भारतीय रेल ने अनारक्षित रेल टिकटों पर आज से नए नियम लागू किए हैं. नए नियम के मुताबिक़ अब 199 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए अनारक्षित टिकट,खरीदने के सिर्फ तीन घंटे बाद तक ही वह वैध माना जाएगा.
इसका अर्थ है कि यदि आपने अनारक्षित टिकट लिया है और आप 199 किलोमीटर या उससे कम की रेल यात्रा कर रहे हैं तो, आपको तीन घंटे में ही यात्रा खत्म करनी होगी. इसके बाद यदि आपके पास टिकट है भी तो वह अवैध माना जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा.
हालांकि, टिकट लेने के तीन घंटे के अंदर अगर कोई ट्रेन रवाना नहीं हुई, तो जो भी पहली गाड़ी गंतव्य की ओर रवाना होगी, उसके खुलने के समय से तीन घंटे तक टिकट वैध रहेगा. इसके साथ ही नए नियमों के तहत 199 किलोमीटर तक की रेल यात्रा के लिए अनारक्षित टिकट वापसी की सुविधा भी आज से खत्म कर दी गई है.
कृषि व किसानों के विकास के लिए बजट में काफी कुछ है, जिसकी कई अर्थशास्त्रियों से लेकर कंपनी मालिकों ने प्रशंसा की है, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री व वरिष्ठ अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने किसानों से किए गए वादे को असंभव बताया. बजट भाषण की आलोचना करते हुए सिंह ने कहा कि इतने कम समय में किसानों की आय को दोगुना करना संभव नहीं है.
मनमोहन सिंह ने 2016-17 के बजट को बेहद सामान्य बताया. उन्होंने कहा कि इस बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई है. मात्र एक घोषणा बड़ी है, जो किसानों की आय को लेकर है. और वह भी प्रधानमंत्री 2 दिन पहले ही बरेली में कह कर आए हैं कि वे चाहते हैं कि 2022 तक किसान वर्तमान आय का दोगुना कमाएं. उन्होंने कहा कि इस घोषणा को मूर्त रूप देने के लिए कृषि विकास दर को 14 फीसदी रखनी होगी.
मनमोहन सिंह ने वित्त मंत्री के इस घोषणा पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकार बता नहीं सकती कि यह लक्ष्य कैसे प्राप्त किया जा सकता है. हालाँकि पूर्व प्रधानमंत्री ने इस बात की खुशी भी व्यक्त की कि सरकार पिछले वर्ष तय किए गए वित्तीय घाटे का लक्ष्य पूरा करने में सफल रही.
हालाँकि नए वित्तीय बजट से वे लोग नाराज़ हैं जो मंहगी गाड़ियों, ब्रांडेड कपडे और तम्बाकू से बनी चीज़ों को काफी इस्तेमाल करते हैं.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संसद में आम बजट 2016-17 पेश कर दिया है. इस आम बजट में कुछ चीज़ों में आम जनता को राहत मिलेगी तो कई ऐसी चीज़ें हैं, जिनके दाम बढ़ेंगे. इसमें कई ऐसी चीज़ें हैं, जिनसे आम जनता की जेब ढीली होगी.
आम बजट में जहां कर्मचारियों के पीएफ में राहत मिली है वहीं ज्वेलरी और तेल के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है. आइए जानते हैं कि किन चीज़ों के दाम आपकी जेब में सेंध लगाएंगे.
*कोयला हुआ मंहगा *ब्रांडेड कपडे हुए मंहगे *मोबाइल बिल हुआ मंहगा *होटल में खाना हुआ मंहगा *बीमा पालिसी भी मंहगा *हवाई सफर हुआ मंहगा *रेल टिकट भी मंहगा *फिल्म देखना भी हुआ ज़्यादा खर्चीला *ब्यूटी पार्लर भी देगा ज़्यादा बिल
*10 लाख से ज्यादा की कार महंगी *हर तरह की गाड़ियां हुईं महंगी *डीजल गाड़ियों पर 2.5 फीसदी टैक्स बढ़ा *एसयूवी में 4 फीसदी टैक्स बढ़ा *सिगरेट महंगी, बीड़ी छोड़कर हर तंबाकू उत्पाद महंगा *सोने और हीरे के गहने महंगे
वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट भाषण शुरू करते ही सेंसेक्स में उछाल देखने को मिला. लगातार बढ़ती मंहगाई से परेशान जनता को इस आम बजट से बड़ी उम्मीदें हैं. इस बार के बजट में केंद्र सरकार ने किसानों की सुविधाओं, स्वच्छता, स्वास्थ्य, व्यवसाय, डिजिटलाइजेशन और आंचलिक विकास पर फोकस किया है.
