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Monday, September 7, 2026
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बंगाल में जंगलराज: ED के बाद NIA की टीम पर हमला, तीन की हालत गंभीर

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली | स्वामी विवेकानंद, रविंद्रनाथ टैगोर, राजा राम मोहन रॉय जैसे महान विभूतियों की धरती पश्चिम बंगाल इन दिनों हिंसा की लपेट में जल रही है। जिस प्रदेश की मुख्यमंत्री एक महिला हैं, उसी प्रदेश में महिला सबसे ज्यादा असुरक्षित है। जिन एजेंसियों की नियुक्तियां दूसरों की सुरक्षा के लिए किया गया है, आज उनकी भी सुरक्षा पर पश्चिम बंगाल में सवाल उठ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पहले प्रवर्तन निदेशालय और अब एनआईए की टीम पर हमला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

एनआईए के काफिले में शामिल कार को घेरकर उस पर हमला किया गया। इस हमले में काफिले में शामिल एक कार का शीशा तोड़ दिया गया। बता दें कि इससे पहले संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय की टीम को निशाना बनाया गया था, अब पूर्वी मिदनापुर में एनआईए पर हमले की घटना सामने आई है। एनआईए की टीम कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर शनिवार को जांच के लिए वहां पहुंची थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। बता दें कि इस हमले में १५० से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी है। इस हमले में केंद्रीय जांच एजेंसी के ३ अधिकारियों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर हैं। 

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एनआईए के अधिकारियों की एक टीम 3 दिसंबर, 2022 को भूपतिनगर ब्लास्ट मामले की जांच के लिए भूपतिनगर गई थी। दो स्थानीय टीएमसी नेताओं की पहचान मोनोब्रता जाना और बलाईलाल मैती के रूप में की गई, जिन्हें एनआईए टीम ने गिरफ्तार किया।

3 दिसंबर, 2022 को पूर्व मेदिनीपुर के नदुविला गांव के राजकुमार मन्ना के दो मंजिला घर में विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन बाद में एनआईए ने घटना की जांच अपने हाथ में ले ली। हाल ही में 30 मार्च को आठ तृणमूल कांग्रेस नेताओं को विस्फोट के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

यह घटना सुबह करीब 5.30 बजे की है। एनआईए टीम की ओर से मनबेंद्र जाना और अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। एनआईए अधिकारी मोनोब्रोतो जाना को ही गिरफ्तार करने मौके पर पहुंचे थे। एनआईए सूत्र ने बताया कि छापेमारी से पहले केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित किया गया था, फिर भी उचित सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई। घटना के संबंध में एनआईए द्वारा स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की गई है।

एनआईए अधिकारी द्वारा दायर शिकायत के आधार पर, भूपतिनगर पुलिस स्टेशन द्वारा मुख्य आरोपी मोनोब्रोतो जाना, उसके परिवार के सदस्यों और अन्य अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 332, 353, 186, 323, 427, 34 और पीडीपीपी अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act, 1984) की धारा 3 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. उग्र भीड़ द्वारा पत्थरबाजी के बीच एजेंसी ने मोनोब्रोतो जाना को गिरफ्तार कर लिया है।

कर्जमाफी, आरक्षण, जातिगत जनगणना… कांग्रेस के घोषणापत्र की पूरी डिटेल!

संवाददाता। navpravah.com

नई दिल्ली। कांग्रेस आगामी शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र पांच ‘न्याय’ और 25 ‘गारंटी’ का वादा किया है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस मुख्यालय में घोषणापत्र जारी किया गया। कांग्रेस के अनुसार, घोषणापत्र में पार्टी के पांच न्याय – ‘हिस्सेदारी न्याय’, ‘किसान न्याय’, ‘नारी न्याय’, ‘श्रमिक न्याय’ और ‘युवा न्याय’- को शामिल किया गया है।

