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Monday, September 7, 2026
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इंडिया गठबंधन की रैली आज, सुनीता केजरीवाल भी होंगी शामिल


आज यानी रविवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की दिल्ली में मेगा रैली हो रही है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सहित कई मुद्दों को लेकर विपक्ष रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन कर रहा है। इस रैली के जरिये विपक्ष सरकार पर सबसे बड़ा हमला करने की कोशिश में है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रैली को लेकर कहा कि झारखंड के पूर्व सीएम केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, हेमंत सोरेन, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी समेत कई और मुद्दों को लेकर विपक्ष बड़ा आंदोलन कर रहा है।

विपक्ष के शीर्ष नेता करेंगे शिरकत

रविवार को होने वाली रैली में, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, भगवंत मान, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव सहित भारत के शीर्ष नेता रविवार को रामलीला मैदान की रैली में भाग लेंगे, इसे लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि में शक्ति प्रदर्शन, और विपक्षी एकता के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि “लोकतंत्र बचाओ” रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी शामिल होंगे। आम आदमी पार्टी के एक नेता ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल के भी इसमें शामिल होने की संभावना है।

वहीं, इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि केंद्र सरकार के मनमाने रवैये के खिलाफ विपक्ष एकजुट होकर मेगा रैली का आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस रैली का मकसद लोकतंत्र को बचाना है। जयराम रमेश ने कहा कि यह रैली व्यक्ति केंद्रित और एक पार्टी की रैली नहीं है, बल्कि देश में लोकतंत्र बचाने के अभियान में शामिल 27 से 28 पार्टियां इसमें शामिल होंगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से साफ जाहिर होता है कि प्रधानमंत्री विपक्ष को राजनीतिक और आर्थिक तौर पर खत्म करना चाहते हैं। इस रैली में विपक्षी नेता महंगाई, बेरोजगारी और ध्रुवीकरण की राजनीति, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, चुनावी बॉन्ड और अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

जायजा लेने आते रहे नेता

रामलीला मैदान में आप पार्टी के नेताओं का भी आना-जाना लगा रहा। वह यहां की पल-पल की जानकारी व जायजा लेने आते दिखे। इसमें दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय, विधायक दिलीप पांडेय समेत दूसरे नेता मौके पर पहुंचे। दूसरी तरफ आप नेता लोगों को महारैली में शामिल होने के लिए अपील भी की। गोपाल राय ने कहा कि महारैली को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार दिल्ली समेत देश के दूसरे हिस्से से आम लोग रामलीला मैदान की तरफ कूच करेंगे। वहीं, इंडिया गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व भी यहां मौजूद रहेगा।

 

 

 

 

‘चाचा भतीजे’ में बन गई बात, एनडीए छोड़कर नहीं जायेंगे पशुपति पारस

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली | बिहार में NDA की सीट शेयरिंग में आरएलजेपी प्रमुख पशुपति पारस के हाथ खाली रहे थे। उन्हें गठबंधन में एक भी सीट नहीं मिली थी। इसके बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। कहा जा रहा था कि पशुपति पारस अब बागी तेवर दिखा सकते हैं और वह इंडिया ब्लॉक में जा सकते हैं, लेकिन अब पशुपति पारस ने साफ कह दिया है कि वह एनडीए के साथ ही रहेंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हमारी पार्टी रालोजपा, एनडीए का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे भी नेता है और उनका निर्णय हमारे लिए सर्वोपरि है।

बता दें, पशुपति पारस ने बीते दिनों केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद अपने X अकाउंट से मोदी का परिवार हटा लिया था। पशुपति पारस ने सोशल साइट X पर पोस्ट शेयर कर लिखा है- हमारी पार्टी रालोजपा, एनडीए का अभिन्न अंग है! माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री जी हमारे भी नेता है और उनका निर्णय हमारे लिए सर्वोपरि है एवं उनके नेतृत्व में एनडीए पूरे देश में 400+ सीट जीतकर तीसरी बार रिकॉर्ड तोड़ बहुमत से NDA की सरकार बनेगी।

दरअसल पशुपति कुमार पारस की पार्टी रालोजपा को लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली है। एनडीए सीट शेयरिंग के दौरान पशुपति पारस को एक भी सीट नहीं मिलने के बाद पारस ने केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, अब पशुपति पारस x पर पोस्ट कर साफ किया है वह एनडीए में ही बने रहेंगे।

