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Friday, September 11, 2026
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यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया: गोली चलाने वाला शख़्स था एक भारतीय अमेरिकी

ब्यूरो,

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिलिस में कल हुई गोलीबारी के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। गोली चलाने वाला शख़्स एक भारतीय अमेरिकी था। वह आईआईटी ग्रेजुएट था। उसने पहले एक प्रोफेसर को गोली मारी फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’ के मुताबिक आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे सरकार ने कल आत्महत्या करने से पहले यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिलिस (यूसीएलए) के एक छोटे कार्यालय में प्रोफेसर विलियम क्लुग की गोली मार कर हत्या कर दी। इस पूर्व शोधछात्र के पास से एक ‘किल लिस्ट’ भी बरामद की गयी है। मैनक ने प्रोफेसर पर अपना कंप्यूटर कोड चुराकर उसे किसी दूसरे को देने का आरोप लगाया था।

10 मई को सरकार ने लिखा था, “जब आप एक प्रोफेसर के बारे में सोचते हैं, तो यूसीएलए प्रोफेसर विलियम क्लुग उस तरह के नहीं हैं। वह बहुत ही बीमार व्यक्ति हैं। यूसीएलए आने वाले प्रत्येक नए छात्र से, मैं इस व्यक्ति से दूर रहने का आग्रह करता हूं।” अखबार ने कहा है कि 39 वर्षीय क्लुग मैकेनिकल एवं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर थे और महीनों से सोशल मीडिया पर सरकार के गुस्से के निशाने पर थे।

callifornia killing

गोलीबारी के बाद कैंपस को पूरी तरह से बंद कर फेडरल एजेंट्स सहित सैकड़ों पुलिस अधिकारियों को वहां तैनात कर दिया गया था। आत्महत्या को अंजाम देने वाले ने अपने मिनेसोटा स्थित घर पर एक ‘हत्या सूची’ छोड़ी थी, जिससे अधिकारियों को एक महिला का शव बरामद करने में मदद मिली। स्थानीय मीडिया के अनुसार पुलिस प्रमुख चार्ली बेक ने बताया कि मैनक सरकार (38) दो बंदूकों के साथ यूसीएलए पहुंचा था और प्रोफेसर बिल क्लुग की हत्या की और फिर खुद की जान ली।

उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों ने सरकार के घर की तलाशी ली तो उन्हें ‘हत्या सूची’ मिली, जिनमें एक और प्रोफेसर एवं एक महिला का नाम था। इस महिला का शव मिनेसोटा के निकट बरामद किया गया। दूसरा प्रोफेसर सही-सलामत है। पुलिस इस मामले को मानसिक मुद्दे के तौर पर भी देख रही है।

गौरतलब है की हत्या और आत्महत्या की यह घटना कल सुबह करीब 10 बजे यूसीएलसी परिसर के इंजीनियरिंग स्कूल में हुई। यूनिवर्सिटी में पूरे दिन की सभी कक्षाएं रद्द कर दी गईं। यूसीएलए कैंपस में 43000 छात्र पंजीकृत हैं।

कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में चली गोली, दो की मौत

ब्यूरो,

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के यूसीएलए(लॉस एंजिलिस) परिसर में बुधवार को हुई गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के घायल होने की आशंका है। फायरिंग के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कैंपस को कुछ घंटों के लिए बंद करा दिया।

यहाँ छात्रों ने हेल्थ सेंटर के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। पुलिस का सघन तलाशी अभियान जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहाँ हत्या-आत्महत्या की वजह से दो लोगों की मौत हो गई जिसके बाद संस्थान को बंद कर दिया गया और बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

लॉस एंजिलिस पुलिस प्रमुख चार्ली बेक ने कहा कि कैम्पस के एक कार्यालय में कम से कम तीन गोलिया चलाई गईं और मौके से एक बंदूक भी बरामद की गई। अब तक दो लोग मिले जिनकी गोली लगने से मृत्यु हो गई।

बेक ने कहा कि सुबह करीब 10 बजे यह घटना इंजीनियरिंग स्कूल के बोएलटेर हॉल में हुई। इससे पहले पुलिस की प्रवक्ता जेनी हाउसर ने एएफपी को बताया कि अभी दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और अब तक मृतकों की पहचान स्पष्ट नहीं हुई है।

पुलिस की दर्जनों कारें और टीमों को परिसर में भेजा गया तथा सभी छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए। इस परिसर में लगभग 43,000 छात्र पढ़ते हैं।

दोबारा गवर्नर नहीं बनना चाहते राजन!

