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Friday, July 31, 2026
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राजीव गांधी की हत्या के सभी आरोपी होंगे रिहा?

Bureau@navpravah.com

तमिलनाडु सरकार ने बुधवार रात को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सभी सात दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया. राज्य के मुख्य सचिव के. ज्ञानादेसिकन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि को पत्र लिखकर इस मामले में केंद्र सरकार की राय मांगी है.

ज्ञानादेसिकन ने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार ने सभी सात दोषियों के आजीवन कारावास की सजा माफ करके उन्हें रिहा करने का फैसला किया है क्योंकि वे पहले ही 24 वर्ष कैद की सजा काट चुके हैं.

ज्ञानदेसिकन ने इस पत्र मेें कहा कि राज्य सरकार ने सभी सात दोषियों नलिनी, ए जी पेरारिवलन उर्फ अरिवु, वी श्रीहरण उर्फ मुरूगन, टी सुरेंद्रराजा उर्फ संथन, जयाकुमार, रॉबर्ट पयस और रविचंद्रन की अपील पर विचार कर उनके आजीवन कारावास की सजा माफ करके उन्हें रिहा करने का फैसला किया है. इनमें से चार श्रीलंकाई नागरिक हैं. उन्होंने बताया कि नलिनी ने अपनी रिहाई के लिए मद्रास हाई कोर्ट में रिट याचिका भी दायर कर रखी है. ज्ञानदेसिकन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी 2014 को इनमें से तीन लोगों की फांसी की सजा आजीवन कारावास में तब्दील कर दी थी और इनमें से चार पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे. राज्य सरकार ने इन सभी सात दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया है परंतु इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक इसके लिए केंद्र सरकार की राय भी जरूरी है.

गौरतलब है कि श्रीपेरम्बदूर में एक चुनावी रैली के दौरान 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में राजीव गांधी और 14 अन्य लोगों की मौत हो गई थी. नलिनी को निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी जिसे बाद में राजीव गांधी की पत्नी एवं वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की दया याचिका के बाद आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया गया था.

देशद्रोह के आरोपी कन्हैया को 6 महीने की अंतरिम ज़मानत

Bureau@Navpravah.com

देशद्रोह के आरोपी व जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. अदालत ने कन्हैया को 10000 रुपए के मुचलके पर 6 महीने की अंतरिम जमानत दे दी है.जेएनयू के शिक्षक कन्हैया कुमार की ज़मानत देंगे.

न्यायालय ने कन्हैया के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. जमानत की शर्तों के अनुसार कन्हैया को जांच में पूरा सहयोग देना होगा.

कल सुनवाई के दौरान कन्हैया के वकील ने कहा था कि कन्हैया ने कभी देश विरोधी नारेबाज़ी नहीं की.कन्हैया ने भी इस  मामले में गिरफ्तार अन्य दो आरोपियों उमर खालिद और अनिर्बान भटाचार्य से खुद को बिलकुल अलग कर लिया है.वहां दिल्ली पुलिस की मानें तो कन्हैया और अन्य दोनों आरोपियों के खिलाफ सबूत और गवाह मौजूद हैं कि उन्होंने नारेबाज़ी भी की और वे लोग अफज़ल गुरु के पोस्टर्स भी थामे हुए थे. पुलिस ने कन्हैया पर यह आरोप भी लगाया कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे.

अदालत ने पुलिस से नारेबाज़ी की जगह कार्यक्रम से पहले और बाद की कोई समकालीन रिकॉर्डिंग तलब की है और कन्हैया की सक्रिय भूमिका के लिए सबूत माँगा है.

गौरतलब है कि कल न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में भारत विरोधी नारे लगाने के आरोपी कन्हैया की ज़मानत याचिका पर तीन घंटे की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था.कन्हैया अभी न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में है.

फ्रेंच ओपन सबसे कड़ा टूर्नामेंट-सानिया मिर्ज़ा

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भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के अनुसार फ्रेंच ओपन उनके और उनकी स्विट्जरलैंड की जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के लिए सबसे कड़ा टूर्नामेंट होगा क्योंकि क्ले कोर्ट उनकी पसंदीदा सतहों में से नहीं है.

लगातार तीन ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुकी सानिया और हिंगिस की जोड़ी  अब मई में होने वाले फ्रेंच ओपन में भी जीत की लय बरकरार रखने के लिए भरसक प्रयास करेगी.

सानिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘हमने पिछले तीन ग्रैंडस्लैम जीते हैं.इसलिए हम काफी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं. हालांकि यह हमारी पसंदीदा कोर्ट नहीं है. लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि हम ‘सेंटीना’ स्लैम पूरा कर लेंगे.’’

गौरतलब है कि भारत और स्विट्जरलैंड की इस जोड़ी का 41 जीत का अभियान पिछले हफ्ते कतर ओपन में टूट गया था जब इस दुनिया की नंबर एक महिला युगल जोड़ी को एलेना वेस्नीना और दारिया कसात्कीना की रूस की जोड़ी के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा था.

कन्हैया की ज़मानत पर फैसला आज

 Bureau@navpravah.com

जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की ज़मानत पर दिल्ली हाईकोर्ट आज फैसला सुनाएगी. सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अपना फैसला आज तक के लिए सुरक्षित रख दिया था. ज़मानत पर फैसला दोपहर 2 बजे के बाद आने की संभावना है.

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से ये पूछा था कि क्या उनके पास कन्हैया के ख़िलाफ़ कोई सीसीटीवी फुटेज या अन्य सबूत हैं. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि वीडियो में कन्हैया नारे लगाते हुए नहीं दिख रहे हैं, लेकिन ऐसे गवाह मौजूद हैं जिन्होंने उन्हें नारे लगाते हुए देखा है.

कन्हैया की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया था. कोर्ट ने पूछा था जब 9 फरवरी को नारेबाजी के वक्त सादे कपडों मे पुलिस मौके पर मौजूद थी तो फिर 11 फरवरी को एक न्यूज चैनल की फुटेज के आधार पर FIR क्यों दर्ज की गई ? अदालत ने यह भी पूछा कि क्या कन्हैया ने ही 9 फरवरी के कार्यक्रम का आयोजन किया था और अगर नारे लगाने वाले लोग बाहर से आये थे तो उसके लिए कन्हैया को ज़िम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है?

इस बीच दिल्ली सरकार के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के सामने कन्हैया को जमानत दिए जाने की पैरवी की थी. वहीं कन्हैया कुमार की ओर से दलील दी गई थी कि ना तो वो 9 फरवरी के कार्यक्रम का आयोजक था और ना ही उसने देश विरोधी नारे लगाए, वह तो वहाँ दो पक्षों के बीच झगड़े को सुलझाने के लिए गया था. नारेबाजी बाहर से आए लोगों ने की थी, जिनके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है.

कन्हैया पर देशद्रोह की धारा लगाने से जुड़े प्रश्न पर गृह मंत्रालय ने कहा है कि वो देशद्रोह से जुड़ी धाराओं की समीक्षा कर रही है. लोकसभा में सरकार से पूछा गया है कि सरकार पुलिस की ओर से देशद्रोह कानून के दुरुपयोग को लेकर क्या कर रही है और क्या वो इस कानून पर कोई साफ गाइडलाइन तैयार कर रही है? इस सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा है कि लॉ कमीशन ने 11 दिसंबर 2014 को धारा 124 A पर रिपोर्ट दी है. लॉ कमीशन ने बताया है कि कुछ बिंदुओं पर उनका ध्यान गया है और उनकी समीक्षा के लिए ग्रुप बना दिया गया है.

गौरतलब है कि 9 फरवरी को जेएनयू में एक कार्यक्रम में कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में पुलिस ने कन्हैया को गिरफ़्तार किया था और वो राष्ट्रदोह के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं. इसके अतिरिक्त इसी सिलसिले में गिरफ्तार किए गए छात्र नेता उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को अदालत ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है.

गुडएनफ संग परिणय सूत्र में बंधी प्रीति

Entertainment desk

अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने कल अमेरिका के लॉस एंजेलिस में अपने प्रेमी जीन गुडएनफ के साथ शादी रचा ली. प्रीती की शादी में उनके नज़दीकी दोस्त और परिवार के लोग शामिल थे. गुडएनफ अमेरिका में ही एक पनबिजली कंपनी के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट हैं. इन दोनों की प्रेम संबंधों की चर्चा काफी समय से थी.