भारत रत्न चौधरी चरण सिंह: विधायक से प्रधानमंत्री तक का सफर

नृपेंद्र कुमार मौर्या | navpravah.com

नई दिल्ली | देश के पूर्व पीएम और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मरणोपरांत चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया है। बता दें कि नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी ने ये सम्मान ग्रहण किया है। चौधरी चरण सिंह को सम्मान मिलने पर बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

किसान परिवार में जन्म-

चरण सिंह का जन्म 1902 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 1923 में विज्ञान से स्नातक की एवं 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। कानून में प्रशिक्षित चरण ने गाजियाबाद से अपने पेशे की शुरुआत की। वे 1929 में मेरठ आ गये और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।

1937 में पहली बार विधायक बने-

चरण सिंह सबसे पहले 1937 में छपरौली से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए एवं 1946, 1952, 1962 एवं 1967 में विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वे 1946 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की सरकार में संसदीय सचिव बने और राजस्व, चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य, न्याय, सूचना इत्यादि विभिन्न विभागों में कार्य किया। जून 1951 में उन्हें राज्य के कैबिनेट मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया एवं न्याय तथा सूचना विभागों का प्रभार दिया गया। बाद में 1952 में वे डॉ. सम्पूर्णानन्द के मंत्रिमंडल में राजस्व एवं कृषि मंत्री बने। अप्रैल 1959 में जब उन्होंने पद से इस्तीफा दिया, उस समय उन्होंने राजस्व एवं परिवहन विभाग का प्रभार संभाला हुआ था।

सी.बी. गुप्ता के मंत्रालय में वे गृह एवं कृषि मंत्री (1960) थे। सुचेता कृपलानी के मंत्रालय में वे कृषि एवं वन मंत्री (1962-63) रहे। उन्होंने 1965 में कृषि विभाग छोड़ दिया एवं 1966 में स्थानीय स्वशासन विभाग का प्रभार संभाल लिया। 1971 के लोकसभा चुनाव में चौधरी चरण सिंह मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे। उस चुनाव में उन्हें सीपीआई के विजयपाल सिंह ने 50,279 वोट से हराया था। इसके बाद आपातकाल लगा, चुनाव टले। 1977 में जब चुनाव हुए तो चौधरी चरण सिंह मुजफ्फरनगर की जगह बागपत सीट से चुनाव में उतरे। इस चुनाव में उन्होंने 1,21,538 से बड़ी जीत दर्ज की। बाद में देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर भी बैठे। एक और बात 1971 में चौधरी चरण सिंह को हराने वाले विजय पाल सिंह 1977 में अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। उन्हें महज 8,146 वोट से संतोष करना पड़ा था। तब मुजफ्फरनगर सीट से लोकदल के सईद मुर्तजा जीतने में सफल रहे थे।

यूपी में मना जश्न-

नई दिल्ली में किसान नेता चौधरी चरण सिंह को मरणोपरांत भारत रत्न मिलने पर लखनऊ में हजरतगंज स्थित राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाईयां खिलायी। राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता हाथों में मिठाई का डिब्बा लेकर कार्यालय के बाहर निकले और लोगों में भी मिठाई बांटी।

राष्ट्रीय लोकदल के कार्यालय पर भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की मूर्ति पर माला पहना कर पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने नेता जयंत चौधरी को बहुत बहुत बधाई दी। इस अवसर पर प्रवक्ता अनिल दुबे ने कार्यकर्ताओं के सामने अपनी बातों को रखा।

प्रवक्ता अनिल ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिला है, ये हम सभी के गौरवान्वित होने का पल है। यह एक ऐतिहासिक पल है। यह ‘भारत रत्न’ का सम्मान भारत के खेत-खलिहानों, मजदूर किसानों को मिला है।

प्रदेश कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने प्रवक्ता अनिल दुबे की भावनाओं पर सहमति जताते हुए अपनी बातों को भी रखा। राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने चौधरी चरण सिंह को नमन करते हुए किसानों, मजदूरों, खेतीहर का सच्चा सिपाही बताया और उनकी मूर्ति पर पष्प अर्पित किये।

अफजाल अंसारी से भिड़ने वाली कौन है यूपी की लेडी सिंघम IAS आर्यका अखौरी?

