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Thursday, July 30, 2026
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जम्मू कश्मीर से हट सकता है AFSPA, जानें क्या है यह कानून और क्या है लागू होने का कारण?

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली| केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल अधिनियम को हटाने पर विचार करेगी। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार वहां से सैनिकों को वापस बुलाने और कानून व्यवस्था को अकेले जम्मू-कश्मीर पुलिस पर छोड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता था लेकिन अब वे विभिन्न ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं।

विभिन्न संगठनों व लोगों ने की है अफस्पा हटाने की मांग

गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न संगठनों व लोगों ने अफस्पा हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा, कश्मीर में लोकतंत्र को स्थापित करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वादा है और इसे पूरा किया जाएगा। यह लोकतंत्र केवल तीन परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा, यह लोगों का लोकतंत्र होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर में सितंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

क्या है अफस्पा?

अफस्पा के तहत अशांत क्षेत्रों में काम कर रहे सशस्त्र बलों के जवानों को अधिकार देता है कि यदि सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए उन्हें जरूरत पड़े तो वे तालाशी, गिरफ्तारी और गोली चला सकतें हैं। सशस्त्र बलों के संचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए इस अधिनियम के अंतर्गत किसी क्षेत्र या जिले को अशांत घोषित किया जाता है।

जेके मीडिया ग्रुप को दिए गए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि भाजपा और पूरी सांसद का मानना है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने आगे कहा, “मुस्लिम भाई भी भारतीय हैं और पीओके में रहने वाले हिंदू भाई भी भारतीय हैं और पाकिस्तान ने जो जमीन अवैध रूप से कब्जा कर ली है वह भी भारत की है। इसे वापस पाना हर भारतीय, हर कश्मीरी का लक्ष्य है। आज पाकिस्तान भूख और गरीबी की मार से घिरा हुआ है और वहां के लोग भी कश्मीर को स्वर्ग के रूप में देखते हैं। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि अगर कोई कश्मीर को बचा सकता है, तो वह प्रधान मंत्री मोदी हैं।”

…तो कांग्रेस जॉइन कर लेंगे वरुण गाँधी ?

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | यूपी के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी का टिकट कट गया है। बीजेपी ने इसी रविवार को जारी किए अपने पांचवें लिस्ट में पीलीभीत से वरुण का टिकट काटकर जितिन प्रसाद को दे दिया है। हालांकि उनकी माँ मेनका गांधी को सुल्तानपुर से फिर टिकट दिया गया है। टिकट ना मिलने के बाद से वरुण गांधी के बीजेपी छोड़ने की अटकलें हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने वरुण गांधी के कांग्रेस जॉइन करने के अटकलों पर बल दिया है।

पश्चिम बंगाल की बेहरामपुर सीट से लोकसभा कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी पर जुबानी हमला बोलते हुए वरुण गांधी को कांग्रेस पार्टी के साथ आने का ऑफर दिया है। अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने वरुण गांधी को इस वजह से टिकट नहीं दिया है क्योंकि वह गांधी परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वरुण गांधी को कांग्रेस में शामिल होना चाहिए। अगर वे कांग्रेस में आते हैं तो हमें बहुत खुशी होगी। वरुण गांधी एक कद्दावर और काफी काबिल नेता हैं। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम चाहते हैं कि अब वरुण गांधी कांग्रेस में आ जाएं।

वरुण का अगला कदम क्या ?

पीलीभीत से टिकट कटने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वरुण गांधी का अगला कदम क्या होगा ? क्या वह कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों की मानें तो वरुण अब पीलीभीत से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपने करीबियों से कहा है कि उनके साथ छल हुआ है और अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।

भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की पाँचवी सूची, वरुण गाँधी का कटा पत्ता

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को मंडी से टिकट दिया गया है। वरूण गांधी का टिकट कट गया है। मेनका गांधी का नाम लिस्ट में है, सुल्तानपुर से वो दावेदारी करेंगी।

इस लिस्ट में यूपी की बाकी बची सीटों पर और बिहार की सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं। इससे पहले बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की 51 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की थी। बीजेपी ने अपनी पांचवीं लिस्ट में कई मौजूदा सांसदों का टिकट काटकर नए चेहरों को मौका दिया है। इसमें गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह को टिकट ना देकर अतुल गर्ग को मौका दिया गया है।