अपने परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में कल प्रीती जिंटा ने अपने पारिवारिक जीवन की शुरुआत की. हालाँकि प्रीति ने शादी के बारे में सार्वजनिक रूप से अभी तक कुछ नहीं कहा है लेकिन उनके करीबी दोस्त कबीर बेदी ने उन्हें ट्विटर के ज़रिए बधाई दी. इसके बाद बॉलीवुड से कुछ और फ़िल्मी सितारों ने उन्हें बधाई दी.

कबीर बेदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि मेरी दोस्त प्रीति जिंटा को सिटी ऑफ एंजेल्स लॉस एंजिलिस में जीन से शादी के लिए बधाई, शुभकामनाएं. इसके अलावा प्रीति की करीबी दोस्त सुजैन खान की बहन प्रसिद्ध ज्वैलरी डिजाइनर फराह खान अली ने भी अभिनेत्री को शादी की बधाई दी.जानकारी के मुताबिक़ सुजैन प्रीति की शादी के लिए लॉस एंजिलिस में थीं.

फराह ने ट्वीट किया ‘प्रीति जिंटा तुम्हें शादी की बधाइयां. भारत से बहुत सारा प्यार और शुभकामनाएं. बॉलीवुड से सुष्मिता सेन ने भी प्रीति को शुभकामनाएं दी. प्रीति जिंटा ने ‘दिल से’ से अपने सिनेमाई सफर की शुरूआत की थी. उन्होंने ‘क्या कहना’, ‘वीर जारा’, ‘सलाम नमस्ते’, ‘कल हो ना हो’, ‘संघर्ष’ जैसी कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभायी हैं.

श्रीलंका को हराकर फाइनल में पहुंचे भारतीय शेर

Bureau@navpravah.com

शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम पर खेले गए एशिया कप के सातवें मैच में भारत ने श्रीलंका को पांच विकेट से हराकर फाइनल में एंट्री ले ली है. भारत ने श्रीलंका द्वारा दिए गए 139 रनों के लक्ष्य को 19.2 ओवरों में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया.

भारत के शुरुआती दो विकेट 16 रन पर ही गिर गए थे. इसके बाद कोहली और सुरेश रैना (25) ने तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला. विराट कोहली ने (नाबाद 56) रनों का योगदान देकर जीत में अहम भूमिका निभाई. रैना 70 रनों के कुल स्कोर पर आउट हुए.

कोहली ने फिर युवराज सिंह (35) के साथ चौथे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की. युवराज 121 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे. इसके बाद हार्दिक पांड्या (2) भी जल्दी आउट हो गए. कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी(7) ने कोहली का साथ दिया और टीम को जीत दिलाई.

श्रीलंका की तरफ से नुवान कुलासेकरा ने दो विकेट लिए. दासुन सनुका, थिसिरा परेरा और रंगना हेराथ ने एक-एक विकेट लिया. युवराज सिंह 18 गेंद पर 35 रन बनाकर पवेलियन लौटे थे.  युवराज ने अपनी शानदार पारी में तीन चौके और तीन जोरदार छक्के लगाए.

श्रीलंका ने भारत के सामने 139 रनों का लक्ष्य रखा था. टॉस जीतकर भारत ने पहले बॉलिंग का आप्शन चुना. श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 138 रन बनाए थे. भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका के बल्लेबाजों पर शुरू से ही लगाम कसी थी. गेंदबाजों ने ना सिर्फ रन रोके, बल्कि नियमित अंतराल पर विकेट भी लेते रहे जिससे श्रीलंका की टीम को संभलने का मौका नहीं मिला.

श्रीलंका की तरफ से सबसे ज्यादा 30 रन चमारा कापुगेदरा ने बनाए. उनके अलावा मिलिंदा श्रीवर्धने ने 22 रनों का योगदान दिया. भारतीय टीम की तरफ से जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और रविचंद्रन अश्विन ने दो-दो विकेट लिए. आशीष नेहरा को एक विकेट मिला. दो बल्लेबाज रन आउट हुए थे.

एशिया कप में आज आमने सामने होंगे भारत-श्रीलंका

Bureau@Navpravah.com
एशिया कप में आज भारत का मुक़ाबला श्रीलंका से होना है. बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ लगातार जीत हासिल कर भारत का आत्मविश्वास खूब प्रबल हो गया है और आज वह श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बनाने की पुरज़ोर कोशिश करेगा. यह मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा.

भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के लिए शिखर धवन और रोहित शर्मा का चोटिल होना सबसे बड़ी चिंता का विषय है. दोनों के अगले मैच में खेलने पर संशय बना हुआ है. अगर दोनों टीम से बाहर होते हैं तो धोनी की मुसीबत बढ़ जाएगी. पाकिस्तान के खिलाफ धवन नहीं खेले थे. उनकी जगह अजिंक्य रहाणे ने रोहित के साथ पारी की शुरुआत की थी, लेकिन रहाणे मैच में कुछ नहीं कर पाए थे.

फिर भी  धोनी टीम के प्रदर्शन से बहुत खुश हैं. टीम इस समय हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही है.

टीम की बल्लेबाज़ी से धोनी बेहद संतुष्ट हैं.विराट के शानदार प्रदर्शन और हार्दिक पंड्या के दोनों क्षेत्रों में बढ़िया खेलने से धोनी काफी खुश हैं.गेंदबाजी में भारतीय टीम पहले से ज्यादा मजबूत लग रही है. अनुभवी आशीष नेहरा और युवा बुमराह की जोड़ी भारत के शुरुआती विकेट और अंतिम ओवरों में रन रोकने में कामयाब रही है. स्पिनर रविचन्द्रन अश्विन व रवीन्द्र जड़ेजा भी प्रतिद्वंदी टीम के छक्के छुड़ाने में अहम् भूमिका में हैं.

वहीं श्रीलंका अपने दोनों पहलुओं में कुछ कमज़ोर नज़र आ रही है. उसे एशिया कप के अपने दूसरे मैच में रविवार को बांग्लादेश ने शिकस्त दी थी. भारत के खिलाफ वह किसी भी हालात में जीत दर्ज़  कर खेल में वापसी करने की कोशिश करेगी.

कप्तान लसिथ मलिंगा एक बार फिर चोट के कारण टीम से बाहर हो गए हैं जिससे श्रीलंका की गेंदबाज़ी काफी हद तक प्रभावित होगी. बांग्लादेश के खिलाफ भी वे नहीं खेले थे. रही बल्लेबाज़ी की बात,तो दिनेश चांडीमल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज विकेट पर टिकने में कामयाब नहीं हो पाया है.
मलिंगा की गौरमौजूदगी में टीम के कप्तान चांडीमल होंगे.

गौरतलब है कि पहली बार एशिया कप का आयोजन टी-20 फारमेट में किया गया है. भारत एशिया कप में अपने दोनों मैच जीत कर अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर है. भारत ने एशिया कप से पहले अपने घर में ही श्रीलंका को तीन टी-20 मैचों की श्रृंखला में 2-1 से मात दी थी.

बजट 2016-17 गरीब,किसान,ग्रामीण वर्ग का बजट

AnandDwivedi@Navpravah.com

वित्त मंत्री जेटली का बजट मध्यम वर्ग के लिए भले ही कोई ख़ास सौगात न लाया हो, लेकिन किसानों के लिए किसी गिफ्ट हैम्पर से कम नहीं है. बजट में गाँव, किसान, खेती, ढांचागत सुविधाओं के विकास और कमजोर तबके को जबरदस्त राहत दी गई है. मोदी सरकार ने 2022  तक किसानों की आय दोगुनी करने को दृष्टि रखते हुए कृषि व् किसान कल्याण के लिए 35984 करोड़ रखे हैं और ग्रामीण विकास के लिए 87765 करोड़.

हालांकि कुछ लोग इसे रॉबिनहुड सरकार का बजट भी कह रहे हैं जो अमीरों की तिजोरियों से निकालकर गरीब,किसान तबके को राहत पहुंचाने की कवायद है. सरकार का फोकस आगामी चुनावों पर भी है.

आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला के अनुसार, “ वित्त मंत्री के लिए यह बजट भारी परेशानी झेल रहे कृषि क्षेत्र और इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार की जरूरत को वित्तीय अनुशासन के साथ पूरा करने की दृष्टि से बेहद संतुलित काम था. ग्रामीण भारत पर उन्होंने सही ढंग से फोकस किया है. चाहे कृषि उत्पादन बढ़ाने , कृषि आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिफिकेशन, डिजिटल लिटरेसी, जॉब क्रिएशन,का सवाल हो,सभी क्षेत्रों को, उन्होंने पर्याप्त तवज़्ज़ो दी है. इसका संकेत पिछली सरकार की योजना (मनरेगा) को मौजूदा सरकार द्वारा भी पर्याप्त उत्साह के साथ जारी रखते हुए अब तक के सर्वाधिक 38500 करोड़ रुपये आवंटित करने से मिलता है.”

