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Monday, August 3, 2026
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मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर सड़क दुर्घटना में 17 की मौत

प्रमुख संवाददाता,

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर आज सुबह सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 33 लोग गंभीर रुप से घायल भी हो गए हैं , जिनका इलाज नवी मुंबई के एमजीएम अस्पताल में चल रहा है। दुर्घटना रविवार सुबह क़रीब तीन बजे पनवेल के पास हुई।

पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार पुणे से मुंबई की ओर जा रही एक मारुती स्विफ्ट कार का टायर पनवेल के करीब पंक्चर हो गया था। इस कार के यात्रियों की मदद के लिए पीछे से आ रही एक इनोवा कार उनकी मदद के लिए वहां रुकी। जब ये लोग स्विफ्ट कार का टायर बदल रहे थे तो सातारा से मुंबई जा रही एक प्राइवेट लक्ज़री बस ने दोनों कारों को पीछे से टक्कर मार दी। इस भिड़ंत के बाद बस और इनोवा कार 20 फ़ुट गहरी खाई में जा गिरीं और इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई।

मृतकों में 10 महिलाएं, 6 पुरुष और एक छह महीने का बच्चा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई पुलिस और हाई वे पुलिस की टीमें एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंची और वहां राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

फ्रेंच ओपन फाइनल: कांटे की टक्कर में जीते पेस, हारीं सानिया

ब्यूरो,

फ्रेंच ओपन के मिक्सड डबल्स फाइनल की कड़ी टक्कर में लिएंडर पेस और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने दूसरी वरीयता प्राप्त सानिया मिर्जा और इवान डोडिग की जोड़ी को 4-6,6-4 और 10-8 से हरा दिया।

भारत के दोनों दिग्गज खिलाड़ी पेस और सानिया फ्रेंच ओपन के फाइनल में आमने सामने की टीमों में थे। पेस और उनकी स्विट्ज़रलैंड की साथी हिंगिस ने सानिया और उनके क्रोएशिया के  जोड़ीदार इवान डोडिग की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी से पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करके 4-6, 6-4, 10-8 से जीत दर्ज की।

लिएंडर पेस ने पहली बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है, हालांकि यह उनका 18वां ग्रैंडस्लैम खिताब है। लिएंडर और मार्टिना की जोड़ी ने अब तक तीन ग्रैंडस्लैम जीते हैं। उन्होंने 10 मिश्रित और 8 युगल खिताब जीते हैं। पेस और हिंगिस ने पिछले साल विंबलडन और यूएस ओपन के अलावा इस साल के शुरू में आस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब भी जीता था और इस तरह से वे करियर स्लैम पूरा करने में सफल रहे।

पेस पुरूष युगल में पहले ही करियर स्लैम पूरा कर चुके थे और अब उन्होंने मिश्रित युगल में भी यह कारनामा करके भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा।

उन्होंने अपना यह खिताब अपने पिता और पूर्व हाकी खिलाड़ी वेस पेस को समर्पित करते हुए कहा, “करियर ग्रैंडस्लैम एक व्यक्ति को समर्पित है और वह मेरे पिताजी हैं। मैं आपसे प्यार करता हूँ और मुझे जिंदगी में सब कुछ देने के लिए आपका शुक्रिया।”

उन्होंने अपनी साथी हिंगिस और प्रतिद्वंद्वी टीम की भी तारीफ की। पेस ने कहा, ‘यह कोर्ट  हिंगिस के साथ साझा करके वास्तव में खुशी हो रही है। सानिया और डोडिग भी बेजोड़ चैंपियन हैं। जिस तरह से ये यहां तक पहुंचे वह अविश्वसनीय है।”