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | माफिया-राजनेता मुख्तार अंसारी को शनिवार को समर्थकों और भारी सुरक्षा के बीच गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में काली बाग कब्रिस्तान में उनकी मां के बगल में दफनाया गया। अंतिम संस्कार में उनके बेटे उमर अंसारी और भाई अफजाल अंसारी मौजूद थे। हालांकि, इस दौरान सांसद अफजाल अंसारी की डीएम गाजीपुर से तीखी बहस हो गई।

गाजीपुर की डीएम है आर्यका अखौरी जिनसे मुख्तार के शव को मिट्टी देने को लेकर डीएम से नोकझोंक हो गई। भारी संख्या में जनाजे में पहुंचे लोगों को रोक रही थीं कि इतने लोग अंदर नहीं जा सकते, केवल घर के लोग ही जाएं और मिट्टी दें। लेकिन सांसद व मुख्तार के भाई अफजाल नहीं मान रहे थे और लोग रहे थे कि डीएम किसी भी ऐसे शख्स को नहीं रोक सकतीं, जो मिट्टी देना चाहते हैं।

दोनों के बीच जमकर बहसबाजी हुई। एक तरफ डीएम कहती हैं कि धारा 144 लागू है और वे इतने लोगों को जाने की अनुमति नहीं दे सकतीं। दूसरी ओर अफजाल कहते हैं कि मिट्टी देने में कौनसी 144 धारा काम करती है?

कौन है आर्यका अखौरी?

आर्यका अखौरी 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। आर्यका की प्रारंभिक शिक्षा बिहार से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी किया। आर्यका की जिलाधिकारी के तौर पर पहली नियुक्ति भदोही में हुई थी। इसके बाद साल 2022 में उन्हें गाजीपुर का डीएम नियुक्त किया गया। इससे पहले वह वाराणसी और मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ सीडीओ के पद पर कार्यरत रह चुकी हैं। आर्यका की गिनती यूपी के सबसे तेज तर्रार आईएएस अधिकारियों में की जाती है।

बाहुबली विधायक की कसी थी नकेलबता दें यह पहली बार नहीं है जब आर्यका अपने सख्त रुख को लेकर चर्चा में आई हैं। इससे पहले वह भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्र पर नकेल कसने को लेकर भी हाइलाइट हुई थी। उन्होंने बाहुबली छवि विजय मिश्र के दो शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया था।

डीएम रहते जींस टी शर्ट पहनने पर रोक लगाई

इस मौके पर बता दें कि IAS आर्यका अखौरी ने भदोही जिले में डीएम रहने के दौरान कर्मचारियों-अधिकारियों के जींस और टीशर्ट पहन कर कार्यालय में आने पर रोक लगा दी थी उपऔर उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इस आदेश के बाद वह अपने इस फैसले को लेकर चर्चा में आ गई थीं।

डीएम आर्यका अखौरी को अक्सर देखने को मिलता था कि सरकारी कार्यालयों और विभागीय बैठकों में तमाम अधिकारी और कर्मचारी जींस पेंट और टीशर्ट पहनकर आते थे। जुलाई 2022 में उनकी एक मीटिंग में कुछ अधिकारी जींस पेंट और टीशर्ट पहन कर आए थे, जिस पर आर्यका अखौरी ने कड़ी नाराजगी जताई थी. इसके बाद महिला डीएम ने एक आदेश जारी करते हुए विभागीय ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों के जींस पैंट और टीशर्ट पहनने पर रोक लगा दी थी।

राहुल की चेतावनी, “सरकार बनी तो छोड़ेंगे नहीं”

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली| चुनावी मौसम सिर पर है और कांग्रेस पर कंगाली के बादल गहराते जा रहे हैं। दरअसल पहले ही खराब वित्तीय स्थिति से जूझ रही पार्टी को अब आई-टी नोटिस ने ताजा झटका दिया है। आयकर ने देश की सबसे पुरानी पार्टी को तकरीबन ₹1,700 करोड़ का नोटिस भेजा है। ये नोटिस दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा चार साल के लिए पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही को चुनौती देने वाली पार्टी की याचिका खारिज करने के कुछ घंटों बाद दिया गया है। मामले से वाकिफ लोगों के हवाले से पीटीआई ने बताया कि, आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2017-18 और 2020-21 के लिए जुर्माना और ब्याज सहित ₹1,700 करोड़ का नोटिस दिया है। 