सभा में मौजूद सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पी चिंदबंरम समेत सभी लोगों ने तालियां बजाईं। कांग्रेस के घोषणापत्र पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी का यह घोषणापत्र देश के राजनीतिक इतिहास में ‘न्याय के दस्तावेज’ के रूप में याद किया जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाई गई ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ इसी पर केंद्रित थी। यात्रा के दौरान पांच स्तंभों- युवा न्याय, किसान न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय की घोषणा की गई। इन पांच स्तंभों में से 25 गारंटी निकलती हैं और हर 25 गारंटी में किसी न किसी को लाभ मिलता है।

कांग्रेस की गारंटी

30 लाख नौकरी का वादा

5000 करोड़ का युवा स्टार्ट अप फंड

अग्निवीर योजना बंद करने का वादा

केंद्र में खाली पद भरने का वादा

गरीब महिलाओं को 1 लाख रुपये हर साल

किसानों के लिए MSP की गारंटी

जातिगत जनगणना, इसके आधार पर आरक्षण

आरक्षण से 50% की सीमा हटाई जाएगी

सेना के लिए OROP का वादा

रेल टिकट पर बुजुर्गों को रियायत

IPL 2024: क्या पंजाब के किंग्स पर भारी पड़ेंगे शुभमन के धुरंधर ?

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली| इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2024) में आज टूर्नामेंट का 17वां मैच खेला जाएगा। इस मैच में गुजरात टाइटंस की टक्कर पंजाब किंग्स से होगी। मुकाबला गुजरात टाइटंस के घर यानी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने जा रहा है। ऐसे में गुजरात का पलड़ा जरूर भारी रहेगा। मैच शाम 7.30 बजे से शुरू होगा।

टूर्नामेंट में अब तक गुजरात की टीम पंजाब से बस एक कदम आगे है। आज के मैच में गुजरात टाइटंस की अगुवाई करेंगे युवा भारतीय बल्लेबाज शुभमन गिल, वहीं दूसरी तरफ पंजाब किंग्स की जिम्मेदारी उनके अनुभवी कप्तान शिखर धवन के कंधों पर होगी जिनसे अब भी एक बड़ी पारी का इंतजार है।

कैसे खेलती है अहमदाबाद की पिच?

गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच रोमांचक मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैदान पर आमतौर पर बल्लेबाजों का एकतरफा बोलबाला रहता है। हालांकि, आखिरी मैच में पिच थोड़ी धीमी खेली थी। गेंद बल्ले पर रुककर आ रही थी, जिसकी वजह से शॉट लगाने में बल्लेबाजों को परेशानी हो रही थी। इस सीजन खेले गए दोनों ही मैच में कोई भी टीम 170 का आंकड़ा नहीं छू सकती है।

गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग इलेवन : शुभमन गिल (कप्तान), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), बी साई सुदर्शन, अजमतुल्लाह उमरजई, डेविड मिलर, शाहरुख खान/विजय शंकर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, नूर अहमद, मोहित शर्मा।

पंजाब किंग्स की संभावित प्लेइंग इलेवन : शिखर धवन (कप्तान), जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), सैम करन, लियाम लिविंगस्टोन, हर्षल पटेल, हरप्रीत बराड़, कागिसो रबाडा, राहुल चाहर, अर्शदीप सिंह।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में भगदड़, 24 घंटों में 3 बड़े नेताओं ने छोड़ा कांग्रेस

संवाददाता। navpravah.com

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ और बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और संजय मयूख की मौजूदगी में गौरव वल्लभ और अनिल शर्मा ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

इसी के साथ लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने 3 बड़े चेहरे गंवा दिए है। कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ चुके बॉक्सर विजेंदर सिंह भी कल भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी के बड़े चेहरे संजय निरुपम ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