अमित द्विवेदी,

रिजर्व बैंक के मौजूदा गर्वनर रघुराम राजन के दूसरे कार्यकाल को लेकर अब भी आशंका बनी हुई है। यह तय नहीं हो पाया है कि उनका कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या नहीं। इस उतार चढ़ाव के बीच खबरें आ रही हैं कि राजन स्वयं अपने कार्यकाल का विस्तार नहीं चाहते हैं।

राजन का कार्यकाल बढ़ाने की चर्चा के बीच राजन एक बार कह भी चुके हैं कि उनसे उनकी राय पूछी जाए कि वे क्या चाहते हैं। ख़बरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली रघुराम राजन का सेवा विस्तार चाहते हैं, परंतु खुद राजन ऐसा नहीं चाहते।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार रघुराम राजन के करीबी सूत्रों के मुताबिक राजन ने केंद्र सरकार से कहा है कि कार्यकाल पूरा होने के बाद वे अमेरिका वापस जाना चाहते हैं और फिर से अमेरिका की कोई यूनिवर्सिटी ज्वाइन कर, वहां से इंडियन इकोनॉमी पर रिसर्च करना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि रघुराम राजन के समर्थन में कई जाने-माने उद्योगपति आए थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि उनके ऊपर निजी हमले नहीं होने चाहिए। रघुराम राजन के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि महंगाई दर में कमी और रुपए का डॉलर के मुकाबले एक हद तक मजबूती को बरकरार रखना है।

पूर्व वित्तमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम राजन का बचाव करते हुए कह चुके हैं कि यूपीए सरकार ने सबसे प्रतिभाशाली अर्थशास्त्रियों में से एक को गवर्नर बनाया था।

गौरतलब है कि रघुराम राजन के दूसरे कार्यकाल को लेकर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल उठाए थे। स्वामी ने कहा था राजन दिमागी रूप से अमेरिकी हैं। उन्होंने कहा था कि रघुराम राजन ने एमएनसी कंपनियों को फायदा पहुंचाया है उनकी नीतियों से कृषि और लघु उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। उनके द्वारा तय की गयी नीतियों से नौकरियों की संख्या में कमी आयी है। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी एक से अधिक बार राजन की आलोचना कर चुकी हैं।

नहीं रहे गोल्डेन भाई ‘रज़्ज़ाक’

एंटरटेनमेंट डेस्क,
बादशाह फिल्म में मानिकचंद किरदार के नाम से मशहूर बॉलीवुड  कॉमेडियन एक्टर रज़्ज़ाक खान का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। उन्होंने बुधवार सुबह 12.30  बजे आखिरी सांस ली। अटैक के तुरंत बाद उन्हें बांद्रा के हॉली फॅमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गोल्डन भाई के नाम से जाने जानेवाले रज़्ज़ाक हैलो ब्रदर, हंगामा और हेरा फेरी, क्या कूल हैं हम सहित कई सुपरहिट फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
रज्जाक खान ने 1993 में फिल्म ‘रूप की रानी चोरों का राजा’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। ये फिल्म दर्शकों ने काफी पसंद की थी जिसमें श्रीदेवी और अनिल कपूर मुख्य भूमिका में थे।वर्ष 2014 में रज़्ज़ाक ‘कॉमेडी नाईट विथ कपिल’ में भी नज़र आए थे।
उनके दोस्त एक्टर शहजाद खान ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, “कार्डियक अरेस्ट के चलते मैंने अपने बड़े रज़्ज़ाक भाई को खो दिया। उनके लिए प्रार्थना करें।” रज़्ज़ाक खान का अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे मुम्बई में ही किया जाएगा। उनका बेटे आज़ाद खान का इंतज़ार किया जा रहा है ,जो क्रोएशिया में नौकरी करते हैं।
रज़्ज़ाक खान फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘मोहरा’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘हसीना मान जाएगी’, ‘बादशाह’, ‘क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता’, ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ सहित 90 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों को लोटपोट कर चुके हैं। रज़्ज़ाक खान की आखिरी फिल्म 2014 में आई एक्शन-जैक्शन थी।

पेट्रोल डीज़ल के बढ़े दाम

प्रमुख संवाददाता, 

आज से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। पेट्रोल के दाम जहां 2.58 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए हैं वहीं डीजल की कीमतों में 2.26 रुपए प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है।