वित्त मंत्री ने आम बजट के दौरान देश के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा फोकस देश के सही मायने में विकास पर है. और हमने बजट उन सभी बिन्दुओं पर ध्यान दिया है, जिससे देश की जनता विकास मार्ग पर स्वयं को प्रशस्त पाए.
अब तक के बजट हाइलाइट्स-
*जीडीपी बढ़कर 7.6 फीसदी
*विदेशी मुद्रा में उछाल
*निर्यात में 4.4 फीसदी की गिरावट
*कमज़ोर तबके को अधिक संसाधन देने पर फोकस
*बीपीएल परिवारों को रसोई गैस देने की योजना
*किसानों के लिए पीएम फसल बीमा योजना
*कमज़ोर वर्गों के लिए तीन योजनाएं शुरू
*वन रैंक वन पेंशन से बोझ बढ़ा
*किसानों की आय 5 साल में दोगुनी करने का लक्ष्य
*टैक्स को तर्कसंगत बनाने की कोशिश
*आधार कार्ड को कानूनी दर्ज़ा देने की योजना
*कृषि के लिए 35985 करोड़ का फंड
*5 साल में सिंचाई पर 86500 करोड़ खर्च करने की योजना
*23 सिंचाई योजनाएं एक साल होंगी पूरी
*आर्गेनिक खेती पर दिया जाएगा ध्यान, एक्सपोर्ट पर करेंगे काम,
*होलसेल एग्रीकल्चर मार्किट तक पहुँचने के लिए ई प्लेटफॉर्म
*किसानों के लिए 12 राज्यों में ई पोर्टल की योजना
*प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 19000 करोड़
*दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए 500 करोड़
*स्वच्छ भारत के तहत कचरे से बनेगी खाद
*सडकों का लक्ष्य 2019 तक करेंगे पूरा
*मनरेगा के लिए 38500 करोड़ रूपए
*फसल बीमा के लिए 5500 करोड़ रूपए
*1 मई 2018 तक देश के सभी गाँव में बिजली होगी
*स्वच्छ भारत के लिए 9000 करोड़ रूपए
*डेरी उद्योग के लिए 850 करोड़ रूपए
*गाँवों में डिजिटल साक्षरता योजना
*गरीबों के लिए नई स्वास्थ्य योजना
*हर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में डाइलिसिस की सुविधा होगी उपलब्ध
*सस्ती दवाइयों के लिए 3000 दुकानें खुलेंगी
*स्किल इंडिया के लिए 1700 करोड़ रूपए दिए जाएंगे
*62 नए नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे
*स्कूल कॉलेज डिजिटल सर्टिफिकेट बनेगा
*ईपीएफओ के लिए 1000 करोड़ रूपए
*हायर एजुकेशन के लिए 1000 करोड़ रूपए
*सडकों के लिए 55000 करोड़ रूपए का प्रावधान
*10000 किलोमीटर का नया हाइवे
*हाइवे निर्माण के लिए 55000 करोड़
*160 एयरपोर्ट का करेंगे विकास
*पीपीपी से जुड़े विवादों के लिए नए कानून बनाए जाएंगे
*प्रति परिवार के लिए 1 लाख का मेडिकल बीमा
*ग्रामीण गरीब महिलाओं को एलपीजी गैस देने पर फोकस
*बैंकों की सेहत सुधारने के लिए योजनाएं
ऑस्कर 2016 के स्टेज पर भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी अपना जलवा बिखेरा. ऑस्कर अवार्ड समारोह में प्रियंका ने बेस्ट एडिटिंग अवार्ड प्रेजेंट किया. हालाँकि इसके पहले प्रियंका एसजी पुरस्कार भी प्रेजेंट कर चुकी हैं. अमेरिका के लॉस एंजेलिस में होने वाले इस समारोह में प्रियंका चोपड़ा काफी खूबसूरत नज़र आ रही हैं. प्रियंका की ऑस्कर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही वाइरल हो गईं.
भारत से अभी तक कुल 48 फिल्मों को ऑस्कर के लिए भेजा गया है. इस वर्ष भारत की ओर से विदेशी फिल्मों की कैटेगरी में मराठी फिल्म ‘कोर्ट’ को जगह मिली थी लेकिन वो अंतिम पांच में जगह नहीं बना पाई. ऑस्कर सेरेमनी को हॉलीवुड एक्टर क्रिस रॉक प्रस्तुत कर रहे हैं.