कांग्रेस छोड़ने पर गौरव का बयान

लोकसभा चुनाव के दौरान राजस्थान से गौरव वल्लभ का पलायन कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर दिशाहीन पार्टी होने का आरोप लगाया है। गौरव वल्लभ ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उससे मैं खुद को असहज महसूस कर रहा हूं इसलिए मैं पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।

महाराष्ट्र से संजय निरुपम ने भी दिया इस्तीफा

वहीं पार्टी से तनातनी के बीच महाराष्ट्र के नेता संजय निरुपम ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना का दामन थामेंगें।

बता दें कि गौरव वल्लभ ने पार्टी से आज ही इस्तीफा दिया, इस दौरान उन्होंने कहा कि वह सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकते। जीके कारण पार्टी में बना रहना मुश्किल है।

विजेंदर का कांग्रेस को ‘पंच’, बीजेपी में शामिल हुए

संवाददाता| navpravah.com

नई दिल्ली| कांग्रेस को लोकसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा झटका लग गया। बॉक्सर विजेंदर सिंह पार्टी छोड़ कर, भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। महासचिव विनोद तावड़े, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता और दक्षिण दिल्ली से पार्टी के उम्मीदवार रामवीर सिंह बिधूड़ी की मौजूदगी में विजेंदर सिंह ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।

बीजेपी में शामिल होने के बाद बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कहा, “मैं देश के विकास और जनता की सेवा के लिए आज बीजेपी में शामिल हुआ हूं।” उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होकर उनकी घर वापसी हो गई।

विजेंदर सिंह ने साल 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर दक्षिण दिल्ली से लड़ा था। हालांकि, वो बीजेपी के रमेश बिधूड़ी से चुनाव हार गए थे. बिधूड़ी को 6 लाख 87 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा को 3 लाख 19 हजार से ज्यादा और विजेंदर को 1 लाख 64 हजार से ज्यादा वोट मिले थे।

जेल से आज रिहा हो जाएंगे संजय सिंह, पासपोर्ट होगा ज़ब्त

Sanjay Singh

Bureau : navpravah.com

नई दिल्ली । सर्वोच्च न्यायलय से राहत मिलने के बाद आज राज्यसभा सांसद संजय सिंह तिहाड़ जेल से रिहा कर दिए जाएंगे। निचली अदालत से सांसद संजय सिंह को सशर्त ज़मानत मिली है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि वे केस को लेकर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। संजय सिंह को निचली अदालत ने दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी है।

आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह के वकील ऋषिकेश कुमार ने बताया कि बेल की शर्तों में केस को लेकर कोई टिप्पणी न करना, कहीं जाते समय अपना लोकेशन शेयर करना, बिना अनुमति दिल्ली-एनसीआर न छोड़ने और देश छोड़कर न जाना शामिल है। यही नहीं, उन्हें स्पष्ट कहा गया है कि वे अपना पासपोर्ट भी जमा करें। न्यायलय ने संजय सिंह को हिदायत दी है कि वे केस से सम्बंधित किसी तरह की कोई भी चर्चा किसी से न करें। उनके वकील ने बताया कि न्यायलय से कुछ देर में रिलीज़ ऑर्डर तैयार हो जाएगा और तिहाड़ जेल में जाएगा। संभवतः संजय आज शाम तक जेल से बाहर आ जाएंगे।

जानिए, दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने संजय सिंह को किन शर्तों के साथ जमानत दी है –

* कहीं भी जाते वक्त अपने मोबाइल फोन का लोकेशन ऑन रखना होगा।
* देश छोड़कर नहीं जा सकते, पासपोर्ट जमा करना होगा।
* दिल्ली शराब घोटाला मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी करने पर रोक।
* सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं कर सकते।
* दिल्ली-एनसीआर बिना इजाजत छोड़कर नहीं जा सकते।

BREAKING: दिल्ली शराब नीति केस में आप नेता संजय सिंह को मिली जमानत

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | दिल्ली शराब घोटाले मामले में संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने के बाद अब जमानत मिल गई है. कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट जमानत की शर्तें तय करेगा. इस जमानत को मिसाल नहीं माना जाएगा. ईडी ने भी जमानत का विरोध नहीं किया और कहा कि उन्हें जमानत दी जा सकती है. अब संजय सिंह राजनीतिक गतिविधियां कर सकेंगे.