चुनाव से पहले कंगाल कांग्रेस

बता दें कि, कांग्रेस फिलहाल आयकर अधिकारियों द्वारा ₹210 करोड़ का जुर्माना लगाने और उसके फंड को फ्रीज करने के बाद कांग्रेस पहले से ही धन की कमी का सामना कर रही है। पार्टी को मामले में उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है और वह उच्चतम न्यायालय का रुख कर सकती है।

स पर अब राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा को याद रखना चाहिए कि ज बदलेगी, तो उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने लोकतंत्र का चीरहरण किया है। राहुल गांधी ने एक पोस्ट में कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि दोबारा फिर किसी की हिम्मत नहीं होगी, ये सब करने की। ये मेरी गारंटी है।

बता दें कि बीजेपी लोकसभा चुनाव को लेकर ‘मोदी की गारंटी’ अभियान चला रही है, जो प्रधानमंत्री मोदी की अपने चुनावी वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिछले वीडियो को टैग करते हुए अपने पोस्ट के साथ हैशटैग #बीजेपीटैक्सटेररिज्म का इस्तेमाल भी किया।

IPL 2024: कोहली ब्रिगेड के सामने होंगे केकेआर के धुरंधर, जानिए किसका पलड़ा भारी

Sports Desk | navpravah.com

नई दिल्ली | आईपीएल 2024 का 10वां मैच आरसीबी और केकेआर के बीच खेला जाएगा। आरसीबी ने अभी तक दो मैच खेले हैं और इस दौरान एक मैच में जीत दर्ज की है। केकेआर ने एक ही मैच खेला है और उसे जीता है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और फाफ डु प्लेसिस गेम चेंजर साबित हो सकता है। कोलकाता के लिए आंद्रे रसेल कमाल दिखा सकते हैं। रसेल और कोहली ने अपने पिछले मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया था।

दोनों टीमों का अब तक ये हाल रहा-

केकेआर का यह दूसरा मैच है. जबकि आरसीबी का तीसरा मुकाबला होगा.। कोलकाता ने अपने पहले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को 4 रनों से हराया था. जबकि आरसीबी ने इस सीजन का ओपनिंग मैच खेला था, जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 6 विकेट से हराया था। आरसीबी ने अपना दूसरा मैच पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ 4 विकेट से जीता था।

ये है पिच रिपोर्ट-

बल्लेबाजों का स्वर्ग कही जाने वाली चिन्नास्वामी की पिच पर आज भी एक बड़े स्कोर वाले मुकाबले की उम्मीद है। बैंगलोर और कोलकाता, दोनों ही टीमों के पास हार्ड हिटिंग बल्लेबाज हैं जो इस सपाट पिच पर बल्लेबाजी का लुत्फ उठाएंगे। हालांकि मैच वही टीम जीतेगी जिसके गेंदबाज इस मुश्किल पिच पर अपना जलवा दिखा सकेंगेसकेंगे।

कोलकाता और बेंगलुरु के स्क्वॉड-

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), ग्लेन मैक्सवेल, विराट कोहली, रजत पाटीदार, अनुज रावत, दिनेश कार्तिक, सुयश प्रभुदेसाई, विल जैक्स, महिपाल लोमरोर, कर्ण शर्मा, मनोज भंडगे, मयंक डागर, विजय कुमार वैशाक, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, रीस टॉप्ली, हिमांशु शर्मा, राजन कुमार, कैमरन ग्रीन, अल्जारी जोसेफ, यश दयाल, टॉम कुरेन, लॉकी फर्ग्यूसन, स्वप्निल सिंह, सौरव चौहान।

कोलकाता नाइट राइडर्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), नीतीश राणा, रिंकू सिंह, रहमानुल्लाह गुरबाज, फिल साल्ट, सुनील नरेन, सुयश शर्मा, अनुकूल रॉय, आंद्रे रसेल, वेंकटेश अय्यर, हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती, केएस भरत, चेतन सकारिया, मिचेल स्टार्क, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, शेरफेन रदरफोर्ड, मनीष पांडे, मुजीब उर रहमान, दुष्मंथा चमीरा, साकिब हुसैन।

बिहार महागठबंधन में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय, पप्पू – कन्हैया के हाथों लगी मायूसी

