संवाददाता | navpravah.com
नई दिल्ली | माफिया-राजनेता मुख्तार अंसारी को शनिवार को समर्थकों और भारी सुरक्षा के बीच गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में काली बाग कब्रिस्तान में उनकी मां के बगल में दफनाया गया। अंतिम संस्कार में उनके बेटे उमर अंसारी और भाई अफजाल अंसारी मौजूद थे। हालांकि, इस दौरान सांसद अफजाल अंसारी की डीएम गाजीपुर से तीखी बहस हो गई।
गाजीपुर की डीएम है आर्यका अखौरी जिनसे मुख्तार के शव को मिट्टी देने को लेकर डीएम से नोकझोंक हो गई। भारी संख्या में जनाजे में पहुंचे लोगों को रोक रही थीं कि इतने लोग अंदर नहीं जा सकते, केवल घर के लोग ही जाएं और मिट्टी दें। लेकिन सांसद व मुख्तार के भाई अफजाल नहीं मान रहे थे और लोग रहे थे कि डीएम किसी भी ऐसे शख्स को नहीं रोक सकतीं, जो मिट्टी देना चाहते हैं।
दोनों के बीच जमकर बहसबाजी हुई। एक तरफ डीएम कहती हैं कि धारा 144 लागू है और वे इतने लोगों को जाने की अनुमति नहीं दे सकतीं। दूसरी ओर अफजाल कहते हैं कि मिट्टी देने में कौनसी 144 धारा काम करती है?
कौन है आर्यका अखौरी?
आर्यका अखौरी 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलरूप से बिहार की रहने वाली हैं। आर्यका की प्रारंभिक शिक्षा बिहार से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी किया। आर्यका की जिलाधिकारी के तौर पर पहली नियुक्ति भदोही में हुई थी। इसके बाद साल 2022 में उन्हें गाजीपुर का डीएम नियुक्त किया गया। इससे पहले वह वाराणसी और मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ सीडीओ के पद पर कार्यरत रह चुकी हैं। आर्यका की गिनती यूपी के सबसे तेज तर्रार आईएएस अधिकारियों में की जाती है।
बाहुबली विधायक की कसी थी नकेलबता दें यह पहली बार नहीं है जब आर्यका अपने सख्त रुख को लेकर चर्चा में आई हैं। इससे पहले वह भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्र पर नकेल कसने को लेकर भी हाइलाइट हुई थी। उन्होंने बाहुबली छवि विजय मिश्र के दो शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया था।
डीएम रहते जींस टी शर्ट पहनने पर रोक लगाई
इस मौके पर बता दें कि IAS आर्यका अखौरी ने भदोही जिले में डीएम रहने के दौरान कर्मचारियों-अधिकारियों के जींस और टीशर्ट पहन कर कार्यालय में आने पर रोक लगा दी थी उपऔर उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इस आदेश के बाद वह अपने इस फैसले को लेकर चर्चा में आ गई थीं।
डीएम आर्यका अखौरी को अक्सर देखने को मिलता था कि सरकारी कार्यालयों और विभागीय बैठकों में तमाम अधिकारी और कर्मचारी जींस पेंट और टीशर्ट पहनकर आते थे। जुलाई 2022 में उनकी एक मीटिंग में कुछ अधिकारी जींस पेंट और टीशर्ट पहन कर आए थे, जिस पर आर्यका अखौरी ने कड़ी नाराजगी जताई थी. इसके बाद महिला डीएम ने एक आदेश जारी करते हुए विभागीय ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों के जींस पैंट और टीशर्ट पहनने पर रोक लगा दी थी।