विपक्ष ने इसे धोखे का बजट भले ही ठहराया हो लेकिन देखा जाए तो इसके दूरगामी परिणाम सामने आयेंगे. ऐसे बजट को Populist Budget कहा जाता है जिसमें उस तबके को आराम दिया जाए जिसकी स्थिति पिछले समय में बदतर होती आई हो.

जेटली के बजट की झलकियाँ:

सर्विस टैक्स 14.5 से बढ़कर 15% हुआ. जिसमें 0.5 % कृषि कल्याण सेस लगाया गया है जिसका आम जनता पर कुछ खासा बोझ नहीं पड़ेगा. उत्पाद शुल्क भी बढ़ा दिया गया है.

हीरे-सोने के जेवरात, 1000 रूपये तक के ब्रांडेड कपड़े छोड़कर,सभी तम्बाकू उत्पाद,हवाई सफ़र,बैंकिंग सेवा,बीमा पॉलिसी, रेस्तरां में खाना,मिनरल वाटर,प्लास्टिक बैग,क्रेडिट-डेबिट कार्ड धारण करना,कैब-टैक्सी सेवा, ब्यूटी पार्लर जाना, मल्टीप्लेक्स में फ़िल्में देखना,जिम जाना, ई-रेल टिकट, मोबाइल बिल्स पर मंहगाई की गाज गिरी.

आईटी सेक्टर से जुड़ी सामग्रियों पर से 10 % का बुनियादी उत्पाद शुल्क हटा लिया गया है.
निरामय स्कीम के तहत जनरल इंश्योरेंस पर छूट मिली, जूते-चप्पल, सोलर लैंप, राउटर, ब्रॉडबैंड मॉडेम, सेटटॉप बॉक्स, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर, सीसीटीवी कैमरा, इलेक्ट्रिक वाहन, रेफ्रीजरेटेड कंटेनर्स, माइक्रोवेव ओवेन्स, सेनिटरी पैड्स, दिव्यान्गों के उपकरण, ब्रेल पेपर, देश में बने मोबाइल, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सस्ते हुए हैं.

कारोबारी वर्ग के लिए, आयकर ऑडिट में छूट 1  करोड़ रुपये टर्नओवर से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की हो गई है . इसका देशभर के तकरीबन 33 लाख छोटे व् मध्यम उद्यमियों को लाभ मिलेगा. MSME श्रेणी वाले उद्यमियों को भी लाभ मिलेगा.

5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली कम्पनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स 1 प्रतिशत घटा दिया गया, जो अब 30% से 29% हो गया है.

नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर कॉर्पोरेट टैक्स 25%  (मय सेस व सरचार्ज), अगर वो मुनाफ़े,निवेश से जुड़ी कोई कटौती का दावा न करें.

साथ ही मध्यम वर्ग के लिए ईपीएफ खाते से रकम निकालने पर 60% राशि पर टैक्स देना होगा. बाकी 40% टैक्स फ्री है. इसमें टीडीएस की सीमा 30000से बढ़ाकर 50000 रूपये की गई.

स्टार्टअप के लिए जेटली सौगात लेकर आए हैं. अप्रैल 2016 से मार्च 2019 के बीच शुरू होने वाले स्टार्टअप को पांच में से तीन वर्ष के मुनाफ़े पर 100% कर छूट.

स्टार्टअप कम्पनियों का पंजीकरण एक दिन में होगा.

कालाधन वालों को 45% पेनाल्टी देकर अपना धन वाइट मनी में कन्वर्ट करना होगा. इसके लिए विशेष खिड़की1 जून से 30 सितम्बर 2016 तक खुली रहेगी. इसमें 30% टैक्स ,7.5% पेनाल्टी शामिल होगी. इस योजना में कालाधन जाहिर करने वालों पर ना ही कोई मुकदमा चलेगा और न ही कोई जांच की जायेगी.