ब्यूरो| navpravah.com

ई दिल्ली| लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर इंडी गठबंधन में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है। बिहार में राजद कांग्रेस को 8 सीटें देना चाहती थी, लेकिन अब समझौते के तहत कांग्रेस के खाते में 9 सीटें गई हैं। वहीं राजद 26 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वही अन्य दलों की अगर बात करें तो सीपीआईएमएल 3, सीपीआई 1 और सीपीएम 1 सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाली है। इस समझौते के तहत कन्हैया कुमार और पप्पू यादव को जबरदस्त झटका लगा है।

कांग्रेस की सीट्स

बिहार में कांग्रेस के खाते में जो सीटें गई हैं उनमें कटिहार, किशनगंज, पटना साहिब, पश्चिमी चंपारण, सासाराम, महाराजगंज, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर शामिल है।

आरजेडी इन सीटों पर लड़ेगी चुनाव

बिहार में जिन 26 सीटों पर आरजेडी लड़ेगी उनमें औरंगाबाद, मधेपुरा, गया, जमुई, नवादा, सारण, पाटलिपुत्र, बक्सर, उजियारपुर, जहानाबाद, दरभंगा, बांका, अररिया, मुंगेर, सीतामढ़ी, झंझारपुर, मधुबनी, सीवान, हाजीपुर, वाल्मीकि नगर, पूर्वी चंपारण, सुपौल, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज और पूर्णिया शामिल है।

अब जब महागठबंधन में सीटों का बंटवारा तय हो गया है तो ये माना जा रहा है कि पप्पू यादव जो पूर्णिया से लड़ने के लिए उम्मीदवारी ठोक रहे थे उन्हें मायूसी हाथ लगी है वहीं कन्हैया कुमार की सीट लेफ्ट को दे दी गई है।

बिल गेट्स ने लिया पीएम मोदी का इंटरव्यू, जानिए क्या हुई चर्चा

संवाददाता |navpravah.com

नई दिल्ली | हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स की मुलाकात हुई थी, जहां दोनों के बीच एआई से बदलती दुनिया की तकनीक, शिक्षा, भारत में डिजिटल पेमेंट पर खास बातचीत हुई।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां जब बच्चा पैदा होता है, तो ‘आई’ (मां) भी बोलता है और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) भी बोलता है। पीएम मोदी ने कहा कि हेल्थ, एग्रीकल्चर और एजुकेशन पर मैंने काम किया है। मैंने गावों में दो लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए। हेल्थ सेंटर्स को मैंने टेक्नोलॉजी से जोड़ा है। टेक्नोलॉजी के कमाल की वजह से जितना बड़ी हॉस्पिटल में होता है, उतना ही छोटे आरोग्य मंदिर में हो रहा है। मैं बच्चों को बेस्ट एजुकेशन पहुंचाना चाहता हूं, टीचर की कमियों को टेक्नोलॉजी से भरना चाहता हूं। बच्चों का इंट्रेस्ट विजुअल में है, स्टोरी टेलिंग में है। इस प्रकार के कंटेंट बनाने की दिशा में काम कर रहा हूं. उन्होंने आगे कहा कि मेरे यहां एग्रीकल्चर में भी मैंने बड़ी क्रांति लाई है, मैं माइंडसेट बदलना चाहता हूं।

महिलाओं पर भी बोले पीएम

इससे पहले बिल गेट्स ने एएनआई से बात करते हुए भारत में एआई पर हो रहे काम की तारीफ की थी। इस बीच बिल गेट्स से बातचीत में पीएम मोदी ने यह भी बताया कि उनकी सरकार कैसे महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी ला रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं महिलाओं के हाथों में टेक्नोलॉजी देना चाहता हूं, गांव के सभी लोगों को लगना चाहिए कि ये हमारे गांव को बदल रही है। ड्रोन दीदी से मैं इन दिनों बातें करता हूं, तो कहती हैं कि मुझे साइकिल चलाना नहीं आता था, आज मैं ड्रोन चला रही हूं, पायलट बन गई हूं।