देश के बड़े शहरों में देखें तो कोलकाता में पेट्रोल 68.46 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में 70.18 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में 65.04 रुपए प्रति लीटर तक जा पहुंचे हैं। वहीं डीजल के दाम देखें तो कोलकाता में डीजल 56.13 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में 59.21 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में 55.44 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। दिल्ली में आज की 2.58 रुपये की बढ़त के बाद पेट्रोल 65.60 रुपए प्रति लीटर हो गया है। वहीं डीजल के दाम दिल्ली में 53.93 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

तेल मार्केटिंग कंपनियां हर 15 दिनों में अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम में उतार चढ़ाव का आकलन करती हैं और इसके आधार पर घरेलू बाजार में तेल के दामों में कटौती या बढ़ोतरी करतीं हैं। पिछली बार भी कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की थी. इससे पहले 16 मई को पेट्रोल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा किया गया था और डीजल के दाम में 1 रुपये 26 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम फिर से बढ़ने के बाद गुरुवार को 7 महीने में पहली बार कच्चे तेल की कीमत 50 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। इसके बाद तय माना जा रहा था कि ईंधन कीमतें देश में बढ़ेंगी।

दादरी काण्ड में गिरफ्तार सभी आरोपियों को रिहा किया जाए – योगी आदित्यनाथ

प्रमुख संवाददाता,

दादरी काण्ड का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नज़र आ रहा है। जांच रिपोर्ट में अख़लाक़ के घर में बीफ मिलने की पुष्टि के बाद गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने इस हत्या के केस में गिरफ्तार 18 आरोपियों की रिहा करने की मांग की है। यही नहीं आदित्यनाथ ने अखलाक के परिवार से मुआवजा और फ्लैट वापस लेने की भी मांग की है।

उल्लेखनीय है कि मथुरा फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अख़लाक़ के घर से जो मांस मिला था, वो बीफ ही था। कोर्ट के आदेश के बाद फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट को मंगलवार को सार्वजनिक किया गया था। रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद से राजनेताओं की ज़ुबानी रस्साकसी दोबारा शुरू हो गई।

आदित्यनाथ ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस जांच रिपोर्ट ने धर्मनिरपेक्षता और विपक्षी दलों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट आने के बाद अब आरोपियों के परिवार का कहना है कि पूरे मामले की नए सिरे से सीबीआई जांच की जाए और असल अपराधियों के खिलाफ़ गोहत्या का मामला दर्ज़ किया जाए।

गौरतलब है कि दादरी में हुई घटना में अख़लाक़ नामक एक शख्‍स की मौत हो गई थी, जिसके बाद हत्या के आरोप में 18 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दादरी की घटना को असहिष्णुता और बीफ बैन से जोड़कर काफी विरोध किया गया था। इतना ही नहीं मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए साहित्यकारों और फिल्म मेकर्स समेत कई लोगों ने सरकारी अवॉर्ड लौटाए थे और इसका एक क्रम बन गया था। घटना के बाद गांव में कई दिनों तक तनाव के हालात रहे थे जिसके बाद यहां पीएसी की कंपनी तैनात करनी पड़ी थी। अखिलेश सरकार ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये के मुआवजे का एलान भी किया था।

अब फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह साबित हो गया है कि दादरी के बिसहाड़ा की हुई घटना में मारे गए अख़लाक़ के घर में जो मांस था वह बीफ ही था। कानूनन उत्तर प्रदेश में बीफ काटने पर पाबंदी है लेकिन यदि कोई बाहर से लाकर बीफ खाता है तो उसपर कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा की दादरी काण्ड के बाद असहिष्णुता के नाम पर छाती पीटकर रोनेवालों की ज़ुबान खुलती है या नहीं।

खर्च के बोझ से और दब जाएगा आम आदमी, सेवा कर में हुई वृद्धि आज से लागू

प्रमुख संवाददाता,

आज से आपकी जेब पर खर्च का बोझ और बढ़ जाएगा क्योंकि आज से सर्विस टैक्स में इजाफे के चलते कई चीजें महंगी हो जाएँगी परंतु कई राहत देनेवाले नियम भी आज से लागू हो रहे हैं।