होमलोन वालों के लिए भी काफी राहत है. पहली बार मकान खरीदे जाने पर 35 लाख रुपये तक के लोन पर 50हजार सालाना की ब्याज छूट मिलेगी. लेकिन मकान की कीमत 50 लाख से ज्यादा न हो. साथ ही 60 वर्गमीटर (324वर्गफीट) तक के फ्लैट पर सर्विस टैक्स में छूट.

व्यक्तिगत टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ, बल्कि 5 लाख रुपये तक की आय वालों को 3000 रूपये की छूट दी गई है. पहले ये छूट 2000 रुपये थी. अब कुल छूट 5000 रूपये की हो गई है. इससे २ करोड़ आयकरदाताओं को ये लाभ मिल सकेगा.

किराये के मकानों में रहने वालों नौकरीपेशा,व्यावसायिक लोगों को मकान भत्ते पर 60 हजार रूपये की छूट होगी. अभी तक ये सीमा 24 हजार रुपये थी. ये छूट उन्हीं लोगों के लिए है जिन्हें कम्पनी या एम्प्लायर की ओर से कोई मकान भत्ता नहीं मिलता है.

अमीर वर्ग के लिए ये बजट भारी भरकम साबित हुआ. लेकिन उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए ये मामूली सा ही भार होगा. दस लाख से अधिक की लग्जरी कार पर 1% एक्स्ट्रा टैक्स होगा.

पेट्रोल,एलपीजी,सीएनजी, की छोटी कारों पर 1%, डीजल कारों पर 2.5% और एसयूवी क्लास कारों पर 4% इन्फ्रा सेस लगेगा.
साथ ही 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों को अब 12% की जगह 15% सरचार्ज देना होगा.

घोषणाएं:

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ ऐसी घोषणाएं भी कीं जिन्हें एक विकासशील सरकार का सकारात्मक कदम मान सकते हैं, जैसे स्कूल-कॉलेज को डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा,2018 तक देश के हर गाँव को बिजली मुहैया करवाई जाएगी,देश के हर जिला हस्पताल में डायलिसिस यूनिट्स इंस्टाल की जाएँगी, अब छोटी दुकानें भी सप्ताह में सातों दिन खुल सकेंगी, जैसा की बड़े माल्स में होता है. नए कर्मचारियों के 3साल के शुरुआती पीएफ को सरकार भरेगी, साथ ही परिवार का हेल्थ बीमा और भी बहुत कुछ.

बजट विशेष:

=> ये बजट कुल 19.78 लाख करोड़ रुपये का है.
=> वित्त मंत्री जेटली ने बजट अभिभाषण में कुल 37 बार निवेश शब्द तथा 20 बार विकास शब्दों का इस्तेमाल किया.   => किसान और कृषि शब्द क्रमशः 32 व् 24 बार बोले गए.
=> बजट भाषण 12500 शब्दों का रहा. 1991 में जब देश गहन आर्थिक संकट से गुजर रहा था , तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह जी ने 18900 शब्दों का भाषण पढ़ा था.

प्रधानमन्त्री मोदी ने इसे गाँव व गरीब का बजट कहा.
इस बजट का पूरा फोकस गाँव,गरीब और किसान पर ही है ऐसा कहना कुछ गलत नहीं होगा. माध्यम वर्ग भले ही इस बजट से नाखुश हो लेकिन उन्हें एक बात समझ लेनी चाहिए कि देश में सर्वाधिक किसान वर्ग भुखमरी,बदहाली का शिकार होता आया है. उत्पादक क्षमता में भारी गिरावट इसका परिणाम है,जिसके कारण मंहगाई भी बढ़ती है. अगर किसान वर्ग संपन्न होगा तो उसकी उत्पादकता पर असर पड़ेगा, चीजें आने वाले समय में अपनेआप सस्ती होती जायेंगी. इसी दूरंदेशी परिणाम को ध्यान में रखते हुए ये बजट बनाया गया है, जिससे मध्यम वर्ग, और अमीर वर्ग नाराज़ भी है. मध्यम वर्ग को बजट में जिन अच्छे दिनों के जादू का इंतज़ार था वो उन्हें नहीं मिल सका.