फिलहाल, ऑस्कर अवार्ड्स में प्रियंका चोपड़ा की उपस्थिति से भारत में काफी उल्लास है. खासकर सोशल मीडिया पर इस बात की काफी चर्चा है. फेसबुक, ट्विटर से लेकर लिंकडिन जैसे सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रियंका की तस्वीरें तेज़ी के साथ शेयर की जा रही हैं.
इन्हे मिला ऑस्कर अवार्ड 2016-
बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले, टॉम मैकेर्थी और जोश सिंगर को फिल्म ‘स्पाॅटलाइट’ के लिए अवॉर्ड दिया गया.
बेस्ट अडॉप्टेड स्क्रीनप्ले, चार्ल्स रैन्डोल्फ एडम मैके को फिल्म ‘द बिग शॉर्ट’ के लिए अवॉर्ड दिया गया.
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस, एलिसिया विकान्दर को फिल्म ‘द डेनिश गर्ल’ के लिए अवॉर्ड दिया गया.
बेस्ट कॉस्टयूम डिजाइनर, जेनी बीवान को फिल्म मैड मैक्स- फ्यूरी रोड के लिए अवॉर्ड दिया गया.
बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन फिल्म ‘मैड मैक्स-फ्यूरी रोड’
मेकअप एंड हेयरस्टाइलिंग फिल्म ‘मैड मैक्स-फ्यूरी रोड’
बेस्ट सिनेमैटोग्राफी, रसेल मैक एडम्स को फिल्म ‘द रेवेनेंट’ के लिए दिया गया.
बेस्ट एडिटिंग, मार्गरेट सिक्सल को फिल्म ‘मैड मैक्स- फ्यूरी रोड’ के लिए अवॉर्ड दिया गया. इस अवार्ड को प्रियंका चोपड़ा और लीव स्क्रिबर ने प्रदान किया.
बेस्ट साउंड मिक्सिंग, फिल्म ‘मैड मैक्स- फ्यूरी रोड’
बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स, एक्स मैचिना को फिल्म ‘मैड मैक्स-फ्यूरी रोड’ को मिला.
बेस्ट एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड फिल्म ‘बेयर स्टोरी’ को मिला.
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर मार्क रिलेंस को फिल्म ‘ब्रिज ऑफ स्पाईज’ के लिए अवॉर्ड दिया गया.
बेस्ट डॉक्युमेंट्री आसिफ कपाड़िया को फिल्म ‘एमी’ के लिए अवॉर्ड दिया गया.
बेस्ट डॉक्युमेंट्री (शॉर्ट फिल्म) ‘अ गर्ल इन द रिवर : द प्राइस ऑफ फॉरगिवनेस’ को मिला.
देश में असुरक्षा का मामला एक बार फिर से उठता नज़र आ रहा है. इस बार असुरक्षित महसूस करने वाला बयान मशहूर गायक मोहम्मद रफ़ी के बेटे शाहिद रफ़ी ने दिया है. उन्होंने वर्तमान सरकार के बारे में भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि देश में ऐसी स्थिति बनी हुई है कि मुसलमान अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
मशहूर गायक मोहम्मद रफ़ी के पुत्र शाहिद रफ़ी अब केंद्र सरकार की आलोचना करते नज़र आए हैं. उन्होंने केंद्र सरकार के बारे में कहा कि इस सरकार में अल्पसंख्यक खुद को तकलीफ में महसूस कर रहे हैं, खासकर मुस्लिमों की स्थिति सोचनीय होती जा रही है. आगरा में ताज साहित्य महोत्सव के इतर शाहिद ने अपने पिता को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान करने की भी बात दोहराई.
शाहिद ने कहा कि वर्तमान में मुसलमान भयभीत हैं. अल्पसंख्यकों पर हुए हमले से लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को उन्होंने गलत करार दिया. शाहिद गत माह कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस सन्दर्भ में उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि उन्होंने कांग्रेस को इसलिए चुना क्योंकि यह एक लोकतान्त्रिक और धर्मनिरपेक्ष पार्टी है.
शाहिद के इस बयान पर भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह कांग्रेस से प्रभावित होकर दिया गया है. देश में शाहिद रफ़ी के अलावा भी लाखों मुसलमान हैं जो वर्तमान केंद्र सरकार को विकास की दिशा में आगे बढ़ने वाली सरकार कहा रहे हैं, क्या उन्हें हम झुठला सकते हैं.