एक ओर आज, 1 जून से सभी सेवाओं पर आधा फीसदी कृषि कल्याण सेस लागू हो रहा है। इससे सर्विस टैक्स 14.5 प्रतिशत से बढ़कर 15 फीसदी हो जायेगा। रेस्तरां में भोजन, मोबाइल, रेल-हवाई टिकट आदि महंगे हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त वित्त मंत्रालय बजट में घोषित गूगल टैक्स के नाम से मशहूर इक्वलाइजेशन लेवी भी आज से लागू करने जा रहा है।

दूसरी ओर सरकार ने कुछ राहत भी दी है। 50 हजार तक की पीएफ निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही डेबिट/क्रेडिट कार्ड से टिकट बुकिंग पर 30 रुपये का सर्विस चार्ज अब नहीं लगेगा। खुशखबरी यह भी है कि सरकार ने दो लाख रुपये तक के आभूषणों की खरीद पर एक फीसदी टैक्स लगाने के फैसले को भी वापस ले लिया है।

घूमना और खाना भी मंहगा-

सर्विस टैक्स 15 फीसदी हो जाने से मोबाइल पर बातचीत, रेस्तरां में खाना, हवाई यात्रा से लेकर घर की बिजली भी महंगी हो जाएगी। एक जून व उसके बाद एसी क्लास का टिकट लेने वालों को भी कृषि सेस देना होगा। अर्थात पहले जहां कुल किराए पर टैक्स 4.35 फीसदी लगता था, वहीं एक जून से यह 4.50 फीसदी होगा।

वित्त मंत्रालय ने इस बार बजट में घोषित गूगल टैक्स के नाम से मशहूर इक्वलाइजेशन लेवी आज से लागू करने का आदेश दिया है। अब से देश के कारोबारियों की ओर से विदेशी ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडरों, मसलन गूगल, याहू, ट्विटर, फेसबुक आदि को दिए ऑनलाइन ऐड के लिए भुगतान की गयी राशि पर छह प्रतिशत लेवी वसूली जाएगी बशर्ते भुगतान की राशि पूरे वित्त वर्ष में एक लाख रुपए को पार कर जाए। भारत दुनिया का पहला देश है, जो इक्वलाइजेशन लेवी लागू कर इस ऑप्शन का इस्तेमाल करेगा।

इसके साथ ही आयकर विभाग एक जुलाई 2012 से 2.0 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सर्राफा की और पांच लाख रुपये से अधिक के आभूषणों की खरीद पर एक प्रतिशत टीसीएस लगा रहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में दो लाख रुपए से अधिक मूल्य की वस्तुओं तथा सेवाओं की खरीद पर एक प्रतिशत टीसीएस लगाने का प्रस्ताव किया था। इसी के कारण देश भर के ज्वेलरी विक्रेताओं ने 45 दिनों की हड़ताल की थी।

अख़लाक़ के घर से मिला मांस बीफ ही था! फॉरेंसिक जांच से हुई पुष्टि

अनुज हनुमत,

उत्‍तर प्रदेश के दादरी स्‍थित बिसाहड़ा गांव में कथित बीफ खाने की अफवाह के बाद उग्र भीड़ के हाथों मोहम्‍मद अखलाक की हत्‍या मामले में फॉरेंसिक विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। मंगलवार को आई फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात के दिन अखलाक के घर में बीफ ही पकाया जा रहा था।

अखलाक के फ्रीज में रखे मीट के सैंपल की जांच से साफ हो गया है कि वह बीफ ही था। इससे पहले उत्‍तर प्रदेश पुलिस की चार्जशीट में कहा गया था कि अखलाक के घर से मिला मीट गाय का नहीं बल्कि बकरे था।

इससे पहले उत्‍तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट में सैंपल बकरी के मांस का बताया गया था, जो अब झूठी साबित हुई है। मथुरा फॉरेंसिक लैब की ये जांच रिपोर्ट अप्रैल, 2016 में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सबमिट हुई थी।

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मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा के बिसहेड़ा गांव में पिछले साल 28 सितंबर को गौ मांस खाने की अफवाह में भीड़ ने 50 साल के अखलाक की पीटकर हत्‍या कर दी थी। साथ ही भीड़ ने उसके बेटे दानिश को पीटकर अधमरा कर दिया था।

कई दिनों तक यह मुद्दा राष्ट्रीय मीडिया के केंद्र में रहा और यहां नेताओं का हुजूम लगने लगा था। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या और उससे सम्बंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