मोदी सरकार पर धनकुबेरों पर मेहरबान होने का आरोप लगाने वालों की बोलती भी बंद हुई है. व्यापारी वर्ग से अधिक तवज्जो इस बजट में देश के गरीब,किसान,ग्रामीण वर्ग को दी गई, ये एक अच्छी बात है.

संसद में आज दोनों शिक्षा मंत्रियों के ख़िलाफ़ हंगामे की पूरी संभावना

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संसद के बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्रालय के दो मंत्रियों को लेकर संसद का माहौल आज खूब गर्म रहने की संभावना है. रोहित वेमुला पर स्मृति ईरानी के बयान को लेकर एक ओर विपक्ष ने पहले ही से हंगामा खड़ा किया हुआ है, दूसरी ओर शिक्षा राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया भी हत्या के बदले हत्या के बयान को लेकर विवाद में घिर गए हैं. शिक्षा राज्य मंत्री के विवादित बयान पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और एमआईएम अध्यक्ष ओवैसी ने कड़ी आपत्ति जताई है. हालांकि कठेरिया का दावा है कि उन्होंने ऐसा बयान नहीं दिया था. इसी मुद्दे पर दोनों सदनों में आज कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हुआ और कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया.

राज्यसभा में विपक्षी दलों ने शोधार्थी रोहित वेमुला की आत्महत्या मुद्दे पर मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा संसद में की गयी टिप्पणियों पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. विपक्षी दलों का कहना है कि स्मृति ईरानी ने संसद में 5 जगह गलत तथ्य पेश किए हैं और  जान बूझकर सबको गुमराह किया है. जेडीयू सांसद केसी त्यागी और केटीएस तुलसी ने शनिवार को ही नोटिस दे दिया है. लेफ्ट और कांग्रेस की ओर से भी नोटिस दिया गया है.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने सोमवार को स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था. जब वित्तमंत्री अरुण जेटली वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश करने के लिए खड़े हुए,विपक्षी पार्टियों ने  लोकसभा में हंगामा खड़ा कर दिया.कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल खड़े हो गए और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से  एचआरडी मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव के विषय में पूछताछ शुरू कर दी

वेणुगोपाल ने कहा, “आम बजट के दिन ऐसा करना मेरे लिया दुखद है. मैंने एचआरडी मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया है.” इसके बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे व पार्टी के अन्य सदस्य भी खड़े हो गए और उन्होंने उस नोटिस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. इस पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने आपत्ति जताते हुए कहा, “बहुत ही घटिया राजनीति की जा रही है. ये सब रेकॉर्ड में नहीं जाना चाहिए.”

शोरगुल के बीच महाजन ने उत्तेजित सदस्यों से अनुरोध किया कि हंगामा न करें और मंत्री को बजट पेश करने दें. महाजन ने कहा, “मुझे 26 और 29 फरवरी को स्मृति ईरानी के खिलाफ नोटिस मिला है. वह मामला मेरे पास विचारार्थ है.”

नितीश के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी बधाई

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बिहार के सीएम नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौके पर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके उनकी लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना की है. वहीं ट्वीटर पर नीतीश कुमार ने आम बजट 2016 को लेकर केंद्र सरकार पर ढेरों फब्तियां कासी हैं.

बिहार चुनाव के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच जमकर जुबानी जंग हुई थी. हालांकि, इसमें बीजेपी की शिकस्त हुई थी और नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव की मदद से फिर बिहार के मुख्यमंत्री बन गए.

नितीश और मोदी की नोक झोंक तो हमेशा से ही चर्चा का विषय होती है.लेकिन कमाल तो तब हुआ जब पिछले दिनों मोदी के औचक पाकिस्तान दौरे को लेकर देशभर में विपक्ष ने जहां विरोध जताया वहीं नीतीश ने उनका समर्थन किया था. लालू ने भी मोदी का विरोध किया था, उसके बावजूद नितीश ने पकिस्तान दौरे के लिए मोदी का समर्थन किया.

नीतीश कुमार का जन्म पटना-बख्तियारपुर के गांव कल्याणबिगहा में 1 मार्च 1951 को हुआ था. नितीश कुमार आज 65 वर्ष के हो गए.नीतीश ने जेपी आंदोलन के साथ अपना नाता जोड़ा और केंद्र में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. बिहार में उनकी छवि एक ईमानदार नेता की है.

गौरतलब है कि एनडीए ने जब नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया था, नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो गए थे.