सुल्तानपुर से वर्तमान सांसद मेनका गांधी को ही फिर से टिकट दिया गया है। मेरठ लोकसभा सीट से चर्चित धारावाहिक रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को टिकट दिया गया है। वर्तमान में यहां से राजेंद्र अग्रवाल सांसद हैं। अलीगढ़ लोकसभा सीट से सतीश गौतम को टिकट दिया गया है।

इससे पहले बीजेपी ने 22 मार्च को जारी चौथी लिस्ट में तमिलनाडु और पुडुचेरी के 15 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। बीजेपी ने सबसे पहले 8 मार्च को अपनी पहली लिस्ट जारी की थी

…तो अब जेल से चलेगी दिल्ली सरकार !

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | दिल्ली शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ‘जेल से चलेगी सरकार’ मोड शुरू हो चुका है। अरविंद केजरीवाल ने ईडी की हिरासत में रहते हुए अपना पहला आदेश जारी किया है, जो जल मंत्रालय से जुड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी को ऑर्डर का नोटिस भेजा गया है।

आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि गिरफ्तारी के बावजूद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने रहेंगे। हालांकि कोई भी कानून उस पर रोक नहीं लगाता, जेल नियम इसे बहुत कठिन बना देंगे। दिल्ली की तिहाड़ जेल के एक पूर्व लॉ ऑफिसर सुनील गुप्‍ता का कहना है कि एक कैदी से हफ्ते में सिर्फ दो मुलाकातें हो सकती हैं।

सुनील गुप्‍ता ने बताया, “प्रशासक के पास किसी भी इमारत को जेल घोषित करने का अधिकार है. कई बार अदालत परिसरों को अस्थायी जेलों के रूप में नामित किया गया जा चुका है। अगर ऐसा होता है, तो केजरीवाल को जेल से सरकार चलाने में मदद मिल सकती है। लेकिन उपराज्‍यपाल और आप सरकार के बीच टकराव के इतिहास को देखते हुए, एलजी ऑफिस से ऐसा आदेश असंभव लगता है।

वहीं बीजेपी का कहना है कि अब केजरीवाल मुख्यमंत्री रहने के योग्य नहीं हैं। वो जेल से सरकार नहीं चला सकते।

कांग्रेस की चौथी सूची जारी, जानिए पीएम के खिलाफ कौन है उम्मीदवार

संवाददाता। navpravah.com

नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए चौथी लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस की चौथी सूची में 46 प्रत्याशियों को टिकट दिए गए हैं। कांग्रेस की सूची के अनुसार- पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से अजय राय चुनाव मैदान में उतरेंगे. मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह को टिकट दिया गया है. इसके साथ ही यूपी की सहारनपुर लोकसभा सीट से इमरान मसूद को, अमरोहा लोकसभा सीट से दानिश अली को और उत्तराखंड की हरिद्वार लोकसभा सीट से वीरेंद्र रावत को टिकट दिया गया है।

कांग्रेस ने गुरुवार (21 मार्च) को लोकसभा उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट का ऐलान कर दिया। इसमें 7 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 56 उम्मीदवारों के नाम हैं। 57 सीटों की इस लिस्ट में यह भी बताया गया है कि राजस्थान के सीकर की सीट CPI-M के लिए छोड़ी गई है।

तीनों लिस्ट को मिलाकर कांग्रेस अबतक 138 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है। लिस्ट में पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी और महाराष्ट्र के नांदेड से वसंत राव चव्हाण के नाम का ऐलान किया गया है।

वरुण गांधी की उम्मीदवारी को लेकर सस्पेंस, गठबंधन को लेकर बोले अखिलेश

ब्यूरो। navpravah.com

नई दिल्ली। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। अभी वरुण गांधी यहां से भाजपा सांसद हैं। बीते कुछ सालों से वह अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमलावर दिखे थे। चर्चा है कि भाजपा इस बार टिकट काट सकती है। इसी बीच सपा के पीलीभीत उम्मीदवार भगवत सरन गंगवार ने वरुण गांधी के लिए अपनी सीट छोड़ने तक की बात कह दी है जिसे लेकर कहा जा रहा है कि इसी वजह से अखिलेश यादव वरुण को टिकट दे सकते हैं।