अफ्रीकी विद्यार्थी मामले में बोलीं सुषमा, कहा अफवाहें न फैलाएं

ब्यूरो,

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अफ्रीकी स्टूडेंट्स पर हमले की घटना को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेस किया। इससे पहले उन्होंने अफ्रीकी छात्रों के एक प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की। प्रेस कॉन्फ्रेस में विदेश मंत्री ने मीडिया को बताया कि जिन जगहों में अफ्रीकी स्टूडेंट्स की संख्या ज्यादा है, वहां जागरूकता के लिए कार्यक्रम शुरू करेंगे, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

सुषमा ने जनता व मीडिया से इस हमले को नस्लीय जामा न पहनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट है कि भारतीय नागरिक जो घटनास्थल पर मौजूद थे, उन्होंने ओलिवर को बचाने की हर संभव कोशिश की थी।

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सुषमा स्वराज ने कहा कि” जिस दिन यह घटना हुई, मैंने एलजी से रिपोर्ट मांगी और मुझे बताया गया कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक मां होने के नाते मैं कॉन्गो स्टूडेंट (ओलिवर) के माता पिता का दर्द समझ सकती हूँ, जिन्होंने विदेशी जमीन पर अपना बेटा खोया है।” उन्होंने कहा, “ओलिवर की मौत नस्लीय हमला नहीं है, इसे इस तरह देखे जाने की जरूरत नहीं है। मैंने अफ्रीकी स्टूडेंट्स के प्रतिनिधि मंडल और दो नेताओं से मुलाकात की, उनसे कहा कि घटना न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि कष्टप्रद भी है। मैंने उन्हें यह बताने की कोशिश की कि घटना बड़ी है, लेकिन यह नस्लीय भेदभाव का मामला नहीं है।”

इससे पहले सोमवार को विदेश सचिव एस. जयशंकर ने कहा था कि अफ्रीकी नागरिकों की सुरक्षा करना और उनमें भरोसे को बरकरार रखना सरकार की जिम्मेदारी है। विदेश सचिव ने भी सोमवार को अफ्रीकी छात्रों के एक समूह से मुलाकात की थी। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी इस वक्त मोरक्को की यात्रा पर हैं। उन्होंने वहाँ कहा कि अफ्रीकी छात्रों पर हमला निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।

गौरतलब है कि 20 मई को कांगो के नागरिक मसोन केटांडा ओलीवर की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, छतरपुर इलाके में गुरुवार रात कुछ अफ्रीकी नागरिकों पर कथित तौर पर हमले हुए। पीड़ित के मुताबिक, यह एक नस्लीय हमला था।

शहंशाह नहीं हैं मोदी -सोनिया गांधी

ब्यूरो,

मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के जश्न की लंबी कड़ी देखकर अब तक मौन रही कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने अपना मौन तोड़ा है। सोनिया गांधी ने केन्द्र सरकार द्वारा मनाए जाने वाले जश्न पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मोदी प्रधानमंत्री हैं, कोई शहंशाह नहीं। उनके मंत्री अपनी दूसरी वर्षगांठ का जश्न उसी तरह मना रहे हैं, जैसे किसी शहंशाह के लिए मनाया जाता है।

अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन डलमउ पहुंची सोनिया ने संवाददाताओं से बातचीत में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने और उनके मंत्रियों के जश्न मनाने के सवाल पर कहा “मैंने ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा। देश में गरीबी, सूखा और भ्रष्टाचार है। किसान परेशान हैं, ऐसे में मुझे नहीं लगता कि इस तरह के जश्न मनाना सही बात है।”

इसके पूर्व सोनिया ने नगर पंचायत बोर्ड की बैठक के बाद नवनिर्मित नगर पंचायत भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान डलमउ कस्बे में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस केन्द्र के निर्माण में एक मेला प्रांगण की कुछ जमीन शामिल होने का विरोध कर रहे लोगों ने सोनिया को नारे लिखी तख्तियां दिखायीं और नारेबाजी भी की।

अपने दामाद राबर्ट वाड्रा के लन्दन स्थित ‘बेनामी’ आवास के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर सोनिया ने कहा ” यह भी हमारे परिवार के खिलाफ षड्यंत्र है। ये लोग रोज कुछ ना कुछ बहाना बनाते हैं। अगर यह आरोप सच है तो बिना भेदभाव के जांच करा ली जाए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”

अपने परिवार पर लगातार लगाये जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को साजिश करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का अभियान भी हमारे खिलाफ एक षड्यंत्र है।