अगर आप अक्सर पोर्न सामग्री देखते हैं तो आपको अब संयम बरतना पडेगा. एक प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी के मुताबिक़ यदि आप लगातार पोर्न सामग्री देखते हैं तो आप मानव तस्करी से जुडी तमाम बुराइयों से प्रभावित हो सकते हैं. ऐसा भी संभव है कि आपकी सोच और मान्यताएं भी इन बुराइयों से प्रभावित हो जाए. खबर के मुताबिक़ एक शोध में इस बात का दावा किया गया है.
पोर्नोग्राफी देखने और स्ट्रिप बार जाने वाले ऐसे कई लोगों पर किए गए शोध में यह पाया गया कि ये कुछ समय के बाद मानव तस्करी जैसे अपराधिक कृत्यों के प्रति आकर्षित हो जाते हैं. टेक्सास क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी और नार्थइस्टर्न यूनिवर्सिटी कोलाराडो कॉलेज की एक टीम के शोध में इस तरह की बातें सामने आई.
यह अध्ययन ‘आइडेंटीफाइंग इफेक्टिव काउंटर-ट्रैफिकिंग प्रोग्राम्स एंड प्रैक्टिस इन द यूएस लेजिसलेटिव, लीगल एंड पब्लिक ओपिनियन स्ट्रेटेजिस दैट वर्क’ नाम से प्रकाशित हुआ है.
एक न्यूज़ नेटवर्क ने भी इस सम्बन्ध में एक रिपोर्ट जारी किया है कि ‘सेक्स संबंधित व्यवहार मानव तस्करी के बारे में सोच को प्रभावित करते हैं. अध्ययन में यह भी बताया गया है कि किस तरह से इस तरह से इसमें लिप्त व्यक्ति अपराध की ओर बढ़ता जाता है. अध्ययन के निष्कर्ष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जस्टिस की ओर से प्रकाशित हुए हैं.
रविवार को बरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान स्वाभिमान रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज किसानों के सामने तमाम चुनौतियां है, लेकिन अगर किसान हमारा साथ दें तो इन चुनौतियों को हम अवसर में बदल देंगे. किसानों को देश की शान बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से अपील किया कि राज्य किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दें, जिससे किसानों की प्रगति को एक नई दिशा दी जा सके.
बरेली में नरेंद्र मोदी ने किसान कलयाण रैली को सम्बोधित किया. मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के किसानों को प्रणाम करने का मुझे मौक़ा मिला है. मोदी ने कहा कि अगर राज्य सरकारें उनका सहयोग करें तो साल २०२२ तक वे किसानों की आमदनी को दोगुना कर देंगे.
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि को प्राथमिकता देने की बदौलत आज मध्य प्रदेश पहले पायदान पर है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ही तर्ज़ पर बाकी के राज्य भी तो ऐसा विकास कार्य कर सकते हैं लेकिन अफसोस कि किसानों पर राज्यों का ध्यान ही नहीं जाता.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग और सर्विस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है. इस रैली में प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री की वजह से पूरे विश्व में भारत का सिर ऊँचा हुआ है. यह हम सभी भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है. पीएम मोदी के साथ मंच पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कृषिमंत्री राधामोहन सिंह और मेनका गांधी भी मौजूद थी.
सोनीपत के एसपी अभिषेक गर्ग ने मुरथल काण्ड को लेकर हरियाणा पुलिस के डीजीपी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है. हालाँकि इस रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि नहीं हो सकी है. मामले की जांच कर रहे पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने कहा कि गैंगरेप का मामला अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. प्रत्यक्षदर्शियों से इस सम्बन्ध में बातचीत के बावजूद अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है.
पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग मुरथल काण्ड गैंगरेप की गुत्थी सुलझाने में लगे हुए हैं लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ स्पष्ट होता नहीं दिख रहा है. इस सम्बन्ध में गर्ग ने कहा कि एसआईटी भी इसकी जांच कर रहा है. एसआईटी के रिपोर्ट आने के बाद हम इस मामले पर आगे कार्यवाही करेंगे. खबर यह भी है कि इस मामले की जांच अब महिला आयोग की एक निर्धारित टीम भी करेगी.
केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि महिला आयोग की के टीम उस इलाके की जांच कतरेगी, जहां यह घटना हुई है. निर्धारित टीम के सदस्य इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए घटनास्थल का दौरा करेंगे.