ईडी से पूछा था सवाल-

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा था कि क्या सिंह को और कुछ समय के लिए हिरासत में रखने की जरूरत है? सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा था कि अगर दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में आप नेता संजय सिंह की हिरासत की जरूरत है तो लंच ब्रेक के बाद इससे उसे अवगत कराया जाए.

इसके अलावा शीर्ष अदालत ने कहा कि आप नेता संजय सिंह छह महीने जेल में बिता चुके हैं और उनके खिलाफ दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है. इन आरोपों की जांच ट्रायल के दौरान की जा सकती है.

शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल हैं तिहाड़ जेल में-

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी दिल्‍ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ जेल में पहुंच गए हैं. संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और के. कविता पहले से ही इस मामले में जेल में कैद हैं. केजरीवाल को 21 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और वह 10 दिनों तक उसकी हिरासत में रहे. प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में पेश किया गया. ईडी ने उनकी 15 दिन की न्यायिक हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा कि उन्होंने ‘बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया. अदालत ने ईडी की याचिका मंजूर कर ली थी.

अजय निषाद ने भाजपा का साथ छोड़, कांग्रेस का ‘हाथ’ थामा

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव 2024 में टिकट कटने से नाराज बिहार के मुजफ्फरपुर से सांसद अजय निषाद ने बीजेपी छोड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। इसके कुछ देर बाद ही दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली।

अजय निषाद ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से कहा कि उनके साथ छल हुआ है। इससे वह दुखी हैं। इसलिए बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। अब कांग्रेस उन्हें मुजफ्फरपुर से लोकसभा का उम्मीदवार बना सकती है। बता दें कि बीजेपी ने इस चुनाव में अजय निषाद का टिकट काट दिया था। उनकी जगह मुजफ्फरपुर से राम भूषण निषाद को प्रत्याशी बनाया गया है। अजय इससे नाराज चल रहे थे।

सांसद अजय निषाद ने मंगलवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान बिहार के कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश एवं अन्य नेता मौजूद रहे। इस दौरान अखिलेश सिंह ने कहा कि अजय निषाद को बीजेपी में घुटन हो रही थी।हालांकि, मुजफ्फरपुर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर मंगलवार को कोई घोषणा नहीं की गई।

उनके पिता कैप्टन जय नारायण निषाद ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने के लिए यज्ञ करवाया। यज्ञ के बाद वे भाजपा के टिकट पर पहली बार मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र से 2014 में चुनाव लड़े और कांग्रेस प्रत्याशी अखिलेश सिंह को उन्होंने हराया। 2019 में भाजपा ने एक बार फिर अजय निषाद पर विश्वास जताते हुए उन्हें दोबारा से टिकट दिया और इस बार उन्होंने विकासशील इंसाफ पार्टी के प्रत्याशी राज भूषण चौधरी निषाद को भारी मतों से हरा दिया। जिस राज भूषण चौधरी निषाद को उन्होंने हराया था। उन्हें ही बीजेपी ने इस बार टिकट दे दिया।

चुनाव से पहले बड़ी राहत, एलपीजी के दाम हुए कम

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | तेल कंपनियों ने 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर और पांच किलो एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की कीमतें कम कर दीं हैं। सूत्रों ने बताया कि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 30.50 रुपये कम की गई है। दिल्ली में एक अप्रैल से इसकी कीमत 1764.50 होगी। पांच किलो एफटीएल की कीमत अब 7.50 रुपये कम हो गई है।