मारा गया जवाहर बाग घुसपैठियों का सरगना रामवृक्ष

प्रमुख संवाददाता, 
मथुरा के जवाहरबाग में गुरुवार की शाम हुई हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। उसके शव की शिनाख्त कर ली गयी है और उसे अब मृत घोषित कर दिया गया है। यूपी के डीजीपी जावेद अहमद  ने इस बात की पुष्टि की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रामवृक्ष के परिवार को पुष्टि के लिये बुलाया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) एसआर शर्मा ने कहा कि अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए गैस सिलेंडर विस्फोटों से लगी आग में जिन 11 लोगों की मृत्यु हुई, उनमें यादव शामिल था। आईजी (आगरा) दुर्गाचंद्र मिश्रा ने बताया कि तीन और घायलों की मौत के बाद मृतक संख्या 27 हो गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि अभी तक कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि शवों को 72 घंटे शवगृह में रखना होगा और यह समय रविवार की शाम को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। मिश्रा के अनुसार 18 शव मथुरा जिला केंद्र में हैं और 7 आगरा में हैं। शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम हैं जहां पुलिस ने भाजपा सांसद हेमा मालिनी को भी हिंसा प्रभावित इलाके में जाने से रोक दिया। इस हिंसक घटना में एक एसपी और एक एसएचओ समेत अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी और कई उपद्रवी भी घायल हुए हैं।

यूपी पुलिस के ऑपरेशन जवाहर बाग के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जवाहर बाग के जिस सैकड़ों एकड़ जमीन पर रामवृक्ष और उसकी गैंग के लोगों ने कब्जा कर रखा था, वहां से बड़े पैमाने पर हथियारों का जखीरा बरामद किया गया। गुरुवार को जब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया तो हिंसा भड़क गई।

गौरतलब है कि जवाहरबाग में सिर्फ दो दिनों के लिए रहने की इजाजत मांगने वाला रामवृक्ष इस जगह पर कब्जा जमाए बैठा था। कई जिलों से उसने लोगों को बुला रखा था। इस बाग में कई जगह झोपड़ी बना रखी थी। उसके नेतृत्व में 500 करोड़ रूपए की उस भूमि पर 3000 लोग रह रहे थे और वे हथियार से लैस थे।

मथुरा हिंसा: मास्टरमाइंड रामवृक्ष को अब तक नहीं ढूंढ पाई यू.पी. पुलिस

ब्यूरो,

मथुरा में हुई हिंसा के मास्टर माइंड रामवृक्ष की तलाश अब तक जारी है, पर उसके जीवित या मृत होने पर संशय अब भी बरकरार है। पुलिस फिलहाल उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि वारदात में उसकी मौत हो चुकी है।

पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि रामवृक्ष के मारे जाने या फिर ज़ख़्मी होने के बाद उसके साथी उसे किसी सुरक्षित जगह पर लेकर गए हैं। पुलिस अलग-अलग अस्पतालों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही है, क्योंकि ज़ख़्मी होने की हालत में वो किसी अस्पताल में इलाज के लिए भी जा सकता है।

रामवृक्ष को यू.पी. सरकार देती है पेंशन-

गौरतलब है कि मथुरा में हुए बवाल का मुख्य आरोपी गाजीपुर का रामवृक्ष यादव अब तक फरार है। रामवृक्ष गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के रायपुर बाघपुर गांव का रहने वाला है। इमरजेंसी के दौरान 1975 में जेल में बंद भी रहा। रामवृक्ष को यूपी सरकार की ओर से लोकतंत्र सेनानी का पेंशन भी मिलता है।

रामवृक्ष करीब 20 साल से परिवार सहित गांव से बाहर ही रहता है। उसने अपनी जमीन भी गांव के दूसरे लोगों को देखभाल के लिए दे रखी है। वह आखिरी बार 3 साल पहले अपने गांव आया था। बाबा जय गुरुदेव का शिष्य रहे रामवृक्ष की राजनीति में गहरी दिलचस्पी है और वो लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुका है।

मथुरा कांड में रामवृक्ष का नाम आने के बाद गांव वाले हैरान हैं। गांव के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है कि रामवृक्ष इतने बड़े बवाल का अगुआ है। गांव वालों के मुताबिक गांव में रहते हुए रामवृक्ष का कभी किसी से झगड़ा नहीं हुआ और न ही उस पर कोई अपराधिक केस दर्ज है।

ज़मीन घोटाले में घिरे खड़से ने दिया इस्तीफ़ा!