इस मामले की जांच के लिए डीआईजी राजश्री ने उस गाँव का दौरा भी किया, जहां उन्होंने कई लोगों से इस सम्बन्ध में बात भी किया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की गहरी छानबीन की जा रही है. किसी भी हालत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
इस मामले में कुछ चश्मदीदों ने यह कबूला है कि महिलाओं के कपडे फाड़े गए और उनके साथ बदसलूकी की गई लेकिन किसी के साथ बलात्कार हुआ था यह बात किसी ने नहीं स्वीकारी है.
एक ही परिवार के दो बच्चों समेत आधा दर्जन सदस्यों को मौत के घाट उतारने वाले चर्चित नरसंहार के मामले में न्यायालय ने 9 अभियुक्तों को मौत की सजा दी है। मामले के दो अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। लगभग 13 साल पहले तत्कालीन दस्यू सरगना ठोकिया, शंकर केवट और गुड्डा पटेल समेत 4 गैंग ने नरसंहार को अंजाम दिया था।
अभियोजन अधिकारी मनमोहन वर्मा ने बताया है कि 17 जुलाई 2003 को कर्वी कोतवाली के बगैहा मजरा घुरेटनपुर के निवासी राजू प्रसाद पटेल पुत्र छेदीलाल ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी गई तहरीर में उसने कहा था 17 जुलाई 2003 की सुबह लगभग 7 बजे 4 गैग्स ने उसके घर पर धावा बोला। परिजन जान बचाकर कमरों में भागे । बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर चारों तरफ़ से घर को घेर लिया और आग लगा दी। इस दौरान उसके खेतों में हल चलाने वाले दुगवा निवासी बडका कोल और उससे मिलने आए दुगवा के ही कुटुवा गर्ग पुत्र रामेश्वर को गोली मार दी गई। जान बचाकर भाग रहे चचेरे भाई रामकिशोर पुत्र रहसबिहारी को भी गोलियों से भून दिया गया।
इधर घर में आग लगने के बाद बदमाशों ने दरवाजे की बाहर से कुंडी लगा दी। इससे आग से झुलस कर और धुएं से दम घुटने से उसके भाई प्रकाश की पत्नी चुन्नी व उसका तीन वर्षीय पुत्र, मध्यप्रदेश के सतना जिले के निवासी गीता की भी मौत हो गई। इस दौरान रामकृपाल व उसकी पुत्री बुद्दन, भोला , भगवानदास, नथुनिया और मुकेश, गौरा बुरी तरह से घायल हो गए। पीडित ने बताया कि बदमाश घरों के चारों ओर घूमकर गालियां दे रहे थे। उसने अपने भाई ओमनाथ बुल्ली और परिवार की औरतों और बच्चों के साथ छत से बदमाशों ईंट -पत्थर फेंके। इसी बीच बदमाशों मे से राममिलन उपाध्याय , हीरामन पण्डित, महेश्वरी पटेल, कमलेश, चुन्नी, कल्लू व बद्री, रामरूचि, रामानंद, मन्दी, भूरा, हीरालाल, ठोकिया, बेटा, सुभाष गर्ग, लखना, गुड्डा पटेल और शंकर केवट को पहचान लिया गया।
चीख पुकार पर चारों ओर से गांव के लोगों के आने की खबर लगने पर बदमाश फायर करते हुए भाग निकले। पुलिस के साथ शम्भू , हीरालाल प्रधान व कल्लू सहित अन्य गांव के लोगों ने बदमाशों की घेराबंदी करने की कोशिश की, किंतु बदमाश भागने में सफल रहे।
अपर जिला जज कक्ष संख्या 4 पुर्णेन्दु कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद शुक्रवार को निर्णय सुनाया। अभियुक्त राममिलन उपाध्याय, हीरेमनि पण्डित, महेश्वरी पटेल, कल्लू, बद्री, रामानन्द उर्फ दादू, भूरा, हीरालाल और सुभाष को फांसी की सजा सुनाई गई। जबकि अभियुक्त मन्दी और कमलेश को आजीवन कारावास की सजा दी गई।
भारी तादाद में रहा पुलिस पीएसी बल:
शनिवार को इस मामले का निर्णय आने के दौरान जिला कचहरी में भारी मजमा लगा रहा। 9 अभियुक्तों को फांसी के निर्णय के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद उनके परिजनों ने रोना शुरू कर दिया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर न्यायालय परिसर में शहर कोतवाल रनवीर सिंह भारी तादाद में पुलिस व पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।