बाहुबली मुख्तार कैसे बना माफिया, जानिए पूरी क्राइम कुंडली

नृपेंद्र कुमार मौर्य| navpravah.com 

नई दिल्ली | माफिया मुख्तार अंसारी की अस्पताल में मौत हो गई। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की तबियत बांदा जेल में अचानक खराब हो गई थी। बताया जा रहा है कि बैरेक में मुख्तार अंसारी अचानक बेहोश होकर गिर गया था। मंगलवार की अपेक्षा आज मुख्तार अंसारी की हालत ज्यादा खराब हुई थी. सूत्रों के अनुसार उसे हार्ट अटैक आया है । इससे पहले मंगलवार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, उसे स्टूल सिस्टम की समस्या थी।

उत्‍तर प्रदेश की मऊ व‍िधानसभा सीट से पांच बार के र‍िकॉर्ड व‍िधायक रहे माफिया मुख्‍तार अंसारी का पूर्वांचल में 90 के दशक से रसूख शुरु हुआ जो 2017 में योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार बनने तक रहा। योगी सरकार बनने के बाद माफ‍िया से नेता बने मुख्‍तार पर श‍िकंजा कसना शुरु हुआ। योगी सरकार बनने से पहले पंजाब की रोपड़ जेल में बंद मुख्‍तार को यूपी में बांदा की जेल में स्‍थानांतर‍ित क‍िया गया। जहां उसे हाइस‍िक्‍योर‍िटी बैरक में रखा गया है। मुख्‍तार अंसारी की बेनामी संपत्‍त‍ि जब्‍त करने के ल‍िए आयकर व‍िभाग आपरेशन पैंथर चला रहा है। अबतक मुख्‍तार की 500 करोड़ से अध‍िक की संपत्‍त‍ि जब्‍त की जा चुकी थी। 

यूपी के गाजीपुर में हुआ था जन्म

मुख्तार अंसारी का जन्म गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में 3 जून 1963 को हुआ था। उसके पिता का नाम सुबहानउल्लाह अंसारी और मां का नाम बेगम राबिया था। मुख्‍तार अंसारी तीन भाईयों में सबसे छोटा है। उसके पत्‍नी का नाम अफशां अंसारी है। मुख्‍तार के दो बेटे अब्‍बास अंसारी व उमर अंसारी है।

क्राइम की दुनिया में पहली बार आया नाम

1988 में मुख्तार का नाम क्राइम की दुनि‍या में पहली बार आया। मंडी परिषद की ठेकेदारी को लेकर लोकल ठेकेदार सच्चिदानंद राय की हत्या के मामले में मुख्‍तार का नाम सामने आया। इसी दौरान त्रिभुवन सिंह के कॉन्स्टेबल भाई राजेंद्र सिंह की हत्या बनारस में कर दी गई। इसमें भी मुख्तार का ही नाम सामने आया।

मुख्‍तार अंसारी का कालेज स्‍टूडेंट से माफ‍िया बनने का सफर

90 के दशक में ये वो दौर था जब पूर्वांचल में एक नये तरह का अपराध स‍िर उठा रहा था। रेलवे शराब और दूसरे सरकारी ठेके हासिल करने की रेस में अपराध‍ियों के कई गैंग उभरने लगे थे। पूर्वांचल में माफ‍िया डॉन और बाहुबली तेजी से उभर रहे थे।

गाजीपुर के कॉलेज में पढ़ाई कर रहे मुख्‍तार को इस ताकत का अंदाजा लग चुका था। उन्‍हीं द‍िनो मुख्‍तार ने एक बाहुबली मखनू स‍िंह से हाथ म‍िला ल‍िया। मखनू स‍िंह पूर्वांचल के द‍िग्‍गज नेता हर‍िशंकर त‍िवारी का खास हुआ करता था। तभी मखनू स‍िंह की त्र‍िभुवन स‍िंह के साथ एक जमीन पर कब्‍जे को लेकर गैंगवार में लाशें ग‍िरने का स‍िलस‍िला शुरु हो गया। तभी एक कोर्ट पर‍िसर में हुए एक गोलीकांड के बाद एक नाम उभर कर आया। नाम था मुख्‍तार अंसारी। इसमें मखूनी के दुश्‍मन साह‍िब स‍िंह की गोली लगने से हत्‍या हुई थी। कत्‍ल के बाद जो नाम सुर्ख‍ियों में आया वो मुख्‍तार का था। कहा जाता है वो गोली मुख्‍तार ने चलाई थी, लेक‍िन क‍िसी ने उसे गोली चलाते हुए देखा भी नहीं था। स‍िंगल गन शॉट में कत्‍ल का यह केस बेहद रहस्‍यमय और हैरान करने वाला था। कुछ द‍िन बाद पुल‍िस लाइन के अंदर खड़े हुए एक दीवान की इसी अंदाज में हत्‍या हुई थी। नाम था राजेन्‍द्र स‍िंह। इस हत्‍या के बाद भी जो नाम सामने आया वो मुख्‍तार का ही था। यहीं से शुरु हुआ मुख्‍तार अंसारी के पूर्वांचल के बहुबली और यूपी के माफ‍िया डान बनने का स‍िलस‍िला।