एक निजी टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने वरुण गांधी को लेकर कहा, ”अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। मुझे कोई जानकारी नहीं है। वरुण के लिए दरवाजे नहीं, लेकिन सॉफ्ट कॉर्नर रहेगा। कोई अच्छा प्रत्याशी मिल जाएगा। बीजेपी वाले हमारे प्रत्याशी पर डाका डाल रहे हैं। यदि कोई उनका प्रत्याशी अच्छा आ रहा होगा, तो हम लोग विचार करेंगे। इस बार हमारा नारा अबकी बार बीजेपी हार, अबकी बार 400 हार है।”

उन्होंने आगे साक्षात्कार में गठबंधन पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष का जल्द ही कॉमन मिनिमम प्रोग्राम आएगा और सपा का भी विजन डॉक्यूमेंट आएगा। इसमें बताया जाएगा किसानों को क्या राहत दी जाएगी। क्या किसानों का कर्ज माफ नहीं हो सकता? हमारे विजन डॉक्युमेंट में होगा कि उत्तर प्रदेश समेत देश के किसानों का कर्ज माफ हो, यह हमारे कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में शामिल होगा। क्या मायावती के लिए अब भी दरवाजे खुले हुए हैं? इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि अब चुनाव की तारीख आ गई है। अब क्या बहस करें गठबंधन पर। होली का त्योहार नहीं होता तो नॉमिनेशन हो गए होते। अब बहुत देर हो गई है।

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली| दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले में गुरुवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में डर का माहौल था और अब सूत्रों की माने तो ED पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी पूछताछ कर सकती हैं।

आपको बता दें कि पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोहाली में आप विधायक और रियल एस्टेट एजेंट कुलवंत सिंह के आवास और कार्यालय पर छापा मारा था और पंजाब के तीन अधिकारियों से भी पूछताछ की थी और अब पंजाब सरकार के मुखिया से भी पूछताछ और जांच करने के लिए समान जारी कर सकती हैं।

शुक्रवार को पंजाब भाजपा के प्रमुख सुनील जाखड़ ने मांग की कि ईडी चुनाव आयोग के साथ मिलकर आप सरकार की उत्पाद शुल्क नीति की जांच करे। पिछले दिनों

पंजाब के जिन तीन अधिकारियों से ईडी ने राज्य की उत्पाद शुल्क नीति पर पूछताछ की थी, वे तत्कालीन वित्त आयुक्त (आबकारी) केएपी सिन्हा, और वरुण रूजम और नरेश दुबे, क्रमशः उत्पाद शुल्क और कराधान विभाग के आयुक्त और संयुक्त आयुक्त थे। ये तीनों अधिकारी 2022 में राज्य की आबकारी नीति तैयार करने में शामिल थे।

पिछले साल, सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी भी मांगी थी। हालांकि, सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया था। अब इसपर सुनील जाकड ने दवाब बनाना शुरू कर दिया हैं।

अकाली दल की नेत्री और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी आप पर हमला करते हुए ट्वीट किया और लिखा कि दिल्ली शराब घोटाले में स्वघोषित कट्टर इमानदार अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद, उन सभी को गिरफ्तार करने का समय आ गया है, जिन्होंने उसी घोटाले को अंजाम देकर पंजाब का खजाना लूटा था।

संजय राउत ने प्रधानमंत्री को कहा औरंगज़ेब

ब्यूरो। navpravah.com

नई दिल्ली। शिवसेना नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना औरंगजेब से कर दी। संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना औरंगजेब से करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज का जन्म हुआ और गुजरात में मुगल बादशाह औरंगजेब का। जहां नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ उसके पड़ोस वाले गांव में औरंगजेब का जन्म हुआ। इसलिए औरंगजेब की सोच गुजरात और दिल्ली से महाराष्ट्र पर चढ़ाई कर रही है।

यह बयान संजय राउत ने महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। जब संजय राउत ये बयान दे रहे थे तब शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे भी मंच पर मौज़ूद थे।