एक मार्च को तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 25 रुपये बढ़ा दी गई थी, जिसके बाद इसका दाम बढ़कर 1795 प्रति सिलेंडर हो गया था। बता दें कि एक फरवरी को इंडेन गैस सिलेंडर की कीमतें मेट्रो शहर दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में अलग अलग थी। एक मार्च के बाद से सभी मेट्रो शहरों में इंडेन गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि देखी गई।

सरकार ने बढ़ाया था घरेलू कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर-

मार्च में सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर को 3,300 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 4,600 रुपये प्रति टन कर दिया था। यह कर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है। अधिसूचना के मुताबिक, घरेलू कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ाया गया था, लेकिन डीजल के निर्यात पर लगने वाले कर को 1.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया था। इसके अलावा पेट्रोल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर लगने वाले कर को पहले की तरह शून्य रखा गया था। हालांकि, फिलहाल सिलेंडर की कीमतों को कम करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

इससे पहले महिला दिवस के दिन केंद्र सरकार ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कमी का ऐलान किया था। अभी दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर 803 रुपये का मिल रहा है। वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये सब्सिडी मिलती है। ऐसे में उन्हें 503 रुपये में सिलेंडर मिलता है।

प्रधानमंत्री ने भरी चुनावी हुंकार, मेरठ में इंडी गठबंधन पर जमकर बरसे

संवाददाता | navpravah.com

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में जनसभा कर चुनावी शंखनाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरठ की धरती क्रांति और क्रांतिवीरों की धरती है। इस धरती ने चौधरी चरण सिंह जैसे महान सपूत देश को दिए हैं। हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न देने का सौभाग्य मिला है। मैं चौधरी साहब को आदर पूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

उन्होंने कहा कि मेरा इस धरती से अलग ही रिश्ता है। 2014 और 2019 में मैंने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत मेरठ से की थी। अब 2024 के चुनाव की पहली रैली मेरठ में ही हो रही है। 2024 का चुनाव सिर्फ एक सरकार बनाने के चुनाव नहीं है। कौन सांसद बने कौन न बने, इसका चुनाव नहीं है, इस बार का चुनाव विकसित भारत बनाने के लिए है। 2024 का जनादेश भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाएगा।

वहीं इस रैली के दौरान पीएम मोदी ने मंच से चौधरी चरणसिंह को याद कर भाषण की शुरुआत की और कहा कि मेरठ से मेरा खास रिश्ता है। पिछली बार भी औघड़नाथ की इसी धरती से रैली का आगाज करने का सौभाग्य मिला था। पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत दुनिया में नंबर तीन पर पहुंचेगा, तो देश में गरीबी तो दूर होगी ही और साथ-साथ एक सामर्थ्यवान, एक सशक्त देश बनेगा।

उन्होंने कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रहा हूं, इसलिए कुछ लोग अपना आपा खो बैठे हैं। मैं कहता हूं कि मोदी की गारंटी कहती है कि भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ, ये चुनाव दो खेमों की लड़ाई है। एनडीए भ्रष्टाचार हटाने के लिए मैदान में है। दूसरा इंडिया ब्लॉक भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए मैदान में है। उन्होंने कहा कि मेरा भारत मेरा परिवार है। मैं भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा हूं। इसलिए बड़े-बड़े भ्रष्टाचारी आज सलाखों के पीछे हैं। सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिल रही है। इसलिए इन भ्रष्टाचारियों को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि मैं ऐसे लोगों पर सिर्फ कार्रवाई ही नहीं कर रहा, बल्कि इन बेईमानों ने जिसका धन लूटा है, उस धन को मैं लौटा भी रहा हूं. पीएम ने कहा कि मैं भ्रष्टाचारियों से कह रहा हूं कि मोदी पर चाहे कितने भी हमले करें। मोदी झुकने वाला नहीं है। भ्रष्टाचारी कितना ही बड़ा क्यों न हो, एक्शन जरूर होगा। जिसने देश को लूटा है, उसे लौटाना ही होगा