अमित द्विवेदी,

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे ने ज़मीन घोटाले में विपक्ष के द्वारा हो रहे बवाल को देखते हुए आज इस्तीफ़ा दे दिया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ खडसे ने आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मुलाक़ात कर उन्हें इस्तीफा सौंपा।

गुरुवार को फडणवीस ने खड़से मामले में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को रिपोर्ट सौंपी थी। शाह से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि अध्यक्ष जी ने रिपोर्ट मांगी थी। जो मसले सामने आये हैं, उन पर रिपोर्ट अध्यक्ष जी को दे दी गई है। फड़णवीस ने अमित शाह से मुलाक़ात के बाद कहा था कि जो उचित कार्रवाई होगी, वो पार्टी करेगी। इसके बाद से ही बात होने लगी थी कि खड़से जल्द इस्तीफा दे सकते हैं।

खबर के मुताबिक़, आज खडसे जिस गाड़ी से सीएम आवास वर्षा बंगले पर गए थे, उस गाड़ी की लालबत्ती को कपड़े से कवर कर दिया गया था। हालाँकि पिछले कुछ दिनों से खड़से बिना लालबत्ती की गाड़ी में सफर कर रहे हैं।

ज़मीन घोटाले के अलावा पिछले कई दिनों से खडसे दाऊद इब्राहिम से कथित फोन वार्ता को लेकर घेरे में हैं। जिसकी वजह से विपक्ष का भी सरकार पर भरी दबाव था।

पांच देशों की यात्रा पर रवाना मोदी, हो सकते हैं कुछ अहम फैसले

शिखा पांडेय,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से शुरू हो रही अपनी पाँच देशों अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मेक्सिको की 6 दिवसीय यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद इन देशों के साथ भारत के व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को विस्तार देना तथा संबंधों को नई गति प्रदान करनी है।

अपने इस विदेश प्रवास के दौरान मोदी 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के लिए स्विट्जरलैंड का सहयोग मांग सकते हैं, क्योंकि ये दोनों इस प्रतिष्ठित समूह के मुख्य सदस्य हैं। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मोदी की बातचीत के दौरान भी यह मुद्दा उठ सकता है।

afganistan

अफगान-भारत मित्रता सेतु का करेंगे उदघाटन-

अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी अफगानिस्तान जाएंगे, जहां हेरात प्रांत में वह अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अफगान-भारत मित्रता सेतु का भी उद्घाटन करेंगे। पहले इसे सलमा बांध के नाम से जाना जाता था। दोनों नेता अफगानिस्तान में मौजूदा हालात सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे। अफगानिस्तान से मोदी कतर जाएंगे और फिर वहां से रविवार को दो दिन के लिए स्विट्जरलैंड जाएंगे। स्विट्जरलैंड के नेतृत्व के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री वहां के बैंकों में भारतीय नागरिकों के जमा कालेधन के मुद्दे को भी उठा सकते हैं।

एनएसजी में भारत की सदस्यता की दावेदारी के बारे में विदेश सचिव जयशंकर ने कहा, “भारत इस प्रतिष्ठित समूह का सदस्य बनने के लिए कई वर्षों से कोशिश करता आ रहा है और इसको लेकर काफी प्रगति हुई है। हम इस मुद्दे को लेकर एनएसजी के सदस्यों के साथ संपर्क में हैं और स्विट्जरलैंड इस समूह का महत्वपूर्ण सदस्य है। ऐसे में निश्चित तौर पर यह मुद्दा बातचीत में आएगा।” भारत ने गत 12 मई को एनएसजी की सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया था।