ये भी कहा जाता है कि उसने अपने इलाके में खूब काम किए जिसे जनता ने सराहा है। उसने सड़कें, पुल से लेकर गरीबों के लिए घर क बनवाएं थे। 

नेताओं की बदज़ुबानी का दौर शुरू, कांग्रेस ने सुप्रिया श्रीनेत का काटा पत्ता

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली | चुनाव आयोग ने बुधवार को महिलाओं पर टिप्पणी करने को लेकर बीजेपी नेता दिलीप घोष और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हाल ही में सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से कंगना रनौत पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 25 मार्च को बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को लेकर एक भद्दा पोस्ट किया था। जिसके बाद वो भारतीय जनता पार्टी सहित देश के कई लोगों के निशाने पर आ गईं। इसके बाद जब विवाद बढ़ा, तो सुप्रिया श्रीनेत ने वह पोस्ट डिलीट कर दिया। सुप्रिया श्रीनेत ने पोस्‍ट में कंगना की एक तस्वीर के साथ लिखा था कि ‘मंडी में क्या भाव चल रहा है, कोई बताएगा क्या? यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया। दरअसल, कंगना रनौत को बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से मैदान में उतारा है। इसी पर श्रीनेत ने पोस्ट किया। जब सुप्रिया श्रीनेत और कांग्रेस की सोशल मीडिया ट्रोल होने लगी तो सुप्रिया श्रीनेत ने अपना विवादित पोस्ट डिलीट कर दिया।

कंगना ने दी थी प्रतिक्रिया-

सुप्रिया श्रीनेत के विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट पर अब बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने करारा जवाब दिया था। कंगना ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि पिछले 20 सालों में एक कलाकार के रूप में मैंने हर तरह की महिलाओं का किरदार निभाया है। रानी में एक भोली लड़की से लेकर धाकड़ में एक मोहक जासूस तक, मणिकर्णिका में देवी से लेकर चंद्रमुखी में एक राक्षसी तक, रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक।

कंगना ने आगे लिखा कि हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों की जंजीरों से मुक्त करना चाहिए। हमें उनके शरीर के अंगों के बारे में उत्सुकता से बात करने की जगह इन सबसे ऊपर उठना चाहिए। कंगना ने लिखा कि इन सबसे बढ़कर हमें सेक्स वर्कर्स के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों का इस्तेमाल किसी तरह के गाली या अपमान के रूप में करने से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार है।

कांग्रेस ने भी लिया एक्शन-

कांग्रेस ने सुप्रिया श्रीनेत के इंस्टाग्राम अकाउंट से किए गए गलत पोस्ट पर उन्हें सख्त संदेश दिया है। पार्टी ने सुप्रिया का उस निर्वाचन क्षेत्र से टिकट काट दिया है, जहां से वो उम्मीदवार के रूप में 2019 का चुनाव लड़ीं थी। सुप्रिया ने पिछला लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के महाराजगंज से लड़ा था, लेकिन वह भाजपा के पंकज चौधरी से हार गयी थीं।

बीजेपी एमपी दिलीप घोष को भी इलेक्शन कमीशन का नोटिस-

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर टिप्पणी मामले में पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद दिलीप घोष को भी चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है। उन पर ममता बनर्जी के खिलाफ विवादित और निजी बयान देने का आरोप है। दिलीप घोष को भी सीएम के खिलाफ असंसदीय टिप्पणी मामले में 29 मार्च की शाम 5 बजे तक चुनाव आयोग में जवाब देने को कहा है। TMC की ओर से आरोप लगाया गया है कि बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने टीएमसी के चुनावी नारे ‘बांग्ला निजेर मेयेके चाई’ (बंगाल अपनी बेटी चाहता है) का मजाक उड़ाया है।