माना जा रहा है राज ठाकरे के भाजपा संग जाने की अटकलों के बीच संजय राउत ने यह टिप्पणी की है। इसी घटनाक्रम के चलते उद्धव ठाकरे गुट में हलचल की स्थिति है। संजय राउत ने कहा कि शिवाज़ी महाराज महाराष्ट्र में पैदा होते हैं और गुजरात में औरंगजेब का जन्म होता है। राउत ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी का जहां जन्म हुआ, उसी के पास औरंगजेब पैदा हुआ था। इसीलिए औरंगजेब की मानसिकता के साथ हमारे ऊपर हमला होता है।’

इससे पहले भी संजय राउत ने प्रधानमंत्री पर कईं बार विवादित बयान दिया हैं। एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि औरंगजेब गुजरात में पैदा होते हैं और महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज का जन्म होता है। गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।

INDI गठबन्धन को एक और झटका, इस पार्टी ने यूपी में उतारे अपने उम्मीदवार

संवाददाता। navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की तीन सीटों पर अपना दल (कमेरावादी) ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। अपना दल (कमेरावादी) ने यूपी की मिर्ज़ापुर, फूलपुर और कौशांबी सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। लेकिन इंडी गठबंधन का हिस्सा सामजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अपना दल (कमेरावादी) के इस ऐलान पर कहा कि अभी इस पर कोई बात नहीं हुई है।

उत्तर प्रदेश के अंदर INDI अलायंस में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलावा इस गठबंधन में तीसरा बड़ा चेहरा अपना दल कमेरावादी की नेता और सपा विधायक पल्लवी पटेल का है। अपना दल (कमेरावादी) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लिखा कि अपना दल केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी निम्न तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

1. फूलपुर
2. मिर्जापुर
3. कौशांबी

सूत्रों की मानें तो जब अपना दल (कमेरावादी) ने मिर्जापुर सीट पर भी चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो सपा विधायक पल्लवी पटेल अपनी बहन अनुप्रिया पटेल के खिलाफ़ मिर्जापुर सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। अगर इस सीट से अनुप्रिया लड़ी, तो लड़ाई बेहद दिलचस्प हो सकती है, क्योंकि अभी अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से सांसद हैं, जो एनडीए के साथ हैं और केंद्रीय मंत्री भी हैं।

शिबू सोरेन की बहू सीता सोरेन भाजपा में शामिल, सोरेन परिवार पर साज़िश का लगाया आरोप

ब्यूरो | navpravah.com

झारखण्ड | JMM प्रमुख शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। उन्होंने कुछ घंटे पहले ही JMM छोड़ने का ऐलान किया था। सीता का कहना था कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ गहरी साजिश रची जा रही है।

जेएमएम की विधायक सीता सोरेन ने उन्हें और उनके परिवार को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए आज ही पार्टी से इस्तीफा दिया है। पार्टी सुप्रीमो और अपने ससुर शिबू सोरेन को लिखे इस्तीफा पत्र में सीता ने कहा कि उनके पति दुर्गा सोरेन के निधन के बाद पार्टी उन्हें तथा उनके परिवार को पर्याप्त सहयोग मुहैया कराने में नाकाम रही। “मैं सीता सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय महासचिव एवं सक्रिय सदस्य वर्तमान विधायक हूं, आपके समक्ष अत्यंत दुखी हृदय के साथ अपना इस्तीफा प्रस्तुत कर रही हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि मुझे मेरे तथा मेरे परिवार के खिलाफ रची जा रही एक साजिश का पता चला है। मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा। JMM प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि इस्तीफे के बारे में उन्होंने सुना जरूर है लेकिन आधिकारिक पत्र अभी उनके पास नहीं पहुंचा है।

बीजेपी की शक्ति में हुआ इजाफा-

विनोद तावड़े ने कहा, झारखंड की एक नेता और बहन सीता सोरेन बीजेपी में शामिल हुई हैं। उनके बीजेपी में आने से पार्टी की ताकत बढ़ी है। लोकसभा चुनाव के बाद वहां इसका अलग असर दिखेगा। हम झारखंड में शक्तिशाली हो रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। वे आदिवासी के कार्यक्रम में अपनी पूरी शक्ति लगाएंगी।