स्विट्जरलैंड से प्रधानमंत्री छह जून को वाशिंगटन जाएंगे। वह अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले हैं। ऐसा करने वाले वह पांचवें भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। वह 6 जून को ‘अरलिंगटन नेशनल सिमिटरी’ में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह कई अमेरिकी थिंकटैंक के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। वह प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में भी शिकरत करेंगे।

नहीं रहे बॉक्सर मोहम्मद अली 

ब्यूरो,

अमेरिका के नामचीन बॉक्सर मोहम्मद अली नहीं रहे। जानकारी के मुताबिक़ 74 वर्षीय अली का निधन एरिजोना के अस्पताल में हुआ। पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को गुरूवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 1984 से मोहम्मद अली को पार्किंसन की बीमारी थी।

तीन बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुके अली को पिछले वर्ष, पेशाब संबंधी परेशानी की वजह से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। अली ने पहली बार उन्होंने 1964 में फिर 1974 में और फिर 1978 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीता था।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया: गोली चलाने वाला शख़्स था एक भारतीय अमेरिकी

ब्यूरो,

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिलिस में कल हुई गोलीबारी के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। गोली चलाने वाला शख़्स एक भारतीय अमेरिकी था। वह आईआईटी ग्रेजुएट था। उसने पहले एक प्रोफेसर को गोली मारी फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’ के मुताबिक आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे सरकार ने कल आत्महत्या करने से पहले यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिलिस (यूसीएलए) के एक छोटे कार्यालय में प्रोफेसर विलियम क्लुग की गोली मार कर हत्या कर दी। इस पूर्व शोधछात्र के पास से एक ‘किल लिस्ट’ भी बरामद की गयी है। मैनक ने प्रोफेसर पर अपना कंप्यूटर कोड चुराकर उसे किसी दूसरे को देने का आरोप लगाया था।

10 मई को सरकार ने लिखा था, “जब आप एक प्रोफेसर के बारे में सोचते हैं, तो यूसीएलए प्रोफेसर विलियम क्लुग उस तरह के नहीं हैं। वह बहुत ही बीमार व्यक्ति हैं। यूसीएलए आने वाले प्रत्येक नए छात्र से, मैं इस व्यक्ति से दूर रहने का आग्रह करता हूं।” अखबार ने कहा है कि 39 वर्षीय क्लुग मैकेनिकल एवं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर थे और महीनों से सोशल मीडिया पर सरकार के गुस्से के निशाने पर थे।

callifornia killing

गोलीबारी के बाद कैंपस को पूरी तरह से बंद कर फेडरल एजेंट्स सहित सैकड़ों पुलिस अधिकारियों को वहां तैनात कर दिया गया था। आत्महत्या को अंजाम देने वाले ने अपने मिनेसोटा स्थित घर पर एक ‘हत्या सूची’ छोड़ी थी, जिससे अधिकारियों को एक महिला का शव बरामद करने में मदद मिली। स्थानीय मीडिया के अनुसार पुलिस प्रमुख चार्ली बेक ने बताया कि मैनक सरकार (38) दो बंदूकों के साथ यूसीएलए पहुंचा था और प्रोफेसर बिल क्लुग की हत्या की और फिर खुद की जान ली।

उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों ने सरकार के घर की तलाशी ली तो उन्हें ‘हत्या सूची’ मिली, जिनमें एक और प्रोफेसर एवं एक महिला का नाम था। इस महिला का शव मिनेसोटा के निकट बरामद किया गया। दूसरा प्रोफेसर सही-सलामत है। पुलिस इस मामले को मानसिक मुद्दे के तौर पर भी देख रही है।

गौरतलब है की हत्या और आत्महत्या की यह घटना कल सुबह करीब 10 बजे यूसीएलसी परिसर के इंजीनियरिंग स्कूल में हुई। यूनिवर्सिटी में पूरे दिन की सभी कक्षाएं रद्द कर दी गईं। यूसीएलए कैंपस में 43000 छात्र पंजीकृत हैं।

कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में चली गोली, दो की मौत

ब्यूरो,

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के यूसीएलए(लॉस एंजिलिस) परिसर में बुधवार को हुई गोलीबारी में 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के घायल होने की आशंका है। फायरिंग के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कैंपस को कुछ घंटों के लिए बंद करा दिया।

यहाँ छात्रों ने हेल्थ सेंटर के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। पुलिस का सघन तलाशी अभियान जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहाँ हत्या-आत्महत्या की वजह से दो लोगों की मौत हो गई जिसके बाद संस्थान को बंद कर दिया गया और बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

लॉस एंजिलिस पुलिस प्रमुख चार्ली बेक ने कहा कि कैम्पस के एक कार्यालय में कम से कम तीन गोलिया चलाई गईं और मौके से एक बंदूक भी बरामद की गई। अब तक दो लोग मिले जिनकी गोली लगने से मृत्यु हो गई।

बेक ने कहा कि सुबह करीब 10 बजे यह घटना इंजीनियरिंग स्कूल के बोएलटेर हॉल में हुई। इससे पहले पुलिस की प्रवक्ता जेनी हाउसर ने एएफपी को बताया कि अभी दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और अब तक मृतकों की पहचान स्पष्ट नहीं हुई है।

पुलिस की दर्जनों कारें और टीमों को परिसर में भेजा गया तथा सभी छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए। इस परिसर में लगभग 43,000 छात्र पढ़ते हैं।

दोबारा गवर्नर नहीं बनना चाहते राजन!

अमित द्विवेदी,

रिजर्व बैंक के मौजूदा गर्वनर रघुराम राजन के दूसरे कार्यकाल को लेकर अब भी आशंका बनी हुई है। यह तय नहीं हो पाया है कि उनका कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या नहीं। इस उतार चढ़ाव के बीच खबरें आ रही हैं कि राजन स्वयं अपने कार्यकाल का विस्तार नहीं चाहते हैं।

राजन का कार्यकाल बढ़ाने की चर्चा के बीच राजन एक बार कह भी चुके हैं कि उनसे उनकी राय पूछी जाए कि वे क्या चाहते हैं। ख़बरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली रघुराम राजन का सेवा विस्तार चाहते हैं, परंतु खुद राजन ऐसा नहीं चाहते।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार रघुराम राजन के करीबी सूत्रों के मुताबिक राजन ने केंद्र सरकार से कहा है कि कार्यकाल पूरा होने के बाद वे अमेरिका वापस जाना चाहते हैं और फिर से अमेरिका की कोई यूनिवर्सिटी ज्वाइन कर, वहां से इंडियन इकोनॉमी पर रिसर्च करना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि रघुराम राजन के समर्थन में कई जाने-माने उद्योगपति आए थे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि उनके ऊपर निजी हमले नहीं होने चाहिए। रघुराम राजन के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि महंगाई दर में कमी और रुपए का डॉलर के मुकाबले एक हद तक मजबूती को बरकरार रखना है।

पूर्व वित्तमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम राजन का बचाव करते हुए कह चुके हैं कि यूपीए सरकार ने सबसे प्रतिभाशाली अर्थशास्त्रियों में से एक को गवर्नर बनाया था।

गौरतलब है कि रघुराम राजन के दूसरे कार्यकाल को लेकर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल उठाए थे। स्वामी ने कहा था राजन दिमागी रूप से अमेरिकी हैं। उन्होंने कहा था कि रघुराम राजन ने एमएनसी कंपनियों को फायदा पहुंचाया है उनकी नीतियों से कृषि और लघु उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। उनके द्वारा तय की गयी नीतियों से नौकरियों की संख्या में कमी आयी है। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी एक से अधिक बार राजन की आलोचना कर चुकी हैं।