कर दिया। उन्होंने बंदूक की बट, लात और घूसों से मारा। इसमें आशुतोष के मुंह, हाथ एवं कमर और पैर पर चोटें आई।

दोनों नेताओं ने अपने सुरक्षाकर्मियों को रोकने का भी प्रयास नहीं किया। जिसकी सूचना डायल 112 पर इवेन्ट संख्या P07122 309154 पर दे दी गई। घटना सोमवार रात लगभग 8:15 बजे की है। इंस्पेक्टर पीजीआई ब्रजेश कुमार तिवारी ने बताया कि तहरीर मिली है। पीड़ित ने वर्दी वालों पर आरोप लगाया है, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के मुताबिक जांच पड़ताल के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जायेगा।

भदोही: विधायक, डीएम, एएसपी व मीडियाकर्मियों ने दिवंगत पत्रकार को दी श्रद्धांजलि

जिला पंचायत सभागार में स्वर्गीय पत्रकार रमेश मौर्या के आत्मिक शांति के लिए की गई प्रार्थना।

पत्रकार साथियों के छलके आंसू, रमेश मौर्या की स्मृतियों, व्यक्तित्व व कृतित्व को किया साझा।

भदोही | सूचना विभाग के मान्यता प्राप्त पत्रकार एएनआई के जिला संवाददाता व जनपद के सम्मानित पत्रकार रमेश मौर्या के आकस्मिक निधन के पश्चात् जिला पंचायत सभागार में उनके चित्र पर पुष्पांजलि व स्मृति व्याख्यानमाला आयोजित कर सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित किया। जिसमें विधायक ज्ञानपुर विपुल दूबे, जिलाधिकारी गौरांग राठी, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती, जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर प्रभात राय, अपर मुख्य अधिकारी सुरेश कुमार सहित जनपद के मीडिया बन्धुओं ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रमेश मौर्या के व्यक्तित्व व कृतित्व के साथ बिताये गये अपने पलो व अपने अनुभवों को साझा किया।

विधायक विपुल दूबे ने कहा कि रमेश मौर्या का मुझसे परिवारिक सम्बन्ध था। उनका आसमयिक जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बड़ी क्षति है। रमेश मौर्या एक निष्पक्ष, निडर, सामाजिक मूल्यों व चेतना से संपृक्त व्यक्ति थे। जनपद के सामाजिक कार्यो व पत्रकारिता जगत में उनकी एक विशिष्ट पहचान थी।

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आकस्मिक ऐसे कर्मठ युवा मीडिया बन्धु का हमारे बीच से चले जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यन्त दुखद है। जिलाधिकारी ने कहा कि रमेश मौर्या के परिवार के लिए जो कुछ बन पड़ेगा वे अवश्य सहयोग करेंगे। उनकी यादों को सजोये रखने के लिए उनके नाम से कोई छात्रवृत्ति संचालित करने का विचार दिया। उन्होंने बताया कि जनपदवासियों के साथ-साथ प्रशासन के साथ उनका सदैव सद्व्यवहार को साकारात्मक विचार रहा है। दुख की इस घड़ी में प्रशासन उनके परिवार के साथ खड़ा है।

अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि रमेश मौर्या साकारात्मक सोच के साथ साहसिक पत्रकारिता करते थे। उन्होंने दिन रात लगकर जनपद के साकारात्मक व विकासात्मक कार्यो में अपना शानदार योगदान दिया है। उनका मृदुभाषी व मिलनसार व्यक्तित्व की छाप हमेशा अमिट रहेगी।

जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार ने उनके साथ बिताये अपने कार्यो व समय को याद करते हुए बताया कि उन्होंने न दिन देखा, न रात जनपद के विभिन्न महत्वपूर्ण समयों व कार्यो में वे तल्लीनता से लगकर जनपद को साकारात्मक सुर्खियों में रखा। उन्होंने कहा मीडिया का यह ऐसा पहला कार्यक्रम है जिसमें उनकी शारीरिक उपस्थिति न होकर आत्मीय व दैवीय उपस्थिति है।

इस अवसर पर जनपद से आये सैकड़ों पत्रकार बन्धुओं ने अपने साथी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी याद में आयोजित स्मृति व्याख्यानमाला में अपने भावनाओं को साझा किया। इस दौरान कई पत्रकारों के आंखों में आंसू भी छलक पड़े। संचालन कर्ता पत्रकार वीरेन्द्र चतुर्वेदी ने भी अपने मार्मिक एहसासों के साथ अपने उनके साथ बिताये पलों को साझा किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से पत्रकार सत्यम पाण्डेय, रोहित गुप्ता, आदर्श पाण्डेय, रामकृष्ण पाण्डेय, महेश जायसवाल, दिनेश पटेल, हरीश सिंह, अनिल वर्मा, कपिल पाण्डेय, गिरीश पाण्डेय, धर्मेंद्र पाल, विकास मिश्रा, राजमणि पाण्डेय, मुकुंद मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, दीपक मिश्रा, नितेश श्रीवास्तव, विजय मिश्रा, सूरज सिंह अनुज गुप्ता आदि रहे।